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Bihar must be free from unemployment and Goonda Raaj: PM
Bihar cannot go back to the era of loot and Jungle Raaj, says PM Modi
PM Modi urges people of Bihar to vote wisely and elect a stable BJP Government

भारत माता की जय

कुछ लोग दूसरी मंजिल पर हैं, कुछ लोग तीसरी मंजिल पर हैं, कोई गिर जाएगा तो मैं क्या जवाब दूंगा भैया। एक बार नई सरकार बनने दो आप और नई उंचाईयों पर पहुँचने वाले हो। विश्वास रखिये लेकिन अभी कम-से-कम नीचे उतर जाईये। मुझे चिंता रहेगी कुछ हो गया तो मैं बहुत दुखी हो जाऊंगा।

मंच पर विराजमान केंद्र सरकार में मेरे साथी, श्रीमान अनंत कुमार जी, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष, श्रीमान मंगल पांडेय जी, राज्य के पूर्व उप-मुख्यमंत्री, श्रीमान सुशील कुमार मोदी जी, विधानसभा के नेता, श्री नंद किशोर यादव जी, भाजपा के प्रभारी श्री भूपेन्द्र यादव जी, केंद्र में मंत्रिपरिषद के मेरे साथी, श्रीमान राधामोहन सिंह जी, श्री रविशंकर प्रसाद जी, श्री धर्मेन्द्र प्रधान जी, श्रीमान राजीव प्रताप रूडी जी, श्रीमान गिरिराज जी, श्रीमान राम विलास पासवान जी, और हमारे बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जिनका चेहरा सदाय हँसता रहता है, ऐसे हमारे जीतन राम मांझी जी, मेरे साथी, श्रीमान उपेन्द्र कुशवाहा जी, हम सबके मार्गदर्शक, हमारे सबसे पुराने वरिष्ठ नेता, डॉ. सी पी ठाकुर जी, हमारे पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, श्रीमान गोपाल नारायण जी, श्रीमान शकुनी चौधरी जी, सांसद श्री अरुण कुमार जी, पूर्व सांसद श्रीमान एम के सिंह, राज्य के पूर्व मंत्री डॉ. प्रेम कुमार जी। बिहार के कोना कोना से आईल हमार भाई और बहन लोग, तोहरा सबके शत शत प्रणाम।

जब मेरे से यहाँ इस कार्यक्रम के लिए समय माँगा गया, मैं कल्पना नहीं कर सकता था कि ऐसा हुजूम मुझे देखने को मिलेगा। जहाँ भी मेरी नज़र पहुँच रही है, माथे ही माथे नज़र आ रहे हैं और सबसे बड़ी बात मुझे जो आपका ज़ज्बा नज़र आ रहा है। सारे पॉलिटिकल पंडित ये एक कार्यक्रम देख लें नतीजा साफ दिखता है अगली सरकार किसकी बनने वाली है। भाईयों-बहनों, जब हम पहले सोशल मीडिया में कभी ट्वीट करते थे तो यहाँ के एक नेता बड़ा मज़ाक उड़ाते थे और वो कहते थे, चहकते हैं, चहकते हैं, और ये चहकना, बड़ा मखौल उड़ाते थे। आज उन्होंने भी चहकने का रास्ता पसंद कर लिया और आज जब मैं उतरा तो उन्होंने ट्वीट किया था कि 14 महीने के बाद आप बिहार आ रहे हैं, आपका स्वागत है। मुख्यमंत्री जी, स्वागत के लिए मैं आपका बहुत आभारी हूँ। वक्त कैसे बदलता है और बदले हुए वक़्त का अंजाम कैसा होता है। वो भी एक वक़्त था, वो कहा करते थे कि हमारे पास एक मोदी है, दूसरे मोदी की क्या जरुरत है। बिहार में आपको आने की क्या आवश्यकता है। आप बिहार मत आईये और आज देखिये, अपनों का विरह कितना परेशान करता है अपनों की दूरी कैसी बेचैन बनाती है। पिछले दस साल के जो प्रधानमंत्री थे, वो दस साल में एक बार हवाई निरीक्षण करने आये थे और मेरा 14 महीने का विरह भी यहाँ के मुख्यमंत्री को परेशान कर रहा है, दुखी कर रहा है। एक-एक दिन कितना भारी गया होगा उनका। अपनों से जब इतना प्यार होता है, इतना लगाव होता है तो उनकी दूरी मुश्किल ही करती है। लेकिन आप चिंता मत कीजिये, मैं अब आ गया हूँ आपको अब ज्यादा विरह झेलना नहीं पड़ेगा।

भाईयों-बहनों, मैं आपसे पूछना चाहता हूँ, आप जवाब दोगे, आपको लगता है बिहार में बदलाव होना चाहिए? हालात बदलने चाहिए? स्थिति बदलनी चाहिए? अंधेरे से उजाला होना चाहिए? बेरोजगारी से रोजगारी आनी चाहिए? गुंडागर्दी से मुक्ति चाहिए? सुख-शांति की जिंदगी चाहिए? भाईयों-बहनों, अगर ये चाहिए तो मुझे सेवा करने का अवसर दीजिए। मुझे आपकी सेवा करने का मौका दीजिए और मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ कि देश की आजादी से बिहार के लोगों ने जो सपने सजोये हैं, मैं 60 महीने के भीतर आपको पूरे करके दूंगा। मैं आपको वादा करता हूँ हम जिम्मेवारी से भागने वाले लोग नहीं हैं, हम जिम्मेवारियों को लेने वाले लोग हैं। मैं कभी-कभार समझ सकता हूँ कि एकाध व्यक्ति के प्रति हमारी राजी-नाराजी हो, मैं यह भी समझ सकता हूँ कि किसी का चेहरा हमें पसंद न आता हो, मैं ये भी समझता हूँ कि हमारे राजनीतिक भविष्य में शायद कहीं टकराव नज़र आता हो, लेकिन भाई इतना मैं बुरा था तो एक कमरे में आकर के एक चांटा मर देते, गला घोंट देते। आपने एक व्यक्ति के प्रति गुस्से में आकर के पूरे बिहार की विकास यात्रा का गला घोंट दिया। क्या ये लोकतंत्र होता है? क्या लोकतंत्र के ये तौर-तरीके होते हैं? मैं समझता हूँ कि राजनीति में मतभेद हो सकते हैं, राजी-नाराजी हो सकती है। अरे गुस्सा निकालने के लिए आकर के मेरा गला भी घोंट देते लेकिन मुझे दुःख इस बात का नहीं है कि आपने हमारे साथ क्या किया। मुझे दुःख इस बात का है कि आपने बिहार की जनता के साथ क्या किया।

यहाँ के लोग जंगलराज से मुक्ति के लिए आपके पीछे खड़े हो गए, और आज फिर से आप बिहार को उसी जंगलराज की ओर घसीट रहे हो। आप मुझे बताईये मेरे भाईयों-बहनों, क्या बिहार में वो जंगलराज के दिन दोबारा चाहिए? वो मौत का खेल दोबारा चाहिए? ये गुंडागर्दी दोबारा चाहिए? ये लूट-खसोट चाहिए दोबारा? मेरे बिहार के भाईयों-बहनों को इस हालात में छोड़ा नहीं जा सकता और इसलिए भाईयों-बहनों, ये चुनाव किसकी सरकार बने, किसकी न बने, इसके लिए नहीं है। ये चुनाव बिहार के नौजवानों का भविष्य तैयार करने के लिए है, ये चुनाव बिहार के किसानों का भाग्य बदलने के लिए है, ये चुनाव बिहार की माताओं-बहनों की सुरक्षा के लिए है और इसलिए भाईयों-बहनों, विकास के रास्ते पर गए बिना बिहार का भला नहीं होगा। और इसलिए मैं आज आग्रह करने आया हूँ कि आप आईये, अपने हर किसी को आजमा लिया है, हर प्रकार के मॉडल आप देख चुके हो, एक बार हमें भी आजमा कर के देखो। एक बार हमारे एनडीए के मेरे साथियों को बिहार की जनता का सेवा करने का अवसर दीजिए। मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ आज देखिये, हमारी दिल्ली सरकार का जरा लेखा-जोखा लीजिये। मैं नहीं जानता हूँ कि यहाँ के पॉलिटिकल पंडितों ने कभी हिसाब लगाया है या नहीं। दिल्ली में मोदी की सरकार में सबसे ज्यादा मंत्री, सबसे महत्वपूर्ण मंत्री, सबसे महत्वपूर्ण डिपार्टमेंट अगर किसी के पास है तो मेरे इन बिहार के नेताओं के पास है। एक प्रकार से बिहार के नेता आज पूरे हिंदुस्तान को चला रहे हैं। ये ताकत बिहार को कहाँ से कहाँ ले जा सकती है, इसका आप अंदाज कर सकते हैं।

