For the last four years, efforts are being made to develop Kashi in accordance with the requirements of the 21st century: PM
New Banaras - a blend of spirituality and modernity - is being developed, for a New India: PM Modi
Kashi is emerging as an important international tourist destination, says PM Modi
Work is in full swing for an Integrated Command and Control Centre, that would make Varanasi a Smart City: PM
Smart City Initiative is not just a mission to improve infrastructure in cities, but also a mission to give India a new identity: PM Modi

पंतप्रधान नरेंद्र मोदी यांनी आज वाराणसीतील एकूण ९०० कोटी रुपये लागत मूल्य असलेल्या विविध प्रकल्पचे उदघाटन करून कोनशिला ठेवली. यामध्ये वाराणसी सिटी गॅस वितरण प्रकल्प, वाराणसी-बलिया एमईएमयू रेल्वे अशा दोन प्रकल्पांचा समावेश असून या प्रकल्पांचे उदघाटन ही पंतप्रधानांच्या हस्ते करण्यात आले. तर पंचक्रोशी परिक्रमा मार्ग, स्मार्ट सिटी मिशन अंतर्गत विविध प्रकल्प आणि नमामीगंगे या अंतर्गत अनेक प्रकल्पांची पायाभरणी पंतप्रधानांनी केली. पंतप्रधानांनी वाराणसीमधील आंतरराष्ट्रीय परिषद केंद्राची कोनशीलाही ठेवली.

एका सार्वजनिक सभेला संबोधित करताना पंतप्रधानांनी युवा खेळाडू हिमा दास हिचे20 वर्षांखालील विश्व ऍथलेटिक्स स्पर्धेत 400 मीटरच्या उपांत्यपूर्व फेरीत सुवर्ण पदक जिंकल्या बद्दल अभिनंदन केले.

पंतप्रधानांनी सांगितले की, गेल्या चार वर्षांपासून 21 व्या शतकाच्या आवश्यकतेनुसार काशी शहर विकसित करण्यासाठी प्रयत्न सुरू असून नूतन भारतासाठी नवी बानारस – आध्यात्मिकता आणि आधुनिकतेचा मिलाफ – अतिशय सुंदर रित्या विकसित होत आहे.

ते म्हणाले की, नवीन बनारसची आजची झलक सर्वत्र पसरलेली आहे. गेल्या चार वर्षात वाराणसीत मोठ्या प्रमाणात गुंतवणूक करण्यात आली असून सुमारे 1000 कोटी रुपयांचे प्रकल्प उदघाटीत करण्यात आले आहेत, ज्याची कोनशिला आजच ठेवण्यात आली, जो कि या प्रकल्पाचा एक कार्य भाग आहे. असेही पंतप्रधानांनी सांगितले.

पंतप्रधानांनी ट्रान्सफॉर्नेशनच्या वाहतूकीच्या विस्तारा बाबतचा दृष्टिकोन सांगितला तसेच आजमगढ येथील पूर्वांचल एक्स्प्रेस वे ची पायाभरणी हि सुद्धा या कार्याचा एक भाग असल्याचे पंतप्रधानांनी सांगितले.

पंतप्रधानांनी सांगितले की वाराणसी हे वैद्यकीय शास्त्रातील उभरते केंद्र म्हणून उदयास येत असून, बीएचयू हि संस्था एम्ससह कार्य करेल जी जागतिक दर्जाची आरोग्य संस्था म्हणून विकसित होईल.

पंतप्रधानांनी वाराणसी आणि आजूबाजूच्या प्रदेशांना जोडण्यासाठी घेतलेल्या पुढाकाराविषयी प्रशंसा केली. ते म्हणाले की, काशी हे एक महत्त्वाचे आंतरराष्ट्रीय पर्यटनस्थळ म्हणून उदयास येत आहे. या संदर्भात त्यांनी आज इंटरनॅशनल कन्व्हेन्शन सेंटर च्या पायाभरणी समारंभाचा उल्लेख केला. वाराणसीच्या लोकांना भेटल्या बद्दल जपानचे पंतप्रधान शिंझो आबे यांचे आभारपंतप्रधानांनी मानले. त्यांनी भारत सरकार आणि उत्तर प्रदेश राज्य सरकारने एकत्रितरित्या पर्यटन क्षेत्र आणि पर्यटकांसाठी घेतलेल्या पुढाकाराची तसेच स्वच्छ भारत अभियानांतर्गत केलेल्या कामाची प्रशंसा केली.

