Bengal's enthusiasm for democracy is commendable: PM in Malda Uttar

Published By : Admin | April 26, 2024 | 11:15 IST
Bengal's enthusiasm for democracy is commendable: PM in Malda Uttar
Every vote strengthens our democracy and upholds the Constitution: PM in Malda Uttar
Under TMC rule, Bengal has seen rampant corruption and scams: PM in Malda Uttar
TMC exploits Bengal's resources for personal gain: PM in Malda Uttar
BJP is committed to women's welfare: PM in Malda Uttar

जय मां काली, जय मां दुर्गा

भारत माता की जय, भारत माता की जय, भारत माता की जय

आज देश में दूसरे चरण का मतदान हो रहा है। और अब तक की जो खबरें आ रही हैं। सुबह से ही लोग उत्साह और उमंग के साथ लोकतंत्र का उत्सव मना रहे हैं। अपने-अपने मोहल्ले से गाजे बाजे के साथ भारत माता की जय बोलते बोलते मतदान करने के लिए जा रहे हैं। जो लोग मतदान के लिए उत्साह ने निकल पड़े हैं मैं इनका हृदय से बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं। बंगाल में लोकतंत्र के इस पर्व का अलग ही उत्साह दिखता है। मैंने हेलीपैड पर भी देखा, जितने लोग यहां हैं, उतने ही लोग हेलीपैड से रास्ते में आशीर्वाद दे रहे थे। मैं आज देश में जहां-जहां मतदान हो रहा है सभी लोगों से आग्रह करूंगा कि, वोट डालना लोकतंत्र को मजबूती देने के काम है, इसलिए हम सभी देशवासियों ने देश के लिए वोट जरूर करना चाहिए।

साथियों,

आज आप इतनी बड़ी संख्या में हमें आशीर्वाद देने आए हैं। मुझे विश्वास है, पहले चरण में TMC-कॉंग्रेस जैसे जो दल पस्त हो गए थे, अब आज दूसरे चरण में ध्वस्त हो जाएंगे। इसलिए मालदा में भी हर तरफ यही गूंज है- फिर एक बार, मोदी सरकार! आबार एकबार, मोदी शोरकार

साथियों,

एक समय था, जब बंगाल, पूरे देश के विकास का नेतृत्व करता था। चाहे सामाजिक सुधार हो तो बंगाल का नेतृत्व, वैज्ञानिक प्रगति हो बंगाल का नेतृत्व। फिलोसोफी की प्रगति हो बंगाल का नेतृत्व, अध्यात्म में प्रगति हो बंगाल का नेतृत्व, देश के लिए बलिदान देना हो बंगाल का नेतृत्व। जीवन का ऐसा कोई पहलू नहीं था जिसका नेतृत्व हमारे बंगाल ने ना किया हो। लेकिन पहले लेफ्ट और फिर TMC के शासन ने बंगाल के इस ताकत को चोट पहुंचाई, बंगाल के सम्मान को चूर चूर कर दिया, बंगाल का विकास रोक दिया। TMC के राज में बंगाल में एक ही चीज चलती है- हजारों करोड़ के स्कैम। शारदा चिटफंड स्कैम, रोजवैली चिटफंड स्कैम, पशुतस्करी घोटाला, नगर पालिका नियुक्ति घोटाला, राशन घोटाले, कोयला तस्करी घोटाला। घोटाले TMC करती है, भुगतना बंगाल की जनता को पड़ता है। ऐसा कोई काम नहीं, जो बंगाल में बिना कट कमीशन के होता हो। यहाँ तक कि इन्होंने किसानों तक को नहीं छोड़ा है। हमारे किसान भाई मंडी में 1 क्विंटल गेहूं बेचने जाते हैं, तो इसका एक बड़ा हिस्सा बिचौलिये खा जाते हैं।