भाईयों-बहनों, आपने मुझे पांच साल के लिए चुनकर के भेजा है और बिहार ने तो भारी समर्थन किया है। मैं बिहार की जनता को शत-शत वंदन करता हूँ, आपने मुझे जो समर्थन दिया है। मुझे बताईये, जो लोग यह कहते रहे हैं कि हम मोदी को बिहार में घुसने नहीं देंगे, हम मोदी को बिहार आने नहीं देंगे, हमें मोदी की बिहार में जरुरत नहीं है, अगर ऐसे लोग सरकार बनाएंगे और केंद्र से कोई नाता ही नहीं रखेंगे तो बिहार का भला होगा क्या? क्या इस देश में एक सरकार दूसरी सरकार से लड़ती रहे? इससे किसी राज्य का भला होगा क्या? ये लड़ाई वाली सरकारें चाहिए या कंधे-से-कंधा मिलाकर चलने वाली सरकार चाहिए? भाईयों-बहनों, मैं दिल्ली में बैठकर के, जो भी पूरे देशभर में संसाधन है, एक बार सेवा का अवसर दीजिए आपके काम आते हैं कि नहीं आते, आप देख लीजिये।

मैं तो यहाँ हैरान हूँ मेरा जन्म गुजरात की धरती पर हुआ था। द्वारकाधीश गुजरात में है, भगवान श्रीकृष्ण गुजरात के लोगों के आराध्य हैं। यदुवंश की उत्तम परंपरा को निभाने का काम गुजरात की धरती पर सदियों से होता आया है लेकिन हम जिस कृष्ण के पुजारी हैं, मैं जरा पूछना चाहता हूँ, मुझे श्रीकृष्ण की एक बात बराबर याद रहती है जब वो बालक थे और कालीनाग के कारण लोग परेशान थे तो बालक कृष्ण ने ताकत दिखाकर के कालीनाग का शिरच्छेद कर दिया था। कालीनाग को ख़त्म किया था कि नहीं किया था और आज यदुवंश की बातें करने वाले लोग रो रहे हैं कि उन्हें जहर पीना पड़ रहा है। अरे कृष्ण का वंशज जहर पीता नहीं, बल्कि कालीनाग के वंश को ही ख़त्म कर देता है। यही तो उसकी ताकत होती है और आपने तो जहर पीया क्योंकि आपका स्वार्थ है। अपने बेटे-बेटियों के लिए आपको कुछ इंतजाम करना है लेकिन आपने सभी यदुवंशियों को जहर पीने के लिए मजबूर क्यों किया? उनको जहर पीने के लिए मजबूर क्यों किया? क्या गुनाह है उनका? और इसलिए मैं तो हैरान हूँ, अख़बारों में पढ़ते हैं, यहाँ पर क्या चर्चा चल रही है, यहाँ के किसानों का भला होगा कि नहीं होगा, चर्चा नहीं हो रही है; नौजवानों को रोजगार मिलेगा कि नहीं मिलेगा, चर्चा नहीं हो रही है; गुंडागर्दी खत्म होगी कि नहीं होगी चर्चा नहीं हो रही है; उद्योग-कारखाने लगेंगे कि नहीं लगेंगे, चर्चा नहीं हो रही है; गाँव में बिजली आएगी कि नहीं आएगी, चर्चा नहीं हो रही है; किसानों को पानी मिलेगा कि नहीं मिलेगा, चर्चा नहीं हो रही है। चर्चा क्या हो रही है, कौन सांप है, कौन सांप नहीं है, कौन जहर पीता है, कौन जहर पिलाता है। अरे भाई ये तुम दोनों तय कर लो कि सांप कौन है, जहर कौन है, कौन जहर पिलाता है, कौन जहर पीता है। आप दोनों का अंदरूनी मामला है एक कमरे में बैठकर के तय कर लो। बिहार की जनता को जहर पीने के लिए मजबूर मत करो। ये आपको अंदरूनी मामला है बिहार की जनता को तो पीने का पानी चाहिए। बिहार के नौजवान को रोजगार चाहिए। बिहार में उद्योगों का विकास चाहिए। बिहार में सड़कें चाहिए।

भाईयों-बहनों, बिहार में चुनाव तो अब आया है। ये पिछले चुनाव में जब वोट लेने निकले थे, अभी राम विलास जी बता रहे थे, उन्होंने अपने भाषण में भी कहा। उन्होंने आपको कहा था कि 2015 में अगर मैं आपको बिजली न पहुंचाऊं तो मैं वोट मांगने के लिए नहीं आऊंगा ऐसा कहा था? याद करो कहा था? बिजली नहीं दूंगा तो वोट नहीं मांगूंगा, ऐसा कहा था? उन्होंने कहा था ना? बिजली आई? बिजली आई? नहीं आई न, वो वोट मांगने आये कि नहीं आये? आपका भरोसा तोड़ा कि नहीं तोड़ा? आपकी पीठ में छूरा भोंका कि नहीं भोंका? अरे हमारी छोडो, आपकी पीठ में छूरा भोंकना जिन लोगों के कारनामे रहे हैं, ऐसे लोगों पर दोबारा भरोसा नहीं किया जा सकता। और इसलिए भाईयों-बहनों, मैं आज आपसे आग्रह करने आया हूँ, बिहार का भाग्य बदलने के लिए। बिहार के पास न सिर्फ़ बिहार का भाग्य बदलने का बल्कि पूरे हिंदुस्तान का भाग्य बदलने की ताकत है। इतने प्राकृतिक संसाधन हैं, इतने उत्तम प्रकार का मानव बल है, इतनी महान शक्ति का स्त्रोत है। जो सदियों पहले पूरा देश जिस धरती के लिए गर्व करता था, उस धरती के संतानों में आज भी वो ताकत है हिंदुस्तान को गर्व दिलाने की और इसे मुझे पुनः वापस लाना है और इसलिए मैं आपके पास आया हूँ।

भाईयों-बहनों, ये सब परेशानियां ज्यादा-से-ज्यादा 100 दिन हैं। 100 दिन के बाद बिहार की जनता इनकी छुट्टी कर देगी। बिहार की जनता अब इस प्रकार के लोगों को कभी स्वीकार नहीं करेगी। मैं तो हैरान हूँ। एक बार मैं पटना आया था। हमारी पार्टी की कार्यसमिति की मीटिंग थी और यहाँ के मुख्यमंत्री ने हमको खाने पर बुलाया था। अब हमारी थाली उन्होंने छीन ली। भोजन पर बुला कर के कभी कोई थाली छीन लेता है क्या? ये लालू जी कह रहे हैं, मैं आज जहर पी रहा हूँ, मैंने तो उस दिन भी जहर पीया था और तब मेरे मन को जरा चोट पहुंची थी। क्या राजनीति में इतनी छुआछूत? सार्वजनिक जीवन के ये संस्कार कि टेबल पर परोसी हुई थाली खींच लेना, मेरे मन को बड़ी चोट पहुंची थी, मैंने कभी बोला नहीं न ही मैंने कभी मन में इसका मलाल रखा, चलो ठीक है भाई लेकिन जब जीतन राम मांझी पर जुल्म हुआ तो मैं बेचैन हो गया। मुझे लगा कि अरे मोदी की क्या औकाद है, उसकी तो थाली खींच ली, एक चाय वाले के बेटे की थाली खींच लें, एक गरीब के बेटे की थाली खींच लें लेकिन एक महादलित की तो सारी की सारी पूँजी ले ली, सारा पुण्य खींच कर के ले लिया। भाईयों और बहनों, तब मुझे लगा कि शायद डीएनए में ही कुछ गड़बड़ है क्योंकि लोकतंत्र का डीएनए ऐसा नहीं होता है। लोकतंत्र का डीएनए अपने विरोधियों को भी आदर और सत्कार देने का होता है लेकिन इन्होंने जो लोकतंत्र सीखा और चलाया है, उसमें जॉर्ज फ़र्नान्डिस का क्या हुआ? इसी धरती से जुड़े थे, उनके साथ क्या किया गया? सुशील मोदी जो कंधे से कंधा मिलाकर चलते थे उनके साथ क्या किया? ये सारे नेता जो कभी न कभी उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चले, उनके साथ क्या किया? क्या आप अब भी लोकतंत्र के इस डीएनए को नहीं समझ पाएंगे क्या? क्या ऐसे लोगों को माफ़ करेंगे क्या?

