Text of PM's address at Parivartan Rally in Muzaffarpur, Bihar

Published By : Admin | July 25, 2015 | 19:23 IST
Bihar must be free from unemployment and Goonda Raaj: PM
Bihar cannot go back to the era of loot and Jungle Raaj, says PM Modi
PM Modi urges people of Bihar to vote wisely and elect a stable BJP Government

भारत माता की जय

कुछ लोग दूसरी मंजिल पर हैं, कुछ लोग तीसरी मंजिल पर हैं, कोई गिर जाएगा तो मैं क्या जवाब दूंगा भैया। एक बार नई सरकार बनने दो आप और नई उंचाईयों पर पहुँचने वाले हो। विश्वास रखिये लेकिन अभी कम-से-कम नीचे उतर जाईये। मुझे चिंता रहेगी कुछ हो गया तो मैं बहुत दुखी हो जाऊंगा।

मंच पर विराजमान केंद्र सरकार में मेरे साथी, श्रीमान अनंत कुमार जी, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष, श्रीमान मंगल पांडेय जी, राज्य के पूर्व उप-मुख्यमंत्री, श्रीमान सुशील कुमार मोदी जी, विधानसभा के नेता, श्री नंद किशोर यादव जी, भाजपा के प्रभारी श्री भूपेन्द्र यादव जी, केंद्र में मंत्रिपरिषद के मेरे साथी, श्रीमान राधामोहन सिंह जी, श्री रविशंकर प्रसाद जी, श्री धर्मेन्द्र प्रधान जी, श्रीमान राजीव प्रताप रूडी जी, श्रीमान गिरिराज जी, श्रीमान राम विलास पासवान जी, और हमारे बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जिनका चेहरा सदाय हँसता रहता है, ऐसे हमारे जीतन राम मांझी जी, मेरे साथी, श्रीमान उपेन्द्र कुशवाहा जी, हम सबके मार्गदर्शक, हमारे सबसे पुराने वरिष्ठ नेता, डॉ. सी पी ठाकुर जी, हमारे पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, श्रीमान गोपाल नारायण जी, श्रीमान शकुनी चौधरी जी, सांसद श्री अरुण कुमार जी, पूर्व सांसद श्रीमान एम के सिंह, राज्य के पूर्व मंत्री डॉ. प्रेम कुमार जी। बिहार के कोना कोना से आईल हमार भाई और बहन लोग, तोहरा सबके शत शत प्रणाम।

जब मेरे से यहाँ इस कार्यक्रम के लिए समय माँगा गया, मैं कल्पना नहीं कर सकता था कि ऐसा हुजूम मुझे देखने को मिलेगा। जहाँ भी मेरी नज़र पहुँच रही है, माथे ही माथे नज़र आ रहे हैं और सबसे बड़ी बात मुझे जो आपका ज़ज्बा नज़र आ रहा है। सारे पॉलिटिकल पंडित ये एक कार्यक्रम देख लें नतीजा साफ दिखता है अगली सरकार किसकी बनने वाली है। भाईयों-बहनों, जब हम पहले सोशल मीडिया में कभी ट्वीट करते थे तो यहाँ के एक नेता बड़ा मज़ाक उड़ाते थे और वो कहते थे, चहकते हैं, चहकते हैं, और ये चहकना, बड़ा मखौल उड़ाते थे। आज उन्होंने भी चहकने का रास्ता पसंद कर लिया और आज जब मैं उतरा तो उन्होंने ट्वीट किया था कि 14 महीने के बाद आप बिहार आ रहे हैं, आपका स्वागत है। मुख्यमंत्री जी, स्वागत के लिए मैं आपका बहुत आभारी हूँ। वक्त कैसे बदलता है और बदले हुए वक़्त का अंजाम कैसा होता है। वो भी एक वक़्त था, वो कहा करते थे कि हमारे पास एक मोदी है, दूसरे मोदी की क्या जरुरत है। बिहार में आपको आने की क्या आवश्यकता है। आप बिहार मत आईये और आज देखिये, अपनों का विरह कितना परेशान करता है अपनों की दूरी कैसी बेचैन बनाती है। पिछले दस साल के जो प्रधानमंत्री थे, वो दस साल में एक बार हवाई निरीक्षण करने आये थे और मेरा 14 महीने का विरह भी यहाँ के मुख्यमंत्री को परेशान कर रहा है, दुखी कर रहा है। एक-एक दिन कितना भारी गया होगा उनका। अपनों से जब इतना प्यार होता है, इतना लगाव होता है तो उनकी दूरी मुश्किल ही करती है। लेकिन आप चिंता मत कीजिये, मैं अब आ गया हूँ आपको अब ज्यादा विरह झेलना नहीं पड़ेगा।

भाईयों-बहनों, मैं आपसे पूछना चाहता हूँ, आप जवाब दोगे, आपको लगता है बिहार में बदलाव होना चाहिए? हालात बदलने चाहिए? स्थिति बदलनी चाहिए? अंधेरे से उजाला होना चाहिए? बेरोजगारी से रोजगारी आनी चाहिए? गुंडागर्दी से मुक्ति चाहिए? सुख-शांति की जिंदगी चाहिए? भाईयों-बहनों, अगर ये चाहिए तो मुझे सेवा करने का अवसर दीजिए। मुझे आपकी सेवा करने का मौका दीजिए और मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ कि देश की आजादी से बिहार के लोगों ने जो सपने सजोये हैं, मैं 60 महीने के भीतर आपको पूरे करके दूंगा। मैं आपको वादा करता हूँ हम जिम्मेवारी से भागने वाले लोग नहीं हैं, हम जिम्मेवारियों को लेने वाले लोग हैं। मैं कभी-कभार समझ सकता हूँ कि एकाध व्यक्ति के प्रति हमारी राजी-नाराजी हो, मैं यह भी समझ सकता हूँ कि किसी का चेहरा हमें पसंद न आता हो, मैं ये भी समझता हूँ कि हमारे राजनीतिक भविष्य में शायद कहीं टकराव नज़र आता हो, लेकिन भाई इतना मैं बुरा था तो एक कमरे में आकर के एक चांटा मर देते, गला घोंट देते। आपने एक व्यक्ति के प्रति गुस्से में आकर के पूरे बिहार की विकास यात्रा का गला घोंट दिया। क्या ये लोकतंत्र होता है? क्या लोकतंत्र के ये तौर-तरीके होते हैं? मैं समझता हूँ कि राजनीति में मतभेद हो सकते हैं, राजी-नाराजी हो सकती है। अरे गुस्सा निकालने के लिए आकर के मेरा गला भी घोंट देते लेकिन मुझे दुःख इस बात का नहीं है कि आपने हमारे साथ क्या किया। मुझे दुःख इस बात का है कि आपने बिहार की जनता के साथ क्या किया।

