The poor people of the country are saying today ‘Kharche Kam Karaye, Bachat Badhaye Baar Baar – Phir Ek Baar, Modi Sarkar’: PM Modi in Bastar
PM Modi says after many decades the country has seen a stable and strong government of BJP. The biggest priority of our government was the welfare of the poor
After Independence, Congress government ignored the needs of the poor for decades, the Congress never cared about the poor, did not even understand their problems: PM Modi
Post-Independence, Congress thought that it had the license to loot the country but after coming to government in 2014, Modi has cancelled the loot license of Congress: PM Modi


आमचो भाई बहिनी, दादा दीदी, आपन सपाय मन के, मोचो बाट ले…जुहार, राम राम
मां दंतेश्वरी की पावन धरा को मेरा प्रणाम।
आप विराजिए, दोनों साथी।

आज मैं हमारे बहुत पुराने साथी बलिराम कश्यप जी की जन्मस्थली कर्मस्थली, जब यहां आता हूं तो पुरानी यादें ताजा होना बहुत स्वाभाविक है, शायद यहां कोई क्षेत्र ऐसा नहीं होगा कि मैंने और बलिराम जी ने साथ दौरा न किया हो। एक साथ हम प्रवास करते थे। संगठन के कार्य के लिए निकलते थे। तो स्वाभाविक है कि बलिराम जी ने जो तपस्या की जो पुरुषार्थ किया उसी का नतीजा है कि आज हम सबने आपका इतना विश्वास प्राप्त किया है। प्यारे भाइयों-बहनों, देश के लिए, आदिवासी कल्याण के लिए बलिराम जी हर पल जागरूक रहते थे। जितना हो सके करने का प्रयास करते थे। बस्तर ने, छत्तीसगढ़ ने मुझे और भाजपा के हमारे हर साथी को अपने आशीर्वाद में कोई कमी नहीं रखी है। आज भी आप यहां दूर-दूर से इतनी विशाल संख्या आप हमें आशीर्वाद देने आए हैं। मैं उधर रेलिंग के बाहर भी बहुत बड़ी तादाद में चारों तरफ लोगों को देख रहा हूं। आज मैं आपके बीच आया हूं। पिछले 10 साल में देश कहां से कहां पहुंचा है, देश ने कितनी प्रगति की है। और उसमें आप सबका जो साथ मिला है। मैं आप सबका आभार व्यक्त करने भी आया हूं। आप लोगों ने यहां सिर्फ भाजपा सरकार ही नहीं बनाई, बल्कि विकसित भारत की आधारशिला भी मजबूत की है। छत्तीससगढ़ वासियों ने मोदी की गारंटी पर मोहर लगाई है। आपने मोदी की गारंटी पर मोहर लगाई है। आज उसी विश्वास से पूरा देश कह रहा है- फिर एक बार...मोदी सरकार ! फिर एक बार...मोदी सरकार ! फिर एक बार...मोदी सरकार !

साथियों,
अनेक दशकों बाद देश ने भाजपा की स्थिर और मजबूत सरकार देखी है। हमारी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता रही- गरीब का कल्याण। आजादी के बाद दशकों तक गरीब की जरूरतों को कांग्रेस की सरकारों ने नजरअंदाज किया। कांग्रेस ने कभी गरीब की चिंता नहीं की, उनकी परेशानियों को समझे तक नहीं। कांग्रेस के सबसे बड़े परिवार के अमीरों को कभी महंगाई का मतलब समझ ही नहीं आया। आपने 2014 में गरीब के इस बेटे को देश की सेवा का अवसर दिया। कच्ची छत के नीचे रहने की तकलीफ क्या होती है, ये मुझे पता है। जब घर में राशन नहीं होता, तो एक मां पर क्या बीतती है, मुझे पता है। जब दवा खरीदने के लिए घर में पैसे नहीं होते, तो बेबसी कितनी ज्यादा होती है, ये मैं जानता हूं। इसलिए मैंने ठाना कि जब तक गरीब की हर चिंता दूर नहीं करूंगा, मैं चैन से नहीं बैठूंगा। हमारी सरकार ने गरीब के लिए एक-एक करके योजनाएं बनाईं, गरीब को उसका हक दिया। आज सरकार के इन प्रयासों का ही नतीजा है कि देश में 25 करोड़ से ज्यादा लोग गरीबी से बाहर निकले हैं।

साथियों,
गरीबों के लिए भाजपा ने कैसे काम किया है, उसका एक बहुत बड़ा गवाह हमारा ये बस्तर है। बस्तर के बारे में तो कहा जाता है- मावा बस्तर, सोबले बस्तर ! बस्तर डिविजन से ही मैंने आयुष्मान आरोग्य मंदिर के निर्माण की शुरुआत की थी। ये आयुष्मान आरोग्य मंदिर, देशभर में गरीब को सस्ते इलाज, सस्ती जांच का प्रमुख केंद्र बने हैं। यहां छत्तीसगढ़ में भी हजारों आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोले गए हैं। इन आरोग्य मंदिरों की वजह से गरीबों को इलाज की बहुत बड़ी सुविधा मिली है, उनकी चिंता कम हुई है। मोदी ने 5 लाख रुपए के मुफ्त इलाज वाली जो आयुष्मान भारत योजना चलाई है, वो भी गरीबों के बहुत काम आ रही है। हम अपने यहां जानते हैं चाहे आदिवासी बस्ती हो या शहर घर में मां कभी बीमार हो जाती है न तो घर में किसी को पता नहीं चलने देती है कि वो बीमार है। कितनी ही पीड़ा हो मां सहती रहती है। उसके मन में एक ही बात होती है चलिए धीरे-धीरे ठीक हो जाएगा। अगर परिवार में बच्चों को पता चलेगा कि मां को बीमारी है, मां को तकलीफ है तो वो अस्पताल ले जाएंगे, बहुत खर्चा हो जाएगा, संतानों के सर पर कर्ज लग जाएगा। इसलिए मां सोचती थी अब कितने लंबे दिन जीना है, चलिए मुसीबत भोग लेंगे लेकिन बच्चों पर बोझ नहीं बनने दूंगी। ये हमारी हर माता सोचती थी, सहती थी। तब आपके इस बेटे ने सोचा कि अगर तुम्हारा बेटा वहां बैठा है तो फिर आपकी बीमारी की चिंता ये तुम्हारा बेटा करेगा। देश के करोड़ों गरीबों ने इस योजना की वजह से अस्पतालों में मुफ्त इलाज कराया है। इस योजना की वजह से गरीबों के एक लाख तीस हजार करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च होने से बच गए हैं। जो उनको बीमारी के लिए खर्च करना पड़ता। मोदी ने जो ये 11 हजार से ज्यादा जनऔषधि केंद्र खोले हैं, उन पर 80 प्रतिशत छूट के साथ दवा दी जाती है। 80 परसेंट डिस्काउंट। इससे भी गरीबों के 30 हजार करोड़ रुपए, दवाई खरीदने में जो खर्च होता था न उसमें बचत हो गई है। इसलिए ही आज देश का गरीब कह रहा है- खर्चे कम कराए, बचत बढ़ाए बार-बार, फिर एक बार मोदी सरकार। बचत बढ़ाए बार-बार, फिर एक बार मोदी सरकार।

