ശ്രദ്ധേയമായ ഒരു ദശാബ്ദത്തിൽ, ഈ എളിയ സേവകൻ അറിയപ്പെടാത്തവരെ ആദരിച്ചു: വാർധ റാലിയിൽ പ്രധാനമന്ത്രി മോദി
2024ലെ തിരഞ്ഞെടുപ്പ് വികസിത ഇന്ത്യയുടെയും സ്വാശ്രയ ഇന്ത്യയുടെയും സ്വപ്നം സാക്ഷാത്കരിക്കാനുള്ള തിരഞ്ഞെടുപ്പാണ്: പ്രധാനമന്ത്രി മോദി
കാര്യമായ പ്രശ്നങ്ങളുടെ അഭാവത്തിൽ INDI സഖ്യം പോരാടുന്നു: പ്രധാനമന്ത്രി മോദി
കോൺഗ്രസ് പാർട്ടി പരാജയം സമ്മതിക്കുന്നു, തിരഞ്ഞെടുപ്പിന് ശേഷമുള്ള അരാജകത്വ ഭീഷണികൾ അവലംബിക്കുന്നു: പ്രതിപക്ഷത്തെ പരിഹസിച്ച് പ്രധാനമന്ത്രി മോദി
ഇന്ന്, രാജ്യം നിർണായകമായ മുന്നേറ്റം നടത്തുമ്പോൾ, വാർധയുടെ അനുഗ്രഹങ്ങൾ നിർണായകമാണ്: വാർധ റാലിയിൽ പ്രധാനമന്ത്രി മോദി

भारत माता की जय!
भारत माता की जय!
भारत माता की जय!

चरा-चरात वास करणारी गुरु देव शक्ति।

या सभेला उपस्थित सर्व बंधु भगिनीना माझा...‘जय गुरु'

ये धरती अध्यात्म और राष्ट्रभक्ति के महासंगम की धरती है। यहाँ अप्रतिम बलिदानों पर बसे आष्टी गांव की प्रेरणा है। राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज, गाडगे महाराज, लहानुजी महाराज, तेलंगराय महाराज, संत मायबाई, आडकुजी महाराज ऐसे कितने ही अनगिनत महान संतों के आशीर्वाद यहां मिलते हैं। मैं आज सौभाग्यशाली हूं कि इस धरती पर उन सभी पुण्यात्मा को प्रणाम करने का अवसर मिला है। आज चैत्र एकादशी भी है। पंढरपूर की आषाढी, कार्तिकी, चैत्र और माघी ऐसी चार यात्राएं मुख्य होती हैं। उनमें से आज चैत्र एकादशी की यात्रा है। आज हर तरफ गूंज रहा है-

रुप पाहता लोचनी।
सुख झाले वो साजणी॥
तो हा विठ्ठल बरवा।
तो हा माधव बरवा॥

ऐसे पुण्य पर्वकाल पर भगवान श्री विठ्ठल के चरणों में मैं शत-शत नमन करता हूं। प्रणाम करता हूं। मैं गुजरात में पैदा हुआ। तो स्वाभाविक है कि वर्धा और अमरावती से एक विशेष नाता भी रहत है। पूज्य बापू गुजरात की धरती में पैदा हुए और वर्धा उनकी कर्मभूमि रही है। विनोबा जी भी लंबा समय जीवन का बड़ौदा में बिताकर करके फिर यहां आए।

साथियों,

2024 का ये चुनाव विकसित भारत, आत्मनिर्भर भारत के सपने को पूरा करने का चुनाव है। ये सपना, आजादी से भी पहले बापू ने देखा था। इसलिए, आज जब देश इस दिशा में निर्णायक कदम उठाने जा रहा है, तो इसमें वर्धा का विशेष आशीर्वाद चाहिए। आज इतनी बड़ी संख्या में आपकी ये उपस्थिति, वर्धा और अमरावती का ये प्रचंड समर्थन, ये बता रहा है कि विकसित महाराष्ट्र और विकसित भारत का लक्ष्य दूर नहीं है। और मैं देख रहा हूं, जितने लोग अंदर हैं, उससे ज्यादा लोग वहां बाहर खड़े हैं। और मैं वर्धा चुनाव सभा में पहले भी आया हूं, लेकिन इतना बड़ा जनसागर पहले एक बार भी नहीं था। आपके आशीर्वाद भी बढ़ रहे हैं। आपका प्यार भी बढ़ रहा है। और इसलिए आज पूरा महाराष्ट्र कह रहा है- फिर एक बार, मोदी सरकार! फिर एक बार, मोदी सरकार! फिर एक बार, मोदी सरकार!