यहाँ के लोग जंगलराज से मुक्ति के लिए आपके पीछे खड़े हो गए, और आज फिर से आप बिहार को उसी जंगलराज की ओर घसीट रहे हो। आप मुझे बताईये मेरे भाईयों-बहनों, क्या बिहार में वो जंगलराज के दिन दोबारा चाहिए? वो मौत का खेल दोबारा चाहिए? ये गुंडागर्दी दोबारा चाहिए? ये लूट-खसोट चाहिए दोबारा? मेरे बिहार के भाईयों-बहनों को इस हालात में छोड़ा नहीं जा सकता और इसलिए भाईयों-बहनों, ये चुनाव किसकी सरकार बने, किसकी न बने, इसके लिए नहीं है। ये चुनाव बिहार के नौजवानों का भविष्य तैयार करने के लिए है, ये चुनाव बिहार के किसानों का भाग्य बदलने के लिए है, ये चुनाव बिहार की माताओं-बहनों की सुरक्षा के लिए है और इसलिए भाईयों-बहनों, विकास के रास्ते पर गए बिना बिहार का भला नहीं होगा। और इसलिए मैं आज आग्रह करने आया हूँ कि आप आईये, अपने हर किसी को आजमा लिया है, हर प्रकार के मॉडल आप देख चुके हो, एक बार हमें भी आजमा कर के देखो। एक बार हमारे एनडीए के मेरे साथियों को बिहार की जनता का सेवा करने का अवसर दीजिए। मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ आज देखिये, हमारी दिल्ली सरकार का जरा लेखा-जोखा लीजिये। मैं नहीं जानता हूँ कि यहाँ के पॉलिटिकल पंडितों ने कभी हिसाब लगाया है या नहीं। दिल्ली में मोदी की सरकार में सबसे ज्यादा मंत्री, सबसे महत्वपूर्ण मंत्री, सबसे महत्वपूर्ण डिपार्टमेंट अगर किसी के पास है तो मेरे इन बिहार के नेताओं के पास है। एक प्रकार से बिहार के नेता आज पूरे हिंदुस्तान को चला रहे हैं। ये ताकत बिहार को कहाँ से कहाँ ले जा सकती है, इसका आप अंदाज कर सकते हैं।

भाईयों-बहनों, आपने मुझे पांच साल के लिए चुनकर के भेजा है और बिहार ने तो भारी समर्थन किया है। मैं बिहार की जनता को शत-शत वंदन करता हूँ, आपने मुझे जो समर्थन दिया है। मुझे बताईये, जो लोग यह कहते रहे हैं कि हम मोदी को बिहार में घुसने नहीं देंगे, हम मोदी को बिहार आने नहीं देंगे, हमें मोदी की बिहार में जरुरत नहीं है, अगर ऐसे लोग सरकार बनाएंगे और केंद्र से कोई नाता ही नहीं रखेंगे तो बिहार का भला होगा क्या? क्या इस देश में एक सरकार दूसरी सरकार से लड़ती रहे? इससे किसी राज्य का भला होगा क्या? ये लड़ाई वाली सरकारें चाहिए या कंधे-से-कंधा मिलाकर चलने वाली सरकार चाहिए? भाईयों-बहनों, मैं दिल्ली में बैठकर के, जो भी पूरे देशभर में संसाधन है, एक बार सेवा का अवसर दीजिए आपके काम आते हैं कि नहीं आते, आप देख लीजिये।

मैं तो यहाँ हैरान हूँ मेरा जन्म गुजरात की धरती पर हुआ था। द्वारकाधीश गुजरात में है, भगवान श्रीकृष्ण गुजरात के लोगों के आराध्य हैं। यदुवंश की उत्तम परंपरा को निभाने का काम गुजरात की धरती पर सदियों से होता आया है लेकिन हम जिस कृष्ण के पुजारी हैं, मैं जरा पूछना चाहता हूँ, मुझे श्रीकृष्ण की एक बात बराबर याद रहती है जब वो बालक थे और कालीनाग के कारण लोग परेशान थे तो बालक कृष्ण ने ताकत दिखाकर के कालीनाग का शिरच्छेद कर दिया था। कालीनाग को ख़त्म किया था कि नहीं किया था और आज यदुवंश की बातें करने वाले लोग रो रहे हैं कि उन्हें जहर पीना पड़ रहा है। अरे कृष्ण का वंशज जहर पीता नहीं, बल्कि कालीनाग के वंश को ही ख़त्म कर देता है। यही तो उसकी ताकत होती है और आपने तो जहर पीया क्योंकि आपका स्वार्थ है। अपने बेटे-बेटियों के लिए आपको कुछ इंतजाम करना है लेकिन आपने सभी यदुवंशियों को जहर पीने के लिए मजबूर क्यों किया? उनको जहर पीने के लिए मजबूर क्यों किया? क्या गुनाह है उनका? और इसलिए मैं तो हैरान हूँ, अख़बारों में पढ़ते हैं, यहाँ पर क्या चर्चा चल रही है, यहाँ के किसानों का भला होगा कि नहीं होगा, चर्चा नहीं हो रही है; नौजवानों को रोजगार मिलेगा कि नहीं मिलेगा, चर्चा नहीं हो रही है; गुंडागर्दी खत्म होगी कि नहीं होगी चर्चा नहीं हो रही है; उद्योग-कारखाने लगेंगे कि नहीं लगेंगे, चर्चा नहीं हो रही है; गाँव में बिजली आएगी कि नहीं आएगी, चर्चा नहीं हो रही है; किसानों को पानी मिलेगा कि नहीं मिलेगा, चर्चा नहीं हो रही है। चर्चा क्या हो रही है, कौन सांप है, कौन सांप नहीं है, कौन जहर पीता है, कौन जहर पिलाता है। अरे भाई ये तुम दोनों तय कर लो कि सांप कौन है, जहर कौन है, कौन जहर पिलाता है, कौन जहर पीता है। आप दोनों का अंदरूनी मामला है एक कमरे में बैठकर के तय कर लो। बिहार की जनता को जहर पीने के लिए मजबूर मत करो। ये आपको अंदरूनी मामला है बिहार की जनता को तो पीने का पानी चाहिए। बिहार के नौजवान को रोजगार चाहिए। बिहार में उद्योगों का विकास चाहिए। बिहार में सड़कें चाहिए।

भाईयों-बहनों, बिहार में चुनाव तो अब आया है। ये पिछले चुनाव में जब वोट लेने निकले थे, अभी राम विलास जी बता रहे थे, उन्होंने अपने भाषण में भी कहा। उन्होंने आपको कहा था कि 2015 में अगर मैं आपको बिजली न पहुंचाऊं तो मैं वोट मांगने के लिए नहीं आऊंगा ऐसा कहा था? याद करो कहा था? बिजली नहीं दूंगा तो वोट नहीं मांगूंगा, ऐसा कहा था? उन्होंने कहा था ना? बिजली आई? बिजली आई? नहीं आई न, वो वोट मांगने आये कि नहीं आये? आपका भरोसा तोड़ा कि नहीं तोड़ा? आपकी पीठ में छूरा भोंका कि नहीं भोंका? अरे हमारी छोडो, आपकी पीठ में छूरा भोंकना जिन लोगों के कारनामे रहे हैं, ऐसे लोगों पर दोबारा भरोसा नहीं किया जा सकता। और इसलिए भाईयों-बहनों, मैं आज आपसे आग्रह करने आया हूँ, बिहार का भाग्य बदलने के लिए। बिहार के पास न सिर्फ़ बिहार का भाग्य बदलने का बल्कि पूरे हिंदुस्तान का भाग्य बदलने की ताकत है। इतने प्राकृतिक संसाधन हैं, इतने उत्तम प्रकार का मानव बल है, इतनी महान शक्ति का स्त्रोत है। जो सदियों पहले पूरा देश जिस धरती के लिए गर्व करता था, उस धरती के संतानों में आज भी वो ताकत है हिंदुस्तान को गर्व दिलाने की और इसे मुझे पुनः वापस लाना है और इसलिए मैं आपके पास आया हूँ।