साथियों,
दुनिया में 100 साल का सबसे बड़ा महासंकट आय़ा, कोरोना, कोविड। लोग कहते थे, भारत कैसे बचेगा, भारत के गरीबों का क्या होगा? कांग्रेस के अमीरों की सरकार के समय देश में बीमारी का टीका आने में दशकों लग जाते थे। मोदी ने कहा कि मैं अपने देश के हर गरीब के साथ खड़ा हूं। मैं गरीबों को मुफ्त वैक्सीन भी दूंगा...मैं गरीबों को मुफ्त राशन भी दूंगा। ऐसे समय में जब दूसरे देशों में कोरोना का एक एक टीका हजारों रुपए में लग रहा था, मोदी ने आपको मुफ्त टीका लगवाया। ऐसे समय में जब दूसरे देशों में खाने के लिए हाहाकार मचा था, मोदी ने अपने गरीब भाई-बहनों के लिए मुफ्त राशन की दुकान खुलवा दी। मुफ्त राशन, मुफ्त वैक्सीनेशन पर मोदी ने 4 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च किए। और इतना ही नहीं, मुफ्त राशन की योजना को मोदी ने अगले 5 साल तक औऱ बढ़ा दिया है। आने वाले पांच साल भी मोदी ये मुफ्त राशन की सेवा करता रहेगा। इसके कारण अब गरीब का ये पैसा बच रहा है और जब पैसा बचता है तो जिंदगी के कई सारे सपने पूरे करने के काम आता है। इसलिए आज हर कोई कह रहा है कि मोदी के कारण, उनकी योजनाओं ने खर्चे कम कराए, बचत बढ़ाए बार-बार, फिर एक बार मोदी सरकार।

साथियों,
कांग्रेस की सरकार के समय, भ्रष्टाचार ही देश की पहचान बन गई थी। और भ्रष्टाचार से अगर सबसे ज्यादा नुकसान किसी का होता है, तो गरीब का नुकसान होता है। भ्रष्टाचार, गरीब का हक मारता है। 2014 से पहले लाखों करोड़ रुपए के घोटाले होते थे। कांग्रेस की सरकार में दिल्ली से एक रुपया निकलता था और सिर्फ 15 पैसा गांव तक पहुंचता था। ये मैं नहीं कह रहा हूं कांग्रेस के ही प्रधानमंत्री ने कहा था कि दिल्ली से हम एक रुपया भेजते हैं, 15 पैसा ही पहुंचता है। अरे भई बताओ न वो कौन पंचा था जो 85 पैसे मार लेता था। मोदी ने कांग्रेस की लूट की ये पूरी व्यवस्था ही बंद करा दी। भाजपा सरकार ने अपने 10 साल में 34 लाख करोड़ रुपए, आंकड़ा याद रखिए 34 लाख करोड़ रुपए सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में भेजे हैं। दिल्ली से एक रुपया भेजा पूरे सौ पैसे गरीब के खाते में जमा हो गए। रुपया एक भेजो 15 पहुंचे, 85 पैसे गायब हो जाए वो जादू का खेल बंद हो गया। और जब डायरेक्ट पैसा जाता है तो एक पैसा कांग्रेस लूट नहीं पाई। अगर देश में कांग्रेस की सरकार होती तो ये कांग्रेस गरीबों के, ये जो 34 लाख करोड़ हैं न, और जो राजीव गांधी वाला अगर मैं हिसाब लगाऊं, तो 28 लाख करोड़ लूट लेते। 34 लाख करोड़ में से 28 लाख करोड़ गायब हो जाते। आजादी के बाद से कांग्रेस समझती थी कि उसे देश को लूटने का लाइसेंस मिला हुआ है। 2014 में सरकार में आने के बाद मोदी ने कांग्रेस की लूट का लाइसेंस ही कैंसिल कर दिया है। मोद ये लाइसेंस इसलिए कैंसल कर पाया, क्योंकि आपने मोदी को लाइसेंस दिया था। अब आप बताइए, जब उनकी दुकान बंद हो गई, लूटने का लाइसेंस चला गया, तो मोदी को गाली देंगे कि नहीं देंगे? देंगे कि नहीं देंगे? तो मेरी रक्षा कौन करेगा? मेरी रक्षा कौन करेगा? ये मेरे कोटि-कोटि देशवासी ही, मेरी माताएं-बहनें आज मोदी का रक्षा कवच बन गई।

साथियों,
मोदी ने जब घोटालेबाज़ों का रास्ता रोका, जब बिचौलियों की कमाई बंद की, तब से इनका पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। ये मोदी से भड़के हुए हैं। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के भ्रष्टाचार पर आज कड़ी कार्रवाई हो रही है। यहां के युवाओं को जिन्होंने धोखा दिया है, उनकी तेजी से जांच चल रही है। अब नाराज होकर ये लाठी से मोदी का सिर फोड़ने की धमकी दे रहे हैं। मोदी गरीब का बेटा है, सिर ऊंचा रख करके चलता है...मोदी इनकी धमकियों से डरने वाला नहीं है। आप मुझे बताइए, गरीबों को जिन्होंने लूटा, गरीबों को जिन्होंने लूटा, उन्हें सज़ा मिलनी चाहिए कि नहीं मिलनी चाहिए? सबलोग बताइए, सज़ा मिलनी चाहिए? सज़ा मिलनी चाहिए?

साथियों,
कोई घर में घुस आए और लूट-पाट करने लगे, तो परिवार का हर सदस्य उससे भिड़ जाता है। मोदी के लिए तो, मेरा भारत मेरा परिवार है। मैं भी अपने देश को, अपने परिवार को लूट-पाट से बचाने में जुटा हूं। इसलिए मैं कहता हूं भ्रष्टाचार हटाओ, और वो कहते हैं भ्रष्टाचारी बचाओ। चुनाव की रैलियां नहीं कर रहे भ्रष्टाचारी को बचाने के लिए रैलियां कर रहे। लेकिन ये सारे लोग कान खोलकर सुन लें। ये मोदी को कितनी भी धमकियां दे दें, भ्रष्टाचारियों को जेल जाना ही पड़ेगा- ये मोदी की गारंटी है।

भाइयों और बहनों,
रामनवमी बहुत दूर नहीं है। इस बार अयोध्या में हमारे रामलला टेंट में नहीं बल्कि भव्य मंदिर में दर्शन देंगे। 500 साल बाद ये सपना पूरा हुआ, तो इसकी सबसे अधिक खुशी प्रभु राम के ननिहाल, छत्तीसगढ़ को होना बहुत स्वाभाविक है। लेकिन कांग्रेस और इंडी-गठबंधन राम मंदिर बनने से बहुत नराज़ है। कांग्रेस के शाही परिवार ने राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का न्योता ठुकरा दिया। कांग्रेस के जिन नेताओं ने इस कदम को गलत बताया, उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया। एकाध जो वहां पहुंच गए प्राण प्रतिष्ठा में, प्रभु राम के सामने सिर झुकाया, उनको छह साल के लिए पार्टी से निकाल दिया। ये दिखाता है कि कांग्रेस तुष्टिकरण के लिए किसी भी हद को पार कर सकती है। कांग्रेस ने घोषणापत्र बनाया है, उसमें भी मुस्लिम लीग की छाप है।