साथियों,

TMC ने यहां युवाओं के भविष्य के साथ लगातार खिलवाड़ किया है। इन्होंने इतना बड़ा शिक्षा घोटाला किया। 26 हजार परिवारों की रोजीरोटी ठप्प हो गई। और कर्ज लेकर जो पैसे लेकर इन TMC वालों को दिए थे, उसका कर्ज भी सर पर मढ़ गया। जबकि बीजेपी सरकार है जो केंद्र सरकार में पूरी पारदर्शिता से युवाओं को नौकरी दे रही है। हमने मुद्रा योजना, स्टार्ट अप इंडिया अभियान, कौशल विकास अभियान से युवाओं का सामर्थ्य और बढ़ाने के लिए काम किया है। बीजेपी सरकार की नीतियों से देश में नए-नए सेक्टर्स बन रहे हैं, जहां युवाओं को ज्यादा से ज्यादा अवसर मिल रहे हैं। लेकिन बंगाल में TMC ने युवाओं के विकास के सारे दरवाजे बंद कर रखे हैं।

साथियों,

बंगाल रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानंद, नेताजी सुभाष, गुरुदेव टैगोर, डॉक्टर मुखर्जी की धरती है। मैं अपने बंगाल को ऐसे ही पिछड़ते हुए नहीं देख सकता। TMC जैसी भ्रष्ट पार्टी के बावजूद, केंद्र की बीजेपी सरकार, बंगाल के विकास के लिए पूरी शक्ति से काम कर रही है। भाजपा सरकार की योजना की वजह से आपको मुफ्त राशन मिल रहा है।

साथियो,

ये आपका उत्साह ये आपका प्रेम मेरे सिर आंखों पर, आप इतना प्यार दे रहे हैं, इतना प्यार दे रहे हैं। कि ऐसे लगता है कि मैं पिछले जन्म में बंगाल में पैदा हुआ था या फिर अगले जन्म में यहां की किसी मां की गोद से पैदा होने वाला हूं। शायद इतना प्यार कभी नसीब नहीं होगा भाइयों।

दोस्तों,

लोग दूर-दूर तक धूप में खड़े हैं, मैदान छोटा पड़ गया। हमारी व्यवस्था छोटी पड़ गई , आपको तकलीफ हो रही है, जो धूम में तप रहे हैं उनको तकलीफ हो रही है। ये जो आपकी तकलीफ हो रही है उसके लिए मैं आपकी क्षमा मांगता हूं। लेकिन जो धूप में तप रहे हैं उनको कहता हूं कि आप की तपस्या मैं बेकार नहीं जाने दूंगा। आप जो ये ताप में तप रहे हैं, विकास करके इस त्याग को लौटाऊंगा। बंगाल के 50 लाख से ज्यादा किसानों के खातों में सीधे साढ़े 8 हजार करोड़ रुपए पीएम किसान सम्मान निधि के भेजे गए हैं। लेकिन, TMC सरकार को देखिए, वो आपको लूटने का कोई मौका छोड़ती नहीं है। मैं केंद्र से बंगाल के विकास के लिए यहां की सरकार को जो पैसा भेजता हूँ, वो TMC के नेता, मंत्री, तोलाबाज़ मिलकर खा जाते हैं। जो योजनाएँ मैं सीधे लागू करने की कोशिश करता हूँ, उसे भी TMC सरकार रोक देती है।

इन्होंने बंगाल के लोगों को 5 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज देने वाली हमारी आयुष्मान योजना को रोक रखा है। अभी भाजपा ने हर बुजुर्ग को 5 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज का ऐलान किया है। लेकिन बंगाल के बुजुर्गों को इस योजना का लाभ भी TMC सरकार नहीं होने देगी, इसे यहां लागू ही नहीं देगी। TMC को आपकी चिंता से, आपकी परेशानियों से कोई लेना-देना नहीं है। ये चाहते हैं, कि बंगाल में वंदेभारत ट्रेनें भी ठप्प हो जाएँ। हम कहते हैं कि हमारे मालदा के किसानों का आम और मखाना पूरी दुनिया में फेमस है। उनकी आमदनी बढ़े, उन्हें ज्यादा पैसा मिले, इसके लिए यहाँ फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री लगाओ। TMC कहती है उसमें हमारा कट कैसे मिलेगा?