साथियों,

2014 से पहले ये धारणा बन गई थी कि देश में कुछ अच्छा हो ही नहीं सकता। चारों तरफ निराशा, निराशा, निराशा। गाँवों को लगता था कि गाँव में बिजली, पानी, सड़क आ ही नहीं सकते। गरीब को लगता था कि उसे आने वाली कितनी पीढ़ियां बीत जाएं, गरीबी से मुक्ति मिल ही नहीं सकती। किसान को लगता था कि बदहाली शायद उसकी नियति है। कितनी ही मेहनत क्यों न करे, भाग्य बदलता ही नहीं है। महिलाओं को लगता था कि उनकी तकलीफें कभी कोई समझेगा ही नहीं। लेकिन भाइयों बहनों, जिसको किसी ने नहीं पूछा, जिसको किसी ने नहीं पूछा, उसको गरीब के इस बेटे ने पूजा है। 10 वर्षों में हमने 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है। हमने हर गाँव तक बिजली की रोशनी पहुंचाई है। हमने देश के 11 करोड़ लोगों को पानी का कनेक्शन दिया है। 10 वर्षों में 4 करोड़ गरीब परिवारों को पीएम-आवास मिला है। 10 वर्षों में 50 करोड़ से ज्यादा लोग बैंकों से जुड़कर अर्थव्यवस्था का हिस्सा बने हैं।

और आज जब वर्धा आया हूं तो आप सबसे मैं एक प्रार्थना करना चाहता हूं। करूं। ऐसे नहीं, आवाज में कुछ दम होनी चाहिए। जरा हाथ ऊपर करके बताइये, मैं प्रार्थना करूं। देखिए, आप अभी गांवों में जाते होंगे। अलग-अलग बस्तियों में जाते होंगे। ये सारे काम जो गिना रहा हूं ना। अभी भी हो सकता है। किसी न किसी गांव में एक-आध दो परिवार ऐसे हों, शायद मकान मिलना बाकी हो। दो-चार परिवार ऐसे हों, जहां गैस का कनेक्शन न पहुंचा हो। पांच-पंद्रह परिवार ऐसे हों, जहां टॉयलेट न बना हो। नल से जल न पहुंचा हो। मेरी आपसे एक प्रार्थना है। आप मेरे प्रतिनिधि हैं। मेरे लिए आप ही मोदी हैं। तो जब भी आप जाएं और ऐसे लोग आपके ध्यान में आएं, तो उनकी सारी डिटेल लिख लीजिए और मुझे जरूर भेजिए। और उनको कह दीजिए कि मैं मोदी की तरफ से आया हूं। मोदी की गारंटी लेकर आया हूं। कि जब मोदी तीसरी बार आएंगे तो तुम्हारा जो मकान बनना बाकी है, पूरा हो जाएगा। तुम्हें जो नल से जल मिलना बाकी है, वो आ जाएगा। तो मेरा एक काम कर दोगे। क्योंकि मुझे हर किसी की सेवा करनी है। और आप मोदी बनके मेरी मदद करिए। करेंगे।

साथियों,

आज आत्मविश्वास से भरा ये देश अब मोदी की गारंटी देख रहा है। साथियों, गारंटी देने के लिए बहुत हिम्मत लगती है। गारंटी ऐसे ही नहीं दी जाती है। जब पूरी तरह कमिट्मेंट होता है। पूरी तरह रोडमैप होता है और मन में एक संकल्प होता है कि मैं इस काम को करके रहूंगा। कितनी ही बाधाएं क्यों न आएं, मैं बहानेबाजी नहीं करूंगा। करके रहूंगा। तब जाकर के गारंटी निकलती है। मेरे लिए ये गारंटी तीन अछरों का खेल नहीं है। ये गारंटी के पीछे पल-पल खपाने का इरादा है। पल-पल आपके नाम। पल-पल देश के नाम। 24 बाय 7 फॉर 2047।