साथियों,
कांग्रेस को आज भी देश के लोगों की जरूरतों से कोई लेना-देना नहीं है। ये भाजपा सरकार है जो हर गारंटी ज़मीन पर उतार रही है। अभी हमारे मुख्यमंत्री जी बड़े विस्तार से बता रहे थे, यहां की भाजपा सरकार ने धान किसानों के बकाए रकम को चुकाने की गारंटी पूरी की। तेंदुपत्ता संग्राहकों को दी गारंटी भी पूरी की गई है। मैं यहां की बहनों को विशेष बधाई दूंगा। महतारी वंदन योजना का लाभ मिलने लगा है। और मुख्यमंत्री जी ने बताया काशी बाबा के धाम से मुझे इस कार्यक्रम में साथ आने का मौका मिला था। यहां की लगभग 70 लाख बहनों को हर साल 12 हज़ार रुपए मिलना तय हुआ है। इसमें बस्तर की 5 लाख से अधिक और कांकेर की 5 लाख से अधिक बहनें भी इसकी लाभार्थी हैं, उसका लाभ ले रही है। अब यहां गरीब परिवारों, आदिवासी, दलित, पिछड़े परिवारों के पक्के घर तेजी से बनने शुरू होंगे। सरकार बनने के दूसरे ही दिन गरीबों को पक्का घर देने का निर्णय कर लिया गया। और मैं आपको कहता हूं, इस चुनाव के अंदर जब आप बूथ में जाएंगे। तो लोगों को मिलेंगे, तो कुछ लोग मिलेंगे जिनको योजना का लाभ पहुंच गया है। कुछ लोग मिलेंगे जिनको नहीं पहुंचा है। उनको मेरी तरफ से गारंटी दे देना। आपकी गारंटी होगी न ये मोदी पूरी करेगा। आप उनको गारंटी दे देना कि आने वाले पांच साल में जो रह गए हैं उनको भी मोदी सारी योजना पहुंचा देगा। और खुशी की बात है, हम जो आवास बना रहे हैं न उसमें जो मालिकाना हक का नाम है, वो हमारी माताओं-बहनों के नाम पर है। हर परिवार तक नल से जल पहुंचाने के लिए भी तेज़ी से काम होगा। मोदी ने अब देश की 3 करोड़ बहनों को लखपति दीदी बनाने की गारंटी दी है। क्या कभी सोचा है आपने, ऐसे कार्यक्रम की औरों की तो कल्पना नहीं हो सकती, मोदी में हिम्मत है कि तीन करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का फैसला लिया है मैंने। इसमें यहां वनधन केंद्रों से जुड़ीं हज़ारों लाखों आदिवासी बहनें भी शामिल हैं।

भाइयों और बहनों,
जनजातीय समाज हमेशा भाजपा की प्राथमिकता रही है। जिस आदिवासी समाज का हमेशा कांग्रेस ने तिरस्कार किया, उसी आदिवासी समाज की बेटी आज देश की राष्ट्रपति हैं। भाजपा ने ही छत्तीसगढ़ को पहला आदिवासी मुख्यमंत्री दिया है। भाजपा ने ही आदिवासियों के लिए अलग मंत्रालय, अलग बजट बनाया है। बीते 10 वर्षों में आदिवासी कल्याण का बजट 5 गुणा बढ़ाया गया है। जब कांग्रेस सरकार थी, तो पूरे देश में सवा सौ से भी कम एकलव्य आवासीय विद्यालय थे। आज सिर्फ छत्तीसगढ़ में ही 70 से अधिक एकलव्य विद्यालय हैं। कांग्रेस की सरकार के दौरान, सिर्फ 8-10 वन-उपजों पर ही MSP मिलता थी, आज ये संख्या 100 के आसपास पहुंच रही है।

साथियों,
आपका सपना और ये मोदी की गारंटी है। आपका सपना ही मोदी का संकल्प है। इसे पूरा करने के लिए हर पल देश के नाम, हर पल आपके नाम। 24 बाय 7 फॉर 20247. साथियों, जिसको किसी ने नहीं पूछा, उनको मोदी ने पूजा है। इसलिए, जनजातियों में भी सबसे पिछड़ी जनजातियों के विकास के लिए पहली बार कोई योजना बनी है। 24 हज़ार करोड़ रुपए की पीएम जनमन योजना से छत्तीसगढ़ की अनेक जनजातियों का जीवन आसान होने वाला है। हर आदिवासी परिवार का जीवन बेहतर बनाना- ये मोदी की गारंटी है।

भाइयों और बहनों,
मोदी आराम करने के लिए नहीं, काम करने के लिए पैदा हुआ है। मेरा लक्ष्य देश को विकसित बनाना है, हर परिवार को समृद्ध बनाना है। और इसलिए छत्तीसगढ़ के मेरे प्यारे भाइयों-बहनों, बस्तर और कांकेर से आए मेरे प्यारे भाइयों-बहनों, कमल छाप पर पड़ने वाला आपका हर वोट मोदी की ताकत बढ़ाएगा। इसलिए बस्तर में 19 अप्रैल को आप हमारे साथी महेश कश्यप जी को आशीर्वाद दीजिए। कांकेर में 26 अप्रैल को आप हमारे साथी भोजराज जी को ज्यादा से ज्यादा मतों से विजयी बनाएं। आपसे एक और बात करना चाहता हूं। मेरा एक और काम करना है, मुझे पक्का विश्वास है कि आप करोगे। मैंने जब संगठन का काम किया था, इस सारे इलाके में मैं बहुत भ्रमण कर चुका हूं। यहां के हर कोने को जानता हूं। अब मैं जा नहीं पाता हूं सब जगह पे, समय का अभाव रहता है। फिर भी छत्तीसगढ़ के प्रति मेरा प्यार इतना रहा है कि पहले जितने प्रधानमंत्री आए उससे ज्यादा बार मैं आपके बीच आया हूं। लेकिन अब जब जा नहीं रहा हूं तो मेरा काम आपको करना पड़ेगा। करोगे। मेरा एक काम करोगे। घर-घर जाना और कहना कि मोदी जी ने जोहार भेजा है, राम-राम कहा है। ये कह दोगे। कल गुडीपड़वा है। देश के कई हिस्सों में चैत्रसुदेकम नववर्ष मनाया जाता है। चैत्री नवरात्रि का भी पर्व होता है, शक्ति उपासना का पर्व होता है। कुछ दिनों के बाद रामनवमी भी आ रही है। मैं आप सभी को इन सभी त्योहारों की, अनेक-अनेक शुभकामनाएं देता हूं।
काल के आसच्चो, नुआसाल और नवरात्री पर्व चालू होइसे। उनचो भले शुभकामना।
भारत माता की जय ! भारत माता की जय !

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PM Modi's Interview to Navbharat Times
May 23, 2024

प्रश्न: वोटिंग में मत प्रतिशत उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। क्या, कम वोट पड़ने पर भी बीजेपी 400 पार सीटें जीत सकती है? ये कौन से वोटर हैं, जो घर से नहीं निकल रहे?

उत्तर: किसी भी लोकतंत्र के लिए ये बहुत आवश्यक है कि लोग मतदान में बढ़चढ कर हिस्सा लें। ये पार्टियों की जीत-हार से बड़ा विषय है। मैं तो देशभर में जहां भी रैली कर रहा हूं, वहां लोगों से मतदान करने की अपील कर रहा हूं। इस समय उत्तर भारत में बहुत कड़ी धूप है, गर्मी है। मैं आपके माध्यम से भी लोगों से आग्रह करूंगा कि लोकतंत्र के इस महापर्व में अपनी भूमिका जरूर निभाएं। तपती धूप में लोग ऑफिस तो जा ही रहे हैं, हर व्यक्ति अपने काम के लिए घर से बाहर निकल रहा है, ऐसे में वोटिंग को भी दायित्व समझकर जरूर पूरा करें। चार चरणों के चुनाव के बाद बीजेपी ने बहुमत का आंकड़ा पा लिया है, आगे की लड़ाई 400 पार के लिए ही हो रही है। चुनाव विशेषज्ञ विश्लेषण करने में जुटे हैं, ये उनका काम है, लेकिन अगर वो मतदाताओं और बीजेपी की केमिस्ट्री देख पाएं तो समझ जाएंगे कि 400 पार का नारा हकीकत बनने जा रहा है। मैं जहां भी जा रहा हूं, बीजेपी के प्रति लोगों के अटूट विश्वास को महसूस रहा हूं। एनडीए को 400 सीटों पर जीत दिलाने के लिए लोग उत्साहित हैं।

प्रश्न: लेकिन कश्मीर में वोट प्रतिशत बढ़े। कश्मीर में बढ़ी वोटिंग का संदेश क्या है?