साथियों,

मां-माटी-मानुष की बात कहकर सत्ता में आई TMC ने सबसे बड़ा विश्वासघात यहां की महिलाओं से ही किया है। जब बीजेपी सरकार ने मुस्लिम बहनों को अत्याचार से बचाने के लिए तीन तलाक खत्म किया, तो TMC ने इसका विरोध किया। संदेशखाली में महिलाओं पर इतने अमानवीय अत्याचार हुये, और TMC सरकार आखिर तक मुख्य आरोपी को बचाती रही। यहाँ मालदा में भी महिला के साथ शर्मसार करने वाली घटना घटी, लेकिन सरकार चुप रही। जबकि बीजेपी सरकार महिलाओं की मान-मर्यादा के लिए काम कर रही है। बीजेपी सरकार ने बंगाल में 80 लाख से ज्यादा शौचालय बनाकर दिए हैं, जिसका सबसे ज्यादा लाभ महिलाओं को ही हुआ है। बंगाल की करीब सवा करोड़ माताओं-बहनों को उज्ज्वला का गैस कनेक्शन मिला है। यहां पीएम आवास के जो हजारों घर दिए गए हैं, उनमें से ज्यादातर घर महिलाओं के ही नाम हैं। पहली बार अब उनके नाम कोई संपत्ति हुई है। हमारी सरकार बहनों-बेटियों के लिए हर स्तर पर नए अवसर बना रही है, उन्हें सशक्त कर रही है।

साथियों,

TMC और काँग्रेस यहां आपस में झगड़े का दिखावा जरूर करती हैं, लेकिन सच्चाई ये है कि दोनों के विचार और आचार-व्यवहार एक ही जैसा है। TMC और कांग्रेस को जोड़े रखने का सबसे बड़ा चुंबक है- तुष्टिकरण। तुष्टिकरण के लिए ये दोनों पार्टियां कुछ भी कर सकती हैं। तुष्टिकरण की खातिर ये लोग देशहित में लिए गए हर निर्णय को वापस पलटना चाहते हैं। इंडी गठबंधन वाले कहते हैं कि वो कश्मीर में आर्टिकल-370 को फिर बहाल करेंगे। TMC और काँग्रेस के नेता कह रहे हैं कि ये सत्ता में आए तो CAA कानून को रद्द कर देंगे। आप मुझे बताइए, बंटवारे से पैदा हुए देशों में जहां हिंदू,सिख,ईसाई,बौद्ध धर्म के लोगों पर जुल्म ढाए जाते हैं, जहां उनको धर्मांतरण के लिये मज़बूर किया जाता है, जिनके आस्था स्थलों- मंदिर, गुरुद्वारे, चर्च ध्वस्त कर दिए जाते हैं, जिनकी बहू-बेटियों का जबरन शादी करके उनका धर्मांतरण करवा दिया जाता है, आखिरकार वो कहां जाएंगे? इसमें बहुत बड़ी संख्या में हमारे दलित भाई-बहन हैं। तुष्टिकरण के लिए TMC-कांग्रेस इन्हें भी ठुकरा देना चाहती है। CAA नागरिकता छीनने का नहीं बल्कि नागरिकता देने का कानून है, लेकिन फिर भी TMC लगातार झूठ बोलकर अफवाह फैला रही है। यही इन लोगों की सोच है।

साथियों,

मैं आपको इंडी गठबंधन के एक और खतरनाक इरादे के बारे में आपको बताना चाहता हूं। इंडी गठबंधन वाले महिलाओं, आदिवासियों और गरीबों के खिलाफ एक खतरनाक कानून लेकर आना चाहते हैं। इस कानून में महिलाओं का मंगलसूत्र, आदिवासी महिलाओं के गहने, हर किसी की प्रॉपर्टी की जांच करवाई जाएगी। इसके लिए कांग्रेस के शहजादे, विदेश से कोई एक्स-रे मशीन लाए हैं। वो पूरे देश में सबका एक्स-रे कर देंगे। कांग्रेस का इरादा है कि जिसके पास जितना पैसा, सोना-चांदी होगा,जमीन होगी, सब पर कब्जा कर लिया जाएगा। और फिर उसका एक हिस्सा ये लोग अपने वोटबैंक को दे देंगे। ये कांग्रेस ने घोषणा की है , लेकिन TMC वाले भी उसके खिलाफ एक शब्द नहीं बोलते हैं। TMC वाले चुपचाप कांग्रेस के इस एजेंडा को मौन रहकर समर्थन कर रहे हैं। आप देखिए, TMC और काँग्रेस में तुष्टिकरण का कैसा कॉम्पटिशन चल रहा है। TMC सरकार बंगाल में बांग्लादेशी घुसपैठियों को लाकर बसाने का काम करती है। इन घुसपैठियों को आपकी जमीन, खेत पर कब्जा करवाती है। और काँग्रेस, आपकी संपत्ति ऐसे वोट बैंक में बांटने की बात कर रही है।

