INDI alliance people are a great danger to the security of country: PM Modi in Gurdaspur, Punjab
The problem with Congress is that it has no faith in India: PM Modi in Gurdaspur, Punjab

भारत माता की जय!

भारत माता की जय!

भारत माता की जय!

सबसे पहले तो मैं आप सबसे क्षमा मांगता हूं क्योंकि मुझे आने में थोड़ा विलंब हो गया। और मुझे बताया गया कि आप काफी समय से बैठे हैं, इंतजार कर रहे हैं। मैं गुरूदासपुर की इस पावन धरती को प्रणाम करता हूं। ये डेरा बाबा नानक जैसे पवित्र स्थान से सुशोभित है। इसमें हमारे गुरुओं के आशीर्वाद जुड़े हैं। मैं देख रहा हूं, आपका ये उत्साह, ये प्यार, गुरुदासपुर और बीजेपी का ये रिश्ता कुछ खास है। मैंने पंजाब में काम किया है, बहुत पुराने साथियों के साथ काम करने का अवसर मिला है। हमारे कंसराज जी हों, मदन गुप्ता जी हों ऐसे अनेक नाम हैं, जिनके साथ, लंबे अरसे तक काम करने का यहां अवसर मिला। और यहां चार बार सांसद रहे, मेरे बहुत ही अच्छे मित्र, विनोद खन्ना, हम कंधे से कंधा मिला कर काम करते थे। लंबे अरसे तक काम किया। और मैंने देखा था, वैसे तो सेलिब्रिटी दुनिया अलग होती है लेकिन वो जमीन से जुड़े हुए थे। उन्हें यहां के विकास कार्यों का बारीकियों से हर चीजों को पता रहता था। और मंत्री के रुप में भी अटलजी की सरकार में उनके योगदान की चर्चा आज भी ब्यूरोक्रेसी में होती है। उन्होंने अनेक पुलों का निर्माण करावाया, अनेक रास्ते का, यानि विकास के कामों में। और गुरूदासपुर के लोग तो आज भी उनके कामों की सराहना करते हैं। गुरुदासपुर का तेज विकास हो, पंजाब का तेज विकास हो, और देश का तेज विकास हो अपने तीसरे कार्यकाल में, मैं आपकी उम्मीदों पर खरा उतरूं इसलिए मैं आपसे आशीर्वाद मांगने आया हूं।

साथियों,

2024 का चुनाव, ये देश को नेतृत्व देने का चुनाव है। आज एक ओर बीजेपी और NDA है, विकसित भारत का स्पष्ट विज़न है, राष्ट्र प्रथम का संकल्प है, 10 साल का ट्रैक रेकॉर्ड है, भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार है, और दूसरी ओर इंडी गठबंधन है, घोर सांप्रदायिक, घोर जातिवादी, घोर परिवारवादी। ये कांग्रेस-झाड़ू वाले, ये इंडी गठबंधन के लोग! ये देश की जनता को पता नहीं क्या समझते हैं। देश की जनता समझदार है, ऐसा उनको लगता नहीं है क्या? आए दिन जनता को मूर्ख बनाने के लिए भांति-भांति के खेल खेल रहे हैं। अब ये लोग दिल्ली में दोस्त होने का दिखावा करते हैं, भ्रष्टाचारियों को बचा रहे हैं, औऱ यहां पंजाब में एक- दूसरे को गाली दे रहे हैं। जनता भी जान गई है, इन दोनों दुकानों का शटर एक ही है। इसलिए इंडी गठबंधन को हराने के लिए आपको सिर्फ भाजपा को ही,कमल के निशान पर ही, बटन दबा करके, आपके सपनों को पूरा करना है। और आपको भी पता है, केन्द्र में सरकार, मुझे बताइए किसकी सरकार बनेगी भाई? आप बताइए किसकी बनेगी? आप गुरूदास पुर में, पठानकोट में, कहीं भी, रेल के डिब्बे में सौ लोगों को पूछिए, बताओ भाई सरकार किसकी बनेगी? नब्बे लोग कहेंगे कि मोदी की सरकार बनना पक्का है। अब, जब इतना साफ साफ है, तो कोई अपना वोट बर्बाद करेगा क्या? कोई अपना वोट ऐसे ही फालतू में खर्च कर देगा क्या? इसलिए इस बार दुविधा का कोई महौल ही नहीं है। इस बार इस देश का नागरिक, एक भी नागरिक अपना वोट बर्बाद करना नहीं चाहता है। मैं पंजाब के लोगों से भी प्रार्थना करता हूं, कि आप अपना वोट बर्बाद मत होने दीजिए, बीजेपी को वोट दीजिए, सरकार बनना तय है।

साथियों,

इंडी गठबंधन के असली चेहरे को पंजाब से ज्यादा कौन जानता है? हमारे पंजाब को सबसे ज्यादा घाव इसी इंडी गठबंधन ने दिये। आज़ादी के बाद विभाजन का घाव, स्वार्थ के चलते अस्थिरता का घाव, पंजाब में अशांति का लंबा दौर, पंजाब के भाई-चारे पर हमला, हमारी आस्था पर चोट, काँग्रेस ने पंजाब में क्या कुछ नहीं किया? यहाँ इन्होंने अलगाववाद को हवा दी, फिर दिल्ली में सिखों का नरसंहार करवाया। काँग्रेस जब तक केंद्र सरकार में रही, दंगाइयों को बचाती रही। ये मोदी है, जिसने सिख दंगों की फाइलें खुलवाईं। ये मोदी है, जिसने आरोपियों को सजा दिलवाई। आज भी काँग्रेस को, झाड़ू वाली पार्टी को इस बात की तकलीफ है। इसलिए ये लोग मोदी को दिन रात गालियां देते फिरते हैं।

साथियों,

जब देशहित की बात आती है तो काँग्रेस पार्टी आपको सबसे पीछे खड़ी नजर आएगी। आप याद करिए,कॉंग्रेस जब पंजाब में सत्ता में थी, तो ऑर्डर्स कहाँ से आते थे? कांग्रेस चाहती थी कि रिमोट कंट्रोल से पंजाब की सरकार चलाए लेकिन अमरिंदर सिंह जी ने दिल्ली के शाहजादे का ऑर्डर मानने से इंकार कर दिया। वो सेना के देशभक्त जांबांज थे, उन्होंने सीमावर्ती राज्य होने के कारण राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता दी। उन्होंने दिल्ली के देशविरोधी ऑर्डर लेने बंद किए। परिणाम क्या हुआ? कांग्रेस के शाही परिवार और शहजादे ने, उनको मुख्यमंत्री पद से हटा दिया। पंजाब का ये अपमान क्या कोई कभी भूल सकता है?

