প্রধান মন্ত্রী শ্রী নরেন্দ্রা মোদীনা ঙসি ভিদিও ব্রিজকী থোংদা নহা ওইরিবা ইনোভেতরশিং অমসুং স্তার্ত-অপ ইন্ত্রপ্রিনরশিংগা ৱারী শানখ্রে। মসিনা সরকারগী স্কিমশিংগী তোঙান তোঙানবা কান্নবা ফংলবা মীওইশিংগা ভিদিওগী থোংদা প্রধান মন্ত্রীগা লোইননা ৱারী শান্নবগী মরিশুবা পরিংনি।

ভারতকী নহাশিংনা থবক পীবা ঙম্বা ওইরকপদা হরাওবা ফোংদোক্লদুনা প্রধান মন্ত্রীনা হায়খি মদুদি সরকার অসিনা দেমোগ্রাফিক দিবাইদেন্ত লাকশিন্নবগী মায়কৈরোমদা ৱারেপ লৌরে। স্তার্ত-অপ সেক্তরবু হেন্না ফগৎহন্নবগীদমক মতিক চাবা শেনফম, থৌনা অমসুং মীয়ামগা শম্নবা মথৌ তাই হায়না প্রধান মন্ত্রীনা মখা তাখি।

স্তার্ত-অপ হায়রগা দিজিতেল অমসুং তেক্নোলোজী ইনোবেসন খক্তা খঙনরম্বা মতম অদু হৌজিক্তি অহোংবা লাক্লে হায়না প্রধান মন্ত্রীনা হায়খি। হৌজিক্তি লম কয়াদা স্তার্ত-অপ ইন্ত্রপ্রিনরশিং লৈরে হায়না মহাক্না ফোংদোকখি। রাজ্য ২৮, য়ুনিয়ন তেরিতোরী ৬ অমসুং জিলা ৪১৯দা স্তার্ত-অপশিং লৈরে। মসিগী মনুংদা রেজিস্তার তৌরবা স্তার্ত-অপ চাদা ৪৪দি তায়র-২ অমদি তায়র-৩ শহরশিংদগীনি। স্তার্ত-অপ চাদা ৪৫দি নুপীশিংনা লিংখৎপনি।

সরকারনা মতৌ করম্না পেতেন্তস অমসুং ত্রেদমার্কস লৌবদা লাইথোকহনবগে হায়বগী মতাংদা শ্রী নরেন্দ্র মোদীনা শন্দোক্না ঙাংখি। সরকার অসিনা ত্রেদমার্ক এপ্লাই তৌবদা চংবা ফোর্মগী মশিং হুমফুতরামরিদগী নিপালদা হন্থহল্লে মদুনা মরম ওইরগা চহি অহুম অসিদা ত্রেদ মার্ক রেজিস্ত্রেসন্দা ফোল্দ অহুম হেঙ্গৎহল্লে। পেতেন্তস রেজিস্তার তৌবগী মশিংসু মমাংগী সরকারগা য়েংনরুবদা ফোল্দ অহুম হেঙ্গৎলে।

নহা ওইরিবা ইন্ত্রপ্রিনরশিংনা মখোয়গী স্তার্ত-অপ্সতা ফন্দগী অৱাৎপা লৈতনবা অমদি নহাশিংনা ইনোবেৎ তৌবদা খুদোং চানবা সরকারনা লুপা কোতি ১০০০০গী ‘ফন্দ তু ফন্দস’ শেম্লে হায়না নহা ওইরিবা ইন্ত্রপ্রিনরশিংগা ৱারী শান্নখিবা অদুদা প্রধান মন্ত্রীনা ফোংদোকখি। ‘ফন্দ তু ফন্দস’কী খুথাংদা লুপা কোতি ১২৮৫গী ফন্দিং পীখ্রে, হৌজিক ফাওবদা ভেঞ্চর ফন্দ ওইনা অপুনবা লুপা কোতি ৬৯৮০গী শেনফম লিবরেজ তৌখ্রে।

