മോദി ജനിച്ചത് സന്തോഷത്തിനല്ല, ദൗത്യത്തിനാണ്: പ്രധാനമന്ത്രി മോദി പാലാമുവിൽ
ജെഎംഎം-കോൺഗ്രസ് സഖ്യ നേതാക്കൾ അഴിമതിയിലൂടെ വൻതോതിൽ സ്വത്ത് സമ്പാദിച്ചു: പ്രധാനമന്ത്രി മോദി പാലാമുവിൽ
കഴിഞ്ഞ 10 വർഷത്തിനിടെ മോദി നിങ്ങൾക്ക് ഉറപ്പുള്ള വീടും വൈദ്യുതിയും ഗ്യാസും വെള്ളവും നൽകി: പ്രധാനമന്ത്രി മോദി പാലാമുവിൽ

आप सब लोगन के प्रणाम। रऊआ सब के गोड़ लागत थी, प्रणाम करत ही। ऐसा लग रहा है, आपने जेएमएम और कांग्रेस को दिन में ही तारे दिखा दिए। वहां जो पीछे सिक्योरिटी औऱ प्रशासन के लोग काम करते हैं, मैं देख रहा हूं, बहुत लोग आ रहे हैं, एक शायद उन्होंने एंट्री प्वाइंट बहुत कम बनाए हैं, इसलिए लोगों को आने में दिक्कत हो रही है। अच्छा होगा, पीछे आ रहे हैं तो आने दिजिए। इतनी स्क्रूटनी करने की क्या जरूरत है। बहुत बड़ी मात्रा में हूजूम का हूजूम आ रहा है। शायद यहां से मेरी बात, प्रशासन वालों को मेरी बात सुनाई देगी या नहीं सुनाई देगी, मुझे मालूम नही, otherwise यहां के कोई व्यक्ति वहां जाकर समझाएं, ताकि ज्यादा लोग अंदर आ सकें। वैसे भी, ये पंडाल छोटा पड़ गया है।

साथियों,

मैंने लंबे अर्से तक पार्टी के संगठन का काम किया है। यहां झारखंड में भी, और इलाके में जाया करता था। चुनाव लड़वाएं भी हैं, औऱ चुनाव लड़े भी हैं। लेकिन सुबह दस, साढ़े दस बजे इतनी बड़ी रैली करने की हिम्मत मैं नहीं कर सकता था। मैं यहां आपकी पूरी टीम को बधाई देता हूं, भाई। इतनी बड़ी रैली सुबह साढ़े दस बजे करना, ये बहुत बड़ी ताकत लगती है। आपने बड़ा कमाल किया है जी। ये धरती, शहीद नीलांबर-पीतांबर की धरती है। इस धरती को प्रणाम करता हूँ। इतनी बड़ी रैली, इतनी बड़ी संख्या में माताएं-बहनें. आपका ये आशीर्वाद, आपका ये प्यार, ये मैं कभी नहीं भूल सकता।

भाइयों और बहनों

आप सभी अपने एक वोट के महत्व को बहुत अच्छी तरह जानते हैं। 2014 में आपके एक वोट ने ऐसा काम क्या किया, ऐसा काम किया, कि पूरी दुनिया भारत के लोकतंत्र की ताकत को सलाम करने लग गई। आपने 2014 में अपने एक वोट से कांग्रेस की महाभ्रष्ट सरकार को हटा दिया था। आपके एक वोट ने BJP-NDA की सरकार बनाई। और आपकी इस एक वोट की ताकत का परिणाम क्या हुआ? आज भारत का डंका पूरी दुनिया में बज रहा है। 500 साल से हमारी कितनी ही पीढ़ियां संघर्ष करती रही, इंतजार करती रही, लाखों लोग शहीद होते रहे, पांच सौ साल लंबा अविरल संघर्ष चला, शायद दुनिया में इतना लंबा अविरल संघर्ष इतिहास में कहीं हुआ होगा, जो अयोध्या में हुआ। आपके वोट की ताकत देखिए, 500 साल तक लड़ाई लड़नी पड़ती थी। 500 साल तक इंतजार करना पड़ता था। 500 साल तक अनेक पीढ़ियां चली गई। लेकिन जो काम नहीं हुआ वो आपके एक वोट से आज राम मंदिर बन गया। देश आजाद हुआ, जम्मू कश्मीर में आए दिन, खतरे की घंटी बजती रहती थी। जम्मू कश्मीर का क्या होगा चिंता रहती थी। बम धमाके, गोला बारूद, कश्मीर से वही सुनाई देता था, आपके एक वोट की ताकत देखिए, आपने जम्मू कश्मीर देखा भी नहीं होगा लेकिन आपके वोट की ताकत देखिए जो 370 की दीवार थी, आपके वोट ने 370 की उस दीवार को जमींदोज करके जमीन में गाड़ दिया। आए दिन हमारे झारखंड में, छत्तीसगढ़ में, उड़ीसा में, बिहार में, आंध्रं में पशुपति से ले करके तिरूपति तक नक्सलवाद के आतंकवाद को फैला करके इस धरती को लहूलूहान कर देता था। इतनी माताएं अपना जवान बेटा खो देती थीं, पाल पोस कर के बड़ा किया बेटा, गलत संगत में आ कर, बंदूक उठाकर जंगलों में भाग जाता था। आपके एक वोट ने कितनी ही माताओं की आस पूरी की, बच्चों को बचा लिया। आपके एक वोट ने, इस धरती को लहूलूहान करने वाले नक्सलवादी आतंकवादी से मुक्ति दिला दी, ये आपके एक वोट की ताकत है।

