രാജ്യത്തെ പാവപ്പെട്ട ജനങ്ങൾ ഇന്ന് പറയുന്നു ‘Kharche Kam Karaye, Bachat Badhaye Baar Baar – Phir Ek Baar, Modi Sarkar’ പ്രധാനമന്ത്രി മോദി ബസ്തറിൽ
പതിറ്റാണ്ടുകൾക്ക് ശേഷം രാജ്യം ബിജെപിയുടെ സുസ്ഥിരവും ശക്തവുമായ സർക്കാരിനെ കണ്ടെന്ന് പ്രധാനമന്ത്രി മോദി. നമ്മുടെ സർക്കാരിൻ്റെ ഏറ്റവും വലിയ മുൻഗണന പാവപ്പെട്ടവരുടെ ക്ഷേമമായിരുന്നു
സ്വാതന്ത്ര്യത്തിനു ശേഷം കോൺഗ്രസ് സർക്കാർ ദശാബ്ദങ്ങളായി പാവപ്പെട്ടവരുടെ ആവശ്യങ്ങൾ അവഗണിച്ചു, കോൺഗ്രസ് ഒരിക്കലും ദരിദ്രരെക്കുറിച്ച് ശ്രദ്ധിച്ചില്ല, അവരുടെ പ്രശ്നങ്ങൾ പോലും മനസ്സിലാക്കിയില്ല: പ്രധാനമന്ത്രി മോദി
സ്വാതന്ത്ര്യാനന്തരം, രാജ്യം കൊള്ളയടിക്കാനുള്ള ലൈസൻസ് തങ്ങൾക്കുണ്ടെന്ന് കോൺഗ്രസ് കരുതി, എന്നാൽ 2014-ൽ സർക്കാർ അധികാരത്തിൽ വന്നതിന് ശേഷം മോദി കോൺഗ്രസിൻ്റെ കൊള്ള ലൈസൻസ് റദ്ദാക്കി: പ്രധാനമന്ത്രി മോദി


आमचो भाई बहिनी, दादा दीदी, आपन सपाय मन के, मोचो बाट ले…जुहार, राम राम
मां दंतेश्वरी की पावन धरा को मेरा प्रणाम।
आप विराजिए, दोनों साथी।

आज मैं हमारे बहुत पुराने साथी बलिराम कश्यप जी की जन्मस्थली कर्मस्थली, जब यहां आता हूं तो पुरानी यादें ताजा होना बहुत स्वाभाविक है, शायद यहां कोई क्षेत्र ऐसा नहीं होगा कि मैंने और बलिराम जी ने साथ दौरा न किया हो। एक साथ हम प्रवास करते थे। संगठन के कार्य के लिए निकलते थे। तो स्वाभाविक है कि बलिराम जी ने जो तपस्या की जो पुरुषार्थ किया उसी का नतीजा है कि आज हम सबने आपका इतना विश्वास प्राप्त किया है। प्यारे भाइयों-बहनों, देश के लिए, आदिवासी कल्याण के लिए बलिराम जी हर पल जागरूक रहते थे। जितना हो सके करने का प्रयास करते थे। बस्तर ने, छत्तीसगढ़ ने मुझे और भाजपा के हमारे हर साथी को अपने आशीर्वाद में कोई कमी नहीं रखी है। आज भी आप यहां दूर-दूर से इतनी विशाल संख्या आप हमें आशीर्वाद देने आए हैं। मैं उधर रेलिंग के बाहर भी बहुत बड़ी तादाद में चारों तरफ लोगों को देख रहा हूं। आज मैं आपके बीच आया हूं। पिछले 10 साल में देश कहां से कहां पहुंचा है, देश ने कितनी प्रगति की है। और उसमें आप सबका जो साथ मिला है। मैं आप सबका आभार व्यक्त करने भी आया हूं। आप लोगों ने यहां सिर्फ भाजपा सरकार ही नहीं बनाई, बल्कि विकसित भारत की आधारशिला भी मजबूत की है। छत्तीससगढ़ वासियों ने मोदी की गारंटी पर मोहर लगाई है। आपने मोदी की गारंटी पर मोहर लगाई है। आज उसी विश्वास से पूरा देश कह रहा है- फिर एक बार...मोदी सरकार ! फिर एक बार...मोदी सरकार ! फिर एक बार...मोदी सरकार !