भाईयों-बहनों, ये सब परेशानियां ज्यादा-से-ज्यादा 100 दिन हैं। 100 दिन के बाद बिहार की जनता इनकी छुट्टी कर देगी। बिहार की जनता अब इस प्रकार के लोगों को कभी स्वीकार नहीं करेगी। मैं तो हैरान हूँ। एक बार मैं पटना आया था। हमारी पार्टी की कार्यसमिति की मीटिंग थी और यहाँ के मुख्यमंत्री ने हमको खाने पर बुलाया था। अब हमारी थाली उन्होंने छीन ली। भोजन पर बुला कर के कभी कोई थाली छीन लेता है क्या? ये लालू जी कह रहे हैं, मैं आज जहर पी रहा हूँ, मैंने तो उस दिन भी जहर पीया था और तब मेरे मन को जरा चोट पहुंची थी। क्या राजनीति में इतनी छुआछूत? सार्वजनिक जीवन के ये संस्कार कि टेबल पर परोसी हुई थाली खींच लेना, मेरे मन को बड़ी चोट पहुंची थी, मैंने कभी बोला नहीं न ही मैंने कभी मन में इसका मलाल रखा, चलो ठीक है भाई लेकिन जब जीतन राम मांझी पर जुल्म हुआ तो मैं बेचैन हो गया। मुझे लगा कि अरे मोदी की क्या औकाद है, उसकी तो थाली खींच ली, एक चाय वाले के बेटे की थाली खींच लें, एक गरीब के बेटे की थाली खींच लें लेकिन एक महादलित की तो सारी की सारी पूँजी ले ली, सारा पुण्य खींच कर के ले लिया। भाईयों और बहनों, तब मुझे लगा कि शायद डीएनए में ही कुछ गड़बड़ है क्योंकि लोकतंत्र का डीएनए ऐसा नहीं होता है। लोकतंत्र का डीएनए अपने विरोधियों को भी आदर और सत्कार देने का होता है लेकिन इन्होंने जो लोकतंत्र सीखा और चलाया है, उसमें जॉर्ज फ़र्नान्डिस का क्या हुआ? इसी धरती से जुड़े थे, उनके साथ क्या किया गया? सुशील मोदी जो कंधे से कंधा मिलाकर चलते थे उनके साथ क्या किया? ये सारे नेता जो कभी न कभी उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चले, उनके साथ क्या किया? क्या आप अब भी लोकतंत्र के इस डीएनए को नहीं समझ पाएंगे क्या? क्या ऐसे लोगों को माफ़ करेंगे क्या?

भाईयों-बहनों, और इसलिए आज मैं आग्रह से कहने आया हूँ कि बिहार को हम ऐसे तत्वों के भरोसे नहीं छोड़ सकते। बिहार में दोबारा जंगलराज नहीं आने देंगे ये बिहार की जनता को शपथ लेनी चाहिए। आरजेडी का पूरा अर्थ मालूम है क्या? आरजेडी का पूरा अर्थ मालूम है क्या? आरजेडी का पूरा अर्थ होता है – रोजाना जंगलराज का डर, आरजेडी का मतलब होता है – रोजाना जंगलराज का डर। क्या ये रोजाना जंगलराज का डर चाहिए आपको? इस डर से मुक्ति चाहिए कि नहीं चाहिए? और इसलिए भाईयों-बहनों, ये चुनाव रोजाना जंगलराज के डर से मुक्ति का चुनाव है और इसलिए मैं यह कहने आया हूँ। आप देखिये पहले भी सरकारें हुईं, बिहार के साथ क्या हुआ है और हम बिहार के साथ क्या करेंगे। आज मैं अनेक कार्यक्रमों का उद्घाटन करके आया हूँ, शिलान्यास करके आया हूँ, हज़ारों-करोड़ की सौगात बिहार की धरती को देकर के आया हूँ।

भाईयों-बहनों, एक झूठ फैलाया जा रहा है तेरहवें फाइनेंस कमीशन और चौदहवें फाइनेंस कमीशन के संबंध में। 2010 से 2015, किसकी सरकार थी आपको मालूम है, उस सरकार ने बिहार को फाइनेंस कमीशन के माध्यम से जो पैसा दिया, वो था करीब-करीब ढेढ़ लाख करोड़। अब 2015 से 2020, हमारी बारी है, हमने क्या देना तय किया, पौने चार लाख करोड़ रुपये। पहले क्या मिलता था - ढेढ़ लाख करोड़, अब कितना मिलेगा - पौने चार लाख करोड़ रुपये। बिहार की जनता की झोली में पौने चार लाख करोड़ रुपये आएंगे। मुझे बताईये कि विकास के काम आगे बढ़ेंगे कि नहीं बढ़ेंगे? इन्होने वादा किया था कि बिजली नहीं तो वोट नहीं। उन्होंने तो कुछ किया नहीं और न कभी मेरे पास आकर के कहा। लेकिन मेरी सरकार बनने के बाद मैं जब विदेश यात्रा के लिए गया तो सबसे पहले मैं भूटान गया। बहुत छोटा देश है बिहार से तो बहुत कम आबादी है, बहुत कम पटना से भी कम। भूटान में जाकर कौन सा करार किया – भूटान के अन्दर भारत सरकार धन लगाएगी और पानी से पैदा होने वाली बिजली, जल विद्युत् के लिए करार किया, शिलान्यास किया और इस तरह भूटान में जो बिजली पैदा होगी, उसका सबसे ज्यादा हिस्सा ये मेरी बिहार की जनता को मिलेगा। ये निर्णय हमने किया और सरकार बनने के बाद मेरी पहली विदेश यात्रा में हमने यह काम किया। दूसरी विदेश यात्रा मेरी नेपाल की थी। नेपाल में भी जल विद्युत् का करार किया और वहां से बिजली बन करके कहाँ आएगी, इसी इलाके में आएगी। मुझे बताईये, आज इतना बड़ा बिहार, 300 मेगावाट बिजली के भी आप मालिक नहीं हो जबकि आपको 5000 मेगावाट बिजली की जरुरत है। इन सरकारों ने केवल 300 मेगावाट बिजली बनाई है, बाकि बिजली ये बना पाएंगे क्या? इतने सालों में जो बिजली नहीं दे पाए, वो अब दे पाएंगे क्या? मैं वादा करता हूँ, मेरा अनुभव है और मैंने करके दिखाया है। मैं बिहार में 24 घंटे घरों में बिजली देने का वादा करने आया हूँ। और बिजली आती है तो अकेली बिजली नहीं आती। बिजली आती है तो सिर्फ़ घर में रोशनी आती है, ऐसा नहीं है। बिजली आती है तो इसके साथ जीवन बदलना शुरू हो जाता है। अगर बच्चों को पढ़ाई करनी है, कंप्यूटर सीखना है तो बिजली आने के साथ वो भी शुरू हो जाता है। अरे मोबाइल फ़ोन चार्ज करना हो तो भी दूसरे गाँव जाना पड़ता है। जाना पड़ता है ना? मोबाइल फ़ोन कितना ही महंगा क्यों न लाए हो लेकिन आपके काम नहीं आता है क्योंकि पटना में बैठी हुई सरकार आपको बिजली नहीं देती है। मुझे बताईये, आपको भी अच्छे टीवी शो देखने का मन करता है कि नहीं करता है? सास भी कभी बहू थी, देखने को मन करता है कि नहीं करता है; टीवी पर अच्छे गाने सुनने का मन करता है कि नहीं करता है? अगर बिजली नहीं होगी तो कहाँ से देखोगे? इन्होने आपको पिछली सदी में धकेल करके रखा है। बिहार को उन्होंने आधुनिक नहीं बनने दिया है। बिजली आएगी, कारखाने लगेंगे। हम कारखाने लगाना चाहते हैं, हम उद्योग लगाना चाहते हैं।

