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कनाडा के लोकप्रिय एवं सफल प्रधानमंत्री,मेरे परम मित्र श्री स्टीफन हार्पर जी ,श्रीमती लौरें हार्पर जी और विशाल संख्या में आये हुए मेरे प्यारे भाइयों और बहनों

PM Modi - Indian Diaspora Event, at Ricoh Coliseum, Toronto Canada (13)

 कनाडा की जनता उनका हृदय से धन्‍यवाद करता हूं... जिस प्रकार से कनाडा ने मेरा स्‍वागत किया है सम्‍मान किया है,जिस उमंग और उत्‍साह के साथ उन्‍होंने अपने प्‍यार को प्रकट किया है मैं इसके लिए प्रधानमंत्री जी का और कनाडा का हृदय से बहुत-बहुत धन्‍यवाद व्‍यक्‍त करता हूं,लेकिन यह सम्‍मान किसी व्‍यक्ति का नहीं है,यह सम्‍मान नरेंद्र मोदी का नहीं है,यह सम्‍मान सवा सौ करोड़ हिंदुस्‍तानियों का है और कनाडा में भारत की पहचान नरेंद्र मोदी ने नहीं बनाई है,कनाडा में भारत की पहचान आप सब मेरे देशवासियों ने बनाई है। आपकी बदौलत,आपका पुरूषार्थ,आपका जीवन,मिलजुलकर के सबको साथ लेकर के चलने की हमारी परंपरा,उसको आपने भलीभांति यहां पर जीकर के दिखाया है। कनाडा का हर नागरिक आपके प्रति गौरव अनुभव करता है। आदर-सत्‍कार के साथ आपका नाम लेता है और जब दुनिया के किसी भी देश में किसी भारतीय की पराक्रम की गाथा सुनते हैं तो सीना चौड़ा हो जाता है और कनाडा में बसने वाले हमारे भारतीयों ने अपने सफल कारोबार के माध्‍यम से,अपने सफल जीवन के माध्‍यम से भारत की आन,बान,शान को बढ़ाने में बहुत बड़ी भूमिका अदा की है। इस शहर के साथ तो मेरा नाता पुराना रहा है। पहले भी आना हुआ है और तब मैं कुछ नहीं था। कोई जानता भी नहीं था। तब भी इस शहर ने मुझे जो प्‍यार दिया था,इतने ढेर सारे कार्यक्रम मेरे हुए थे। इतने लोगों से मेरा मिलना हुआ था और इसलिए आज मैं उस धरती पर फिर से एक बार आकर ,नई जिम्‍मेदारी के साथ आया हूं,तब मैं यहां रहने वाले मेरे सभी भारतीय भाईयों और बहनों का हृदय से अभिनंदन करता हूं।

मेरा कनाडा के कारोबार से बड़ा अच्‍छा संबंध रहा,मेरा बहुत अच्‍छा अनुभव रहा। मैं गुजरात में मुख्‍यमंत्री रहा कई वर्षों तक और मुख्‍यमंत्री के कालखंड में मैं एक Vibrant Gujrat InvestorSummitकरता था। 2003 में पहली बार किया। पूरी कल्‍पना नई थी और मैं आज गर्व से कहता हूं कि कनाडा वो देश है जो 2003 से गुजरात का partner countryबना। एक developed countryके लिए किसी देश के छोटे से राज्‍य के साथ partner countryबनना यह निर्णय छोटा नहीं होता है,लेकिन कनाडा ने वो निर्णय किया और अब तक निभाया है। मैं इसके लिए कनाडा का बहुत-बहुत आभारी हूं। मैं कल रात यहां पहुंचा,कल रात चला जाऊंगा लेकिन कनाडा के प्‍यार को मैं कभी भुला नहीं पाऊंगा। आज कल तो विमानों की सेवा इतनी अच्‍छी हो गई है कि 15-17-20..... घंटे में आप भारत से कनाडा पहुंच सकते हो। लेकिन भारत के प्रधानमंत्री को आने में 42 साल लग गए। ये भी बड़ी विचित्रता देखिए कि भारत और कनाडा मिलकर स्पेस में तो प्रगति कर रहे हैं, लेकिन धरती पर कतराते रहते थे। जिस बात को 42 साल बीत गए, उसको मैंने दस महीने के भीतर-भीतर कर दिया।

PM Modi - Indian Diaspora Event, at Ricoh Coliseum, Toronto Canada (8)

मैं जानता हूं कि भारत की शक्ति और भारत की आवश्‍यकता ....कनाडा की संपत्ति और कनाडा का सामर्थ्‍य : इंडिया प्‍लस कनाडा; आप कल्‍पना कर सकते हो। हम दुनिया में कितनी बड़ी ताकत के रूप में उभर सकते हैं| भारत को जिन-जिन प्राकृतिक संपदाओं की जरूरत है उन सारी प्राकृति संपदाओं की पूर्ति कनाडा से हो सकती है। मेरे हिंदुस्‍तान में किसान खेत में मजदूरी करता है, मेहनत करता है, पसीना बहाता है और जब उसको फर्टीलाइजर की जरूरत होती है तो पोटाश कनाडा से आता है। यहां पर इतनी प्राकृतिक संपदा है.. एक बार यहां के एक राज्‍य के प्रीमियर गुजरात आये थे। मैंने उनसे कहा कि मेरा राज्‍य ऐसा है.. तब मैं गुजरात का मुख्‍यमंत्री था। मैंने कहा कि मेरे यहां हीरे की खदानें नहीं हैं, लेकिन मेरे लोगों का कौशल ऐसा है, Entrepreneurshipमें इतना दम है कि दुनिया में दस में से नौ हीरे ऐसे हैं जिस पर किसी न किसी भारतीय का हाथ लगा हुआ होता है। उनको मैंने कहा कि आपके पास हीरे की खदानें हैं, कच्‍चा हीरा मुझे दे दीजिए। मैं आपको मूल्‍य वृद्धि करके वापस लौटा दूंगा और आपके कच्‍चे हीरे पर हिंदुस्‍तान के पसीने की महक दुनिया में आपकी ताकत को चार गुना बढ़ा देगी। यह सामर्थ्‍य है दोनों देशों में। इस सामर्थ्‍य को जोड़ने का एक नया युग आज प्रारंभ हुआ है। आज जो हमने निर्णय किए हैं, मिल बैठ करके, खुलकर के बातें हुईं हैं और एक मित्रतापूर्ण माहौल में हुई हैं। एक दूसरे को समझने में अब हमें कोई तकलीफ नहीं है और इसलिए मैं आपको विश्‍वास दिलाता हूं कि इंडिया और कनाडा का यह संसार बहुत लंबा चलने वाला है। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री और मेरे मित्र श्रीमान हार्पर का हृदय से बहुत-बहुत धन्‍यवाद करता हूं, उनका अभिनंदन करता हूं|

 भाईयों और बहनों पिछले वर्ष जब भारत में चुनाव का मौसम था, चुनाव तो वहां चल रहे थे लेकिन नारे यहां से सुनाई देते थे। नतीजे तो वहां आये थे। लेकिन मिठाई यहां बांटी जा रही थी। वहां पर लोग दिन में खुशी मना रहे थे, आप आधी रात में मना रहे थे। मेरे भाईयों  और बहनों, दस महीने पहले सिर्फ सरकार बदली थी। लेकिन आज मैं दस महीनों के बाद कह सकता हूं कि जन-जन का मन भी बदला है। सरकार बदली है, उससे क्‍या होगा?ये तो समय कहेगा, लेकिन मन के बदलने से क्‍या कुछ हो सकता है इसको मैं भली-भांति समझ सकता हूं।

PM Modi - Indian Diaspora Event, at Ricoh Coliseum, Toronto Canada (9)