पंतप्रधानांनी चार वर्षांपूर्वी असलेली वाराणसीमधील रस्त्यांची दुर्गती आणि इतर पायाभूत सुविधांची खराब स्थिती नमूद केली. ते म्हणाले की शहराचा कचरा गंगा नदी मध्ये न बघता टाकण्यात येत होता. परंतु आज गंगोत्री ते महासागरापर्यंत गंगा स्वच्छ करण्यासाठी प्रयत्न सुरू करण्यात आले आहेत.

 

त्यांनी सांडपाणी कायम उपचारासाठी विविध प्रकल्पांची चर्चा केली. ते म्हणाले की, या सर्व प्रयत्नांचे फळ भविष्यात मिळतील. एकात्मिक व्यवस्थापन आणि नियंत्रणासाठी हे काम झपाट्याने करण्यात येत असल्याचे सांगितले. त्यामुळे वाराणसीला एक स्मार्ट सिटी बनवता येईल. ‘स्मार्ट सिटी इनिशिएटिव्ह’ केवळ शहरातील पायाभूत सुविधा सुधारण्यासाठीच नव्हे तर भारताला एक नवीन ओळख देण्याचे हे एक ध्येय आहे. असे ते म्हणाले. त्यांनी आपल्या औद्योगिक धोरण आणि गुंतवणूक वातावरणासाठी राज्य सरकारची प्रशंसा केली, त्याचे परिणाम स्पष्ट होऊ लागल्याचे त्यांनी सांगितले. नोएडामध्ये अलीकडेच सॅमसंगच्या मोबाईल मॅन्युफॅक्चरिंग युनिटचा शुभारंभ झाल्याचा त्यांनी उल्लेख केला. त्यांनी सांगितले की, मोबाईल उत्पादक कंपन्या लाखो रोजगार निर्मिती करीत आहेत.

शहर वायू वितरण प्रकल्पा संबंधी बोलतांना, पंतप्रधान म्हणाले की, वाराणसीमधील ८००० घरांना या आधिच गॅस पाईप जोडणी मिळाली असून, त्यांनी शहरातील सार्वजनिक वाहतुकीसाठी इंधन म्हणून सीएनजीचा वापर देखील केला आहे असेही त्यांनी सांगितले.

वाराणसी शहराने जपानी पंतप्रधान शिंजो आबे आणि फ्रेंच राष्ट्राध्यक्ष इमॅन्युएल मॅक्रॉन यांचे स्वागत अतिशय उत्साहात केल्याची पंतप्रधानांनी आठवण करून दिली. वाराणसी मध्ये प्रवासी भारतीय दिनानिमित्त जानेवारी २०१९ मध्ये एका विशेष कार्यक्रमाचे आयोजन करण्यात येणार असल्याचे पंतप्रधानांनी सांगितले.

 

 

 
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You have not just increased the number of medals, you have prepared an entire generation: PM Modi to CWG Champions
August 10, 2026

प्रधानमंत्री – मेरे यहां, मुझे यहां लगभग 12-13 साल हो गए इसी मकान में, अगर मैंने regularly और हर बार किसी को रिसिव किया है, किसी को मैं मिला हूं, तो खिलाड़ी हैं। पिछले 10-12 साल हो गए, आप लोगों के पुरुषार्थ के कारण, भारत को लगातार विजय दिलाने के आपके प्रयासों के कारण और उत्तरोत्तर सफलता में नई ऊंचाईयां पार करने की परंपरा के कारण, जो काम शायद हम स्कूलों में जाकर कहें कि नहीं नहीं भई खेलना चाहिए, ये करना चाहिए, वो काम स्कूलों में जाकर के हम कर सकते थे, उससे ज्यादा आपका मेडल उनको inspire करता है।

प्रधानमंत्री – तुमने मुझे वादा किया था पिछली बार कि तुम्हारी दोनों बेटियां खिलाड़ी बन जाएंगी?