आज बिहार का एक संतान, एक युवा मेरी सरकार में मंत्री है और मैंने उसे इतना बड़ा काम दिया है, स्किल डेवलपमेंट का। ये स्किल डेवलपमेंट बिहार का भाग्य बदलने वाला है, यह मैं आपको कहने आया हूँ। यहाँ उद्योग लगे, यहाँ के नौजवानों का स्किल डेवलपमेंट हो और यहाँ का जीवन बदल जाए, बिहार के नौजवान को बिहार में अपने बूढ़े मां-बाप को छोड़कर रोजी-रोटी कमाने कहीं जाना न पड़े, ऐसा बिहार बनाने का मेरा इरादा है और उसके लिए मुझे आपको आशीर्वाद चाहिए और वो आशीर्वाद लेने के लिए मैं आया हूँ। भाईयों-बहनों, आज वक़्त इतना बदल चुका है, रोड कनेक्टिविटी चाहिए, रेल कनेक्टिविटी चाहिए, एयर कनेक्टिविटी चाहिए। लेकिन अब जैसे-जैसे युग बदला है लोग कहते हैं हमें तो गैस ग्रिड चाहिए। चाहिए कि नहीं चाहिए? सूरत में मेरे यहाँ बिहार के लोग रहते हैं, वो जब यहाँ वापिस आते हैं तो यहाँ झगड़ा होता है जब वो कहते हैं कि जैसे यहाँ नलके में पानी आता है ना वैसे गुजरात में नलके में गैस आता है। यहाँ के लोग भरोसा नहीं करते। बिहार के लोग जब मुझे मिलते है तो बताते हैं कि मोदी जी मेरे गाँव के लोग तो मानने के लिए तैयार नहीं हैं कि ऐसा भी होता है। बिहार के भाईयों-बहनों, वो दिन अब दूर नहीं है जब मैं पटना तक शुरुआत करूँगा और सैंकड़ों किमी गैस की लंबी पाइपलाइन लगा करके पटना में घरों में गैस देना प्रारंभ कर दूंगा और आगे बिहार के और स्थानों पर भी गैस जाएगा। रसोईघर में टैब चालू करते ही गैस आएगा। अब गैस का सिलिंडर लेने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। किसी दलाल को पैसा नहीं देना पड़ेगा। ये काम हम करते हैं और हजारों करोड़ रूपया लगता है इन कामों के लिए। आज मैं इसका शिलान्यास करके आया हूँ। काम शुरू हो जाएगा, बजट मंजूर कर दिया है। आपके यहाँ बरौनी में फ़र्टिलाइज़र का कारखाना बंद पड़ा हुआ है। यहाँ के नौजवानों को रोजगार चाहिए कि नहीं चाहिए? रोजगार मिलने चाहिए कि नहीं मिलने चाहिए? अगर कारखाने नहीं होंगे तो रोजगार कहाँ से मिलेगा और इसलिए हमने उस फ़र्टिलाइज़र का कारखाना, जो बंद पड़ा था, उसको चालू करने का निर्णय किया है ताकि यहाँ के किसानों को सस्ता खाद मिल जाए और यहाँ के नौजवान को रोजगार मिल जाए। और करीब 5 हजार करोड़ रूपया लगने वाला है, कोई कम पैसा नहीं है यह।

भाईयों-बहनों, कुछ लोग होते हैं जो वादे की खातिर वादे करते हैं, फिर वादे भुला देने की कोशिश करते हैं और इनको वादे की याद दिला दें तो मुकर जाने की आदत रहती है। जैसे आपको कहा गया था कि बिजली दूंगा तभी तो वोट मांगने आऊंगा। मैं भी चुनाव के समय यहाँ आया था। मैंने भी वादे किये थे लेकिन मैं वादे भुलाने के लिए नहीं आया हूँ। मैंने जो वादे किये थे, उन वादों को मैं खुद दोबारा याद करने यहाँ आया हूँ और मुकर जाने का तो सवाल ही नहीं उठता है। लोकसभा के चुनाव में पटना की धरती पर जब बम धमाके चल रहे थे, लोग मौत के घाट उतार दिये जा रहे थे, हिंसा के मातम से लोकतंत्र का गला दबोचा जा रहा था, उस समय बम धमाकों के बीच डरे बिना, विचलित हुए बिना, गुस्सा व्यक्त किये बिना, नाराजगी व्यक्त किये बिना पूरे शांत मन से उस सभा को मैंने संबोधित किया था। मौत अंगड़ाई ले रहा था उस मैदान में, लेकिन पूरी स्वस्थता के साथ मैंने बिहार की जनता से संवाद किया था और ऐसे संकट की घड़ी में भी मैंने कहा था कि दिल्ली में जब हमारी सरकार बनेगी और जब पूरी योजना बनने लगेगी, हम बिहार को 50 हजार करोड़ रुपये का पैकेज देंगे। आपको याद है, नहीं है न? मैंने ये वादा किया था और आज जब मैं बिहार की धरती पर आया हूँ तो मैं आपको मैं कहता हूँ, वो वादा मैं निभाऊंगा और सिर्फ़ 50 हजार करोड़ से बात बनेगी नहीं अब तो क्योंकि दिल्ली सरकार में बैठने के बाद बिहार को मैंने बारीकी से अध्ययन किया है। बिहार में क्या अच्छा हो सकता है, उस पर मैं सोचने लगा, बिहार के सभी नेताओं से बातचीत करने लगा, सुझाव लेने लगा और मेरे मन में धीरे-धीरे एक समृद्ध बिहार का चित्र बनने लगा, एक विकास वाले बिहार का चित्र खड़ा होने लगा। मुझे लगा ये अगर सपना मुझे पूरा करना है तो 50 हजार करोड़ से पूरा नहीं होगा और इसलिए मैंने उससे भी ज्यादा बड़ा पैकेज देने का विचार कर लिया है। लेकिन अभी पार्लियामेंट चालू है मेरे जुबान पर थोड़ा ताला लगा हुआ है। मैं बोल नहीं पा रहा हूँ लेकिन जैसे ही पार्लियामेंट समाप्त हो जाएगी, मैं आपको खुद आकर बता दूंगा कि कितना बड़ा पैकेज आपको मिलने वाला है।

आजकल कुछ ऐसे झूठ फैलाये जाते हैं, किसी ने हमसे माँगा नहीं था लेकिन जब बजट आया तो हमारा सपना था बिहार को आगे ले जाने का, बिहार में औद्योगिक क्रांति लाने का, बिहार के नौजवानों को रोजगार मिले, इसलिए हमने बजट के अन्दर एक योजना बनाई स्पेशल स्टेटस वाला राज्य, उसमें सबसे फायदा होने वाली बातें कौन सी हैं और हमने पाया कि स्पेशल स्टेटस में दो बड़ी महत्वपूर्ण बातें हैं। हमने तय किया कि जो सबसे बड़ा फायदा है, वो बिहार को मिलना चाहिए और इसलिए हमने बिहार के लिए, नए इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट करने के लिए 15% इन्वेस्टमेंट अलाउंस और 15% का एडिशनल डेप्रिसिएशन अलाउंस इसमें रिडक्शन की हमने घोषणा कर दी और मैं समझता हूँ कि हिंदुस्तान में स्पेशल केटेगरी का इतना बड़ा लाभ, बिहार अगर दम हो तो ले सकता है। कितना बड़ा लाभ मिलेगा, इसका आप अंदाज कर सकते हो। बिहार के नौजवानों को कितना रोजगार मिल सकता है, इसका आप अंदाज कर सकते हो।

भाईयों-बहनों, अभी तो ये शुरुआत है लेकिन मैं जो ये नजारा देख रहा हूँ इससे मुझे साफ लगता है कि जैसे लोकसभा में अपने मेरा साथ दिया, विधानसभा में उससे भी बढ़कर आप मेरा साथ दोगे। बिहार में इस बार आप निर्णय कर लीजिये कि दो-तिहाई बहुमत के साथ ही सरकार बनाएंगे। दो-तिहाई बहुमत के साथ ही एक मजबूत सरकार बनाईये। मुझे बताईये कि किसी ट्रेक्टर को एक इंजन लगा हो तो ज्यादा तेज चलता है कि दो इंजन लगा हो तो ज्यादा तेज चलता है? बताईये, कितने इंजन चाहिए? आपने दिल्ली में तो आपने इंजन दे दिया है अब बिहार में इंजन दे दीजिए। दो इंजन से बिहार की गाड़ी ऐसी तेज चलेगी भाईयों कि पिछले 60 सालों में जो नहीं हुआ, वो तेज गति से हमारी विकास की यात्रा आगे बढ़ेगी। इसी एक संकल्प के साथ मैं एक बार फिर एनडीए के मेरे सभी साथियों का हृदय से अभिनन्दन करता हूँ और बिहार का भाग्य बदलेगा इस विश्वास के साथ आप सबका बहुत-बहुत धन्यवाद।                  