भाजपा ने अपने मेनिफेस्टो में कहा है- अगले 5 साल में गरीबों के लिए 3 करोड़ नए घर बनेंगे। देश के हर घर तक पाइप से पानी पहुंचेगा। और सबसे बड़ी बात मैं यहां सब मौजूद लोगों को कहना चाहता हूं। आजकल हर परिवार में, कोई अपवाद नहीं होता है। हर परिवार में, बुजुर्ग मां-बाप होते हैं, दादा-दादी होते हैं। चाचा-चाची होते हैं। और घर में जो कमाने वाले लोग होते हैं, जो काम करने वाले लोग होते हैं, उनके सामने रोजमर्रा की जिंदगी भी होती है। उनके सामने अपने बच्चों के लिए कुछ करने का इरादा भी होता है। और ऐसे समय अपने बुजुर्ग मां-बाप का ख्याल रखना, और उनको कोई ना कोई बीमारी तो उस उम्र में आ ही जाती है। दवाई के पीछे, अस्पताल के पीछे खर्चा होता है। तो ऐसे हर परिवार को इस बोझ से मुक्ति देने के लिए। हर तीस, पैंतीस, चालीस, पैंतालिस साल की उम्र के व्यक्तियों को अपने परिवार में, अपने सपने को पूरा करने के लिए बोझ ज्यादा न सहना पड़े। इसलिए मोदी ने गारंटी दी है। कि हिंदुस्तान के हर परिवार के 70 वर्ष से ऊपर की उम्र के जो लोग हैं, उन सबको 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज की जिम्मेवारी मोदी की रहेगी। आप पर ये बोझ कम होगा। ये बोझ, उन बुजुर्गों को कहना दिल्ली में आपका बेटा बैठा है, वो उठाएगा। अभी हमने गैस सिलैंडर दिये हैं। भविष्य में आपकी रसोई में पाइप से गैस पहुंचेगी। जैसे पाइप से पानी आता है, वैसे पाइप से। भई गदाधारी। ओ गदाधारी। आपको देख लिया और फोटू भी निकल गई। अब नीचे रखो गदा। पीछे वालों को दिखता नहीं है। बजरंगबली की जय! आप पहलवान हैं क्या। हमारे तडसजी तो पहलवान रहे हैं। देश के कोने-कोने में वंदेभारत जैसी आधुनिक ट्रेनें चलेंगी। और देश, बुलेट ट्रेन का सपना भी पूरा होते हुए भी देखेगा। चंद्रयान देखा, अब गगनयान भी देखेगा।

साथियों,

विकसित भारत, देश की हमारी माताओं-बहनों-बेटियों के सशक्तिकरण के बिना असंभव है। इन 10 वर्षों में हमने स्वयं सहायता समूहों का एक आंदोलन खड़ा करके महिलाओं की आर्थिक भागीदारी के रास्ते खोले हैं। अकेले वर्धा में ही, डेढ़ लाख से ज्यादा परिवारों की महिलाएं स्वयं सहायता समूहों में शामिल हुई हैं। NDA सरकार ने बैंकों के द्वारा वर्धा की महिलाओं के लिए 12 सौ करोड़ रुपए से ज्यादा की मदद भेजी है। अब अगले 5 वर्षों में, हम करोड़ों महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों को नए-नए क्षेत्रों में ले जाना चाहते हैं। आईटी, रिटेल, टूरिज्म, शिक्षा के क्षेत्रों की ट्रेनिंग देंगे। हर नए क्षेत्र में इन स्वयं सहायता समूहों की बहनों को ले जाना चाहते हैं। हम 3 करोड़ बहनों को लखपति दीदी बनाएँगे। हम गांव-गांव में अपनी बेटियों को ड्रोन पायलट बनाएँगे। और ये मोदी की गारंटी है।

साथियों,

काँग्रेस और इंडी अलायंस की सोच हमेशा से विकास विरोधी और किसान विरोधी रही है। इसीलिए, देश में दशकों तक किसानों की हालत लगातार इतनी खराब रही है। उनके दौर में जैसे काम होता था, उसके लिए मराठी में एक कहावत है। उस कहावत में कहते हैं- बारशाला गेला, आणि बाराव्याला आला। परिवार के नाम पर पत्थर तो लग जाता था, लेकिन कई पीढ़ियाँ गुजर जाती थीं, फिर भी काम नहीं पूरा होता था। विदर्भ को काँग्रेस सरकारों के इस रवैये का बहुत नुकसान उठाना पड़ा। लेकिन आज हमारी सरकार विदर्भ को उतनी ही ज्यादा प्राथमिकता देकर काम कर रही है। यहां एकनाथ शिंदे जी, देवेंद्र फणनवीस जी और अजीत पवार जी पूरी शक्ति से आप सभी की सेवा में जुटे हुए हैं।

आप देखिए, NDA सरकार बाला साहब ठाकरे समृद्धि महामार्ग का निर्माण करवा रही है। आज नागपुर से गोवा के बीच 1 लाख करोड़ रुपये की लागत का ग्रीन हाइवे बन रहा है। वर्धा, सेवाग्राम, पुलगांव और हिंगनघाट जैसे क्षेत्रों में बेहतर रेल सेवा उपलब्ध हुई है। वर्धा-यवतमाल-नांदेड़ के बीच रेलवे लाइन और वर्धा से बल्लारशाह के बीच रेल ट्रैक जैसे प्रोजेक्ट इस क्षेत्र की कनेक्टिविटी बढ़ा रहे हैं। धामनगांव रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास किया जा रहा है। हमारी सरकार ने आरवी विधानसभा क्षेत्र में सिंगल लाइन को ब्रॉड गेज रेलवे लाइन में बदलने के लिए अलग से फंड दिया है। वर्धा के सिंधी में ड्राइ पोर्ट का काम भी पूरा हो चुका है। और देश में टेक्सटाइल इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए जो टेक्सटाइल पार्क बन रहे हैं, उनमें एक अमरावती में बन रहा है। यानी, विदर्भ अब पिछड़ेपन के उस दुष्चक्र से बाहर निकलेगा, जिसमें काँग्रेस पार्टी ने विदर्भ को फंसाकर रखा था। इनफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक पिछड़ेपन के कारण ही विदर्भ के किसानों को इतने दशकों तक आर्थिक तबाही से जूझना पड़ा है। ये हाइवेज, एक्सप्रेसवेज और रेलवेज़ हमारे इन किसानों की समृद्धि के महामार्ग बनेंगे।