साथियों,

याद करिए कांग्रेस के समय क्या हाल था, यहां बम फूटते थे, आतंकवादी गोलियां चलाते थे। निर्दोषों को मौत के घाट उतारते थे, और दिल्ली की सरकार पाकिस्तान को लव लेटर भेजती थी, पाकिस्तान को लव लेटर भेजती थी, अमन की आस लगाते थे, अमन की आस, पाकिस्तान के पास जितने लेटर जाते थे उससे ज्यादा आतंकी भेजता था। औऱ बम-गोले लेकर वो देश में फिर खून की होली खेलते थे। और जब आपने एक वोट दिया न, उस वोट ने मुझमें इतना दम भर दिया, इतना दम भर दिया मैंने आते ही कह दिया, enough is enough, बहुत हो चुका है। मैंने कहा, अब ये खेल नहीं चलेगा, मां भारती का अपमान नहीं सहन करूंगा, निर्दोषों को मारने नहीं दूंगा। आज नया भारत डोजियर नहीं देता है, ये नया भारत है घर में घुस करके मारता है। सर्जिकल स्ट्राइक और एयरस्ट्राइक के तमाचे ने पाकिस्तान को हिलाकर रख दिया था। पहले एक समय ऐसा था कि कोई महीना ऐसा नही जाता था कि झारखंड, बिहार के इस इलाके से, देश की सेवा करते करते हमारे नौवजवान सीमा पर शहीद न होते हों, और तिरंगे में लिपटकरके उनके शरीर वापिस न आते हों, ये हर महीने चलता था। आज वो सब बंद हो चुका है। ये आपके वोट ने किया है। एक वो स्थिति थी जब आतंकी हमले के बाद कांग्रेस की डरपोक सरकार दुनिया भर में जा-जाकर रोती थी। एक ये स्थिति है, वो वक्त चला गया जब हम दुनिया में जा करके रोते रहे। आज स्थिति ये है पाकिस्तान दुनिया भर में जा-जा करके रो रहा है। बचाओ, बचाओ चिल्ला रहा है। आज पाकिस्तान के नेता, कांग्रेस के शहजादे को पीएम बनाने के लिए दुआ कर रहे हैं। लेकिन मज़बूत भारत तो अब मज़बूत सरकार ही चाहता है। ये दृश्य दिखाता है, पूरा हिन्दुस्तान में हर कोई कहता है मजबूत भारत के लिए मजबूत सरकार, मजबूत सरकार के लिए मोदी की सरकार। फिर एक बार मोदी सरकार, फिर एक बार मोदी सरकार, फिर एक बार मोदी सरकार,

भाइयों और बहनों,

मुझे सीएम और पीएम के रूप में देश वासियों की सेवा करते करते, लगभग 25 साल हो जाएगें। आपके आशीर्वाद से पच्चीस साल हो गए, मोदी पर एक पैसे के घोटाले का आरोप नहीं लगा है। और मेरे लिए तो मेरी ये मॉ बहनें बैठी हैं न, उनकी दुआ उनके आशिर्वाद ही मेरे लिए बहुत है, काफी है। मुझे जीवन किसी औऱ की जरूरत नहीं है जी, मैं आज भी पद प्रतिष्ठा, सुख, समृद्धि इन सबसे दूर वैसा हूँ जैसा आपने मुझे यहां भेजा था। मोदी मौज के लिए नहीं मिशन के लिए पैदा हुआ है। जेएमएम कांग्रेस के नेताओँ ने भ्रष्टाचार से अपार धन संपदा खड़ी की है। मेरे पास अपनी साइकिल भी नहीं है। न मेरा घर है।

साथियों,

संपत्ति हो, राजनीति हो, सब कुछ ये अपने-अपने बच्चों के लिए अर्जित कर रहे हैं। ये उनके लिए विरासत में ढेर सारी काली कमाई छोड़ कर जाएंगे। लेकिन मोदी को किसके लिए छोड़ना है भाई, आगे भी कुछ रखा नहीं है पीछे भी कुछ रखा नहीं है। मेरे वारिस तो आप सभी हैं, आपके बच्चे हैं, आपके नाती-पोते, यही मेरे वारिस हैं। मेरी इच्छा है, मैं विरासत में आपको, आपके बच्चों को विकसित भारत ही दे करके जाऊं, ताकि आपको कभी मुसीबत भरी जिंदगी जीने की नौबत न आए। आपका अच्छा जीवन हो। आपको वो सब न देखना पड़े, जो मेरे जैसे परिवार, जो मैंने कभी देखा था, मेरे जैसे लाखों करोड़ों परिवारों ने देखा है। मैं उन स्थितियों से देश को मुक्त कराना चाहता हूँ।