साथियों,
अनेक दशकों बाद देश ने भाजपा की स्थिर और मजबूत सरकार देखी है। हमारी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता रही- गरीब का कल्याण। आजादी के बाद दशकों तक गरीब की जरूरतों को कांग्रेस की सरकारों ने नजरअंदाज किया। कांग्रेस ने कभी गरीब की चिंता नहीं की, उनकी परेशानियों को समझे तक नहीं। कांग्रेस के सबसे बड़े परिवार के अमीरों को कभी महंगाई का मतलब समझ ही नहीं आया। आपने 2014 में गरीब के इस बेटे को देश की सेवा का अवसर दिया। कच्ची छत के नीचे रहने की तकलीफ क्या होती है, ये मुझे पता है। जब घर में राशन नहीं होता, तो एक मां पर क्या बीतती है, मुझे पता है। जब दवा खरीदने के लिए घर में पैसे नहीं होते, तो बेबसी कितनी ज्यादा होती है, ये मैं जानता हूं। इसलिए मैंने ठाना कि जब तक गरीब की हर चिंता दूर नहीं करूंगा, मैं चैन से नहीं बैठूंगा। हमारी सरकार ने गरीब के लिए एक-एक करके योजनाएं बनाईं, गरीब को उसका हक दिया। आज सरकार के इन प्रयासों का ही नतीजा है कि देश में 25 करोड़ से ज्यादा लोग गरीबी से बाहर निकले हैं।

साथियों,
गरीबों के लिए भाजपा ने कैसे काम किया है, उसका एक बहुत बड़ा गवाह हमारा ये बस्तर है। बस्तर के बारे में तो कहा जाता है- मावा बस्तर, सोबले बस्तर ! बस्तर डिविजन से ही मैंने आयुष्मान आरोग्य मंदिर के निर्माण की शुरुआत की थी। ये आयुष्मान आरोग्य मंदिर, देशभर में गरीब को सस्ते इलाज, सस्ती जांच का प्रमुख केंद्र बने हैं। यहां छत्तीसगढ़ में भी हजारों आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोले गए हैं। इन आरोग्य मंदिरों की वजह से गरीबों को इलाज की बहुत बड़ी सुविधा मिली है, उनकी चिंता कम हुई है। मोदी ने 5 लाख रुपए के मुफ्त इलाज वाली जो आयुष्मान भारत योजना चलाई है, वो भी गरीबों के बहुत काम आ रही है। हम अपने यहां जानते हैं चाहे आदिवासी बस्ती हो या शहर घर में मां कभी बीमार हो जाती है न तो घर में किसी को पता नहीं चलने देती है कि वो बीमार है। कितनी ही पीड़ा हो मां सहती रहती है। उसके मन में एक ही बात होती है चलिए धीरे-धीरे ठीक हो जाएगा। अगर परिवार में बच्चों को पता चलेगा कि मां को बीमारी है, मां को तकलीफ है तो वो अस्पताल ले जाएंगे, बहुत खर्चा हो जाएगा, संतानों के सर पर कर्ज लग जाएगा। इसलिए मां सोचती थी अब कितने लंबे दिन जीना है, चलिए मुसीबत भोग लेंगे लेकिन बच्चों पर बोझ नहीं बनने दूंगी। ये हमारी हर माता सोचती थी, सहती थी। तब आपके इस बेटे ने सोचा कि अगर तुम्हारा बेटा वहां बैठा है तो फिर आपकी बीमारी की चिंता ये तुम्हारा बेटा करेगा। देश के करोड़ों गरीबों ने इस योजना की वजह से अस्पतालों में मुफ्त इलाज कराया है। इस योजना की वजह से गरीबों के एक लाख तीस हजार करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च होने से बच गए हैं। जो उनको बीमारी के लिए खर्च करना पड़ता। मोदी ने जो ये 11 हजार से ज्यादा जनऔषधि केंद्र खोले हैं, उन पर 80 प्रतिशत छूट के साथ दवा दी जाती है। 80 परसेंट डिस्काउंट। इससे भी गरीबों के 30 हजार करोड़ रुपए, दवाई खरीदने में जो खर्च होता था न उसमें बचत हो गई है। इसलिए ही आज देश का गरीब कह रहा है- खर्चे कम कराए, बचत बढ़ाए बार-बार, फिर एक बार मोदी सरकार। बचत बढ़ाए बार-बार, फिर एक बार मोदी सरकार।