साथियों,

वर्धा और अमरावती में सिंचाई की समस्या यहाँ किसानों के लिए कितने बड़े संकट का कारण रही है, ये हम सबको पता है। लेकिन, पिछली सरकारों ने इस ओर कभी ईमानदारी से काम नहीं किए। 2014 में देश में ऐसी 99 बड़ी सिंचाई परियोजनाएं थीं, जो दशकों से अटकी हुई थीं। इसमें सबसे ज्यादा संख्या महाराष्ट्र की सिंचाई परियोजनाओं की थी। ये NDA सरकार है, जो इन्हें तेजी से पूरा करा रही है। अब लोअर वर्धा इरिगेशन प्रोजेक्ट और अमरावती का लोवर पेढ़ी इरिगेशन प्रोजेक्ट किसानों के लिए वरदान बनने जा रहा है। इसके अलावा भी इस पूरे क्षेत्र में सिंचाई के लिए कई छोटे प्रोजेक्ट्स भी लाए जा रहे हैं।

साथियों,

हम समस्याओं के समाधान के साथ ही संभावनाओं के सृजन के लिए भी काम कर रहे हैं। हमने अमरावती के संतरे और वर्धा की हल्दी को ODOP के तहत अलग से पहचान दी है, ताकि यहाँ के किसानों को इसका लाभ हो। किसानों की आर्थिक सहायता के लिए किसान सम्मान निधि का पैसा भी सीधे किसानों के खातों में भेजा जा रहा है। अकेले वर्धा में ही किसानों के खातों में भारत सरकार की तरफ से 300 करोड़ से ज्यादा रुपये भेजे गए हैं। महाराष्ट्र में देवेन्द्र जी और शिंदे जी की सरकार द्वारा भेजे गए वो अलग।

साथियों,

आज बीजेपी के विकास के सामने इंडी अलायंस मुद्दों की कंगाली से जूझ रहा है। और इसीलिए, ये लोग अब केवल गाली-गलौज और अपमान की राजनीति पर उतर आए हैं। इंडी अलायंस की तमिलनाडु की जो पार्टी सनातन के विनाश की घोषणा करती है, उन नेताओं से ये लोग छत्रपति शिवाजी महाराज की धरती पर, हमारे महाराष्ट्र में लाकर रैली करवाते हैं। अयोध्या में राममंदिर का 500 साल पुराना सपना पूरा होता है तो काँग्रेस पार्टी और उसके दोस्त उसका भी बहिष्कार करते हैं। अयोध्या में भव्य राममंदिर में पहली रामनवमी का आयोजन हुआ, सूर्य की किरणों से भगवान राम के अभिषेक ने हर देशवासी को भक्ति से सराबोर कर दिया। लेकिन, इस इंडी गठबंधन के एक नेता ने कहा, और जब सूर्य तिलक प्रभु राम लला को हो रहा था, उस समय ये इंडी अलायंस के साथी ने क्या कहा, ये सब पाखंड है, पाखंड। ये काँग्रेस पार्टी और उसके साथियों का असली चेहरा है। असली चेहरा।

साथियों,

एकनाथ शिंदे जी की सरकार ने यहाँ ‘लहानुजी महाराज देवस्थान’ का पुनर्विकास का संकल्प किया है। ये लोग अगर मजबूत हुये तो उसका भी विरोध करेंगे। इसलिए, छत्रपति शिवाजी महाराज की ये धरती पर काँग्रेस के इन पापों का हिसाब आपको करना है।

साथियों,

काँग्रेस पार्टी भी ये बात जानती है कि वो चुनाव नहीं जीत सकती है। इसीलिए, काँग्रेस के युवराज नतीजों के बाद देश में आग लगाने की धमकी दे रहे हैं। संविधान को कैद करके आपातकाल लगाने की इनकी मानसिकता बदली नहीं है। लेकिन, देश ने मन बना लिया है- और आज पहले दौर का जो मतदान हुआ है ना, सब ओर एक ही बात नजर आ रही थी- फिर एक बार मोदी सरकार।

