অগ্রগতির এক উল্লেখযোগ্য দশকে, এই নম্র সেবক অব্যক্তদের সম্মান করেছেন: ওয়ারধায় জনসভায় প্রধানমন্ত্রী মোদী
২০২৪ সালের নির্বাচন হল উন্নত ভারত ও আত্মনির্ভর ভারতের স্বপ্ন পূরণের নির্বাচন: প্রধানমন্ত্রী মোদী
ইন্ডি জোট গুরুত্বপূর্ণ সমস্যার অভাবে লড়াই করছে: প্রধানমন্ত্রী মোদী
কংগ্রেস দল পরাজয় স্বীকার করেছে এবং নির্বাচন পরবর্তী বিশৃঙ্খলার হুমকির আশ্রয় নিয়েছে: বিরোধীদের কটাক্ষ করে প্রধানমন্ত্রী মোদী
আজ দেশ যখন সিদ্ধান্তমূলক পদক্ষেপ নিচ্ছে, তখন ওয়ার্ধার আশীর্বাদ অত্যন্ত গুরুত্বপূর্ণ: ওয়ারধায় জনসভায় প্রধানমন্ত্রী মোদী

भारत माता की जय!
भारत माता की जय!
भारत माता की जय!

चरा-चरात वास करणारी गुरु देव शक्ति।

या सभेला उपस्थित सर्व बंधु भगिनीना माझा...‘जय गुरु'

ये धरती अध्यात्म और राष्ट्रभक्ति के महासंगम की धरती है। यहाँ अप्रतिम बलिदानों पर बसे आष्टी गांव की प्रेरणा है। राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज, गाडगे महाराज, लहानुजी महाराज, तेलंगराय महाराज, संत मायबाई, आडकुजी महाराज ऐसे कितने ही अनगिनत महान संतों के आशीर्वाद यहां मिलते हैं। मैं आज सौभाग्यशाली हूं कि इस धरती पर उन सभी पुण्यात्मा को प्रणाम करने का अवसर मिला है। आज चैत्र एकादशी भी है। पंढरपूर की आषाढी, कार्तिकी, चैत्र और माघी ऐसी चार यात्राएं मुख्य होती हैं। उनमें से आज चैत्र एकादशी की यात्रा है। आज हर तरफ गूंज रहा है-

रुप पाहता लोचनी।
सुख झाले वो साजणी॥
तो हा विठ्ठल बरवा।
तो हा माधव बरवा॥

ऐसे पुण्य पर्वकाल पर भगवान श्री विठ्ठल के चरणों में मैं शत-शत नमन करता हूं। प्रणाम करता हूं। मैं गुजरात में पैदा हुआ। तो स्वाभाविक है कि वर्धा और अमरावती से एक विशेष नाता भी रहत है। पूज्य बापू गुजरात की धरती में पैदा हुए और वर्धा उनकी कर्मभूमि रही है। विनोबा जी भी लंबा समय जीवन का बड़ौदा में बिताकर करके फिर यहां आए।

साथियों,

2024 का ये चुनाव विकसित भारत, आत्मनिर्भर भारत के सपने को पूरा करने का चुनाव है। ये सपना, आजादी से भी पहले बापू ने देखा था। इसलिए, आज जब देश इस दिशा में निर्णायक कदम उठाने जा रहा है, तो इसमें वर्धा का विशेष आशीर्वाद चाहिए। आज इतनी बड़ी संख्या में आपकी ये उपस्थिति, वर्धा और अमरावती का ये प्रचंड समर्थन, ये बता रहा है कि विकसित महाराष्ट्र और विकसित भारत का लक्ष्य दूर नहीं है। और मैं देख रहा हूं, जितने लोग अंदर हैं, उससे ज्यादा लोग वहां बाहर खड़े हैं। और मैं वर्धा चुनाव सभा में पहले भी आया हूं, लेकिन इतना बड़ा जनसागर पहले एक बार भी नहीं था। आपके आशीर्वाद भी बढ़ रहे हैं। आपका प्यार भी बढ़ रहा है। और इसलिए आज पूरा महाराष्ट्र कह रहा है- फिर एक बार, मोदी सरकार! फिर एक बार, मोदी सरकार! फिर एक बार, मोदी सरकार!