भाइयों-बहनों,

आप मेरे जीवन को भलीभांति जानते हैं। मैं तो गरीबी का जीवन जीकर आया हूं। मैंने गरीबी को जीया है। गरीब की जिंदगी कितनी तकलीफ वाली होती है न उससे गुजरते-गुजरते यहां मैं आय़ा हूँ। इसलिए, 10 वर्षों में गरीब कल्याण की हर योजना की प्रेरणा, मेरे अपने जीवन के अनुभव से जन्म लिया है। जब आज मैं लाभार्थियों से मिलता हूं, तो ख़ुशी के मारे मेरे आंख में से आंसू निकल आते हैं। ये आंसू वही समझ सकता है, जिसने गरीबी देखी हो, जिसने कष्ट में जीवन गुजारा हो। जिसने मां को धुएं में खांसते देखा नहीं, उसको ये आंसू कभी भी समझ नहीं आ सकते। जिसने अपना पेट बांधकर, मां को सोते नहीं देखा,जिसने लोटा भर पानी पीकर मां को भूख मिटाते नहीं देखा, जिसने अपनी बीमारी को छिपाते नहीं देखा, शौचालय के अभाव में पीड़ा और अपमान सहती मां को नहीं देखा, वो मोदी के इन आंसुओं का मर्म नहीं समझेगा। लेकिन भाइयों और बहनों, ये कांग्रेस के शहज़ादे, मोदी के आंसुओं में अपनी खुशी ढूंढ रहे हैं। कहते हैं मोदी के आंसू अच्छे लगते हैं। ये निराश-हताश लोग अब इतने कुंठित हो गए हैं। एक कहावत है: जाके पांव न फटे बिवाई, सो क्या जाने पीर पराई। कांग्रेस के शहज़ादे की हालत वही है। वो तो गर्व से कहते हैं कि उनके घर में कई प्रधानमंत्री थे। खुद चांदी के चमम्च से खाते रहे, गरीब की, दलित-आदिवासी की झोपड़ी में फोटो खिंचवाते रहे, लेकिन गरीब के लिए कुछ नहीं किया। मोदी के 10 साल के सेवाकाल में 25 करोड़ देशवासी गरीबी से बाहर निकले हैं। इसलिए वो आज भाजपा को आशीर्वाद दे रहे हैं। यही मेरे गरीब भाई बहन है, उन्हीं के आशीर्वाद तो मेरी शक्ति है। यही तो मेरी पूंजी है।

साथियों,

कांग्रेस ने, उसके सहयोगियों ने पलामू को भी तो अपने हाल पर छोड़ दिया था। दिल्ली में बैठे इनके नेताओं को नक्शा दिखाकर पूछ लीजिए की पलामू कहां है, तो पता ही नहीं होगा। ऐसे ही जिलों में देश के सबसे ज्यादा दलित-पिछड़े-आदिवासी, मेरे भाई बहन रहते हैं। लेकिन इसकी उन्हें परवाह ही नहीं थी। ऊपर से ऐसे जिलों को पिछड़ा जिला कहकर पलामू को अपमानित किया जाता था। ये तो बैकवर्ड डिस्ट्रिक्ट है बैकवर्ड डिस्ट्रिक्ट है। यानि कोई अच्छा अफसर यहां आने को तैयार नहीं, ये हाल बनाकर रखा। आपने मुझे 2014 में सेवा का मौका दिया। मैंने कहा ऐसे नहीं चलेगा, मैंने पिछड़ा-पिछड़ा सारी जो इन जिलों को बैकवर्ड बैकवर्ड कह करके बरबाद करके रख था न, मैंने कहा आकांक्षी जिले हैं, यहां के लोगों के भी सपने हैं। यहां के लोगों की भी आंकाक्षाऐं हैं। मैं उसे मरने नहीं दूंगा। मैं उसमें नई जान भर दूंगा।और मैं इन आंकाक्षी जिलों को, होनहार जिला बनाकर रहूंगा। पहले अफसर ऐसे जिलों में जाने से डरते थे। अफसरों लगता था यहां पेस्टिंग मतलब यहां मेरा पनिशमेंट पोस्टिंग हो गया, सज़ा देने के लिए यहां तैनात किया गया। मैंने देश के सबसे अच्छे अफसरों को पलामू में लगाया, अब मेरे पलामू के लोगों की मेहनत देखिए,पलामू में आकांक्षी जिला कार्यक्रम से शुरू होने से पहले और अब, जमीन आसमान का फर्क आ गया है। 100 में से सिर्फ 14 गरीब परिवार ऐसे थे, जिनके पास पक्के घऱ थे, आज पलामू में करीब-करीब हर परिवार के पास पक्का घर हो रहा है। और मैं आपको भी कहता हूँ जब इस चुनाव अभियान में घर-घर जाएगें न, औऱ गांव में कहीं भी कच्चा मकान दिखे, अगर किसी गरीब परिवार को नहीं पहुंचा है। ऐसे एक दो लोग मिल सकते हैं, उनका नाम पता ले करके मुझे भेज दिजिए, मैं आपको गारंटी देता हूँ, मैं आपको गारंटी देता हूँ तीसरे टर्म में, जब मैं अगली बार प्रधानमंत्री बनूंगा, उनका पक्का घर बना करके दे दूंगा। और आप लोग भी मुझे जानते हो नहीं जानते हो, आप मान लिजिए, मेरे लिए आप ही मोदी हैं, जा करके गारंटी दे देना। आकांक्षी जिला कार्यक्रम शुरू होने से पहले, यहां 100 में से 80 परिवार अंधेरे में रहने के लिए मजबूर थे। यह भी आंकड़ा याद रखिए, सौ में से 80 परिवार अंधेरे में। आज पलामू के हर घऱ, हर स्कूल में बिजली है, 2014 के पहले, पलामू की 100 में से 3 ग्राम पंचायतों में इंटरनेट था, आज यहां हर गांव डिजिटल क्रांति का हिस्सा है। ये सब मोदी ने किसके लिए किया है? भाई। मोदी ये किसके लिए मेहनत करता है? मोदी ये किसके लिए मेहनत करता है, भाई ? किसके लिए करता है? मुझे संतोष हो रहा है कि मैं इस प्रकार से आपकी सेवा कर रहा हूँ। ये मैं आपके, आपके बच्चों के लिए कर रहा हूँ। मैं, यह आपके उज्ज्वल भविष्य के लिए कर रहा हूं।