साथियों,

देश एक मजबूत, निर्णायक और स्थायी सरकार ही चाहता है। इसलिए, काँग्रेस या इंडी अलायंस को वोट देना, एक तरह से अपना वोट व्यर्थ करना है। बर्बाद करना है। महाराष्ट्र का एक-एक वोट विकास के लिए पड़ना चाहिए। आने वाली 26 अप्रैल को आप सभी को, वर्धा से भाजपा उम्मीदवार श्री रामदास चंद्रभानजी तडस और, अमरावती लोकसभा से श्रीमती नवनीत राणा जी को रिकॉर्ड संख्या में वोट डालकर भारी मतों से विजयी बनाना है। बनाएंगे। लेकिन इसके लिए मेरी शर्त है। काम करना पड़ेगा। करेंगे। ये मतदान के पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़ने होंगे। तोड़ेंगे। हर पोलिंग बूथ जीतना होगा, जीतेंगे। पोलिंग बूथ जीतेंगे। एक भी पोलिंग बूथ ऐसा नहीं है ना कि जहां पर हमारा पराजय हो। सब के सब पोलिंग बूथ जीतेंगे। आने वाली पूरी शक्ति-समय पोलिंग बूथ को जीतने के लिए लगा देनी चाहिए। और आप सभी को मेरा एक और काम भी करना है, करेंगे। ये मेरा पर्सनल काम है। ये तडस जी का नहीं है। करेंगे। सब लोग बताएं तो बताऊं मैं, करेंगे। तो मेरा एक काम करना। महाराष्ट्र में घर-घर जाना। जाकर के कहना कि मोदी भाई आए थे और परिवार के सबको प्रणाम कहा है। मेरा प्रणाम पहुंचा देना। मेरा प्रणाम पहुंचा देंगे। पहुंचा देंगे। जब हर परिवार में मेरा प्रणाम पहुंचेगा ना, तो परिवार के सब लोग मुझे आशीर्वाद देंगे और जब मुझे आशीर्वाद मिलते हैं तो एक नई ऊर्जा मिलती है। और जब नई ऊर्जा होती है तो आपके लिए, आपके सपनों के लिए मुझे खप जाने का आनंद मेरा बढ़ जाता है। इसलिए मुझे हर परिवार से आशीर्वाद चाहिए। बोलिए…
भारत माता की जय!
भारत माता की जय!
बहुत बहुत धन्यवाद

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Text of PM’s address on the occasion of completion of two years of the Government of Odisha
June 20, 2026
I extend my heartfelt birthday greetings to President Smt. Droupadi Murmu Ji, I wish her long life and excellent health: PM
Pahadpur village will now be rapidly developed as a solar village, that is, solar power will be ensured in every home here: PM
The vision of the Central Government is the development of India through the development of Eastern India: PM
To uplift tribal society, we are connecting tribal youth with opportunities for education and employment: PM
These children should get better facilities for studies; for this, around 500 Eklavya Model Schools have been opened across the country: PM

जॉय जगन्नाथ! जॉय मां किचकेश्वरी! मोर सबू भाई,भौणी,मां,मौसी मानंकु मोर नमोस्कार।

माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी, राज्यपाल श्री हरि बाबु जी, यहां के लोकप्रिय मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी जी, उप मुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव जी, प्रवती परीदा जी, ओडिशा के मंत्री गणेश सिंह खूंटिया जी, कृष्ण चंद्र महापात्र जी, सांसद नबा चरण माझी जी, मनमोहन सामल जी, बैजयंत पांडा जी, अन्य महानुभाव, भाइयों और बहनों।

हमारा ओडिशा इन दिनों उत्सवों के आनंद में डूबा हुआ है। यहाँ का गणपर्व रज, पिछले हफ्ते ही धूमधाम से मनाया गया है। महाप्रभु जगन्नाथ जी की रथ यात्रा की तैयारियां भी पुरजोश चल रही है। मयूरभंज के बारीपदा रथ यात्रा को लेकर भी उत्साह का माहौल है। और, इस सबके बीच ही लोकतन्त्र का विकास का उत्सव भी चल रहा है। ओडिशा की बीजेपी सरकार ने अपने 2 साल भी पूर्ण किए हैं। इस मौके पर, आप सबके बीच आना, मयूरभंज आने का ये सौभाग्य, और इतनी बड़ी संख्या में आप सबकी उपस्थिति, ये अवसर मेरे लिए बहुत खास है। आपका अपनापन मुझे बार-बार यहां खींच लाता है। मैं आप सभी का हृदय से बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूँ। और ओडिशा की जनता को डबल इंजन सरकार में विकास यात्रा की भी बधाई देता हूँ, शुभकामनाएं देता हूं। साथ ही, इस अवसर पर मैं पंडित रघुनाथ मुर्मू जी, डॉ. दमयंती बेश्रा जी, और श्री चरण हेम्ब्रम जी जैसी विभूतियों को भी नमन करता हूँ। रघुनाथ मुर्मू जी ने संथाली भाषा के लिए ओल चिकी लिपि का निर्माण किया था। हमारी सरकार ने संथाली भाषा में भारत के संविधान को प्रस्तुत किया है। ओडिशा की संतानों को पद्म सम्मान देकर सम्मानित किया है। पिछले 2 वर्षों में ओडिशा सरकार भी इन सभी विभूतियों के सपनों को पूरा करने में दिन रात पुरुषार्थ कर रही है।

