PM’s remarks at joint press meet with President of South Korea

Published By : Admin | July 10, 2018 | 14:30 IST
Not only South Korean companies are strengthening our ‘Make in India’ mission but they are also generating employment opportunities: PM
Our focus is on enhancing the Special Strategic Partnership: PM Modi at Joint press meet with President Moon Jae-in of South Korea

Your Excellency राष्ट्रपति मून,
यहाँ उपस्थित सभी delegates,
मीडिया के साथियों,

राष्ट्रपति मून की भारत की पहली राजकीय यात्रा पर उनका स्वागत करना मेरे लिए बहुत हर्ष का विषय है।

लगभग एक साल पहले मैं पहली बार राष्ट्रपति मून से हैम्बर्ग में G-20 Summit के समय मिला था। और उस समय मैंने उन्हें भारत आने का निमंत्रण दिया था।आज पूरा विश्व कोरियाई प्रायद्वीप में हो रहे घटनाक्रम को बहुत बारीकी से देख रहा है। ऐसे में, उन्होंने अपने व्यस्त कार्यक्रमों के बीच भारत की यात्रा के लिए समय निकाला है। और इसलिए, मैं उनका विशेष रूप से अभिनंदन करता हूँ।

Friends,

शायद कम ही लोग जानते हैं कि भारत और कोरिया का संबंध एक प्रकार से पारिवारिक संबंध है। सदियों पहले अयोध्या की एक राजकुमारी, प्रिंसेस सूरी-रत्ना, की शादी कोरिया के राजा से हुई थी। और आपको जान कर आश्चर्य होगा, कि आज भी कोरिया में लाखों लोग अपने आप को उनका वंशज मानते हैं।आधुनिक काल में भी, भारत और कोरिया का मजबूत संबंध रहा है। कोरिया में युद्ध के समय, भारत की Parachute Field Ambulance Unit के काम की सराहना आज भी होती है।

Friends,

कोरिया गणराज्य की आर्थिक और सामाजिक प्रगति विश्व में अपने आप में एक अनूठा उदाहरण है। कोरिया के जनमानस ने दिखाया है कि यदि कोई देश एक समान vision और उद्देश्य के प्रति वचनबद्ध हो जाता है तो असंभव लगने वाले लक्ष्य भी प्राप्त किए जा सकते हैं।

कोरिया की यह प्रगति भारत के लिए भी प्रेरणादायक है। और यह बहुत प्रसन्नता का विषय है कि कोरिया की कंपनियों ने भारत में न सिर्फ़ बड़े स्तर पर निवेश किया है, बल्कि हमारे Make in India mission से जुड़ कर भारत में रोजगार के अवसर भी पैदा किया हैं। कोरियाई कंपनियों ने quality के प्रति अपने committment से कोरियाई products के लिए भारत के घर-घर में अपनी पहचान बनाई है।

Friends,

आज की हमारी बातचीत में हमने न सिर्फ़ अपने द्विपक्षीय संबंधों को review किया, बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर अपने विचार भी खुल कर साझा किए। मैं समझता हूँ कि नीतिगत स्तर पर, भारत की Act East Policy और कोरिया गणराज्य की New Southern Strategy में स्वाभाविक एकरसता है। और मैं राष्ट्रपति मून के इस विचार का हार्दिक स्वागत करता हूँ कि भारत और कोरिया गणराज्य के संबंध उनकी New Southern Strategy का एक आधार स्तम्भ हैं।

हमारी बातचीत के परिणामस्वरूप एक vision statement जारी किया जा रहा है। हमारा focus अपनी Special Strategic Partnership को मजबूत करने पर है।इस relationship का एक स्तम्भ हमारे आर्थिक और व्यापारिक संबंध हैं। आज कुछ देर बार हम दोनों देशों के प्रमुख CEOs से मिलेंगे। मुझे आशा है कि हमारे trade and investment links को और मजबूत करने के लिए हमें उनसे अच्छे सुझाव मिलेंगे।

मुझे प्रसन्नता है कि हमने अपने Comprehensive Economic Partnership Agreement को upgrade करने की दिशा में आज Early Harvest Package के रूप में एक ठोस कदम उठाया है।अपने संबंधों के भविष्य और विश्व में हो रहे rapid technology changes को देखते हुए हमने साथ मिल कर Innovation Cooperation Centre की स्थापना और Future Strategy Group का गठन करने का भी निर्णय लिया है।

Friends,

कोरियाई प्रायद्वीप की शांति प्रक्रिया को गति देने का, उसे track पर रखने का, और उसमें प्रगति का, पूरा श्रेय राष्ट्रपति मून को जाता है। मैं मानता हूँ कि जो सकारात्मक वातावरण बना है, वह राष्ट्रपति मून के ही अथक प्रयासों का परिणाम है। इस प्रगति के लिए मैं राष्ट्रपति मून का अभिनंदन करता हूँ। आज की हमारी बातचीत में मैंने उन्हें बताया कि पूर्वोत्तर और दक्षिण एशिया के proliferation links भारत के लिए भी चिंता का विषय हैं। और इसलिए, इस शांति प्रक्रिया की सफ़लता में भारत भी एक stakeholder है।

तनाव कम करने में जो भी सहयोग हो सकेगा, हम अवश्य करेंगे। और इसलिए, हमने अपने परामर्श और समन्वय की गति बढ़ाने का निर्णय लिया है। सचिव स्तर के 2+2 Dialogue और मंत्री स्तर की Joint Commission की आगामी मुलाकातें इस सन्दर्भ में काफी महत्वपूर्ण होंगी।

Friends,

मैं एक बार फिर राष्ट्रपति मून, उनकी धर्म पत्नी और शिष्ठमंडल के सभी प्रतिनिधियों का भारत में हार्दिक स्वागत करता हूँ। आने वाले समय में उनके सभी शांति प्रयासों में सफ़लता के लिए मैं अपनी तरफ से और सवा सौ करोड़ हिन्दुस्थानियों की ओर से अनेक-अनेक शुभकामनाएं देता हूँ।

दासी-मान्नायो। (see you again)
गोम्प-सुमनिदा। (thank you)
हम फ़िर मिलेंगे।
बहुत-बहुत धन्यवाद।

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Prime Minister Narendra Modi shares a Sanskrit Subhashitam highlights the significance of bravery and courage in influencing the world
March 18, 2026

Prime Minister Shri Narendra Modi shared a Sanskrit Subhashitam today, highlighting the importance of valor and the profound impact a brave individual can have on the entire world.

The Prime Minister remarked that bravery and prowess are the capital through which every difficulty can be faced. Shri Modi affirmed that the courage and self-confidence of India's youth serve as an inspiration in this regard.

The Prime Minister wrote on X;

"वीरता और पराक्रम वो पूंजी है, जिससे हर कठिनाई का सामना किया जा सकता है। भारत के युवाओं का साहस और आत्मविश्वास इसी की प्रेरणा देता है।

एकेनापि हि शूरेण पादाक्रान्तं महीतलम्।
क्रियते भास्करेणेव स्फारस्फुरिततेजसा ॥"

Just as the sun lights the whole earth with its bright rays, in the same way a brave person can influence the whole world with his courage.