भाइयों और बहनों

आज मैं पलामू को बधाई देने के साथ ही आपको सतर्क करने भी आया हूं। मोदी यहां रोजगार बढ़ाना चाहता है, मोदी आपके जीवन में खुशहाली लाना चाहता है, लेकिन कांग्रेस वालों की नजर आपकी जमीन-जायदाद पर पड़ गई है। कांग्रेस हो या जेएमएम हो उनको कुछ और नजर ही नहीं आता है, और ये कांग्रेस ने अभी अपना मैनिफेस्टो निकाला है, और बेईमानी देखिए, वो कह रहे हैं कि वो आपका एक्स रे करेंगे, एक्स करेंगे, कितनी जमीन है, घर कहां है, कितने कमरे हैं, घर में सोना है कि नहीं है, चांदी है कि नही है, मंगलसूत्र है कि नही है, जांच कराएगें औऱ फिर उनसमें से कुछ हिस्सा छीन लेंगे। औऱ आपस से वो ले करके अपने वोट बैंक को देना चाहते हैं। क्या आप आपकी पूंजी छीनने देंगे, किसी भी सरकार को आप अपनी पूंजी लेने देंगे? आपकी मेहनत की कमाई, आपकी बचाय़ी हुई कमाई किसी को देने देंगे, आपके पूर्वजों ने जो दिया है से आप किसी को देने देंगे? ये आपकी कमाई का, आपकी फसल का, आपके वन धन का, हिस्सा भी हड़प लेना चाहते हैं।

साथियों,

कांग्रेस और इंडी गठबंधन ने एक और खतरनाक बात कही है। ये लोग अब SC/ST/OBC का आरक्षण छीन लेना चाहते हैं। जब हमारा संविधान बन रहा था, तब संविधान निर्माताओं ने मिलकर तभी एक बात तय की थी। और ये पक्का हो गया था कि भारत में कभी भी धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं दिया जाएगा। लेकिन अब कांग्रेस और उनके चट्टे बट्टे, ये जेएमएम औऱ आरजेडी सब ये आदिवासियों का, पिछ़ड़ों का, दलितों का आरक्षण में डाका डालकर, आरक्षण में से कुछ हिस्सा छीन करके, धर्म के आधार पर, संविधान बदल करके, मुसलमानों को देना चाहती है। और कांग्रेस चिल्ला चिल्ला कर कह रही है औऱ आरजेडी औऱ जेएमएम वाले जवाब भी नहीं दे रहे हैं। वो कांग्रेस के इस एलान को मौन सहमति दे रहे हैं। क्या आप अपने आरक्षण के हक को जाने देंगे? क्या आप अपने आरक्षण के हक को जाने देंगे? बाबा साहेब अंबेडकर ने दिया है, उसको छीनने देंगे क्या? मेरे आदिवासी भाई बहन, मेरे दलित भाई बहन, मेरे पिछड़े भाई बहन, आप लिखकर रखिए, ये मेरी गारंटी है कि जब तक मोदी जिंदा है, जब तक मोदी जिंदा है तब तक दलितों के, आदिवासियों के, पिछड़ों के आरक्षण में से रत्ती भर मैं धर्म के आधार पर उनके वोट बैंक को नहीं देने दूंगा। मैं संविधान के साथ कोई भी छेड़छाड़ नहीं करने दूंगा।

साथियों,

भाजपा ने, NDA ने, हमेशा आदिवासी हितों को सर्वोपरि रखा है। ये मेरा सौभाग्य कि, मैं देश का पहला प्रधानमंत्री हूं जो उलिहादु गया, भगवान बिरसा मुंडा के गांव गया। साल 2025 भगवान बिरसा मुंडा का 150वां जन्मजंयती वर्ष है। मोदी ने तय किया है कि मेरे तीसरे प्रधानमंत्री के कार्यकाल के दरम्यान हमारे बिरसा मुंडा जी के 150 वीं जयंती हिन्दुस्तान के हर कोने में शान से मनायी जाएगी। बिरसा मुंडा की जन्म, उस जन्म दिवस को जनजातीय गौरव दिवस मनाते हैं, 150 के निमित्त जनजातीय गौरव वर्ष के रूप में मनाया जाएगा। भगवान बिरसा मुंडा की प्रेरणा से ही मैंने 24 हज़ार करोड़ रुपए की पीएम-जनमन योजना शुरू की है। इसका लाभ आदिवासियों में भी जो सबसे पिछड़ी जनजातियां हैं, उन्हें होगा।
भाइयों और बहनों, बीते 10 साल में मोदी ने आपको पक्का घर दिया है, बिजली गैस पानी दिया है। मोदी का तीसरा कार्यकाल शुरू होने दीजिए, जिन-जिन लोगों को अब तक मोदी की योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाया है, उन्हें भी इसका लाभ मिलेगा। औऱ ये मोदी की गारंटी है।

