Prime Minister’s remarks during joint press meet with President of Russia

Published By : Admin | October 5, 2018 | 14:45 IST
India accords highest priority to its partnership with Russia: PM Modi at joint press meet with President Putin
India and Russia agree to strengthen cooperation in combating the menace of terrorism and climate change
In the coming times, India and Russia would deepen trade and investment links, enhance cooperation from sea to space: PM Modi

Your Excellency


रूसी संघ के राष्ट्रपति और मेरे घनिष्ठ मित्र व्लादीमिर व्लादीमिरोविच,  
दोनों देशों के सम्माननीय प्रतिनिधि,  नमस्कार।


दोब्री दीन। 


उन्नीसवें वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए भारत में राष्ट्रपति पूतिन तथा उनके delegation का स्वागत करते हुए मुझे बहुत प्रसन्नता हो रही है।

हम एक ऐसे देश के राष्ट्रपति के रूप में आपका स्वागत कर रहे हैं, जिस के साथ हमारे अद्वितीय संबंध हैं। इन संबंधों के लिए आपने अमूल्य व्यक्तिगत योगदान दिया है।

राष्ट्रपति पूतिन द्वारा Sochi में आयोजित की गई अनौपचारिक शिखर सम्मेलन की स्मृतियां मेरे मन में ताज़ा हैं। उस खास मुलाक़ात से हम दोनों को खुलकर गहन चर्चा करने का अवसर प्राप्त हुआ।

राष्ट्रपति जी, 


रूस के साथ अपने संबंधों को भारत सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। तेजी से बदलते हुए इस विश्व में हमारे संबंध और अधिक प्रासंगिक हो गए हैं।


उन्नीस शिखर सम्मेलनों की निरन्तर श्रृंखला से हमारी Special और Privileged Strategic Partnership को लगातार नई ऊर्जा और दिशा मिली है। और वैश्विक मामलों पर हमारे सहयोग को नए मायने एवं मकसद भी मिले हैं।


हमारे सहयोग को आपकी यात्रा से strategic direction मिला है। आज हमने ऐसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं, जो दीर्घाकालिक दृष्टि से हमारे संबंधों को और अधिक ताकतवर बनाएँगे। 

Human resource development से लेकर natural और energy resources तक, trade से लेकर investment तक, नाभिकीय ऊर्जा के शान्तिपूर्ण सहयोग से लेकर सौर ऊर्जा तक, technology से लेकर tiger कन्ज़र्वेशन तक, आर्कटिक से लेकर Far East तक, और सागर से लेकर अंन्तरिक्ष तक भारत और रूस के सम्बन्धों का और भी विशाल विस्तार होगा। यह विस्तार हमारे सहयोग को अतीत के कुछ गिने-चुने दायरों के पार ले जाएगा। 

साथ ही, हमारे संबंधों के महत्वपूर्ण आधार स्तंभ और मज़बूत होंगे।

भारत की विकास यात्रा में रुस हमेशा हमारे साथ रहा है। हमारा अंतरिक्ष में अगला लक्ष्य भारत के Gaganyaan में भारतीय अंतरिक्षयात्री को भेजना है। मुझे बहुत खुशी है कि आपने इस Mission में रूस के पूरे सहयोग का आश्वासन दिया है।


युवाओं में हमारे देशों के भविष्य का कायाकल्प करने की क्षमता है। मुझे इस बात की खुशी है कि भारत एवं रूस के प्रतिभा संपन्न बच्चे सम्मिलित रुप से अपने innovative ideas का प्रदर्शन आज दोपहर बाद करेंगे। ये ideas उन्होंने मिलजुल कर विकसित किए हैं।

हम भारत के फ्लैगशिप कार्यक्रमों में और Business के व्यापक अवसरों में रूस की भागदारी का स्वागत करते हैं। मुझे इस बात की भी खुशी है कि अब से कुछ समय बाद हम India-Russia Business Summit में भाग लेंगें। इसमें दोनों देशों से करीब 200 प्रमुख आर्थिक उद्यमी भाग ले रहे हैं।

भारत एवं रूस पारस्परिक हित के सभी अंतर्राष्ट्रीय मामलों में घनिष्ठता से सहयोग करते रहे हैं। President Putin तथा मैंने इन पर भी विस्तार से चर्चा की है।


भारत और रुस तेजी से बदलते हुए विश्व में Multi-polarity (मल्टी-पोलेरिटी) और Multi-laterism (मल्टी-लेटरलिस्म) को सुदृढ़ करने पर एकमत हैं। आतंकवाद के विरूद्ध संघर्ष, अफगानिस्तान तथा Indo Pacific के घटनाक्रम, जलवायु परिवर्तन, SCO, BRICS जैसे क्षेत्रीय संगठनों एवं G20 तथा ASEAN जैसे बहुपक्षीय संगठनों में सहयोग करने में हमारे दोनों देशों के साझा हित हैं। हम अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में अपने लाभप्रद सहयोग और समन्वय को जारी रखने पर सहमत हुए हैं।

मैं President Putin द्वारा रुस के सुदूर पूर्व के विकास के लिए उठाए गए कदमों से बहुत प्रभावित हुआ हूँ। भारत इस क्षेत्र में सहयोग के लिए तत्पर है।


आज लिए गए निर्णयों से हमारे सहयोग में और वृद्धि होगी तथा चुनौतियों भरे विश्व में शांति एवं स्थिरता की बहाली में योगदान मिलेगा।


भाइयो बहनों, 

 

भारत और रुस के सम्बन्धों की शक्ति का स्त्रोत सामान्य जन में एक दूसरे के प्रति सद्भाव और मैत्री है। हमने आज ऐसे कई प्रयासों पर विचार किया है जिनसे people-to-people सम्बन्ध और मज़बूत हों। और दोनों देशों के लोगों की, विशेषतः युवाओं की एक-दूसरे के बारे में जानकारी और आपसी समझ और बढ़े। इससे भारत-रुस के सम्बन्धों के भविष्य की एक नई नींव का निर्माण होगा।

Friends, 

मैं विश्वासपूर्वक कह सकता हूं कि भारत- रूस मैत्री अपने आप में अनूठी है। मुझे पूरा विश्वास है कि इस विशिष्ट रिश्ते के लिए President Putin की प्रतिबद्धता से इन संबंधों को और भी ऊर्जा मिलेगी। और हमारे बीच प्रगाढ़ विश्वास एवं मैत्री और सुदृढ़ होगी और हमारी Special and Privileged Strategic Partnership को नई बुलंदियां प्राप्त होंगी।


Thank you. 

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Prime Minister shares a Sanskrit Subhashitam highlighting fundamental causes of progress
April 28, 2026

Prime Minister Shri Narendra Modi shared a Sanskrit Subhashitam today highlighting that effort, self-control, skill, vigilance, patience, memory, and initiating any task with thoughtful consideration are the fundamental causes of progress.

The Prime Minister remarked that hard work performed with patience and dedication can yield remarkable success, further pointing out that it also infuses the nation's prosperity and strength with fresh vigor.

The Prime Minister wrote on X:

"संयम और समर्पण के साथ किया गया परिश्रम अद्भुत सफलता दे सकता है। इससे राष्ट्र की समृद्धि और सामर्थ्य को भी एक नई ऊर्जा मिलती है।

उत्थानं संयमो दाक्ष्यमप्रमादो धृतिः स्मृतिः।

समीक्ष्य च समारम्भो विद्धिमूलं भवस्य तु॥"

Effort, self-control, skill, vigilance, patience, memory and initiating any task with thoughtful consideration, these are all the fundamental causes of progress.