Published By : Admin |
August 10, 2021 | 22:43 IST
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ہماری بیٹیاں ،صرف اسی صورت میں گھروں اور رسوئی سے باہر آکر وسیع پیمانے پر قوم کی تعمیر میں حصہ لے سکتی ہیں ،جب گھر اور رسوئی سے متعلق مسائل کو پہلے حل کیا جائے: وزیر اعظم
آج جب ہم آزادی کے 75ویں سال میں داخل ہورہے ہیں اور ہم گزشتہ سات دہائیوں کی پیش رفت کا جائزہ لیتے ہیں ، تو یہی احساس ہوتا ہے کہ یہ بنیادی مسائل دہائیوں قبل حل ہوجانے چاہئیں تھے:وزیر اعظم
گزشتہ 6-7 برسوںمیں سرکار نے خواتین کو بااختیار بنانے کے مختلف مسائل کا حل نکالنے کے لئے ایک مشن موڈ میں کام کیا ہے: وزیر اعظم
بہنوں کی صحت ، سہولیت اور انہیں بااختیار بنانے کے عزم کو اُجّولا یوجنا سے زبردست تحریک ملی ہے: وزیر اعظم
نئی دہلی11 اگست2021: وزیراعظم جناب نریندر مودی نے خواتین کو بااختیار بنانے کے سرکار کے نظریہ سے متعلق آج ایک جامع بیان دیا۔ انہوں نے کہا کہ ہاؤسنگ، بجلی ، بیت الخلاء، گیس ،سڑکیں ، اسپتالوں اور اسکول جیسی بنیادی سہولیات کی عدم موجودگی نے خواتین اور خاص طور پر غریب خواتین کو بہت زیادہ متاثر کیا ہے۔وزیراعظم نے کہا کہ آج جب ہم آزادی کے 75ویں سال میں داخل ہورہے ہیں اور جب ہم گزشتہ سات دہائیوں کی پیش رفت کا جائزہ لیتے ہیں تو یہی تاثر سامنے آتا ہے کہ ان مسائل لو دہائیوں قبل حل کیا جانا چاہئے تھا۔وہ آج ویڈیو کانفرنس کے ذریعہ اترپردیش کے مہوبہ میں اجولا 2.0 کا افتتاح کرنے کے بعد خطاب کررہے تھے۔
وزیراعظم نے کہا کہ ٹپکتی ہوئی چھتیں ، بجلی کی عدم موجودگی ، خاندان میں بیماری ، بیت الخلا جانے کے لئے اندھیرا ہونے کا انتظار ،اسکولوں میں بیت الخلا کی عدم دستیابی براہ راست ہماری ماؤں اور بیٹیوں کو متاثر کرتی ہے۔ وزیر اعظم نے ایک ذاتی تاثر کا اظہار کیا اور کہا کہ ہماری نسلوں نے اپنی ماؤں کو دھوئیں اور گرمی سے نبرآزما ہوتے ہوئے دیکھا ہے۔
وزیراعظم نے سوال کیا کہ اگر ہم اپنی توانائی ان بنیادی ضرورت سے نمٹنے کے لئے خرچ نہ کریں تو کس طرح ہم اپنی آزادی کے 100 ویں سال تک جاسکتے ہیں۔یہ کس طرح ممکن ہے کہ کوئی خاندان یا کوئی معاشرہ بڑے خواب دیکھے اور انہیں شرمندہ تعبیر نہ کرے اگر وہ بنیادی سہولیات کے ساتھ ہی جدوجہد کرتے رہیں ۔وزیراعظم نے سوال کیا‘‘ کس طرح کوئی قوم آتم وشواس ( خود اعتمادی ) کے بغیر آتم نربھر ( خودکفیل ) ہوسکتی ہے۔’’
جناب مودی نے کہا کہ 2014 میں ہم نے اپنے آپ سے یہ سوالات کئے ۔ یہ بالکل واضح تھا کہ ان مسائل پر ایک مقررہ وقت کے دائرہ کا ر میں توجہ دینے کی ضرورت ہے۔ انہوں نے کہا کہ ہماری بیٹیاں گھر اور رسوئی سے باہر آکر قوم کی تعمیر میں وسیع پیمانے پر جب ہی حصہ لے سکتی ہیں ، جب گھر اور رسو ئی سے متعلق مسائل کو پہلے سلجھایا جا ئے ۔ انہوں نے کہا کہ گزشتہ 6-7 برسوںمیں سرکار نے مختلف معاملا ت کو حل کرنے کے لئے مشن موڈ میں کام کیا ہے۔ انہو ں نے اس طرح کی بہت سی مداخلتوں کا ذکر کیا جیسے کہ