साथियों,

2014 से पहले ये धारणा बन गई थी कि देश में कुछ अच्छा हो ही नहीं सकता। चारों तरफ निराशा, निराशा, निराशा। गाँवों को लगता था कि गाँव में बिजली, पानी, सड़क आ ही नहीं सकते। गरीब को लगता था कि उसे आने वाली कितनी पीढ़ियां बीत जाएं, गरीबी से मुक्ति मिल ही नहीं सकती। किसान को लगता था कि बदहाली शायद उसकी नियति है। कितनी ही मेहनत क्यों न करे, भाग्य बदलता ही नहीं है। महिलाओं को लगता था कि उनकी तकलीफें कभी कोई समझेगा ही नहीं। लेकिन भाइयों बहनों, जिसको किसी ने नहीं पूछा, जिसको किसी ने नहीं पूछा, उसको गरीब के इस बेटे ने पूजा है। 10 वर्षों में हमने 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है। हमने हर गाँव तक बिजली की रोशनी पहुंचाई है। हमने देश के 11 करोड़ लोगों को पानी का कनेक्शन दिया है। 10 वर्षों में 4 करोड़ गरीब परिवारों को पीएम-आवास मिला है। 10 वर्षों में 50 करोड़ से ज्यादा लोग बैंकों से जुड़कर अर्थव्यवस्था का हिस्सा बने हैं।

और आज जब वर्धा आया हूं तो आप सबसे मैं एक प्रार्थना करना चाहता हूं। करूं। ऐसे नहीं, आवाज में कुछ दम होनी चाहिए। जरा हाथ ऊपर करके बताइये, मैं प्रार्थना करूं। देखिए, आप अभी गांवों में जाते होंगे। अलग-अलग बस्तियों में जाते होंगे। ये सारे काम जो गिना रहा हूं ना। अभी भी हो सकता है। किसी न किसी गांव में एक-आध दो परिवार ऐसे हों, शायद मकान मिलना बाकी हो। दो-चार परिवार ऐसे हों, जहां गैस का कनेक्शन न पहुंचा हो। पांच-पंद्रह परिवार ऐसे हों, जहां टॉयलेट न बना हो। नल से जल न पहुंचा हो। मेरी आपसे एक प्रार्थना है। आप मेरे प्रतिनिधि हैं। मेरे लिए आप ही मोदी हैं। तो जब भी आप जाएं और ऐसे लोग आपके ध्यान में आएं, तो उनकी सारी डिटेल लिख लीजिए और मुझे जरूर भेजिए। और उनको कह दीजिए कि मैं मोदी की तरफ से आया हूं। मोदी की गारंटी लेकर आया हूं। कि जब मोदी तीसरी बार आएंगे तो तुम्हारा जो मकान बनना बाकी है, पूरा हो जाएगा। तुम्हें जो नल से जल मिलना बाकी है, वो आ जाएगा। तो मेरा एक काम कर दोगे। क्योंकि मुझे हर किसी की सेवा करनी है। और आप मोदी बनके मेरी मदद करिए। करेंगे।

साथियों,

आज आत्मविश्वास से भरा ये देश अब मोदी की गारंटी देख रहा है। साथियों, गारंटी देने के लिए बहुत हिम्मत लगती है। गारंटी ऐसे ही नहीं दी जाती है। जब पूरी तरह कमिट्मेंट होता है। पूरी तरह रोडमैप होता है और मन में एक संकल्प होता है कि मैं इस काम को करके रहूंगा। कितनी ही बाधाएं क्यों न आएं, मैं बहानेबाजी नहीं करूंगा। करके रहूंगा। तब जाकर के गारंटी निकलती है। मेरे लिए ये गारंटी तीन अछरों का खेल नहीं है। ये गारंटी के पीछे पल-पल खपाने का इरादा है। पल-पल आपके नाम। पल-पल देश के नाम। 24 बाय 7 फॉर 2047।

