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പ്രധാനമന്ത്രി കിസാൻ സമ്മാൻ നിധിക്ക് കീഴിൽ, പഞ്ചാബിലെ കർഷകരുടെ ബാങ്ക് അക്കൗണ്ടുകളിൽ കേന്ദ്ര സർക്കാർ നേരിട്ട് 3,700 കോടി രൂപ നിക്ഷേപിച്ചു: പ്രധാനമന്ത്രി മോദി
കോൺഗ്രസ് മുഖ്യമന്ത്രിയുടെ പ്രസ്താവന ഇന്നലെ ഡൽഹിയിൽ കുടുംബാംഗങ്ങളിൽ നിന്ന് കൈയ്യടി വാങ്ങി. ഇത്തരം പ്രസ്താവനകളിലൂടെ അവർ ആരെയാണ് അപമാനിക്കുന്നത്? - വിവാദ പരാമർശത്തിൽ മുഖ്യമന്ത്രി ചന്നിക്കെതിരെ പ്രധാനമന്ത്രി മോദി

वाहेगुरु जी दा खालसा, जय श्रीराम, जय-जय श्रीराम, वीर बजरंग बली की।   

ये पराक्रम की धरती है, परिश्रम की धरती है, ये पवित्र धरती है मैं इस धरती को प्रणाम करता हूं। इस मंच से मैं गुरुद्वारा दमदमा साहिब, तख्त आनंदपुर साहिब और गुरुद्वारा तीरथ साहिब को हृदय से प्रणाम करता हूँ। मैं गुरु जम्भेश्वर भगवान के चरणों में प्रणाम करता हूँ। भगवान जम्भेश्वर की प्रेरणा से हमारा बिश्नोई समाज आज भी पूरी दुनिया में जीव-प्रेम और पर्यावरण का सबसे जागरूक सिपाही माना जाता है।

साथियों

इस चुनाव में ये पंजाब में इस बार को जो चुनाव है एक प्रकार से मेरी आखिरी सभा है। और कल शाम को चुनाव प्रचार भी समाप्त हो रहा है। मैं बीते कुछ दिनों में पंजाब के अलग-अलग क्षेत्रों में गया हूं। पूरे पंजाब में आज एक सुर से एक ही आवाज उठ रही है। भाजपा को जिताना है, पंजाब में डबल इंजन की सरकार बनाना है।

डबल इंजन की सरकार मतलब क्या? पंजाब का इस दशक में सबसे तेज विकास। डबल इंजन की सरकार मतलब पंजाब से रेत माफिया, ड्रग माफिया इनकी विदाई। डबल इंजन की सरकार का मतलब है पंजाब की औद्योगिक इकाइयों में नई ऊर्जा भरना। डबल इंजन की सरकार मतलब है पंजाब के युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार के नए मौके देना।

साथियों,

पंजाब को आज एक ऐसी सरकार चाहिए जिसकी प्रेरणा राष्ट्रभक्ति हो, जिसकी प्रेरणा पंजाब का विकास हो। बीजेपी पूरे समर्पित भाव से पंजाब के लोगों के सामने पंजाब की सुरक्षा का संकल्प लेकर, पंजाब के विकास का संकल्प लेकर के आई है। एक बार भाजपा को आपकी सेवा करने का मौका दीजिए, एक बार पांच साल मुझे दीजिए और फिर देखिएगा, डबल इंजन की सरकार कैसे पंजाब को तेज गति से आगे बढ़ाती है। आप देखिए देश के इतने सारे राज्य हैं जहां काँग्रेस एक बार गई, फिर कभी लौटकर आई ही नहीं। और जहां भाजपा को आशीर्वाद मिल गया, वहाँ तो काँग्रेस जड़-मूल से साफ हो गई।