खिलाड़ी - हाँ जी अभी वे उमर की छोटी हैं, अगले कॉमनवेल्थ में एक घर में तीन मेडल लाकर दिखाएंगी।

प्रधानमंत्री – पक्का।

खिलाड़ी – हाँ जी।

खिलाड़ी – जब मैं दौड़ रहा था, जब मेरा इवेंट था 29 को, तो उस दिन गुरुपूर्णिमा थी, तो उस दिन मेरे गुरू को मैंने एक गिफ्ट दे दिया।

प्रधानमंत्री – बड़ी शान बढ़ाई आपने। इतनी आंसू टपक रहे थे, मुझे लगता है कि आंसू के हर बूंद से जैसे गोल्ड मेडल टपक रहा है।

खिलाड़ी – मैं बहुत ज्यादा खुशी थी, इमोशनल भी थे उसी दिन, खुशी ज्यादा था और मैं इसलिए रोई थी कि मेरा पेरिस आलंपिक में मेरा 1 Kg में मेडल रह गई थी और एक प्लेयर्स की लाइफ में क्या क्या हमको फेस करना पड़ता है। तो ये 4 साल के अंदर में कितना क्या क्या कुछ मैंने फेस किया था, हर टाइम injury ही चल रहे थे और family problem, वो सब हो रहा था। तो बहुत मुश्किल से मैं ये 4 साल फेस किया था। तो वो सब जब पोडियम में जब मैं खड़ी थी सर और हमारी जो फ्लैग ऊपर जाते हैं और हमारे नेशनल एंथम जब बजते हैं तो सर हम रुक नहीं सकते सर, अपना आप आंसू निकलते हैं।

प्रधानमंत्री – बहुत बहुत बढ़िया

प्रधानमंत्री – आपके इस अचीवमेंट को सिर्फ आपका अचीवमेंट मानता हूं, ऐसा नहीं है, ये आपका विजय आने वाली पीढ़ियों के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा बन जाता है।

खिलाड़ी – सब डर रहे थे हमसे कि इंडिया के साथ फाइट आ गई, अब तो हम पहली फाइट ही हार जायेंगे, हमारा मेडल भी नहीं आयेगा।

प्रधानमंत्री – यानी मान के चलते हैं।

खिलाड़ी – हाँ सर।

प्रधानमंत्री – क्या हुआ, वो restaurant वालों से झगड़ा कर रही थी?

खिलाड़ी – हम लोगों का जो इतना अच्छा परफॉर्मेंस था, लास्ट डे था और सब जीत के गए थे और पूरा इंडिया के लोग थे। तो थोड़ा सा मुझे बुरा लग रहा। तो मैंने उनको अच्छे से बोला रिक्वेस्ट किया था सर, फिर उन्होंने मान भी लिया, अभी चेंज भी हो गया सर।

प्रधानमंत्री – इस विजय की परिस्थिति खुशी, आनंद, अपने साथियों के साथ और गेम पूरे हो चुके हैं। तो हसी मजाक मस्ती का मूड ऐसे समय उस मैप पर नजर जाना और उसको रजिस्टर करना और तुरंत सिर्फ मेडल लेते समय देश खड़ा हो जाता है ऐसा नहीं, भीतर से देश का भाव मैं सच बताता हूँ ये वीडियो सामान्य नहीं है आपका, लंबे समय तक लोगों को याद रहेगा। ये बॉक्सिंग वालों से भी दुनिया के खिलाड़ी अब डरने लगे हैं।