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May 23, 2026
India’s youth are playing a vital role in accelerating the journey towards a Viksit Bharat: PM
Rozgar Mela reflects our Government’s commitment to empowering the Yuva Shakti with new opportunities: PM
The world is excited by India’s youth and technological progress and today the global community wants to partner in India’s development journey: PM
Sectors like clean energy, critical minerals, green hydrogen, and sustainable manufacturing are advancing rapidly and partnerships in these areas are creating new opportunities: PM Modi
Every Indian is moving forward with the resolve of building a Viksit Bharat by 2047: PM Modi at Rozgar Mela
Today, Rapid transformation is clearly visible even in rural areas; Enhanced connectivity has opened new avenues for farmers, small traders, and students: PM
Viksit Bharat will be built by the efforts of such youth who view their work as a means of national service: PM Modi

మిత్రులారా,

దేశవ్యాప్తంగా ఉన్న వేలాది మంది యువతీ యువకులకు నేడు చాలా ముఖ్యమైన రోజు. 51,000 కంటే ఎక్కువ మంది యువత నేడు ప్రభుత్వ ఉద్యోగాల నియామక పత్రాలను అందుకున్నారు. మీరు దేశ అభివృద్ధి ప్రయాణంలో అత్యంత కీలకమైన, బాధ్యతాయుతమైన భాగస్వాములుగా మారుతున్నారు. రైల్వే, బ్యాంకింగ్, రక్షణ, ఆరోగ్యం, విద్య, ఇతర అనేక రంగాల్లో సరికొత్త బాధ్యతలను స్వీకరించబోతున్నారు. రాబోయే సంవత్సరాల్లో అభివృద్ధి చెందిన భారత్‌ సంకల్పాన్ని నెరవేర్చడంలో మీరే కీలక పాత్ర పోషిస్తారు.

 

మిత్రులారా, 

ఈ స్థాయికి చేరుకోవడానికి మీరు సుదీర్ఘమైన సన్నద్ధత, కఠినమైన శ్రమను దాటి వచ్చి ఉంటారు. మీరు సాధించిన ఈ విజయానికి గాను మీకు, మీ కుటుంబ సభ్యులకు నా హృదయపూర్వక అభినందనలు తెలియజేస్తున్నాను. మిమ్మల్ని ఈ స్థాయికి తీసుకురావడంలో మీ తల్లిదండ్రులు, కుటుంబ సభ్యుల కృషి ఎంతో ఉంది. కేవలం కుటుంబమే కాదు, మనం ఇక్కడికి చేరుకోవడంలో సమాజం కూడా చాలా పెద్ద పాత్ర పోషిస్తుంది. మనం కేవలం మన వల్లనో, లేదా కేవలం మన కుటుంబం వల్లనో ఇక్కడికి చేరుకోలేదు. ఈ విశాల దేశంలోని 140 కోట్ల మంది పౌరుల సహకారం కూడా ఇందులో ఎంతో ముఖ్యమైనది. మన బాధ్యత కేవలం మన పట్ల, మన కుటుంబం పట్ల మాత్రమే కాదు.. సమాజం మొత్తం పట్ల కూడా సమానంగా ఉంటుంది. ఈ పనులన్నింటికీ మీరు మిమ్మల్ని మరింత సమర్థులుగా తీర్చిదిద్దుకుంటారని నేను నమ్ముతున్నాను. మీ అందరికీ నా హృదయపూర్వక శుభాకాంక్షలు.

 

మిత్రులారా, 

రెండు రోజుల క్రితమే నేను అయిదు దేశాల పర్యటన ముగించుకుని తిరిగి వచ్చిన సంగతి మీ అందరికీ తెలుసు. అవి కేవలం అయిదు దేశాలే అయినప్పటికీ, ఆ సమయంలో నేను డజన్ల కొద్దీ దేశాలకు చెందిన ప్రముఖ కంపెనీల అధినేతలతో చర్చలు, సమావేశాలు జరిపాను. ప్రతిచోటా నాకు ఒకే ఒక్క విషయం స్పష్టంగా కనిపించింది. దేశ యువత పట్ల, భారత్‌ పురోగతి పట్ల ప్రపంచం ఎంతో ఉత్సాహంగా ఉంది. నేడు దేశ అభివృద్ధి ప్రయాణంలో భాగస్వామి కావాలని ప్రపంచం కోరుకుంటోంది. భారత్‌ కూడా వివిధ దేశాలతో భాగస్వామ్యాలను కుదుర్చుకుంటోంది. దేశ యువతకు మరిన్ని అవకాశాలను నిర్ధారించడం, ఉపాధిని కల్పించడం, వారి సామర్థ్యాన్ని చాటిచెప్పడమే దీని ముఖ్య ఉద్దేశం. మన దేశ యువతకు అంతర్జాతీయ స్థాయి అనుభవాన్ని పొందాలని నేను కోరుకుంటున్నాను. ఈ పర్యటనలో  నెదర్లాండ్స్‌తో సెమీకండక్టర్లు, నీరు, వ్యవసాయం, అధునాతన తయారీ రంగాలపై చర్చించాం.స్వీడన్‌తో కృత్రిమ మేధ, డిజిటల్ ఆవిష్కరణల రంగంలో సహకారంపై...నార్వేతో హరిత సాంకేతికత, నౌకా వాణిజ్య సహకారంపై... యూఏఈతో వ్యూహాత్మక ఇంధన, సాంకేతిక భాగస్వామ్యం వంటి ముఖ్యమైన ఒప్పందాలపై చర్చించాం. ఇటలీతో రక్షణ, కీలక ఖనిజాలు, శాస్త్ర, సాంకేతికత వంటి ప్రాధాన్యత కలిగిన రంగాల్లో ఒప్పందాలు కుదుర్చుకున్నాం. 

 

మిత్రులారా,

ఒప్పందాలన్నీ నేరుగా దేశ యువతకే ప్రయోజనం చేకూరుస్తాయి. ఈ అంశాలన్నీ భారత్‌కు ఒక ఉజ్వలమైన, సమర్థవంతమైన భవిష్యత్తుకు హామీ ఇస్తున్న విషయాన్ని మీరు గమనించే ఉంటారు. ప్రతి కొత్త పెట్టుబడి, ప్రతి సాంకేతిక భాగస్వామ్యం, ప్రతి పారిశ్రామిక సహకారం. భారతీయ యువతకు కేవలం కొత్త అవకాశాలను తీసుకురావడమే కాకుండా, లెక్కలేనన్ని సరికొత్త మార్గాలను కూడా సృష్టిస్తుంది.

 

నా యువ మిత్రులారా,

రాబోయే పెట్టుబడులు, భాగస్వామ్యాలు వచ్చే మూడు నాలుగు దశాబ్దాల పాటు ప్రపంచ వృద్ధిని నిర్దేశించే పరిశ్రమలను తీర్చిదిద్దబోయే రంగాలు ఇవేనని మనం గుర్తుంచుకోవాలి. నిస్సందేహంగా ఇందులో దేశ యువత అత్యంత కీలకమైన పాత్ర పోషించబోతోంది. 

