The global economic environment remains uncertain and challenging. Recovery is still fragile despite improved prospects.
In an environment of political conflict and persisting weakness in major economies; we have to be watchful for signs of a new bout of financial turmoil.
Developments in Iraq and the wider region could affect this. I am also concerned that tight monetary policies in some countries couldundercut investment and growth in ours.
An open, rule-based, international trading regime is critical for global economic growth.
It must address the aspirations of the developing world.
It must also accommodate the special needs of the most vulnerable sections of our societies, especially in areas such as food security.
This is our broad expectation from the negotiations in the Doha Round of WTO.
Excellencies,
The Agreement towards setting up the BRICS New Development Bank is a significant step. I am happy, the initiative announced at the BRICS Summit in New Delhi in 2012, has become a reality.
The agreement on the BRICS Contingent Reserve Arrangement is another major achievement.
I compliment our Finance Ministers for concluding these two initiatives so quickly.
These initiatives are rooted in our own experience as developing countries.
They show our capacity to set up global institutions.
They will open new avenues for supporting development in our countries as well as helping other developing nations.
We should ensure these institutions establish a new model for supporting growth and stability.
Excellencies, the theme of this Summit is also the guiding principle of my Government. For us, inclusion is a special challenge and responsibility; given our vast social, regional and economic diversity.
Our policies will focus on empowering people with skills and opportunities.
We will invest heavily in infrastructure, affordable housing, healthcare,education and clean energy.
We will harness all possibilities that advanced technologies open up.
All this will require fast-tracking of Growth.
We will champion, clean and frugal resource use; to maintain the Sustainabilityof our development process, without constraining our growth.
Sustainability has in fact been a core element of the Indian way of life. As Mahatma Gandhi had said, the World has enough, for everyone’s Need, but not for everyone’s Greed. We can all partake of the bounty of nature. However, exploitation of nature is a crime.
We have made progress, on the Millennium Development Goals. But widespread poverty still haunts us.
We must keep poverty eradication at the centre of the post-2015 Development Agenda.
It is important to shape the global discourse on the same, especially in forums like the UN. BRICS can be a major voice on the world stage to build consensus towards such efforts.
Excellencies,
BRICS is in a position today where it wields enough horizontal influence to compel the world to take notice.
Our own good, however, lies in deepening our bonds vertically.
We must focus on further decentralizing, this powerful forum.
We must go beyond Summit and Leader-centric deliberations; and champion Sub-national Level exchanges. We must encourage engagement between our States, Cities and other local bodies.
BRICS should in fact be truly driven by ‘People to People’ contact. Our Youth, in particular, must take a lead in this.
Popularizing our languages through dedicated BRICS language schoolsin all BRICS countries could be a beginning in this direction.
We could also consider establishing Massive Open Online Courses for making quality education accessible to all.
We could even explore the idea of a BRICS University.
Today, technology is a transformative toolin every area of social and economic development.
The vast pool of talent in BRICS could be combined to cooperate in areas like: health, education, agriculture, resource management and urban development.
Perhaps a Young Scientists’ Forum of BRICS Countries could be explored.
Other initiatives could include:
An affordable healthcare platform of BRICS nations.
Mechanism to further cooperation, between our Small and Medium enterprises.
And, a common framework for promoting Tourism among BRICS countries.
I am aware of the comprehensive proposals that our Chinese and Russian partners have put forward to deepen BRICS cooperation.
Our Sherpas should examine them urgently.
Let us deepen our bonds to make BRICS a stronger instrument of progress, for all mankind.
TMC came to power by lying in the name of “Maa, Maati, Manush”: PM Modi in Dakshin Dinajpur, West Bengal
April 11, 2026
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TMC's politics of fear is nearing the end in Bengal, and nobody can stop it: PM Modi warned the opposition in Bengal
TMC has betrayed the tribals of Bengal, it is now on us to deliver them justice: PM Modi’s strong statement
भारत माता की... जय!
भारत माता की... जय!
भारत माता की… जय!