उत्तर: : मेरे लिए इस चुनाव में सबसे सुकून देने वाली घटना यही है कि कश्मीर में वोटिंग प्रतिशत बढ़ी है। वहां मतदान केंद्रों के बाहर कतार में लगे लोगों की तस्वीरें ऊर्जा से भर देने वाली हैं। मुझे इस बात का संतोष है कि जम्मू-कश्मीर के बेहतर भविष्य के लिए हमने जो कदम उठाए हैं, उसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। श्रीनगर के बाद बारामूला में भी बंपर वोटिंग हुई है। आर्टिकल 370 हटने के बाद आए परिवर्तन में हर कश्मीरी राहत महसूस कर रहा है। वहां के लोग समझ गए हैं कि 370 की आड़ में इतने वर्षों तक उनके साथ धोखा हो रहा था। दशकों तक जम्मू-कश्मीर के लोगों को विकास से दूर रखा गया। सिस्टम में फैले भ्रष्टाचार से वहां के लोग त्रस्त थे, लेकिन उन्हें कोई विकल्प नहीं दिया जा रहा था। परिवारवादी पार्टियों ने वहां की राजनीति को जकड़ कर रखा था। आज वहां के लोग बिना डरे, बिना दबाव में आए विकास के लिए वोट कर रहे हैं।

प्रश्न: 2014 और 2019 के मुकाबले 2024 के चुनाव और प्रचार में आप क्या फर्क महसूस कर रहे हैं?

उत्तर: 2014 में जब मैं लोगों के बीच गया तो मुझे देशभर के लोगों की उम्मीदों को जानने का अवसर मिला। जनता बदलाव चाहती थी। जनता विकास चाहती थी। 2019 में मैंने लोगों की आंखों में विश्वास की चमक देखी। ये विश्वास हमारी सरकार के 5 साल के काम से आया था। मैंने महसूस किया कि उन 5 वर्षों में लोगों की आकांक्षाओं का विस्तार हुआ है। उन्होंने और बड़े सपने देखे हैं। वो सपने उनके परिवार से भी जुड़े थे, और देश से भी जुड़े थे। पिछले 5 साल तेज विकास और बड़े फैसलों के रहे हैं। इसका प्रभाव हर व्यक्ति के जीवन पर पड़ा है। अब 2024 के चुनाव में मैं जब प्रचार कर रहा हूं तो मुझे लोगों की आंखों में एक संकल्प दिख रहा है। ये संकल्प है विकसित भारत का। ये संकल्प है भ्रष्टाचार मुक्त भारत का। ये संकल्प है मजबूत भारत का। 140 करोड़ भारतीयों को भरोसा है कि उनका सपना बीजेपी सरकार में ही पूरा हो सकता है, इसलिए हमारी सरकार की तीसरी पारी को लेकर जनता में अभूतपूर्व उत्साह है।

प्रश्न: 10 साल की सबसे बड़ी उपलब्धि आप किसे मानते हैं और तीसरे कार्यकाल के लिए आप किस तरह खुद को तैयार कर रहे हैं?

उत्तर: पिछले 10 वर्षों में हमारी सरकार ने अर्थव्यवस्था, सामाजिक न्याय, गरीब कल्याण और राष्ट्रहित से जुड़े कई बड़े फैसले लिए हैं। हमारे कार्यों का प्रभाव हर वर्ग, हर समुदाय के लोगों पर पड़ा है। आप अलग-अलग क्षेत्रों का विश्लेषण करेंगे तो हमारी उपलब्धियां और उनसे प्रभावित होने वाले लोगों के बारे में पता चलेगा। मुझे इस बात का बहुत संतोष है कि हम देश के 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर ला पाए। करोड़ों लोगों को घर, शौचालय, बिजली-पानी, गैस कनेक्शन, मुफ्त इलाज की सुविधा दे पाए। इससे उनके जीवन में जो बदलाव आया है, उसकी उन्होंने कल्पना तक नहीं की थी। आप सोचिए, कि अगर करोड़ों लोगों को ये सुविधाएं नहीं मिली होतीं तो वो आज भी गरीबी का जीवन जी रहे होते। इतना ही नहीं, उनकी अगली पीढ़ी भी गरीबी के इस कुचक्र में पिसने के लिए तैयार हो रही होती।

हमने गरीब को सिर्फ घर और सुविधाएं नहीं दी हैं, हमने उसे सम्मान से जीने का अधिकार दिया है। हमने उसे हौसला दिया है कि वो खुद अपने पैरों पर खड़ा हो सके। हमने उसे एक विश्वास दिया कि जो जीवन उसे देखना पड़ा, वो उसके बच्चों को नहीं देखना पड़ेगा। ऐसे परिवार फिर से गरीबी में न चले जाएं, इसके लिए हम हर कदम पर उनके साथ खड़े हैं। इसीलिए, आज देश के 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है, ताकि वो अपनी आय अपनी दूसरी जरूरतों पर खर्च कर सकें। हम कौशल विकास, पीएम विश्वकर्मा और स्वनिधि जैसी योजनाओं के माध्यम से उन्हें आगे बढ़ने में मदद कर रहे हैं। हमने घर की महिला सदस्य को सशक्त बनाने के भी प्रयास किए। लखपति दीदी, ड्रोन दीदी जैसी योजनाओं से महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत हुई हैं। मेरी सरकार के तीसरे कार्यकाल में इन योजनाओं को और विस्तार मिलेगा, जिससे ज्यादा महिलाओं तक इनका लाभ पहुंचेगा।

प्रश्न: हमारे रिपोर्टर्स देशभर में घूमे, एक बात उभर कर आई कि रोजगार और महंगाई पर लोगों ने हर जगह बात की है। जीतने के बाद पहले 100 दिनों में युवाओं के लिए क्या करेंगे? रोजगार के मोर्चे पर युवाओं को कोई भरोसा देना चाहेंगे?