हम लोग जब छोटे थे, तो सिनेमा का एक गीत सुना करते थे – “देख तेरे संसार की हालत क्‍या हो गई भगवान, कितना बदल गया इंसान।“  उस समय एक पीड़ा थी, व्‍यथा की बात थी, उस गीत में। मैं आज उस गीत को नए रूप में देख रहा हूं कि इंसान बदला है। उस समय पीड़ा थी कि कितना बदल गया इंसान और मैं आज गर्व से कहता हूं कि कितना अच्‍छा बन गया इंसान। बदला है, बदला है। कोई कल्‍पना कर सकता है? मैंने देश के गरीब भाईयों और बहनों को कहा कि आप बैंक में खाता खोलिए। हमारे यहां मेरे जन्‍म से पहले ही बैंक तो चल रही थी, देश आजाद होने के बाद भी बैंक चल रही थी, कांग्रेस सरकार ने श्रीमति इंदिरा गांधी की सरकार थी तब बैंकों का राष्‍ट्रीयकरण कर दिया था, ताकि बैंक गरीबों के काम आये। लेकिन इसके बावजूद भी दस करोड़ से अधिक परिवार ऐसे थे यानी करीब-करीब 40 प्रतिशत से अधिक जनता ऐसी थी, जिनके नसीब में बैंक का खाता खोलना नहीं था। मैंने 15 अगस्‍त को घोषणा की थी कि मुझे बैंक में खाते खुलवाने हैं और.. एक जमाना था.. आप भी हिन्‍दुस्‍तान में रहे हैं, बैंक में जाते थे तो बैंक का अफसर नीचे से ऊपर देखता भी नहीं था और अगर आप उसका ध्‍यान आकर्षित करने की कोशिश करें, तो काटने के लिए आता था – देखते नहीं हो मैं काम कर रहा हूं!  इंसान बदल गया, बैंक वाले भी बदल गये, यही बैंक के कर्मचारी.. आज मैं उन पर गर्व करता हूं,  उनका अभिनंदन करता हूं कि वो गांव-गांव गये, गरीब के घर गये और 14 करोड़ बैंक खाते खोले| 14 करोड़ ! मतलब कि करीब करीब तीन कनाडा और यह काम सौ दिन में पूरा किया उन्होंने ..सौ दिन में | इंसान बदला है !! भारत का जन मन जो बदला है यह उसका उदाहरण है सरकार सिर्फ नहीं बदली है..जन मन बदला है | जब बैंक खाते खोलने की बारी आई तो.. गरीब के पास पैसे नहीं, बैंक खाता क्‍या खोलेगा और इसलिए हमने कहा था कि जीरो बैलेंस से एकाउंट खोलेंगे। जीरो बैलेंस| बैंक वालों को शुरू में तो थोड़ा ये था कि भई ये क्‍या कर रहे हो आप? हमने कहा कि भई क्‍या जाता, है दो कागज पर उनका नाम लिखना है, बैंक एकाउंट खोलना है, जाता क्‍या है तुम्‍हारा। वो बोलें कि कुछ तो देना चाहिए उन्‍हें। हमने कहा क्‍या देना है, उसने पसीना बहाया है, क्या लेना है , दे दो बैंक का खाता दे दो। मैंने गरीबों को कहा था कि आपको पैसे बैंक में रखने की जरूरत नहीं है, खाता खोल दीजिए, फिर आगे देखेंगे। लेकिन मेरे नौजवान साथियों, दोस्‍तों। जन-मन बदला है, तो कैसे बदला है.. मैंने गरीब को कहा था कि तुम्‍हें बैंक में पैसे डालने की जरूरत नहीं है, मुफ्त में खाता खोल देंगे। लेकिन गरीब की अमीरी भी तो कुछ चीज होती है। गरीब की अमीरी की भी अपनी एक ताकत होती है और मैं आज गर्व से कहता हूं, उन गरीबों के सामने सर को झुकाकर उनका अभिनंदन करता हूं, उन्‍होंने 14 हजार करोड़ रूपया बैंक में जमा करवाया। ये गरीबों की अमीरी, ये बदले हुए जन-मन की निशानी है। देश में एक नया विश्‍वास पैदा हुआ है। सरकार बदली है, इसलिए सब बदलेगा ऐसा नहीं है। बदलने का मेरा विश्‍वास इसलिए है कि जन-मन बदला है । “जन मन गण अधिनायक” जो  कहते हैं न, वो जन-मन बदला है। हमारे देश में आप जब विदेश से आते थे, एयरपोर्ट पर उतरने ही आपकी शिकायत क्‍या रहती थी? कि गंदगी बहुत है, सफाई नहीं है, ऐसा ही लगता था न? हमने तय किया कि काम कठिन है, लेकिन करना चाहिए और हम नहीं करेंगे तो कौन करेगा? जिनको गंदगी करनी थी वे गंदगी करके चले गए लेकिन हम सफाई करके जाएंगे। आज जन-मन ऐसा बदला है कि हर दिन एकाध खबर तो कहीं-कहीं से आती है कि फलाने बैंक के सारे Employee Saturday-Sundayको सफाई करने निकले हैं, फलाने कॉलेज के Studentsसफाई करने के लिए निकले हैं, फलाने मंदिर के सारे संत सफाई करने के लिए निकले हैं, फलाना एम. एल. ए. सफाई कर रहा है, एम पी सफाई कर रहा है, चारों तरफ कहीं न कहीं से खबर आ रही है। मैंने देखा.. आप कभी सचिन तेंदुलकर की वेबसाइट पर जाओगे तो उन्‍होंने अपना एक वीडियो रखा है। उन्‍होंने मुंबई में एक फुटपाथ तय की, रोज सुबह चार बजे जाते थे अपने दोस्‍तों को ले करके। महीने भर गए और पूरी उसकी सफाई करके उसको बढि़या से पार्क में Convert कर दिया। लोग आकर बैठते हैं। सरकार ने नहीं किया, नागरिक कर रहे हैं। दो बेटियां.. एक नगालैंड से और एक बनारस से, दो बेटियां बनारस में एकठ्ठी हुईं और उनका मन कर गया कि काशी की घाटों की सफाई करें और आज मैं हैरान हूं कि उन दो बेटियों ने काम शुरू किया, धीरे-धीरे नौजवान जुड़ते गए और उन्‍होंने पूरे प्रभु घाट को साफ कर दिया। आज लोग जा करके, विदेश के लोग वहां जा करके घंटों तक गंगा के सामने बैठते हैं। देश विशाल है, गंदगी बहुत है, पुरानी है, वक्‍त लगेगा लेकिन जन-मन बदला है, उसका ये उदाहरण है। हमने कहा कि स्‍कूल में टॉयलेट बनाना है, उसमें भी Girl Childके लिए टॉयलट बनाना है। लोगों को लगता है कि प्रधानमंत्री का काम होता है ये क्‍या ? लेकिन ये थोड़ा अलग सा प्रधानमंत्री है, औरों को जो बनाना है बना दें, मुझे तो ऐसे ही छोटे-छोटे काम करने हैं। लोगों को लगता है कि यह प्रधानमंत्री का काम होता है क्‍या,लेकिन यह थोड़ा अलग सा प्रधानमंत्री है। औरों को जो बनाना है बना दे,मुझे तो ऐसे ही छोटे-छोटे काम करने है। और बूंद-बूंद से जैसे समुद्र भर जाता है, छोटे-छोटे कामों से हिंदुस्‍तान की शक्‍ल सूरत बदल जाएगी यह मेरा विश्‍वास है| दोस्‍तों और मेरा विश्‍वास है सवा सौ करोड़ देशवासी एक कदम भी चलें तो देश सवा सौ करोड़ कदम आगे बढ़ जाता है। एक दिन मेरे मन में विचार आया कि जिसके पास पैसे हैं सप्‍ताह में दो दिन तो Dinner किसी बढि़या से होटल में करता होगा। 15-20 हजार को बिल देकर के वापस आता है। क्‍या ऐसे लोगों ने भी गैस सिलेंडर की सब्सिडी लेनी चाहिए क्‍या?उनको शोभा देता है क्‍या?एम.पी है,एम.एल.ए हैं,मंत्री हैं 400 रुपये की सब्सिडी । मैंने ऐसे ही बातों बातों में कह दिया कि भई यह अच्‍छा नहीं लगता,हमारे जेब में दम है तो हमने क्‍यों लेनी चाहिए,गरीब लें,गरीब को मिलनी भी चाहिए। लेकिन जिसके पास संभावना है वो क्‍यों ले?और सब्सिडी से पका हुआ खाना शोभा देता है क्‍या?मैंने सार्वजनिक रूप से नहीं कहा था दोस्‍तों। ऐसे ही बातों बातों में अपने साथियों से बीच बात कर रहा था तो बात फैलनी लगी और बात फैलने लगी आज भी मेरे साथियों का जन मन बदला है। बदला हुआ जन मन ने क्‍या किया?करीब चार लाख लोगों ने अपनी गैस सब्सिडी छोड़ दी। यानी करीब-करीब देश की तिजोरी में 200 करोड़ रुपये बच गया। Two hundred crore rupees. कोई हुकुम नहीं,कानून नहीं,कुछ नहीं,हर व्‍यक्ति को लगने लगा है कि अब देश इंतजार नहीं करेगा। देश को आगे बढ़ना है और हम बढ़ाएंगे यह जन-मन का विश्‍वास बढ़ा है और मैं यह जितनी बातें बता रहा हूं वो मोदी ने नहीं की है। देश के सामान्‍य नागरिक ने की है। सामान्‍य नागरिक के मन में एक नया मिजाज पैदा हुआ है। एक आनंददायक घटना मैं देख रहा हूं और मैंने फिर Publicly एक बार Announce किया। Publicly ऐसा कहा मैंने लोगों से सार्वजनिक रूप से अभी 5-6 दिन पहले ही कहा है। मैंने कहा कि मेरा सबसे आग्रह है कि जिसके जेब में दम है,वो गैस की सब्सिडी लेना छोड़ दे। मुझे विश्‍वास है कि लोग छोड़ देंगे। लेकिन मैंने उनसे एक बात और कही। मैंने कहा कि जो लोग गैस की सब्सिडी छोड़ेंगे,वो पैसा मैं सरकार की तिजोरी में नहीं डालूंगा,इसका मतलब यह नहीं कि मेरी जेब में डालूंगा। मैंने कहा कि जो गरीब परिवार है, जिनके घर में लकड़ी से जलने वाला चूल्‍हा है, जहां गरीब माँ लकड़ी से चूल्‍हा जलाती है। पूरे घर में धुंआ होता है, छोटे बच्‍चे दिन-रात रोते रहते हैं, धुएं में बैठ नहीं पाते, बीमार हो जाते हैं। मैं यह गैस सिलेंडर उन गरीब परिवारों को दूंगा और उससे उस परिवार के स्‍वास्‍थ्‍य को लाभ होगा। लकड़ी जलना बंद होगा तो जंगल बचेंगे, धुंआ नहीं होगा तो पर्यावरण बचेगा।जंगल बचेगा तो पर्यावरण में वृद्धि होगी, एक इंसान सब्सिडी छोड़ता है, कितने फायदे हो सकते हैं, जिसका आप अनुमान लगा सकते हैं और जन-मन बदला है, उसके कारण यह परिणाम आ रहा है। आपको हैरानी होगी, सबसे बड़ी सरप्राइज घटना बता दूं, मेरे लिए भी सरप्राइज है। लेकिन वो सुखद.. आश्‍चर्य है मेरे लिए। एक अखबार के मालिक ने मुझे चिट्ठी लिखी है। बताईये सुखद आश्‍चर्य है या नहीं है। अखबार के मालिक ने चिट्ठी लिखी है और उसमें मुझे लिखा है कि मोदी जी, जो देश मूड है उससे लगता है.. और हमने हमारे अखबार की एक नीति बनाई है और वो नीति ये है कि सप्‍ताह में एक दिन हमारा अखबार सिर्फ और सिर्फ पॉजिटिव न्‍यूज ही छापेगा। ये छोटी घटना नहीं है मित्रों ! भले आज एक अखबार ने काम शुरू किया है लेकिन खुद हो करके, सामने हो करके कहना और ये विचार मैंने नहीं दिया है। अब्‍दुल कलाम हमारे पूर्व राष्‍ट्रपति जी वो बार-बार कहते थे कि पॉजिटिव का कॉलम बनाईए, मैंने कभी कहने की हिम्‍मत नहीं की थी। लेकिन मुझे खुशी हुई कि बदले हुए जन-मन.. कहां-कहां उसका फैलाव हो रहा है, कैसे बात पहुंच रही है, उससे लगता है कि देश.. आप जिन सपनों को लेकर जीते हैं, आप ही आंखों के सामने वो सपने साकार होते हुए आप देखेंगे ये मैं आपको विश्‍वास दिलाता हूं।

PM Modi - Indian Diaspora Event, at Ricoh Coliseum, Toronto Canada (6)

हमारे देश में कई समस्‍याएं हैं लेकिन उन समस्‍याओं का समाधान एक ही जड़ी-बूटी में है। सब दु:खों की दवाई एक ही जड़ी-बूटी है। वो जड़ी-बूटी मोदी नहीं है, उस जड़ी बूटी का नाम है- विकास। हमारी सभी समस्‍याओं का समाधान है कि हम देश में विकास के एजेंडा पर आगे बढ़ें। हम विकास करें और मैं बताता हूं भाईयों और बहनों कि भारत के अंदर ताकत है, सिर्फ अवसर चाहिए। पिछले दस साल में हमारे देश में प्रति दिन जो रोड का Construction होता था वो 2 किलोमीटर होता था Per Dayऔर पिछले दस महीने से  Per Day 11 किलोमीटर होता है यानी आप देख सकते हैं कि विकास.. 11 किलोमीटर है ...यानी बहुत बड़ी बात नहीं बता रहा लेकिन तुलनात्‍मक रूप से पता चलेगा कि हम कैसे आगे बढ़ रहे हैं। भाईयों और बहनों, विकास का रास्‍ता ही देश को आगे ले जाएगा।