साथियों,

आज का ये अवसर इसलिए भी विशेष है, क्योंकि मयूरभंज की धरती पर पली-बढ़ीं, ओडिशा की बेटी, माननीय राष्ट्रपति जी हमारे बीच उपस्थित हैं। आज उनका जन्मदिन भी है। मैं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई और शुभकमानाएं देता हूं, मैं उनके दीर्घायु होने और उत्तम स्वास्थ्य की कामना करता हूं। जनगन्नाथ जी भगवान के श्री चरणों में प्रार्थना करता हूं। ओडिशा की बेटी आज देश के इतने बड़े पद पर पहुंची हैं, हमारा मार्गदर्शन कर रही हैं, ये हम सभी के लिए बहुत गौरव की बात है। राष्ट्रपति जी का व्यक्तित्व, उनका उदार और सहृदय स्वभाव, राष्ट्र और समाज की सेवा के लिए उनका अटल समर्पण, उन्होंने मयूरभंज ही नहीं, पूरे ओडिशा की पहचान सशस्त की है। मैं इस अवसर पर, उनका विशेष रूप से अभिनंदन करता हूँ।

साथियों,

ये कार्यक्रम जब बना, तो इसमें मूल कारण तो लॉजिस्टिक था, लंबे अर्से से यहां आने के लिए चर्चा चल रही थी, लेकिन कोई तालमेल नहीं बैठता था। 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योगा दिवस कोलकाता में तय हुआ, तो फिर मैंने कहा अच्छा है, आज बंग दिवस भी है, तो क्यों न मैं सुबह मयूरभंज होकर के शाम को फिर कोलकाता के कार्यक्रम में जाऊं। और इसके कारण ये 20 जून तय हुई। लेकिन कुछ चीजें ऐसी होती हैं, जिसकी मंगल कामनाएं ईश्वरआधीन होती हैं, और इसलिए आज एक शुभ मंगल हो गया, कि राष्ट्रपति का जन्मदिन भी, मुझे आज उनके गांव में जाकर के, उनको शुभकामनाएं देने का अवसर मिला।

साथियों,

आज मैं राष्ट्रपति जी के साथ पहाड़पुर भी गया था। मैं इस क्षेत्र के बच्चों के लिए उनके द्वारा बनवाए गए स्कूल भी गया। बच्चों के साथ कुछ यादगार समय बिताने का अवसर मुझे मिला। मैं देख रहा था, बच्चों के चेहरों की चमक, राष्ट्रपति जी की उपस्थिति और आत्मीयता, वहां मुझे ऐसा कुछ भी नहीं लगा, किसी बच्चे को ये लगा हो कि राष्ट्रपति जी आई हैं, हर बच्चे को लगता था उनकी मां आई है। वे बच्चे भी बहुत भाग्यवान हैं, कैसे इस क्षेत्र के गरीब, वंचित और आदिवसी समाज के बच्चों को प्रेरणा मिल रही है, उन्हें देश के लिए कुछ बड़ा करने का आत्मविश्वास मिल रहा है। मैं राष्ट्रपति जी का आभारी हूं कि उन्होंने इन अनुभवों से गुजरने का आज मुझे अवसर दिया। ये मेरा दिन, एक प्रकार से मेरी शिक्षा का दिवस था, कुछ सीखने का अवसर था मेरे लिए।

साथियों,

मैं आपको सरकार का ये निर्णय भी बताना चाहता हूं कि पहाड़पुर गांव को, अब तेजी से सुर्यग्राम, सोलर विलेज के रूप में विकसित किया जाएगा। यानी यहां हर घर में सोलर बिजली बने, इसे सुनिश्चित किया जाएगा। और हम तो बड़ा गर्व के साथ कह सकते हैं कि यही ओडिशा है, जहां कोणार्क में सुर्य मंदिर की एक पहचान है, वैसे ही पहाड़पुर सुर्यग्राम की पहचान बन जाएगा। सुर्यग्राम, से पूरा गांव सोलर विलेज के रूप में पहचाना जाए, इस दिशा में काम तुरंत शुरू हो ऐसा मेरा प्रयास रहेगा। इस अभियान से, पहाड़पुर के लोगों को मुफ्त सोलर बिजली भी मिलेगी और जो ज्यादा बिजली होगी, वो उनकी आय भी बढ़ाएगी।