साथियों,

पंजाब के इस क्षेत्र ने देश को ये दिखाया था कि खेती भी खुशहाली का जरिया बन सकती है। लेकिन, आज स्थितियां बदल रही हैं। यहाँ की मिट्टी की उपजाऊ क्षमता घट रही है, मिट्टी में केमिकल्स बढ़ गए हैं। ये खिलवाड़ किया है कांग्रेस की नीतियों ने पंजाब के साथ! भाइयों बहनों, इतिहास गवाह है, काँग्रेस पार्टी ने किसानों को हमेशा धोखा दिया है। स्वामीनाथन कमीशन की सिफ़ारिशों को लागू करने की मांग सालों से देश में थी। ये फाइल पर बैठ गए थे लेकिन कांग्रेस सरकारें झूठ पर झूठ बोलती रहीं। केंद्र में हमारी सरकार बनी तो हमने उन सिफ़ारिशों को लागू करने का काम कर के दिखाया भाइयों-बहनों। ये हमारी किसानों के प्रति भारतीय जनता पार्टी का लगाव है। हमने, आप देखिए पुराने रिकॉर्ड और मैं चुनौती देता हूं किसी भी दल को, हमारे समय में अनाज की रिकॉर्ड खरीद की और किसानों के बैंक खातों में सीधे पैसा भेजा हमने उनके खाते में सीधा पैसा है।

भाइयों और बहनों,

पंजाब के किसानों को आज नई सोच, और नए विज़न वाली सरकार चाहिए। आज किसान को बेहतर फसल, कम लागत और बेहतर कीमत की जरूरत है। इसके लिए हमारी सरकार बीज से बाजार तक नई व्यवस्थाएं बना रही है। ये भाजपा की सरकार है जिसने जल-जीवन मिशन शुरू किया है। आज हम पंजाब के घर घर में साफ पानी का कनेक्शन देने के लिए, नल से जल पहुंचाने के लिए हम बहुत तेज गति से काम कर रहे हैं। साथियों, आज पंजाब में हर व्यापार माफियाओं के कब्जे में है। व्यापारियों को माफियाओं की कृपा पर जीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इसकी सबसे बड़ी तकलीफ हमारे छोटे व्यापारियों को हो रही है। राज्य में असुरक्षा बढ़ती है, गलत नीतियां होती है तो हमारा व्यापारी इसका नुकसान उठाता है। आज आप देखिए कितनी संभावनाओं से भरा पूरा पंजाब लेकिन इंडस्ट्री यहां से छोड़ कर के भाग रही है। हमारे नौजवानों के भविष्य में एक सवालिया निशान खड़ा हो रहा है। कांग्रेस सरकार की नीतियों के कारण यहां जल्दी कोई आने को तैयार भी नहीं है। वह सात बार सोचता है कि वहां जाऊंगा और माफियाओं के चरण में जाना पड़ेगा तो क्या होगा। इन स्थितियों को भी डबल इंजन की सरकार ही बदल सकती है। आप मुझे बताइये और कोई इसको बदल सकता है क्या? और कोई बदल सकता है क्या? एक भी, सारे चेहरे याद कर लो, किसी में दम है क्या? भाइयों बहनों, ये कोई करेगा तो मोदी ही करेगा। हमने अपने घोषणापत्र में अनेक संकल्प लिए हैं, पंजाब में बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर होगा, पारदर्शी सरकार होगी तो न उद्योगों को पलायन करना होगा, न नौजवानों को अपना गांव अपने लोग, अपने बूढ़े मां-बाप, अपने खेत-खलिहान ये सब छोड़ के मेरे नौजवानों को पंजाब से बाहर नहीं जाना पड़ेगा।           

                  

साथियों,

गरीब की तकलीफ दूर हो, उसका जीवन आसान बने, ये हमारे लिए सर्वोच्च प्राथमिकता का काम है। कोरोना काल में भाजपा सरकार गरीबों को मुफ्त राशन दे रही है और मुफ्त वैक्सीन भी दे रही है। आपको सब को वैक्सीन लगी है, आपको कोई पैसा देना पड़ा क्या। ये आपकी जिंदगी को बचाने में एक रक्षा कवच के रूप में काम आ रहा है कि नहीं आ रहा है, आपके जीवन को बचाने के लिए भारत सरकार पूरे रात-दिन काम कर रही है कि नहीं कर रही है। आयुष्मान भारत योजना की वजह से पंजाब के 11 लाख गरीबों ने अच्छे अस्पतालों में अपना मुफ्त इलाज कराया है। ये हमारी योजना ऐसी है, अगर आय़ुष्मान भारत योजना का आपके पास कार्ड है तो इस देश के 50 करोड़ लोगों को इसका लाभ मिल रहा है। दुनिया के कई देशों की आबादी से भी ज्यादा लोगों को और इसकी विशेषता ये है कि आप अगर मुंबई गए है बीमार हो गए, अहमदाबाद गए है बीमार हो गए, लखनऊ गए बीमार हो गए तो वहां भी अस्पताल में इसी कार्ड से मुफ्त में तत्काल आपको डॉक्टरों से सेवा मिलेगी। आपके ऑपरेशन की जरूरत पड़ गई तो वो भी कर दिया जाएगा, यानि पंजाब का नागरिक हिंदुस्तान में कहीं पर भी जाएगा तो उसको ये सुविधा है लेकिन मैं एक और दुख की बात बताता हूं, कि आपके पास कार्ड है आप अहमदाबाद जाएंगे तो ऑपरेशन हो जाएगा, भोपाल जाएंगे तो ऑपरेशन हो जाएगा, लखनऊ जाएंगे तो ऑपरेशन हो जाएगा लेकिन दिल्ली जाएंगे जहां मुख्यमंत्री जो बैठे हैं, दिल्ली में जहां दिल्ली सरकार की अस्पतालें हैं वहां पर आपको मना कर देंगे क्यों, क्योंकि वो इस योजना के साथ जुड़ने के लिए तैयार नहीं है। 