साथियों,
दुनिया में 100 साल का सबसे बड़ा महासंकट आय़ा, कोरोना, कोविड। लोग कहते थे, भारत कैसे बचेगा, भारत के गरीबों का क्या होगा? कांग्रेस के अमीरों की सरकार के समय देश में बीमारी का टीका आने में दशकों लग जाते थे। मोदी ने कहा कि मैं अपने देश के हर गरीब के साथ खड़ा हूं। मैं गरीबों को मुफ्त वैक्सीन भी दूंगा...मैं गरीबों को मुफ्त राशन भी दूंगा। ऐसे समय में जब दूसरे देशों में कोरोना का एक एक टीका हजारों रुपए में लग रहा था, मोदी ने आपको मुफ्त टीका लगवाया। ऐसे समय में जब दूसरे देशों में खाने के लिए हाहाकार मचा था, मोदी ने अपने गरीब भाई-बहनों के लिए मुफ्त राशन की दुकान खुलवा दी। मुफ्त राशन, मुफ्त वैक्सीनेशन पर मोदी ने 4 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च किए। और इतना ही नहीं, मुफ्त राशन की योजना को मोदी ने अगले 5 साल तक औऱ बढ़ा दिया है। आने वाले पांच साल भी मोदी ये मुफ्त राशन की सेवा करता रहेगा। इसके कारण अब गरीब का ये पैसा बच रहा है और जब पैसा बचता है तो जिंदगी के कई सारे सपने पूरे करने के काम आता है। इसलिए आज हर कोई कह रहा है कि मोदी के कारण, उनकी योजनाओं ने खर्चे कम कराए, बचत बढ़ाए बार-बार, फिर एक बार मोदी सरकार।

साथियों,
कांग्रेस की सरकार के समय, भ्रष्टाचार ही देश की पहचान बन गई थी। और भ्रष्टाचार से अगर सबसे ज्यादा नुकसान किसी का होता है, तो गरीब का नुकसान होता है। भ्रष्टाचार, गरीब का हक मारता है। 2014 से पहले लाखों करोड़ रुपए के घोटाले होते थे। कांग्रेस की सरकार में दिल्ली से एक रुपया निकलता था और सिर्फ 15 पैसा गांव तक पहुंचता था। ये मैं नहीं कह रहा हूं कांग्रेस के ही प्रधानमंत्री ने कहा था कि दिल्ली से हम एक रुपया भेजते हैं, 15 पैसा ही पहुंचता है। अरे भई बताओ न वो कौन पंचा था जो 85 पैसे मार लेता था। मोदी ने कांग्रेस की लूट की ये पूरी व्यवस्था ही बंद करा दी। भाजपा सरकार ने अपने 10 साल में 34 लाख करोड़ रुपए, आंकड़ा याद रखिए 34 लाख करोड़ रुपए सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में भेजे हैं। दिल्ली से एक रुपया भेजा पूरे सौ पैसे गरीब के खाते में जमा हो गए। रुपया एक भेजो 15 पहुंचे, 85 पैसे गायब हो जाए वो जादू का खेल बंद हो गया। और जब डायरेक्ट पैसा जाता है तो एक पैसा कांग्रेस लूट नहीं पाई। अगर देश में कांग्रेस की सरकार होती तो ये कांग्रेस गरीबों के, ये जो 34 लाख करोड़ हैं न, और जो राजीव गांधी वाला अगर मैं हिसाब लगाऊं, तो 28 लाख करोड़ लूट लेते। 34 लाख करोड़ में से 28 लाख करोड़ गायब हो जाते। आजादी के बाद से कांग्रेस समझती थी कि उसे देश को लूटने का लाइसेंस मिला हुआ है। 2014 में सरकार में आने के बाद मोदी ने कांग्रेस की लूट का लाइसेंस ही कैंसिल कर दिया है। मोद ये लाइसेंस इसलिए कैंसल कर पाया, क्योंकि आपने मोदी को लाइसेंस दिया था। अब आप बताइए, जब उनकी दुकान बंद हो गई, लूटने का लाइसेंस चला गया, तो मोदी को गाली देंगे कि नहीं देंगे? देंगे कि नहीं देंगे? तो मेरी रक्षा कौन करेगा? मेरी रक्षा कौन करेगा? ये मेरे कोटि-कोटि देशवासी ही, मेरी माताएं-बहनें आज मोदी का रक्षा कवच बन गई।