भाइयों बहनों,

दुर्भाग्य से आज भी पंजाब को रिमोट से चलाने की कोशिश हो रही है। दिल्ली के दरबारी पंजाब चला रहे हैं। पंजाब के सीएम, वो अपने आपसे एक फैसला नहीं ले सकते! इनके मालिक जेल गए, पंजाब की सरकार ठप्प पड़ने लगी। यहाँ के मुख्यमंत्री, सरकार चलाने के लिए, पंजाब की सरकार चलाने के लिए, नए ऑर्डर लेने के लिए तिहाड़ जेल जाना पड़ा! मालिक के सामने जा कर अपना रिपोर्ट कार्ड देना पड़ा। उनसे आदेश लेना पड़ा। आपको पता है, एक जून के बाद, कट्टर भ्रष्टाचारी फिर जेल जाएँगे। क्या फिर पंजाब की सरकार जेल से चलेगी क्या। आपको ऐसी सरकार मंजूर है क्या? ऐसी पद्धति मंजूर है क्या? ये पंजाब का अपमान है कि नहीं है? ये वीर भूमि का अपमान है कि नही है? ये गुरूओं की भूमि का अपमान है कि नहीं है? क्या ये पंजाब के भविष्य को दांव पर लगाने की बात है या नहीं है? आज पंजाब, जिस स्थिति में है, उससे बाहर निकालने के लिए, मैं पंजाब वासियो से प्रार्थना करने आया हूं और आज आग्रह करके आप से कुछ मांगने आया हूं। पंजाब के उज्जवल भविष्य के लिए, देश के उज्जवल भविष्य के लिए, इस बार पंजाब ज्यादा से ज्यादा बीजेपी के सांसद चुन करके भेजे। आप वोट दे करके अपना काम किजिए, पांच साल आपके सपनों के लिए मैं जिऊंगा। आपके सपने ही मेरे संकल्प होंगे। मेरा पल-पल आपके लिए। मेरा पल-पल देश केलिए। और मैं आपको वादा करता हूं, टेवेंटी फोर बाई सेवेन फॉर टेवेंटी फोर्टी सेवेन।

साथियों,

ये इंडी गठबंधन वाले देश की सुरक्षा के लिए बहुत बड़ा खतरा है। आप देखिए काँग्रेस का एजेंडा क्या है, ये कश्मीर में फिर 370 लागू करने की बात कर रहे हैं। इन्हें फिर से कश्मीर में आतंकवाद चाहिए। इन्हें फिर से कश्मीर को अलगाववादियों को सौंपना है। ये फिर से पाकिस्तान को दोस्ती के पैगाम भेजेंगे, उन्हें गुलाब के फूल भेजेंगे औऱ पाकिस्तान बम धमाके करता रहेगा। देश पर आतंकवादी हमले होते रहेंगे। काँग्रेस कहेगी, कुछ भी हो बातचीत तो करनी ही होगी। इसके लिए काँग्रेस ने अभी से माहौल बनाना शुरू कर दिया है। कैसे-कैसे बयान ये अभी से देने लगे हैं। इनके नेता कह रहे हैं, पाकिस्तान के पास एटम बम है। अब ये सुन करके आपको हंसी आती है कि नहीं आती है? आती है कि नहीं आती है?आपको किसी को भी पाकिस्तान के पास एटम बम है, ये सुन करके डर लगता है क्या? किसी को डर लगता है क्या? किसी हिन्दुस्तानी को डर लगता है क्या ? ये कांग्रेस वाले कांप रहे हैं, बोलो। क्या ऐसे लोग देश चला सकते हैं क्या? ऐसे लोग देश को सुरक्षा दे सकते हैं क्या? इनके लोग कहते हैं पाकिस्तान से डरकर रहना होगा। ये इंडी गठबंधन वाले पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं लेकिन ये भूल रहे हैं, ये नया भारत है, ये घर में घुसकर मारता है। मेरा सौभाग्य रहा है, पंजाब की धरती पर लंबे समय तक काम करने का औऱ गुरुओं की इस धरती ने मुझे सिखाया है-
सौगंध मुझे इस मिट्टी की,