भाईयों-बहनों, और इसलिए आज मैं आग्रह से कहने आया हूँ कि बिहार को हम ऐसे तत्वों के भरोसे नहीं छोड़ सकते। बिहार में दोबारा जंगलराज नहीं आने देंगे ये बिहार की जनता को शपथ लेनी चाहिए। आरजेडी का पूरा अर्थ मालूम है क्या? आरजेडी का पूरा अर्थ मालूम है क्या? आरजेडी का पूरा अर्थ होता है – रोजाना जंगलराज का डर, आरजेडी का मतलब होता है – रोजाना जंगलराज का डर। क्या ये रोजाना जंगलराज का डर चाहिए आपको? इस डर से मुक्ति चाहिए कि नहीं चाहिए? और इसलिए भाईयों-बहनों, ये चुनाव रोजाना जंगलराज के डर से मुक्ति का चुनाव है और इसलिए मैं यह कहने आया हूँ। आप देखिये पहले भी सरकारें हुईं, बिहार के साथ क्या हुआ है और हम बिहार के साथ क्या करेंगे। आज मैं अनेक कार्यक्रमों का उद्घाटन करके आया हूँ, शिलान्यास करके आया हूँ, हज़ारों-करोड़ की सौगात बिहार की धरती को देकर के आया हूँ।

भाईयों-बहनों, एक झूठ फैलाया जा रहा है तेरहवें फाइनेंस कमीशन और चौदहवें फाइनेंस कमीशन के संबंध में। 2010 से 2015, किसकी सरकार थी आपको मालूम है, उस सरकार ने बिहार को फाइनेंस कमीशन के माध्यम से जो पैसा दिया, वो था करीब-करीब ढेढ़ लाख करोड़। अब 2015 से 2020, हमारी बारी है, हमने क्या देना तय किया, पौने चार लाख करोड़ रुपये। पहले क्या मिलता था - ढेढ़ लाख करोड़, अब कितना मिलेगा - पौने चार लाख करोड़ रुपये। बिहार की जनता की झोली में पौने चार लाख करोड़ रुपये आएंगे। मुझे बताईये कि विकास के काम आगे बढ़ेंगे कि नहीं बढ़ेंगे? इन्होने वादा किया था कि बिजली नहीं तो वोट नहीं। उन्होंने तो कुछ किया नहीं और न कभी मेरे पास आकर के कहा। लेकिन मेरी सरकार बनने के बाद मैं जब विदेश यात्रा के लिए गया तो सबसे पहले मैं भूटान गया। बहुत छोटा देश है बिहार से तो बहुत कम आबादी है, बहुत कम पटना से भी कम। भूटान में जाकर कौन सा करार किया – भूटान के अन्दर भारत सरकार धन लगाएगी और पानी से पैदा होने वाली बिजली, जल विद्युत् के लिए करार किया, शिलान्यास किया और इस तरह भूटान में जो बिजली पैदा होगी, उसका सबसे ज्यादा हिस्सा ये मेरी बिहार की जनता को मिलेगा। ये निर्णय हमने किया और सरकार बनने के बाद मेरी पहली विदेश यात्रा में हमने यह काम किया। दूसरी विदेश यात्रा मेरी नेपाल की थी। नेपाल में भी जल विद्युत् का करार किया और वहां से बिजली बन करके कहाँ आएगी, इसी इलाके में आएगी। मुझे बताईये, आज इतना बड़ा बिहार, 300 मेगावाट बिजली के भी आप मालिक नहीं हो जबकि आपको 5000 मेगावाट बिजली की जरुरत है। इन सरकारों ने केवल 300 मेगावाट बिजली बनाई है, बाकि बिजली ये बना पाएंगे क्या? इतने सालों में जो बिजली नहीं दे पाए, वो अब दे पाएंगे क्या? मैं वादा करता हूँ, मेरा अनुभव है और मैंने करके दिखाया है। मैं बिहार में 24 घंटे घरों में बिजली देने का वादा करने आया हूँ। और बिजली आती है तो अकेली बिजली नहीं आती। बिजली आती है तो सिर्फ़ घर में रोशनी आती है, ऐसा नहीं है। बिजली आती है तो इसके साथ जीवन बदलना शुरू हो जाता है। अगर बच्चों को पढ़ाई करनी है, कंप्यूटर सीखना है तो बिजली आने के साथ वो भी शुरू हो जाता है। अरे मोबाइल फ़ोन चार्ज करना हो तो भी दूसरे गाँव जाना पड़ता है। जाना पड़ता है ना? मोबाइल फ़ोन कितना ही महंगा क्यों न लाए हो लेकिन आपके काम नहीं आता है क्योंकि पटना में बैठी हुई सरकार आपको बिजली नहीं देती है। मुझे बताईये, आपको भी अच्छे टीवी शो देखने का मन करता है कि नहीं करता है? सास भी कभी बहू थी, देखने को मन करता है कि नहीं करता है; टीवी पर अच्छे गाने सुनने का मन करता है कि नहीं करता है? अगर बिजली नहीं होगी तो कहाँ से देखोगे? इन्होने आपको पिछली सदी में धकेल करके रखा है। बिहार को उन्होंने आधुनिक नहीं बनने दिया है। बिजली आएगी, कारखाने लगेंगे। हम कारखाने लगाना चाहते हैं, हम उद्योग लगाना चाहते हैं।

आज बिहार का एक संतान, एक युवा मेरी सरकार में मंत्री है और मैंने उसे इतना बड़ा काम दिया है, स्किल डेवलपमेंट का। ये स्किल डेवलपमेंट बिहार का भाग्य बदलने वाला है, यह मैं आपको कहने आया हूँ। यहाँ उद्योग लगे, यहाँ के नौजवानों का स्किल डेवलपमेंट हो और यहाँ का जीवन बदल जाए, बिहार के नौजवान को बिहार में अपने बूढ़े मां-बाप को छोड़कर रोजी-रोटी कमाने कहीं जाना न पड़े, ऐसा बिहार बनाने का मेरा इरादा है और उसके लिए मुझे आपको आशीर्वाद चाहिए और वो आशीर्वाद लेने के लिए मैं आया हूँ। भाईयों-बहनों, आज वक़्त इतना बदल चुका है, रोड कनेक्टिविटी चाहिए, रेल कनेक्टिविटी चाहिए, एयर कनेक्टिविटी चाहिए। लेकिन अब जैसे-जैसे युग बदला है लोग कहते हैं हमें तो गैस ग्रिड चाहिए। चाहिए कि नहीं चाहिए? सूरत में मेरे यहाँ बिहार के लोग रहते हैं, वो जब यहाँ वापिस आते हैं तो यहाँ झगड़ा होता है जब वो कहते हैं कि जैसे यहाँ नलके में पानी आता है ना वैसे गुजरात में नलके में गैस आता है। यहाँ के लोग भरोसा नहीं करते। बिहार के लोग जब मुझे मिलते है तो बताते हैं कि मोदी जी मेरे गाँव के लोग तो मानने के लिए तैयार नहीं हैं कि ऐसा भी होता है। बिहार के भाईयों-बहनों, वो दिन अब दूर नहीं है जब मैं पटना तक शुरुआत करूँगा और सैंकड़ों किमी गैस की लंबी पाइपलाइन लगा करके पटना में घरों में गैस देना प्रारंभ कर दूंगा और आगे बिहार के और स्थानों पर भी गैस जाएगा। रसोईघर में टैब चालू करते ही गैस आएगा। अब गैस का सिलिंडर लेने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। किसी दलाल को पैसा नहीं देना पड़ेगा। ये काम हम करते हैं और हजारों करोड़ रूपया लगता है इन कामों के लिए। आज मैं इसका शिलान्यास करके आया हूँ। काम शुरू हो जाएगा, बजट मंजूर कर दिया है। आपके यहाँ बरौनी में फ़र्टिलाइज़र का कारखाना बंद पड़ा हुआ है। यहाँ के नौजवानों को रोजगार चाहिए कि नहीं चाहिए? रोजगार मिलने चाहिए कि नहीं मिलने चाहिए? अगर कारखाने नहीं होंगे तो रोजगार कहाँ से मिलेगा और इसलिए हमने उस फ़र्टिलाइज़र का कारखाना, जो बंद पड़ा था, उसको चालू करने का निर्णय किया है ताकि यहाँ के किसानों को सस्ता खाद मिल जाए और यहाँ के नौजवान को रोजगार मिल जाए। और करीब 5 हजार करोड़ रूपया लगने वाला है, कोई कम पैसा नहीं है यह।