साथियों,

NDA सबका साथ-सबका विकास के लिए प्रतिबद्ध है। यहां झारखंड में ‘आजसू’ पार्टी और सुदेश महतो जी के साथ मिलकर एक ताकत से लड़ाई लड़ रही आपको पलामू से हमारे विष्णु दयाल राम जी को ज्यादा से ज्यादा मतों से विजयी बनाना है। ये हमारे विष्णु दयाल जी इतने सरल हैं, इतने सरल हैं कि पार्लियामेंट में जब मैं उनका किसी से परिचय करवाता हूँ, कि ये डीजीपी थे तो मानने को तैयार नही है। एकदम सरल , जमीन पर रहकरके, सुख दुःख के साथी, ऐसे आपके म्मीदवार हैं, देश को ऐसे लोगों की जरूरत है। 13 मई को आपको अपना बूथ जीतना है। जीतेंगे? पोलिंग बूथ जीतेंगे? मुझे चुनाव तो जीतना है, मुझे पोलिंग बूथ भी जीतना है। आप आप घर-घर जाएगें? दोनों हाथ ऊपर करके बताइए, घर-घर जाएगें? मतदाताओं को मिलेंगे? अच्छा पोलिंग के दिन छोटी छोटी यात्राऐं निकलवा करके मतदान करवाइए। रामधुन करते करते जाइए, उत्सव का माहौल बनाइए, और भारी संख्या में मतदान कराइए, कितनी ही गर्मी क्यों न हो पहले मतदान फिर जनलपान। अच्छा मेरा एक काम करेंगे? मेरा एक काम करेंगे? मुझे बताइए, मेरा एक काम करेंगे? हाथ ऊपर करके बताइए, मेरा एक काम करेंगे? मेरा पर्सनल काम है करेंगे? ये चुनाव का काम नहीं है, करेंगे? ये मोदी का काम है करेंगे? मेरा एक काम करना, घर- घर जाना जा करके कहना, मोदी जी आए थे, और मोदी जी ने आपको जयश्रीराम कहा है। मेरा जयश्रीराम पहुंचा देंगे? पक्का पहुंचा देंगे? बोलिए, भारत माता की जय !

भारत माता की जय !

भारत माता की जय !

बहुत बहुत धन्यवाद

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This is the New India that leaves no stone unturned for development: PM Modi
March 23, 2026
Today, India is moving forward with a new confidence; Now India faces challenges head-on: PM
From the Gulf to the Global West and from the Global South to neighbouring countries, India is a trusted partner for all: PM
What gets measured gets improved and ultimately gets transformed: PM
This is the new India, It is leaving no stone unturned for development: PM

नमस्कार!

पिछले कुछ समय में मुझे एक-दो बार टीवी9 भारतवर्ष देखने का मौका मिला है। नॉर्मली भी युद्धों और मिसाइलों पर आपका बहुत फोकस होता है और आजकल तो आपको कंटेंट की ओवरफीडिंग हो रही है। बड़े-बड़े देश टीवी9 को इतना सारा कंटेंट देने पर तुले हुए हैं, लेकिन On a Serious Note, आज विश्व जिन गंभीर परिस्थितियों से गुजर रहा है, वो अभूतपूर्व है और बेहद गंभीर है। और इन स्थितियों के बीच, आज टीवी-9 नेटवर्क ने विचारों का एक बेहद महत्वपूर्ण मंच बनाया है। आज इस समिट में आप सभी India and the world, इस विषय पर चर्चा कर रहे हैं। मैं आप सबको बधाई देता हूं। इस समिट के लिए अपनी शुभकामनाएं देता हूं। सभी अतिथियों का अभिनंदन करता हूं।

साथियों,

आज जब दुनिया, conflicts के कारण उलझी हुई है, जब इन conflicts के दुष्प्रभाव पूरी दुनिया पर दिख रहे हैं, तब India and the world की बात करना बहुत ही प्रासंगिक है। भारत आज वो देश है, जिसकी अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। 2014 के पहले की स्थितियों को पीछे छोड़कर के आज भारत एक नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। अब भारत चुनौतियों को टालता नहीं है बल्कि चुनौतियों से टकराता है। आप बीते 5-6 साल में देखिए, कोरोना की महामारी के बाद चुनौतियां एक के बाद एक बढ़ती ही गई हैं। ऐसा कोई साल नहीं है, जिसने भारत की, भारतीयों की परीक्षा न ली हो। लेकिन 140 करोड़ देशवासियों के एकजुट प्रयास से भारत हर आपदा का सामना करते हुए आगे बढ़ रहा है। इस समय युद्ध की परिस्थितियों में भी भारत की नीति और रणनीति देखकर, भारत का सामर्थ्य देखकर दुनिया के अनेकों देश हैरान हैं। हमारे यहां कहावत है, सांच को आंच नहीं। 28 फरवरी से दुनिया में जो उथल-पुथल मची है, इन कठोर विपरीत परिस्थितियों में भी भारत प्रगति के, विकास के, विश्वास के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। इन 23 दिनों में भारत ने अपनी Relationship Building Capacity दिखाई है, Decision Making Capacity दिखाई है और Crisis Management Capacity दिखाई है।