आप कल्‍पना कीजिए कि भारत के पास आज कौन सी बड़ी संपत्ति है? मेरे नौजवान साथियों: भारत के पास वो संपत्ति है, जो दुनिया में किसी के पास नहीं है और वो है –भारत की 65 प्रतिशत जनसंख्‍या 35 से कम उम्र की है। हिंदुस्तान नौजवान है| 80 करोड़ नौजवान जिस देश के पास हों.. 160 करोड़ मजबूत भुजाएं हों, 80 करोड़ सपने हों, वो देश क्‍या नहीं कर सकता?यह एक बहुत बड़ी संपत्ति है हमारी और इसलिए विकास के केंद्र में, मेरे दिमाग में ये 80 करोड़ नौजवान हैं, जिनके हाथ में हुनर हो, जिनको रोजगार के अवसर हों, वे मिट्ठी में से सोना बनाने की ताकत रखते हैं और देश सोने की चिडि़या फिर एक बार बन सकता है दोस्‍तों। ये आत्‍मविश्‍वास उन सवा सौ करोड़ देशवासियों के आर्शीवाद से पनपा है। ये आत्‍मविश्‍वास उन 80 करोड़, 35 साल से कम उम्र के नौजवानों की आंखों में से पैदा हुआ है और मैं दुनिया को कहता हूं कि दुनिया कल्‍पना करे , प्रगतिशील देश कल्‍पना करें, समृद्ध देश कल्‍पना करें, 2030 : 2030 के बाद उनके पास कितने ही कारखाने होंगे, कितने ही काम होंगे, उनके पास Work Force होगा क्‍या ? दुनिया के सभी समृद्ध देशों में उम्र बहुत तेजी से बढ़ रही है। जवानी मुरझा रही है और तब अगर जवानी मुरझा गई तो उस देश को चलाने की ताकत बाहर से लानी पड़ेगी। पूरे विश्‍व को 2030 के बाद जो Work Force की जरूरत होने वाली है वो एक ही जगह से मिलने वाला है, उस जगह का नाम है – हिन्‍दुस्‍तान | इसलिए हम अभी से इस बात पर ध्‍यान केंद्रित कर रहे हैं और उसमें हमारी प्राथमिकता है Skill Development... हमारा मिशन है Skill India| पहले भारत की पहचान थी- Scam India। हम बनाना चाहते हैं Skill Indiaऔर इसलिए Skill Development  को प्राथमिकता देना चाहते हैं और Skill Development में भी मेरे मन में अलग-अलग कल्‍पनाएं हैं। एक तो हम अभी से दुनिया का Mapping करना चाहते हैं कि किस देश को किस प्रकार के मानव बल की आवश्‍यकता होगी। दुनिया के कई देश हैं, जिनको Maths और Science के Teachers की जरूरत होगी। दुनिया के कई देश हैं, जिनको Nurses चाहिएं। दुनिया के कई देश हैं जहां हाथ से काम करने वाले कारीगर चाहिए। अलग-अलग प्रकार की आवश्‍यकताएं हैं। दुनिया की Mapping करके, जिसको जिस प्रकार के Work Force की जरूरत पड़ेगी उसका अनुमान लगाया जा सकता है, उस प्रकार का Work Force अभी से तैयार करने के लिए Skill Development मिशन.. और Skill Development में दुनिया में आज जिसके पास बढि़या से बढि़या Skill Development की व्‍यवस्‍थाएं, योजनाएं हैं सबको मैं भारत में लाना चाहता हूं, दूसरा Skill Development वो हो जिसमें Enterpreneur तैयार हो। नए स्टार्ट अप, नई पीढ़ी, नए-नए व्‍यवसाय में खुद जुटें, स्‍वरोजगार में आगे आए किसी से नौकरी पाने के लिए इंतजार न करे, वो Job Seeker न बने, वो Job Creater बने। भले दो को नौकरी दें, पांच को दें लेकिन वो Job Creater बने। उनके लिए जो Skill Development होनी चाहिए, उस पर बल देना चाहिए, तीसरा जो खुद रोजी-रोटी कमाने के लिए कुछ करना चाहते हैं। उनके लिए उस प्रकार का Skill Development| इस तरह Skill Development पर बल दे करके, Value Addition करके.. और हमारे देश में दुर्भाग्‍य से कोई कितना भी बदमाश व्‍यक्ति क्‍यों न हो? लेकिन अगर खादी का बढि़या कुर्ता पहन करके, लंबा कुर्ता पहन करके आ जाए या कोट पैंट और टाई पहन करके आ जाए और अपने घर की घंटी बजाए, तो हम कहेंगे कि आइये-आइये बैठिए, क्‍या काम है? लेकिन कोई बेचारा गरीब मजदूर, ऑटो रिक्‍शा वाला, कपड़े गंदे हों और वो आ करके घंटी बजाए और पूछे कि फलाने भाई कहां गये तो हम कहते हैं कि अरे चलो चलो ! ये कोई टाईम है क्‍या? भागो शाम को आना!क्‍यों? हमारे मन में Labour के प्रति जो Dignity चाहिए, उसका अभाव भर गया है। जब तक एक सामान्‍य व्‍यक्ति की Dignity.. ये हमारा स्‍वभाव नहीं होगा, Dignity of Labour, ये हमारी प्रकृति नहीं होगी, तो शायद दुनिया जो हमसे मांग रही है उसको हम गौरव से नहीं कर पाएंगे। मैं आज गर्व से कहता हूं कि दुनिया में जिस प्रकार से युवा पीढ़ी को हम देख रहे हैं, भारत की युवा पीढ़ी भी जो भी काम मिले, बिना शर्म के, बिना संकोच के, वह करने को तैयार है। कोई संकोच नहीं, कोई शर्म नहीं, वो मेहनत करने को तैयार है। ये जन-मन बदला है, उसी का परिणाम है। नौजवान का मिजाज बदला है,वो मेहनत करने को तैयार है, काम करने को तैयार है, हम उसे अवसर देना चाहते हैं, Human Resources Development, इस पर हम ध्‍यान केंद्रित करना चाहते हैं, उसके साथ-साथ हम थोड़ा ऊपर के लेयर का भी सोच सकते हैं। भारत के पास Talent है।Talent में कोई कमी नहीं है।हमारे टैलेंट का सबसे बड़ा सबूत है- भारत ने अभी मंगलयान भेजा है। Mars पर हम गये और छोटी-छोटी जगहों पर वे Mars पर जाने वाले सारे पुर्जे तैयार हुए। हिंदुस्‍तान के पांच छह राज्‍यों में छोटे-छोटे Small Scale Industry वालों के यहां एक-एक पुर्जा बना। हमारे Scientist जो हैं, नौजवान हैं, उनका Talent देखिए। उन्होंने  पहुंचा दिया मंगलयान।दुनिया में हम पहला देश हैं जो पहले ही Trial में सफल हो गये और मंगलयान में हमारे Talent का कमाल देखिए। हॉलीवुड की फिल्‍म पर जितना खर्चा होता है न, उससे कम खर्चे में मंगलयान पहुंच गया। आप अगर दिल्‍ली में, लखनऊ में, कानपुर में, हैदराबाद में, बंगलोर में ऑटो रिक्‍शा में अगर जाते हैं तो एक किलोमीटर का करीब दस रूपया खर्चा आता है। मंगलयान पर हमारा खर्चा सिर्फ सात रूपया किलोमीटर आया है। मैं कहना यह चाहता हूं कि देश के पास Talent है। क्‍या कारण है कि आईटी की दुनिया में हिन्‍दुस्‍तान के नौजवानों ने नाम रोशन किया। कनाडा में भी हिंदुस्‍तान के आईटी के नौजवान अपना करतब  दिखा रहे हैं। अमेरिका में भी हिंदुस्‍तान के नौजवान आईटी में अपना करतब दिखा रहे हैं। उंगलियां तो उनकी हैं, लेकिन मेरे नौजवान दोस्‍तों जवाब हमें खोजना पड़ेगा कि बुद्धि वहां से है, उंगलियां उसकी चल रही हैं, लेकिन Googleभारत की गोद से पैदा क्‍यों नहीं होता? Microsoftभारत की गोद से पैदा क्‍यों नहीं होता?

PM Modi - Indian Diaspora Event, at Ricoh Coliseum, Toronto Canada (11)

Talentवो ही है काम वही कर रहे हैं, मुझे वो माहौल बदलना है, ये हमारे TalentedYouthको अवसर देना है, ताकि वो Innovationकरें। आने वाले दिनों में दुनिया को क्‍या चाहिए? अपने Innovationसे वो दें। इसलिए छोटे-छोटे से काम के लिए एक मजदूर को जिस प्रकार का Skill Development चाहिए वो हमारे Talented Youthके लिए, Innovation के लिए अवसर चाहिए। उस दिशा में हम काम कर रहे हैं। हमने इस बार हमारे बजट में कार्यक्रम रखा है –AIM –Atal Innovation Mission. हम नौजवानों को अवसर देना चाहते हैं। कहने का तात्‍पर्य यह है कि देश को आगे ले जाने के लिए हमारी युवा शक्ति का जो सामर्थ्‍य है, जो हमारी सबसे बड़ी संपदा है और यह संपदा केवल भारत के अपने लिए नहीं, पूरे विश्‍व के अंदर काम आने वाली संपदा हमारे पास है। भले हमारे पास हीरे की खदानें नहीं होगी, भले हमारे पास गैस के भंडार नहीं होंगे, भले हमारे पास पेट्रोलियम के भंडार नहीं होंगे, हमें यू‍रेनियम बाहर से लाना पड़ता होगा, लेकिन हमारे पास जो ताकत है उस ताकत के भरोसे हम दुनिया में देश की ताकत बढ़ाना चाहते हैं। ये विश्‍वास ले करके हम आगे बढ़ रहे हैं।