खिलाड़ी – जरूर सर, पुरे सभी डरे हुए थे। एक के बाद एक गोल्ड मेडल गोल्ड मेडल आ रहे थे और मतलब पूरा लास्ट में ऐसे धमाका जैसा हो गया बिल्कुल। जिस तरीके से हम लोगों को सपोर्ट मिल रहा है, हमें बैक टू बैक कंपटीशन मिल रहा है वो एक बहुत बड़ी बात है और हमारे जितने भी यंग एथलीट है वो लोग सभी जैसे खेलो इंडिया स्कीम से आए हुए हैं और ये एक बहुत बड़ा changes ला रहा है पूरे स्पोर्ट्स में ही।

प्रधानमंत्री – अगर आप लोग खेलो इंडिया की प्रतिष्ठा बढ़ाते हैं और प्रतिष्ठा सिर्फ वहां जाकर के रिबिन काटने से नहीं होगी। आप वैसे ही खेलेंगे जैसे एक छोटा विद्यार्थी, एक छोटा नौजवान, छोटा खिलाड़ी खेलता है। यह बहुत बड़ा कंट्रीब्यूशन करेगा। क्योंकि अभी तो हमें बहुत आगे जाना है, बहुत मेडल लाना है। कारगिल विजय दिवस पर किसकी विजय हुई थी?

खिलाड़ी – उस दिन कारगिल डे था वैसे और जिस दिन मैंने पाकिस्तान के साथ फाइट किया था सर, वो उसी दिन का था। तो मैं एक इंडियन आर्मी से हूं, तो मैंने उस दिन मैं पहले से बहुत वो था कि सर पाकिस्तान को हराना है। तो मैंने वो पाकिस्तान एक तरफ मैंने 5-0 से हराया, तो मैंने हमारा इंडियन आर्मी का कारगिल हीरोज़ को मैंने डेडिकेट किया किया था सर।

प्रधानमंत्री – आपको यह याद रहना और आप स्वयं फौज से हैं तो, मैं जरूर मानता हूं कि देश के वीर जवानों को आपने जो भाव प्रकट किया ना कि, मैं कारगिल के विजेताओं को मेरा मेडल समर्पित करता हूं। उसने उस विजय पर चार चांद लगा दिए और जिसको पराजित करना था उसी को किया आपने।

खिलाड़ी – वो पाकिस्तान की बात चल रही है, मुझे किस्सा याद आ गया सर। 2015 वर्ल्ड मिलिट्री गेम थे और मेरी पाकिस्तान के साथ पहली फाइट आ गई थी और वर्ल्ड मिलिट्री गेम थे तो मिलिट्री वाले के फोन आए कि भई पाकिस्तान से नहीं हारना है। तो फिर मैं फर्स्ट राउंड 4-1 से जीत गया। सेकंड राउंड 3-2 से जीत गया, पर दोनों के सर लग गए आपस में, तो दोनों के लग गए कट और फाइट तो मैं जीत गया।

प्रधानमंत्री – हाँ

खिलाड़ी – उसके बाद फिर दोनों चले गए हॉस्पिटल में टांके लगवाने के लिए। फिर 2014 में आप फर्स्ट टाइम प्रधानमंत्री जी बने थे और जो हमारे साथ आर्मी का कोच गया हुआ था उसका नाम नरेंद्र राणा था और फिर वो कई देर तक सोच के मेरे को बोला कि भाईजान एक बात बोलूं, मैं हां बोलो, बोला भाईजान आपका नाम नरेंद्र है। आपके कोच का नाम नरेंद्र है, आपके प्रधानमंत्री का नाम नरेंद्र है, तो मुझे नरेंद्र नाम से नफरत हो गई है।

प्रधानमंत्री – सिर्फ आपने मेडल की संख्या बढ़ाई ऐसा नहीं है। आपने एक पीढ़ी को तैयार किया।

खिलाड़ी – मेरे मन में भी धक-धक धक-धक हो रहा है सर।

प्रधानमंत्री – आप चिंता मत कीजिए।

खिलाड़ी – पर..

प्रधानमंत्री – आप चाहें तो आपको बोलने में भी मेडल मिलने वाला है।

खिलाड़ी – मेरे फ्रेंड सर्कल में किसी ने बोला था कि मैं उनको कुछ बोलती थी भई तुम्हारे अच्छे के लिए तुम करो। तो अक्सर मुझे वो बोलते थे कि तू के मोदी ते मिल रही है?