सौगंध मुझे इस मिट्टी की,

मैं देश नहीं मिटने दूंगा,

मैं देश नहीं झुकने दूंगा।

मैं देश नहीं रुकने दूंगा,


साथियों,

कांग्रेस की समस्या ये है कि उसकी भारत में कोई आस्था नहीं है। ये शहजादे विदेशों में जाकर देश को बदनाम करते हैं। वो कहते हैं, भारत कोई राष्ट्र ही नहीं है। इसीलिए, ये राष्ट्र की पहचान को बदलना चाहते हैं। शहजादे के उस्ताद ने कहा है, राममंदिर के निर्माण से, देश में रामनवमी मनाने से, भारत की पहचान को खतरा है! काँग्रेस कौन से देश को मानती है, जिसे भगवान राम से खतरा है? अयोध्या में 500 साल बाद, भव्य राममंदिर बना, पूरे देश ने हर्ष मनाया लेकिन काँग्रेस पार्टी ने उसका बहिष्कार किया। औऱ मजा देखिए, ये राम मंदिर की लड़ाई, अयोध्या में भगवान राम का मंदिर बनना चाहिए, इसकी लड़ाई लड़ने वाला पहला व्यक्ति, हमारा देश का सिख था, जिसने सबसे पहले लड़ाई लड़ी। राम मंदिर के लिए लड़ाई लड़ी थी। और उनके जो वंशज थे औऱ जब इस बार राम मंदिर का कार्यक्रम था उसमें वो मौजूद थे। ये सिखों का योगदान है हमारे देश में। इंडी गठबंधन के नेता राममंदिर को अपवित्र और बेकार बता रहे हैं। आप मुझे बताइए, ऐसे लोग पंजाब की पहचान पर हमला करेंगे या नहीं करेंगे? इसका जवाब हमें इस चुनाव, कमल पर बटन दबा करके देना है।

साथियों,

कांग्रेस और आम आदमी पार्टी, पंजाब के भविष्य को दांव पर लगा रही हैं।ड्रग्स हमारे युवाओं का भविष्य निगल रहा है। अपराधियों को राज्य सरकार से संरक्षण मिल रहा है। आज पंजाब में विकास ठप्प है। किसान परेशान हैं। और ये इंडी गठबंधन वाले अपनी ज़िम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं।

भाइयों बहनों,

पंजाब का विकास, ये मोदी की प्राथमिकता है। बीजेपी सरकार यहां दिल्ली कटरा हाइवे बनवा रही है। बीजेपी यहां अमृतसर पठानकोट हाइवे जैसे इनफ्रास्ट्रक्चर बना रही है। बीजेपी यहां रेलवे सुविधाओं का विकास कर रही है। हमारी कोशिश है, पंजाब में नए अवसर पैदा हों, किसानों का भला हो। किसानों का भला हो। बीते 10 वर्षों में हमने पूरे पंजाब में धान और गेहूं की रिकॉर्ड खरीदी की है। जिस भाव पर कांग्रेस सरकार में फसल खरीदी जाती थी, अब उस एमएसपी को ढाई गुना तक बढ़ा दिया गया है। किसानों को बीज, खाद और अन्य जरूरतों के लिए पीएम किसान सम्मान निधि मिल रही है। पंजाब के हर किसान को इस निधि के 30 हजार रुपए से ज्यादा बैंक में, उनके खाते में, ट्रांसफर किए गए हैं।यहां पंजाब में मोटे अनाज, श्रीअन्न की पैदावार भी बहुत है। आज मोदी श्रीअन्न के लिए बहुत बड़ा अभियान चला रहे हैं, उसका प्रचार कर रहे हैं। मोदी का लक्ष्य है, भारत का श्रीअन्न दुनिया के कोने-कोने में पहुंचे। इससे पंजाब के किसानों को भी बहुत लाभ होगा। हमारी कोशिश लीची उत्पादक किसानों को फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री से फायदा पहुंचाने की भी है। अगले 5 साल में हम इन सभी प्रयासों को आगे बढ़ाएँगे।

भाइयों बहनों,

ये महाराजा रणजीत सिंह की धरती है। और जब मैं महाराज रणजीत सिंह जी का पुण्य स्मरण करता हूं, तो काश के सांसद के नाते हर बार सिर झुक करके उनको नमन करता है। आप जब काशी जाते हैं न, काशी विश्वनाथ महादेव के दर्शन के लिए, वो स्वर्ण जड़ित है, वो सोना महाराजा रणजीत सिंह जी ने जड़ा हुआ है। काशी के विश्वनाथ महादेव में स्वर्ण जो जड़ा हुआ है, वह हमारे महाराजा रणजीत सिंह जी ने जड़ा है। और इसलिए काशी के सांसद के नाते, मैं हर बार सिर झुका करके उनको प्रणाम करता हूं। यहां की मिट्टी में हमारे गुरुओं का प्रताप और बलिदान शामिल है। हमें विकसित पंजाब, विकसित भारत के मंत्र को साकार करना है। इसके लिए मुझे आपसे आशीर्वाद चाहिए। मोदी आपसे ये अनुरोध करने आया है, 1 जून को गुरदासपुर से दिनेश सिंह बब्बू जी, होशियारपुर से अनीता जी, अमृतसर से तरनजीत सिंह संधू जी इन सबको कमल का बटन दबाकर भारी बहुमत से विजयी बनाइए। और हमारे ये अमृतसर के उम्मीदवार है न तरनजीत सिंह जी, पिछले दस साल से हम दोनों काम कर रहे हैं, सरकार के बड़े अपसर रहे हैं। अमेरिका में भारत की साख बढ़ाने में उन्होंने बहुत बड़ी भूमिका अदा की है। औऱ सबसे बड़ी बात है ये उस परंपरा की संतान है, जिन्होंने सिखी के जीवन बलिदान दिए थे, उनके संतान है। ऐसे परिवार का संतान भारतीय जनता पार्टी का कमल का निशान लेकर आपके पास आए हैं। मैं आप सबसे आग्रह करता हूं कि आप पूरी शक्ति से, भारी मात्रा में हर घर से मतदान करने के लिए निकलें। कमल पर बटन दबाऐं। औऱ हमारे इन सभी साथियों को विजयी बना करके दिल्ली भेजिए। औऱ जब आप कमल पर बटन दबाएगें न, वो वोट सीधा सीधा मोदी के खाते में जाएगा। औऱ इसलिए मेरा आग्रह है, आप घर घर जाइए, ज्यादा से ज्यादा। 1 जून अब दूर नहीं है, हमने पूरी ताकत लगानी है औऱ हर परिवार को ये भी कहना कि अपने मोदी जी गुरूदास पुर आए थे, और मोदी जी ने परिवार के हर किसी को नमस्कार कहा है। तो मेरा नमस्कार पहुंचाओगे?