आज हमने कनाडा में एक बहुत महत्‍वपूर्ण निर्णय लिया। मेरी इस यात्रा में एक महत्‍वपूर्ण निर्णय हमने फ्रांस में किया, दूसरा महत्‍वपूर्ण निर्णय आज हमने कनाडा में किया, बाकी तो बहुत महत्‍वपूर्ण हुआ है, लेकिन दो चीज ऐसी हैं, जिनकी तरफ लोगों का ध्‍यान नहीं गया है। पता नहीं जब मैं वापस पहुंचूंगा तो तब जाएगा कि नहीं जाएगा या तो कहीं और ध्‍यान होगा अभी लोगों का लेकिन हो सकता है कि चार छह महीने के बाद ध्‍यान दें। फ्रांस में एक महत्‍वपूर्ण निर्णय हुआ, वो यह हुआ कि हम लोग Nuclear Energyके लिए दुनिया भर से रियेक्‍टर मांगते थे। हर कोई देश हाथ ऊपर कर देता था, बात चलती थी, दो चार साल बात चलती थी, फिर बात ऊपर हो जाती थी। बहुत लंबे अरसे से विषय Pendingथा, कोई देने को तैयार नहीं था क्‍योंकि सबको लगता है कि कहीं बम न बना दें और जो बनाते हैं उनको कोई रोकता नहीं है, रोक पाते भी नहीं। जो गांधी का देश है, जिसने कभी दुनिया में किसी पर आक्रमण नहीं किया, जिसने शांति के शहादत मोल ली है। ऐसे हम लोग हैं| उनको कई वर्षों के लिए भटकना पड़ता है। इस बार हमने फ्रांस के अंदर एक कंपनी के साथ भारत की एक कंपनी का MOUहुआ है। मेरे लिए खुशी की बात है कि सबसे बड़ा काम होने वाला है कि अब वो रियेक्‍टर भारत में बनेगा। अब रियेक्‍टर तो बनेगा लेकिन NuclearEnergyके लिए यूरेनियम चाहिए। यूरेनियम आपका कनाडा मुझे देगा। पूरी दुनिया GlobalWarmingके कारण परेशान है,Climate Changeकी चर्चा है, Air Conditionedकमरों में सर्वाधिक एनर्जी का उपयोग करके Climateकी चर्चा की Meetingहुआ करती है। भारत अगर Environment Protectionमें सफल होता है तो दुनिया का 1/6 जिम्मा हम अकेले उठा सकते हैं। उसमें सबसे बड़ा काम है Clean Energyऔर उस Clean Energyमें Nuclear Energyकी ताकत बहुत है। इसलिए हम रियेक्‍टर बनाएंगे, हम कनाडा से यूरेनियम लेंगे, हम Nuclear Energyबनाएंगे और दुनिया को जिस चीज की चिंता है- Climate Changeकी उसमें मददगार होने का काम हिंदुस्‍तान बीड़ा उठाएगा।

भारत के राष्‍ट्र ध्‍वज में चार रंग हैं। हम बोलते हैं तिरंगा, रंग चार हैं, लेकिन वो हमारी विशेषता है। मैं एक चतुर्रंगी क्रांति का सपना ले करके चल रहा हूं, चतुर्रंगी क्रांति का। भारत का तिरंगा झंडा, जिसको देखते हम जिसमें कि चार रंग हैं –Saffron है, Whiteहै, Green है और बीच में Blueहै। अशोक चक्र है Blue Colourका। मैं चतुर्रंगी क्रांति का सपना देख करके चल रहा हूं। चतुर्रंगी क्रांति का सपना देख रहा हूं.. केसरिया रंग.. अब कुछ लोगों को तो केसरिया रंग का अर्थ भी ढंग से मालूम नहीं है। वो अपनी मन-मर्जी का अर्थ करते रहते हैं, वो उनका काम है करते रहें। Saffron Colour,ये ऊर्जा का रंग है, Energy का रंग है। सूर्य का सात घोड़ों का रथ देखते हैं तो Saffron Colourका दिखाई देता है। ये ऊर्जा क्रांति करनी है हिंदुस्‍तान में। इसलिए Nuclear Energy, Solar Energy,Wind Energy, Biomassसे बनने वाली Energy, Energy Saving,इन सारे विषयों को एक साथ चलाया है।

PM Modi - Indian Diaspora Event, at Ricoh Coliseum, Toronto Canada (5)

हमारे देश में कुछ तो Terminologyएक दम से बदल रही है। भारत कभी भी.. ज्‍यादा से ज्‍यादा चर्चा मेगावाट की करता था, कि भई इतने मेगावाट, इतने मेगावाट। पहली बार देश में गीगावाट की चर्चा होनी शुरू हुई है। वरना हमारा.. क्रिकेट में भी Lastके जो बॉलर वगैरह खेलने जाते हैं, सेंचुरी की कहां चर्चा करते हैं?.. तो मेगावाट के आस-पास खेलते थे, पहली बार सरकार गीगावॉट की परिभाषा ले करके चल रही है और 175 गीगावाट Renewable Energyकी तरफ हम जा रहे हैं, 100 गीगावाट Solar Energy, 75 गीगावाट Wind Energy| यह सपना देखा है। Energysaving.. LED Bulbका एक पूरा मूवमेंट खड़ा किया है। स्‍कूलों में बच्‍चों को बताते है, बिजली बचाने के लिए अपने घर में माहौल बनाओ। LED Bulbऔर Transparency.. आपको जानकर हैरानी होगी कि एक साल पहले जो सरकार थी, उस समय 2012-13 के कार्यक्रम में LEDका Bulbसरकार 350 रूपये में लेती थी। कितना? ये सरकार 85 रूपये में लेती है। ये Transparencyहै कि नहीं है, है कि नहीं है, भ्रष्‍टाचार गया कि नहीं गया, ईमानदारी आई कि नहीं आई, ईमानदारी से काम हो सकता है कि नहीं हो सकता। हर छोटी चीज में यदि ध्‍यान बारीकी से रखा जाए,तो बदलाव लाया जा सकता है। जन-मन बदला है दोस्‍तों इसलिए परिस्थितियां पलट रही हैं। दूसरा Revolutionहै –White Revolution.हमारे देश में, दुनिया में दूध देने वाले पशुओं की तुलना में हमारे यहां Productivityबहुत ज्‍यादा नहीं है। जो काम दो दूध देने वाले पशुओं से होना चाहिए,उतना काम करने के लिए हमको 20 पशु पालने पड़ते हैं, क्योंकि उसका लालन-पालन करने के लिए जिन चीजों को वैज्ञानिक तरीके से बढ़ाना चाहिए, हम नहीं बढ़ा पाते। गांव के गरीब के पास यदि एक पशु हो,तो उसको जिंदगी में कभी देखना न पड़े, उसकी Productivityकैसे बढ़े, वैज्ञानिक तौर-तरीके कैसे आएं और हिंदुस्‍तान में सेकेंड White Revolutionकैसे हो,उस पर हम बल दे रहे हैं। तीसरा, Green Revolution .. Green Revolutionमें वही बात, अब जमीन पहले पांच एकड़ थी, दो भाई थे, अब पांच एकड़ में दस भाई हो गए, दो भाई के बच्‍चे हो गए, उनके बेटे हो गए, अब इतना बड़ा परिवार दस बीघा जमीन में कैसे चलेगा? वो परिवार तब चलेगा कि हम सीमित जमीन में भी Productivityकैसे बढ़ाएं। इसके लिए एक काम हमने उठाया है –Soil Health Card.इंसान की Healthके लिए जैसे HealthCardहोता है,  वैसे धरती माता की तबीयत के लिए Health Cardहो । कहीं हमारी पृथ्‍वी मां बीमार तो नहीं है?  हमारी पृथ्‍वी मां को जो खाना चाहिए, वो नहीं खिलाते,कुछ और खिला दिया, ऐसा तो नहीं है? माँ को कैसे बचाएं, इसलिए हमने अभियान उठाया है धरती मां की रक्षा करने का। Soil Health Cardका मिशन चलाया है। पानी बचाना, ये दुनिया पर बहुत बड़ा जिम्‍मा आ पड़ा है। Per Drop More Cropएक-एक बूंद से फसल कैसे ज्‍यादा पैदा हो?उस पर हम बल देना चाहते हैं, जो पैदा हो उसका Value Additionकैसे हो, मूल्‍य वृद्धि कैसे हो?किसान का माल .. Forward Linkageकैसे उसको मिले, Green Revolution.. हिंदुस्‍तान में सेकेंड Green Revolutionके लिए, भारत का जो पूर्वी हिंदुस्‍तान है, जिसकी जब चर्चा होती है, तो गरीबी के नाम पर होती है, वो सबसे समृ‍द्ध बन सकता है। बिहार हो, ओडि़शा हो, पूर्वी उत्‍तर प्रदेश हो, पश्चिम बंगाल हो, असम हो, जहां विपुल मात्रा में पानी है। इसलिए हमारा फोकस है सेकेंड Green Revolutionऔर स्‍पेशल फोकस है हिंदुस्‍तान के पूर्वी इलाके में, वहां के किसान और गांव की जिंदगी को बदलना है। चौथा है, Blue Revolution, Blueक्रांति करनी है। BlueRevolutionजब मैं कहता हूं तब, एक नीला आसमान। पर्यावरण के संकटों से मुक्‍त नीला आसमान। Environment Protectionकी चिंता करते हुए नीला आसमान। मैं Manufacturing में कहता हूं – Zero Defect,  Zero Effectजो पैदा करें,उसमें कोई Defect न हो और ऐसे पैदा करे कि Environmentपर Effectन हो। Zero Defect,  Zero Effect,नीला आसमान। और दूसरा नीला समुंदर के पानी का रंग। नीला आसमान भी चाहिए, वो भी Revolutionकरना है और सामुद्रिक शक्ति का भी Revolutionहोना चाहिए। मेरे मछुआरे, उनकी आर्थिक स्थिति सुधरनी चाहिए। समंदर के अंदर प्राकृतिक संपदा पड़ी है। गैस और पेट्रोलियम के भंडार पड़े हैं। इन प्राकृतिक संपदाओं का सर्वाधिक उपयोग मानव जाति के लिए कैसे हो, Blue Revolutionकरना है, Saffron  Revolution, WhiteRevolution, Blue Revolution,Green Revolution, Blue Revolution| जल-थल नभ सबकुछ.. और इसलिए भाईयों और बहनों विकास की उन नई-नई ऊचाईयों को पार कर रहे हैं। आप कनाडा के भाईयों और बहनों कुछ बातें हैं जो मैं आपको जानकारी देना चाहता हूं। ओसीआई और पीआईओ.. मैंने जब Madison Squareपर बोल रहा था,तो मैंने वादा किया था। इन दोनों को Mergeकर देंगे, वो काम पूरा कर दिया है। हर किसी को पीआईओ कार्ड हो, वो ओसीआई की तरह ही, उसको सारी सुविधाएं दी जाएंगी। दूसरी बात है, ओसीआई पूरे जीवन के लिए मिलेगा। पहले वो सिर्फ 15 साल के लिए था। आपको पता होगा, आप में से जो बड़ी आयु के लोग वहां आ करके रहते होंगे, छुट्टियों में, तो हमारे यहां यह नियम था, उसको हर 15 दिन में एक बार पुलिस थाने ले जा करके बताना पड़ता था कि मैं वही हूं और कुछ गलत नहीं कर रहा हूं। मुझे बताइये कि आप पर मुझे भरोसा करना चाहिए कि नहीं करना चाहिए?  करना चाहिए कि नहीं चाहिए? जन-मन बदला है दोस्‍तों! इसलिए हमने तय किया है कि ओसीआई कार्ड वालों को पुलिस थाने में हाजिरी लगाने की जरूरत नहीं है। ओसीआई को चार पीढ़ी तक विदेश गए लोग.. अब उनको इसमें समाहित कर दिया गया है। चार पीढ़ी तक को स्‍वीकार कर लिया गया है। कुछ जगह पर अभी कुछ चीजें Processमें हैं। अगले पांच छह महीनों में सारी प्रक्रियाएं पूरी हो जाएंगी।