سووچھ بھارت مشن کے تحت ملک بھر میں کروڑوں بیت الخلاء تعمیر کئے گئے۔
غریب خاندانوں کے لئے دو کروڑ سے زیادہ مکانات ، جن میں سے اکثر خواتین کے نام پر ۔
دیہی سڑکیں ۔
سوبھاگیہ یوجنا کے تحت تین کروڑ کنبوں کو بجلی کے کنکشن حاصل ۔
آیوشمان بھارت مفت طبی علاج کے لئے 5 لاکھ روپے تک کا کور 50 کروڑ افراد کو فراہم کررہا ہے۔
مترو وندنا یوجنا کے تحت حمل کے دوران ویکسی نیشن اور تغذیہ کے لئے براہ راست رقم ٹرانسفر ۔
کورونا مدت کے دوران خواتین کے جن دھن کھاتوں میں سرکار کے ذریعہ 30 ہزار کروڑروپے جمع کرائے گئے۔
ہماری بہنیں جل جیون مشن کے تحت نل کنکشن حاصل کررہی ہیں۔
انہوں نے کہا کہ ان اسکیموں نے خواتین کی زندگیوںمیں وسیع تبدیلی کی ہے۔ وزیراعظم نے واضح کیا کہ صحت ،سہولت اور بہنوں کو بااختیار بنانے کے عزم کو اجولا یوجناسے وسیع تحریک ملی ہے۔ اسکیم کے پہلے مرحلے میں غریب ،دلت ، محروم ، پسماندہ اور قبائلی کنبوں کی 8 کروڑ خواتین کو گیس کے مفت کنکشن فراہم کئے گئے۔ انہوں نے کہا کہ اس مفت گیس کنکشن کا فائدہ کورونا وبا کے دور میں محسوس کیا گیا۔ کروڑوں غریب خاندانوں نے ا س مہینوں مفت گیس سلنڈر حاصل کئے، جب کاروبار ساکت ہوگیا تھا اور نقل وحرکت مفقود ہوگئی تھی۔وزیراعظم نے کہا ‘‘ تصور کریں اگر اجولا نہ ہوتا تو ان غریب بہنوں کا کیا حال ہوا ہوتا۔’’
This year’s Union Budget reinforces our commitment to sustaining and strengthening economic growth: PM Modi
March 03, 2026
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This year’s Union Budget reinforces our commitment to sustaining and strengthening economic growth: PM
Our direction is clear, our resolve is clear,Build more, produce more, connect more, export more: PM
The world is looking for reliable and resilient manufacturing partners, and today India has the opportunity to firmly fulfill this role: PM
India has signed Free Trade Agreements with many countries, a very large door of opportunities has opened for us, and in such a situation, it is our responsibility to never compromise on quality: PM
The Carbon Capture, Utilisation and Storage Mission is an important initiative, integrating sustainability in core business strategy will be essential: PM
The industries that invest in clean technology in time will be able to build better access to new markets in the coming years: PM
A major transformation is happening in the world economy today, as markets now look not only at cost but also at sustainability: PM
नमस्कार !