साथियों,
मोदी ने जब घोटालेबाज़ों का रास्ता रोका, जब बिचौलियों की कमाई बंद की, तब से इनका पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। ये मोदी से भड़के हुए हैं। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के भ्रष्टाचार पर आज कड़ी कार्रवाई हो रही है। यहां के युवाओं को जिन्होंने धोखा दिया है, उनकी तेजी से जांच चल रही है। अब नाराज होकर ये लाठी से मोदी का सिर फोड़ने की धमकी दे रहे हैं। मोदी गरीब का बेटा है, सिर ऊंचा रख करके चलता है...मोदी इनकी धमकियों से डरने वाला नहीं है। आप मुझे बताइए, गरीबों को जिन्होंने लूटा, गरीबों को जिन्होंने लूटा, उन्हें सज़ा मिलनी चाहिए कि नहीं मिलनी चाहिए? सबलोग बताइए, सज़ा मिलनी चाहिए? सज़ा मिलनी चाहिए?

साथियों,
कोई घर में घुस आए और लूट-पाट करने लगे, तो परिवार का हर सदस्य उससे भिड़ जाता है। मोदी के लिए तो, मेरा भारत मेरा परिवार है। मैं भी अपने देश को, अपने परिवार को लूट-पाट से बचाने में जुटा हूं। इसलिए मैं कहता हूं भ्रष्टाचार हटाओ, और वो कहते हैं भ्रष्टाचारी बचाओ। चुनाव की रैलियां नहीं कर रहे भ्रष्टाचारी को बचाने के लिए रैलियां कर रहे। लेकिन ये सारे लोग कान खोलकर सुन लें। ये मोदी को कितनी भी धमकियां दे दें, भ्रष्टाचारियों को जेल जाना ही पड़ेगा- ये मोदी की गारंटी है।

भाइयों और बहनों,
रामनवमी बहुत दूर नहीं है। इस बार अयोध्या में हमारे रामलला टेंट में नहीं बल्कि भव्य मंदिर में दर्शन देंगे। 500 साल बाद ये सपना पूरा हुआ, तो इसकी सबसे अधिक खुशी प्रभु राम के ननिहाल, छत्तीसगढ़ को होना बहुत स्वाभाविक है। लेकिन कांग्रेस और इंडी-गठबंधन राम मंदिर बनने से बहुत नराज़ है। कांग्रेस के शाही परिवार ने राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का न्योता ठुकरा दिया। कांग्रेस के जिन नेताओं ने इस कदम को गलत बताया, उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया। एकाध जो वहां पहुंच गए प्राण प्रतिष्ठा में, प्रभु राम के सामने सिर झुकाया, उनको छह साल के लिए पार्टी से निकाल दिया। ये दिखाता है कि कांग्रेस तुष्टिकरण के लिए किसी भी हद को पार कर सकती है। कांग्रेस ने घोषणापत्र बनाया है, उसमें भी मुस्लिम लीग की छाप है।

साथियों,
कांग्रेस को आज भी देश के लोगों की जरूरतों से कोई लेना-देना नहीं है। ये भाजपा सरकार है जो हर गारंटी ज़मीन पर उतार रही है। अभी हमारे मुख्यमंत्री जी बड़े विस्तार से बता रहे थे, यहां की भाजपा सरकार ने धान किसानों के बकाए रकम को चुकाने की गारंटी पूरी की। तेंदुपत्ता संग्राहकों को दी गारंटी भी पूरी की गई है। मैं यहां की बहनों को विशेष बधाई दूंगा। महतारी वंदन योजना का लाभ मिलने लगा है। और मुख्यमंत्री जी ने बताया काशी बाबा के धाम से मुझे इस कार्यक्रम में साथ आने का मौका मिला था। यहां की लगभग 70 लाख बहनों को हर साल 12 हज़ार रुपए मिलना तय हुआ है। इसमें बस्तर की 5 लाख से अधिक और कांकेर की 5 लाख से अधिक बहनें भी इसकी लाभार्थी हैं, उसका लाभ ले रही है। अब यहां गरीब परिवारों, आदिवासी, दलित, पिछड़े परिवारों के पक्के घर तेजी से बनने शुरू होंगे। सरकार बनने के दूसरे ही दिन गरीबों को पक्का घर देने का निर्णय कर लिया गया। और मैं आपको कहता हूं, इस चुनाव के अंदर जब आप बूथ में जाएंगे। तो लोगों को मिलेंगे, तो कुछ लोग मिलेंगे जिनको योजना का लाभ पहुंच गया है। कुछ लोग मिलेंगे जिनको नहीं पहुंचा है। उनको मेरी तरफ से गारंटी दे देना। आपकी गारंटी होगी न ये मोदी पूरी करेगा। आप उनको गारंटी दे देना कि आने वाले पांच साल में जो रह गए हैं उनको भी मोदी सारी योजना पहुंचा देगा। और खुशी की बात है, हम जो आवास बना रहे हैं न उसमें जो मालिकाना हक का नाम है, वो हमारी माताओं-बहनों के नाम पर है। हर परिवार तक नल से जल पहुंचाने के लिए भी तेज़ी से काम होगा। मोदी ने अब देश की 3 करोड़ बहनों को लखपति दीदी बनाने की गारंटी दी है। क्या कभी सोचा है आपने, ऐसे कार्यक्रम की औरों की तो कल्पना नहीं हो सकती, मोदी में हिम्मत है कि तीन करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का फैसला लिया है मैंने। इसमें यहां वनधन केंद्रों से जुड़ीं हज़ारों लाखों आदिवासी बहनें भी शामिल हैं।