बोले सो निहाल,

सत श्री अकाल

बहुत बहुत धन्यवाद

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Text of PM’s address at the Hindustan Times Leadership Summit
December 06, 2025
India is brimming with confidence: PM
In a world of slowdown, mistrust and fragmentation, India brings growth, trust and acts as a bridge-builder: PM
Today, India is becoming the key growth engine of the global economy: PM
India's Nari Shakti is doing wonders, Our daughters are excelling in every field today: PM
Our pace is constant, Our direction is consistent, Our intent is always Nation First: PM
Every sector today is shedding the old colonial mindset and aiming for new achievements with pride: PM

आप सभी को नमस्कार।

यहां हिंदुस्तान टाइम्स समिट में देश-विदेश से अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित हैं। मैं आयोजकों और जितने साथियों ने अपने विचार रखें, आप सभी का अभिनंदन करता हूं। अभी शोभना जी ने दो बातें बताई, जिसको मैंने नोटिस किया, एक तो उन्होंने कहा कि मोदी जी पिछली बार आए थे, तो ये सुझाव दिया था। इस देश में मीडिया हाउस को काम बताने की हिम्मत कोई नहीं कर सकता। लेकिन मैंने की थी, और मेरे लिए खुशी की बात है कि शोभना जी और उनकी टीम ने बड़े चाव से इस काम को किया। और देश को, जब मैं अभी प्रदर्शनी देखके आया, मैं सबसे आग्रह करूंगा कि इसको जरूर देखिए। इन फोटोग्राफर साथियों ने इस, पल को ऐसे पकड़ा है कि पल को अमर बना दिया है। दूसरी बात उन्होंने कही और वो भी जरा मैं शब्दों को जैसे मैं समझ रहा हूं, उन्होंने कहा कि आप आगे भी, एक तो ये कह सकती थी, कि आप आगे भी देश की सेवा करते रहिए, लेकिन हिंदुस्तान टाइम्स ये कहे, आप आगे भी ऐसे ही सेवा करते रहिए, मैं इसके लिए भी विशेष रूप से आभार व्यक्त करता हूं।

साथियों,

इस बार समिट की थीम है- Transforming Tomorrow. मैं समझता हूं जिस हिंदुस्तान अखबार का 101 साल का इतिहास है, जिस अखबार पर महात्मा गांधी जी, मदन मोहन मालवीय जी, घनश्यामदास बिड़ला जी, ऐसे अनगिनत महापुरूषों का आशीर्वाद रहा, वो अखबार जब Transforming Tomorrow की चर्चा करता है, तो देश को ये भरोसा मिलता है कि भारत में हो रहा परिवर्तन केवल संभावनाओं की बात नहीं है, बल्कि ये बदलते हुए जीवन, बदलती हुई सोच और बदलती हुई दिशा की सच्ची गाथा है।

साथियों,

आज हमारे संविधान के मुख्य शिल्पी, डॉक्टर बाबा साहेब आंबेडकर जी का महापरिनिर्वाण दिवस भी है। मैं सभी भारतीयों की तरफ से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।

Friends,

आज हम उस मुकाम पर खड़े हैं, जब 21वीं सदी का एक चौथाई हिस्सा बीत चुका है। इन 25 सालों में दुनिया ने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। फाइनेंशियल क्राइसिस देखी हैं, ग्लोबल पेंडेमिक देखी हैं, टेक्नोलॉजी से जुड़े डिसरप्शन्स देखे हैं, हमने बिखरती हुई दुनिया भी देखी है, Wars भी देख रहे हैं। ये सारी स्थितियां किसी न किसी रूप में दुनिया को चैलेंज कर रही हैं। आज दुनिया अनिश्चितताओं से भरी हुई है। लेकिन अनिश्चितताओं से भरे इस दौर में हमारा भारत एक अलग ही लीग में दिख रहा है, भारत आत्मविश्वास से भरा हुआ है। जब दुनिया में slowdown की बात होती है, तब भारत growth की कहानी लिखता है। जब दुनिया में trust का crisis दिखता है, तब भारत trust का pillar बन रहा है। जब दुनिया fragmentation की तरफ जा रही है, तब भारत bridge-builder बन रहा है।

साथियों,

अभी कुछ दिन पहले भारत में Quarter-2 के जीडीपी फिगर्स आए हैं। Eight परसेंट से ज्यादा की ग्रोथ रेट हमारी प्रगति की नई गति का प्रतिबिंब है।

साथियों,

ये एक सिर्फ नंबर नहीं है, ये strong macro-economic signal है। ये संदेश है कि भारत आज ग्लोबल इकोनॉमी का ग्रोथ ड्राइवर बन रहा है। और हमारे ये आंकड़े तब हैं, जब ग्लोबल ग्रोथ 3 प्रतिशत के आसपास है। G-7 की इकोनमीज औसतन डेढ़ परसेंट के आसपास हैं, 1.5 परसेंट। इन परिस्थितियों में भारत high growth और low inflation का मॉडल बना हुआ है। एक समय था, जब हमारे देश में खास करके इकोनॉमिस्ट high Inflation को लेकर चिंता जताते थे। आज वही Inflation Low होने की बात करते हैं।

साथियों,

भारत की ये उपलब्धियां सामान्य बात नहीं है। ये सिर्फ आंकड़ों की बात नहीं है, ये एक फंडामेंटल चेंज है, जो बीते दशक में भारत लेकर आया है। ये फंडामेंटल चेंज रज़ीलियन्स का है, ये चेंज समस्याओं के समाधान की प्रवृत्ति का है, ये चेंज आशंकाओं के बादलों को हटाकर, आकांक्षाओं के विस्तार का है, और इसी वजह से आज का भारत खुद भी ट्रांसफॉर्म हो रहा है, और आने वाले कल को भी ट्रांसफॉर्म कर रहा है।