प्रधानमंत्री – हाँ

खिलाड़ी – हरियाणवी में बोल देते हैं सर कि क्या तू मोदी से मिली हुई है, कि तेरी बात माने। तो आज मैं आपसे मिली हूं सर। मैं उनको बोल पाऊंगी कि हां मैं मोदी जी से मिली हूं।

खिलाड़ी – कॉमनवेंल्थ गेम्स में मैंने सिल्वर मेडल जीता, फिर मैंने क्रेडिट साहब को दिया, सपना तो था एक बार मेडल जीत के लेके आने के लिए, बट ट्रेनिंग का सेंटर नहीं था, मैंने SAI आने के बाद मैं बहुत ट्रेनिंग करके मेडल जीत पा रहा, इसलिए बहुत खुशी से मैंने सर को क्रेडिट दिया था क्योंकि बहुत इंप्रूव हुआ।

प्रधानमंत्री – मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान का विषय है, मेहनत आपने की और मुझे याद किया, मैं आपका बहुत आभारी हूं दोस्त।

प्रधानमंत्री – वाराणसी में खेल तुम प्रैक्टिस कर रही थी ना?

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – कैसा बना है स्टेडियम?

खिलाड़ी – सर अच्छा बना है, वहां पर मैं 10-12 दिन के लिए ट्रेनिंग करने गई थी, क्योंकि मैं मंदिर गई थी तो वहां पर ही ट्रेनिंग करके आई थी। और मैं वहां पे मतलब सेटल भी होना चाहती हूं क्योंकि मुझे काशी विश्वनाथ बहुत अच्छा लगता है सर।

प्रधानमंत्री – भोपाल में ट्रेनिंग कर रही थी ना?

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – तो उज्जैन जाते थे कि नहीं?

खिलाड़ी – जी सर उज्जैन भी गई थी सर।

प्रधानमंत्री – अच्छा महाकाल के पास भी गई।

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – काशी विश्वनाथ के पास हो आई एक बार।

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – सावन महीना तो अभी है।

खिलाड़ी – वहां घर जाके फिर उसके बाद जाऊंगी सर।

प्रधानमंत्री – ठीक है।

खिलाड़ी – साई ने भी सर बहुत सपोर्ट किया है मुझे। इसके कारण ही मैं यहां तक पहुंची हूं सर। और मैं खेलो इंडिया स्कीम में भी थी 2018 में जो फर्स्ट खेलो इंडिया हुआ था, उसमें मेरा सिल्वर मेडल था, वहां पे भी मैंने आपको देखा था ओपनिंग सेरेमनी में, तो उसमें मेरा मेडल था, तो मेरे को स्कीम भी मिल गया और मैं यहां तक पहुंची हूं सर।

प्रधानमंत्री – स्पोर्ट्स व्यवस्था एक बात है, लेकिन देश मेडल तब प्राप्त करता है जब देश में स्पोर्ट्स कल्चर बनता है। दोस्तों आपने बहुत बड़ा काम किया है। देश का नाम रोशन किया है। आपको मैं बहुत बधाई देता हूं और आप विश्वास कीजिए आगे भी आप विजयी होंगे और फिर से एक बार यहीं पर हम मिलेंगे। बहुत-बहुत धन्यवाद। बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

प्रधानमंत्री – ये लगातार तीसरी बार देश को मेडल दिलवाया है।

खिलाड़ी – थैंक यू सर।

प्रधानमंत्री – बहुत आशीर्वाद बेटा।

खिलाड़ी – और थैंक यू सो मच मैं सर के हाथ से लड्डू खा रही मेरा कल बर्थडे था तो आज सर के हाथ से…

प्रधानमंत्री – बहुत बधाई वाह।

प्रधानमंत्री – मुस्कुराओ यार ।

प्रधानमंत्री – जो खेलेगा वो खिलेगा।