 एक ई-पोर्टल हमने शुरू किया है, जिसका आप फायदा ले सकते हैं। ट्रैकिंग, मॉनिटरिंग, फीडबैक ये सारी चीजें ई-पोर्टल के अंदर हैं। ई-पोर्टल का नाम है, मदद। एक ई-माइग्रेट पोर्टल शुरू किया है, जिसके द्वारा भी आपको कोई शिकायत हो, कोई कठिनाई हो तो इमीग्रेशन ऑफिस जाना नहीं पड़ेगा। आप उसी के द्वारा अपना काम कर सकते हैं, आपका समय बच सकता है। जो भारत के बाहर रहने वाले लोग हैं, जिनको ऑनलाइन अप्‍लीकेशन करने हैं,वे ई-माइग्रेशन इस व्‍यवस्‍था के तहत कर सकते हैं। आपने देखा है कि दुनिया में कुछ न कुछ देशों में संकट चलते रह‍ते हैं और हमारे भारतीय भाई-बहन बड़े उदार रहते हैं, उनको हम समझाते हैं कि भई निकलो, मुसीबत आ रही है। उनको लगता है नहीं-नहीं ये तो अच्‍छे लोग हैं, हमें कुछ नहीं होगा। वो निकलते नहीं हैं। हम यमन में जनवरी महीने से कह रहे थे कि निकलो!निकलो! कहते थे नहीं। आखिरकार,हमें अभी निकालना पड़ा चार हजार लोगों को, मुश्किल से ले करके आये हैं। पिछले दस महीने में West Asia में जो मुसीबतें आईं हैं, करीब 17 हजार भारतीयों को सुरक्षित बचा करके वापस लाने का काम किया है। देशवासियों मैं आपको एक बात बताना चाहता हूं, संकट की घड़ी में हम पासपोर्ट के रंग नहीं देखते हैं। अपनों के लिए जो भी करना पड़ता है, पूरी शक्ति लगा करके करते हैं। लेकिन विश्‍व में रहने वाले भारतीयों से भी हमारा आग्रह रहेगा कि हम संकटों में फंसे नहीं, समय रहते हम जागरूकता पूर्वक अपने विषयों को आगे बढ़ाये तो अच्‍छा होगा।

PM Modi - Indian Diaspora Event, at Ricoh Coliseum, Toronto Canada (7)

पहली बार हमने प्‍लानिंग कमीशन की जगह पर नीति आयोग बनाया है और नीति आयोग में एक पैराग्राफ.. प्रवासी भारतीयों को भी एक शक्ति के रूप में माना गया है। वो भी एक बहुत बड़ी भारत की विकास की ताकत है और उसके लिए भी भारत को सोचते रहना चाहिए। ये पहली बार एक Specific काम उनके लिए तय किया है। उसके चार्टर में इसको लिखा गया है। कनाडा के मित्रों के लिए एक खुश खबरी है। इलैक्‍ट्रोनिक टूरिस्‍ट वीजा, इसकी व्‍यवस्‍था हमने कर दी है, बहुत ही जल्‍द इसका लाभ आपको मिलेगा। दूसरी बात, मुझे मालूम है कि आप बोलेंगे नहीं,लेकिन कभी-कभी आपको भी वीजा लेने में तकलीफ पड़ती है, पड़ती है न? अब हमने तय किया है कि दस साल के लिए देंगे। अगर जन-मन बदला है,तो भरोसा भी बढ़ना चाहिए और भरोसे से दुनिया चलती है मेरे दोस्तों ! इसको ले करके हम चलने वाले हैं और चल रहे हैं। भाईयों और बहनों,काफी लंबी बातें कर ली आपसे, मुझे आनंद आया, आपने स्‍वागत किया, सम्‍मान किया। मैं आप सबसे आग्रह करूंगा कि हमारा देश, हम जो भी पढ़े हैं, जो भी अनुभव पाया है, दुनिया में कहीं से भी जो Disciplineसीखें हैं, जो भी अच्‍छा है हमारे पास, कहीं से भी मिला हो, वो हमारे देश के लिए भी काम आना चाहिए, हमारे देश के उन गरीबों के लिए भी काम आना चाहिए। जो हमारे लोग यहां आये हैं, हम ये न भूलें कि आज जो हम पहुंचें हैं जहां पर उसके मूल में किसी न किसी गरीब ने हमारे लिए कुछ न कुछ तो छोड़ा होगा। किसी न किसी ने कष्‍ट झेला होगा,तब हमारी जिंदगी बनी है। मानवता का तो यही तकाजा है कि जिन्‍होंने हमें दिया है हमें उनको भी तो कुछ लौटाना है। इस बात को ले करके आप चलें। भारत के प्रति हमारी भक्ति अपरमपार बनी रहे। मैं फिर एक बार, कनाडा ने मेरा जो स्‍वागत किया, सम्‍मान किया, प्रधानमंत्री जी ने इतना समय दिया, उनके मंत्रि-परिषद के इतने वरिष्‍ठ लोग आ करके बैठे, यहां के सभी सांसद आ करके बैठे, मैं उनका सबका हृदय से बहुत-बहुत धन्‍यवाद करता हूं। कनाडा और भारत की दोस्‍ती एक ऐसी युक्ति है, जो शक्तियों का संवर्धन करती है और ये ऐसी शक्ति है.. मान लीजिये हम Mathematic में a2 + b2करें तो Result क्‍या आता है? लेकिन मान लीजिए (a+b)2 तो Resultआता है a2 +2ab+b2 ... Extra 2ab मिलता है कि नहीं मिलता है? ये Extra 2ab कहां से आया? तो भारत और कनाडा जब मिलता है तो Extra 2ab निकलता है। यह हमारी ताकत है। उस ताकत को लेकर आगे बढ़ें। इसी एक अपेक्षा के साथ मैं फिर एक बार आप सबका धन्‍यवाद करता हूं। मेरी तरफ से आपको बहुत शुभकामनाएं देता हूं और समाज के सब लोगों ने मेरा इतना सम्‍मान किया, आशीर्वाद दिए, मैं सदा सर्वदा आपके इस प्रेम को याद रखूंगा। आपके आशीर्वाद की ताकत को याद रखूंगा। मैं आपको सबको वंदन करते हुए मेरी बात को विराम करता हूं। दोनों मुट्ठी बंद करके मेरे साथ पूरी ताकत से बोलिए –भारत माता की जय। ऐसे नहीं, आवाज हिंदुस्‍तान तक जानी चाहिए।

भारत माता की जय।

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Text of PM Modi's Speech at public meeting at Khargone, Madhya Pradesh
May 17, 2019
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My election campaign began from Meerut in U.P and is ending at Khargone in M.P, both places closely associated with the First War of Independence of 1857: PM Modi
These elections are historic because the nation is geared up to give second term to a majority government after three decades: PM Modi in M.P.
Since assuming power in 2014, the BJP government has been inspired by the values of patriotism, efficient governance and ‘Antyoday’ as its guiding values: Prime Minister Modi

भारत माता की जय, भारत माता की जय, भारत माता की जय

ये मेरा सौभाग्य है कि 2019 के जनादेश के लिए आखिरी सभा करने में माता अहिल्याबाई और मां नर्मदा की गोद में आया हूं। साथियो, मेरे चुनाव अभियान की शुरुआत उत्त्तर प्रदेश के मेरठ से हुई थी। और आज इस चुनाव अभियान की आखिरी सभा मध्य प्रदेश के खरगोन में हो रही है। ऐतिहासिक नजर से देखें तो मेरा और खरगोन के बीच एक डोर ऐसी भी है जिस पर अक्सर ध्यान कम जाता है। शायद आप में से भी कई लोगों के लिए मेरी ये बात नई उत्साह नई प्रेरणा देगी। साथियो, मेरठ हो या खरगोन ये दोनों ही शहर राष्ट्रवाद की प्रेरणा से जुड़े हैं। 1857 के स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े हैं। मेरठ में जहां अग्रेजों के खिलाफ सैनिकों ने आजादी के आंदोलन का बिगुल बजाया था। वहीं खरगौन की इस धरती पर महान योद्धा और स्वतंत्रता सेनानी भीमा नायक ने आदिवासी आंदोलन का नेतृत्व किया और मां भारती की रक्षा के लिए अपने प्राण की आहुति दे दी। मैं 1857 की उस क्रांति के सभी योद्धाओं को और विशेषकर भीमा नायक को आज फिर एक बार अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। इन महान आत्माओं को नमन करता हूं।

भाजपा की सरकार ने शहीद भीमा नायक जी की स्मृति में स्मारक का भी निर्माण करवाया है। और इसलिए मैं शिवराज जी और उनकी सारी टीम को बधाई देता हूं। जब मैं गुजरात का मुख्यमंत्री था तो गुजरात, राजस्थान और मध्यप्रदेश इनकी जहां सीमाएं मिलती है वहां मानगढ़ कर के एक स्थान है। और हम सब को पता है कि गोविंद गुरु आदिवासी समाज में राष्ट्रभक्ति जगाकर के अंग्रेजों को लोहे के चने चबाने को मजबूर कर दिया था। ऐसे महान गोविंद गुरु के स्मृति में मानगढ़ में एक भव्य स्मारक बनवाया है। और जब मैं गुजरात में था तो अक्सर गोविंद गुरु को श्रद्धांजलि देने साल में एक बार जरूरी जाता था। और मध्य प्रदेश, राजस्थान और गुजरात के आदिवासियों के बड़ा श्रद्धापूर्वक मेला आज भी मानगढ़ में लगता है। और इसलिए ये मेरा सौभाग्य है कि इस चुनाव अभियान के आखिरी सभा में मुझे जनजाति समुदाय, आदिवासी भाइयों के और बहनों के दर्शन करने का और उनके आशीर्वाद प्राप्त करने का अवसर मिला है। साथियो, इस रविवार को जब आप मतदान केंद्र पर पहुंचेंगे तो इतिहास रचने वाले हैं। आप दशकों बाद दशकों बाद लगातार दूसरी बार पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने वाले हैं। इस बार आप सिर्फ एक वोट नहीं डालने वाले बल्कि विकसित और वैभवशाली नए भारत की नींव को मजबूत करने वाले हैं।