गत् सप्ताह, बजट वेबिनार सीरीज के पहले वेबिनार का आयोजन हुआ, और मुझे ऐसा बताया गया कि वो बहुत सफल रहा, और बजट प्रावधानों के Implementation को लेकर हर किसी ने काफी उत्तम सुझाव दिए, सबकी सक्रिय भागीदारी का मैं स्वागत करता हूं और आज इस सीरीज के दूसरे वेबिनार का आयोजन हो रहा है। और मुझे बताया गया कि आज हजारों की तादाद में, ढेर सारे विषयों पर अनगिनत लोग अपने सुझाव देने वाले हैं। विषय के जो एक्सपर्ट्स हैं, वे भी हमसे जुड़ने वाले हैं। इतनी बड़ी तादाद में बजट पर चर्चा, ये अपने आप में एक बहुत सफल प्रयोग है। आप सब समय निकाल करके इस वेबिनार में जुड़े। मैं आप सभी का अभिनंदन करता हूं, आपका स्वागत करता हूं। इस वेबिनार की थीम देश की Economic Growth को निरंतर मजबूती देने से जुड़ी हुई है। आज जब भारत अपनी मजबूत economy से पूरे विश्व की उम्मीद बना हुआ है, आज जब ग्लोबल सप्लाई चैन re-shape हो रही है, तब अर्थव्यवस्था की तेज प्रगति विकसित भारत का भी बहुत बड़ा आधार है। हमारी दिशा स्पष्ट है, हमारा संकल्प स्पष्ट है, Build more, produce more, connect more और अब जरूरत है Export more, और निश्चित तौर पर इसमें आज आपके बीच जो मंथन होगा, इस मंथन से जो सुझाव निकलेंगे, उनकी बड़ी भूमिका होगी।
साथियों,
आप सब जानते हैं, मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स, हमारे MSME's, लघु उद्योग, कुटीर उद्योग, इतना ही नहीं, हमारे छोटे-बड़े शहर, ये अर्थव्यवस्था के पिलर्स के तौर पर दिखने में तो अलग-अलग लगते हैं, लेकिन वे सभी interconnected हैं। जैसे, मजबूत मैन्युफैक्चरिंग नए अवसर तैयार करती है, और इससे निर्यात में बढ़ोतरी होती है। Competitive MSMEs से flexibility और इनोवेशन को बढ़ावा मिलता है। बेहतर लॉजिस्टिक्स से लागत कम होती है। Well-planned शहर investment और talent दोनों को अपनी ओर खींचते हैं। इन सभी पिलर्स को इस साल के बजट ने बहुत मजबूती दी है।
लेकिन साथियों,
कोई भी दिशा अपने आप परिणाम नहीं बन जाती, जमीन पर बदलाव तब आता है, जब industry, financial institutions, राज्य सरकारें, मिलकर उसे वास्तविकता बनाते हैं। मेरी अपेक्षा है, इस वेबिनार में आप सभी अपने मंथन में कुछ विषयों को जरूर प्राथमिकता दें, जैसे मैन्युफैक्चरिंग और प्रॉडक्शन, ये कैसे बढ़े, Cost structure को कैसे कंपटीटिव बनाया जा सकता है, निवेश का प्रवाह कैसे तेज हो, और विकास कैसे देश के कोने-कोने तक पहुंचे। इस दिशा में आपके सुझाव बहुत अहम साबित होंगे।
साथियों,
मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में आज देश कोर इंडस्ट्रियल क्षमताओं को मजबूत कर रहा है। और इस मार्ग में जो चुनौतियां हैं, उन्हें भी दूर किया जा रहा है। Dedicated Rare Earth Corridors, कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग, ऐसे सेक्टर्स पर फोकस करके हम अपने ट्रेड इकोसिस्टम को मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं। बजट में बायोफार्मा शक्ति मिशन की घोषणा भी की गई है। इस मिशन का उद्देश्य है, भारत को biologics और next-generation थेरेपीज के क्षेत्र में ग्लोबल हब बनाना। हम Advanced Biopharma Research और मैन्युफैक्चरिंग में लीडरशिप की ओर बढ़ना चाहते हैं।