यहां कुछ लोग चित्र लेकर के आए हैं, हमारे साथियों को कहता हूं वे आपसे सारे कलेक्ट कर लें। और इसके पीछे अगर आपका एड्रेस लिखा होगा तो मैं आपको चिट्ठी भेजूंगा... जरा एसपीजी के लोग इसको कलेक्ट कर लीजिए... ताकि बाद में मैं अपनी सभा शुरू करूं। जो भी चित्र लेकर के आए हैं और देना चाहते हैं वो मेरी टीम को दे दें... बहुत-बहुत धन्यवाद। बहुत-बहुत धन्यवाद आप सबका। मेरा भाषण शुरू करने से पहले यहां जो कैंडिडेट हैं, जो इस चुनाव में उम्मीदवार है, उन सबसे मेरा आग्रह है कि कैंडिडेट जरा यहां कतार लगा दें... सारे कैंडिडेट... बस... बस.. बहुत आगे मत जाइए भाई... मैं एक दो मिनट, मेरे सभी उम्मीदवारों को मिल कर के आता हूं, उसके बाद भाषण शुरू करते हैं... बोलो भारत माता की... जॉय माँ काली…जॉय भोलेनाथ…जॉय जलपेश बाबा… नमोश्कार ! केमोन आछेन, आमार दिनाजपुर बाशी? दक्षिण दिनाजपुर की इस पुण्य धरती को… कुशमंडी की इस पावन भूमि को… मैं श्रद्धापूर्वकर प्रणाम करता हूँ।
साथियों,
सबसे पहले तो मैं आप सबसे क्षमा मांगता हूं। क्षमा इसलिए कि हमारे साथियों ने इस सभा का प्लानिंग किया और पंडाल बनाया है वो बहुत छोटा पड़ गया...और इसके कारण जितने लोग अंदर है उससे तीन गुना लोग बाहर धूप में खड़े हैं। जो लोग धूप में खड़े हैं मैं उन सबसे क्षमा मांगता हूं। लेकिन आपको विश्वास दिलाता हूं कि ताप में आप जो तप रहे हैं मैं आपके इस परिश्रम को बेकार नहीं जाने दूंगा। मैं आपके इस प्यार को सवा गुना करके लौटाऊंगा विकास करके लौटाऊंगा। ये अद्भुत दृश्य है और वहां हेलीपैड के आसपास तो मानो पता नहीं, ऐसा लग रहा है कि बड़ा कमाल कर दिया इस बार बंगाल ने। साथियों, इस बार का बंगाल चुनाव...एक तरफ टीएमसी का भय है दूसरी तरफ भाजपा का भरोसा है। ये लड़ाई भय को पराजित करने की है ये लड़ाई भरोसे पर पश्चिम बंगाल को आगे बढ़ाने की है। आज मैं आपको ये भरोसा दिलाने आया हूं...कि अब, टीएमसी के भय का राज जाने वाला है। जाएगा ना... जाएगा ना.. मैं जहां-जहां गया ऐसा ही मिजाज... पूरे बंगाल में नजर आ रहा है। अब टीएमसी के झूठ और लूट, टीएमसी की झूठ और उनकी दुकान बंद होने वाली है। बंगाल से भय जाएगा... अब बंगाल में भरोसा आएगा...उन्नोयन आएगा। मेरे साथ बोलिए... दोनों हाथ ऊपर करके बोलिए.. पूरी ताकत से बोलिए... पाल्टानो दोरकार… पाल्टानो दोरकार… पाल्टानो दोरकार… पाल्टानो दोरकार… चाइ बीजेपी शोरकार!
साथियों,
ये TMC, मां-माटी-मानुष को लेकर, झूठ बोलकर सत्ता में आई थी। आज ये दुनियाभर की उटपटांग बातें करती है। दिनरात हमें गालियां देती रहती है। झूठे दावे करती रहती है। लेकिन ये टीएमसी सरकार 15 साल से यहां बैठी हुई है 15 साल से। अरे 15 साल में क्या किया बंगाल की जनता को बताओ ना...बताते हैं क्या... क्या काम किया है बताते हैं क्या...अब आप सोचिए.. जो 15 सालों तक कुछ नहीं किया तो आगे पांच साल देकर के कुछ पाओगे क्या... कुछ करेंगे क्या.. और ज्यादा बर्बाद करेंगे कि नहीं करेंगे। इन्होंने बंगाल को कौन सा डवलपमेंट मॉडल दिया है? साथियों, ये 15 साल की बात इसलिए नहीं करते...क्योंकि तब TMC का झूठ, विश्वासघात और टीएमसी की दुर्नीति का कच्चा चिट्ठा खुल जाएगा। टीएमसी ने 15 साल में एक ही मॉडल डेवलप किया है...कौन सा मॉडल यहां सिंडिकेट ही सरकार है... और सरकार ही सिंडिकेट है।
साथियों,