भाजपा ने अपने मेनिफेस्टो में कहा है- अगले 5 साल में गरीबों के लिए 3 करोड़ नए घर बनेंगे। देश के हर घर तक पाइप से पानी पहुंचेगा। और सबसे बड़ी बात मैं यहां सब मौजूद लोगों को कहना चाहता हूं। आजकल हर परिवार में, कोई अपवाद नहीं होता है। हर परिवार में, बुजुर्ग मां-बाप होते हैं, दादा-दादी होते हैं। चाचा-चाची होते हैं। और घर में जो कमाने वाले लोग होते हैं, जो काम करने वाले लोग होते हैं, उनके सामने रोजमर्रा की जिंदगी भी होती है। उनके सामने अपने बच्चों के लिए कुछ करने का इरादा भी होता है। और ऐसे समय अपने बुजुर्ग मां-बाप का ख्याल रखना, और उनको कोई ना कोई बीमारी तो उस उम्र में आ ही जाती है। दवाई के पीछे, अस्पताल के पीछे खर्चा होता है। तो ऐसे हर परिवार को इस बोझ से मुक्ति देने के लिए। हर तीस, पैंतीस, चालीस, पैंतालिस साल की उम्र के व्यक्तियों को अपने परिवार में, अपने सपने को पूरा करने के लिए बोझ ज्यादा न सहना पड़े। इसलिए मोदी ने गारंटी दी है। कि हिंदुस्तान के हर परिवार के 70 वर्ष से ऊपर की उम्र के जो लोग हैं, उन सबको 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज की जिम्मेवारी मोदी की रहेगी। आप पर ये बोझ कम होगा। ये बोझ, उन बुजुर्गों को कहना दिल्ली में आपका बेटा बैठा है, वो उठाएगा। अभी हमने गैस सिलैंडर दिये हैं। भविष्य में आपकी रसोई में पाइप से गैस पहुंचेगी। जैसे पाइप से पानी आता है, वैसे पाइप से। भई गदाधारी। ओ गदाधारी। आपको देख लिया और फोटू भी निकल गई। अब नीचे रखो गदा। पीछे वालों को दिखता नहीं है। बजरंगबली की जय! आप पहलवान हैं क्या। हमारे तडसजी तो पहलवान रहे हैं। देश के कोने-कोने में वंदेभारत जैसी आधुनिक ट्रेनें चलेंगी। और देश, बुलेट ट्रेन का सपना भी पूरा होते हुए भी देखेगा। चंद्रयान देखा, अब गगनयान भी देखेगा।

साथियों,

विकसित भारत, देश की हमारी माताओं-बहनों-बेटियों के सशक्तिकरण के बिना असंभव है। इन 10 वर्षों में हमने स्वयं सहायता समूहों का एक आंदोलन खड़ा करके महिलाओं की आर्थिक भागीदारी के रास्ते खोले हैं। अकेले वर्धा में ही, डेढ़ लाख से ज्यादा परिवारों की महिलाएं स्वयं सहायता समूहों में शामिल हुई हैं। NDA सरकार ने बैंकों के द्वारा वर्धा की महिलाओं के लिए 12 सौ करोड़ रुपए से ज्यादा की मदद भेजी है। अब अगले 5 वर्षों में, हम करोड़ों महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों को नए-नए क्षेत्रों में ले जाना चाहते हैं। आईटी, रिटेल, टूरिज्म, शिक्षा के क्षेत्रों की ट्रेनिंग देंगे। हर नए क्षेत्र में इन स्वयं सहायता समूहों की बहनों को ले जाना चाहते हैं। हम 3 करोड़ बहनों को लखपति दीदी बनाएँगे। हम गांव-गांव में अपनी बेटियों को ड्रोन पायलट बनाएँगे। और ये मोदी की गारंटी है।

साथियों,

काँग्रेस और इंडी अलायंस की सोच हमेशा से विकास विरोधी और किसान विरोधी रही है। इसीलिए, देश में दशकों तक किसानों की हालत लगातार इतनी खराब रही है। उनके दौर में जैसे काम होता था, उसके लिए मराठी में एक कहावत है। उस कहावत में कहते हैं- बारशाला गेला, आणि बाराव्याला आला। परिवार के नाम पर पत्थर तो लग जाता था, लेकिन कई पीढ़ियाँ गुजर जाती थीं, फिर भी काम नहीं पूरा होता था। विदर्भ को काँग्रेस सरकारों के इस रवैये का बहुत नुकसान उठाना पड़ा। लेकिन आज हमारी सरकार विदर्भ को उतनी ही ज्यादा प्राथमिकता देकर काम कर रही है। यहां एकनाथ शिंदे जी, देवेंद्र फणनवीस जी और अजीत पवार जी पूरी शक्ति से आप सभी की सेवा में जुटे हुए हैं।