भाइयों और बहनों,
जनजातीय समाज हमेशा भाजपा की प्राथमिकता रही है। जिस आदिवासी समाज का हमेशा कांग्रेस ने तिरस्कार किया, उसी आदिवासी समाज की बेटी आज देश की राष्ट्रपति हैं। भाजपा ने ही छत्तीसगढ़ को पहला आदिवासी मुख्यमंत्री दिया है। भाजपा ने ही आदिवासियों के लिए अलग मंत्रालय, अलग बजट बनाया है। बीते 10 वर्षों में आदिवासी कल्याण का बजट 5 गुणा बढ़ाया गया है। जब कांग्रेस सरकार थी, तो पूरे देश में सवा सौ से भी कम एकलव्य आवासीय विद्यालय थे। आज सिर्फ छत्तीसगढ़ में ही 70 से अधिक एकलव्य विद्यालय हैं। कांग्रेस की सरकार के दौरान, सिर्फ 8-10 वन-उपजों पर ही MSP मिलता थी, आज ये संख्या 100 के आसपास पहुंच रही है।

साथियों,
आपका सपना और ये मोदी की गारंटी है। आपका सपना ही मोदी का संकल्प है। इसे पूरा करने के लिए हर पल देश के नाम, हर पल आपके नाम। 24 बाय 7 फॉर 20247. साथियों, जिसको किसी ने नहीं पूछा, उनको मोदी ने पूजा है। इसलिए, जनजातियों में भी सबसे पिछड़ी जनजातियों के विकास के लिए पहली बार कोई योजना बनी है। 24 हज़ार करोड़ रुपए की पीएम जनमन योजना से छत्तीसगढ़ की अनेक जनजातियों का जीवन आसान होने वाला है। हर आदिवासी परिवार का जीवन बेहतर बनाना- ये मोदी की गारंटी है।

भाइयों और बहनों,
मोदी आराम करने के लिए नहीं, काम करने के लिए पैदा हुआ है। मेरा लक्ष्य देश को विकसित बनाना है, हर परिवार को समृद्ध बनाना है। और इसलिए छत्तीसगढ़ के मेरे प्यारे भाइयों-बहनों, बस्तर और कांकेर से आए मेरे प्यारे भाइयों-बहनों, कमल छाप पर पड़ने वाला आपका हर वोट मोदी की ताकत बढ़ाएगा। इसलिए बस्तर में 19 अप्रैल को आप हमारे साथी महेश कश्यप जी को आशीर्वाद दीजिए। कांकेर में 26 अप्रैल को आप हमारे साथी भोजराज जी को ज्यादा से ज्यादा मतों से विजयी बनाएं। आपसे एक और बात करना चाहता हूं। मेरा एक और काम करना है, मुझे पक्का विश्वास है कि आप करोगे। मैंने जब संगठन का काम किया था, इस सारे इलाके में मैं बहुत भ्रमण कर चुका हूं। यहां के हर कोने को जानता हूं। अब मैं जा नहीं पाता हूं सब जगह पे, समय का अभाव रहता है। फिर भी छत्तीसगढ़ के प्रति मेरा प्यार इतना रहा है कि पहले जितने प्रधानमंत्री आए उससे ज्यादा बार मैं आपके बीच आया हूं। लेकिन अब जब जा नहीं रहा हूं तो मेरा काम आपको करना पड़ेगा। करोगे। मेरा एक काम करोगे। घर-घर जाना और कहना कि मोदी जी ने जोहार भेजा है, राम-राम कहा है। ये कह दोगे। कल गुडीपड़वा है। देश के कई हिस्सों में चैत्रसुदेकम नववर्ष मनाया जाता है। चैत्री नवरात्रि का भी पर्व होता है, शक्ति उपासना का पर्व होता है। कुछ दिनों के बाद रामनवमी भी आ रही है। मैं आप सभी को इन सभी त्योहारों की, अनेक-अनेक शुभकामनाएं देता हूं।
काल के आसच्चो, नुआसाल और नवरात्री पर्व चालू होइसे। उनचो भले शुभकामना।
भारत माता की जय ! भारत माता की जय !