साथियो, लोकतंत्र में चुनाव सरकार बनाने के लिए होता है। राजनीतिक दल और जनप्रतिनिधि उम्मीदवार आपसे अपनी अपनी नीयत और नीति के हिसाब से वोट मांगते हैं। लेकिन 2019 का ये चुनाव पहले के चुनाव से भिन्न है। अभूतपूर्व है, इस चुनाव का नेतृत्व देश की जनता कर रही है। आप लोग कर रहे हैं। मतदान किसी दल के नहीं बल्कि पूरा देश, देश का हर मतदाता इस बार मतदान देश के लिए कर रहा है। जनता सिर्फ सरकार बनाने के लिए नहीं बल्कि देश बनाने के लिए देश का भविष्ट बनाने के लिए 21वीं सदी का नया भारत बनाने के लिए जनता जनार्दन खुद मैदान में हैं। भाइयो-बहनो, मैंने सालों तक पार्टी का काम किया है। मैं कभी मध्य प्रदेश का भी प्रभारी रहा हूं, यहां के हर जिले को छान मारा है। जब गुजरात में चुनाव होता था, तो मुझे धार, खरगोन, झाबुआ सब लोग मदद देते थे। जब यहां चुनाव होता था तो मैं भी मदद के लिए आता था। मेरा परिचय आप लोगों से बहुत पुराना है। मेरी और आपकी भाषा भी एक है हम एक जैसे ही बोलते हैं। हम इतनी बड़ी पार्टी है, कुशाभाऊ ठाकरे जैसे महापुरुषों की तपस्या से बनी पार्टी है। लेकिन मैं बताऊ? कोई बुरा मत मानना भाई, चुनाव के दिन है कोई बुरा मत मानना।

मैं संगठन मंत्री तब भी, मैं पार्टी के संगठन का काम करता था तब भी। हमने पार्टी को इतनी बड़ी बनाई तो भी। इतने चुनाव के कालखंडों के बाद सातवां चरण चलता हो, आखिरी दिन हो, आखिरी सभा हो किसी संगठन की ताकत नहीं है इतनी बड़ी सभा करने की। इंपॉसिबल, मैं तो सर झुका कर के कहता हूं। मैं सगंठन का काम करता तो नहीं कर पाता। ये पार्टी का दबदबा नहीं है। ये आपके दिलों की आवाज है भाइयो-बहनो। दिल्ली में लोग चर्चा करते हैं, चुनाव उब चुका है, थक गए हैं, लंबा हो गया है। ये जो थके हुए लोग हो न ये मेरे आदिवासियों के बीच आके बैठो नई ऊर्जा मिल जाएगी। ये पॉलिटिकल पंडित जरा समझो देश का मिजाज क्या है? अद्भुत, 100-100 सलाम आपको, आपने 2019 के चुनाव में एक नया रंग भर दिया भाइयो, और मेरे आदिवासियों ने भर दिया। मैं जितना आपका धन्यवाद करूं कम है। भाइयो-बहनो, 21वीं सदी के भारत के नए भारत के इन्हीं निर्माताओं के उत्साह का परिणाम है कि आज देश कश्मीर से कन्याकुमारी, कच्छ से कामरूप। पूरा देश कह रहा है अबकी बार मोदी सरकार। अबकी बार मोदी सरकार। और तीन चार दिन से तो मैं सुन रहा हूं अबकी बार 300 पार, अबकी बार 300 पार, अबकी बार 300 पार। फिर एक बार मोदी सरकार। फिर एक बार मोदी सरकार।

भाइयो और बहनो, मुझे प्रसन्नता है कि देश राष्ट्र भक्ति की प्रेरणा अंत्योदय के दर्शन और सुशासन के मंत्र को लेकर चल रही भारतीय जनता पार्टी के प्रति अपना विश्वास हिम्मत और हौसले के साथ प्रकट कर रही है। मुझे संतोष है कि हमारे सूपतों के सम्मान में, शौर्य के सम्मान में पूरा देश खड़ा हो रहा है। भाइयो-बहनो, आतंकवाद और नक्सलवाद को खत्म करने की हमारी प्रतिबद्धता को जनता जनार्धन का भरपूर समर्पण मिला है। ये देश की भावना है कि आतंकियों को घर मे घुसकर मारा जाए। मेरे आदिवासी भाइयो-बहनो, मुझे बताइए ये घर में घुसकर मारने वाला रास्ता सही है या गलत है। आप खुश है ये मोदी घर में घुसकर के मारता है तो आपका सीना चौड़ा होता है, आपका माथा ऊंचा होता है। हर हिंदुस्तानी को गर्व होता है। भाइयो-बहनो, यही आपके दिल की बात को जवाब दिया है। हमारे वीर सपूतों ने। आइए हम वीर सूपतों का जितना गौरव करें कम है। यही नए भारत की नीति होनी चाहिए। भाइयो-बहनो, कांग्रेस सैनिकों से विशेषाधिकार छीनने पर और देशद्रोह का कानून खत्म करने जैसे विषयों को लेकर जनता के बीच गई। जिसको देश ने ठुकरा दिया है। देश इस बात पर एकमत है कि जो लोग जम्मू-कश्मीर के लिए अलग प्रधानमंत्री की पैरवी कर रहे हैं। उन्हें इस चुनाव में बड़ी से बड़ी सजा दी जाए। देनी चाहिए कि नहीं देनी चाहिए?

भाइयो-बहनो, पूरा हिंदुस्तान दे रहा है और आप भी देने वाले हैं मुझे पूरा भरोसा है। देश उन लोगों को भी कड़ी सजा देना चाहता है। जो सोचते हैं कि सेना में आप सुनकर के हैरान हो जाओगे। कर्नाटक में कांग्रेस ने जिनको मुख्यमंत्री बनाया है उस मुख्यमंत्री का बयान है, और मेरे आदिवासी भाई ये सुरक्षाबलों में यूनिफॉर्म की दुनिया में देश की इतनी बड़ी सेवा करते हैं हम उनका उपकार कभी नहीं भूल सकते। इतना काम करते हैं। मैं सबको जानता हूं। लेकिन कर्नाटक में कांग्रेस ने जिनको मुख्यमंत्री बनाया। उन्होंने एक बायन दिया है, ये बयान सुनने के बाद इस देश का कोई व्यक्ति आने वाले 100 साल तक कभी कांग्रेस को वोट नहीं देगा। ऐसा गंदा बयान दिया है। और अभी तक कांग्रेस ने इस बयान से उनका लेना देना नहीं है ये बोलने की हिम्मत भी नहीं की है। सत्ता का नशा सत्ता का शौक कांग्रेस के सर पर इतना हावी है कि इतना बड़ा गुनाह है फिर भी कांग्रेस के मुंह से आवाज नहीं निकल रही है। भाइयो-बहनो, ये कांग्रेस ने जिनको मुख्यमंत्री बनाया है उन्होंने क्या कहा है मैं बताउं आपको? बताउं? बताऊं?उसके बाद ये पूरे हिंदुस्तान में और मध्य प्रदेश में जीवन में कभी कांग्रेस को वोट मत देना। उन्होंने क्या कहा मैं बताता हूं? उन्होंने ये कहा कि सेना में वो लड़के जाते हैं जिनको खाने के लिए रोटी नहीं है। वो भूखे मरते हैं इसलिए सेना में जाते हैं।

भाइयो-बहनो, ये हमारे संतानों का अपमान है कि नहीं है, आदिवासियों का अपमान है कि नहीं? वीर-माताओं का अपमान है कि नहीं है? ये देश की सेना का अपमान है कि नहीं? अरे कांग्रेस के चेले चपाटो और उनके साथियो, क्या भाषा बोल रहे हो? अरे मेरा आदिवासी बच्चा जब सीमा पर जाकर खड़ा रहता है वो रोटी खाने के लिए नहीं वो गोली खाने के लिए तैयार रहता है। वो अपने सपने के लिए, वो मेरे देश के सपनों के लिए जिंदगी खपा देता है। क्या ये वीरों का अपमान, मेरे आदिवासी भाइयो-बहनो का अपमान, मेरी वीर माताओं का अपमान क्या ये देश सहन करेगा क्या? करना चाहिए क्या ? उनको सजा देनी चाहिए कि नहीं चाहिए? भाइयो-बहनो, मैं हमारे जनजातीय समाज, आदिवासी समाज का आभारी हूं कि उन्होंने कांग्रेस की सच्चाई को पूरी तरह पहचाना है, और हमेशा हमेशा के लिए कांग्रेस उनके झूठ, उनके प्रपंच उसको नाकार दिया है, और अब आदिवासी समाज कांग्रेस के झूठ को कांग्रस को ही सवाल पूछने लगे हैं। मैं आपको क्योंकि मैं गुजरात से आता हूं वहां बहुत बड़ा आदिवासी समाज है, उनके बीच रहकर के आया हूं। उनकी समस्याओं को जानने वाला इंसान हूं। इतना ही नहीं मेरी एक किताब है आदिवासियों के कल्याण के लिए कौन सा रास्ता हो। बहुत साल पहले लिखी एक किताब है। मेरा क्या कमिटमेंट है तब तो मैं प्रधानमंत्री भी नहीं था। जिस प्रकार से काम करता हूं, मैंने जवानी के कुछ साल सिर्फ आदिवासी इलाके में जनसेवा में एक वॉलिंटियर के रुप में बिताए हैं। इसलिए मैं आदिवासी समाज के सुख-दुख को जानता हूं। मैं आपको इस बात के लिए भी आश्वस्त करता हूं कि जब तक मोदी है जब तक बीजेपी है तब तक जंगल में रहने वालों के अधिकारों को उनकी जमीन को कोई हाथ नहीं लगा सकता। ये झूठ फैलाने वालों को सजा दो। आपके अंदर विभाजन करने का खेल खेलने वालों को जवाब दो। आपको दुविधा में डालने का नाटक ये अटल जी के सरकार के समय भी ऐसे ही चलाया था। यही उनका खेल है। उनको आदिवासियों का कल्याण नहीं करना है। मेरी तो किताब है आप तो पढ़े लिखे हो, एकेडमी में इंटररेस्टेड हो जरूर उस किताब को पढे। कि हमारी भावना क्या है?