आप देखिए, NDA सरकार बाला साहब ठाकरे समृद्धि महामार्ग का निर्माण करवा रही है। आज नागपुर से गोवा के बीच 1 लाख करोड़ रुपये की लागत का ग्रीन हाइवे बन रहा है। वर्धा, सेवाग्राम, पुलगांव और हिंगनघाट जैसे क्षेत्रों में बेहतर रेल सेवा उपलब्ध हुई है। वर्धा-यवतमाल-नांदेड़ के बीच रेलवे लाइन और वर्धा से बल्लारशाह के बीच रेल ट्रैक जैसे प्रोजेक्ट इस क्षेत्र की कनेक्टिविटी बढ़ा रहे हैं। धामनगांव रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास किया जा रहा है। हमारी सरकार ने आरवी विधानसभा क्षेत्र में सिंगल लाइन को ब्रॉड गेज रेलवे लाइन में बदलने के लिए अलग से फंड दिया है। वर्धा के सिंधी में ड्राइ पोर्ट का काम भी पूरा हो चुका है। और देश में टेक्सटाइल इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए जो टेक्सटाइल पार्क बन रहे हैं, उनमें एक अमरावती में बन रहा है। यानी, विदर्भ अब पिछड़ेपन के उस दुष्चक्र से बाहर निकलेगा, जिसमें काँग्रेस पार्टी ने विदर्भ को फंसाकर रखा था। इनफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक पिछड़ेपन के कारण ही विदर्भ के किसानों को इतने दशकों तक आर्थिक तबाही से जूझना पड़ा है। ये हाइवेज, एक्सप्रेसवेज और रेलवेज़ हमारे इन किसानों की समृद्धि के महामार्ग बनेंगे।

साथियों,

वर्धा और अमरावती में सिंचाई की समस्या यहाँ किसानों के लिए कितने बड़े संकट का कारण रही है, ये हम सबको पता है। लेकिन, पिछली सरकारों ने इस ओर कभी ईमानदारी से काम नहीं किए। 2014 में देश में ऐसी 99 बड़ी सिंचाई परियोजनाएं थीं, जो दशकों से अटकी हुई थीं। इसमें सबसे ज्यादा संख्या महाराष्ट्र की सिंचाई परियोजनाओं की थी। ये NDA सरकार है, जो इन्हें तेजी से पूरा करा रही है। अब लोअर वर्धा इरिगेशन प्रोजेक्ट और अमरावती का लोवर पेढ़ी इरिगेशन प्रोजेक्ट किसानों के लिए वरदान बनने जा रहा है। इसके अलावा भी इस पूरे क्षेत्र में सिंचाई के लिए कई छोटे प्रोजेक्ट्स भी लाए जा रहे हैं।

साथियों,

हम समस्याओं के समाधान के साथ ही संभावनाओं के सृजन के लिए भी काम कर रहे हैं। हमने अमरावती के संतरे और वर्धा की हल्दी को ODOP के तहत अलग से पहचान दी है, ताकि यहाँ के किसानों को इसका लाभ हो। किसानों की आर्थिक सहायता के लिए किसान सम्मान निधि का पैसा भी सीधे किसानों के खातों में भेजा जा रहा है। अकेले वर्धा में ही किसानों के खातों में भारत सरकार की तरफ से 300 करोड़ से ज्यादा रुपये भेजे गए हैं। महाराष्ट्र में देवेन्द्र जी और शिंदे जी की सरकार द्वारा भेजे गए वो अलग।