साथियों,

आज जब दुनिया इतने सारे खेमों में बंटी हुई है, भारत ने अभूतपूर्व और अकल्पनीय bridges बनाए हैं। Gulf से लेकर Global West तक, Global South से लेकर पड़ोसी देशों तक भारत सभी का trusted partner है। कुछ लोग पूछते हैं, हम किसके साथ हैं? तो उनको मेरा जवाब यही है कि हम भारत के साथ हैं, हम भारत के हितों के साथ हैं, शांति के साथ हैं, संवाद के साथ हैं।

साथियों,

संकट के इसी समय में जब global supply chains डगमगा रही हैं, भारत ने diversification और resilience का मॉडल पेश किया है। Energy हो, fertilizers हों या essential goods अपने नागरिकों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए भारत ने निरंतर प्रयास किया है और आज भी कर रहे है।

साथियों,

जब राष्ट्रनीति ही राजनीति का मुख्य आधार हो, तब देश का भविष्य सर्वोपरि होता है। लेकिन जब राजनीति में व्यक्तिगत स्वार्थ हावी हो जाता है, तब लोग देश के फ्यूचर के बजाय अपने फ्यूचर के बारे में सोचते हैं। आप ज़रा याद कीजिए 2004 से 2010 के बीच क्या हुआ था? तब कांग्रेस सरकार के समय पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतों का संकट आया था और तब कांग्रेस ने देश की नहीं बल्कि अपनी सत्ता की चिंता की। उस वक्त कांग्रेस ने एक लाख अड़तालीस हज़ार करोड़ रुपए के ऑयल बॉन्ड जारी किए थे और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी ने खुद कहा था कि वो आने वाली पीढ़ी पर कर्ज का बोझ डाल रहे हैं। यह जानते हुए भी कि ऑयल बॉन्ड का फैसला गलत है, जो रिमोट कंट्रोल से सरकार चला रहे थे, उन लोगों ने अपनी सत्ता बचाने के लिए यह गलत निर्णय किया क्योंकि जवाबदेही उस समय नहीं होनी थी, उस बॉन्ड पर री-पेमेंट 2020 के बाद होनी थी।

साथियों,

बीते 5-6 वर्षों में हमारी सरकार ने कांग्रेस सरकार के उस पाप को धोने का काम किया है, और इस धुलाई का खर्चा कम नहीं आया है, ऐसी लाँड्री आपने देखी नहीं होगी। 1 लाख 48 हज़ार करोड़ रुपए की जगह, देश को 3 लाख करोड़ रुपए से अधिक की पेमेंट करनी पड़ी क्योंकि इसमें ब्याज भी जुड़ गया था। यानी हमने करीब-करीब दोगुनी राशि चुकाने के लिए मजबूर हुए। आजकल कांग्रेस के जो नेता बयानों की मिसाइलें दाग रहे हैं, मिसाइल आई तो टीवी9 को मजा आएगा, उनकी इस विषय का जिक्र आते ही बोलती बंद हो जाती है।

साथियों,

पश्चिम एशिया में बनी परिस्थितियों पर मैंने आज लोकसभा में अपना वक्तव्य दिया है। दुनिया में जहां भी युद्ध हो रहे हैं, वो भारत की सीमा से दूर हैं। लेकिन आज की व्यवस्थाओं में कोई भी देश युद्धों से दुष्प्रभाव से दूर रहे, ऐसा संभव नहीं होता। अनेक देशों में तो स्थिति बहुत गंभीर हो चुकी है। और इन हालातों में हम देख रहे हैं कि राजनीतिक स्वार्थ से भरे कुछ लोग, कुछ दल, संकट के इस समय में भी अपने लिए राजनीतिक अवसर खोज रहे हैं। इसलिए मैं टीवी9 के मंच से फिर कहूंगा, यह समय संयम का है, संवेदनशीलता का है। हमने कोरोना महासंकट के दौरान भी देखा है, जब देशवासी एकजुट होकर संकट का सामना करते हैं, तो कितने सार्थक परिणाम आते हैं। इसी भाव के साथ हमें इस युद्ध से बनी परिस्थितियों का सामना करना है।