आप ज़रा एक बात सोचकर देखिए... TMC, बंगाल के बाहर कई जगह पे चुनाव लड़ के गई थी, असम में चुनाव लड़के गई थी... गोवा में चुनाव लड़ने गई थी। कहीं पर भी एक वोट कोई नहीं देता है इनको। अरोस-पड़ोस के राज्य इनको पहचान गए... लेकिन वहां उनकी गुंडई नहीं चलती, बेइमानी नहीं चलती और इसलिए कोई उनको पूछने वाला नहीं है। साथियों, TMC, बंगाल से बाहर इसलिए नहीं जीत पाती...क्योंकि इनके पास कोई विजन नहीं है... कोई विचार नहीं है, कोई नीति नहीं है कोई नीयत नहीं है। TMC, गवर्नेंस के नाम पर बहुत बड़ा जीरो है जीरो।..इनकी एक ही काम में मास्टरी है। पीएचडी करके रखा हुआ है। कुछ लोगों ने तो डबल-डबल पीएचडी कर लिया है। और उनकी मास्टरी किसमें हैं। गुंडागर्दी करना। करप्शन करना... इनमें नए-नए खेल करते रहते हैं। इनको लोगों को डराना, बूथ लूटना आता है। बंगाल में ये TMC वाले यही करते रहे हैं...यहां भी TMC के कैंडिडेट्स का बायोडेटा ही...बूथ लूटने के कारनामों से भरा हुआ है। ऐसे लोगों को बंगाल में सरकार चलाने का कोई हक नहीं है।
साथियों,
भारत, विकसित हो, ये हम सभी का संकल्प है। लेकिन भारत तभी विकसित होगा...जब हमारा बंगाल भी विकसित होगा। आप मुझे बताइए बंगाल विकसित होना चाहिए कि नहीं होना चाहिए... बंगाल विकसित होना चाहिए कि नहीं होना चाहिए... बंगाल हिंदुस्तान में नंबर एक होना चाहिए कि नहीं होना चाहिए। क्या ये टीएमसी वाले कर सकते हैं क्या.. कर सकते हैं क्या... और इसके लिए जरूरी है यहां से TMC का भय वाला राज जाना ही चाहिए और बीजेपी का भरोसा वाला राज आना चाहिए। आएगा... आएगा... और इसलिए मैंने विकसित बंगाल बनाने के लिए 6 गारंटियां दी हैं। ये मोदी की गारंटी है। होके रहता है। कल ही बंगाल बीजेपी ने...अपना घोषणापत्र जारी किया है। और इस घोषणापत्र में, ये घोषणापत्र भरोसापत्र है। इसमें, मोदी की इन छह गारंटियों को पूरा करने का पूरा रोडमैप है। मोदी की गारंटी है... कि बीजेपी सरकार, भय को खत्म करके भरोसा कायम करेगी। सरकार पर, कानून पर जनता का भरोसा लौटाएगी। बंगाल बीजेपी ने कहा है... कि हम TMC के 15 साल के भ्रष्टाचार, दंगे, रेप, मर्डर...ऐसे हर अत्याचार को सामने लाने के लिए व्हाइट पेपर लाएंगे। और TMC की राजनीतिक हिंसा के जो पीड़ित हैं...उनको न्याय दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज के नेतृत्व में एक कमीशन बनाया जाएगा।
साथियों,
मुझे बताया गया है... कि यहां की अनेक बेटियां बंगाल के लिए फुटबॉल खेलती हैं। जहां के बेटे-बेटियों में इतना टैलेंट भरा हो वहां फुटबॉल के साथ क्या होता है, ये हमने कुछ महीने पहले कोलकाता में देखा। टीएमसी के नेताओं ने, मंत्रियों ने...फुटबॉल को भी सिंडिकेट के हवाले कर दिया। कितनी शर्मनाक तस्वीरें पूरी दुनिया ने कोलकाता से ये टीएमसी वालों के कारनामें देखे थे। ये महाजंगलराज की ही निशानी है।
साथियों,
हमने एक और ऐतिहासिक घटना भी देखी है। मैदान पर, मोहन बागान और ईस्ट बंगाल की स्पर्धा ऐतिहासिक है... दोनों विजय प्राप्त करने के लिए जी-जान से जुट जाते हैं। जीतने के लिए पूरी ताकत लगा देते हैं लेकिन आरजी-कर मेडिकल कॉलेज में...एक डॉक्टर बेटी के साथ अन्याय किया गया, मर्डर किया गया...तो बंगाल का हर परिवार, हर युवा सड़क पर आ गया था। यहां तक कि...मोहन बागान और ईस्ट बंगाल भी बेटियों के खिलाफ हुई निर्ममता के खिलाफ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हो गए थे। यानि बेटियों का सम्मान और जान को बचाने के लिए...हम सभी को एकजुट होकर निर्मम सरकार को सबक सिखाना है। यहां दिनाजपुर में ही...बीते सालों में बहनों-बेटियों के साथ बहुत ही विभत्स घटनाएं सामने आई हैं। हमें उन्हें भूलना नहीं चाहिए।
साथियों,