साथियों,

आज बीजेपी के विकास के सामने इंडी अलायंस मुद्दों की कंगाली से जूझ रहा है। और इसीलिए, ये लोग अब केवल गाली-गलौज और अपमान की राजनीति पर उतर आए हैं। इंडी अलायंस की तमिलनाडु की जो पार्टी सनातन के विनाश की घोषणा करती है, उन नेताओं से ये लोग छत्रपति शिवाजी महाराज की धरती पर, हमारे महाराष्ट्र में लाकर रैली करवाते हैं। अयोध्या में राममंदिर का 500 साल पुराना सपना पूरा होता है तो काँग्रेस पार्टी और उसके दोस्त उसका भी बहिष्कार करते हैं। अयोध्या में भव्य राममंदिर में पहली रामनवमी का आयोजन हुआ, सूर्य की किरणों से भगवान राम के अभिषेक ने हर देशवासी को भक्ति से सराबोर कर दिया। लेकिन, इस इंडी गठबंधन के एक नेता ने कहा, और जब सूर्य तिलक प्रभु राम लला को हो रहा था, उस समय ये इंडी अलायंस के साथी ने क्या कहा, ये सब पाखंड है, पाखंड। ये काँग्रेस पार्टी और उसके साथियों का असली चेहरा है। असली चेहरा।

साथियों,

एकनाथ शिंदे जी की सरकार ने यहाँ ‘लहानुजी महाराज देवस्थान’ का पुनर्विकास का संकल्प किया है। ये लोग अगर मजबूत हुये तो उसका भी विरोध करेंगे। इसलिए, छत्रपति शिवाजी महाराज की ये धरती पर काँग्रेस के इन पापों का हिसाब आपको करना है।

साथियों,

काँग्रेस पार्टी भी ये बात जानती है कि वो चुनाव नहीं जीत सकती है। इसीलिए, काँग्रेस के युवराज नतीजों के बाद देश में आग लगाने की धमकी दे रहे हैं। संविधान को कैद करके आपातकाल लगाने की इनकी मानसिकता बदली नहीं है। लेकिन, देश ने मन बना लिया है- और आज पहले दौर का जो मतदान हुआ है ना, सब ओर एक ही बात नजर आ रही थी- फिर एक बार मोदी सरकार।

साथियों,

देश एक मजबूत, निर्णायक और स्थायी सरकार ही चाहता है। इसलिए, काँग्रेस या इंडी अलायंस को वोट देना, एक तरह से अपना वोट व्यर्थ करना है। बर्बाद करना है। महाराष्ट्र का एक-एक वोट विकास के लिए पड़ना चाहिए। आने वाली 26 अप्रैल को आप सभी को, वर्धा से भाजपा उम्मीदवार श्री रामदास चंद्रभानजी तडस और, अमरावती लोकसभा से श्रीमती नवनीत राणा जी को रिकॉर्ड संख्या में वोट डालकर भारी मतों से विजयी बनाना है। बनाएंगे। लेकिन इसके लिए मेरी शर्त है। काम करना पड़ेगा। करेंगे। ये मतदान के पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़ने होंगे। तोड़ेंगे। हर पोलिंग बूथ जीतना होगा, जीतेंगे। पोलिंग बूथ जीतेंगे। एक भी पोलिंग बूथ ऐसा नहीं है ना कि जहां पर हमारा पराजय हो। सब के सब पोलिंग बूथ जीतेंगे। आने वाली पूरी शक्ति-समय पोलिंग बूथ को जीतने के लिए लगा देनी चाहिए। और आप सभी को मेरा एक और काम भी करना है, करेंगे। ये मेरा पर्सनल काम है। ये तडस जी का नहीं है। करेंगे। सब लोग बताएं तो बताऊं मैं, करेंगे। तो मेरा एक काम करना। महाराष्ट्र में घर-घर जाना। जाकर के कहना कि मोदी भाई आए थे और परिवार के सबको प्रणाम कहा है। मेरा प्रणाम पहुंचा देना। मेरा प्रणाम पहुंचा देंगे। पहुंचा देंगे। जब हर परिवार में मेरा प्रणाम पहुंचेगा ना, तो परिवार के सब लोग मुझे आशीर्वाद देंगे और जब मुझे आशीर्वाद मिलते हैं तो एक नई ऊर्जा मिलती है। और जब नई ऊर्जा होती है तो आपके लिए, आपके सपनों के लिए मुझे खप जाने का आनंद मेरा बढ़ जाता है। इसलिए मुझे हर परिवार से आशीर्वाद चाहिए। बोलिए…
भारत माता की जय!
भारत माता की जय!
बहुत बहुत धन्यवाद