आप मुझे बताइए भैय्या, आपको भारत सरकार 5 लाख रूपया तक बीमारी के लिए खर्च दे रही है तो पंजाब के लोगों को दिल्ली में अगर मदद की जरूरत पड़ जाए तो तुम्हारे पेट में चूहे क्यों दौड़ रहे है बे - मुझे समझ नहीं आ रहा है औऱ जो लोग दिल्ली में आपको घुसने नहीं देना चाहते वो आपसे वोट मांग रहे है क्या ऐसे लोगों को पंजाब में कुछ भी करने का हक है क्या, है क्या? भाइयों-बहनों हमने जो आयुष्मान भारत योजना की बात लगाई है। इससे पंजाब के गरीबों के करीब-करीब 2 हजार करोड़ रुपए बचे हैं। आप कल्पना कीजिए गरीब के लिए 2000 करोड़ रूपये उसकी बीमारी में काम करने का काम दिल्ली में मोदी बैठकर के कर रहा है। भाइयों बहनों ये हमारे दिल में आपके प्रति चिंता है।

पंजाब में 300 से ज्यादा जनऔषधि केंद्र चल रहे हैं और वहां पर जो बाजार में महंगी दवाई मिलती है वैसी ही दवाई, दवाई में कोई समझौता नहीं, कोई कंप्रोमाइज नहीं, उसकी क्वालिटी में कोई कंप्रोमाइज नहीं, लेकिन हमने जो जनऔषधि केंद्र खोले है जो बाजार में दवाई 100 रुपये में मिलती है वहीं दवाई यहां 10 रुपये 20 रुपये में मिल जाती है। ये काम हमने किया है। हम कैसे मदद कर रहे हैं देखिये आप। अगर किसी के परिवार में बुजुर्ग मां-बाप है, डायबिटीज हो गया रोज उनको गोलियां लेनी पड़ रही है, इंजेक्शन लेना पड़ रहा है अगर ये दवाईयां घर में लाई जाए तो महीने का दो ढाई हजार खर्चा तो होता ही होता है। मध्यम वर्ग के परिवार पर दो ढाई हजार रुपये का बोझ लग जाता है लेकिन अगर जन औषधी से ल आएंगे दवाई तो केवल 100-150 रूपये में आपका काम चल जाएगा। हर गरीब परिवार का, मध्यम वर्ग के परिवार का 1000-1500 रूपया बचेगा कि नहीं बचेगा लेकिन इसके लिए हम अरबों-खरबों की जाहिरायत नहीं करते भाई हम तो गरीब के लिए जीते है, गरीब के लिए काम करत है, मध्यम वर्ग के लिए जीते है, मध्यम वर्ग के लिए काम करते हैं। अगर  हाई ब्लड प्रेशर है, उन्हें ऐसे स्टोर्स में गए बहुत सस्तें में दवाई मिल जाएगी। इन केंद्रों से भी हर साल पंजाब के लोगों को करीब-करीब 300 करोड़ रुपये का फायदा हो रहा है, यहां के लोगों को दवाई के खर्चें में 300 करोड़ की बचत, भाइयों-बहनों ये मदद है कि नहीं है, ये मदद है कि नहीं है, ये आपका भला करने के लिए है कि नहीं है क्या कभी हमने किसी अखबार में इश्तिहार दिया है क्या, एडवर्टाइजमेंट दिया है क्या? इसी तरह हमारी सरकार ने जो स्टेंट के पैसे कम कराए हैं,ह्रदय की बीमारी हो हार्ट का स्टेंट लगवाना है, आजकल KNEE की बीमारी हो जाती है 50-60 साल के बाद शुरू हो जाता है। Knee ट्रांसप्लांट कराते है इसमें भी हमने उसके दाम बहुत कम करवा दिए, कानून का उपयोग किया और इसके कारण जिन-जिन लोगों ह्रदय में अगर स्टेंट लगवाया है, हार्ट में ऑपरेशन करवाया है यानि KNEE ऑपरेशन करवाया है उसके भी करोड़ो रूपयों की बचत हुई है। भाइयों-बहनों, हेल्थ सेक्टर में काम कैसा होता है इसके लिए उदाहरण मैं बताता हूं। 