স্তার্ত-অপশিংনা মখোয়গী পোত্থোকশিং অদু সরকারদা য়োঞ্জবা ঙমজনবা গবর্নমেন্ত ই-মার্কেৎ প্লেস (জি ই এম)বু স্তার্ত-অপ ইন্দিয়া পোর্তেলগা শম্নহল্লে হায়না, ভারতকী স্তার্ত-অপ ইকোসিস্তেম হেন্না পাকথোক চাউথোকহন্নবা সরকারনা লৌখৎলিবা খোংথাংশিং অদু শন্দোক্না তাক্লদুনা প্রধান মন্ত্রীনা হায়খি। স্তার্ত-অপশিংবু চহি অহুমগী ওইনা ইনকম তেক্সতগী কোমথোক্লি। লেবর লোজ ৬ অমসুং এনভাইরনমেন্ত লোজ ৩দা অহোংবা পুরকখ্রে। সরকারনা স্তার্ত-অপ ইন্দিয়া হব কৌবা ৱান-স্তোপ দিজিতেল প্লেৎফোর্ম অমসু হৌদোকখ্রে।

নহাশিংগী মরক্তা ইনোবেসন অমসুং কম্পিতিসন থৌগৎনবগীদমক সরকার অসিনা অতল ন্যু ইন্দিয়া চেলেঞ্জ, স্মার্ত ইন্দিয়া হেক্কাথোন অমসুং এগ্রীকলচর গ্রান্দ চেলেঞ্জগুম্বা তোঙান তোঙানবা কম্পিতিসনশিং হৌদোক্লে হায়না নরেন্দ্র মোদীনা শরুক য়ারিবশিং অদুগা ৱারী শান্নখিবদা ফোংদোকখি।

নহাশিংনা রিসর্স অমসুং ইনোবেসন্দা শরুক য়াবদা পুক্নীং থৌগৎনবা লৈবাক্কী মফম কয়াদা রিসর্স পার্ক নিপাল অমদি অতল তিঙ্করিং লেবস ২৫০০ লিংখৎলে হায়না প্রধান মন্ত্রীনা হায়খি।

ইনোবেতর্সশিংদা ৱা ঙাংলদুনা প্রধান মন্ত্রীনা মতৌ করম্না এগ্রীকলচর সেক্তরবু ত্রান্সফোর্ম তৌগদগে হায়বা অদু খন্ননবা নহা ওইরিবশিংগী মফমদা পাউজেল পীখি। মেক ইন ইন্দিয়াগী লোইননা দিজাইন ইন ইন্দিয়া অসি তৌদবা য়াদবা অমনি হায়না মহাক্না হায়খি। প্রধান মন্ত্রীনা নহারোলশিংবু ইনোবেসন মখা চত্থনবা পুক্নীং থৌগৎখি অমদি “ইনোবেৎ ওর স্তেগনেৎ”কী লাইৱা অদু পীখি।

প্রধান মন্ত্রীগা লোইননা ৱারী শান্নরদুনা স্তার্ত-অপ ইন্দিয়াগী মখাদা লৈবা তোঙান তোঙানবা সরকারগী স্কিমশিংনা অনৌবা স্তার্ত-অপশিং লিংখৎপদা মতৌ করম্না মতেং ওইবগে হায়বদু নহা ওইরিবা ইনোবেতরশিংনা শুগায়না তমখি। ইন্ত্রপ্রিনরশিং অমসুং ইনোবেতরশিংনসু প্রধান মন্ত্রীগী মফমদা এগ্রীকলচরেল ইনোবেসনশিংদগী হৌরগা ব্লোক চেন তেক্নোলোজী ফাওবগী ওইবা মখোয়গী ইনোবেসনশিং অদুসু শুগাইনা তমখি। তোঙান তোঙানবা অতল তিঙ্করিং লেবসকী মহৈরোইশিংনা মখোয়গী ইনোবেসনশিং অদু প্রধান মন্ত্রীদা সেয়ার তৌখি। প্রধান মন্ত্রীনা মহৈরোইশিং অদুগী পুক্নীং থৌগৎখি অমসুং অপেনবা ফোংদোকখি।