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August 10, 2026

प्रधानमंत्री – मेरे यहां, मुझे यहां लगभग 12-13 साल हो गए इसी मकान में, अगर मैंने regularly और हर बार किसी को रिसिव किया है, किसी को मैं मिला हूं, तो खिलाड़ी हैं। पिछले 10-12 साल हो गए, आप लोगों के पुरुषार्थ के कारण, भारत को लगातार विजय दिलाने के आपके प्रयासों के कारण और उत्तरोत्तर सफलता में नई ऊंचाईयां पार करने की परंपरा के कारण, जो काम शायद हम स्कूलों में जाकर कहें कि नहीं नहीं भई खेलना चाहिए, ये करना चाहिए, वो काम स्कूलों में जाकर के हम कर सकते थे, उससे ज्यादा आपका मेडल उनको inspire करता है।

प्रधानमंत्री – तुमने मुझे वादा किया था पिछली बार कि तुम्हारी दोनों बेटियां खिलाड़ी बन जाएंगी?

खिलाड़ी - हाँ जी अभी वे उमर की छोटी हैं, अगले कॉमनवेल्थ में एक घर में तीन मेडल लाकर दिखाएंगी।

प्रधानमंत्री – पक्का।

खिलाड़ी – हाँ जी।

खिलाड़ी – जब मैं दौड़ रहा था, जब मेरा इवेंट था 29 को, तो उस दिन गुरुपूर्णिमा थी, तो उस दिन मेरे गुरू को मैंने एक गिफ्ट दे दिया।

प्रधानमंत्री – बड़ी शान बढ़ाई आपने। इतनी आंसू टपक रहे थे, मुझे लगता है कि आंसू के हर बूंद से जैसे गोल्ड मेडल टपक रहा है।

खिलाड़ी – मैं बहुत ज्यादा खुशी थी, इमोशनल भी थे उसी दिन, खुशी ज्यादा था और मैं इसलिए रोई थी कि मेरा पेरिस आलंपिक में मेरा 1 Kg में मेडल रह गई थी और एक प्लेयर्स की लाइफ में क्या क्या हमको फेस करना पड़ता है। तो ये 4 साल के अंदर में कितना क्या क्या कुछ मैंने फेस किया था, हर टाइम injury ही चल रहे थे और family problem, वो सब हो रहा था। तो बहुत मुश्किल से मैं ये 4 साल फेस किया था। तो वो सब जब पोडियम में जब मैं खड़ी थी सर और हमारी जो फ्लैग ऊपर जाते हैं और हमारे नेशनल एंथम जब बजते हैं तो सर हम रुक नहीं सकते सर, अपना आप आंसू निकलते हैं।

प्रधानमंत्री – बहुत बहुत बढ़िया

प्रधानमंत्री – आपके इस अचीवमेंट को सिर्फ आपका अचीवमेंट मानता हूं, ऐसा नहीं है, ये आपका विजय आने वाली पीढ़ियों के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा बन जाता है।

खिलाड़ी – सब डर रहे थे हमसे कि इंडिया के साथ फाइट आ गई, अब तो हम पहली फाइट ही हार जायेंगे, हमारा मेडल भी नहीं आयेगा।

प्रधानमंत्री – यानी मान के चलते हैं।

खिलाड़ी – हाँ सर।

प्रधानमंत्री – क्या हुआ, वो restaurant वालों से झगड़ा कर रही थी?

खिलाड़ी – हम लोगों का जो इतना अच्छा परफॉर्मेंस था, लास्ट डे था और सब जीत के गए थे और पूरा इंडिया के लोग थे। तो थोड़ा सा मुझे बुरा लग रहा। तो मैंने उनको अच्छे से बोला रिक्वेस्ट किया था सर, फिर उन्होंने मान भी लिया, अभी चेंज भी हो गया सर।

प्रधानमंत्री – इस विजय की परिस्थिति खुशी, आनंद, अपने साथियों के साथ और गेम पूरे हो चुके हैं। तो हसी मजाक मस्ती का मूड ऐसे समय उस मैप पर नजर जाना और उसको रजिस्टर करना और तुरंत सिर्फ मेडल लेते समय देश खड़ा हो जाता है ऐसा नहीं, भीतर से देश का भाव मैं सच बताता हूँ ये वीडियो सामान्य नहीं है आपका, लंबे समय तक लोगों को याद रहेगा। ये बॉक्सिंग वालों से भी दुनिया के खिलाड़ी अब डरने लगे हैं।