पीएम किसान सम्मान निधि के तहत केंद्र सरकार ने पंजाब के किसानों के बैंक खातों में 3700 करोड़ रुपया सीधा-सीधा किसान के बैंक के खातों में जमा हुआ है अकेले पंजाब में, बीच में कोई कट की कंपनी नहीं, कोई बिचौलिया नहीं, कोई माफिया नहीं सीधा। भाइयों-बहनों मुझे बताइए किसान मुझे आशीर्वाद देगा कि नहीं देगा। इसका लाभ पंजाब के 23 लाख से अधिक किसानों को हुआ है। केंद्र सरकार की आवास योजनाओं के तहत पंजाब में 75 हजार से अधिक घर बनाए जा रहे हैं। औऱ एक-एक घर बनाने के लिए लाख सवा लाख रुपया उनके खाते में भारत सरकार जमा करवाती है ताकि वो पक्के घर में जिंदगी गुजारना शुरू करें। गरीबों को पक्के घर के लिए अकेले पंजाब को 2 हजार करोड़ रुपए से भी अधिक की राशि दी गई है ये आंकड़े जोड़ दीजिए, मैं तो कुछ भी बता रहा हूं ये सारा दिल्ली से पैसा पंजाब की धरती पर उतारने का हमने काम किया है। 

साथियों, 

उजाला स्कीम के तहत हमनें बिजली बिल कम हो, हमेशा-हमेशा के लिए बिजली का खर्चा कम हो। आपकी जेब से ज्यादा पैसा ना जाएं एक स्थाई व्यवस्था बनाई औऱ टेक्नोलॉजिकल सॉल्यूशन निकाला इसके तहत एलईडी बल्व हमनें पंजाब में वितरित किए। इस वजह से गरीबों के बिजली के बिल में 900 करोड़ रुपये से भी अधिक बिजली का बिल बचा है। अगर मध्यम वर्ग के घर में चार लट्टू बल्व है तो उसका 1500-2000 रुपया बच जाता है बिजली का भैया। ये लोग आज जो वादे कर रहे हैं वो एक प्रकार से आपके घर में रोशनी लाने का वादा नहीं है, आपके जेब के पैसे बचाने का वादा नहीं है ये एक ऐसा रास्ता है जो पूरे पंजाब को कुछ ही वर्षों में अंधकार में डुबो देगा। बिजली के कारखाने चलाने की ताकत नहीं होगी, पूरा पंजाब अंधेरे में फंस जाएगा। ये रास्ता इन्होंने चुना है। आप मुझे बताइए क्या पंजाब में अंधेरा आने देना है, अंधेरा आने देना है, अंधेरा आने देना है तो इन लोगों को दिल्ली में ही रोक लो भैय्या, आने मत दो यहां। हम इस बात की भी व्यवस्था कर रहे हैं कि ना सिर्फ बिजली का बिल कम हो बल्कि बिजली कारखाने भी अच्छे ढंग से चले और जरूरत के हिसाब से नए कारखाने भी लगे।

साथियों,

84 के दंगों के समय जब कांग्रेस के नेता नरसंहार चल रहा था और कांग्रेस के नेता क्या कर रहे थे। हुक्म कहां आ रहे थे ये आपसे ज्यादा और कौन जानता है भाइयों। ये बीजेपी के नेता हमारे कार्यकर्ता हमारे सिख भाई परिवारों को बचाने के लिए, मैं उस समय गुजरात में था एक भी परिवार को तकलीफ नहीं होने दी, एक भी परिवार को, सब शान से जीते है भाइयों-बहनों। हर सुख-दुख में हम पंजाब के लोगों के साथ डटकर के खड़े रहे हैं। 