साथियो, आपका ये सेवक आदिवासी समाज की पढ़ाई, कमाई, दवाई, सिंचाई और जन, जन की सुनावई के लिए पूरी निष्ठा से काम कर रहा है। पढ़ाई के लिए देशभर में एकलव्य स्कूलों का एक व्यापक नेटवर्क बनाया जा रहा है। आदिवासी क्षेत्रों में विश्वस्तरीय खिलाड़ी तैयार करने का हमने अभियान चलाया है। वन धन केंद्रों के माध्यम से वन उपज में मूल्य वृद्धि करने के लिए हम निरंतर काम कर रहे हैं। जिससे वन उपज की अधिक कीमत मिलनी तय हुई है। यही नहीं आदिवासी कलाकृतियों को दुनिया भर के मार्केट में ऑनलाइन पहुंचाने के लिए भी हमने पूरी तरह सरकार को काम में लगाया है। आदिवासी संस्कृति और परंपरा को तकनीक के माध्यम से संरक्षित किया जा रहा है। इसके अलावा आजादी के लिए शहीद हुए आदिवासी वीर वीरांगनाओं के लिए देशभर में स्मारकों पर कम चल रहा है। जैसा मैंने भीमा नायक की बात बताई, जैसा मैंने गोविंद गुरु की बात बताई, जैसा हम झारखंड में बिरसा मुंडा जी के लिए कर रहे हैं। सारे देश में करने वाले हैं, भाइयो-बहनो, आज मैं उस किसान का भी आभार व्यक्त करता हूं। जिसने निरंतर अपने इस सेवक पर भरोसा रखा है।

बीते पांच वर्ष में बीज से लेकर बाजार तक की एक मजबूत व्यवस्था बनाने के लिए जो कदम उठाए हैं उनको हम और गति देने वाले हैं। 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करना, डबल करने के लिए हम पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। लागत कम हो, मूल्य उचित मिले ये हमारा निरंतर प्रयास रहा है। अन्नदाता अब ऊर्जादाता भी बने इसके लिए हम कदम बढ़ा चुके हैं। भाइयो-बहनो, हमारे देश में किसान छोटी जमीन हो, बड़ी जमीन हो। जहां सिंचाई है, नदी का पानी है, तालाब है। वहां तो दो तीन फसल ले पाता है। लेकिन ज्यादातर किसान मुश्किल से एक फसल ले पाते हैं। हम अब उस जमीन में सोलर पैनल लगाएं, बिजली पैदा करें और राज्य सरकार वो बिजली खरीदे ताकी हमारा किसान 12 महीने कमाई करता रहे, सूरज की शक्ति से कमाता रहे इस दिशा में काम कर रहे हैं। किसानों को बिजली की जरूरत न पड़े, सोलर पंप का खर्चा भी नहीं, सूरज की शक्ति से पंप चले। रात को जागना भी नहीं, दिन में पंप चले, खेत में पानी पहुंचे इस पर हमारी सरकार बहुत तेजी से काम कर रही है। सौर भर्जा के द्वारा, सूर्य शक्ति के द्वारा सिंचाई भी मुफ्त हो, बिजली भी पर्याप्त मिले। और अतिरिक्त बिजली से कमाई हो। ये काम हम कर रहे हैं। साथियो, हम किसानों को सशक्त बनाने में जुटे हैं। इसी सोच के तहत ही किसानों के खाते में सीधे पैसे जमा किए जा रहे हैं। अब तो हमने ये भी तय किया है कि अब देश के हर किसान परिवार के खाते मे ये मदद सीधी भेजी जाएगी। ये झूठ बोलने वालों की जो जमात है उनके पास अपने शासन का हिसाब देने की हिम्मत नहीं है। अपने किए हुए कामों की बात बताने की हिम्मत नहीं है। इसलिए झूठ बोलते हैं, मुझे बताया गया है कि एक झूठ ऐसा चल रहा है कि ये मोदी जो किसानों के खाते में पैसा जमा करता है वो तो चुनाव होने के बाद वापस ले लेगा। ये क्या झूठ बोल रहे हो भाई। मेरे भाइयो-बहनो, ये जो भारत सरकार किसानों के खाते में जो पैसा जमा कर रही है, वो पैसे आपके हैं। आप उसके मालिक हैं, दुनिया की कोई ताकत आपसे वो पैसा वापस नहीं ले सकती है। और ये पैसे एक बार के लिए नहीं है, ये साल में तीन बार मिलेंगे। और हर वर्ष मिलेंगे। कोई इसको बंद नहीं कर पाएगा ये मैं आपको लिखित कर के जाता हूं। साथ ही छोटे किसानों, खेत मजदूरों और छोटे दुकानदारों को ये भी बहुत बड़ा काम 23 तारीख को जब चुनाव नतीजे आएगा। फिर एक बार मोदी सरकार। फिर एक बार मोदी सरकार। 23 तारीख को नतीजे आएंगे फिर एक बार मोदी सरकार बनेगी तो हम आजादी के बाद इतनी सरकारें आईं, हम पहली बार एक बड़ा काम करने वाले हैं। हमारा किसान हो, हमारा मजदूर हो, हमारा खेत मजदूर हो। हमारा ऑटो रिक्शा चलाने वाला हो। हमारा छोट दुकानदार हो। छोटे छोटे ठेले लेकर के अपना माल बेचने वाला दुकानदार हो। कोई कपड़े की फेरी करने वाला हो, कोई बर्तन की फेरी करने वाला हो, कोई अखबार बेचने वाला हो, कोई दूध बेचने वाला हो। ये जितने भी छोटे छोटे लोग हैं, देश में 40 करोड़ लोग ऐसे हैं, भाइयो-बहनो, हमने तय किया है कि 60 साल की उम्र होने के बाद ऐसे लोगों को हर महीने पेंशन कैसे मिले इसकी योजना लेकर के हम आएं हैं। ताकी बुढ़ापे में किसी पर मोहताज न रहना पड़े, वो सम्मान के साथ जी सके, और इसलिए 60 साल के बाद किसान के लिए खेत मजदूर के लिए, छोटे दुकानदार के लिए हर महीने पेंशन 60 साल के बाद मिले। इसकी एक बहुत बढ़िया योजना बनाने के लिए मैंने सरकार में बोल दिया है। और फिर एक बार मोदी सरकार बनेगी ये भी मैं लेकर के आ जाऊंगा। इतना ही नहीं, मंडियों को बिचौलियां मुक्त करने के लिए किसान को उचित दाम दिलाने के लिए इनाम जैसी व्यवस्था पूरे देश में सशक्त की जा रही है। भाइयो-बहनो, देश के किसान को हमारी बात पर आज अगर विश्वास हो रहा है तो सिर्फ इसलिए क्योंकि वो मानता है कि ईमानदारी से काम सिर्फ और सिर्फ भारतीय जनता पार्टी ही कर सकती है। जबकी कांग्रेस और उसके महामिलावटी साथियों पर अविश्वास इसलिए है क्योंकि वो सिर्फ धोखा देना जानते हैं।

यहां विधानसभा का चुनाव अभी डेढ़ सौ दिन पहले ही हुआ है। उसस चुनाव में ये कांग्रेस वालों ने घूम घूम कर, आपको गले गले लगाकर के आपको गिनती सिखाई थी। गिनती सिखाई थी न? वन, टू, थ्री, कहा था न? एक से दस और सिर्फ दस दिन के भीतर ही किसान का कर्ज माफ कर देंगे। ये कहा था कि नहीं था? आपने सुना था ? ऐसे नहीं पूरी ताकत से बताओ ? आपने सुना था ? उनका वादा था कि नहीं था ? दस दिन हो गए कि नहीं हुए? 30 दिन हो गए कि नहीं गए? 50 दिन हो गए कि नहीं हो गए? 100 दिन हो गए कि नहीं हो गए? 150 दिन होने वाले हैं कि नहीं होने वाले हैं? मुझे बताइए कर्ज माफ हुआ क्या ? कर्ज माफ हुआ क्या? ये झूठ बोलते हैं कि नहीं बोलते हैं? ये धोखा देते हैं कि नहीं देते हैं? यहां का किसान परेशान है क्योंकि बैंक नया कर्ज नहीं दे रहा और घर पर पुलिस भेज रहा है। अब एमपी का किसान पूछ रहा है कि हमारी कर्जमाफी का क्या हुआ? जिन्होंने कर्जमाफी नहीं की न उनको कहो माफ करो जाओ अब तुम्हारा काम नहीं, उनको भगाओ। साथियो, बिजली के वादे के साथ तो इन्होंने ऐसा खेल कर दिया कि अच्छे अच्छे चकरा जाए। इनका दिमाग बड़ा गजब का है। बड़ा शैतानी दिमाग है। उन्होंने वादा किया था कि बिजली का बिल हाफ करेंगे। कहा था कि नहीं था? लेकिन ये शैतानी दिमाग देखिए, शैतानी दिमाग कैसे शैतानी काम करवाता है उन्होंने क्या किया, बिल हाफ नहीं किया, बिजली हाफ कर दी। वादा किया था कर्जमाफी न होने पर मुख्यमंत्री को बदलने का लेकिन एमपी में मुख्यमंत्री तो नहीं बदला, आज एमपी में ढाई मुख्यमंत्री बैठा दिए हैं। और इसलिए अफसरों को भी मजा है वो उसको पूछने जाता है, वो उसको पूछना जाता है। वो पहले वाले के पास भेजता है। सब चक्कर काट रहे हैं कोई काम नहीं हो रहा है। ढाई मुख्यमंत्री बैठे हैं भाई, डेढ़ होते हैं तो कितनी परेशानी होती है, ये ढाई होने पर तो क्या क्या होता है भइया। साथियो ढाई सीएम की सरकार के कारनामे तो आप देख ही रहे हैं, यहां ट्रांसफर कर कर्मचारियों को परेशान करने का उद्योग ट्रांसफर उद्योग ये गोरखधंधे का नया खेल हैं। बराबर फल फूल रहा है। अपराधी और डकैत सिर उठा रहे हैं। दलित और आदिवासी छात्र छात्राएं आवास भत्ते के लिए तरस रहे हैं। दिल्ली से आपके इस सेवक ने आदिवासी बच्चों, प्रसूता बहनों को कुपोषण से भूख से बचाने के लिए जो पैसा भेजा वो भी उन्होंने चुनाव प्रचार में लगा दिया।