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August 10, 2026

प्रधानमंत्री – मेरे यहां, मुझे यहां लगभग 12-13 साल हो गए इसी मकान में, अगर मैंने regularly और हर बार किसी को रिसिव किया है, किसी को मैं मिला हूं, तो खिलाड़ी हैं। पिछले 10-12 साल हो गए, आप लोगों के पुरुषार्थ के कारण, भारत को लगातार विजय दिलाने के आपके प्रयासों के कारण और उत्तरोत्तर सफलता में नई ऊंचाईयां पार करने की परंपरा के कारण, जो काम शायद हम स्कूलों में जाकर कहें कि नहीं नहीं भई खेलना चाहिए, ये करना चाहिए, वो काम स्कूलों में जाकर के हम कर सकते थे, उससे ज्यादा आपका मेडल उनको inspire करता है।

प्रधानमंत्री – तुमने मुझे वादा किया था पिछली बार कि तुम्हारी दोनों बेटियां खिलाड़ी बन जाएंगी?

खिलाड़ी - हाँ जी अभी वे उमर की छोटी हैं, अगले कॉमनवेल्थ में एक घर में तीन मेडल लाकर दिखाएंगी।

प्रधानमंत्री – पक्का।

खिलाड़ी – हाँ जी।

खिलाड़ी – जब मैं दौड़ रहा था, जब मेरा इवेंट था 29 को, तो उस दिन गुरुपूर्णिमा थी, तो उस दिन मेरे गुरू को मैंने एक गिफ्ट दे दिया।

प्रधानमंत्री – बड़ी शान बढ़ाई आपने। इतनी आंसू टपक रहे थे, मुझे लगता है कि आंसू के हर बूंद से जैसे गोल्ड मेडल टपक रहा है।

खिलाड़ी – मैं बहुत ज्यादा खुशी थी, इमोशनल भी थे उसी दिन, खुशी ज्यादा था और मैं इसलिए रोई थी कि मेरा पेरिस आलंपिक में मेरा 1 Kg में मेडल रह गई थी और एक प्लेयर्स की लाइफ में क्या क्या हमको फेस करना पड़ता है। तो ये 4 साल के अंदर में कितना क्या क्या कुछ मैंने फेस किया था, हर टाइम injury ही चल रहे थे और family problem, वो सब हो रहा था। तो बहुत मुश्किल से मैं ये 4 साल फेस किया था। तो वो सब जब पोडियम में जब मैं खड़ी थी सर और हमारी जो फ्लैग ऊपर जाते हैं और हमारे नेशनल एंथम जब बजते हैं तो सर हम रुक नहीं सकते सर, अपना आप आंसू निकलते हैं।

प्रधानमंत्री – बहुत बहुत बढ़िया

प्रधानमंत्री – आपके इस अचीवमेंट को सिर्फ आपका अचीवमेंट मानता हूं, ऐसा नहीं है, ये आपका विजय आने वाली पीढ़ियों के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा बन जाता है।

खिलाड़ी – सब डर रहे थे हमसे कि इंडिया के साथ फाइट आ गई, अब तो हम पहली फाइट ही हार जायेंगे, हमारा मेडल भी नहीं आयेगा।

प्रधानमंत्री – यानी मान के चलते हैं।

खिलाड़ी – हाँ सर।

प्रधानमंत्री – क्या हुआ, वो restaurant वालों से झगड़ा कर रही थी?