मोदी ने बंगाल की बहनों-बेटियों के लिए भी एक गारंटी दी है। बेटियों के साथ हुए हर अन्याय, हर रेप केस की फाइल खुलेगी...अपराध करने वाले और अपराधियों को बचाने वाले... कोई नहीं बचेगा। चुन-चुन कर के हिसाब लिया जाएगा। ये कैसे होगा...ये बंगाल बीजेपी ने घोषणापत्र में स्पष्ट किया है। एक रिटायर्ड हाईकोर्ट की महिला जज को जिम्मेदारी दी जाएगी। वे, रेप और अन्य अत्याचार से जुड़े पीड़ितों की सुनवाई करेंगी। महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए...हर ब्लॉक में महिला थाने बनाए जाएंगे।
साथियों,
आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर TMC सरकार कितनी उदासीन है..मैं इसका एक और उदाहरण आपको देता हूं। TMC की निर्मम सरकार ने पुलिस में महिलाओं की बहुत कम भर्ती की है। यहां आपके पड़ोस में बिहार है... वहां डबल इंजन की बीजेपी-NDA सरकार है। वहां पुलिस में तेईस-चौबीस परसेंट महिला पुलिस कर्मी हैं...लेकिन बंगाल जैसे इतने बड़े राज्य में... सिर्फ दस परसेंट महिला पुलिसकर्मी भी नहीं है, और उसमें भी ज्यादातर तो रिटायर्ड होने की उमर में पहुंच चुकी हैं। मां-माटी-मानुष बड़ी-बड़ी बातें कहकर सरकार बनाने वाली टीएमसी की ये सच्चाई है। मैं बंगाल की माताओं बहनों को भरोसा देता हूं, मैं बंगाल के लोगों को भरोसा देता हूं। जब बंगाल में 4 मई को बीजेपी सरकार बनेगी...तो फिर बड़े पैमाने पर महिला पुलिसकर्मियों की भी भर्ती की जाएगी। और ये भी मैं आपको गारंटी देता हूं महिला कल्याण हमारी प्राथमिकता में है। बीजेपी की सरकार जिस भी राज्य में है...वो बेटियों को सुरक्षा भी देती है... और उन्हें कमाई का भरोसा भी देती है। पश्चिम बंगाल भाजपा ने भी बहनों के लिए बहुत ही शानदार योजना बनाई है। अभी यहां बहनों को जितना पैसा मिलता है...पश्चिम बंगाल भाजपा डबल देने वाली है डबल। प्रेग्नेंसी के दौरान भी हज़ारों रुपए की मदद देने की घोषणा की गई है। इसके अलावा...सरकारी नौकरियों में तैंतीस प्रतिशत आरक्षण से बंगाल की बेटियों को बहुत फायदा होगा।
साथियों,
TMC के महा-जंगलराज ने... सबसे अधिक यहां के युवाओं का, यहां के सरकारी कर्मचारियों का नुकसान किया है। आज भारत की यूनिवर्सिटीज़... दुनिया की शीर्ष यूनिवर्सटीज़ में शामिल हो रही है। दुनिया की हर बड़ी रैंकिंग में हमारी यूनिवर्सिटीज कमाल कर रही हैं। लेकिन बंगाल में कुछ उल्टा ही हो रहा है, कुछ अलग ही हो रहा है। दिनाजपुर यूनिवर्सिटी... TMC की दुर्नीति का बहुत बड़ा प्रमाण बन गई है। मैं अखबार में पढ़ा था...दिनाजपुर यूनिवर्सिटी के पास अपना कैंपस तक नहीं है। कॉलेज और हॉस्टल के कमरों से यूनिवर्सिटी चलाई जा रही है। बच्चे बीच में ही पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हैं। यहां परमानेंट टीचर भी ना के बराबर हैं... और जो गेस्ट टीचर्स हैं भी...उनको भी 400-500 रुपए सिर्फ मिलता है।
साथियों,
ये सिर्फ एक यूनिवर्सिटी की बात नहीं है...बंगाल की दर्जनभर यूनिवर्सिटीज़ की यही स्थिति है। TMC की निर्मम सरकार... इस तरह युवाओं का भविष्य बर्बाद कर रही है। आपका भविष्य बर्बाद कर रही है। आपकी संतानों का भविष्य बर्बाद कर रही है। पढ़ाई की सुविधा है नहीं...कमाई के लिए बाहर जाना पड़ता है...और गलती से भर्ती निकलती है...तो TMC के मंत्री नौकरी ही लूट लेते हैं। आपने देखा...शिक्षक भर्ती में घोटाला करने वालों के घर से कैसे नोटों के पहाड़ निकले थे। याद है ना नोटो के पहाड़ निकले थे। अब बहुत हो गया...एनफ इज एनफ। आर नोय ! आर नोय ! एखोन बदोल चाई..बदोल चाई..