साथियों,

दुनिया की हर उथल-पुथल के बीच, भारत ने अपनी प्रगति की गति को भी बनाए रखा है। अगर मैं 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद, बीते 23 दिनों का ही ब्यौरा दूं, तो पूरब से पश्चिम तक, उत्तर से दक्षिण तक देश में हजारों करोड़ के डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स का काम हुआ है। दिल्ली मेट्रो रेल के महत्वपूर्ण कॉरिडोर्स का लोकार्पण, सिलचर का हाई स्पीड कॉरिडोर का शिलान्यास, कोटा में नए एयरपोर्ट का शिलान्यास, मदुरै एयरपोर्ट को इंटरनेशनल एयरपोर्ट का दर्जा देना, ऐसे अनेक काम बीते 23 दिनों में ही हुए हैं। बीते एक महीने के दौरान ही औद्योगिक विकास को गति देने के लिए भव्य स्कीम को मंजूरी दी गई है। इसके तहत देशभर में 100 plug-and-play industrial parks विकसित किए जाएंगे। देश में Small Hydro Power Development Scheme को भी हरी झंडी दी गई है। इससे आने वाले वर्षों में 1,500 मेगावाट नई hydro power capacity जोड़ी जाएगी। इसी दौरान जल जीवन मिशन को साल 2028 तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। किसानों के हित में भी अनेक बड़े निर्णय लिए गए हैं। बीते एक महीने में ही पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 18 हजार करोड़ रुपए से अधिक सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर किए गए हैं। और जो हमारे MSMEs हैं, जो हमारे निर्यातक हैं, उनके लिए भी करीब 500 करोड़ रुपए के राहत पैकेज की भी घोषणा की गई है। यह सारे कदम इस बात का प्रमाण हैं कि विकसित भारत बनाने के लिए देश कितनी तेज गति से काम कर रहा है।

साथियों,

Management की दुनिया में एक सिद्धांत कहा जाता है - What gets measured, gets managed. लेकिन मैं इसमें एक बात और जोड़ना चाहता हूं, What gets measured, gets improved और ultimately, gets transformed. क्योंकि आकलन जागरूकता पैदा करता है। आकलन जवाबदेही तय करता है और सबसे महत्वपूर्ण आकलन संभावनाओं को जन्म देता है।

साथियों,

अगर आप 2014 से पहले के 10-11 साल और 2014 के बाद के 10-11 साल का आप आकलन करेंगे, तो यही पाएंगे कि कैसे इसी सिद्धांत पर चलते हुए, भारत ने हर सेक्टर को Transform किया है। जैसे पहले हाईवे बनते थे, करीब 11-12 किलोमीटर प्रति दिन की रफ्तार से, आज भारत करीब 30 किलोमीटर प्रतिदिन की स्पीड से हाईवे बना रहा है। पहले पोर्ट्स पर शिप का Turnaround Time, 5-6 दिन का होता था। आज वही काम, करीब-करीब 2 दिन से भी कम समय में पूरा हो रहा है। पहले Startup Culture के बारे में चर्चा ही नहीं होती थी। 2014 से पहले, हमारे देश में 400-500 स्टार्ट अप्स ही थे। आज भारत में 2 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रर्ड स्टार्ट अप्स हैं। पहले मेडिकल education में सीटें भी सीमित थीं, करीब 50-55 हजार MBBS seats थीं, आज यह बढ़कर सवा लाख से ज्यादा हो चुकी हैं। पहले देश के Banking system से भी करोड़ों लोग बाहर थे। देश में सिर्फ 25 करोड़ के आसपास ही बैंक account थे। वहीं जनधन योजना के माध्यम से 55 करोड़ से ज्यादा बैंक अकाउंट खुले हैं। पहले हमारे देश में airports की संख्या भी 70 से कम थी। आज एयरपोर्ट्स की संख्या भी बढ़कर 160 से ज्यादा हो चुकी है।

साथियों,

पहले भी योजनाएं तो बनती थीं, लेकिन आज फर्क है, आज परिणाम दिखते हैं। पहले गति धीमी थी, आज भारत fastrack पर है। पहले संभावनाएं भी अंधकार में थीं, आज संकल्प सिद्धियों में बदल रहे हैं। इसलिए दुनिया को भी यह संदेश मिल रहा है कि यह नया भारत है। यह अपने विकास के लिए कोई कोर-कसर बाकी नहीं छोड़ रहा है।

साथियों,

आज हमारा प्रयास है कि अतीत में विकास का जो असंतुलन पैदा हो गया था, उसको अवसरों में बदला जाए। अब जैसे हमारा पूर्वी भारत है। हमारा पूर्वी भारत संसाधनों से समृद्ध है, दशकों तक वहां जिन्होंने सरकारें चलाई हैं, उनकी उपेक्षा ने पूर्वी भारत के विकास पर ब्रेक लगा दी थी। अब हालात बदल रहे हैं। जिस असम में कभी गोलियों की आवाज सुनाई देती थी, आज वहां सेमीकंडक्टर यूनिट बन रही है। ओडिशा में सेमीकंडक्टर से लेकर पेट्रोकेमिकल्स तक अनेक नए-नए सेक्टर का विकास हो रहा है। जिस बिहार में 6-7 दशक में गंगा जी पर एक बड़ा पुल बन पाया था एक, उस बिहार में पिछले एक दशक में 5 से ज्यादा नए पुल बनाए गए हैं। यूपी में कभी कट्टा मैन्युफैक्चरिंग की कहानियां कही जाती थीं, आज यूपी, मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग में दुनिया में अपनी पहचान बना रहा है।