उत्तर: पिछले 10 वर्षों में हम महंगाई दर को काबू रख पाने में सफल रहे हैं। यूपीए के समय महंगाई दर डबल डिजिट में हुआ करती थी। आज दुनिया के अलग-अलग कोनों में युद्ध की स्थिति है। इन परिस्थितियों का असर देश की अर्थव्यवस्था और महंगाई पर पड़ा है। हमने दुनिया के ताकतवर देशों के सामने अपने देश के लोगों के हित को प्राथमिकता दी, और पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने नहीं दीं। पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़तीं तो हर चीज महंगी हो जाती। हमने महंगाई का बोझ कम करने के लिए हर छोटी से छोटी चीज पर फोकस किया। आज गरीब परिवारों को अच्छे से अच्छे अस्पताल में 5 लाख रुपये तक इलाज मुफ्त मिलता है। जन औषधि केंद्रों की वजह से दवाओं के खर्च में 70 से 80 प्रतिशत तक राहत मिली है। घुटनों की सर्जरी हो या हार्ट ऑपरेशन, सबका खर्च आधे से ज्यादा कम हो गया है। आज देश में लोन की दरें सबसे कम हैं। कार लेनी हो, घर लेना हो तो आसानी से और सस्ता लोन उपलब्ध है। पर्सनल लोन इतना आसान देश में कभी नहीं था। किसान को यूरिया और खाद की बोरी दुनिया के मुकाबले दस गुना कम कीमत पर मिल रही है। पिछले 10 वर्षों में रोजगार के अनेक नए अवसर बने हैं। लाखों युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। प्राइवेट सेक्टर में रोजगार के नए मौके बने हैं। EPFO के मुताबिक पिछले सात साल में 6 करोड़ नए सदस्य इसमें जुड़े हैं।

PLFS का डेटा बताता है कि 2017 में जो बेरोजगारी दर 6% थी, वो अब 3% रह गई है। हमारी माइक्रो फाइनैंस की नीतियां कितनी प्रभावी हैं, इस पर SKOCH ग्रुप की एक रिपोर्ट आई है। इस रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 10 साल में हर वर्ष 5 करोड़ पर्सन-ईयर रोजगार पैदा हुए हैं। युवाओं के पास अब स्पेस सेक्टर, ड्रोन सेक्टर, गेमिंग सेक्टर में भी आगे बढ़ने के अवसर हैं। देश में डिजिटल क्रांति से भी युवाओं के लिए अवसर बने हैं। आज भारत में डेटा इतना सस्ता है तभी देश की क्रिएटर इकनॉमी बड़ी हो रही है। आज देश में सवा लाख से ज्यादा स्टार्टअप्स हैं, इनसे बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर बन रहे हैं। हमने अपनी सरकार के पहले 100 दिनों का एक्शन प्लान तैयार किया है, उसमें हमने अलग से युवाओं के लिए 25 दिन और जोड़े हैं। हम देशभर से आ रहे युवाओं के सुझाव पर गौर कर रहे हैं, और नतीजों के बाद उस पर तेजी से काम शुरू होगा।

प्रश्न: सोशल मीडिया में एआई और डीपफेक जैसे मसलों पर आपने चिंता जताई है। इस चुनाव में भी इसके दुरुपयोग की मिसाल दिखी हैं। मिसइनफरमेशन का ये टूल न बने, इसके लिए क्या किया जा सकता है? कई एक्टिविस्ट और विपक्ष का कहना रहा है कि इन चीजों पर सख्ती की आड़ में कहीं फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन पर पाबंदी तो नहीं लगेगी? इन सवालों पर कैसे आश्वस्त करेंगे?

उत्तर: तकनीक का इस्तेमाल जीवन में सुगमता लाने के लिए किया जाना चाहिए। आज एआई ने भारत के युवाओँ के लिए अवसरों के नए द्वार खोल दिए हैं। एआई, मशीन लर्निगं और इंटरनेट ऑफ थिंग्स अब हमारे रोज के जीवन की सच्चाई बनती जा रही है। लोगों को सहूलियत देने के लिए कंपनियां अब इन तकनीकों का उपयोग बढ़ा रही हैं। दूसरी तरफ इनके माध्यम से गलत सूचनाएं देने, अफवाह फैलाने और लोगों को भ्रमित करने की घटनाएं भी हो रही हैं। चुनाव में विपक्ष ने अपने झूठे नरैटिव को फैलाने के लिए यही करना शुरू किया था। हमने सख्ती करके इस तरह की कोशिश पर रोक लगाने का प्रयास किया। इस तरह की प्रैक्टिस किसी को भी फायदा नहीं पहुंचाएगी, उल्टे तकनीक का गलत इस्तेमाल उन्हें नुकसान ही पहुंचाएगा। अभिव्यक्ति की आजादी का फेक न्यूज और फेक नरैटिव से कोई लेना-देना नहीं है। मैंने एआई के एक्सपर्ट्स के सामने और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर डीप फेक के गलत इस्तेमाल से जुड़े विषयों को गंभीरता से रखा है। डीप फेक को लेकर वर्ल्ड लेवल पर क्या हो सकता है, इस पर मंथन चल रहा है। भारत इस दिशा में गंभीरता से प्रयास कर रहा है। लोगों को जागरूक करने के लिए ही मैंने खुद सोशल मीडिया पर अपना एक डीफ फेक वीडियो शेयर किया था। लोगों के लिए ये जानना आवश्यक है कि ये तकनीक क्या कर सकती है।

प्रश्न:देश के लोगों की सेहत को लेकर आपकी चिंता हम सब जानते हैं। आपने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस शुरू किया, योगा प्रोटोकॉल बनवाया, आपने आयुष्मान योजना शुरू की है। तीसरे कार्यकाल में क्या इन चीज़ों पर भी काम करेंगे, जो हमारी सेहत खराब होने के मूल कारक हैं। जैसे लोगों को साफ हवा, पानी, मिट्टी मिले।

उत्तर: देश 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है। इस सपने को शक्ति तभी मिलेगी, जब देश का हर नागरिक स्वस्थ हो। शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत हो। यही वजह है कि हम सेहत को लेकर एक होलिस्टिक अप्रोच अपना रहे हैं। एलोपैथ के साथ ही योग, आयुर्वेद, भारतीय परंपरागत पद्धतियां, होम्योपैथ के जरिए हम लोगों को स्वस्थ रखने की दिशा में काम कर रहे हैं। राजनीति में आने से पहले मैंने लंबा समय देश का भ्रमण करने में बिताया है। उस समय मैंने एक बात अनुभव की थी कि घर की महिला सदस्य अपने खराब स्वास्थ्य के बारे छिपाती है। वो खुद तकलीफ झेलती है, लेकिन नहीं चाहती कि परिवार के लोगों को परेशानी हो। उसे इस बात की भी फिक्र रहती है कि डॉक्टर, दवा में पैसे खर्च हो जाएंगे। जब 2014 में मुझे देश की सेवा करने का अवसर मिला तो सबसे पहले मैंने घर की महिला सदस्य के स्वास्थ्य की चिंता की। मैंने माताओं-बहनों को धुएं से मुक्ति दिलाने का संकल्प लिया और 10 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन दिए। मैंने बुजुर्गों की सेहत पर भी ध्यान दिया है। हमारी सरकार की तीसरी पारी में 70 साल से ऊपर के सभी बुजुर्गों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ मिलने लगेगा। यानी उनके इलाज का खर्च सरकार उठाएगी। साफ हवा, पानी, मिट्टी के लिए हम काम शुरू कर चुके हैं। सिंगल यूज प्लास्टिक पर हमारा अभियान चल रहा है। जल जीवन मिशन के तहत हम देश के लाखों गांवों तक साफ पानी पहुंचा रहे हैं। सॉयल हेल्थ कार्ड, आर्गेनिक खेती की दिशा में काम हो रहा है। हम मिशन लाइफ को प्राथमिकता दे रहे हैं और इस विचार को आगे बढ़ा रहे हैं कि हर व्यक्ति पर्यावरण के अनुकूल जीवन पद्धति को अपनाए।

प्रश्न: विदेश नीति आपके दोनों कार्यकाल में काफी अहम रही है। इस वक्त दुनिया काफी उतार चढ़ाव से गुजर रही है, चुनाव नतीजों के तुरंत बाद जी7 समिट है। आप नए हालात में भारत के रोल को किस तरह देखते हैं?

