If the leaders of Andhra Pradesh would have truly worked for the development of its people, they would not have to put the blame of their ill-governance on Modi: PM
Our government is working tirelessly to accelerate development and opportunities for all sections of society in Andhra Pradesh: PM
Vote for politics of development of the BJP in the upcoming Lok Sabha elections: PM at Visakhapatnam

सबसे पहले हम तीन बार भारत माता की जय बोलेंगे। पहला जयकारा पराक्रमी भारत के लिए, दूसरा जयकारा विजयी भारत के लिए और तीसरा जयकारा हमारे वीर-जवानों के लिए।

पराक्रमी भारत के लिए- भारत माता की...जय, विजयी भारत के लिए- भारत माता की...जय, वीर-जवानों के लिए- भारत माता की...जय।

मंच पर विराजमान प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष श्रीमान लक्ष्मी नारायण कन्ना जी, हमारे संसद के साथी डॉक्टर हरिबाबू, भारतीय जनता पार्टी विधानसभा दल के नेता और यहां के जुझारू नेता श्रीमान विष्णु कुमार राजू जी, पूर्व मंत्री बहन पुरंदेश्वरी जी, श्रीमान वीरराजू सोमू जी, सत्यकुमार वाई, श्रीमान नरसिम्हा राव जी, हमारे सबसे पुराने वरिष्ठ नेता श्रीमान चलापति राव जी, श्री गंगाराजू गोकाराजू जी, श्रीमान सतीश जी, मुरलीधरन जी, मंच पर विराजमान सभी वरिष्ठ महानुभाव और विशाल संख्या में मुझे आशीर्वाद देने आए मेरे प्यारे भाइयो और बहनो।

 

साथियो, विशाखापट्टनम देश और आंध्र प्रदेश के हजारों युवाओं के सपनों का शहर है। यहां के लोगों के लिए उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करना, उनकी आशाओं, आकांक्षाओं को पूरा करने का निरंतर प्रयास करना केन्द्र सरकार की प्राथमिकता में है।

आज जब मैं आप सभी के बीच आया हूं तो एक खुशखबरी लेकर के आया हूं। आपकी एक बहुत पुरानी मांग को लेकर सरकार ने सकारात्मक कदम उठाया है। सरकार ने साउथ कोस्ट रेलवे जोन बनाने का फैसला लिया है जिसका हेडक्वार्टर यहीं विशाखापट्टनम में होगा। आप सभी को बहुत-बहुत बधाई।

सरकार का यह फैसला आंध्र प्रदेश रीऑर्गेनाइजेशन एक्ट के तहत यहां के विकास को गति देने की तरफ एक और बड़ा कदम है। इससे विशाखापट्टनम समेत ईस्ट कोस्ट रेलवे पर स्थित कई अहम क्षेत्रों तथा बेहतर रेलवे कनेक्टिविटी का लाभ मिल पाएगा। इससे आप लोगों की सुविधा तो बढ़ेगी ही,  यहां की अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा और रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे। यह फैसला केंद्र की एनडीए सरकार के आंध्र प्रदेश के विकास के प्रति कमिटमेंट को साफ-साफ दिखाता है।

यह उन दावों की भी पोल खोलता है जो अपने राजनीतिक वजूद को बचाने के लिए, अपने भ्रष्ट आचरण को छुपाने के लिए दिन-रात आंध्र की जनता के सामने लगातार झूठ पे झूठ, झूठ पे झूठ बोल रहे हैं। ये वही हैं, ये वही हैं जो आंध्र के बेटे-बेटियों को आगे बढ़ाने के बजाय अपने बेटे-बेटियों को स्थापित करने में जुटे हुए हैं।

साथियो, विशाखापट्टनम के एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाना हो या फिर छह लेन का नेशनल हाइवे बनाना हो, आईआईएम की शुरुआत हो या फिर इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम एंड एनर्जी, सोसायटी फॉर अप्लाइड माइक्रोवेव इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग एंड रिसर्च यानि SAMEER की स्थापना हो या फिर ईएसआईसी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल हो, मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब हो या फिर स्टील प्लांट का विस्तारीकरण हो, रिफाइनरी का आधुनिकीकरण हो या फिर ऑयल रिजर्व फैसिलिटी का निर्माण हो, आपके शहर के विकास के लिए, आपके शहर को स्मार्ट बनाने के लिए सैकड़ों करोड़ के प्रोजेक्ट्स...इस पर तेज गति से काम चल रहा है। यह दिखाता है कि आपका यह प्रधान सेवक पूरे समर्पण से विशाखापट्टनम को स्मार्ट बनाने और आंध्र प्रदेश के विकास को गति देने में जुटा है।