साथियों 

कांग्रेस हमेशा से एक क्षेत्र के लोगों को दूसरे से लड़ाती आई है, ताकि उनकी गाड़ी चल जाए। यहां कांग्रेस के मुख्यमंत्री ने जो बयान दिया, और जिस पर दिल्ली का परिवार है उनका, मालिक, वो बगल में खड़ा होकर के तालियां बजा रहा था। और ये पूरे देश ने देखा है। अपने इन बयानों से ये लोग किसका अपमान कर रहे हैं? यहां का कोई ऐसा गांव ऐसा नहीं होगा जहां हमारे उत्तर प्रदेश के भाई-बहन या बिहार के भाई-बहन यहां पर मेहनत न करते हों। ऐसा कोई गांव नहीं होगा भाइयों-बहनों। कल ही हमने संत रविदास जी की जयंती मनाई है। मैं जरा इन नेताओं से पूछना चाहता हूं, आप मुझे बताइये संत रविदास जी कहां पैदा हुए थे, पंजाब में पैदा हुए थे क्या ? संत रविदास जी उत्तर प्रदेश के बनारस में पैदा हुए थे, काशी में पैदा हुए थे। और आप कहते हो उत्तर प्रदेश के भैइयों को घुसने नहीं देंगे, तो क्या आप संत रविदास जी को भी निकाल दोगे? क्या संत रविदास जी के नाम को मिटा दोगे? क्या भाषा बोलते हो तुम लोग। इतना ही नहीं मैं जरा पूछना चाहता हूं गुरू गोविंद सिंह जी का जन्म कहां हुआ था? पटना साहिब में, हमारे गुरु महाराज गुरु गोविंद सिंह का जन्म हुआ था… पटना में हुआ, बिहार में हुआ और तुम कहते हो कि बिहार के लोगों को घुसने नहीं देंगे। तो क्या तुम गुरु गोविंद सिंह जी का अपमान करोगे। आप गुरु गोविंद सिंह जी का अपमान सहन करोगे क्या, जिस मिट्टी में गुरु गोविंद सिंह जी ने जन्म लिया उस मिट्टी का अपमान करोगे क्या? जिस मिट्टी में जन्म लेकर गुरु गोविंद सिंह जी ने हमारी रक्षा की उस मिट्टी के संतानों को पंजाब में घुसने नहीं देंगे इस भाषा का प्रयोग करोगे क्या। संत रविदास जी जिन्होंने समाज का इतना बड़ा कल्याण किया, काशी में पैदा हुए आज पंजाब के हर घऱ में संत रविदास जी के प्रति श्रद्धा है उनको भी निकाल दोगे। यूपी और बिहार के लोगों को घुसने नहीं देंगे। भाइयों-बहनों, इस तरह की विभाजनकारी सोच को एक पल के लिए पंजाब में राज करने का अधिकार नहीं है। 

भाइयों-बहनों 

हमारा पंजाब सीमावर्ती राज्य है इस पर सीमा पार से हमेशा नजरें बनी रहती हैं, गड़ी रहती है, इसलिए यहां जो सरकार बनेगी वो राष्ट्र प्रथम नेशन फर्स्ट इसके लिए प्रतिबद्ध सरकार होनी चाहिए, ढुलमुल रवैये वाले लोग नहीं होने चाहिए। जो लोग भारत को एक राष्ट्र ही नहीं मानते, देश की अखंडता, पंजाब की सुरक्षा ऐसे लोगों के हाथ में हम सुपुर्द नहीं कर सकते हैं। पंजाब वैसे भी आज अनेक चुनौतियों का मुकाबला कर रहा है, इन चुनौतियों में एक और समस्या अस्थिरता वाली हमें किसी भी हालत में जोड़नी नहीं है। लेकिन आज पंजाब को कांग्रेस फिर से अस्थिरता की तरफ ले जाने का प्रयास कर रही है।          