भाईयों-बहनों, कुछ लोग होते हैं जो वादे की खातिर वादे करते हैं, फिर वादे भुला देने की कोशिश करते हैं और इनको वादे की याद दिला दें तो मुकर जाने की आदत रहती है। जैसे आपको कहा गया था कि बिजली दूंगा तभी तो वोट मांगने आऊंगा। मैं भी चुनाव के समय यहाँ आया था। मैंने भी वादे किये थे लेकिन मैं वादे भुलाने के लिए नहीं आया हूँ। मैंने जो वादे किये थे, उन वादों को मैं खुद दोबारा याद करने यहाँ आया हूँ और मुकर जाने का तो सवाल ही नहीं उठता है। लोकसभा के चुनाव में पटना की धरती पर जब बम धमाके चल रहे थे, लोग मौत के घाट उतार दिये जा रहे थे, हिंसा के मातम से लोकतंत्र का गला दबोचा जा रहा था, उस समय बम धमाकों के बीच डरे बिना, विचलित हुए बिना, गुस्सा व्यक्त किये बिना, नाराजगी व्यक्त किये बिना पूरे शांत मन से उस सभा को मैंने संबोधित किया था। मौत अंगड़ाई ले रहा था उस मैदान में, लेकिन पूरी स्वस्थता के साथ मैंने बिहार की जनता से संवाद किया था और ऐसे संकट की घड़ी में भी मैंने कहा था कि दिल्ली में जब हमारी सरकार बनेगी और जब पूरी योजना बनने लगेगी, हम बिहार को 50 हजार करोड़ रुपये का पैकेज देंगे। आपको याद है, नहीं है न? मैंने ये वादा किया था और आज जब मैं बिहार की धरती पर आया हूँ तो मैं आपको मैं कहता हूँ, वो वादा मैं निभाऊंगा और सिर्फ़ 50 हजार करोड़ से बात बनेगी नहीं अब तो क्योंकि दिल्ली सरकार में बैठने के बाद बिहार को मैंने बारीकी से अध्ययन किया है। बिहार में क्या अच्छा हो सकता है, उस पर मैं सोचने लगा, बिहार के सभी नेताओं से बातचीत करने लगा, सुझाव लेने लगा और मेरे मन में धीरे-धीरे एक समृद्ध बिहार का चित्र बनने लगा, एक विकास वाले बिहार का चित्र खड़ा होने लगा। मुझे लगा ये अगर सपना मुझे पूरा करना है तो 50 हजार करोड़ से पूरा नहीं होगा और इसलिए मैंने उससे भी ज्यादा बड़ा पैकेज देने का विचार कर लिया है। लेकिन अभी पार्लियामेंट चालू है मेरे जुबान पर थोड़ा ताला लगा हुआ है। मैं बोल नहीं पा रहा हूँ लेकिन जैसे ही पार्लियामेंट समाप्त हो जाएगी, मैं आपको खुद आकर बता दूंगा कि कितना बड़ा पैकेज आपको मिलने वाला है।

आजकल कुछ ऐसे झूठ फैलाये जाते हैं, किसी ने हमसे माँगा नहीं था लेकिन जब बजट आया तो हमारा सपना था बिहार को आगे ले जाने का, बिहार में औद्योगिक क्रांति लाने का, बिहार के नौजवानों को रोजगार मिले, इसलिए हमने बजट के अन्दर एक योजना बनाई स्पेशल स्टेटस वाला राज्य, उसमें सबसे फायदा होने वाली बातें कौन सी हैं और हमने पाया कि स्पेशल स्टेटस में दो बड़ी महत्वपूर्ण बातें हैं। हमने तय किया कि जो सबसे बड़ा फायदा है, वो बिहार को मिलना चाहिए और इसलिए हमने बिहार के लिए, नए इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट करने के लिए 15% इन्वेस्टमेंट अलाउंस और 15% का एडिशनल डेप्रिसिएशन अलाउंस इसमें रिडक्शन की हमने घोषणा कर दी और मैं समझता हूँ कि हिंदुस्तान में स्पेशल केटेगरी का इतना बड़ा लाभ, बिहार अगर दम हो तो ले सकता है। कितना बड़ा लाभ मिलेगा, इसका आप अंदाज कर सकते हो। बिहार के नौजवानों को कितना रोजगार मिल सकता है, इसका आप अंदाज कर सकते हो।

भाईयों-बहनों, अभी तो ये शुरुआत है लेकिन मैं जो ये नजारा देख रहा हूँ इससे मुझे साफ लगता है कि जैसे लोकसभा में अपने मेरा साथ दिया, विधानसभा में उससे भी बढ़कर आप मेरा साथ दोगे। बिहार में इस बार आप निर्णय कर लीजिये कि दो-तिहाई बहुमत के साथ ही सरकार बनाएंगे। दो-तिहाई बहुमत के साथ ही एक मजबूत सरकार बनाईये। मुझे बताईये कि किसी ट्रेक्टर को एक इंजन लगा हो तो ज्यादा तेज चलता है कि दो इंजन लगा हो तो ज्यादा तेज चलता है? बताईये, कितने इंजन चाहिए? आपने दिल्ली में तो आपने इंजन दे दिया है अब बिहार में इंजन दे दीजिए। दो इंजन से बिहार की गाड़ी ऐसी तेज चलेगी भाईयों कि पिछले 60 सालों में जो नहीं हुआ, वो तेज गति से हमारी विकास की यात्रा आगे बढ़ेगी। इसी एक संकल्प के साथ मैं एक बार फिर एनडीए के मेरे सभी साथियों का हृदय से अभिनन्दन करता हूँ और बिहार का भाग्य बदलेगा इस विश्वास के साथ आप सबका बहुत-बहुत धन्यवाद।                  

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September 18, 2021
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മുതിര്‍ന്നവര്‍ക്കുള്ള ആദ്യ ഡോസിന്റെ നൂറുശതമാനം പൂര്‍ത്തിയാക്കിയതില്‍ ഗോവയെ അഭിനന്ദിച്ചു
ഈ വേളയില്‍ ശ്രീ മനോഹര്‍ പരീക്കറുടെ സേവനങ്ങള്‍ സ്മരിക്കുന്നു
ഏവര്‍ക്കുമൊപ്പം, ഏവര്‍ക്കും വികസനം, ഏവരുടെയും വിശ്വാസം, ഏവരുടെയും പരിശ്രമം എന്നിവയുടെ മികച്ച ഫലങ്ങള്‍ ഗോവ പ്രകടമാക്കി: പ്രധാനമന്ത്രി
കഴിഞ്ഞ കാലങ്ങളില്‍ എന്റെ നിരവധി ജന്മദിനങ്ങള്‍ നിസ്സംഗമായി കടന്നുപോയിട്ടുണ്ട്. എന്നാല്‍, ഇന്നലെ എന്നെ ഏറെ വികാരധീനനാക്കിയ ദിവസമായിരുന്നു. കാരണം 2.5 കോടി ജനങ്ങള്‍ പ്രതിരോധകുത്തിവയ്‌പെടുത്തു: പ്രധാനമന്ത്രി
ഓരോ മണിക്കൂറിലും 15 ലക്ഷത്തിലധികം ഡോസും ഓരോ മിനിറ്റിലും 26,000ത്തിലധികം ഡോസും ഓരോ സെക്കന്‍ഡിലും 425ലധികം ഡോസും നല്‍കുന്നതിന് ഇന്നലെ സാക്ഷ്യം വഹിച്ചു: പ്രധാനമന്ത്രി
ഏക ഭാരതം ശ്രേഷ്ഠഭാരതം' എന്ന ആശയം പ്രതിഫലിപ്പിക്കുന്ന ഗോവയുടെ ഓരോ നേട്ടവും എന്നെ വളരെയേറെ സന്തോഷിപ്പിക്കുന്നു: പ്രധാനമന്ത്രി
ഗോവ രാജ്യത്തെ ഒരു സംസ്ഥാനം മാത്രമല്ല, ബ്രാന്‍ഡ് ഇന്ത്യയുടെ കരുത്തുറ്റ അടയാളപ്പെടുത്തല്‍ കൂടിയാണ്: പ്രധാനമന്ത്രി

ഗോവയിലെ ഊര്‍ജ്ജസ്വലനും ജനപ്രിയനുമായ മുഖ്യമന്ത്രി ശ്രീ പ്രമോദ് സാവന്ത് ജി, കേന്ദ്ര മന്ത്രിസഭയിലെ എന്റെ സഹപ്രവര്‍ത്തകനും ഗോവയുടെ പുത്രനുമായ ശ്രീപദ് നായക് ജീ, കേന്ദ്ര മന്ത്രിമാരുടെ കൗണ്‍സിലിലെ എന്റെ സഹപ്രവര്‍ത്തകന്‍ ഡോ. ഭാരതി പ്രവീണ്‍ പവാര്‍ ജി, ഗോവ മന്ത്രിമാര്‍, എംപിമാര്‍, എംഎല്‍എമാര്‍, മറ്റ് പൊതു പ്രതിനിധികള്‍, കൊറോണ യോദ്ധാക്കള്‍, സഹോദരങ്ങളെ!