उत्तर: शायद ये पहला चुनाव है, जिसमें भारत की विदेश नीति की इतनी चर्चा हो रही है। वो इसलिए कि पिछले 10 साल में दुनियाभर में भारत की साख मजबूत हुई है। जब देश की साख बढ़ती है तो हर भारतीय को गर्व होता है। जी20 समिट में भारत ग्लोबल साउथ की मजबूत आवाज बना, अब जी7 में भारत की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होने वाली है। आज दुनिया का हर देश जानता है कि भारत में एक मजबूत सरकार है और सरकार के पीछे 140 करोड़ देशवासियों का समर्थन है। हमने अपनी विदेश नीति में भारत और भारत के लोगों के हित को सर्वोपरि रखा है। आज जब हम व्यापार समझौते की टेबल पर होते हैं, तो सामने वाले को ये महसूस होता है कि ये पहले वाला भारत नहीं है। आज हर डील में भारतीय लोगों के हित को प्राथमिकता दी जाती है। हमारे इस बदले रूप को देखकर दूसरे देशों को हैरानी हुई, लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने इसे स्वीकार कर लिया। ये नया भारत है, आत्मविश्वास से भरा भारत है। आज भारत संकट में फंसे हर भारतीय की मदद के लिए तत्पर रहता है। पिछले 10 वर्षों में अनेक भारतीयों को संकट से बाहर निकालकर देश में ले आए। हम अपनी सांस्कृतिक धरोहरों को भी देश में वापस ला रहे हैं। युद्ध में आमने-सामने खड़े दोनों देशों को भारत ने बड़ी मजबूती से ये कहा है कि ये युद्ध का समय नहीं है, ये बातचीत से समाधान का समय है। आज दुनिया मानती है कि भारत का आगे बढ़ना पूरी दुनिया और मानवता के लिए अच्छा है।

प्रश्न: अमेरिका भी चुनाव से गुजर रहा है। आपके रिश्ते ट्रम्प और बाइडन दोनों के साथ बहुत अच्छे रहे हैं। आप कैसे देखते हैं अमेरिका के साथ भारतीय रिश्तों को इन संदर्भ में?

उत्तर: हमारी विदेश नीति का मूल मंत्र है इंडिया फर्स्ट। पिछले 10 वर्षों में हमने इसी को ध्यान में रखकर विभिन्न देशों और प्रभावशाली नेताओं से संबंध बनाए हैं। भारत-अमेरिका संबंधों की मजबूती का आधार 140 करोड़ भारतीय हैं। हमारे लोग हमारी ताकत हैं, और दुनिया हमारी इस शक्ति को बहुत महत्वपूर्ण मानती है। अमेरिका में राष्ट्रपति चाहे ट्रंप रहे हों या बाइडन, हमने उनके साथ मिलकर दोनों देशों के संबंध को और मजबूत बनाने का प्रयास किया है। भारत-अमेरिका के संबंधों पर चुनाव से कोई अंतर नहीं आएगा। वहां जो भी राष्ट्रपति बनेगा, उसके साथ मिलकर नई ऊर्जा के साथ काम करेंगे।

प्रश्न: BJP का पूरा प्रचार आप पर ही केंद्रित है, क्या इससे सांसदों के खुद के काम करने और लोगों के संपर्क में रहने जैसे कामों को तवज्जो कम हो गई है और नेता सिर्फ मोदी मैजिक से ही चुनाव जीतने के भरोसे हैं। आप इसे किस तरह काउंटर करते हैं?

उत्तर: बीजेपी एक टीम की तरह काम करती है। इस टीम का हर सदस्य चुनाव जीतने के लिए जी-तोड़ मेहनत कर रहा है। चुनावी अभियान में जितना महत्वपूर्ण पीएम है, उतना ही महत्वपूर्ण कार्यकर्ता है। ये परिवारवादी पार्टियों का फैलाया गया प्रपंच है। उनकी पार्टी में एक परिवार या कोई एक व्यक्ति बहुत अहम होता है। हमारी पार्टी में हर नेता और कार्यकर्ता को एक दायित्व दिया जाता है।

मैं पूछता हूं, क्या हमारी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रोज रैली नहीं कर रहे हैं। क्या हमारे मंत्री, मुख्यमंत्री, पार्टी पदाधिकारी रोड शो और रैलियां नहीं कर रहे। मैं पीएम के तौर पर जनता से कनेक्ट करने जरूर जाता हूं, लेकिन लोग एमपी उम्मीदवार के माध्यम से ही हमसे जुड़ते हैं। मैं लोगों के पास नैशनल विजन लेकर जा रहा हूं, उसे पूरा करने की गारंटी दे रहा हूं, तो हमारा एमपी उम्मीदवार स्थानीय आकांक्षाओं को पूरा करने का भरोसा दे रहा है। हमने उन्हीं उम्मीदवारों का चयन किया है, जो हमारे विजन को जनता के बीच पहुंचा सकें। विकसित भारत की सोच से लोगों को जोड़ने के लिए जितनी अहमियत मेरी है, उतनी ही जरूरत हमारे उम्मीदवारों की भी है। हमारी पूरी टीम मिलकर हर सीट पर कमल खिलाने में जुटी है।

प्रश्न: महिला आरक्षण पर आप ने विधेयक पास कराए। क्या नई सरकार में हम इन पर अमल होते हुए देखेंगे?

उत्तर: ये प्रश्न कांग्रेस के शासनकाल के अनुभव से निकला है, तब कानून बना दिए जाते थे लेकिन उसे नोटिफाई करने में वर्षों लग जाते थे। हमने अगले 5 वर्षों का जो रोडमैप तैयार किया है, उसमें नारी शक्ति वंदन अधिनियम की महत्वपूर्ण भूमिका है। हम देश की आधी आबादी को उसका अधिकार देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इंडी गठबंधन की पार्टियों ने दशकों तक महिलाओं को इस अधिकार से वंचित रखा। सामाजिक न्याय की बात करने वालों ने इसे रोककर रखा था। देश की संसद और विधानसभा में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से महिला सशक्तिकरण का एक नया दौर शुरू होगा। इस परिवर्तन का असर बहुत प्रभावशाली होगा।

प्रश्न: महाराष्ट्र की सियासी हालत इस बार बहुत पेचीदा हो गई है। एनडीए क्या पिछली दो बार का रिकॉर्ड दोहरा पाएगा?

उत्तर: महाराष्ट्र समेत पूरे देश में इस बार बीजेपी और एनडीए को लेकर जबरदस्त उत्साह है। महाराष्ट्र में स्थिति पेचीदा नहीं, बल्कि बहुत सरल हो गई है। लोगों को परिवारवादी पार्टियों और देश के विकास के लिए समर्पित महायुति में से चुनाव करना है। बाला साहेब ठाकरे के विचारों को आगे बढ़ाने वाली शिवसेना हमारे साथ है। लोग देख रहे हैं कि नकली शिवसेना अपने मूल विचारों का त्याग करके कांग्रेस से हाथ मिला चुकी है। इसी तरह एनसीपी महाराष्ट्र और देश के विकास के लिए हमारे साथ जुड़ी है। अब जो महा ‘विनाश’ अघाड़ी की एनसीपी है, वो सिर्फ अपने परिवार को आगे बढ़ाने के लिए वोट मांग रही है। लोग ये भी देख रहे हैं कि इंडी गठबंधन अभी से अपनी हार मान चुका है। अब वो चुनाव के बाद अपना अस्तित्व बचाने के लिए कांग्रेस में विलय की बात कर रहे हैं। ऐसे लोगों को मतदान करना, अपने वोट को बर्बाद करना है। इस बार हम महाराष्ट्र में अपने पिछले रिकॉर्ड को तोड़ने वाले हैं।

प्रश्न: पश्चिम बंगाल में भी बीजेपी ने बहुत प्रयास किए हैं। पिछली बार बीजेपी 18 सीटें जीतने में कामयाब रही थी। बाकी राज्यों की तुलना में यह आपके लिए कितना कठिन राज्य है और इस बार आपको क्या उम्मीद है?