साथियो, हम इसलिए बड़े काम कर पाते हैं और बड़े फैसले प्रामाणिकता के साथ तेजी से ले पाते हैं क्योंकि हम पूरी ईमानदारी से पूरी निष्ठा के साथ आप की सेवा करना चाहते हैं, आपके जीवन को आसान बनाना चाहते हैं। हमारे ऊपर कोई बैगेज नहीं है। यह डर नहीं है कि कोई फाइल खुल जाएगी तो क्या होगा। डरता वही है जिसने पाप किया हो, जिसने गलत मंशा से काम किया हो। यही डर हमारे विरोधियों को खाए जा रहा है, जिसमें बड़े-बड़े दिग्गज और अपना खुद का राजवंश स्थापित करने की कोशिश में लगे लोग भी पूरी तरह शामिल हैं।

हर समय यू-टर्न लेने में माहिर यहां के नेता ने पूरी ईमानदारी के साथ आपको दिया वचन निभाया होता तो आज उनको मोदी के ऊपर अपनी नाकामी का ठीकरा फोड़ने की आवश्यकता नहीं पड़ती। सोचिएआज वह ऐसे लोगों के सामने गुहार लगाते नजर आते हैं जिन्होंने तेलुगू अस्मिता को रौंदने में कोई कसर नहीं छोड़ी। भाइयो और बहनो, आंध्र प्रदेश के लिए वह क्या करेंगे, देश के लिए उनके पास क्या एजेंडा है, यह बताने के बजाय वह मोदी को हटाने का ही शोर मचा रहे हैं। मोदी को वो इसलिए हटाना चाहते हैं क्योंकि गरीब की, मध्यम वर्ग की, किसान की, दलित की, वंचित की, शोषित के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। मोदी को वो इसलिए हटाना चाहते हैं क्योंकि बिचौलियों, दलालों, भ्रष्टाचारियों के विरुद्ध शक्ति से मोदी कार्रवाई कर रहा है। मोदी को वो इसलिए हटाना चाहते हैं क्योंकि आज देश हित के और देश हित में कड़े और बड़े फैसले लिए जा रहे हैं। मोदी को वो इसलिए हटाना चाहते हैं क्योंकि नए हिन्दुस्तान की रीति और नीति दोनों बदल रही है।

साथियो, देश को, आप सभी को, इन लोगों का एजेंडा समझ आ गया। महामिलावट का यह खेल अब देश पूरी तरह समझ गया है। यह लोग मिलकर देश को एक मजबूर सरकार देने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन मजबूर सरकार का उनका यह प्रयास कभी कामयाब नहीं हो सकता क्योंकि देश आज मजबूत सरकार के काम को अनुभव कर रहा है। एक ऐसी मजबूत सरकार, एक ऐसी मजबूत सरकार जिसके लिए देश का हित सबसे ऊपर होता है। इसी मजबूत सरकार की वजह से हमारा विरोधी देश ऐसा बर्ताव कर रहा है जिसकी पहले कल्पना भी मुश्किल थी।

साथियो, लेकिन यह भी देश का दुर्भाग्य है कि ऐसे समय में जब पूरी दुनिया पाकिस्तान से जवाब मांग रही है तब हिंदुस्तान के कुछ लोग ऐसे बयान दे रहे हैं जो देश के सुरक्षाबलों का मनोबल कमजोर करते हैं। ऐसे लोगों को आत्मचिंतन करना चाहिए कि वह ऐसा क्या बोल रहे हैं जिसके कारण पाकिस्तान की पार्लियामेंट में उनकी तारीफ की जा रही है, उनका नाम लेकर भारत पर निशाना साधा जा रहा है। मैं ऐसे महामिलावटी नेताओं से पूछना चाहता हूं...कमजोर सरकार चाहते-चाहते वह भारत को ही कमजोर करने में क्यों जुट गए हैं। क्यों ऐसी सियासत कर रहे हैं जिसका फायदा पाकिस्तान उठा रहा है, देश के विरोधी उठा रहे हैं। आखिर ऐसा क्यों है कि मोदी विरोध में यह लोग देश का भी विरोध करने लगे हैं।