നിങ്ങള്‍ക്കെല്ലാവര്‍ക്കും വളരെ സന്തോഷകരമായ ശ്രീ ഗണേശോത്സവം ആശംസിക്കുന്നു! നാളെ അനന്ത് ചതുര്‍ദശിയുടെ ശുഭകരമായ അവസരത്തില്‍ നാം ബാപ്പയോട് വിടപറയും. കൂടാതെ പവിത്രമായ അനന്തസൂത്രം നമ്മുടെ കൈകളില്‍ കെട്ടുകയും ചെയ്യും. അനന്തസൂത്രം എന്നാല്‍ സന്തോഷം, ജീവിതത്തിലെ അഭിവൃദ്ധി, ദീര്‍ഘായുസ്സിന്റെ അനുഗ്രഹം എന്നൊക്കെ അര്‍ഥം.

ഈ പുണ്യദിനത്തിന് മുമ്പ് ഗോവയിലെ ജനങ്ങള്‍ സ്വയം പ്രതിരോധ കുത്തിവയ്പ്പ് നടത്തിയതില്‍ ഞാന്‍ സന്തുഷ്ടനാണ്. ഗോവയിലെ ഓരോ അര്‍ഹനായ വ്യക്തിക്കും ഒരു ഡോസ് വാക്‌സിന്‍ ലഭിച്ചിട്ടുണ്ട്. കൊറോണയ്ക്കെതിരായ പോരാട്ടത്തില്‍ ഇത് ഒരു വലിയ കാര്യമാണ്. ഗോവയിലെ എല്ലാ ജനങ്ങള്‍ക്കും ഇതിന് ഒരുപാട് അഭിനന്ദനങ്ങള്‍.

സുഹൃത്തുക്കളെ,
ഇന്ത്യയുടെ വൈവിധ്യത്തിന്റെ ശക്തി ദൃശ്യമാകുന്ന സംസ്ഥാനം കൂടിയാണ് ഗോവ. കിഴക്കിന്റെയും പടിഞ്ഞാറിന്റെയും സംസ്‌കാരവും ജീവിത നിലവാരവും ഭക്ഷണ ശീലങ്ങളും ഇവിടെ കാണാം. ഗണേശോത്സവം ഇവിടെയും ആഘോഷിക്കപ്പെടുന്നു. ദീപാവലി കെങ്കേമമായി ആഘോഷിക്കപ്പെടുന്നു. ക്രിസ്മസ് സമയത്ത് ഗോവ തിളങ്ങുന്നു. ഇങ്ങനെ ചെയ്യുന്നതിലൂടെ ഗോവ അതിന്റെ പാരമ്പര്യം പിന്തുടരുകയുമാണു ചെയ്യുന്നത്. 'ഏക ഭാരതം ശ്രേഷ്ഠ ഭാരതം' എന്ന ചൈതന്യം തുടര്‍ച്ചയായി ശക്തിപ്പെടുത്തുന്ന ഗോവയുടെ ഓരോ നേട്ടവും എനിക്ക് മാത്രമല്ല, മുഴുവന്‍ രാജ്യത്തിനും സന്തോഷവും അഭിമാനവും നല്‍കുന്നു.

സഹോദരീ സഹോദരന്മാരെ,
ഈ സുപ്രധാന അവസരത്തില്‍, എന്റെ സുഹൃത്ത്, യഥാര്‍ത്ഥ കര്‍മ്മയോഗി, അന്തരിച്ച മനോഹര്‍ പരീക്കര്‍ ജിയുടെ ഓര്‍മ്മ വളരെ സ്വാഭാവികമാണ്. 100 വര്‍ഷത്തിനിടയിലെ ഏറ്റവും വലിയ പ്രതിസന്ധിയെ ഗോവ നേരിട്ട വഴി പിന്നിടുമ്പോള്‍ പരീക്കര്‍ ഇന്ന് നമ്മുടെ ഇടയിലുണ്ടായിരുന്നെങ്കില്‍ നിങ്ങളുടെ നേട്ടത്തില്‍ അഭിമാനിക്കുമായിരുന്നു.

ലോകത്തിലെ ഏറ്റവും വലുതും വേഗതയേറിയതുമായ വാക്‌സിനേഷന്‍ യജ്ഞത്തിന്റെ വിജയത്തില്‍ ഗോവ നിര്‍ണായക പങ്കുവഹിച്ചു. എല്ലാവര്‍ക്കും സൗജന്യമായി വാക്‌സിന്‍ നല്‍കി. കഴിഞ്ഞ കുറച്ച് മാസങ്ങളായി, പ്രമോദ് സാവന്ത് ജിയുടെ നേതൃത്വത്തില്‍ ഗോവ കനത്ത മഴ, ചുഴലിക്കാറ്റുകള്‍, വെള്ളപ്പൊക്കം തുടങ്ങിയ പ്രകൃതിദുരന്തങ്ങളെ നേരിട്ടു. ഈ സ്വാഭാവിക വെല്ലുവിളികള്‍ക്കിടയില്‍ കൊറോണ പ്രതിരോധ കുത്തിവയ്പ്പിന്റെ വേഗത നിലനിര്‍ത്തുന്നതിന് എല്ലാ കൊറോണ യോദ്ധാക്കള്‍ക്കും ആരോഗ്യ പ്രവര്‍ത്തകര്‍ക്കും ടീം ഗോവയ്ക്കും ഒരുപാട് അഭിനന്ദനങ്ങള്‍.

ഈ യജ്ഞം എത്ര ബുദ്ധിമുട്ടായിരുന്നുവെന്ന് ഇവിടെയുള്ള നിരവധി സഹപ്രവര്‍ത്തകര്‍ നമ്മളുമായി പങ്കുവെച്ച അനുഭവങ്ങള്‍ കാണിക്കുന്നു. കരകവിഞ്ഞൊഴുകുന്ന നദികള്‍ കടന്ന് സുരക്ഷിതമായ പ്രതിരോധ കുത്തിവയ്പ്പുകളുമായി വിദൂരസ്ഥലങ്ങളില്‍പ്പോലും എത്തിച്ചേരാന്‍ കടമയെക്കുറിച്ചുള്ള ബോധ്യവും സമൂഹത്തോടുള്ള താല്‍പര്യവും ധൈര്യവും ആവശ്യമാണ്. നിങ്ങളൊക്കെ നിര്‍ത്താതെ വിശ്രമമില്ലാതെ മനുഷ്യത്വത്തോടെ സേവിക്കുകയാണ്. നിങ്ങളുടെ സേവനം എപ്പോഴും ഓര്‍മ്മിക്കപ്പെടും.

സുഹൃത്തുക്കളെ,
സബ്കാ സാഥ്, സബ്കാ വികാസ്, സബ്കാ വിശ്വാസ്, സബ്കാ പ്രയാസ് ആശയത്തിന് എത്രയോ മികച്ച ഫലം ലഭിക്കുമെന്ന് ഗോവയിലെ ഗവണ്‍മെന്റും പൗരന്മാരും കൊറോണ യോദ്ധാക്കളും മുന്‍നിര പ്രവര്‍ത്തകരും തെളിയിച്ചിട്ടുണ്ട്. സാമൂഹികവും ഭൂമിശാസ്ത്രപരവുമായ വെല്ലുവിളികളെ നേരിടുന്നതിനുള്ള ഏകോപനം ശരിക്കും പ്രശംസനീയമാണ്. പ്രമോദ് ജിക്കും താങ്ങളുടെ ടീമിനും ഒരുപാട് അഭിനന്ദനങ്ങള്‍. സംസ്ഥാനത്തിന്റെ വിദൂര ഭാഗങ്ങളില്‍, എല്ലാ സബ് ഡിവിഷനുകളിലും, വേഗത്തിലുള്ള പ്രതിരോധ കുത്തിവയ്പ്പ് ഒരു മികച്ച തെളിവാണ്.

വേഗം കുറയ്ക്കാന്‍ ഗോവ അനുവദിക്കാത്തതില്‍ എനിക്ക് സന്തോഷമുണ്ട്. നമ്മള്‍ സംസാരിക്കുന്ന ഈ സമയത്ത് പോലും, രണ്ടാമത്തെ ഡോസിനായി സംസ്ഥാനത്ത് 'ടിക്ക' ഉത്സവം നടക്കുന്നു. അത്തരം ആത്മാര്‍ത്ഥമായ പരിശ്രമങ്ങളിലൂടെയാണ് സമ്പൂര്‍ണ്ണ പ്രതിരോധ കുത്തിവെപ്പിന്റെ കാര്യത്തില്‍ ഗോവ രാജ്യത്തെ മുന്‍നിര സംസ്ഥാനമായി മാറാന്‍ ഒരുങ്ങുന്നത്. ഗോവന്‍ ജനതയ്ക്ക് മാത്രമല്ല, പുറത്തുനിന്ന് വരുന്ന വിനോദസഞ്ചാരികള്‍ക്കും തൊഴിലാളികള്‍ക്കും പ്രതിരോധ കുത്തിവയ്പ്പ് നല്‍കുന്നു എന്നതു ശ്രദ്ധേയമാണ്.