साथियों,
हालात बदलने के लिए ही बंगाल बीजेपी ने...बंगाल के युवाओं...बंगाल के शिक्षकों...बंगाल के हर सरकारी कर्मचारी को गारंटी दी है। जिन्होंने युवाओं को लूटा है, उनका हिसाब होगा, पक्का हिसाब होगा। सात-सात जन्म तक याद ऱके ऐसा हिसाब होगा। और सरकारी कर्मचारियों को भय से मुक्त किया जाएगा... बीजेपी सरकार, पूरी तरह से सेवन्थ पे-कमीशन लागू करेगी। बंगाल के मेरे सभी सरकारी कर्मचारी भाई-बहन ये मोदी आपको गारंटी देता है। यहां हमारी सरकार बनने के बाद बंगाल के सभी सरकारी कर्मचारियों को सेवंथ पे कमीशन दिया जाएगा। साथियों, बंगाल के युवाओं की मदद के लिए बीजेपी ने पूरा खाका खींचा है। बेरोजगार युवाओं के लिए हर महीने हज़ारों रुपए की मदद...भर्ती परीक्षाओं की तैयारी करने वालों को मदद...और अपना कारोबार करने के लिए भी युवाओं को सरकारी मदद...बीजेपी इस संकल्प को लेकर आगे बढ़ रही है।
साथियों,
बंगाल के राजबंशी समाज की... संथाल समाज की...जनजातीय समाज की...पूरे बंगाल और भारत की प्रगति, इस प्रगति में इन समाजों की बहुत बड़ी भूमिका है। चुरका मुर्मू जी, जीतु संथाल जी...ऐसे अनेक नायकों का हम पर बहुत बड़ा कर्ज़ है। उनके जीवन पर हमारा गर्व है। बीजेपी सरकार ने भगवान बिरसा मुंडा के जन्म दिवस को...जनजातीय गौरव दिवस घोषित किया। ताकि देश, आदिवासी समाज के योगदान को याद रखे, उससे प्रेरणा ले।
साथियों,
हमारा निरंतर ये प्रयास है कि आदिवासी क्षेत्रों का तेज़ विकास हो। आदिवासी समाज दशकों तक माओवादी आतंक से प्रभावित था। हमारी सरकार ने, माओवादी आतंक से आदिवासी समाज को करीब-करीब मुक्त करा दिया है। माताएं मुझे आशीर्वाद दे रही है... उनके बेटे सालों बाद घर वापस आए हैं। बीजेपी आदिवासी समाज की हर स्तर पर भागीदारी बढ़ा रही है। हमारे मुख्यमंत्री आदिवासी हैं... मंत्री आदिवासी हैं। और बीजेपी ने पहली बार एक आदिवासी बेटी, द्रौपदी मुर्मू जी को राष्ट्रपति पद के लिए चुना है। असम में मेरी पहली सरकार बनी तो पहला मुख्यमंत्री आदिवासी बना... ओड़िशा में मेरी पहली सरकार बनी तो पहला मुख्यमंत्री आदिवासी बना। छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री आदिवासी बना। झारखंड में पहली बार सरकार बनी तो वहां का मुख्यमंत्री भी आदिवासी बना। ये हमारा ट्रैक रिकॉर्ड है। एक तरफ बीजेपी ट्राइबल समाज का सम्मान करती है...वहीं TMC ट्राइबल समाज के अपमान का कोई मौका नहीं छोड़ती। राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मू जी कुछ समय पहले बंगाल में संथाल समाज के एक कार्यक्रम में आई थीं। लेकिन टीएमसी ने न संविधान की मर्यादा रखी... और न ही, आदिवासी समाज का मान रखा। और ना ही देश की माताओ-बहनों का सम्मान रखा। और इसलिए माताओं-बहनों का अपमान करने वाली, आदिवासी समाज का अपमान करने वाली, संविधान का अपमान करने वाली TMC को सबक सिखाना है। सिखाओगे.. टीएमसी को सबक सिखाओगे...