साथियों,

ओडिशा में डबल इंजन सरकार के 2 साल कई मायनों में ऐतिहासिक रहे हैं। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी जी के नेतृत्व में, आज ओडिशा तेज गति से विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। आज यहां गरीब कल्याण की योजनाओं से सामान्य मानवी का जीवन बदल रहा है। ओडिशा में आर्थिक गतिविधियाँ निवेश और उद्योगों को आकर्षित करने का सामर्थ्य आज नज़र आ रहा है। यहाँ रोजगार के नए अवसरों के लिए तेजी से काम हो रहा है।

साथियों,

केंद्र सरकार का विज़न है- पूर्वी भारत के विकास से भारत का विकास। इसीलिए, हम पूर्वोदय की नीति पर काम कर रहे हैं। जिस पूर्वी भारत को काँग्रेस के दौर में पिछड़ेपन का पर्याय बना दिया गया था, आज वो प्रगति का प्रवेश द्वार बन रहा है। आज ओडिशा खुद इस बदलाव का साक्षी बन रहा है।

साथियों,

ओडिशा के पास समुद्र है, खनिज संपदा है, कृषि की शक्ति है और सबसे सामर्थ्यवान यहां युवा प्रतिभा है। इस सामर्थ्य का पूरा उपयोग करने के लिए हम मिलकर काम कर रहे हैं। इसीलिए, आज ओडिशा में रेलवे इनफ्रास्ट्रक्चर में रिकॉर्ड निवेश हो रहा है। नई सड़कें और आर्थिक कॉरिडोर बन रहे हैं। पोर्ट्स का विस्तार हो रहा है। ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी और आधुनिक उद्योगों में निवेश आ रहा है। आज भी यहां ओडिशा के विकास से जुड़ी अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ है। इन परियोजनाओं पर लगभग 47 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। बिजली, सड़क, रेलवे, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी इन परियोजनाओं से, आप सभी लोगों को बहुत सुविधा होने वाली है। मैं इन परियोजनाओं के लिए ओडिशा के लोगों को बहुत बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

हमारी सरकार ओडिशा के संसाधनों को, ओडिशा की संभावनाओं में बदल रही है। ओडिशा में बड़ा निवेश आए, यहाँ नए उद्योग लगें, इसके लिए उत्कर्ष ओडिशा जैसे अभियान चलाए जा रहे हैं। इसके तहत, अब तक करीब 20 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं। साढ़े 3 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की अनेक मेगा परियोजनाओं पर भी काम चल रहा है। उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण बने, इसके लिए ओडिशा के समग्र विकास पर ध्यान दिया जा रहा है। पावर सेक्टर में 6 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का निवेश हो रहा है। समृद्ध शहर योजना के तहत शहरी विकास को गति दी जा रही है। आने वाले वर्षों में इन प्रयासों का परिणाम हमें देखने को मिलने वाला है।

साथियों,

डबल इंजन सरकार की बड़ी विशेषता ये है कि वो खुद जनता तक पहुँचती है। हमारा प्रयास है कि सामान्य नागरिक को किसी समस्या के समाधान के लिए अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़े। इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि युवाओं, महिलाओं, किसानों और आम लोगों की अपेक्षाएँ आज पूरी हो रही हैं। आप देखिए, धान खरीद में किसानों को 3,100 रुपये प्रति क्विंटल देने का निर्णय लिया गया। सुभद्रा योजना के माध्यम से एक करोड़ से अधिक माताओं और बहनों तक आर्थिक सहायता पहुंचाई गई। आयुष्मान भारत को लागू करके ओडिशा के परिवारों के लिए देशभर के अस्पतालों में इलाज का रास्ता खोला गया। आदिवासी विद्यार्थियों की पढ़ाई बीच में न छूटे, इसके लिए माधो सिंह हाथ-खर्चा योजना शुरू की गई। महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी के भक्तों की भावनाओं का सम्मान करते हुए श्रीमंदिर के श्रद्धालुओं के लिए सारे द्वार खोल दिए गए, चारों-चार द्वार खोल दिए गए। डबल इंजन की ताकत मिलने से आज यहां चारों दिशाओं में विकास सुनिश्चित हो रहा है।

साथियों,

यहां बीते दिनों स्वच्छता को लेकर जो विशेष अभियान चला है, उसकी भी मुझे जानकारी मिली है। और मैं देख रहा था सोशल मीडिया में तो सफाई अभियान छाया हुआ है, यानी स्वच्छता से स्वागत, मैं ओडिशा की इस पहल के लिए, यहां के नगारिको का, सरकार का, मुख्यमंत्री जी का, इस प्रशंसनीय पहल के लिए बहुत ही प्रशंसा करता हूं, संतोष व्यक्त करता हूं।