സുഹൃത്തുക്കളെ,
ഈ അവസരത്തില്‍, രാജ്യത്തിന്റെ ഭരണവുമായി ബന്ധപ്പെട്ടു പ്രവര്‍ത്തിക്കുന്ന എല്ലാ ഡോക്ടര്‍മാരെയും ആരോഗ്യമേഖലയിലെ ജീവനക്കാരെയും മറ്റു വ്യക്തികളെയും ഞാന്‍ അഭിനന്ദിക്കുന്നു. നിങ്ങളുടെ എല്ലാവരുടെയും പ്രയത്‌നത്താല്‍, ഇന്നലെ ഇന്ത്യ 2.5 കോടിയിലധികം ആളുകള്‍ക്ക് ഒരു ദിവസം വാക്‌സിനേഷന്‍ നല്‍കിയതിന്റെ റെക്കോര്‍ഡ് സൃഷ്ടിച്ചു. സമ്പന്നവും ശക്തവുമെന്ന് കരുതപ്പെടുന്ന രാജ്യങ്ങള്‍ക്ക് പോലും ഇത് ചെയ്യാന്‍ കഴിഞ്ഞിട്ടില്ല. കോവിന്‍ ഡാഷ്ബോര്‍ഡുമായി രാജ്യം എങ്ങനെ ചേര്‍ന്നുനില്‍ക്കുന്നു എന്ന് ഇന്നലെ നാം കണ്ടു. വര്‍ദ്ധിച്ചുവരുന്ന സംഖ്യയില്‍ രാജ്യത്ത് ആവേശം നിറഞ്ഞു.

ഇന്നലെ ഓരോ മണിക്കൂറിലും 15 ലക്ഷത്തിലധികം വാക്‌സിനേഷനുകളും ഓരോ മിനിറ്റിലും 26,000 ലധികം വാക്‌സിനേഷനുകളും ഓരോ സെക്കന്‍ഡിലും 425ല്‍ അധികം ആളുകള്‍ക്ക് വാക്‌സിനുകളും ലഭിച്ചു. രാജ്യത്തിന്റെ എല്ലാ ഭാഗങ്ങളിലും വ്യാപിച്ചിരിക്കുന്ന ഒരു ലക്ഷത്തിലധികം വാക്‌സിനേഷന്‍ കേന്ദ്രങ്ങളിലെ ആളുകള്‍ക്ക് വാക്‌സിന്‍ നല്‍കിയിട്ടുണ്ട്. ഇന്ത്യയുടെ സ്വന്തം വാക്‌സിനുകളും പ്രതിരോധ കുത്തിവയ്പ്പിനുള്ള ഇത്രയും വലിയ ശൃംഖലയും വിദഗ്ദ്ധമായ മനുഷ്യശക്തിയും ഇന്ത്യയുടെ കഴിവ് പ്രദര്‍ശിപ്പിക്കുന്നു.

സുഹൃത്തുക്കളെ,
ഇന്നലത്തെ നേട്ടം വെറും സ്ഥിതിവിവരക്കണക്കുകള്‍ മാത്രമല്ല, ഇന്ത്യയ്ക്ക് ഉള്ള കഴിവുകള്‍ ലോകം തിരിച്ചറിയാന്‍ പോകുന്നു. അതിനാല്‍, അതിന്റെ മഹത്വവല്‍ക്കരണം ഓരോ ഇന്ത്യക്കാരന്റെയും കടമയാണ്.

സുഹൃത്തുക്കളെ,
ഇന്ന് ഉള്ളില്‍ തോന്നുന്നതു പറയാന്‍ ഞാന്‍ ആഗ്രഹിക്കുന്നു. നിരവധി ജന്മദിനങ്ങള്‍ വന്നുപോയി, പക്ഷേ ഞാന്‍ എപ്പോഴും ആഘോഷങ്ങളില്‍ നിന്ന് വിട്ടുനിന്നു. എന്നാല്‍ ഈ പ്രായത്തില്‍, ഇന്നലെ എന്നെ സംബന്ധിച്ചിടത്തോളം വളരെ വൈകാരികമായിരുന്നു. ജന്മദിനം ആഘോഷിക്കാന്‍ നിരവധി മാര്‍ഗങ്ങളുണ്ട്. ആളുകള്‍ വ്യത്യസ്ത രീതികളില്‍ ആഘോഷിക്കുന്നു. ആഘോഷങ്ങളില്‍ തെറ്റുകാണുന്നവരുടെ കൂട്ടത്തില്‍ ഞാന്‍ ഇല്ല. എന്നാല്‍ നിങ്ങളുടെ പരിശ്രമങ്ങള്‍ കാരണം ഇന്നലെ എനിക്ക് വളരെ പ്രത്യേക ദിവസമായി മാറി.

കഴിഞ്ഞ ഒന്നര, രണ്ട് വര്‍ഷമായി രാവും പകലും ജീവന്‍ വകവെക്കാതെ ജോലി ചെയ്യുന്നതും കൊറോണയ്ക്കെതിരായ പോരാട്ടത്തില്‍ രാജ്യത്തെ ജനങ്ങളെ സഹായിക്കുന്നതുമായ വൈദ്യശാസ്ത്ര മേഖലയിലെ പ്രവര്‍ത്തകര്‍ ഇന്നലെ നടത്തിയ റെക്കോര്‍ഡ് വാക്‌സിനേഷന്‍ ഒരു വലിയ കാര്യമാണ്. എല്ലാവരും ഇതിന് ധാരാളം സംഭാവന നല്‍കിയിട്ടുണ്ട്. ആളുകള്‍ അതിനെ സേവനവുമായി ബന്ധപ്പെടുത്തിക്കണ്ടു. അവരുടെ അനുകമ്പയും കടമ നിറവേറ്റലും നിമിത്തമാണ് 2.5 കോടി വാക്‌സിന്‍ ഡോസുകള്‍ നല്‍കാനായത്.

വാക്‌സിനിലെ ഓരോ ഡോസും ഒരു ജീവന്‍ രക്ഷിക്കാന്‍ സഹായിക്കുമെന്ന് ഞാന്‍ വിശ്വസിക്കുന്നു. ചുരുങ്ങിയ സമയത്തിനുള്ളില്‍ 2.5 കോടിയിലധികം ആളുകള്‍ക്ക് ഒരു സുരക്ഷാ പരിരക്ഷ നല്‍കുന്നത് വളരെ സംതൃപ്തി നല്‍കുന്നു. ജന്മദിനങ്ങള്‍ വന്നുപോകും, പക്ഷേ ഇന്നലെ എന്റെ ഹൃദയത്തെ സ്പര്‍ശിച്ച ഒരു കാര്യം അവിസ്മരണീയമായി. എത്ര നന്ദി പറഞ്ഞാലും മതിയാകില്ല. ഞാന്‍ എല്ലാ രാജ്യവാസികളെയും ഹൃദയപൂര്‍വം അഭിവാദ്യം ചെയ്യുകയും എല്ലാവര്‍ക്കും എന്റെ നന്ദി അറിയിക്കുകയും ചെയ്യുന്നു.

സഹോദരീ സഹോദരന്മാരെ,
ഇന്ത്യയുടെ പ്രതിരോധ കുത്തിവയ്പ്പ് യജ്ഞം ആരോഗ്യത്തിന് ഒരു സംരക്ഷണ കവചം മാത്രമല്ല, ഉപജീവനത്തിനുള്ള ഒരു കവചം കൂടിയാണ്. ആദ്യ ഡോസിന്റെ കാര്യത്തില്‍ ഹിമാചല്‍ 100 ശതമാനം വാക്‌സിനേഷന്‍ പൂര്‍ത്തിയാക്കി, അതുപോലെ തന്നെ ഗോവ, ചണ്ഡീഗഢ്, ലക്ഷദ്വീപ് എന്നിവിടങ്ങളിലും അര്‍ഹരായ എല്ലാവര്‍ക്കും ആദ്യ ഡോസ് ലഭിച്ചു. ആദ്യ ഡോസിനെ സംബന്ധിച്ചിടത്തോളം സിക്കിമും വളരെ വേഗം 100% ആകും. ആന്‍ഡമാന്‍ നിക്കോബാര്‍, കേരളം, ലഡാക്ക്, ഉത്തരാഖണ്ഡ്, ദാദ്ര, നഗര്‍ ഹവേലി എന്നിവയും ഈ നേട്ടത്തില്‍ നിന്ന് അകലെയല്ല.