भाइयो और बहनो, जब देश में मजबूत सरकार होती है तो जय जवान भी होता है और जय किसान भी होता है। यह मजबूत सरकार का ही परिणाम है कि किसानों के लिए सीधी मदद की एक ऐतिहासिक योजना बनाई गई। पीएम किसान सम्मान निधि के माध्यम से हर 4 महीने बाद देश के 12 करोड़ किसानों को 2000 रुपये की सीधी मदद बैंक खाते में मिलनी शुरू हो चुकी है। इसमें आंध्र प्रदेश के भी लगभग 78 लाख ऐसे किसान परिवारों को लाभ मिलना तय हुआ है जिनके पास 5 एकड़ से कम जमीन है। इस पैसे से अब छोटा किसान हर फसल के लिए बीज, खाद, दवा, ऐसी चीजें खरीद पाएगा। हर वर्ष में प्रतिवर्ष 75 हजार करोड़ रुपए सीधे किसान के खाते में पहुंचने वाले हैं..और यह भी मैं बताऊं...अभी तो यह शुरुआत है।

साथियो, हमारे देश में साढ़े सात हजार किलोमीटर से ज्यादा समुद्र तट है। यह बहुत बड़ी क्षमता है जिसका बीते दशकों में पूरा इस्तेमाल नहीं हुआ। अपनी इस शक्ति का उपयोग करने के लिए भाजपा सरकार Ports for Prosperity के मंत्र के साथ आगे बढ़ रही है। हमारे बंदर समृद्धि के प्रवेश द्वार हैं। सागरमाला जैसा प्रोजेक्ट इसी विजन की एक झलक है। इस प्रोजेक्ट पर 2035 तक की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए काम किया जा रहा है। फिशरीज सेक्टर को ध्यान में रखते हुए ही हमने उससे जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को भी विकसित करने का काम किया है। इसी सोच के साथ नए हार्बर बनाए जा रहे हैं, फिश लैंडिंग सेंटर बनाए जा रहे हैं।

साथियोब्लू रिवॉल्यूशन योजना के तहत केंद्र सरकार मछुआरे भाई-बहनों के ट्रॉलर को डीप सी फिशिंग बोट में अपग्रेड करने का अभियान भी चला रही है इस काम के लिए सरकार द्वारा आर्थिक मदद भी मुहैया कराई जा रही है। इस अपग्रेडेशन की वजह से अब समुद्र के बीच में जाकर मछली पकड़ना संभव हुआ है और मछुआरों की आय भी बढ़ रही है। डीप सी फिशिंग को प्रोफेशनल ढंग से करने के लिए केंद्र सरकार मछुआरे भाइयों की ट्रेनिंग भी करा रही है। मछुआरे भाई-बहनों को सैटेलाइट के द्वारा इसरो की मदद से बना नाविक डिवाइस देने का काम भी तेजी से चल रहा है। नाविक डिवाइस ना सिर्फ मछुआरों को फिशिंग जोन के बारे में बताता है बल्कि उन्हें चक्रवात, सुनामी की वार्निंग भी देता है। नाविक की मदद से मछुआरों के रास्ता भटकने की आशंकाओं में बहुत कमी आ रही है।

केंद्र सरकार ने हाल ही में मछली के व्यवसाय से जुड़े साथियों के लिए कुछ और बड़े फैसले लिए हैं। इस बजट में ऐलान किया गया है कि मछली के व्यवसाय की जरूरतों के लिए अलग से एक डिपार्टमेंट बनाया जाएगा। सरकार ने साढ़े सात हजार करोड़ रुपए का एक फंड भी बनाया है जो मछली पालन से जुड़ी तमाम आवश्यकताओं पर ध्यान देगा। इसके अलावा मछली पालन से जुड़े लोगों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से कर्ज की सुविधा भी शुरू की गई है। अब अपने काम के लिए मछुआरे बहन-भाइयों को दूसरे लोगों से कर्ज लेने पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