खिलाड़ी – जरूर सर, पुरे सभी डरे हुए थे। एक के बाद एक गोल्ड मेडल गोल्ड मेडल आ रहे थे और मतलब पूरा लास्ट में ऐसे धमाका जैसा हो गया बिल्कुल। जिस तरीके से हम लोगों को सपोर्ट मिल रहा है, हमें बैक टू बैक कंपटीशन मिल रहा है वो एक बहुत बड़ी बात है और हमारे जितने भी यंग एथलीट है वो लोग सभी जैसे खेलो इंडिया स्कीम से आए हुए हैं और ये एक बहुत बड़ा changes ला रहा है पूरे स्पोर्ट्स में ही।

प्रधानमंत्री – अगर आप लोग खेलो इंडिया की प्रतिष्ठा बढ़ाते हैं और प्रतिष्ठा सिर्फ वहां जाकर के रिबिन काटने से नहीं होगी। आप वैसे ही खेलेंगे जैसे एक छोटा विद्यार्थी, एक छोटा नौजवान, छोटा खिलाड़ी खेलता है। यह बहुत बड़ा कंट्रीब्यूशन करेगा। क्योंकि अभी तो हमें बहुत आगे जाना है, बहुत मेडल लाना है। कारगिल विजय दिवस पर किसकी विजय हुई थी?

खिलाड़ी – उस दिन कारगिल डे था वैसे और जिस दिन मैंने पाकिस्तान के साथ फाइट किया था सर, वो उसी दिन का था। तो मैं एक इंडियन आर्मी से हूं, तो मैंने उस दिन मैं पहले से बहुत वो था कि सर पाकिस्तान को हराना है। तो मैंने वो पाकिस्तान एक तरफ मैंने 5-0 से हराया, तो मैंने हमारा इंडियन आर्मी का कारगिल हीरोज़ को मैंने डेडिकेट किया किया था सर।

प्रधानमंत्री – आपको यह याद रहना और आप स्वयं फौज से हैं तो, मैं जरूर मानता हूं कि देश के वीर जवानों को आपने जो भाव प्रकट किया ना कि, मैं कारगिल के विजेताओं को मेरा मेडल समर्पित करता हूं। उसने उस विजय पर चार चांद लगा दिए और जिसको पराजित करना था उसी को किया आपने।

खिलाड़ी – वो पाकिस्तान की बात चल रही है, मुझे किस्सा याद आ गया सर। 2015 वर्ल्ड मिलिट्री गेम थे और मेरी पाकिस्तान के साथ पहली फाइट आ गई थी और वर्ल्ड मिलिट्री गेम थे तो मिलिट्री वाले के फोन आए कि भई पाकिस्तान से नहीं हारना है। तो फिर मैं फर्स्ट राउंड 4-1 से जीत गया। सेकंड राउंड 3-2 से जीत गया, पर दोनों के सर लग गए आपस में, तो दोनों के लग गए कट और फाइट तो मैं जीत गया।

प्रधानमंत्री – हाँ

खिलाड़ी – उसके बाद फिर दोनों चले गए हॉस्पिटल में टांके लगवाने के लिए। फिर 2014 में आप फर्स्ट टाइम प्रधानमंत्री जी बने थे और जो हमारे साथ आर्मी का कोच गया हुआ था उसका नाम नरेंद्र राणा था और फिर वो कई देर तक सोच के मेरे को बोला कि भाईजान एक बात बोलूं, मैं हां बोलो, बोला भाईजान आपका नाम नरेंद्र है। आपके कोच का नाम नरेंद्र है, आपके प्रधानमंत्री का नाम नरेंद्र है, तो मुझे नरेंद्र नाम से नफरत हो गई है।

प्रधानमंत्री – सिर्फ आपने मेडल की संख्या बढ़ाई ऐसा नहीं है। आपने एक पीढ़ी को तैयार किया।

खिलाड़ी – मेरे मन में भी धक-धक धक-धक हो रहा है सर।

प्रधानमंत्री – आप चिंता मत कीजिए।

खिलाड़ी – पर..