സുഹൃത്തുക്കളെ,
ഇത് ഉയര്‍ത്തിക്കാട്ടിയില്ലെങ്കിലും, വിനോദസഞ്ചാര മേഖലയുമായി ബന്ധപ്പെട്ട സംസ്ഥാനങ്ങള്‍ക്ക് ഇന്ത്യ അതിന്റെ വാക്‌സിനേഷന്‍ യജ്ഞത്തില്‍ വളരെയധികം മുന്‍ഗണന നല്‍കിയിട്ടുണ്ട്. ഇത് രാഷ്ട്രീയമാകുമെന്നതിനാല്‍ തുടക്കത്തില്‍ ഇതു പറഞ്ഞില്ല എന്നേ ഉള്ളൂ. എന്നാല്‍ നമ്മുടെ വിനോദസഞ്ചാര കേന്ദ്രങ്ങള്‍ എത്രയും വേഗം തുറക്കേണ്ടത് വളരെ പ്രധാനമായിരുന്നു. ഇപ്പോള്‍ ഉത്തരാഖണ്ഡിലും ചാര്‍-ധാം യാത്ര സാധ്യമാകും. ഈ ശ്രമങ്ങള്‍ക്കിടയില്‍, ഗോവയില്‍ 100% വാക്‌സിനേഷന്‍ വളരെ പ്രത്യേകതയുള്ളതായി മാറുന്നു.

വിനോദസഞ്ചാര മേഖലയെ പുനരുജ്ജീവിപ്പിക്കുന്നതില്‍ ഗോവയ്ക്ക് പ്രധാന പങ്കുണ്ട്. ഹോട്ടല്‍ വ്യവസായത്തിലെ ആളുകള്‍, ടാക്‌സി ഡ്രൈവര്‍മാര്‍, കച്ചവടക്കാര്‍, കടയുടമകള്‍ തുടങ്ങി എല്ലാവരും പ്രതിരോധ കുത്തിവയ്പ് എടുത്തിട്ടുണ്ടെങ്കില്‍, വിനോദസഞ്ചാരികള്‍ സുരക്ഷിതത്വബോധത്തോടെ ഇവിടെയെത്തും. വാക്സിനിലെ സംരക്ഷണ കവചം ലഭിച്ച ലോകത്തിലെ ചുരുക്കം ചില അന്താരാഷ്ട്ര വിനോദസഞ്ചാര കേന്ദ്രങ്ങളില്‍ ഇപ്പോള്‍ ഗോവ ഉള്‍പ്പെട്ടിരിക്കുന്നു.

സുഹൃത്തുക്കളെ,
മുമ്പത്തെപ്പോലെ വിനോദസഞ്ചാര പ്രവര്‍ത്തനങ്ങള്‍ ഉണ്ടാവണമെന്നും അടുത്ത വിനോദസഞ്ചാര സീസണില്‍ രാജ്യത്തിന്റെ വിവിധ ഭാഗങ്ങളില്‍ നിന്നും ലോകമെമ്പാടും നിന്നും സഞ്ചാരികള്‍ ഇവിടെ വന്ന് ആസ്വദിക്കണമെന്നും നാം ആഗ്രഹിക്കുന്നു. കൊറോണയുമായി ബന്ധപ്പെട്ട മുന്‍കരുതലുകളില്‍ നമ്മള്‍ വാക്‌സിനേഷന്‍ നല്‍കുന്നത്ര ശ്രദ്ധിക്കുമ്പോള്‍ മാത്രമേ ഇത് സാധ്യമാകൂ. അണുബാധ കുറഞ്ഞു, പക്ഷേ ഇപ്പോഴും നമ്മള്‍ ഈ വൈറസിനെ നിസ്സാരമായി കാണേണ്ടതില്ല. സുരക്ഷയിലും ശുചിത്വത്തിലും കൂടുതല്‍ ശ്രദ്ധ കേന്ദ്രീകരിക്കുമ്പോള്‍ കൂടുതല്‍ സഞ്ചാരികള്‍ ഇവിടെയെത്തും.

സുഹൃത്തുക്കളെ,
സമീപകാലത്ത്, വിദേശ സഞ്ചാരികളെ പ്രോത്സാഹിപ്പിക്കുന്നതിന് കേന്ദ്ര ഗവണ്‍മെന്റും നിരവധി നടപടികള്‍ സ്വീകരിച്ചിട്ടുണ്ട്. ഇന്ത്യ സന്ദര്‍ശിക്കുന്ന 5 ലക്ഷം വിനോദസഞ്ചാരികള്‍ക്ക് സൗജന്യ വിസ നല്‍കാന്‍ തീരുമാനിച്ചു. യാത്ര, ടൂറിസം എന്നിവയുമായി ബന്ധപ്പെട്ട പ്രവര്‍ത്തനങ്ങള്‍ നടത്തുന്നവര്‍ക്ക് 100% ഗവണ്‍മെന്റ് ഗ്യാരണ്ടിയോടെ 10 ലക്ഷം രൂപ വരെ വായ്പ നല്‍കുന്നു. രജിസ്റ്റര്‍ ചെയ്ത ടൂറിസ്റ്റ് ഗൈഡുകള്‍ക്ക് ഒരു ലക്ഷം രൂപ വരെ വായ്പയും നല്‍കിയിട്ടുണ്ട്. രാജ്യത്തിന്റെ വിനോദസഞ്ചാര മേഖലയുടെ ദ്രുതഗതിയിലുള്ള മുന്നേറ്റത്തിന് സഹായിക്കുന്ന ഓരോ ചുവടും മുന്നോട്ട് വയ്ക്കാനും കേന്ദ്ര ഗവണ്‍മെന്റ് പ്രതിജ്ഞാബദ്ധമാണ്.

സുഹൃത്തുക്കളെ,
ഗോവയുടെ വിനോദസഞ്ചാര മേഖലയെ ആകര്‍ഷകമാക്കുന്നതിനും കര്‍ഷകര്‍ക്കും മത്സ്യത്തൊഴിലാളികള്‍ക്കും മറ്റുള്ളവര്‍ക്കും പ്രയോജനപ്പെടുന്നതിനുമായി അടിസ്ഥാന സൗകര്യത്തിന് ഇരട്ട എന്‍ജിനോടുകൂടിയ ഗവണ്‍മെന്റിന്റെ ഇരട്ടി കരുത്തു ലഭിക്കുന്നു. ഗോവയില്‍ അഭൂതപൂര്‍വമായ പ്രവര്‍ത്തനങ്ങള്‍ നടക്കുന്നു, പ്രത്യേകിച്ച് കണക്റ്റിവിറ്റിയുമായി ബന്ധപ്പെട്ട അടിസ്ഥാന സൗകര്യങ്ങളില്‍. മോപ്പയില്‍ നിര്‍മിക്കുന്ന ഗ്രീന്‍ഫീല്‍ഡ് വിമാനത്താവളം അടുത്ത ഏതാനും മാസങ്ങള്‍ക്കുള്ളില്‍ തയ്യാറാകും. ഈ വിമാനത്താവളത്തെ ദേശീയപാതയുമായി ബന്ധിപ്പിക്കുന്നതിന് ഏകദേശം 12,000 കോടി രൂപ ചെലവില്‍ ആറുവരിയുള്ള ആധുനിക ഹൈവേ നിര്‍മ്മിക്കുന്നു. ആയിരക്കണക്കിന് കോടി രൂപ കഴിഞ്ഞ ഏതാനും വര്‍ഷങ്ങളായി ഗോവയില്‍ ദേശീയപാതകളുടെ നിര്‍മ്മാണത്തില്‍ മാത്രം നിക്ഷേപിച്ചിട്ടുണ്ട്.

ഉത്തര ഗോവയെ ദക്ഷിണ ഗോവയുമായി ബന്ധിപ്പിക്കുന്ന 'സുവാരി ബ്രിഡ്ജ്' ഏതാനും മാസങ്ങള്‍ക്കുള്ളില്‍ ഉദ്ഘാടനം ചെയ്യപ്പെടുമെന്നതും ഏറെ സന്തോഷകരമാണ്. നിങ്ങള്‍ക്കറിയാവുന്നതുപോലെ, ഈ പാലം പനജിയെ മാര്‍ഗാവോയുമായി ബന്ധിപ്പിക്കുന്നു. ഗോവ വിമോചന യുദ്ധത്തിന്റെ അതുല്യമായ കഥയ്ക്ക് സാക്ഷിയായ അഗുവാഡ കോട്ട ഉടന്‍ പൊതുജനങ്ങള്‍ക്കായി തുറക്കുമെന്ന് എനിക്ക് അറിയാന്‍ കഴിഞ്ഞു.