साथियों, 

कांग्रेस की जो ‘पार्टनर इन क्राइम’ है. एक नई पार्टी आई है, वो भी एक के बाद एक झूठ, रोज नई मनगढ़ंत बातें पंजाब में आकर बोल रहे हैं। ये वो लोग हैं जिनकी दिल्ली में सरकार है। आप अगर इनकी सरकार को देखेंगे तो पता चल जाएगा कि ये लोग सिखों को, पंजाबियों को डगर-डगर पर कितना अपमानित करते हैं, दिल्ली जाओगे तो पता चलेगा। आज पंजाब में आकर सिखों को झूठ बोलने वाले इन लोगों ने दिल्ली में एक भी सिख को न मंत्री बनाया है। इतना ही नहीं ये पंजाब को को नशामुक्त करने की बात करते हैं, लेकिन दिल्ली में हर स्कूल-कॉलेज के बगल में शराब के ठेके खोलकर बैठ गए हैं। ये कैसे झूठ बोलने में महारथी हैं, आराम से झूठ बोलना और आराम से पलट जाना. कोई परवाह ही नहीं। दिल्ली में प्रदूषण बढ़ता है तो ये पंजाब के किसानों को गाली देते हैं। दिल्ली की हवा खराब हो गई, आप ने देखा होगा, ये सब हमें नहीं मालूम मैं कह नहीं रहा हूं, आप दिल्ली में जाओ तो पंजाब के किसानों को गाली दो, और यहां आकर किसानों को गले लगाने की बात करो किसी के गले उतरेगा क्या, उतरेगा क्या? ये चलेगा क्या? जब कोरोना की वेव आई तो इन लोगों ने यूपी-पंजाब-हरियाणा के लोगों को झूठ बोलकर के दिल्ली से बाहर भगा दिया। ये बहुत भयंकर होने वाला है महीनों तक खाना नहीं मिलेगा भागो। जो लोग दिल्ली में पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश के लोगों को भगा देते हैं वो आज आपके पास आए हैं, आप क्या करोगे मेहमान के रूप में स्वीकार करोगे क्या? 

भाइयों-बहनों, 

बात इतनी नहीं है साथियों, इनके इरादे कहीं ज्यादा खतरनाक हैं! आपने सुना होगा, कल इनके एक पुराने विश्वस्त साथी जो पिछले बार पंजाब उनकी तरफ से चुनाव के इंचार्ज थे, और उनके खासम-खास दोस्त थे, अन्ना हजारे के साथ ये आंदोलन में झंडा लेकर के खड़े रहते थे। और कवि होने के नाते, चिंतक होने के नाते देश भर में उनके कवि सम्मेलनों को सुनने के लिए   देश की युवा पीढ़ी घंटों तक इंतजार करती है, ऐसा मां सरस्वती की पूजा में लगा हुआ इंसान, कल उसने कह दिया, जब दर्द काफी हुआ होगा तब उसने मुंह खोला होगा, और कल जब उसने कहा है, उन्हीं के साथी ने जो आरोप लगाया है वो बहुत खतरनाक है। कल उन्हीं के एक साथी ने उनके चरित्र का जो वर्णन किया है, इसको हर मतदाता ने हर देशवासी ने बड़ी गंभीरता से लेने की जरूरत है।    

पंजाब के मेरे भाइयों और बहनों,

ये लोग पंजाब को तोड़ने का सपना पाले हुए हैं। ये लोग सत्ता के लिए अलगाववादियों से भी हाथ मिलाने को तैयार हैं। सत्ता पाने के लिए इन लोगों को अगर देश भी तोड़ना पड़े, तो ये उसके लिए भी तैयार हैं। इनका एजेंडा और देश के दुश्मनों का एजेंडा, पाकिस्तान का एजेंडा अलग नहीं है। इसलिए ही ये सर्जिकल स्ट्राइक पर पाकिस्तान के सुर में सुर मिलाते हैं। इसलिए ही ये पंजाब में ड्रग्स के नेटवर्क को बढ़ाना चाहते हैं। इसलिए ही ये बॉर्डर पर BSF के बढ़ते अधिकारों के खिलाफ आवाज उठाते हैं। यही इन लोगों का मंसूबा है, यही इनकी सोच है। लेकिन साथियों, अराजकता और अलगाव के नशे में डूबे इन लोगों को पता नहीं है कि मेरा पंजाब है क्या! ये मेरे पंजाब ने कितने घाव झेले हैं लेकिन देश के लिए मरने-मिटने में आगे रहा है ये मेरा पंजाब रहा है भाइयों-बहनों। पंजाब उन गुरुओं, उन शहीदों की भूमि है जिन्होंने देश के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिये थे। ये पंजाब और ये भारत किसी की साजिशों से टूटने वाला नहीं है। हर भारतीय ऐसी ताकतों के सामने पूरी ताकत से खड़ा है।