प्रधानमंत्री – आप चाहें तो आपको बोलने में भी मेडल मिलने वाला है।

खिलाड़ी – मेरे फ्रेंड सर्कल में किसी ने बोला था कि मैं उनको कुछ बोलती थी भई तुम्हारे अच्छे के लिए तुम करो। तो अक्सर मुझे वो बोलते थे कि तू के मोदी ते मिल रही है?

प्रधानमंत्री – हाँ

खिलाड़ी – हरियाणवी में बोल देते हैं सर कि क्या तू मोदी से मिली हुई है, कि तेरी बात माने। तो आज मैं आपसे मिली हूं सर। मैं उनको बोल पाऊंगी कि हां मैं मोदी जी से मिली हूं।

खिलाड़ी – कॉमनवेंल्थ गेम्स में मैंने सिल्वर मेडल जीता, फिर मैंने क्रेडिट साहब को दिया, सपना तो था एक बार मेडल जीत के लेके आने के लिए, बट ट्रेनिंग का सेंटर नहीं था, मैंने SAI आने के बाद मैं बहुत ट्रेनिंग करके मेडल जीत पा रहा, इसलिए बहुत खुशी से मैंने सर को क्रेडिट दिया था क्योंकि बहुत इंप्रूव हुआ।

प्रधानमंत्री – मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान का विषय है, मेहनत आपने की और मुझे याद किया, मैं आपका बहुत आभारी हूं दोस्त।

प्रधानमंत्री – वाराणसी में खेल तुम प्रैक्टिस कर रही थी ना?

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – कैसा बना है स्टेडियम?

खिलाड़ी – सर अच्छा बना है, वहां पर मैं 10-12 दिन के लिए ट्रेनिंग करने गई थी, क्योंकि मैं मंदिर गई थी तो वहां पर ही ट्रेनिंग करके आई थी। और मैं वहां पे मतलब सेटल भी होना चाहती हूं क्योंकि मुझे काशी विश्वनाथ बहुत अच्छा लगता है सर।

प्रधानमंत्री – भोपाल में ट्रेनिंग कर रही थी ना?

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – तो उज्जैन जाते थे कि नहीं?

खिलाड़ी – जी सर उज्जैन भी गई थी सर।

प्रधानमंत्री – अच्छा महाकाल के पास भी गई।

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – काशी विश्वनाथ के पास हो आई एक बार।

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – सावन महीना तो अभी है।

खिलाड़ी – वहां घर जाके फिर उसके बाद जाऊंगी सर।

प्रधानमंत्री – ठीक है।

खिलाड़ी – साई ने भी सर बहुत सपोर्ट किया है मुझे। इसके कारण ही मैं यहां तक पहुंची हूं सर। और मैं खेलो इंडिया स्कीम में भी थी 2018 में जो फर्स्ट खेलो इंडिया हुआ था, उसमें मेरा सिल्वर मेडल था, वहां पे भी मैंने आपको देखा था ओपनिंग सेरेमनी में, तो उसमें मेरा मेडल था, तो मेरे को स्कीम भी मिल गया और मैं यहां तक पहुंची हूं सर।

प्रधानमंत्री – स्पोर्ट्स व्यवस्था एक बात है, लेकिन देश मेडल तब प्राप्त करता है जब देश में स्पोर्ट्स कल्चर बनता है। दोस्तों आपने बहुत बड़ा काम किया है। देश का नाम रोशन किया है। आपको मैं बहुत बधाई देता हूं और आप विश्वास कीजिए आगे भी आप विजयी होंगे और फिर से एक बार यहीं पर हम मिलेंगे। बहुत-बहुत धन्यवाद। बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

प्रधानमंत्री – ये लगातार तीसरी बार देश को मेडल दिलवाया है।

खिलाड़ी – थैंक यू सर।

प्रधानमंत्री – बहुत आशीर्वाद बेटा।

खिलाड़ी – और थैंक यू सो मच मैं सर के हाथ से लड्डू खा रही मेरा कल बर्थडे था तो आज सर के हाथ से…

प्रधानमंत्री – बहुत बधाई वाह।

प्रधानमंत्री – मुस्कुराओ यार ।

प्रधानमंत्री – जो खेलेगा वो खिलेगा।