സഹോദരീ സഹോദരന്മാരെ,
മനോഹര്‍ പരീക്കര്‍ ജി അവശേഷിപ്പിച്ച ഗോവയുടെ വികസനത്തിന്റെ പാരമ്പര്യം എന്റെ സുഹൃത്ത് ഡോ. പ്രമോദ് ജിയും സംഘവും പൂര്‍ണ്ണ സമര്‍പ്പണത്തോടെ മുന്നോട്ട് കൊണ്ടുപോകുന്നു. സ്വാതന്ത്ര്യത്തിന്റെ കാലഘട്ടത്തില്‍ രാജ്യം സ്വാശ്രയത്വത്തിന്റെ പുതിയ തീരുമാനവുമായി മുന്നോട്ട് പോകുമ്പോള്‍, ഗോവ സ്വയംപൂര്‍ണ ഗോവയുടെ പ്രതിജ്ഞയും ഏറ്റെടുത്തു. ആത്മനിര്‍ഭര്‍ ഭാരത് സ്വയംപൂര്‍ണ ഗോവയുടെ ഈ പ്രമേയത്തിന്റെ അടിസ്ഥാനത്തില്‍ ഗോവയില്‍ 50 ലധികം ഘടകങ്ങളുടെ നിര്‍മ്മാണം ആരംഭിച്ചിട്ടുണ്ടെന്ന് എന്നോട് പറഞ്ഞിട്ടുണ്ട്. യുവാക്കള്‍ക്ക് പുതിയ തൊഴിലവസരങ്ങള്‍ സൃഷ്ടിക്കുന്നതിലും ദേശീയ ലക്ഷ്യങ്ങള്‍ കൈവരിക്കുന്നതിലും ഗോവ പുലര്‍ത്തുന്ന ഗൗരവം വെളിപ്പെടുത്തുന്നതാണ് ഇത്.

സുഹൃത്തുക്കള്‍,
ഇന്ന് ഗോവ കോവിഡ് വാക്‌സിനേഷനില്‍ മാത്രമല്ല, വികസനത്തിന്റെ പല മാനദണ്ഡങ്ങളിലും രാജ്യത്തെ മുന്‍നിര സംസ്ഥാനങ്ങളില്‍ ഒന്നാണ്. ഗോവയിലെ ഗ്രാമപ്രദേശങ്ങളും നഗരപ്രദേശങ്ങളും പൂര്‍ണ്ണമായും തുറന്ന സ്ഥലങ്ങളില്‍ മലമൂത്ര വിസര്‍ജ്ജനം ഇല്ലാത്തതായി മാറുകയാണ്. വൈദ്യുതി, വെള്ളം തുടങ്ങിയ അടിസ്ഥാന സൗകര്യങ്ങള്‍ സംബന്ധിച്ച് തൃപ്തികരമായ ജോലികളും ഗോവയില്‍ നടക്കുന്നുണ്ട്. രാജ്യത്ത് 100% വൈദ്യുതീകരണം നടത്തിയ ഏക സംസ്ഥാനമാണ് ഗോവ. എല്ലാ വീടുകളിലേക്കും ടാപ്പ് വെള്ളം എത്തിക്കുന്നതില്‍ ഗോവ അത്ഭുതം സൃഷ്ടിച്ചു. ഗ്രാമീണ ഗോവയിലെ ഓരോ വീട്ടിലും ടാപ്പ് വെള്ളം നല്‍കുന്നതിനുള്ള ശ്രമം പ്രശംസനീയമാണ്. ജല്‍ ജീവന്‍ മിഷന്റെ കീഴില്‍, കഴിഞ്ഞ രണ്ട് വര്‍ഷത്തിനിടയില്‍ രാജ്യം ഏകദേശം 5 കോടി കുടുംബങ്ങള്‍ക്ക് പൈപ്പ് ജല സൗകര്യമെത്തിച്ചിട്ടുണ്ട്. ഗോവ ഈ പ്രചാരണം മുന്നോട്ട് കൊണ്ടുപോയ രീതി, 'നല്ല ഭരണം', 'ജീവിതം സുഗമമാക്കല്‍' എന്നീ കാര്യങ്ങളില്‍ ഗോവ ഗവണ്‍മെന്റിനുള്ള മുന്‍ഗണന വ്യക്തമാക്കുന്നു.

സഹോദരീ സഹോദരന്മാരെ,
കൊറോണ കാലത്തും നല്ല ഭരണത്തോടുള്ള ഈ പ്രതിബദ്ധത ഗോവ ഗവണ്‍മെന്റ് പ്രകടമാക്കിയിട്ടുണ്ട്. എണ്ണിയാലൊടുങ്ങാത്ത വെല്ലുവിളികള്‍ നേരിടേണ്ടിവന്നിട്ടും, കേന്ദ്ര ഗവണ്‍മെന്റ് അയച്ച എല്ലാ സഹായവും ഗോവ ടീം ഒരു ഗുണഭോക്താവിനും ഒരു വിവേചനവുമില്ലാതെ എത്തിച്ചിട്ടുണ്ട്. പാവപ്പെട്ടവരെയും കര്‍ഷകരെയും മത്സ്യത്തൊഴിലാളികളെയും സഹായിക്കുന്നതില്‍ ഒരു വീഴ്ചയും വരുത്തിയില്ല. ഗോവയിലെ പാവപ്പെട്ട കുടുംബങ്ങള്‍ക്ക് മാസങ്ങളോളം സൗജന്യ റേഷന്‍ എത്തിക്കുന്നു. ഗോവയിലെ പല സഹോദരിമാരും ബുദ്ധിമുട്ടുള്ള സമയങ്ങളില്‍ സൗജന്യ ഗ്യാസ് സിലിണ്ടറുകള്‍ സഹായമായി കണ്ടു.
പിഎം കിസാന്‍ സമ്മാന്‍ നിധിയില്‍ നിന്ന് ഗോവയിലെ കര്‍ഷകര്‍ക്ക് അവരുടെ ബാങ്ക് അക്കൗണ്ടുകളില്‍ നേരിട്ട് കോടിക്കണക്കിന് രൂപ ലഭിച്ചിട്ടുണ്ട്. കൊറോണ കാലഘട്ടത്തില്‍ പോലും, ഇവിടെയുള്ള ചെറുകിട കര്‍ഷകര്‍ക്ക് കിസാന്‍ ക്രെഡിറ്റ് കാര്‍ഡുകള്‍ ദൗത്യ മാതൃകയില്‍ ലഭിച്ചിട്ടുണ്ട്. മാത്രമല്ല, ഗോവയിലെ ധാരാളം കര്‍ഷകര്‍ക്കും മത്സ്യത്തൊഴിലാളികള്‍ക്കും ആദ്യമായി കിസാന്‍ ക്രെഡിറ്റ് കാര്‍ഡിന്റെ സൗകര്യം ലഭിച്ചു. പ്രധാനമന്ത്രി സ്വനിധി യോജന പ്രകാരം തെരുവ് കച്ചവടക്കാര്‍ക്ക് ഗോവയില്‍ വായ്പ നല്‍കുന്നു. ഈ ശ്രമങ്ങളെല്ലാം പ്രളയ സമയത്തും ഗോവയിലെ ജനങ്ങളെ വളരെയധികം സഹായിച്ചിട്ടുണ്ട്.

സഹോദരീ സഹോദരന്മാരെ,
പരിധിയില്ലാത്ത സാധ്യതകളുടെ നാടാണ് ഗോവ. ഗോവ ഒരു സംസ്ഥാനം മാത്രമല്ല, ബ്രാന്‍ഡ് ഇന്ത്യയുടെ ശക്തമായ വ്യക്തിത്വം കൂടിയാണ്. ഗോവയുടെ ഈ പങ്ക് വിപുലീകരിക്കേണ്ടത് നമ്മുടെ എല്ലാവരുടെയും ഉത്തരവാദിത്തമാണ്. ഇന്ന് ഗോവയില്‍ നടക്കുന്ന നല്ല ജോലികളുടെ തുടര്‍ച്ച വളരെ ആവശ്യമാണ്. വളരെക്കാലത്തിനുശേഷം ഗോവയ്ക്ക് രാഷ്ട്രീയ സ്ഥിരതയുടെയും നല്ല ഭരണത്തിന്റെയും പ്രയോജനങ്ങള്‍ ലഭിക്കുന്നു.

ഗോവയിലെ ജനങ്ങള്‍ അതേ മനോനിലയില്‍ തുടരട്ടെ എന്ന ആശംസയോടെ, നിങ്ങള്‍ക്കെല്ലാവര്‍ക്കും വീണ്ടും നിരവധി അഭിനന്ദനങ്ങള്‍! പ്രമോദ് ജിക്കും അദ്ദേഹത്തിന്റെ മുഴുവന്‍ ടീമിനും അഭിനന്ദനങ്ങള്‍.

നന്ദി!