 

మిత్రులారా, 

ప్రపంచానికి భారత్‌ ఎలా ఒక విశ్వసనీయమైన సరాఫరా వ్యవస్థ భాగస్వామిగా మారుతోందో చెప్పడానికి మీకు ఒక ఉదాహరణ ఇస్తాను. మీలో చాలా మందికి నెదర్లాండ్స్‌కు చెందిన ప్రముఖ సెమీకండక్టర్ సంస్థ ఎస్‌ఎంఎల్‌ గురించే తెలిసే ఉంటుంది. ఈ సంస్థ దేశానికి చెందిన టాటా కంపెనీతో ఒక ఒప్పందం కుదుర్చుకుంది. ప్రపంచంలోనే ఈ సంస్థతో ఇలాంటి ఒప్పందం కుదుర్చుకున్న చాలా కొద్దిపాటి దేశాల్లో భారత్‌ ఒకటి. ఈ ఒక్క ఎస్‌ఎంఎల్‌-టాటా ఎలక్ట్రానిక్స్ ఒప్పందం దేశంలో లెక్కలేనన్ని కొత్త ఉపాధి అవకాశాలను సృష్టించడమే కాకుండా, తదుపరి తరం సాంకేతికతకు మార్గాన్ని అందిస్తుంది. స్వీడన్‌తో కుదిరిన సాంకేతికత, కృత్రిమ మేధ భాగస్వామ్యాలు, యూఏఈతో సూపర్ కంప్యూటింగ్ రంగంలో ఏర్పడిన సహకారం వంటివి దేశ సాంకేతిక సామర్థ్యాన్ని మరింత బలోపేతం చేస్తాయి. ఈ ఒప్పందాలు  మన యువతకు ఖచ్చితంగా సరికొత్త అవకాశాలను అందిస్తాయి. 

 

మిత్రులారా,

ప్రస్తుతం స్వచ్ఛమైన ఇంధనం, కీలక ఖనిజాలు, హరిత హైడ్రోజన్‌, సుస్థిర ఉత్పాదకత వంటి రంగాలు శరవేగంగా వృద్ధి చెందుతున్నాయి. ఈ రంగాల్లో కుదురుతున్న భాగస్వామ్యాలు నూతన ఆర్థిక వ్యవస్థకు, సరికొత్త అవకాశాలకు మార్గం సుగుమం చేస్తున్నాయి. స్వీడన్, నార్వే, ఇటలీ వంటి దేశాలతో పర్యావరణ హిత మార్పు, సుస్థిర సాంకేతికత రంగాల్లోసహకారం నిరంతరం పెరుగుతోంది. ఇది పర్యావరణ అనుకూల తయారీకి సంబంధించిన భవిష్యత్తు పరిశ్రమల్లో భారత్‌ను మరింత బలోపేతం చేస్తుంది. దీనితో పాటు ఓడరేవులు, నౌకాయానం, నౌకా వాణిజ్య మౌలిక సదుపాయాలఒప్పందాలపై కూడా భారత్‌ వేగంగా పనిచేస్తోంది. యూఏఈ, నార్వే దేశాలతో కుదిరిన భాగస్వామ్యాలు దేశ నౌకానిర్మాణ వ్యవస్థను మరింత బలోపేతం చేస్తాయి. నౌకల నిర్మాణానికి భారీ ఎత్తున నైపుణ్యం కలిగిన మానవ వనరుల అవసరమని మీ అందరికీ బాగా తెలుసు. దీని అర్థం దేశీయ ఇంజనీర్లు, సాంకేతిక నిపుణులు, నైపుణ్యం కలిగిన కార్మికులకు మీరు ఊహించలేని స్థాయిలో డిమాండు పెరగబోతోంది. దీని ద్వారా అపారమైన అవకాశాలు లభిస్తాయి.

 

మిత్రులారా,

ప్రతి కొత్త భాగస్వామ్యంతోనూ భారతీయ అంకుర సంస్థలు, పరిశోధకులు, యువ నిపుణులు ప్రపంచంతో అనుసంధానం కావడానికి మనం సరికొత్త మార్గాలను సృష్టిస్తున్నాం. ఇది మన భారతీయ యువతకు అధునాతన నైపుణ్యాలను, అంతర్జాతీయ మార్కెట్లను, అభివృద్ధికి కొత్త అవకాశాలను అందిస్తుంది. నేడు ప్రపంచం  వినూత్నంగా ఆలోచించే, సరికొత్తగా నిర్మించే, భారీ స్థాయిలో ఫలితాలను అందించే దేశాలను ఎంతగానో గౌరవిస్తోంది. భారత్‌ ఈ మూడు దిశల్లోనూ శరవేగంగా ముందుకు దూసుకుపోతోంది. ఈ అద్భుతమైన మార్పు వెనుక ఉన్న అతిపెద్ద శక్తి మీరే. నా యువ సహచరులు, దేశ యువశక్తి. నేను ప్రపంచంలో ఎక్కడికి వెళ్లినా దేశ యువశక్తి గురించి చర్చించడానికి చాలా సమయాన్ని కేటాయిస్తాను.

 

 మిత్రులారా,

నేడు ప్రతి భారతీయుడు ఒక గొప్ప సంకల్పంతో ముందుకు సాగుతున్నారు. ఆ సంకల్పమే... 2047 నాటికి అభివృద్ధి చెందిన భారత్‌ను నిర్మించడం. ఈ లక్ష్యాన్ని చేరుకోవడానికి దేశం వివిధ రంగాలలో భారీగా పెట్టుబడులు పెడుతోంది. ఈ పెట్టుబడులు మన యువతకు లక్షలాది సరికొత్త ఉపాధి అవకాశాలను సృష్టిస్తున్నాయి. ఉదాహరణకు... సెమీకండక్టర్ల తయారీకి అవసరమైన పూర్తి సరఫరా వ్యవస్థను భారత్‌ ఇక్కడే నిర్మిస్తోంది. రాబోయే సంవత్సరాల్లో దేశానికి చెందిన పది భారీ సెమీకండక్టర్ కేంద్రాలు ప్రపంచవ్యాప్తంగా తమ ప్రత్యేక గుర్తింపును చాటుకోబోతున్నాయి. ఇవన్నీ భారతీయ యువత సామర్థ్యం, మేధస్సు, నిబద్ధతతో నడుస్తాయి. తద్వారా సహజంగానే భారీగా ఉపాధి లభిస్తుంది. నౌకానిర్మాణ, నౌకల మరమ్మతు, వ్యవస్థను కూడా భారత్‌ వేగంగా అభివృద్ధి చేస్తోంది. దీనికోసం సుమారు 75,000 కోట్ల రూపాయల భారీ పెట్టుబడి పెడుతోంది. మనం భారత్‌లోనే  పూర్తి స్థాయి ఎంఆర్‌ఓ వ్యవస్థను (విమానాల నిర్వహణ, ఓవర్‌హాలింగ్, మరమ్మతుల సౌకర్యాలను) నిర్మిస్తున్నాం. ఇది విమానయాన రంగానికి ఎంతో అండగా నిలవడమే కాకుండా దేశ యువత కోసం సరికొత్త ఉపాధి రంగాన్ని అందుబాటులోకి తీసుకువస్తుంది. 

 

మిత్రులారా,

నేడు భారత్‌ ఒక ప్రధాన ఎలక్ట్రానిక్స్ తయారీ దేశంగా అవతరించింది. ఎలక్ట్రానిక్స్ రంగానికి సంబంధించిన పూర్తి విలువ వ్యవస్థను మనం భారత్‌లోనే నిర్మిస్తున్నాం. పీఎల్ఐ పథకం ద్వారా దేశంలో రికార్డు స్థాయిలో ఎలక్ట్రానిక్స్ ఉత్పత్తి జరుగుతోంది. దీని ద్వారా యువతకు లక్షలాది ఉద్యోగాలు లభిస్తున్నాయి.