साथियों,

काँग्रेस तो आपके नहीं रहने के बाद, आपकी संपत्ति पर भी 55 परसेंट टैक्स लगाने की योजना बना रही है। यानी, आपके जीवन भर की कमाई आपके बाद आपके बेटे-बेटियों को नहीं मिलेगी। उसमें से आधे से ज्यादा काँग्रेस सरकार जब्त कर लेगी। और ये संपत्ति जाएगी कहां? कांग्रेस के वोट बैंक के पास। कांग्रेस के इस फॉर्मूले को जानने के बाद पूरा देश कह रहा है-कांग्रेस की लूट- जिंदगी के साथ भी और जिंदगी के बाद भी। कांग्रेसेर लूट- बेंचे थाकार समय ओ, मोरे जाबार परे ओ

साथियों,

काँग्रेस पार्टी SC, ST और OBC के आरक्षण पर भी बड़ा डाका डालने की तैयारी कर रही है। कर्नाटक में, जहां काँग्रेस की सरकार है, वहाँ कांग्रेस काफी पहले OBC के आरक्षण में सारे मुस्लिमों को हिस्सेदारी दे चुकी है। यानी, संविधान में जो हक SC, ST, OBC के लिए सुरक्षित है, उसे ये लोग धर्म के आधार पर बांटने का प्रयास कर रहे हैं। अब कर्नाटक मॉडल को काँग्रेस पूरे देश में लागू करना चाहती है। क्या आप इस साजिश को कामयाब होने देंगे?

साथियों,

आपका एक वोट विकसित भारत, विकसित बंगाल के सपने को पूरा करेगा। मालदा उत्तर से बीजेपी प्रत्याशी और लोकसभा में मेरे बहुत अच्छे साथी श्रीमान खगेन मुर्मू जी, और मालदा दक्षिण से श्रीरूपा मित्रा चौधरी जी, जिसको आप निर्भया दीदी के नाम से जानते हैं। ये निर्भया दीदी और ये मुर्मू जी 7 मई को जो आप इनको वोट देंगे ना वो वोट सीधा-सीधा मोदी के खाते में जाएगा। मेरा अनुरोध है, यहाँ से जाकर हर परिवार में कहना, मोदी जी ने आपको जय श्रीराम भी कहा है। मेरे साथ बोलिए

भारत माता की जय।
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भारत माता की जय।

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नमस्कार!

पिछले कुछ समय में मुझे एक-दो बार टीवी9 भारतवर्ष देखने का मौका मिला है। नॉर्मली भी युद्धों और मिसाइलों पर आपका बहुत फोकस होता है और आजकल तो आपको कंटेंट की ओवरफीडिंग हो रही है। बड़े-बड़े देश टीवी9 को इतना सारा कंटेंट देने पर तुले हुए हैं, लेकिन On a Serious Note, आज विश्व जिन गंभीर परिस्थितियों से गुजर रहा है, वो अभूतपूर्व है और बेहद गंभीर है। और इन स्थितियों के बीच, आज टीवी-9 नेटवर्क ने विचारों का एक बेहद महत्वपूर्ण मंच बनाया है। आज इस समिट में आप सभी India and the world, इस विषय पर चर्चा कर रहे हैं। मैं आप सबको बधाई देता हूं। इस समिट के लिए अपनी शुभकामनाएं देता हूं। सभी अतिथियों का अभिनंदन करता हूं।