साथियो, तुगलक रोड चुनाव घोटाला पूरे देश ने देखा है। कांग्रेस के नेताओं के घर से करोड़ों रुपये बोरे में भर भर के मिले हैं। आपने टीवी पर देखा कि नहीं देखा? सरकार को अभी तो 60 दिन नहीं हुए थे और खेल चालू कर दिया। 15 साल का पुराना भी लाओ, कुछ बचेगा क्या आपके पास? कुछ बचेगा क्या ? ये मध्य प्रदेश बचेगा क्या ? भाइयो-बहनो, एक उंगली दबाने की गलती ने पूरे मध्य प्रदेश को तबाह कर दिया है। ऐसी नीयत रखने वालों पर भला देश कैसे विश्वास कर सकता है। यही कारण है कि कांग्रेस और उसके तमाम महामिलावटी दलों को देश हर स्तर पर नाकारता जा रहा है। साथियो, आज मैं उन बेटियों, बहनों, माताओं का भी बहुत-बहुत आभारी हूं, जिन्होंने आगे आकर अपने इस सेवक को भाजपा को आशीर्वाद दिया है। मैं हर बहन बेटी को ये आश्वासन करता हूं आश्वास्त करता हूं कि बीते पांच वर्ष में महिला सशक्तिकरण की जो यात्रा देश ने शुरू की है। उसको आने वाले पांच वर्षों में और मजबूत किया जाएगा। भाइयो-बहनो, बीते पांच वर्ष में स्कूल-स्कूल में घर –घर में हमने बहन बेटियों के लिए शौचालय बनाया। गांव गांव गरीब के घर, घर तक बिजली ये करने का हमने बीड़ा उठाया। गरीब से गरीब के घर में मुफ्त गैस का कनेक्शन दिया। अब आने वाले पांच वर्षों में हम पानी की समस्या पर पूरी तरह समर्पित भाव से काम करने वाले हैं। भाइयो-बहनो, हमारे देश में एक बहुत बड़े चिंतक राजनेता हो गए राम मनोहर लोहिया जी। आज ये समाजवाद के नाम धन के अंबारों पर जितने नेता बैठे हैं न लाल टोपी पहनकर के निकल जाते हैं। समाजवाद के नारे देते हैं, राम मनोहर लोहिया जी ने 50 साल पहले कहा था कि हमारे देश की महिलाओं की दो समस्याएं मुख्य है। एक पानी की और दूसरी पैखाने की। हमारे देश के महिलाओं की दो मुसीबत सबसे पहले दूर कर लीजिए। 50 साल पहले समाजवादी डॉक्टर राम मनोहर लोहिया जी ने कहा था। नेहरू के सामने खड़े होकर के बोलते थे, बार बार बोलते थे।

भाइयो-बहनो, इन लोगों ने नहीं सुनी, ये मोदी है मैंने पिछले पांच साल लोहिया जी का वो सपना पूरा करने के लिए पैखाने की चिंता की शौचालय बनाने का अभियान चलाया। माताओं-बहनों को इज्जत देने में खप गया। आने वाले पांच वर्ष मेरी माताएं–बहनें मैं आपके लिए मेरे किसान भाई-बहन मैं आपके लिए, मेरी पूरी ताकत पानी के लिए लगाने वाला हूं। घर-घर पीने का शुद्ध पानी मिले, किसान को सिंचाई के लिए पानी मिले। मेरे देश की बहुत सी समस्याओं का समाधान पानी से करने का मेरा इरादा है। मेरी जिन बहनों को पानी की तलाश के लिए दूर –दूर तक भटकना पड़ता है। उनके जीवन को हम आसान बनाने वाले हैं। साथियो, मैं हर उस सामान्य परिवार का आज आभार व्यक्त करता हूं जो चट्टान की तरह मेरे साथ खड़ा रहा है। बीते पांच वर्ष में हमने गरीबों के लिए डेढ़ करोड़ पक्के घर बनाए। ये कांग्रेस के मुकाबले 6 गुना ज्यादा है। हम 2022 तक हर गरीब को घर देने के लिए प्रतिबद्ध है। इस देश का कोई गरीब ऐसा नहीं होगा जिसको पक्का घर नहीं होगा। ये मोदी का वादा है। मैं फिर आपको कहूंगा कि जिस पक्के घर का सपना आपने देखा है, वो सपना सिर्फ आपका नहीं है। मेरे हर गरीब भाई-बहन, हर बेघर भाई-बहन जो सपना आपका है। आज लिख लीजिए आपका सपना मेरा सपना भी है। और आपका सपना है तो मेरा सपना संकल्प से भरा हुआ है। मैं संकल्प लेकर के इस सपनों को साकार करना चाहता हूं। भाइयो-बहनो, आज आयुष्मान भारत योजना देश को गरीब को ये विश्वास दिया है कि अब पैसों की कमी बेहतर स्वास्थ्य के आड़े नहीं आएगी। पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज आज अनेक परिवारों को बीमारी के साथ साथ भीषण गरीबी में जाने से भी बचा रहा है।भाइयो-बहनो, मैंने चुनाव प्रचार की शुरुआत ये कहकर की थी कि बीते पांच वर्ष मूल आवश्यकताओं की पूर्ति के थे और आने वाले पांच वर्ष आशाओं और आकाक्षाओं की पूर्ति के होंगे। हमारी सोच और विजन स्पष्ट है। दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी वाला देश छोटे सपने नहीं देख सकता। सपने, आकाक्षाएं और लक्ष्य तो ऊंचे ही होने चाहिए। मेरा पूरा विश्वास है कि हम बड़े लक्ष्य की तरफ ईमानदारी से प्रयास करेंगे तो उसे प्राप्त भी करेंगे। साथियो, एक ऐसी सामाजिक व्यवस्था हम बनाएंगे जहां कोई भी छूटा हुआ महसूस न करे। हर व्यक्ति विकास से जुड़ाव महसूस करे। देश के हर व्यक्ति के पास बैंक अकाउंट हो, गांव गांव गरीब से गरीब की भी बैंक तक पहचान हो। डिजिटल लेन-देन सामान्य जीवन का हिस्सा बने। गांव-गांव में तेज इंटरनेट की पहुंच हो। ऐसे नए भारत के निर्माण के लिए हम निकले हैं।

भाइयो-बहनो, सारे संकल्प तभी सिद्ध हो पाएंगे जब पूरी निष्ठा से हम सभी नए भारत की यात्रा में जुड़ेंगे। मेरी खरगोन और धार के सभी मतदाताओं से अपील है कि 19 मई को भारी संख्या में मतदान केंद्र पर पहुंचे। कमल निशान पर बटन दबाएं। मजबूत भारत के लिए एक मजबूत सरकार के लिए अपना भरपूर समर्थन दें, और भाइयो-बहनो, जब आप पोलिंग बूथ में जाएंगे कमल के निशान पर बटन दबाएंगे। जब आपकी उंगली कमल के निशान पर बटन दबाएगी आपको तो पांच सेकेंड लगेगा। लेकिन मैं पांच साल के लिए आपको लिए खपा दूंगा। आपकी पांच सेकेंड मेरे पांच साल की मालिक बन जाएगी। आप मेरे मालिक हैं, आप ही मेरा हाई कमांड है। आप जब कमल के निशान पर बटन दबाएंगे तब वो सिर्फ आप उंगली नहीं दबा रहे हैं। आप आतंकियों के सीने में गोली मारने वाला ट्रिगर दबा रहे हैं। आप जब कमल के निशान पर बटन दबाते हैं तब दुनिया में तिरंगा झंडा ऊंचा दिखे ये काम कर रहे हैं। आप जब कमल के निशान पर बटन दबाते हैं तब देश की माताओं-बहनों की सुरक्षा के लिए बटन दबाते हैं। आप कमल निशान पर बटन दबाते हैं तब देश के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की गारंटी तय करते हैं। भाइयो-बहनो, आप कमल के निशान पर बटन दबाते हो तब हमारे देश के किसान सच्चे अर्थ में भारत के भाग्य विधाता बने इसलिए कमल के निशान पर बटन दबाते हो। और इसलिए मैं कहता हूं आपकी पांच सेकेंड मेरी पांच साल। आपकी पांच सेकेंड मेरी पांच साल। आप मुझे पांच सेकेंड कमल के निशान पर बटन दबाइए, ये पांच साल आपको समर्पित करने के लिए आया हूं।

भाइयो-बहनो, आज मैं भीमा नायक की धरती पर हूं, मैंने मेरठ से देश का धन्यवाद करने के लिए ये यात्रा शुरू की थी। आजा भीमा नायक की इस धरती से मैं देश को धन्यवाद करने की मेरी यात्रा का मैं आज समापन कर रहा हूं। मैं पांच साल आपने जो सहयोग दिया, मैं भीमा नायक की धरती से शहीद वीर की धरती से समग्र देश को कह रहा हूं, देश के सभी मतदाताओं को कह रहा हूं। जिनका मतदान हो चुका है। उनको भी कह रहा हूं। 19 तारीख को जिनका मतदान होने वाला है उनको भी कह रहा हूं कि पांच साल आपने जो मुझे प्यार दिया, जो आशीर्वाद दिया, जो मेरा समर्थन किया। हर समय आप मेरे साथ चले, मेरा हौसला बुलंद किया, इसके लिए सर झुका कर के देशवासियों का आपका नमन करता हूं, धन्यवाद करता हूं और आने वाले पांच साल के लिए मेरे देशवासियों जिन्होंने आशीर्वाद दिया है, और जो 19 को आशीर्वाद देने वाले हैं। उन सबका, उन सबका मैं विश्वास दिलाता हूं कि आपके सपने को पूरा करने के लिए आपके पांच सेकेंड को मेरे पांच साल से मैं पूरी तरह चुकाउंगा। ये मैं विश्वास दिलाता हूं। भाइयो-बहनो, मैं फिर एक बार इस 2019 के चुनाव के आखिरी पड़ाव पर, आखिरी सभा में देशवासियों का अंतःकरण पूर्वक आभार मानता हूं। और आपने मुझे दोबारा जिम्मेदारी देने का जो फैसला कर लिया है, इसके लिए भी मैं आपका आभार व्यक्त करता हूं। और कमल के निशान पर जब आप बटन दबाएंगे आपका वोट सीधा सीधा मोदी के खाते में जाएगा।
मेरे साथ बोलिए, भारता माता की जय

दोनों मुट्ठी ऊपर कीजिए, बराबर मुट्ठी भींच करके पूरी ताकत से लगना चाहिए कि भीमा नायक की धरती है। ये वीर पूत्रों की धरती है, ये वीर माताओँ की धरती है।
भारत माता की जय, भारत माता की जय, भारत माता की जय
बहुत बहुत धन्यवाद, देशवासियों को प्रणाम