साथियों,

स्वच्छता हमारे जीवन शैली का हिस्सा होनी चाहिए, हर रोज की आदत होनी चाहिए। मैं यहां स्वच्छता अभियान से जुड़े सभी लोगों का हृदय से बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं।

साथियों,

मैंने अपने जीवन का कुछ महत्वपूर्ण कालखंड जनजातीय क्षेत्रों में एक वालंटियर के रूप में काम करते हुए बिताया है। माननीय राष्ट्रपति जी तो बरसों तक ऐसे क्षेत्रों में चुनौतियां का सामना करती रही हैं। आप और हम जानते हैं कि जनजातीय क्षेत्रों में जीवन की सुविधाएं आसानी से नहीं पहुंचती थीं। इसलिए, हमारी सरकार ने जनजातीय विकास को बहुत प्राथमिकता दी है। हमने ऐसे इलाकों को सुविधाओं से जोड़ने के लिए धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान शुरू किया। इसके तहत स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, आवास से जुड़े विभाग मिलकर के सर्वागीण विकास के लिए काम कर रहे हैं। ताकि वहां रहने वाले लोगों की कठिनाइयां दूर हो सकें। इसी तरह, पीएम जनमन अभियान तो राष्ट्रपति जी के साथ हुई चर्चाओं का, उनके मार्गदर्शन का ही परिणाम है। ये विशेष रूप से देश के ऐसे जनजातीय समूहों के लिए है, जो जनजातीय समुदाय में भी सबसे पीछे रह गए हैं। ऐसे जनजातीय समुदायों तक अब सरकार स्वयं चलकर उनके गांव, उनके दरवाजे तक पहुंच रही है।

साथियों,

आदिवासी समाज के उत्थान के लिए हम आदिवासी युवाओं को शिक्षा और रोजगार के अवसरों से जोड़ रहे हैं। इन बच्चों को पढ़ाई की बेहतर सुविधा मिले, इसके लिए देश में करीब 500 एकलव्य मॉडल स्कूल खोले गए हैं। करीब साढ़े सात सौ एकलव्य स्कूल स्वीकृत किए गए हैं। प्री-मैट्रिक और पोस्ट मैट्रिक लेवल पर, डेढ़ करोड़ से अधिक आदिवासी बच्चों को सैकड़ों करोड़ रुपए की स्कॉलर्शिप दी गई है। मुझे ये बताते हुए भी खुशी है कि यहां मयूरभंज में एक और नवोदय विद्यालय बनाने के लिए भी स्वीकृति दे दी गई है।

साथियों,

दूर-दराज इलाकों में रहने के कारण, जनजातीय समाज स्वास्थ्य से जुड़ी कठिनाइयों का भी शिकार रहा है। सिकल सेल एनीमिया जैसी बीमारियाँ एक बहुत बड़ी चुनौती रही हैं। हमने इनके खिलाफ देश भर में अभियान चलाया, चार करोड़ से ज्यादा हेल्थ कार्ड बांटे, मुफ्त इलाज के लिए करोड़ों आदिवासी लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड दिये। जल जीवन मिशन के तहत घर-घर साफ पानी पहुंचाया जा रहा है। इन प्रयासों का परिणाम आज हमें दिख रहा है। आदिवासी समाज दशकों पुरानी कठिनाइयों से बाहर आ रहा है, और, विकास की मुख्यधारा का हिस्सा बन रहा है।

साथियों,

आने वाले समय में हमारे सामने दो महत्वपूर्ण पड़ाव हैं। 2036 में ओडिशा के गठन के 100 वर्ष पूरे होंगे। और, 2047 में भारत की स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने वाले हैं। यानी, ओडिशा और देश का लक्ष्य एक ही दिशा में है। ओडिशा की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, तो भारत मजबूत होगा। मुझे ओडिशा के सामर्थ्य पर भरोसा है। हमें मिलकर ओडिशा को विकास की बुलंदियों पर पहुंचाना है।

साथियों,

कल 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस भी मनाया जाना है। ज्ञान और योग की धरती ओडिशा, योग यहाँ के संस्कारों का हिस्सा रहा है। मैं ओडिशा की धरती से पूरे देश से, पूरी दुनिया के लोगों से आह्वान करता हूँ, आप सब ज्यादा से ज्यादा संख्या में योग दिवस में हिस्सा लें। मैं एक बार फिर आप सभी को आज के अवसर, और विकास परियोजनाओं की बहुत-बहुत बधाई देता हूं। मैं माननीय राष्ट्रपति जी का विशेष रूप से आभार प्रकट करता हूं, कि मुझे उनके साथ उनकी कर्मभूमि को देखने का मौका मिला। एक बार फिर उन्हें जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई। बहुत-बहुत धन्यवाद।

जय जगन्नथ।

जय जगन्नथ।

जय जगन्नथ।