साथियों,

आज जब हम यहां transforming tomorrow की चर्चा कर रहे हैं, हमें ये भी समझना होगा कि ट्रांसफॉर्मेशन का जो विश्वास पैदा हुआ है, उसका आधार वर्तमान में हो रहे कार्यों की, आज हो रहे कार्यों की एक मजबूत नींव है। आज के Reform और आज की Performance, हमारे कल के Transformation का रास्ता बना रहे हैं। मैं आपको एक उदाहरण दूंगा कि हम किस सोच के साथ काम कर रहे हैं।

साथियों,

आप भी जानते हैं कि भारत के सामर्थ्य का एक बड़ा हिस्सा एक लंबे समय तक untapped रहा है। जब देश के इस untapped potential को ज्यादा से ज्यादा अवसर मिलेंगे, जब वो पूरी ऊर्जा के साथ, बिना किसी रुकावट के देश के विकास में भागीदार बनेंगे, तो देश का कायाकल्प होना तय है। आप सोचिए, हमारा पूर्वी भारत, हमारा नॉर्थ ईस्ट, हमारे गांव, हमारे टीयर टू और टीय़र थ्री सिटीज, हमारे देश की नारीशक्ति, भारत की इनोवेटिव यूथ पावर, भारत की सामुद्रिक शक्ति, ब्लू इकोनॉमी, भारत का स्पेस सेक्टर, कितना कुछ है, जिसके फुल पोटेंशियल का इस्तेमाल पहले के दशकों में हो ही नहीं पाया। अब आज भारत इन Untapped पोटेंशियल को Tap करने के विजन के साथ आगे बढ़ रहा है। आज पूर्वी भारत में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और इंडस्ट्री पर अभूतपूर्व निवेश हो रहा है। आज हमारे गांव, हमारे छोटे शहर भी आधुनिक सुविधाओं से लैस हो रहे हैं। हमारे छोटे शहर, Startups और MSMEs के नए केंद्र बन रहे हैं। हमारे गाँवों में किसान FPO बनाकर सीधे market से जुड़ें, और कुछ तो FPO’s ग्लोबल मार्केट से जुड़ रहे हैं।

साथियों,

भारत की नारीशक्ति तो आज कमाल कर रही हैं। हमारी बेटियां आज हर फील्ड में छा रही हैं। ये ट्रांसफॉर्मेशन अब सिर्फ महिला सशक्तिकरण तक सीमित नहीं है, ये समाज की सोच और सामर्थ्य, दोनों को transform कर रहा है।

साथियों,

जब नए अवसर बनते हैं, जब रुकावटें हटती हैं, तो आसमान में उड़ने के लिए नए पंख भी लग जाते हैं। इसका एक उदाहरण भारत का स्पेस सेक्टर भी है। पहले स्पेस सेक्टर सरकारी नियंत्रण में ही था। लेकिन हमने स्पेस सेक्टर में रिफॉर्म किया, उसे प्राइवेट सेक्टर के लिए Open किया, और इसके नतीजे आज देश देख रहा है। अभी 10-11 दिन पहले मैंने हैदराबाद में Skyroot के Infinity Campus का उद्घाटन किया है। Skyroot भारत की प्राइवेट स्पेस कंपनी है। ये कंपनी हर महीने एक रॉकेट बनाने की क्षमता पर काम कर रही है। ये कंपनी, flight-ready विक्रम-वन बना रही है। सरकार ने प्लेटफॉर्म दिया, और भारत का नौजवान उस पर नया भविष्य बना रहा है, और यही तो असली ट्रांसफॉर्मेशन है।

साथियों,

भारत में आए एक और बदलाव की चर्चा मैं यहां करना ज़रूरी समझता हूं। एक समय था, जब भारत में रिफॉर्म्स, रिएक्शनरी होते थे। यानि बड़े निर्णयों के पीछे या तो कोई राजनीतिक स्वार्थ होता था या फिर किसी क्राइसिस को मैनेज करना होता था। लेकिन आज नेशनल गोल्स को देखते हुए रिफॉर्म्स होते हैं, टारगेट तय है। आप देखिए, देश के हर सेक्टर में कुछ ना कुछ बेहतर हो रहा है, हमारी गति Constant है, हमारी Direction Consistent है, और हमारा intent, Nation First का है। 2025 का तो ये पूरा साल ऐसे ही रिफॉर्म्स का साल रहा है। सबसे बड़ा रिफॉर्म नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी का था। और इन रिफॉर्म्स का असर क्या हुआ, वो सारे देश ने देखा है। इसी साल डायरेक्ट टैक्स सिस्टम में भी बहुत बड़ा रिफॉर्म हुआ है। 12 लाख रुपए तक की इनकम पर ज़ीरो टैक्स, ये एक ऐसा कदम रहा, जिसके बारे में एक दशक पहले तक सोचना भी असंभव था।

साथियों,

Reform के इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए, अभी तीन-चार दिन पहले ही Small Company की डेफिनीशन में बदलाव किया गया है। इससे हजारों कंपनियाँ अब आसान नियमों, तेज़ प्रक्रियाओं और बेहतर सुविधाओं के दायरे में आ गई हैं। हमने करीब 200 प्रोडक्ट कैटगरीज़ को mandatory क्वालिटी कंट्रोल ऑर्डर से बाहर भी कर दिया गया है।

साथियों,

आज के भारत की ये यात्रा, सिर्फ विकास की नहीं है। ये सोच में बदलाव की भी यात्रा है, ये मनोवैज्ञानिक पुनर्जागरण, साइकोलॉजिकल रेनसां की भी यात्रा है। आप भी जानते हैं, कोई भी देश बिना आत्मविश्वास के आगे नहीं बढ़ सकता। दुर्भाग्य से लंबी गुलामी ने भारत के इसी आत्मविश्वास को हिला दिया था। और इसकी वजह थी, गुलामी की मानसिकता। गुलामी की ये मानसिकता, विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति में एक बहुत बड़ी रुकावट है। और इसलिए, आज का भारत गुलामी की मानसिकता से मुक्ति पाने के लिए काम कर रहा है।