साथियो, हमारे मध्यम वर्ग के लिए भी ऐतिहासिक ऐलान इस बार के बजट में किया गया है। देश के इतिहास में पहली बार 5 लाख तक की टैक्सेबल इनकम पर टैक्स को जीरो कर दिया गया है। ये उन ईमानदार टैक्सपेयर्स के प्रति आभार है जिनके कारण गरीबों को अपना घर मिल रहा है। आयुष्मान भारत के माध्यम से 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिल रहा है, मुफ्त एलपीजी कनेक्शन मिल रहा है। एक तरफ बेईमानी करने वालों को हम सजा दे रहे हैं वहीं दूसरी तरफ ईमानदारी का सम्मान कर रहे हैं।

भाइयो और बहनो, मध्यम वर्ग का एक बड़ा सपना होता है कि वो अपना एक घर खरीद सके। हमने इसमें भी उनकी मदद की है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मध्यम वर्ग को 5 से 6 लाख तक की बचत होम लोन में हो रही है।

हाल में एक और बहुत बड़ा फैसला हुआ है। अंडर कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी पर जीएसटी रेट घटाकर 12% से सिर्फ 5% पर ले आए हैं। वहीं जो अफॉर्डेबल हाउस मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए बनाए जाते हैं, उन पर जीएसटी 8% से घटाकर सिर्फ 1% कर दिया गया है। इससे आंध्र प्रदेश समेत पूरे देश के मध्यम वर्ग के साथियों को बहुत लाभ होने वाला है

भाइयो और बहनो, देश वही हैसाधन वही हैसंसाधन वही हैअफसर वही है, दफ्तर वही है, उसके बावजूद भी ऐसा क्या कारण है कि आज बड़े-बड़े फैसले लेना संभव क्यों हो पा रहा है। इसके पीछे किसकी ताकत है...इसके पीछे किसकी ताकत है...इसके पीछे किसकी ताकत है...इसके पीछे मोदी की ताकत नहीं है, इसके पीछे आपका एक वोट है...वही वोट जिसने 2014 में एक मजबूत केंद्र सरकार बनाई थी। 2014 के उस जनादेश को आपको और मजबूत करना है ताकि देश के विकास की गति इससे भी तेज हो सके।

आप इतनी भारी संख्या में हम सबको आशीर्वाद देने के लिए आए, इसके लिए मैं फिर एक बार आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं। लेकिन आप सबसे आग्रह करता हूं कि हमारे देश के वीर-जवानों के सम्मान मेंभारत के पराक्रमी जवानों के सम्मान में आप अपने मोबाइल फोन की फ्लैश लाइट ऑन करके, चारों तरफ लाइट जला कर के देश के वीरों का सम्मान कीजिए। देश के वीरों का गौरव कीजिए और मेरे साथ बोलिए भारत माता की...जय, भारत माता की...जय, भारत माता की...जय, वंदे-मातरम, वंदे-मातरम, वंदे-मातरम, वंदे-मातरम। बहुत-बहुत धन्यवाद।

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വിഭജന ഭീതി അനുസ്മരണ ദിനത്തിൽ വിഭജനം മൂലം ദുരിതമനുഭവിച്ചവരുടെ ധീരതയെ അനുസ്മരിച്ച് പ്രധാനമന്ത്രി
August 14, 2026
കഠിനാധ്വാനത്തിന്റെയും മനുഷ്യ പ്രയത്നത്തിന്റെയും ശക്തി ഉയർത്തിക്കാട്ടുന്ന സംസ്‌കൃത സുഭാഷിതം പ്രധാനമന്ത്രി പങ്കുവെച്ചു

വിഭജന ഭീതി അനുസ്മരണ ദിനം ആചരിക്കുമ്പോൾ വിഭജനം മൂലം ദുരിതമനുഭവിച്ച എല്ലാവരുടെയും ധീരതയെ നാം ഓർമ്മിക്കുന്നുവെന്ന് പ്രധാനമന്ത്രി ശ്രീ നരേന്ദ്ര മോദി ഇന്ന് പറഞ്ഞു. നിരവധി ജീവിതങ്ങളെ പിച്ചിച്ചീന്തുകയും കുടുംബങ്ങൾ വേരോടെ പിഴുതെറിയുകയും പ്രിയപ്പെട്ടവരെ നഷ്ടപ്പെടുകയും അളവറ്റ ദുരിതങ്ങൾ അനുഭവിക്കുകയും ചെയ്ത ചരിത്രത്തിലെ ഒരു നിമിഷമായിരുന്നു അതെന്ന് അദ്ദേഹം ചൂണ്ടിക്കാട്ടി.