भाइयों और बहनों,

ये सामान्य चुनाव नहीं है। ये पंजाब के वर्तमान के लिए, पंजाब के भविष्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण चुनाव है। अब बीच में दो-तीन दिन ही बचे हैं, 20 तारीख को पंजाब के लोगों को इनके अपराधों का हिसाब करना है। करोगे? चुन-चुन के हिसाब करोगे? पल-पल का हिसाब करोगे? 20 तारीख को पंजाब के लोगों को भाजपा के लिए, एनडीए के लिए, नवा-पंजाब के लिए पूरे जोश से भारी मात्रा में, ज्यादा से ज्यादा संख्या में वोट करना है। वोट करोगे ना? वोट करोगे ना? ऐसा तो नहीं होगा न कि इस सभा के बाद अरे भाई सभा बड़ी जबर्दस्त हो गई रैली बड़ी जबर्दस्त हो गई, चलो आज सो जाते हैं, ऐसा नहीं करोगे ना? ऐसा नहीं करोगे ना? घर-घर जाओगे? एक-एक मतदाता को मिलोगे? देश की बात बताओगे? पंजाब के उज्ज्वल भविष्य की बात बताओगे? यहां के नौजवानों के कल्याण की बात बताओगे? कमल पर वोट डलबाओगे? एनडीए के साथियों को वोट डलबाओगे?  यहां की माताओ-बहनों की भलाई की बात बताओगे? लोगों को मतदान के लिए तैयार करोगे? 

भाइयों-बहनों,

मैं विशेषकर के उन नवजवानों से आग्रह करना चाहता हूं जो जीवन में पहली बार वोट देने के लिए जाने वाले हैं जो फर्स्ट टाइम वोटर्स हैं, ये फर्स्ट टाइम वोटर आपकी जिंदगी का एक महत्वपूर्ण अवसर है, जब आप वोट डालने जा रहे हैं, मतलब आप अब पंजाब का भविष्य तय करने के एक निर्णय के भागीदार बन रहे हैं। यह बहुत महत्वपूर्ण अवसर आपको मिला है। मैं फर्स्ट टाइम वोटर से कहना चाहता हूं। आप गर्व के साथ वोट करने जाइए और याद रखिए आज का दिन जीवन में कि आपने अपने पहले वोट से ही पंजाब की शक्ल-सूरत बदलने का काम किया था और आपने पंजाब को बनाने में भागीदारी निभाई। आज मैं हमारे अबोहर के लोगों से भी एक विशेष आग्रह करूंगा। मैं जब यहां मंच पर बैठा था तो जब मैं यहां काम कर रहा था वो सारे पुराने परिवार सब को मैं देख रहा हूं, और हाथ उठाकर के नमस्ते कर रहा हूं। आप सब के बीच में मुझे लंबे अरसे तक काम करने का मौका मिला है, लेकिन आपसे अबोहर के मेरे साथियों को मैं एक विशेष जिम्मेदारी देना चाहता हूं। मुझे बताया गया कि हमारे उम्मीदवार को कोरोना के कारण बाहर निकलना मुश्किल हो गया है, तो अभी दो-तीन दिन आप ही को हर यहां का नागरिक ही उम्मीदवार है। अब हमारे उम्मीदवार कोरोना के कारण न आ पाए, हर व्यक्ति हमारा उम्मीदवार है, हर कार्यकर्ता हमारा उम्मीदवार है। हमें मिलकर के अबोहर में, दो-चार दिन थोड़ा  उनको रेस्ट करना पड़ेगा, आइसोलेसन में रहना पड़ेगा, उस काम को हम निभाएंगे, निभाएंगे क्या? एक-एक कार्यकर्ता इस बात को निभाएगा? हम मिलकर के चलेंगे  एनडीए के हमारे साथी श्रीमान ढींढसा साहब, कैप्टन साहब हम सब मिलकर के पंजाब के सपनों को पूरा करने में कोई कमी नहीं रखेंगे। इसी आशा के साथ आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद। दोनों मुट्ठी बंद कर के पूरी ताकत से बोलिए भारत माता की… भारत माता की… भारत माता की… हमारे जो उम्मीदवार है इस चुनाव में उनसे मेरी प्रार्थना है कि आगे आ जाएं। ताकि मैं भी आपके साथ खड़ा हो जाऊं, हरदीप जी भी आ जाएं, भारत माता की… भारत माता की…

बहुत-बहुत धन्यवाद।

 

 

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प्रश्न: वोटिंग में मत प्रतिशत उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। क्या, कम वोट पड़ने पर भी बीजेपी 400 पार सीटें जीत सकती है? ये कौन से वोटर हैं, जो घर से नहीं निकल रहे?