 

మిత్రులారా,

ఇలాంటి మరెన్నో ప్రతిష్టాత్మక కార్యక్రమాలపై భారత ప్రభుత్వ, ప్రైవేటు రంగాలు రెండూ కలిసి భారీ ఎత్తున పెట్టుబడులు పెడుతున్నాయి. ఈ పెట్టుబడులు దేశంలోని యువతకు ఉద్యోగాలు కల్పిస్తూ వారి కలలను నిజం చేస్తున్నాయి. ఈ రోజు నియామక పత్రాలను అందుకున్న తర్వాత ప్రభుత్వ ఉద్యోగులుగా మీకు లభించే ఈ కొత్త గుర్తింపుతో ఎల్లప్పుడూ ఒక విషయాన్ని గుర్తుంచుకోవాలి. దేశానికి వ్యాపార సౌలభ్యం ఎంత ప్రాధాన్యత కలిగిన అంశమో మీ మనసులో నిరంతరం మెదలాలి. 

 

మిత్రులారా,

దేశ వృద్ధి గాథ, ఉపాధి కల్పన.. ఈ రెండూ మీ అందరికీ బాగా తెలిసినవే. దీనిలో మౌలిక సదుపాయాలు కీలక పాత్ర పోషిస్తాయి. గ్రామాలు, చిన్న పట్టణాలు, మారుమూల ప్రాంతాలు అభివృద్ధితో అనుసంధానమైనప్పుడు దేశ ప్రగతి ప్రయోజనాలు మరింత ఎక్కువ మంది ప్రజలకు చేరుతాయి. గడిచిన పన్నెండేళ్ల కాలంలో రైల్వేలు, రహదారులు, విమానాశ్రయాలు, సరుకు రావణా, ఓడరేవులు, డిజిటల్ మౌలిక సదుపాయాల రంగంలో మునుపెన్నడూ లేని విధంగా విస్తరణ జరిగింది. ప్రతి స్థాయిలోనూ అభివృద్ధి సాకారమైంది. ఈ రోజు మీరు ఏ దిశలోనైనా 100 కిలోమీటర్లు ప్రయాణిస్తే, అక్కడ భారత ప్రభుత్వానికి సంబంధించిన ఏదో ఒక ప్రాజెక్టు పనులు సాగుతూ ఉండటం మీకు ఖచ్చితంగా కనిపిస్తుంది. గ్రామాల్లో సైతం మార్పు వేగంగా జరుగుతుండటం కూడా కనిపిస్తోంది. మెరుగైన అనుసంధానం వల్ల రైతులకు, చిన్న వ్యాపారులకు, విద్యార్థులకు సరికొత్త మార్గాల తెరుచుకున్నాయి. నేడు లక్షలాది కుటుంబాలకు శాశ్వత గృహాలు లభించాయి. వాస్తవానికి మనం నిర్మిస్తున్న ఇళ్ల సంఖ్య ప్రపంచంలోని అనేక దేశాల మొత్తం గృహాల సంఖ్య కంటే కూడా ఎక్కువ. నేను ప్రారంభించిన స్వచ్ఛ భారత్ అభియాన్‌ను ఎప్పటికీ మర్చిపోను, ప్రజలను కూడా మర్చిపోనివ్వను.ఇందులో మరుగుదొడ్లు అత్యంత కీలకమైన పాత్ర పోషిస్తాయి. లక్షలాది ఇళ్లకు విద్యుత్ సరఫరా చేరింది. ఇంటిపై ఏర్పరిచే సౌరశక్తి విధానం వల్ల ఈ రంగంలోకి ఎంతో మంది కొత్త సరఫరాదారులు వచ్చారు. జల జీవన్ మిషన్ ద్వారా ఇళ్లకు కుళాయిల ద్వారా నీరు అందుతోంది.  నగరాల్లో పీఎన్‌జీ కనెక్షన్లను విస్తరించాలని నేను భావించినప్పుడు మనకు ప్లంబర్ల కొరత ఎదురవడం నేను గమనించాను. ఎందుకంటే అప్పటికే చాలా మంది ప్లంబర్లు జల జీవన్ మిషన్ పనుల్లో నిమగ్నమై ఉన్నారు. కొన్నిసార్లు నైపుణ్యం కలిగిన వ్యక్తుల డిమాండు, సరఫరాను మించిపోవడాన్ని, అవకాశాలు ఎంత శరవేగంగా పెరుగుతున్నాయో చెప్పడానికి ఇదే ఒక నిదర్శనం.

 

మిత్రులారా,

ఈ మార్పుల ప్రభావం కేవలం సామాన్య పౌరుల సౌకర్యాల కల్పనకు మాత్రమే పరిమితం కాలేదు. గ్రామాలకు రోడ్లు చేరినప్పుడు మార్కెట్లకు చేరుకోవడం సులభతరమవుతుంది. మెరుగైన విద్యుత్ సదుపాయాల వల్ల చిన్న పరిశ్రమలు, వ్యాపారాలు వృద్ధి చెందడం ప్రారంభిస్తాయి. గ్రామాల్లో సైతం వ్యవసాయ రంగానికి విలువ జోడింపు లభిస్తోంది. గతంలో వారు కేవలం ఎర్ర మిరపకాయలను మాత్రమే విక్రయించేవారు. కానీ ఇప్పుడు విద్యుత్ సౌకర్యం ఉండటం వల్ల కారం పొడి తయారు చేసి, దానిని ప్యాక్ చేసి విక్రయిస్తున్నారు. ఈ విధంగా గ్రామాల్లో చిన్న పరిశ్రమలు నిరంతరం విస్తరిస్తున్నాయి. పెరుగుతున్న డిజిటల్ అనుసంధానం వల్ల గ్రామస్తులు ప్రపంచం మొత్తంతో అనుసంధానమవుతూ, ఆధునికతను అలవర్చుకుంటున్నారు. నగరాలకు, గ్రామాలకు మధ్య ఉన్న వ్యత్యాసం క్రమంగా కనుమరుగవుతోంది. ఇది ఆర్థిక వ్యవస్థ వేగాన్ని మరింత పెంచింది. వీటన్నింటి వల్ల దేశ యువతకు ఒక ఉజ్వలమైన భవిష్యత్తుకు హామినిచ్చే సానుకూల ప్రభావం ఏర్పడుతుంది. ఉద్యోగాలు లభిస్తున్నాయి. అంతకుమించి దేశం ఒక సరికొత్త ఆత్మగౌరవంతో ముందుకు సాగుతోంది. కోట్లాది మంది ప్రజలు కొత్త అవకాశాలను పొందుతున్నారు.

 

మిత్రులారా, 

నేడు దేశ యువతకు ముందుకు సాగడానికి, తమ కలలను నిజం చేసుకోవడానికి మునుపెన్నడూ లేని విధంగా అద్భుతమైన అవకాశాలు ఉన్నాయి. నేను ఎవరినీ నిందించడం లేదు. కానీ నేటి వాస్తవికత ఏమిటంటే.. ప్రతిదీ అత్యంత వేగంగా, భారీ స్థాయిలో, అపారమైన వైవిధ్యంతో జరుగుతోంది. తయారీ రంగం, సాంకేతికత, అంకుర సంస్థలు, డిజిటల్ సేవలు, రైల్వేలు, రక్షణ, అంతరిక్ష రంగాల వ్యాప్తంగా లెక్కలేనన్ని అవకాశాలు మన కోసం వేచి ఉన్నాయి. గరిష్ట సంఖ్యలో యువత ఈ అవకాశాల ద్వారా లబ్ధి పొందేలా చేయడం, దేశ యువతకు తమ ప్రతిభను చాటుకునే ప్రతి అవకాశాన్ని కల్పించడమే మా ప్రయత్నం. అందుకే నైపుణ్యాభివృద్ధి , పరిశ్రమలతో ముడిపడిన విద్య, భవిష్యత్తు సాంకేతికతలపై నిరంతరం ప్రత్యేక దృష్టి సారిస్తున్నాం. ఐటీఐలను ఆధునీకరిస్తున్నాం. జాతీయ నైపుణ్య శిక్షణా సంస్థలను బలోపేతం చేస్తున్నం. పీఎం సేతు వంటి కార్యక్రమాలు ఈ దిశగా పనిచేస్తున్నాయి.