साथियों,

आज जब दुनिया, conflicts के कारण उलझी हुई है, जब इन conflicts के दुष्प्रभाव पूरी दुनिया पर दिख रहे हैं, तब India and the world की बात करना बहुत ही प्रासंगिक है। भारत आज वो देश है, जिसकी अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। 2014 के पहले की स्थितियों को पीछे छोड़कर के आज भारत एक नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। अब भारत चुनौतियों को टालता नहीं है बल्कि चुनौतियों से टकराता है। आप बीते 5-6 साल में देखिए, कोरोना की महामारी के बाद चुनौतियां एक के बाद एक बढ़ती ही गई हैं। ऐसा कोई साल नहीं है, जिसने भारत की, भारतीयों की परीक्षा न ली हो। लेकिन 140 करोड़ देशवासियों के एकजुट प्रयास से भारत हर आपदा का सामना करते हुए आगे बढ़ रहा है। इस समय युद्ध की परिस्थितियों में भी भारत की नीति और रणनीति देखकर, भारत का सामर्थ्य देखकर दुनिया के अनेकों देश हैरान हैं। हमारे यहां कहावत है, सांच को आंच नहीं। 28 फरवरी से दुनिया में जो उथल-पुथल मची है, इन कठोर विपरीत परिस्थितियों में भी भारत प्रगति के, विकास के, विश्वास के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। इन 23 दिनों में भारत ने अपनी Relationship Building Capacity दिखाई है, Decision Making Capacity दिखाई है और Crisis Management Capacity दिखाई है।

साथियों,

आज जब दुनिया इतने सारे खेमों में बंटी हुई है, भारत ने अभूतपूर्व और अकल्पनीय bridges बनाए हैं। Gulf से लेकर Global West तक, Global South से लेकर पड़ोसी देशों तक भारत सभी का trusted partner है। कुछ लोग पूछते हैं, हम किसके साथ हैं? तो उनको मेरा जवाब यही है कि हम भारत के साथ हैं, हम भारत के हितों के साथ हैं, शांति के साथ हैं, संवाद के साथ हैं।

साथियों,

संकट के इसी समय में जब global supply chains डगमगा रही हैं, भारत ने diversification और resilience का मॉडल पेश किया है। Energy हो, fertilizers हों या essential goods अपने नागरिकों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए भारत ने निरंतर प्रयास किया है और आज भी कर रहे है।

साथियों,

जब राष्ट्रनीति ही राजनीति का मुख्य आधार हो, तब देश का भविष्य सर्वोपरि होता है। लेकिन जब राजनीति में व्यक्तिगत स्वार्थ हावी हो जाता है, तब लोग देश के फ्यूचर के बजाय अपने फ्यूचर के बारे में सोचते हैं। आप ज़रा याद कीजिए 2004 से 2010 के बीच क्या हुआ था? तब कांग्रेस सरकार के समय पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतों का संकट आया था और तब कांग्रेस ने देश की नहीं बल्कि अपनी सत्ता की चिंता की। उस वक्त कांग्रेस ने एक लाख अड़तालीस हज़ार करोड़ रुपए के ऑयल बॉन्ड जारी किए थे और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी ने खुद कहा था कि वो आने वाली पीढ़ी पर कर्ज का बोझ डाल रहे हैं। यह जानते हुए भी कि ऑयल बॉन्ड का फैसला गलत है, जो रिमोट कंट्रोल से सरकार चला रहे थे, उन लोगों ने अपनी सत्ता बचाने के लिए यह गलत निर्णय किया क्योंकि जवाबदेही उस समय नहीं होनी थी, उस बॉन्ड पर री-पेमेंट 2020 के बाद होनी थी।

साथियों,

बीते 5-6 वर्षों में हमारी सरकार ने कांग्रेस सरकार के उस पाप को धोने का काम किया है, और इस धुलाई का खर्चा कम नहीं आया है, ऐसी लाँड्री आपने देखी नहीं होगी। 1 लाख 48 हज़ार करोड़ रुपए की जगह, देश को 3 लाख करोड़ रुपए से अधिक की पेमेंट करनी पड़ी क्योंकि इसमें ब्याज भी जुड़ गया था। यानी हमने करीब-करीब दोगुनी राशि चुकाने के लिए मजबूर हुए। आजकल कांग्रेस के जो नेता बयानों की मिसाइलें दाग रहे हैं, मिसाइल आई तो टीवी9 को मजा आएगा, उनकी इस विषय का जिक्र आते ही बोलती बंद हो जाती है।