साथियों,

अंग्रेज़ों को अच्छी तरह से पता था कि भारत पर लंबे समय तक राज करना है, तो उन्हें भारतीयों से उनके आत्मविश्वास को छीनना होगा, भारतीयों में हीन भावना का संचार करना होगा। और उस दौर में अंग्रेजों ने यही किया भी। इसलिए, भारतीय पारिवारिक संरचना को दकियानूसी बताया गया, भारतीय पोशाक को Unprofessional करार दिया गया, भारतीय त्योहार-संस्कृति को Irrational कहा गया, योग-आयुर्वेद को Unscientific बता दिया गया, भारतीय अविष्कारों का उपहास उड़ाया गया और ये बातें कई-कई दशकों तक लगातार दोहराई गई, पीढ़ी दर पीढ़ी ये चलता गया, वही पढ़ा, वही पढ़ाया गया। और ऐसे ही भारतीयों का आत्मविश्वास चकनाचूर हो गया।

साथियों,

गुलामी की इस मानसिकता का कितना व्यापक असर हुआ है, मैं इसके कुछ उदाहरण आपको देना चाहता हूं। आज भारत, दुनिया की सबसे तेज़ी से ग्रो करने वाली मेजर इकॉनॉमी है, कोई भारत को ग्लोबल ग्रोथ इंजन बताता है, कोई, Global powerhouse कहता है, एक से बढ़कर एक बातें आज हो रही हैं।

लेकिन साथियों,

आज भारत की जो तेज़ ग्रोथ हो रही है, क्या कहीं पर आपने पढ़ा? क्या कहीं पर आपने सुना? इसको कोई, हिंदू रेट ऑफ ग्रोथ कहता है क्या? दुनिया की तेज इकॉनमी, तेज ग्रोथ, कोई कहता है क्या? हिंदू रेट ऑफ ग्रोथ कब कहा गया? जब भारत, दो-तीन परसेंट की ग्रोथ के लिए तरस गया था। आपको क्या लगता है, किसी देश की इकोनॉमिक ग्रोथ को उसमें रहने वाले लोगों की आस्था से जोड़ना, उनकी पहचान से जोड़ना, क्या ये अनायास ही हुआ होगा क्या? जी नहीं, ये गुलामी की मानसिकता का प्रतिबिंब था। एक पूरे समाज, एक पूरी परंपरा को, अन-प्रोडक्टिविटी का, गरीबी का पर्याय बना दिया गया। यानी ये सिद्ध करने का प्रयास किया गया कि, भारत की धीमी विकास दर का कारण, हमारी हिंदू सभ्यता और हिंदू संस्कृति है। और हद देखिए, आज जो तथाकथित बुद्धिजीवी हर चीज में, हर बात में सांप्रदायिकता खोजते रहते हैं, उनको हिंदू रेट ऑफ ग्रोथ में सांप्रदायिकता नज़र नहीं आई। ये टर्म, उनके दौर में किताबों का, रिसर्च पेपर्स का हिस्सा बना दिया गया।

साथियों,

गुलामी की मानसिकता ने भारत में मैन्युफेक्चरिंग इकोसिस्टम को कैसे तबाह कर दिया, और हम इसको कैसे रिवाइव कर रहे हैं, मैं इसके भी कुछ उदाहरण दूंगा। भारत गुलामी के कालखंड में भी अस्त्र-शस्त्र का एक बड़ा निर्माता था। हमारे यहां ऑर्डिनेंस फैक्ट्रीज़ का एक सशक्त नेटवर्क था। भारत से हथियार निर्यात होते थे। विश्व युद्धों में भी भारत में बने हथियारों का बोल-बाला था। लेकिन आज़ादी के बाद, हमारा डिफेंस मैन्युफेक्चरिंग इकोसिस्टम तबाह कर दिया गया। गुलामी की मानसिकता ऐसी हावी हुई कि सरकार में बैठे लोग भारत में बने हथियारों को कमजोर आंकने लगे, और इस मानसिकता ने भारत को दुनिया के सबसे बड़े डिफेंस importers के रूप में से एक बना दिया।

साथियों,

गुलामी की मानसिकता ने शिप बिल्डिंग इंडस्ट्री के साथ भी यही किया। भारत सदियों तक शिप बिल्डिंग का एक बड़ा सेंटर था। यहां तक कि 5-6 दशक पहले तक, यानी 50-60 साल पहले, भारत का फोर्टी परसेंट ट्रेड, भारतीय जहाजों पर होता था। लेकिन गुलामी की मानसिकता ने विदेशी जहाज़ों को प्राथमिकता देनी शुरु की। नतीजा सबके सामने है, जो देश कभी समुद्री ताकत था, वो अपने Ninety five परसेंट व्यापार के लिए विदेशी जहाज़ों पर निर्भर हो गया है। और इस वजह से आज भारत हर साल करीब 75 बिलियन डॉलर, यानी लगभग 6 लाख करोड़ रुपए विदेशी शिपिंग कंपनियों को दे रहा है।

साथियों,

शिप बिल्डिंग हो, डिफेंस मैन्यूफैक्चरिंग हो, आज हर सेक्टर में गुलामी की मानसिकता को पीछे छोड़कर नए गौरव को हासिल करने का प्रयास किया जा रहा है।