അതോടൊപ്പം തന്നെ ഇതിനെയെല്ലാം അതിജീവിച്ച്, ആളുകൾ ഒന്നുമില്ലായ്മയിൽ നിന്ന് തങ്ങളുടെ ജീവിതം കെട്ടിപ്പടുക്കുകയും പ്രതിസന്ധികളെ നേട്ടങ്ങളാക്കി മാറ്റുകയും നമ്മുടെ രാജ്യത്തിന്റെ പുരോഗതിക്കായി വലിയ സംഭാവനകൾ നൽകുകയും ചെയ്തുവെന്ന് പ്രധാനമന്ത്രി എടുത്തുപറഞ്ഞു. അവരുടെ ജീവിതയാത്രകൾ മാനുഷിക ആത്മവീര്യത്തിന്റെ കരുത്തിനെയാണ് ഓർമ്മപ്പെടുത്തുന്നതെന്ന് അദ്ദേഹം നിരീക്ഷിച്ചു. നമ്മുടെ രാജ്യത്ത് സൗഹാർദ്ദവും സഹോദരബന്ധവും നിലനിർത്താനും വികസിത ഭാരതം കെട്ടിപ്പടുക്കുന്നതിനായി കൂട്ടായി പ്രവർത്തിക്കാനുമുള്ള നമ്മുടെ നിശ്ചയദാർഢ്യത്തെ ഈ ദിനം കൂടുതൽ ദൃഢമാക്കുമെന്ന് ശ്രീ മോദി പ്രത്യാശ പ്രകടിപ്പിച്ചു.

ആ ഭയാനകമായ കാലഘട്ടത്തിൽ നിന്ന് കരകയറി, രാജ്യത്തിന്റെ പുരോഗതിക്കായി അമൂല്യമായ സംഭാവനകൾ നൽകിയ എല്ലാ ദേശവാസികൾക്കും പ്രധാനമന്ത്രി തന്റെ ഹൃദയം നിറഞ്ഞ പ്രണാമമർപ്പിച്ചു. പ്രതികൂല സാഹചര്യങ്ങളിലും എങ്ങനെ ലക്ഷ്യങ്ങൾ നേടിയെടുക്കാമെന്ന് ധൈര്യത്തിലൂടെയും കഴിവിലൂടെയും അവർ തെളിയിച്ചുവെന്ന് അദ്ദേഹം പ്രസ്താവിച്ചു. നന്മയുടെയും ഐക്യദാർഢ്യത്തിന്റെയും ദേശീയ മനോഭാവം കൂടുതൽ ശക്തിപ്പെടുത്താൻ ശ്രീ മോദി ഏവരോടും ആഹ്വാനം ചെയ്തു.

കഠിനാധ്വാനം, സംരംഭകത്വം, സമർപ്പിത പ്രയത്നം എന്നിവയിലൂടെയാണ് വൈവിധ്യമാർന്ന കലകൾ, ശാസ്ത്രം, സാങ്കേതിക നൈപുണ്യങ്ങൾ, കരകൗശല വൈദഗ്ധ്യം, നൂതനാശയങ്ങൾ എന്നിവ അഭിവൃദ്ധി പ്രാപിക്കുകയും വിജയത്തിലേക്ക് വഴിയൊരുക്കുകയും ചെയ്യുന്നതെന്ന് ഒരു സുഭാഷിതം പങ്കുവെച്ചുകൊണ്ട് പ്രധാനമന്ത്രി ഊന്നിപ്പറഞ്ഞു. അതുകൊണ്ട് ആരും വിധിയെ മാത്രം ആശ്രയിച്ച് കഴിയരുതെന്നും മറിച്ച് ധൈര്യം, ഉത്സാഹം, നിരന്തര പരിശ്രമം എന്നിവയിലൂടെ തങ്ങളുടെ ലക്ഷ്യങ്ങളിലേക്ക് സ്ഥിരതയോടെ മുന്നേറണമെന്നും അദ്ദേഹം കൂട്ടിച്ചേർത്തു. കാരണം മനുഷ്യ പ്രയത്നമാണ് വിധിയെ രൂപപ്പെടുത്തുന്നത്.