साथियों,

पश्चिम एशिया में बनी परिस्थितियों पर मैंने आज लोकसभा में अपना वक्तव्य दिया है। दुनिया में जहां भी युद्ध हो रहे हैं, वो भारत की सीमा से दूर हैं। लेकिन आज की व्यवस्थाओं में कोई भी देश युद्धों से दुष्प्रभाव से दूर रहे, ऐसा संभव नहीं होता। अनेक देशों में तो स्थिति बहुत गंभीर हो चुकी है। और इन हालातों में हम देख रहे हैं कि राजनीतिक स्वार्थ से भरे कुछ लोग, कुछ दल, संकट के इस समय में भी अपने लिए राजनीतिक अवसर खोज रहे हैं। इसलिए मैं टीवी9 के मंच से फिर कहूंगा, यह समय संयम का है, संवेदनशीलता का है। हमने कोरोना महासंकट के दौरान भी देखा है, जब देशवासी एकजुट होकर संकट का सामना करते हैं, तो कितने सार्थक परिणाम आते हैं। इसी भाव के साथ हमें इस युद्ध से बनी परिस्थितियों का सामना करना है।

साथियों,

दुनिया की हर उथल-पुथल के बीच, भारत ने अपनी प्रगति की गति को भी बनाए रखा है। अगर मैं 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद, बीते 23 दिनों का ही ब्यौरा दूं, तो पूरब से पश्चिम तक, उत्तर से दक्षिण तक देश में हजारों करोड़ के डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स का काम हुआ है। दिल्ली मेट्रो रेल के महत्वपूर्ण कॉरिडोर्स का लोकार्पण, सिलचर का हाई स्पीड कॉरिडोर का शिलान्यास, कोटा में नए एयरपोर्ट का शिलान्यास, मदुरै एयरपोर्ट को इंटरनेशनल एयरपोर्ट का दर्जा देना, ऐसे अनेक काम बीते 23 दिनों में ही हुए हैं। बीते एक महीने के दौरान ही औद्योगिक विकास को गति देने के लिए भव्य स्कीम को मंजूरी दी गई है। इसके तहत देशभर में 100 plug-and-play industrial parks विकसित किए जाएंगे। देश में Small Hydro Power Development Scheme को भी हरी झंडी दी गई है। इससे आने वाले वर्षों में 1,500 मेगावाट नई hydro power capacity जोड़ी जाएगी। इसी दौरान जल जीवन मिशन को साल 2028 तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। किसानों के हित में भी अनेक बड़े निर्णय लिए गए हैं। बीते एक महीने में ही पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 18 हजार करोड़ रुपए से अधिक सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर किए गए हैं। और जो हमारे MSMEs हैं, जो हमारे निर्यातक हैं, उनके लिए भी करीब 500 करोड़ रुपए के राहत पैकेज की भी घोषणा की गई है। यह सारे कदम इस बात का प्रमाण हैं कि विकसित भारत बनाने के लिए देश कितनी तेज गति से काम कर रहा है।

साथियों,

Management की दुनिया में एक सिद्धांत कहा जाता है - What gets measured, gets managed. लेकिन मैं इसमें एक बात और जोड़ना चाहता हूं, What gets measured, gets improved और ultimately, gets transformed. क्योंकि आकलन जागरूकता पैदा करता है। आकलन जवाबदेही तय करता है और सबसे महत्वपूर्ण आकलन संभावनाओं को जन्म देता है।