साथियों,

गुलामी की मानसिकता ने एक बहुत बड़ा नुकसान, भारत में गवर्नेंस की अप्रोच को भी किया है। लंबे समय तक सरकारी सिस्टम का अपने नागरिकों पर अविश्वास रहा। आपको याद होगा, पहले अपने ही डॉक्यूमेंट्स को किसी सरकारी अधिकारी से अटेस्ट कराना पड़ता था। जब तक वो ठप्पा नहीं मारता है, सब झूठ माना जाता था। आपका परिश्रम किया हुआ सर्टिफिकेट। हमने ये अविश्वास का भाव तोड़ा और सेल्फ एटेस्टेशन को ही पर्याप्त माना। मेरे देश का नागरिक कहता है कि भई ये मैं कह रहा हूं, मैं उस पर भरोसा करता हूं।

साथियों,

हमारे देश में ऐसे-ऐसे प्रावधान चल रहे थे, जहां ज़रा-जरा सी गलतियों को भी गंभीर अपराध माना जाता था। हम जन-विश्वास कानून लेकर आए, और ऐसे सैकड़ों प्रावधानों को डी-क्रिमिनलाइज किया है।

साथियों,

पहले बैंक से हजार रुपए का भी लोन लेना होता था, तो बैंक गारंटी मांगता था, क्योंकि अविश्वास बहुत अधिक था। हमने मुद्रा योजना से अविश्वास के इस कुचक्र को तोड़ा। इसके तहत अभी तक 37 lakh crore, 37 लाख करोड़ रुपए की गारंटी फ्री लोन हम दे चुके हैं देशवासियों को। इस पैसे से, उन परिवारों के नौजवानों को भी आंत्रप्रन्योर बनने का विश्वास मिला है। आज रेहड़ी-पटरी वालों को भी, ठेले वाले को भी बिना गारंटी बैंक से पैसा दिया जा रहा है।

साथियों,

हमारे देश में हमेशा से ये माना गया कि सरकार को अगर कुछ दे दिया, तो फिर वहां तो वन वे ट्रैफिक है, एक बार दिया तो दिया, फिर वापस नहीं आता है, गया, गया, यही सबका अनुभव है। लेकिन जब सरकार और जनता के बीच विश्वास मजबूत होता है, तो काम कैसे होता है? अगर कल अच्छी करनी है ना, तो मन आज अच्छा करना पड़ता है। अगर मन अच्छा है तो कल भी अच्छा होता है। और इसलिए हम एक और अभियान लेकर आए, आपको सुनकर के ताज्जुब होगा और अभी अखबारों में उसकी, अखबारों वालों की नजर नहीं गई है उस पर, मुझे पता नहीं जाएगी की नहीं जाएगी, आज के बाद हो सकता है चली जाए।

आपको ये जानकर हैरानी होगी कि आज देश के बैंकों में, हमारे ही देश के नागरिकों का 78 thousand crore रुपया, 78 हजार करोड़ रुपए Unclaimed पड़ा है बैंको में, पता नहीं कौन है, किसका है, कहां है। इस पैसे को कोई पूछने वाला नहीं है। इसी तरह इन्श्योरेंश कंपनियों के पास करीब 14 हजार करोड़ रुपए पड़े हैं। म्यूचुअल फंड कंपनियों के पास करीब 3 हजार करोड़ रुपए पड़े हैं। 9 हजार करोड़ रुपए डिविडेंड का पड़ा है। और ये सब Unclaimed पड़ा हुआ है, कोई मालिक नहीं उसका। ये पैसा, गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों का है, और इसलिए, जिसके हैं वो तो भूल चुका है। हमारी सरकार अब उनको ढूंढ रही है देशभर में, अरे भई बताओ, तुम्हारा तो पैसा नहीं था, तुम्हारे मां बाप का तो नहीं था, कोई छोड़कर तो नहीं चला गया, हम जा रहे हैं। हमारी सरकार उसके हकदार तक पहुंचने में जुटी है। और इसके लिए सरकार ने स्पेशल कैंप लगाना शुरू किया है, लोगों को समझा रहे हैं, कि भई देखिए कोई है तो अता पता। आपके पैसे कहीं हैं क्या, गए हैं क्या? अब तक करीब 500 districts में हम ऐसे कैंप लगाकर हजारों करोड़ रुपए असली हकदारों को दे चुके हैं जी। पैसे पड़े थे, कोई पूछने वाला नहीं था, लेकिन ये मोदी है, ढूंढ रहा है, अरे यार तेरा है ले जा।

साथियों,

ये सिर्फ asset की वापसी का मामला नहीं है, ये विश्वास का मामला है। ये जनता के विश्वास को निरंतर हासिल करने की प्रतिबद्धता है और जनता का विश्वास, यही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है। अगर गुलामी की मानसिकता होती तो सरकारी मानसी साहबी होता और ऐसे अभियान कभी नहीं चलते हैं।

साथियों,

हमें अपने देश को पूरी तरह से, हर क्षेत्र में गुलामी की मानसिकता से पूर्ण रूप से मुक्त करना है। अभी कुछ दिन पहले मैंने देश से एक अपील की है। मैं आने वाले 10 साल का एक टाइम-फ्रेम लेकर, देशवासियों को मेरे साथ, मेरी बातों को ये कुछ करने के लिए प्यार से आग्रह कर रहा हूं, हाथ जोड़कर विनती कर रहा हूं। 140 करोड़ देशवसियों की मदद के बिना ये मैं कर नहीं पाऊंगा, और इसलिए मैं देशवासियों से बार-बार हाथ जोड़कर कह रहा हूं, और 10 साल के इस टाइम फ्रैम में मैं क्या मांग रहा हूं? मैकाले की जिस नीति ने भारत में मानसिक गुलामी के बीज बोए थे, उसको 2035 में 200 साल पूरे हो रहे हैं, Two hundred year हो रहे हैं। यानी 10 साल बाकी हैं। और इसलिए, इन्हीं दस वर्षों में हम सभी को मिलकर के, अपने देश को गुलामी की मानसिकता से मुक्त करके रहना चाहिए।