खिलाड़ी – हम लोगों का जो इतना अच्छा परफॉर्मेंस था, लास्ट डे था और सब जीत के गए थे और पूरा इंडिया के लोग थे। तो थोड़ा सा मुझे बुरा लग रहा। तो मैंने उनको अच्छे से बोला रिक्वेस्ट किया था सर, फिर उन्होंने मान भी लिया, अभी चेंज भी हो गया सर।

प्रधानमंत्री – इस विजय की परिस्थिति खुशी, आनंद, अपने साथियों के साथ और गेम पूरे हो चुके हैं। तो हसी मजाक मस्ती का मूड ऐसे समय उस मैप पर नजर जाना और उसको रजिस्टर करना और तुरंत सिर्फ मेडल लेते समय देश खड़ा हो जाता है ऐसा नहीं, भीतर से देश का भाव मैं सच बताता हूँ ये वीडियो सामान्य नहीं है आपका, लंबे समय तक लोगों को याद रहेगा। ये बॉक्सिंग वालों से भी दुनिया के खिलाड़ी अब डरने लगे हैं।

खिलाड़ी – जरूर सर, पुरे सभी डरे हुए थे। एक के बाद एक गोल्ड मेडल गोल्ड मेडल आ रहे थे और मतलब पूरा लास्ट में ऐसे धमाका जैसा हो गया बिल्कुल। जिस तरीके से हम लोगों को सपोर्ट मिल रहा है, हमें बैक टू बैक कंपटीशन मिल रहा है वो एक बहुत बड़ी बात है और हमारे जितने भी यंग एथलीट है वो लोग सभी जैसे खेलो इंडिया स्कीम से आए हुए हैं और ये एक बहुत बड़ा changes ला रहा है पूरे स्पोर्ट्स में ही।

प्रधानमंत्री – अगर आप लोग खेलो इंडिया की प्रतिष्ठा बढ़ाते हैं और प्रतिष्ठा सिर्फ वहां जाकर के रिबिन काटने से नहीं होगी। आप वैसे ही खेलेंगे जैसे एक छोटा विद्यार्थी, एक छोटा नौजवान, छोटा खिलाड़ी खेलता है। यह बहुत बड़ा कंट्रीब्यूशन करेगा। क्योंकि अभी तो हमें बहुत आगे जाना है, बहुत मेडल लाना है। कारगिल विजय दिवस पर किसकी विजय हुई थी?

खिलाड़ी – उस दिन कारगिल डे था वैसे और जिस दिन मैंने पाकिस्तान के साथ फाइट किया था सर, वो उसी दिन का था। तो मैं एक इंडियन आर्मी से हूं, तो मैंने उस दिन मैं पहले से बहुत वो था कि सर पाकिस्तान को हराना है। तो मैंने वो पाकिस्तान एक तरफ मैंने 5-0 से हराया, तो मैंने हमारा इंडियन आर्मी का कारगिल हीरोज़ को मैंने डेडिकेट किया किया था सर।

प्रधानमंत्री – आपको यह याद रहना और आप स्वयं फौज से हैं तो, मैं जरूर मानता हूं कि देश के वीर जवानों को आपने जो भाव प्रकट किया ना कि, मैं कारगिल के विजेताओं को मेरा मेडल समर्पित करता हूं। उसने उस विजय पर चार चांद लगा दिए और जिसको पराजित करना था उसी को किया आपने।

खिलाड़ी – वो पाकिस्तान की बात चल रही है, मुझे किस्सा याद आ गया सर। 2015 वर्ल्ड मिलिट्री गेम थे और मेरी पाकिस्तान के साथ पहली फाइट आ गई थी और वर्ल्ड मिलिट्री गेम थे तो मिलिट्री वाले के फोन आए कि भई पाकिस्तान से नहीं हारना है। तो फिर मैं फर्स्ट राउंड 4-1 से जीत गया। सेकंड राउंड 3-2 से जीत गया, पर दोनों के सर लग गए आपस में, तो दोनों के लग गए कट और फाइट तो मैं जीत गया।

प्रधानमंत्री – हाँ

खिलाड़ी – उसके बाद फिर दोनों चले गए हॉस्पिटल में टांके लगवाने के लिए। फिर 2014 में आप फर्स्ट टाइम प्रधानमंत्री जी बने थे और जो हमारे साथ आर्मी का कोच गया हुआ था उसका नाम नरेंद्र राणा था और फिर वो कई देर तक सोच के मेरे को बोला कि भाईजान एक बात बोलूं, मैं हां बोलो, बोला भाईजान आपका नाम नरेंद्र है। आपके कोच का नाम नरेंद्र है, आपके प्रधानमंत्री का नाम नरेंद्र है, तो मुझे नरेंद्र नाम से नफरत हो गई है।

प्रधानमंत्री – सिर्फ आपने मेडल की संख्या बढ़ाई ऐसा नहीं है। आपने एक पीढ़ी को तैयार किया।

खिलाड़ी – मेरे मन में भी धक-धक धक-धक हो रहा है सर।

प्रधानमंत्री – आप चिंता मत कीजिए।

खिलाड़ी – पर..