साथियों,

अगर आप 2014 से पहले के 10-11 साल और 2014 के बाद के 10-11 साल का आप आकलन करेंगे, तो यही पाएंगे कि कैसे इसी सिद्धांत पर चलते हुए, भारत ने हर सेक्टर को Transform किया है। जैसे पहले हाईवे बनते थे, करीब 11-12 किलोमीटर प्रति दिन की रफ्तार से, आज भारत करीब 30 किलोमीटर प्रतिदिन की स्पीड से हाईवे बना रहा है। पहले पोर्ट्स पर शिप का Turnaround Time, 5-6 दिन का होता था। आज वही काम, करीब-करीब 2 दिन से भी कम समय में पूरा हो रहा है। पहले Startup Culture के बारे में चर्चा ही नहीं होती थी। 2014 से पहले, हमारे देश में 400-500 स्टार्ट अप्स ही थे। आज भारत में 2 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रर्ड स्टार्ट अप्स हैं। पहले मेडिकल education में सीटें भी सीमित थीं, करीब 50-55 हजार MBBS seats थीं, आज यह बढ़कर सवा लाख से ज्यादा हो चुकी हैं। पहले देश के Banking system से भी करोड़ों लोग बाहर थे। देश में सिर्फ 25 करोड़ के आसपास ही बैंक account थे। वहीं जनधन योजना के माध्यम से 55 करोड़ से ज्यादा बैंक अकाउंट खुले हैं। पहले हमारे देश में airports की संख्या भी 70 से कम थी। आज एयरपोर्ट्स की संख्या भी बढ़कर 160 से ज्यादा हो चुकी है।

साथियों,

पहले भी योजनाएं तो बनती थीं, लेकिन आज फर्क है, आज परिणाम दिखते हैं। पहले गति धीमी थी, आज भारत fastrack पर है। पहले संभावनाएं भी अंधकार में थीं, आज संकल्प सिद्धियों में बदल रहे हैं। इसलिए दुनिया को भी यह संदेश मिल रहा है कि यह नया भारत है। यह अपने विकास के लिए कोई कोर-कसर बाकी नहीं छोड़ रहा है।

साथियों,

आज हमारा प्रयास है कि अतीत में विकास का जो असंतुलन पैदा हो गया था, उसको अवसरों में बदला जाए। अब जैसे हमारा पूर्वी भारत है। हमारा पूर्वी भारत संसाधनों से समृद्ध है, दशकों तक वहां जिन्होंने सरकारें चलाई हैं, उनकी उपेक्षा ने पूर्वी भारत के विकास पर ब्रेक लगा दी थी। अब हालात बदल रहे हैं। जिस असम में कभी गोलियों की आवाज सुनाई देती थी, आज वहां सेमीकंडक्टर यूनिट बन रही है। ओडिशा में सेमीकंडक्टर से लेकर पेट्रोकेमिकल्स तक अनेक नए-नए सेक्टर का विकास हो रहा है। जिस बिहार में 6-7 दशक में गंगा जी पर एक बड़ा पुल बन पाया था एक, उस बिहार में पिछले एक दशक में 5 से ज्यादा नए पुल बनाए गए हैं। यूपी में कभी कट्टा मैन्युफैक्चरिंग की कहानियां कही जाती थीं, आज यूपी, मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग में दुनिया में अपनी पहचान बना रहा है।

साथियों,

पूर्वी भारत का एक और बड़ा राज्य पश्चिम बंगाल है। पश्चिम बंगाल, एक समय में भारत के कल्चर, एजुकेशन, इंडस्ट्री और ट्रेड का हब होता था। बीते 11 वर्षों में केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल के विकास के लिए बड़ी मात्रा में निवेश किया है। लेकिन दुर्भाग्य से, आज वहां एक ऐसी निर्मम सरकार है, जो विकास पर ब्रेक लगाकर बैठी है। TV9 बांग्ला के जो दर्शक हैं, वो जानते हैं कि बंगाल में आयुष्मान योजना पर निर्मम सरकार ने ब्रेक लगाया हुआ है। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना पर ब्रेक लगाया हुआ है। पीएम आवास योजना पर ब्रेक लगाया हुआ है। चाय बागान श्रमिकों के लिए शुरू हुई योजना के लिए ब्रेक लगाया हुआ है। यानी विकास और जनकल्याण से ज्यादा प्राथमिकता निर्मम सरकार अपने राजनीतिक स्वार्थ को दे रही है।