প্রধান মন্ত্রীনা ‘ইনোবেৎ ইন্দিয়া’বু অচৌবা খোংথাং অমা ওইহন্নবা খুন্নাইগী মফমদা পাউজেনখি। মহাক্না মীয়াম্বুবু হসতেগ #InnovateIndiaগী থোংদা মখোয়গী ৱাখল্লোনশিং অমসুং ইনোবেসনশিং সেয়ার তৌনবা পুক্নীং থৌগৎখি।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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Text of PM’s remarks during inauguration of Swaminarayan Hindu Temple in Paris
September 06, 2026

पूज्य महंत स्वामी, फ्रांस सरकार के सम्मानित प्रतिनिधिगण, उपस्थित अतिथिगण, इंडियन कम्युनिटी के मेरे साथी, देश दुनिया से जुड़े सभी हरि भक्त, देवियों और सज्जनों, जय स्वामीनारायण!

आज फ्रांस की राजधानी पेरिस में भव्य स्वामीनारायण मंदिर का लोकार्पण हो रहा है। यह लोकार्पण भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों का नया युग स्तंभ है। पूज्य संत जनों और सनातन परंपरा के श्रेष्ठ जनों के आशीर्वाद के साथ आज इस लोकार्पण का मंच ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के भाव का मंच बन गया है। भगवान स्वामीनारायण की कृपा और हमारे संतों का स्नेह, संतों का आशीर्वाद, मेरा सौभाग्य है कि मुझे ऐसे पुण्य अवसरों से जुड़ने का अवसर हमेशा मिलता रहता है। आज भी मैं भले ही पेरिस में आप सबके बीच उपस्थित नहीं हूं, लेकिन मन से और हृदय से, मैं स्वयं को आपके बीच ही अनुभव कर रहा हूं।

साथियों,

आज इस अवसर पर मैं परम पूज्य प्रमुख स्वामी जी महाराज का भी श्रद्धापूर्वक स्मरण करता हूं। प्राचीन काल में भारत का जो सांस्कृतिक आध्यात्मिक वैभव था, उन्होंने उसके पुनर्जागरण का एक अभियान शुरू किया था। आज उसका प्रकाश यूरोप समेत पूरी दुनिया में फैल रहा है। 2024 में अबू धाबी में भव्य मंदिर का लोकार्पण हुआ था। आज वहां हजारों लोग दर्शन करने जाते हैं और अब यहां पेरिस में स्वामीनारायण मंदिर का निर्माण सृजन की यह निरंतरता, यह संतों की संकल्प शक्ति का ही प्रमाण है। मैं पुनीत कार्य के लिए पूज्य महंत स्वामी का आभार प्रकट करता हूं, मैं उनके चरणों में प्रणाम करता हूं। मैं BAPS स्वामीनारायण संस्था को और करोड़ों हरि भक्तों को इस अवसर पर हृदय की गहराई से बधाई देता हूं।

साथियों,

BAPS के माध्यम से जब अलग-अलग देश में मंदिरों की प्राण प्रतिष्ठा होती है, तो वहां भारत के प्राचीन विचार और मानवीय मूल्य भी साथ-साथ ही जाते हैं और भारत का विचार कहता है ‘समानं मनः सह चित्तमेषाम्’ अर्थात हमारे मन समान हो, हमारे हृदय साथ जुड़े। इसलिए आज जब फ्रांस में इतना भव्य मंदिर बनकर तैयार हुआ है, यह फ्रांस की विविधता को तो समृद्ध करेगा ही, इससे भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों को भी ऊर्जा मिलेगी।