उत्तर: TMC हो, कांग्रेस हो, लेफ्ट हो, इन सबने बंगाल में एक जैसे ही पाप किए हैं। बंगाल में लोग समझ चुके हैं कि इन पार्टियों के पास सिर्फ नारे हैं, विकास का विजन नहीं हैं। कभी दूसरे राज्यों से लोग रोजगार के लिए बंगाल आते थे, आज पूरे बंगाल से लोग पलायन करने को मजबूर हैं। जनता ये भी देख रही है कि बंगाल में जो पार्टियां एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रही हैं, दिल्ली में वही एक साथ नजर आ रही हैं। मतदाताओं के साथ इससे बड़ा छल कुछ और नहीं हो सकता। यही वजह है कि इंडी गठबंधन लोगों का भरोसा नहीं जीत पा रहा। बंगाल के लोग लंबे समय से भ्रष्टाचार, हिंसा, अराजकता, माफिया और तुष्टिकरण को बर्दाश्त कर रहे हैं। टीएमसी की पहचान घोटाले वाली सरकार की बन गई है। टीएमसी के नेताओं ने अपनी तिजोरी भरने के लिए युवाओं के सपनों को कुचला है। यहां स्थिति ये है कि सरकारी नौकरी पाने के बाद भी युवाओं को भरोसा नहीं है कि उनकी नौकरी रहेगी या जाएगी। लोग बंगाल की मौजूदा सरकार से पूरी तरह हताश हैं।अब उनके सामने बीजेपी का विकास मॉडल है। मैं बंगाल में जहां भी गया, वहां लोगों में बीजेपी के प्रति अभूतपूर्व विश्वास नजर आया। विशेष रुप से बंगाल में मैंने देखा कि माताओं-बहनों का बहुत स्नेह मुझे मिल रहा है। मैं उनसे जब भी मिलता हूं, वो खुद तो इमोशनल हो ही जाती हैं, मैं भी अपने भावनाओं को रोक नहीं पाता हूं। इस बार बंगाल में हम पहले से ज्यादा सीटों पर जीत हासिल करेंगे।

प्रश्न: शराब मामले को लेकर अरविंद केजरीवाल को जेल जाना पड़ा है। उनका कहना है कि ईडी ने जबरदस्ती उन्हें इस मामले में घसीटा है जबकि अब तक उनके पास से कोई पैसा बरामद नहीं हुआ?

उत्तर: आपने कभी किसी ऐसे व्यक्ति को सुना है जो आरोपी हो और ये कह रहा हो कि उसने घोटाला किया था। या कह रहा हो कि पुलिस ने उसे सही गिरफ्तार किया है। अगर एजेंसियों ने उन्हें गलत पकड़ा था, तो कोर्ट से उन्हें राहत क्यों नहीं मिली। ईडी और एजेसिंयो पर आरोप लगाने वाला विपक्ष आज तक एक मामले में ये साबित नहीं कर पाया है कि उनके खिलाफ गलत आरोप लगा है। वो कुछ दिन के लिए जमानत पर बाहर आए हैं, लेकिन बाहर आकर वो और एक्सपोज हो गए। वो और उनके लोग गलतियां कर रहे हैं और आरोप बीजेपी पर लगा रहे हैं। लेकिन जनता उनका सच जानती है। उनकी बातों की अब कोई विश्वसनीयता नहीं रह गई है।

प्रश्न: इस बार दिल्ली में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं। इससे क्या लगातार दो बार से सातों सीटें जीतने के क्रम में बीजेपी को कुछ दिक्कत हो सकती है? इस बार आपने छह उम्मीदवार बदल दिए

उत्तर: इंडी गठबंधन की पार्टियां दिल्ली में हारी हुई लड़ाई लड़ रहे हैं। उनके सामने अपना अस्तित्व बचाने का संकट है। चुनाव के बाद वैसे भी इंडी गठबंधन नाम की कोई चीज बचेगी नहीं। दिल्ली की जनता ने बहुत पहले कांग्रेस को बाहर कर दिया था, अब दूसरे दलों के साथ मिलकर वो अपनी मौजूदगी दिखाना चाहते हैं। क्या कभी किसी ने सोचा था कि देश पर इतने लंबे समय तक शासन करने वाली कांग्रेस के ये दिन भी आएंगे कि उनके परिवार के नेता अपनी पार्टी के नहीं, बल्कि किसी और उम्मीदवार के लिए वोट डालेंगे।

दिल्ली में इंडी गठबंधन की जो पार्टियां हैं, उनकी पहचान दो चीजों से होती है। एक तो भ्रष्टाचार और दूसरा बेशर्मी के साथ झूठ बोलना। मीडिया के माध्यम से ये जनता की भावनाओं को बरगलाना चाहते हैं। झूठे वादे देकर ये लोगों को गुमराह करना चाहते हैं। ये जनता के नीर-क्षीर विवेक का अपमान है। जनता आज बहुत समझदार है, वो फैसला करेगी। बीजेपी ने लोगों के हित को ध्यान में रखते हुए अपने उम्मीदवार उतारे हैं। बीजेपी में कोई लोकसभा सीट नेता की जागीर नहीं समझी जाती। जो जनहित में उचित होता है, पार्टी उसी के अनुरूप फैसला लेती है। हमारे लिए राजनीति सेवा का माध्यम है। यही वजह है कि हमारे कार्यकर्ता इस बात से निराश नहीं होते कि टिकट कट गया, बल्कि वो पूरे मनोयोग से जनता की सेवा में जुट जाते हैं।

प्रश्न: विपक्ष का कहना है कि लोकतंत्र खतरे में है और अगर बीजेपी जीतती है तो लोकतंत्र औपचारिक रह जाएगा। आप उनके इन आरोपों को कैसे देखते हैं?

उत्तर: कांग्रेस और उसका इकोसिस्टम झूठ और अफवाह के सहारे चुनाव लड़ने निकला है। पुराने दौर में उनका यह पैंतरा कभी-कभी काम कर जाता था, लेकिन आज सोशल मीडिया के जमाने में उनके हर झूठ का मिनटों में पर्दाफाश हो जाता है।

उन्होंने राफेल पर झूठ बोला, पकड़े गए। एचएएल पर झूठ बोला, पकड़े गए। जनता अब इनकी बातों को गंभीरता से नहीं लेती है। देश जानता है कि कौन संविधान बदलना चाहता है। आपातकाल के जरिए देश के लोकतंत्र को खत्म करने की साजिश किसने की थी। कांग्रेस के कार्यकाल में सबसे ज्यादा बार संविधान की मूल प्रति को बदल दिया। कांग्रेस पहले संविधान संसोधन का प्रस्ताव अभिव्यक्ति की आजादी पर पहरा लगाने के लिए लाई थी। 60 वर्षों में उन्होंने बार-बार संविधान की मूल भावना पर चोट की और एक के बाद एक कई राज्य सरकारों को बर्खास्त किया। सबसे ज्यादा बार राष्ट्रपति शासन लगाने का रेकॉर्ड कांग्रेस के नाम है। उनकी जो असल मंशा है, उसके रास्ते में संविधान सबसे बड़ी दीवार है। इसलिए इस दीवार को तोड़ने की कोशिश करते रहते हैं। आप देखिए कि संविधान निर्माताओं ने धर्म के आधार पर आरक्षण का विरोध किया था। लेकिन कांग्रेस अपने वोटबैंक को खुश करने के लिए बार-बार यही करने की कोशिश करती है। अपनी कोई कोशिशों में नाकाम रहने के बाद आखिरकार उन्होंने कर्नाटक में ओबीसी आरक्षण में सेंध लगा ही दी।