साथियों,

देश में इस तरह की राजनीति की शुरुआत जिस दल ने की है, वो अपने गुनाहों से बच नहीं सकती और वो पार्टी है - कांग्रेस। कांग्रेस पार्टी की राजनीति का एक ही लक्ष्य रहा है, किसी भी तरह विकास का विरोध और कांग्रेस यह तब से कर रही है, जब मैं गुजरात में था। गुजरात में वर्षों तक जनता ने हमें आशीर्वाद दिया, तो कांग्रेस ने उस जनादेश को स्वीकार नहीं किया। उन्होंने गुजरात की छवि पर सवाल उठाए, उसकी प्रगति को कटघरे में खड़ा किया और जब यही विश्वास पूरे देश में दिखाई दिया, तो कांग्रेस का विरोध भी रीजनल से नेशनल हो गया।

साथियों,

जब राजनीति में विरोध, विकास के विरोध में बदल जाए, जब आलोचना देश की उपलब्धियों पर सवाल उठाने लगे, तब यह सिर्फ सरकार का विरोध नहीं रह जाता, यह देश की प्रगति से असहज होने की मानसिकता बन जाती है। आज कांग्रेस इसी मानसिकता की गुलाम बन चुकी है। आज स्थिति यह है कि देश की हर सफलता पर प्रश्न उठाया जाता है, हर उपलब्धि में कमी खोजी जाती है और हर प्रयास के असफल होने की कामना की जाती है। कोविड के समय, देश ने अपनी वैक्सीन बनाई, तो कांग्रेस ने उस पर भी संदेह जताया। Make in India की बात हुई, तो कहा गया कि यह सफल नहीं होगा, बब्बर शेर कहकर इसका मजाक उड़ाया गया। जब देश में डिजिटल इंडिया अभियान शुरू हुआ, तो उसका मजाक उड़ाया गया। लेकिन हर बार यह कांग्रेस का दुर्भाग्य और देश का सौभाग्य रहा कि भारत ने हर चुनौती को सफलता में बदला। आज भारत दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीनेशन ड्राइव का उदाहरण है। भारत डिजिटल पेमेंट्स में दुनिया का अग्रणी देश है। भारत मैन्युफैक्चरिंग और स्टार्टअप्स में नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

साथियों,

लोकतंत्र में विरोध जरूरी होता है। लेकिन विरोध और विद्वेष के बीच एक रेखा होती है। सरकार का विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है। लेकिन देश को बदनाम करना, यह कांग्रेस की नीयत पर सवाल खड़ा करता है। जब विरोध इस स्तर तक पहुंच जाए कि देश की उपलब्धियां भी असहज करने लगें, तो यह राजनीति नहीं, यह दृष्टिकोण की समस्या है। अभी हमने ग्लोबल AI समिट में भी देखा है। जब पूरी दुनिया भारत में जुटी हुई थी, तो कांग्रेस के लोग कपड़े फाड़ने वहां पहुंच गए थे। इन लोगों को देश की इज्जत की कितनी परवाह है, यह इसी से पता चलता है। इसलिए आज आवश्यकता है कि देशहित को, दलहित से ऊपर रखा जाए क्योंकि अंत में राजनीति से ऊपर, राष्ट्र होता है, राष्ट्र का विकास होता है।

साथियों,

आज का यह दिन भी हमें यही प्रेरणा देता है। आज के ही दिन शहीद भगत सिंह, शहीद राजगुरु और शहीद सुखदेव ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था। आज ही, समाजवादी आंदोलन के प्रखर आदर्श डॉ. राम मनोहर लोहिया जी की जयंती भी है। यह वो प्रेरणाएं हैं, जिन्होंने देश को हमेशा स्व से ऊपर रखा है। देशहित को सबसे ऊपर रखने की यही प्रेरणा, भारत को विकसित भारत बनाएगी। यही प्रेरणा भारत को आत्मनिर्भर बनाएगी। मुझे पूरा विश्वास है कि टीवी9 की यह समिट भी भारत के आत्मविश्वास और दुनिया के भरोसे पर, भारतीयों पर जो भरोसा है, उस भरोसे को और सशक्त करेगी। आप सभी को मेरी तरफ से बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं और आपके बीच आने का अवसर दिया, आप सबसे मिलने का मौका लिया, इसलिए बहुत-बहुत धन्यवाद!

नमस्‍कार!