साथियों,

बीते वर्षों में भारत और फ्रांस के संबंध नई ऊंचाइयों तक पहुंचे हैं। मेरे मित्र, प्रेसिडेंट मैक्रों के साथ मिलकर दोनों देश एक Special Global Strategic Partnership बना रहे हैं। Technology, AI और Defence से लेकर Space और Climate Action तक हम एक नई गति और नई ऊर्जा के साथ मिलकर के आगे बढ़ रहे हैं। हम 2026 को India-France Year of Innovation के रूप में भी सेलिब्रेट कर रहे हैं। भारत-फ्रांस की ये Strategic Partnership इसलिए भी खास है, क्योंकि ये हमारे पुराने सांस्कृतिक-राजनैतिक सम्बन्धों की मजबूत बुनियाद पर टिकी है। इतिहास गवाह है, फ्रांस में भारतीय सैनिकों के बलिदान का इतिहास आज भी मन-मंदिर में जीवित है। भाषा से जुड़े विषयों में रुचि रखने वाले लोग यह भी जानते हैं कि फ्रेंच स्कॉलर्स ने संस्कृत को लोकप्रिय बनाने में कितनी अहम भूमिका निभाई है। रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद पर रोमाँ रोलाँ की की लेखनी हमारी सोसाइटीज़ को और करीब लाई है। पेरिस से पुडुचेरी के अरबिंदो आश्रम तक 'The mother' की spiritual journey, उसने कितने ही भारतीय और फ्रेंच साधकों को inspire किया है।

साथियों,

दशकों पहले श्रील प्रभुपाद स्वामी भी फ्रांस आए थे। इस्कॉन के जरिए भारत फ्रांस के बीच आध्यात्मिक सम्बन्धों का नया अध्याय उन्होंने शुरू किया था। आज योग भी भारत-फ्रांस के people to people कनेक्ट का एक माध्यम बन चुका है। 'इंटरनेशनल योगा डे' पर एफिल टॉवर के सामने से आने वाली तस्वीरें फ्रांस में योग की लोकप्रियता का उदाहरण बनती हैं और अब BAPS के इस भव्य मंदिर के जरिए, हमारे उन सांस्कृतिक सम्बन्धों में एक नया अध्याय जुड़ रहा है।

साथियों,

इन दिनों, भारत फ्रांस Joint Ventures की संभावनाओं पर बातें होती हैं। स्वामीनारायण मंदिर ने इस संभावना में भी एक नया आयाम जोड़ा है। यह मंदिर 'मेड इन इंडिया' है और 'बिल्ट इन फ्रांस' है। इसके काफी पत्थरों को भारत में तराशा गया है। भारत की प्राचीन प्रतिभा यहाँ फ्रांस में आधुनिक इंजीनियरिंग से आकर जुड़ चुकी है। पेरिस में इस भव्य मंदिर ने आकार लिया है। इसलिए, मैं आशा करता हूँ, यह मंदिर सदियों तक भारत और फ्रांस के बीच सहयोग और संभावनाओं का भी प्रतीक बनकर उभरेगा।

साथियों,

स्वामीनारायण मंदिर हमेशा से भक्ति के साथ-साथ सेवा का माध्यम भी रहे हैं। मुझे बताया गया है, यह मंदिर भी सेवा प्रकल्पों का वैसा ही केंद्र बनेगा। मुझे विश्वास है कि यहाँ से भारतीय संस्कृति के जो स्वर निकलेंगे, उनका लाभ पूरे यूरोप में लोगों को मिलेगा। भविष्य में मुझे जब भी समय मिलेगा, मैं इस मंदिर में दर्शन करने का प्रयास अवश्य करूंगा। इन्हीं शब्दों के साथ, एक बार फिर आज के इस लोकार्पण समारोह में सम्मिलित सभी अतिथिगणों को, सभी परिवारों को, सभी हरि भक्तों को और पूरी Indian Diaspora को मेरी ओर से इस शुभारंभ पर्व की ढेरों शुभकामनाएं!

बहुत-बहुत धन्यवाद!

मर्सी बोकू!

जय स्वामीनारायण!