प्रधानमंत्री – आप चाहें तो आपको बोलने में भी मेडल मिलने वाला है।

खिलाड़ी – मेरे फ्रेंड सर्कल में किसी ने बोला था कि मैं उनको कुछ बोलती थी भई तुम्हारे अच्छे के लिए तुम करो। तो अक्सर मुझे वो बोलते थे कि तू के मोदी ते मिल रही है?

प्रधानमंत्री – हाँ

खिलाड़ी – हरियाणवी में बोल देते हैं सर कि क्या तू मोदी से मिली हुई है, कि तेरी बात माने। तो आज मैं आपसे मिली हूं सर। मैं उनको बोल पाऊंगी कि हां मैं मोदी जी से मिली हूं।

खिलाड़ी – कॉमनवेंल्थ गेम्स में मैंने सिल्वर मेडल जीता, फिर मैंने क्रेडिट साहब को दिया, सपना तो था एक बार मेडल जीत के लेके आने के लिए, बट ट्रेनिंग का सेंटर नहीं था, मैंने SAI आने के बाद मैं बहुत ट्रेनिंग करके मेडल जीत पा रहा, इसलिए बहुत खुशी से मैंने सर को क्रेडिट दिया था क्योंकि बहुत इंप्रूव हुआ।

प्रधानमंत्री – मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान का विषय है, मेहनत आपने की और मुझे याद किया, मैं आपका बहुत आभारी हूं दोस्त।

प्रधानमंत्री – वाराणसी में खेल तुम प्रैक्टिस कर रही थी ना?

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – कैसा बना है स्टेडियम?

खिलाड़ी – सर अच्छा बना है, वहां पर मैं 10-12 दिन के लिए ट्रेनिंग करने गई थी, क्योंकि मैं मंदिर गई थी तो वहां पर ही ट्रेनिंग करके आई थी। और मैं वहां पे मतलब सेटल भी होना चाहती हूं क्योंकि मुझे काशी विश्वनाथ बहुत अच्छा लगता है सर।

प्रधानमंत्री – भोपाल में ट्रेनिंग कर रही थी ना?

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – तो उज्जैन जाते थे कि नहीं?

खिलाड़ी – जी सर उज्जैन भी गई थी सर।

प्रधानमंत्री – अच्छा महाकाल के पास भी गई।

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – काशी विश्वनाथ के पास हो आई एक बार।

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – सावन महीना तो अभी है।

खिलाड़ी – वहां घर जाके फिर उसके बाद जाऊंगी सर।

प्रधानमंत्री – ठीक है।

खिलाड़ी – साई ने भी सर बहुत सपोर्ट किया है मुझे। इसके कारण ही मैं यहां तक पहुंची हूं सर। और मैं खेलो इंडिया स्कीम में भी थी 2018 में जो फर्स्ट खेलो इंडिया हुआ था, उसमें मेरा सिल्वर मेडल था, वहां पे भी मैंने आपको देखा था ओपनिंग सेरेमनी में, तो उसमें मेरा मेडल था, तो मेरे को स्कीम भी मिल गया और मैं यहां तक पहुंची हूं सर।

प्रधानमंत्री – स्पोर्ट्स व्यवस्था एक बात है, लेकिन देश मेडल तब प्राप्त करता है जब देश में स्पोर्ट्स कल्चर बनता है। दोस्तों आपने बहुत बड़ा काम किया है। देश का नाम रोशन किया है। आपको मैं बहुत बधाई देता हूं और आप विश्वास कीजिए आगे भी आप विजयी होंगे और फिर से एक बार यहीं पर हम मिलेंगे। बहुत-बहुत धन्यवाद। बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

प्रधानमंत्री – ये लगातार तीसरी बार देश को मेडल दिलवाया है।

खिलाड़ी – थैंक यू सर।

प्रधानमंत्री – बहुत आशीर्वाद बेटा।

खिलाड़ी – और थैंक यू सो मच मैं सर के हाथ से लड्डू खा रही मेरा कल बर्थडे था तो आज सर के हाथ से…

प्रधानमंत्री – बहुत बधाई वाह।

प्रधानमंत्री – मुस्कुराओ यार ।

प्रधानमंत्री – जो खेलेगा वो खिलेगा।