साथियों,

मैं अक्सर कहता हूं, हम लीक पकड़कर चलने वाले लोग नहीं हैं। बेहतर कल के लिए, हमें अपनी लकीर बड़ी करनी ही होगी। हमें देश की भविष्य की आवश्यकताओं को समझते हुए, वर्तमान में उसके हल तलाशने होंगे। आजकल आप देखते हैं कि मैं मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियान पर लगातार चर्चा करता हूं। शोभना जी ने भी अपने भाषण में उसका उल्लेख किया। अगर ऐसे अभियान 4-5 दशक पहले शुरू हो गए होते, तो आज भारत की तस्वीर कुछ और होती। लेकिन तब जो सरकारें थीं उनकी प्राथमिकताएं कुछ और थीं। आपको वो सेमीकंडक्टर वाला किस्सा भी पता ही है, करीब 50-60 साल पहले, 5-6 दशक पहले एक कंपनी, भारत में सेमीकंडक्टर प्लांट लगाने के लिए आई थी, लेकिन यहां उसको तवज्जो नहीं दी गई, और देश सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग में इतना पिछड़ गया।

साथियों,

यही हाल एनर्जी सेक्टर की भी है। आज भारत हर साल करीब-करीब 125 लाख करोड़ रुपए के पेट्रोल-डीजल-गैस का इंपोर्ट करता है, 125 लाख करोड़ रुपया। हमारे देश में सूर्य भगवान की इतनी बड़ी कृपा है, लेकिन फिर भी 2014 तक भारत में सोलर एनर्जी जनरेशन कपैसिटी सिर्फ 3 गीगावॉट थी, 3 गीगावॉट थी। 2014 तक की मैं बात कर रहा हूं, जब तक की आपने मुझे यहां लाकर के बिठाया नहीं। 3 गीगावॉट, पिछले 10 वर्षों में अब ये बढ़कर 130 गीगावॉट के आसपास पहुंच चुकी है। और इसमें भी भारत ने twenty two गीगावॉट कैपेसिटी, सिर्फ और सिर्फ rooftop solar से ही जोड़ी है। 22 गीगावाट एनर्जी रूफटॉप सोलर से।

साथियों,

पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ने, एनर्जी सिक्योरिटी के इस अभियान में देश के लोगों को सीधी भागीदारी करने का मौका दे दिया है। मैं काशी का सांसद हूं, प्रधानमंत्री के नाते जो काम है, लेकिन सांसद के नाते भी कुछ काम करने होते हैं। मैं जरा काशी के सांसद के नाते आपको कुछ बताना चाहता हूं। और आपके हिंदी अखबार की तो ताकत है, तो उसको तो जरूर काम आएगा। काशी में 26 हजार से ज्यादा घरों में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के सोलर प्लांट लगे हैं। इससे हर रोज, डेली तीन लाख यूनिट से अधिक बिजली पैदा हो रही है, और लोगों के करीब पांच करोड़ रुपए हर महीने बच रहे हैं। यानी साल भर के साठ करोड़ रुपये।

साथियों,

इतनी सोलर पावर बनने से, हर साल करीब नब्बे हज़ार, ninety thousand मीट्रिक टन कार्बन एमिशन कम हो रहा है। इतने कार्बन एमिशन को खपाने के लिए, हमें चालीस लाख से ज्यादा पेड़ लगाने पड़ते। और मैं फिर कहूंगा, ये जो मैंने आंकडे दिए हैं ना, ये सिर्फ काशी के हैं, बनारस के हैं, मैं देश की बात नहीं बता रहा हूं आपको। आप कल्पना कर सकते हैं कि, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, ये देश को कितना बड़ा फायदा हो रहा है। आज की एक योजना, भविष्य को Transform करने की कितनी ताकत रखती है, ये उसका Example है।

वैसे साथियों,

अभी आपने मोबाइल मैन्यूफैक्चरिंग के भी आंकड़े देखे होंगे। 2014 से पहले तक हम अपनी ज़रूरत के 75 परसेंट मोबाइल फोन इंपोर्ट करते थे, 75 परसेंट। और अब, भारत का मोबाइल फोन इंपोर्ट लगभग ज़ीरो हो गया है। अब हम बहुत बड़े मोबाइल फोन एक्सपोर्टर बन रहे हैं। 2014 के बाद हमने एक reform किया, देश ने Perform किया और उसके Transformative नतीजे आज दुनिया देख रही है।

साथियों,

Transforming tomorrow की ये यात्रा, ऐसी ही अनेक योजनाओं, अनेक नीतियों, अनेक निर्णयों, जनआकांक्षाओं और जनभागीदारी की यात्रा है। ये निरंतरता की यात्रा है। ये सिर्फ एक समिट की चर्चा तक सीमित नहीं है, भारत के लिए तो ये राष्ट्रीय संकल्प है। इस संकल्प में सबका साथ जरूरी है, सबका प्रयास जरूरी है। सामूहिक प्रयास हमें परिवर्तन की इस ऊंचाई को छूने के लिए अवसर देंगे ही देंगे।

साथियों,

एक बार फिर, मैं शोभना जी का, हिन्दुस्तान टाइम्स का बहुत आभारी हूं, कि आपने मुझे अवसर दिया आपके बीच आने का और जो बातें कभी-कभी बताई उसको आपने किया और मैं तो मानता हूं शायद देश के फोटोग्राफरों के लिए एक नई ताकत बनेगा ये। इसी प्रकार से अनेक नए कार्यक्रम भी आप आगे के लिए सोच सकते हैं। मेरी मदद लगे तो जरूर मुझे बताना, आईडिया देने का मैं कोई रॉयल्टी नहीं लेता हूं। मुफ्त का कारोबार है और मारवाड़ी परिवार है, तो मौका छोड़ेगा ही नहीं। बहुत-बहुत धन्यवाद आप सबका, नमस्कार।