 

మిత్రులారా,

ఇటీవలి కాలంలో దేశంలో స్వయం ఉపాధి, వ్యవస్థాపకతకు సంబంధించి ఓ కొత్త సంస్కృతి అభివృద్ధి చెందింది. భారత్‌ నేడు ప్రపంచంలోనే మూడో అతిపెద్ద స్టార్టప్‌ వ్యవస్థగా నిలిచింది.  దేశంలో 2,30,000 కంటే ఎక్కువ గుర్తింపు పొందిన అంకుర సంస్థలు ఉన్నాయి. వీటిలో ప్రతి ఒక్కదాని వెనుక యువతీ యువకుల బృందాలు ఉన్నాయి. ఈ మార్పు కేవలం పెద్ద నగరాలకే పరిమితం కాకపోడం నాకు అత్యంత సంతృప్తిని ఇస్తోంది. నేడు టైర్-2, టైర్-3 నగరాల నుంచి యువత కూడా అంకుర సంస్థలు, ఆవిష్కరణల ప్రపంచంలో పెద్ద సంఖ్యలో సత్తా చాటుతున్నారు. వారి సామర్థ్యాలకు గుర్తింపు లభిస్తోంది. ఈ మార్పు జాతీయ ఆర్థిక వ్యవస్థలో ఒక ముఖ్యమైన భాగంగా మారింది. ఈ మార్పులో మన మహిళా శక్తి పాత్ర కూడా నిరంతరం పెరుగుతోంది. నేడు మహిళల నేతృత్వంలో నడుస్తున్న అనేక అంకుర సంస్థలు మనల్ని గర్వపడేలా చేస్తున్నాయి. దేశంలో మహిళలు స్టార్టప్ రంగంలో కీలక పాత్ర పోషిస్తున్నారని, వారు పెద్ద సంఖ్యలో ముందుకు వస్తున్నారని నేను ప్రపంచవ్యాప్తంగా చెప్తుంటాను. ముద్ర యోజన కింద కోట్లాది మంది మహిళలు ఆర్థిక సహాయం పొందారు. పీఎం స్వనిధి వంటి పథకాలు కోట్లాది మంది మహిళలకు స్వయం సమృద్ధి సాధించే అవకాశాన్ని కల్పించాయి. నేడు గ్రామాలు, చిన్న పట్టణాల్లో మునుపెన్నడూ లేని విధంగా అత్యధిక సంఖ్యలో మహిళలు తమకు తాముగా సొంతంగా సరికొత్త వ్యాపారాలను ప్రారంభిస్తున్నారు.

 

మిత్రులారా, 

ఈ విధానాలు, నిర్ణయాల మధ్య మీరు ఇంకొక విషయాన్ని కూడా గుర్తుంచుకోవాలి. ఏ వ్యవస్థకైనా అసలైన బలం అక్కడి ప్రజలలోనే ఉంటుంది. ప్రజల శక్తి దేశ శక్తిగా మారుతుంది. మీరు భాగం కాబోతున్న ఈ వ్యవస్థ కోట్లాది మంది పౌరుల జీవితాలతో, వారి ఆశలు, ఆకాంక్షలతో నేరుగా ముడిపడి ఉంది. ప్రభుత్వ ఉద్యోగం అనేది ప్రజల జీవితాలను సులభతరం చేసే ఒక సాధనం. మీరు ఏ శాఖలో పనిచేసినప్పటికీ మీ ప్రవర్తన, సున్నితత్వం,  పనిచేసే విధానం అత్యంత ప్రాముఖ్యతను కలిగి ఉంటాయి. దేశం మీపై నమ్మకం ఉంచింది. ఇప్పుడు మీ పని, ప్రవర్తన, మాట, నడవడిక ద్వారా ఆ నమ్మకాన్ని మరింత బలోపేతం చేయాల్సిన బాధ్యత మీపై ఉంది. మిమ్మల్ని కలవడం పౌరుల్లో సరికొత్త నమ్మకాన్ని నింపాలి. కొత్త ఆశలతో ముందుకు సాగేలా వారిని ప్రోత్సహించాలి. ప్రతి యువ కర్మయోగి తమ పనిని ఒక గొప్ప బాధ్యతగా భావించాలి.

 

నా దృష్టిలో మీరు అంతకంటే ఎక్కువే. పూర్వ కాలంలో మనం వెయ్యి చేతులు ఉన్న ‘‘సహస్రబాహు’’ గురించి విన్నాం. నేడు మీరే ప్రభుత్వ బాహువులు, మీరే ప్రభుత్వానికి బలమైన శక్తి. ఇప్పటికే సేవలో ఉన్నవారు, కొత్తగా చేరుతున్నవారంతా ఈ వ్యవస్థలో భాగమే. దేశ ప్రజల ఆకాంక్షలు నిరంతరం పెరుగుతున్నాయి. దీనిని నేను అభివృద్ధికి ఒక సానుకూల సంకేతంగా చూస్తున్నాను. మనం మన ప్రజల ఆకాంక్షలను అర్థం చేసుకోవాలి, వాటిని నెరవేర్చడానికి అదే వేగంతో పని చేయాలి. ఇందులో ప్రజాసేవలోకి అడుగుపెడుతున్న యువత పాత్ర ఎంతో కీలకమైనది. మీరు నిరంతరం నేర్చుకుంటూనే ఉండాలి. సరికొత్త సాంకేతికతలకూ, కొత్త వ్యవస్థలకూ, మారుతున్న అవసరాలకు అనుగుణంగా మిమ్మల్ని మీరు సిద్ధం చేసుకోవాలి. ఇందులో ఐగాట్ కర్మయోగి వేదిక మీకు ఎంతగానో సహాయపడుతుంది. కర్మయోగి వంటి మాడ్యూళ్లు మీ బాధ్యతలను సులభంగా అర్థం చేసుకోవడానికి తోడ్పడతాయి. ఈ వనరులను మీరు పూర్తిగా సద్వినియోగం చేసుకోవాలని నేను కోరుతున్నాను.

 

మిత్రులారా,

నేడు దేశ యువత ప్రపంచవ్యాప్తంగా ప్రతి రంగంలోనూ తమదైన ముద్ర వేస్తున్నారు. ఇదే స్ఫూర్తి, ఇదే శక్తి మీ ప్రజాసేవలోనూ ప్రతిబింబించాలి. తమ పనిని దేశ సేవగా, ప్రజల సేవగా భావించే యువత ప్రయత్నాల వల్లే అభివృద్ధి చెందిన భారత్‌ కల సాకారమవుతుంది. మన సంస్కృతిలో ప్రజా సేవే దైవ సేవ అనే మాట ఉంది. నేడు నియామక పత్రాలను అందుకుంటున్న యువ సహచరులు దేశ అభివృద్ధి ప్రయాణానికి సరికొత్త వేగాన్ని అందిస్తారని నేను పూర్తి విశ్వాసం వ్యక్తం చేస్తున్నాను. మీ పని, నిర్ణయాల ద్వారా వికసిత్‌ భారత్‌ సంకల్పం నెరవేరుతుంది. ప్రజలే దైవం అనే మన మంత్రాన్ని ఎప్పటికీ మర్చిపోకూడదు. పౌరుల సంక్షేమమే మన కర్తవ్యం. ఈ రోజు నియామక పత్రాలను అందుకుంటున్న యువకులందరికీ భవిష్యత్తు కోసం, దేశానికి సేవ చేసే ఈ అవకాశాన్ని సద్వినియోగం చేసుకోవడానికి మరోసారి నా హృదయపూర్వక శుభాకాంక్షలు తెలియజేస్తున్నాను. మీ అందరికీ ధన్యవాదాలు.