'X'-ലെ തുടർച്ചയായ പോസ്റ്റുകളിൽ പ്രധാനമന്ത്രി കുറിച്ചു:

"ഇന്ന് നമ്മൾ വിഭജന ഭീതി അനുസ്മരണ ദിനം ആചരിക്കുകയാണ്. വിഭജനം മൂലം ദുരിതമനുഭവിച്ച എല്ലാവരുടെയും ധീരതയെ നാം അനുസ്മരിക്കുന്നു. നിരവധി ജീവിതങ്ങളെ പിച്ചിച്ചീന്തുകയും കുടുംബങ്ങൾ വേരോടെ പിഴുതെറിയുകയും പ്രിയപ്പെട്ടവരെ നഷ്ടപ്പെടുകയും അളവറ്റ ദുരിതങ്ങൾ അനുഭവിക്കുകയും ചെയ്ത ചരിത്രത്തിലെ ഒരു നിമിഷമായിരുന്നു അത്.

അതോടൊപ്പം തന്നെ ഇതിനെയെല്ലാം അതിജീവിച്ച്, ആളുകൾ ഒന്നുമില്ലായ്മയിൽ നിന്ന് തങ്ങളുടെ ജീവിതം കെട്ടിപ്പടുക്കുകയും പ്രതിസന്ധികളെ നേട്ടങ്ങളാക്കി മാറ്റുകയും നമ്മുടെ രാജ്യത്തിന്റെ പുരോഗതിക്കായി വലിയ സംഭാവനകൾ നൽകുകയും ചെയ്തു. അവരുടെ ജീവിതയാത്രകൾ നമ്മെ മാനുഷിക ആത്മവീര്യത്തിന്റെ കരുത്തിനെ ഓർമ്മിപ്പിക്കുന്നു.

നമ്മുടെ രാജ്യത്ത് സൗഹാർദ്ദവും സഹോദരബന്ധവും നിലനിർത്താനും വികസിത ഭാരതം കെട്ടിപ്പടുക്കുന്നതിനായി കൂട്ടായി പ്രവർത്തിക്കാനുമുള്ള നമ്മുടെ നിശ്ചയദാർഢ്യത്തെ ഈ ദിനം കൂടുതൽ ദൃഢമാക്കട്ടെ."

"विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर उन सभी देशवासियों का हृदय से नमन, जिन्होंने उस वीभत्स दौर से निकलकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया। उन्होंने अपने साहस और सामर्थ्य से दिखाया कि कैसे विपरीत परिस्थितियों में भी संकल्पों को सिद्ध किया जाता है। आइए, सद्भावना और एकजुटता की राष्ट्रीय भावना को और सशक्त करें।

उद्यमस्य प्रसादेन दृश्यन्ते विविधाः कलाः।
कातरा एव जल्पन्ति यद् भाव्यं तद् भविष्यति॥”

കഠിനാധ്വാനം, സംരംഭകത്വം, സമർപ്പിത പ്രയത്നം എന്നിവയിലൂടെയാണ് വൈവിധ്യമാർന്ന കലകൾ, ശാസ്ത്രം, സാങ്കേതിക നൈപുണ്യങ്ങൾ, കരകൗശല വൈദഗ്ധ്യം, നൂതനാശയങ്ങൾ എന്നിവ അഭിവൃദ്ധി പ്രാപിക്കുകയും വിജയത്തിലേക്ക് വഴിയൊരുക്കുകയും ചെയ്യുന്നത്. അതുകൊണ്ട് ആരും വിധിയെ മാത്രം ആശ്രയിച്ച് കഴിയരുത്. മറിച്ച് ധൈര്യം, ഉത്സാഹം, നിരന്തര പരിശ്രമം എന്നിവയിലൂടെ തങ്ങളുടെ ലക്ഷ്യങ്ങളിലേക്ക് സ്ഥിരതയോടെ മുന്നേറണം, കാരണം മനുഷ്യ പ്രയത്നമാണ് വിധിയെ രൂപപ്പെടുത്തുന്നത്.

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर उन सभी देशवासियों का हृदय से नमन, जिन्होंने उस वीभत्स दौर से निकलकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया। उन्होंने अपने साहस और सामर्थ्य से दिखाया कि कैसे विपरीत परिस्थितियों में भी संकल्पों को सिद्ध किया जाता है। आइए, सद्भावना और एकजुटता की… pic.twitter.com/lzLu5wbiXb