कांग्रेस और इंडी गठबंधन के नेता लोकतंत्र की दुहाई देते हैं, लेकिन वास्तविकता ये है कि लोकतंत्र को कुचलने के लिए, जनता की आवाज दबाने के लिए ये पूरी ताकत लगा देते हैं। ये लोग उनके खिलाफ बोलने वालों के पीछे पूरी मशीनरी झोंक देते हैं। इनके एक राज्य की पुलिस दूसरे राज्य में जाकर कार्रवाई कर रही है। इस काम में ये लोग खुलकर एक-दूसरे का साथ दे रहे हैं। जनता ये सब देख रही है, और समझ रही है कि अगर इन लोगों के हाथ में ताकत आ गई तो ये देश का, क्या हाल करेंगे।

प्रश्न: आप एकदम चुस्त-दुरुस्त और फिट दिखते हैं, आपकी सेहत का राज, सुबह से रात तक का रूटीन?

उत्तर: मैं यह मानता हूं कि मुझ पर किसी दैवीय शक्ति की बहुत बड़ी कृपा है, जिसने लोक कल्याण के लिए मुझे माध्यम बनाया है। इतने वर्षों में मेरा यह विश्वास प्रबल हुआ है कि ईश्वर ने मुझे विशेष दायित्व पूरा करने के लिए चुना है। उसे पूरा करने के लिए वही मुझे सामर्थ्य भी दे रहा है। लोगों की सेवा करने की भावना से ही मुझे ऊर्जा मिलती है।

प्रश्न: प्रधानमंत्री जी, आप काशी के सांसद हैं। बीते 10 साल में आप ने काशी को खूब प्रमोट किया है। आज काशी देश में सबसे प्रेफर्ड टूरिज्म डेस्टिनेशमन बन रही है। इसके अलावा आप ने जो इंफ्रास्ट्रक्चर के काम किए हैं, उससे भी बनारस में बहुत बदलाव आया है। इससे बनारस और पूर्वांचल की इकोनॉमी और रोजगार पर जो असर हुआ है, उसे आप कैसे देखते हैं?

उत्तर: काशी एक अद्भूत नगरी है। एक तरफ तो ये दुनिया का सबसे प्राचीन शहर है। इसकी अपनी पौराणिक मान्यता है। दूसरी तरफ ये पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार की आर्थिक धुरी भी है। 10 साल में हमने काशी में धार्मिक पर्यटन का खूब विकास किया। शहर की गलियां, साफ-सफाई, बाजारों में सुविधाएं, ट्रेन और बस के इंतजाम पर फोकस किया। गंगा में सीएनजी बोट चली, शहर में ई-बस और ई-रिक्शा चले। यात्रियों के लिए हमने स्टेशन से लेकर शहर के अलग-अलग स्थानों पर तमाम सुविधाएं बढ़ाई।

इन सब के बाद जब हम बनारस को प्रमोट करने उतरे, तो देशभर के श्रद्धालुओं में नई काशी को देखने का भाव उमड़ आया। यह यहां सालभर पहले से कई गुना ज्यादा पर्यटक आते हैं। इससे पूरे शहर में रोजगार के नए अवसर तैयार हुए।

हमने बनारस में इंडस्ट्री लानी शुरू की है। TCS का नया कैंपस बना है, बनास डेयरी बनी है, ट्रेड फैसिलिटी सेंटर बना है, काशी के बुनकरों को नई मशीनें दी जा रही है, युवाओं को मुद्रा लोन मिले हैं। इससे सिर्फ बनारस ही नहीं, आसपास के कई जिलों की अर्थव्यवस्था को नई गति मिली।

प्रश्न: आपने कहा कि वाराणसी उत्तर प्रदेश की राजनीतिक धुरी जैसा शहर है। बीते 10 वर्षों में पू्र्वांचल में जो विकास हुआ है, उसको कैसे देखते हैं?

उत्तर: देखिए, पूर्वांचल अपार संभावनाओं का क्षेत्र है। पिछले 10 वर्षों में हमने केंद्र की तमाम योजनाओं में इस क्षेत्र को बहुत वरीयता दी है। एक समय था, जब पूर्वांचल विकास में बहुत पिछड़ा था। वाराणसी में ही कई घंटे बिजली कटौती होती थी। पूर्वांचल के गांव-गांव में लालटेन के सहारे लोग गर्मियों के दिन काटते थे। आज बिजली की व्यवस्था में बहुत सुधार हुआ है, और इस भीषण गर्मी में भी कटौती का संकट करीब-करीब खत्म हो चला है। ऐसे ही पूरे पूर्वांचल में सड़कों की हालत बहुत खराब थी। आज यहां के लोगों को पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की सुविधा मिली है। गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, चंदौली जैसे टियर थ्री कहे जाने वाले शहरों में हजारों की सड़कें बनी हैं।

आजमगढ़ में अभी कुछ दिन पहले मैंने एयरपोर्ट की शुरुआत की है। महाराजा सुहेलदेव के नाम पर यूनिवर्सिटी बनाई गई है। पूरे पूर्वांचल में नए मेडिकल कॉलेज बन रहे हैं। बनारस में इनलैंड वाटर-वे का पोर्ट बना है। काशी से ही देश की पहली वंदे भारत ट्रेन चली थी। देश का पहला रोप-वे ट्रांसपोर्ट सिस्टम बन रहा है।

कांग्रेस की सरकार में पूर्वांचल के लोग ऐसी सुविधाएं मिलने के बारे में सोचते तक नहीं थे। क्योंकि लोगों को बिजली-पानी-सड़क जैसी मूलभूत सुविआधाओं में ही उलझाकर रखा गया था। यह स्थिति तब थी जब इनके सीएम तक पूर्वांचल से चुने जाते थे। तब पूर्वांचल में सिर्फ नेताओं के हेलिकॉप्टर उतरते थे, आज जमीन पर विकास उतर आया है।

प्रश्न: आप कहते हैं कि बनारस ने आपको बनारसी बना दिया है। मां गंगा ने आपको बुलाया था, अब आपको अपना लिया है। आप काशी के सांसद हैं, यहां के लोगों से क्या कहेंगे?

उत्तर: मैं एक बात मानता हूं कि काशी में सबकुछ बाबा की कृपा से होता है। मां गंगा के आशीर्वाद से ही यहां हर काम फलीभूत होते हैं! 10 साल पहले मैंने जब ये कहा था कि मां गंगा ने मुझे बुलाया है, तो वो बात भी मैंने इसी भावना से कही थी। जिस नगरी में लोग एक बार आने को तरसते हैं, वहां मुझे दो बार सांसद के रूप में सेवा करने का अवसर मिला। जब पार्टी ने तीसरी बार मुझे काशी की उम्मीदवारी करने को कहा, तभी मेरे मन में यह भाव आया कि मां गंगा ने मुझे गोद ले लिया है। काशी ने मुझे अपार प्रेम दिया है। उनका यह स्नेह और विश्वास मुझ पर एक कर्ज है। मैं जीवनभर काशी की सेवा करके भी इस कर्ज को नहीं उतार पाऊंगा।

Following is the clipping of the interview:

 

 

Source: Navbharat Times