साथियों,

पूर्वी भारत का एक और बड़ा राज्य पश्चिम बंगाल है। पश्चिम बंगाल, एक समय में भारत के कल्चर, एजुकेशन, इंडस्ट्री और ट्रेड का हब होता था। बीते 11 वर्षों में केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल के विकास के लिए बड़ी मात्रा में निवेश किया है। लेकिन दुर्भाग्य से, आज वहां एक ऐसी निर्मम सरकार है, जो विकास पर ब्रेक लगाकर बैठी है। TV9 बांग्ला के जो दर्शक हैं, वो जानते हैं कि बंगाल में आयुष्मान योजना पर निर्मम सरकार ने ब्रेक लगाया हुआ है। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना पर ब्रेक लगाया हुआ है। पीएम आवास योजना पर ब्रेक लगाया हुआ है। चाय बागान श्रमिकों के लिए शुरू हुई योजना के लिए ब्रेक लगाया हुआ है। यानी विकास और जनकल्याण से ज्यादा प्राथमिकता निर्मम सरकार अपने राजनीतिक स्वार्थ को दे रही है।

साथियों,

देश में इस तरह की राजनीति की शुरुआत जिस दल ने की है, वो अपने गुनाहों से बच नहीं सकती और वो पार्टी है - कांग्रेस। कांग्रेस पार्टी की राजनीति का एक ही लक्ष्य रहा है, किसी भी तरह विकास का विरोध और कांग्रेस यह तब से कर रही है, जब मैं गुजरात में था। गुजरात में वर्षों तक जनता ने हमें आशीर्वाद दिया, तो कांग्रेस ने उस जनादेश को स्वीकार नहीं किया। उन्होंने गुजरात की छवि पर सवाल उठाए, उसकी प्रगति को कटघरे में खड़ा किया और जब यही विश्वास पूरे देश में दिखाई दिया, तो कांग्रेस का विरोध भी रीजनल से नेशनल हो गया।

साथियों,

जब राजनीति में विरोध, विकास के विरोध में बदल जाए, जब आलोचना देश की उपलब्धियों पर सवाल उठाने लगे, तब यह सिर्फ सरकार का विरोध नहीं रह जाता, यह देश की प्रगति से असहज होने की मानसिकता बन जाती है। आज कांग्रेस इसी मानसिकता की गुलाम बन चुकी है। आज स्थिति यह है कि देश की हर सफलता पर प्रश्न उठाया जाता है, हर उपलब्धि में कमी खोजी जाती है और हर प्रयास के असफल होने की कामना की जाती है। कोविड के समय, देश ने अपनी वैक्सीन बनाई, तो कांग्रेस ने उस पर भी संदेह जताया। Make in India की बात हुई, तो कहा गया कि यह सफल नहीं होगा, बब्बर शेर कहकर इसका मजाक उड़ाया गया। जब देश में डिजिटल इंडिया अभियान शुरू हुआ, तो उसका मजाक उड़ाया गया। लेकिन हर बार यह कांग्रेस का दुर्भाग्य और देश का सौभाग्य रहा कि भारत ने हर चुनौती को सफलता में बदला। आज भारत दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीनेशन ड्राइव का उदाहरण है। भारत डिजिटल पेमेंट्स में दुनिया का अग्रणी देश है। भारत मैन्युफैक्चरिंग और स्टार्टअप्स में नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

साथियों,

लोकतंत्र में विरोध जरूरी होता है। लेकिन विरोध और विद्वेष के बीच एक रेखा होती है। सरकार का विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है। लेकिन देश को बदनाम करना, यह कांग्रेस की नीयत पर सवाल खड़ा करता है। जब विरोध इस स्तर तक पहुंच जाए कि देश की उपलब्धियां भी असहज करने लगें, तो यह राजनीति नहीं, यह दृष्टिकोण की समस्या है। अभी हमने ग्लोबल AI समिट में भी देखा है। जब पूरी दुनिया भारत में जुटी हुई थी, तो कांग्रेस के लोग कपड़े फाड़ने वहां पहुंच गए थे। इन लोगों को देश की इज्जत की कितनी परवाह है, यह इसी से पता चलता है। इसलिए आज आवश्यकता है कि देशहित को, दलहित से ऊपर रखा जाए क्योंकि अंत में राजनीति से ऊपर, राष्ट्र होता है, राष्ट्र का विकास होता है।

साथियों,

आज का यह दिन भी हमें यही प्रेरणा देता है। आज के ही दिन शहीद भगत सिंह, शहीद राजगुरु और शहीद सुखदेव ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था। आज ही, समाजवादी आंदोलन के प्रखर आदर्श डॉ. राम मनोहर लोहिया जी की जयंती भी है। यह वो प्रेरणाएं हैं, जिन्होंने देश को हमेशा स्व से ऊपर रखा है। देशहित को सबसे ऊपर रखने की यही प्रेरणा, भारत को विकसित भारत बनाएगी। यही प्रेरणा भारत को आत्मनिर्भर बनाएगी। मुझे पूरा विश्वास है कि टीवी9 की यह समिट भी भारत के आत्मविश्वास और दुनिया के भरोसे पर, भारतीयों पर जो भरोसा है, उस भरोसे को और सशक्त करेगी। आप सभी को मेरी तरफ से बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं और आपके बीच आने का अवसर दिया, आप सबसे मिलने का मौका लिया, इसलिए बहुत-बहुत धन्यवाद!

नमस्‍कार!