साथियों,
आज दुनिया विश्वसनीय और resilient manufacturing partners की तलाश में है। भारत के पास यह अवसर है कि वह इस भूमिका को मजबूती से निभाए। इसके लिए आप सभी स्टेकहोल्डर्स को बहुत आत्मविश्वास के साथ निवेश करना होगा, नई टेक्नोलॉजी अपनानी होगी और रिसर्च में जो कंजूसी करते हैं ना, वो जमाना चला गया, अब हमें रिसर्च में बड़ा इनवेस्टमेंट करना होगा, और ग्लोबल स्टैंडर्ड के अनुरूप क्वालिटी भी सुनिश्चित करनी होगी, और मैं बार-बार कहता हूं कि अब हमें आगे बढ़ने के जब अवसर आए हैं, तो हमारा एक ही मंत्र होना चाहिए, क्वालिटी-क्वालिटी-क्वालिटी।
साथियों,
भारत ने बहुत सारे देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट किए हैं। हमारे लिए अवसरों का, यानि अवसरों का बहुत बड़ा द्वार खुला है। ऐसे में हमारी ज़िम्मेदारी है कि हम क्वालिटी पर कभी भी समझौता ना करें, अगर किसी एक चीज पर सबसे ज्यादा ताकत, बुद्धि, शक्ति, समझ लगानी है, तो हमें क्वालिटी पर बहुत ज्यादा जोर देना चाहिए। हमारे प्रोडक्ट्स की क्वालिटी ग्लोबल स्टैंडर्ड, इतना ही नहीं, उससे भी बेहतर हो। और इसके लिए हमें दूसरे देशों की जरूरतों को, वहां के लोगों की अपेक्षाओं को भी, उसका अध्ययन करना पड़ेगा, रिसर्च करनी पड़ेगी, उसे समझना होगा। हमें दूसरे देशों के लोगों की पसंद और उनके कंफर्ट को स्टडी करना, ये सबसे बड़ी आवश्यकता है, और रिसर्च करनी चाहिए। मान लीजिए कोई छोटा पुर्जा मांगता है, और वो बहुत बड़ा जहाज बना रहा है, लेकिन हम पुर्जे में चलो भेज दो, क्या है? तो कौन लेगा आपका पुर्जा? भले आपके लिए वह छोटा पुर्जा है, लेकिन उसकी एक बहुत बड़ी जो मैन्युफैक्चरिंग की यूनिट है, उसमें बहुत बड़ा महत्व रखता है। और इसलिए आज दुनिया में हमारे लिए क्वालिटी ही इस कंपिटिटिव वर्ल्ड के अंदर सुनहरा अवसर बना देती है। हमें उनके हिसाब से यूजर फ्रेंडली प्रोडक्ट बनाने होंगे। तभी हम उन अवसरों का लाभ उठा पाएंगे, और जो फ्री ट्रेड एग्रीमेंट तैयार हो चुका है, अब ये विकास का महामार्ग आपके लिए तैयार है। मैं उम्मीद करता हूं कि इस वेबिनार में इस विषय पर फोकस करते हुए भी आप सब जरूर चर्चा करेंगे।
साथियों,
हमने MSME classification में जो Reforms किए, उसका व्यापक प्रभाव दिख रहा है। इससे enterprises का ये डर खत्म हुआ है कि वो अपना विस्तार करेंगे, तो उन्हें सरकार की ओर से मिलने वाले फायदे बंद हो जाएंगे। क्रेडिट तक MSME's की आसान पहुंच बनाने, टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन को बढ़ावा देने और कपैसिटी बिल्डिंग की दिशा में लगातार प्रयास हुए हैं।
लेकिन साथियों,