साथियों,
टीएमसी कभी आदिवासी क्षेत्रों का उन्नोयन नहीं कर सकती। मैं आपको पीएम जनमन योजना का उदाहरण देता हूं। देश के हर राज्य में आदिवासियों को इस योजना का लाभ मिल रहा है। केंद्र सरकार इस योजना पर करीब 25 हजार करोड़ रुपए खर्च कर रही है। पास में ओडिशा में ही...जहां बीजेपी की सरकार है... वहां पीएम जनमन योजना के तहत आदिवासियों के... तीस हज़ार से अधिक घर बने हैं। त्रिपुरा में भी ट्राइबल समाज के लिए 16 हजार से ज्यादा घर बनवाए गए हैं। लेकिन यहां, TMC की आदिवासी विरोधी सरकार ने...पीएम जनमन योजना के तहत जानते हैं कितने घर बनाए हैं? बताऊं... जीरो.. जीरो... पूरी तरह शून्य...एक भी घर नहीं बनाया, पैसे भारत सरकार देती है... आदिवासी समाज से इनकी दुश्मनी क्या है.. पक्का घर भी देने को तैयार नहीं है...
साथियों,
आपके जीवन में पानी की कमी से कोई संकट ना आए... इसलिए मोदी घर-घर नल से जल पहुंचाने में जुटा है। बीजेपी शासित राज्यों में...इस योजना के तहत भी अच्छा काम हो रहा है। बिहार में पंचानबे परसेंट... यानि करीब-करीब हर घर तक नल से जल पहुंच चुका है। त्रिपुरा में पिच्यासी परसेंट घरों तक... नल से जल पहुंच चुका है। वजह यही है... क्योंकि वहां बीजेपी की डबल इंजन सरकार है। बंगाल के मेरे भाइयों और बहनों... यहां आपके घर में नल लगे...नल से जल आए... इसके लिए भी दिल्ली से पैसा भेजा गया है। लेकिन ये निर्मम सरकार उस पर बैठ गई है। बंगाल में अभी भी, गांव की करीब-करीब आधी आबादी ऐसी है... जहां नल का कनेक्शन नहीं है। आप बीजेपी को लाइए... बीजेपी सरकार यहां घर-घर नल भी लगाएगी और जल पहुंचाने के लिए दिन-रात एक कर देगी। ये मोदी की गारंटी है।
साथियों,
मोदी की एक और गारंटी आपको याद रखनी है। मतुआ, नामशूद्र, ऐसे हर शरणार्थी परिवारों को संविधान के तहत पूरा हक मिलेगा... ये मोदी की गारंटी है.. और जो घुसपैठिये हैं, घुसपैठियों को पूरे भारत से बाहर खदेड़ा जाएगा। बंगाल बीजेपी ने इसकी भी पूरी तैयारी की है। CAA कानून के तहत, हर शरणार्थी की तेज़ी से सहायता की जाएगी।
साथियों,
बीजेपी, पश्चिम बंगाल को फिर से वैभवशाली बनाने के लिए मैदान में है। इसलिए, इन सभी साथियों के लिए, ये जितने मेरे उम्मीदवार है आपका आशीर्वाद मांगने आया हूं। आपका समर्थन मांगने आया हूं। आपने 35 साल लेफ्ट को दिए...15 साल TMC की निर्ममता को दिए... एक मौका मोदी को, एक मौका बीजेपी को देकर देखिए...
साथियों,
आप जिससे भी मिलें... घर-घर जाएंगे... पोलिंग बूथ को मजबूत बनाएंगे.. ज्यादा से ज्यादा मतदान कराएंगे... सभी सीटें जिताएंगे। आप घर-घर जाएंगे तो मेरा एक काम करेंगे... हाथ ऊपर करके बताइए मेरा काम करेंगें... पक्का करेंगे... हर घर जाके कहना। मोदी जी आए थे... और मोदी जी ने परिवार के सबको पॉइला बोइशाख की शुभकामनाएं दी हैं। मेरे साथ बोलिए... भारत माता की... भारत माता की... भारत माता की... भारत माता की... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे...