भारत के प्रधानमंत्री के रूप में जाफना में पहली बार आना, मैं आज यहां कोई भी कार्यक्रम न करता सिर्फ इस धरती को नमन कर देता, तो भी पूरे श्रीलंका में और पूरे विश्व में एक बहुत बड़ी घटना के रूप में माना जाता।
जाफना अपनी एक नई पहचान बना रहा है। पूरे विश्व को जाफना से प्रेम के संदेश की एक नई खुशबू, पूरे विश्व को अनुभव हो रही है। और ये मेरा सौभाग्य है कि शांति, भाईचारा, सद्भभावना की इस खुशबू भरी हवा में मुझे भी सांस लेने का अवसर मिला है।
मुख्यमंत्री श्रीमान विगनेश्वर जी ने गुजरात को लेकर के काफी तारीफ की। भारत में इन दिनों जो Co-operative Federalism पर बल देकर के आगे बढ़ रहे हैं, उसकी सराहना की और भारत से उनकी क्या-क्या अपेक्षाएं हैं? उसका भी जिक्र किया।
श्रीलंका और भारत के संबंध विशिष्ट प्रकार के हैं। हम सिर्फ पड़ोसी हैं, ऐसा नहीं है। हम सांस्क़ृतिक रूप से एक-दूसरे से जुड़े हुए लोग हैं। जाफना के जीवन में बहुत उतार-चढ़ाव आए हैं। बहुत कठिनाइयों का सामना यहां के लोगों ने किया है। यहां कि विश्व प्रसिद्ध Library, जिसके पास करीब-करीब एक लाख उत्तम प्रकार के ग्रंथ, Manuscripts यानि एक प्रकार से मानव जाति का अमूल्य खजाना जाफना के पास था। लेकिन वो सारा जल गया, खाक में मिल गया। आज फिर से एक बार काफी ग्रंथों को फिर से इकट्ठा कर लिया गया है, Library को फिर से एक बार जीवंत किया गया है। Road बने, रेल बने, Port बने, Airport बने - ये सारी चीजें इंसान को जोड़ने के काम आती हैं। लेकिन library जब बनती हैं, किताब जहां होती हैं, वहां सदियों को जोड़ने का काम होता है। ये सदियों को जोड़ने का काम फिर से एक बार हुआ है और इसके लिए मैं जाफना के सभी महानुभाव को हृदय से अभिनंदन करता हूं।
आज मुझे खुशी है कि एक Cultural centre के शिलान्यास के लिए मुझे यहां आने का सौभाग्य मिला है। इस Cultural centre को बनाने में एक स्पर्धा की गई, Architecture के संबंध में। और स्पर्धा कर-करके तय हुआ, कौन-सा design हो? और ये भी देखा गया कि जाफना की परंपराओं का उसमें अभिव्यक्ति हो। और ये जो, अभी उसका विडियो दिखाया गया, walkthrough दिखाया गया। उससे साफ नजर आता है कि पुराने और नए का कितना अद्भभुत संगम किया गया है। भारत के लिए गर्व की बात है कि जाफना में एक Unique प्रकार का और World Level का Cultural centre बनाने का हमें अवसर मिला है।
मैं जाफनावासियों को, श्रीलंकावासियों को विश्वास दिलाता हूं कि भारत सरकार ने ये जो काम हाथ में लिया है, हम समय पर पूरा करेंगे और कल्पना से भी अच्छा करेंगे और मेरे लिए खुशी की बात है कि पहले Cultural Programme के लिए मुझे निमंत्रण भी मिल गया और इसका मतलब ये है कि Commitment कितना स्पष्ट है। Commitment में कितना Commitment है, ये नजर आता है।
आज एक प्रकार से मेरी ये यात्रा त्रिवेणी संगम है। आज यहां आने से पहले तलाइमनार में रेलवे का उद्घाटन करके मैं आया। मन को इतना आनंद होता था उस दृश्य को देखकर के कि समुद्र के छोर तक रेल की पटरी है और उधर रामेश्वरम है। ये Project अपने आप में किसी भी भारत के नागरिक को, जिसने इस काम को किया है, गर्व दिलाता है, आनंद देता है। तलाइमनार में आज जो Railway project का लोकार्पण हुआ है, मुझे विश्वास है इस पूरे क्षेत्र के विकास को एक नई गति देगा।
मेरे लिए आज दूसरी खुशी की बात है कि जाफना के Housing Project का भी आज हम लोकार्पण कर रहे हैं। और उन संकटों के काल में जिन परिवारों ने सहन किया है। आज उनको जब अपना घर मिले, अपना एक बसेरा मिले तो उसके आशीर्वाद की ताकत बहुत बड़ी होती है और एक प्रकार से हमारे यहां तो कहा गया है, सेवा परमोधर्मः ये Housing Project एक प्रकार से एक उत्तम से उत्तम धर्म कार्य है जो कि सेवा के रूप में हमें करने को मिला है। और ये तीसरा प्रकल्प में आज जो कर रहा हूं - वो एक Central Cultural Centre का शिलान्यास करने का अवसर मुझे मिला है। और इस प्रकार से आज ये मेरी यात्रा त्रिवेणी बन गई है।
मैंने कल संसद में, मुझे वहां निमंत्रित किया गया। संसद में मुझे संबोधित करने का अवसर मिला और वहां मैंने अपने मन की बातें बताई हैं, जो आज अखबारों में काफी मात्रा में छपी हैं। श्रीलंका को भी प्रगति करनी है। एकता और अखंडता से प्रगति होगी। एकता से साथ समरसता भी चाहिए और कोई भी भू-भाग हो, कोई भी नागरिक हो हर एक को समान अवसर मिलेगा और सबको आगे बढ़ने की संभावनाएं पैदा होंगी। ये शुभकामनाएं भारत की तरफ से हर श्रीलंकावासी को, हर नागरिक को रहेंगी।
मैं अपने राजनीतिक जीवन के अनुभव से कहता हूं। शांति, एकता, सद्भभावना - ये प्रगति के मूल मंत्र हैं, विकास के मूल मंत्र हैं। और मैं भी आपको विकास की नई ऊंचाइयों पर देखना चाहता हूं, इसी धरातल पर देखना चाहता हूं।
आपने मेरा स्वागत किया, सम्मान किया। मैं आपका बहुत आभारी हूं और मैं आपको विश्वास दिलाता हूं - श्रीलंका की प्रगति और विकास के लिए भारत से जो भी बन सकेगा। कभी भारत पीछे नहीं रहेगा। ये दोस्ती सदियों पुरानी है और सदियों तक चलने वाली दोस्ती है। इसको हम निभाते रहेंगे।
मैं फिर एक बार आप सबका बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं।
India’s youth are playing a vital role in accelerating the journey towards a Viksit Bharat: PM
Rozgar Mela reflects our Government’s commitment to empowering the Yuva Shakti with new opportunities: PM
The world is excited by India’s youth and technological progress and today the global community wants to partner in India’s development journey: PM
Sectors like clean energy, critical minerals, green hydrogen, and sustainable manufacturing are advancing rapidly and partnerships in these areas are creating new opportunities: PM Modi
Every Indian is moving forward with the resolve of building a Viksit Bharat by 2047: PM Modi at Rozgar Mela
Today, Rapid transformation is clearly visible even in rural areas; Enhanced connectivity has opened new avenues for farmers, small traders, and students: PM
Viksit Bharat will be built by the efforts of such youth who view their work as a means of national service: PM Modi