इन प्रयासों का असर तभी दिखाई देगा, जब MSMEs ज्यादा से ज्यादा कंपटीशन में उतरेंगे, और विजयी होने का लक्ष्य लेकर उतरेंगे। अब समय है कि MSMEs अपनी प्रोडक्टिविटी और बढ़ाएं, क्वालिटी स्टैंडर्ड्स को ऊंचा करें, डिजिटल प्रोसेस और मजबूत वैल्यू चैन से जुड़ें। इस दिशा में, इस वेबिनार में आपके सुझाव बहुत अहम होंगे।
साथियों,
इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स हमारी growth strategy के कोर पिलर्स हैं। इस वर्ष के बजट में रिकॉर्ड कैपिटल एक्सपेंडिचर का प्रस्ताव है। High-capacity transport systems का निर्माण, रेलवे, हाइवे, पोर्ट, एयरपोर्ट, वाटरवे के बीच बेहतर तालमेल, अलग-अलग फ्रेट कॉरिडोर और मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी का विस्तार, ये सभी कदम खर्च कम करने और efficiency improve करने के लिए आवश्यक है। इसलिए, नए वाटरवेज, शिप रिपेयर फैसिलिटी और Regional Centres of Excellence हमारे लॉजिस्टिक इकोसिस्टम को मजबूत करेंगे। सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकास के ग्रोथ कनेक्टर बनने वाले हैं। लेकिन आप भी जानते हैं, इस इंफ्रास्ट्रक्चर का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब उद्योग और निवेशक अपनी रणनीतियों को इस विजन के अनुरूप में ढालेंगे। ये रणनीतियां क्या होगी, इस पर भी आपको विस्तार से चर्चा करनी चाहिए, और मुझे पूरा विश्वास है कि आप जरूर इन बातों पर ध्यान देंगे।
साथियों,
भारत की विकास यात्रा में अर्बनाइजेशन, शहरीकरण का भी बहुत अहम रोल है। भारत की future growth इस बात पर निर्भर करेगी कि हम अपने शहरों को कितना effectively plan और manage करते हैं। हमारे Tier-II और Tier-III शहर, नए growth anchors कैसे बनें, इसके लिए भी इस बजट वेबिनार में आपके सुझाव बहुत अहम होंगे।
साथियों,
आज दुनिया की अर्थव्यवस्था में एक बड़ा परिवर्तन चल रहा है। बाजार अब केवल लागत नहीं देखते हैं, वे sustainability भी देखते हैं। इस दिशा में Carbon Capture, Utilisation and Storage Mission एक महत्वपूर्ण पहल है। अब sustainability उसको आपको core business strategy का हिस्सा बनाना ही होगा। जो उद्योग समय रहते क्लीन टेक्नोलॉजी में निवेश करेंगे, वे आने वाले वर्षों में नए-नए बाजारों तक बेहतर पहुंच बना पाएंगे। इस साल बजट ने नई दिशा दी है। मेरा आग्रह है कि उद्योग, निवेशक और विभिन्न संस्थान मिलकर इस पर आगे बढ़ें।
साथियों,
विकसित भारत का लक्ष्य collective ownership से ही हासिल किया जा सकता है। ये बजट वेबिनार भी सिर्फ discussion का प्लेटफॉर्म ना बने, सिर्फ अपने ज्ञान को हम बटोरते रहे, ऐसा नहीं होना चाहिए, बल्कि इसमें collective ownership दिखे, ये बहुत जरूरी है। बजट ने framework दिया है, अब आपको मिलकर momentum पैदा करना है। आपको हमारे प्रयासों में सहभागी बनना है। आपका हर सुझाव, हर अनुभव जमीन पर बेहतरीन नतीजें लाने की क्षमता रखता है। आपके सुझाव देश की प्रगति में माइलस्टोन बनें, इसी विश्वास के साथ आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।