उत्तर: किसी भी लोकतंत्र के लिए ये बहुत आवश्यक है कि लोग मतदान में बढ़चढ कर हिस्सा लें। ये पार्टियों की जीत-हार से बड़ा विषय है। मैं तो देशभर में जहां भी रैली कर रहा हूं, वहां लोगों से मतदान करने की अपील कर रहा हूं। इस समय उत्तर भारत में बहुत कड़ी धूप है, गर्मी है। मैं आपके माध्यम से भी लोगों से आग्रह करूंगा कि लोकतंत्र के इस महापर्व में अपनी भूमिका जरूर निभाएं। तपती धूप में लोग ऑफिस तो जा ही रहे हैं, हर व्यक्ति अपने काम के लिए घर से बाहर निकल रहा है, ऐसे में वोटिंग को भी दायित्व समझकर जरूर पूरा करें। चार चरणों के चुनाव के बाद बीजेपी ने बहुमत का आंकड़ा पा लिया है, आगे की लड़ाई 400 पार के लिए ही हो रही है। चुनाव विशेषज्ञ विश्लेषण करने में जुटे हैं, ये उनका काम है, लेकिन अगर वो मतदाताओं और बीजेपी की केमिस्ट्री देख पाएं तो समझ जाएंगे कि 400 पार का नारा हकीकत बनने जा रहा है। मैं जहां भी जा रहा हूं, बीजेपी के प्रति लोगों के अटूट विश्वास को महसूस रहा हूं। एनडीए को 400 सीटों पर जीत दिलाने के लिए लोग उत्साहित हैं।

प्रश्न: लेकिन कश्मीर में वोट प्रतिशत बढ़े। कश्मीर में बढ़ी वोटिंग का संदेश क्या है?

उत्तर: : मेरे लिए इस चुनाव में सबसे सुकून देने वाली घटना यही है कि कश्मीर में वोटिंग प्रतिशत बढ़ी है। वहां मतदान केंद्रों के बाहर कतार में लगे लोगों की तस्वीरें ऊर्जा से भर देने वाली हैं। मुझे इस बात का संतोष है कि जम्मू-कश्मीर के बेहतर भविष्य के लिए हमने जो कदम उठाए हैं, उसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। श्रीनगर के बाद बारामूला में भी बंपर वोटिंग हुई है। आर्टिकल 370 हटने के बाद आए परिवर्तन में हर कश्मीरी राहत महसूस कर रहा है। वहां के लोग समझ गए हैं कि 370 की आड़ में इतने वर्षों तक उनके साथ धोखा हो रहा था। दशकों तक जम्मू-कश्मीर के लोगों को विकास से दूर रखा गया। सिस्टम में फैले भ्रष्टाचार से वहां के लोग त्रस्त थे, लेकिन उन्हें कोई विकल्प नहीं दिया जा रहा था। परिवारवादी पार्टियों ने वहां की राजनीति को जकड़ कर रखा था। आज वहां के लोग बिना डरे, बिना दबाव में आए विकास के लिए वोट कर रहे हैं।

प्रश्न: 2014 और 2019 के मुकाबले 2024 के चुनाव और प्रचार में आप क्या फर्क महसूस कर रहे हैं?

उत्तर: 2014 में जब मैं लोगों के बीच गया तो मुझे देशभर के लोगों की उम्मीदों को जानने का अवसर मिला। जनता बदलाव चाहती थी। जनता विकास चाहती थी। 2019 में मैंने लोगों की आंखों में विश्वास की चमक देखी। ये विश्वास हमारी सरकार के 5 साल के काम से आया था। मैंने महसूस किया कि उन 5 वर्षों में लोगों की आकांक्षाओं का विस्तार हुआ है। उन्होंने और बड़े सपने देखे हैं। वो सपने उनके परिवार से भी जुड़े थे, और देश से भी जुड़े थे। पिछले 5 साल तेज विकास और बड़े फैसलों के रहे हैं। इसका प्रभाव हर व्यक्ति के जीवन पर पड़ा है। अब 2024 के चुनाव में मैं जब प्रचार कर रहा हूं तो मुझे लोगों की आंखों में एक संकल्प दिख रहा है। ये संकल्प है विकसित भारत का। ये संकल्प है भ्रष्टाचार मुक्त भारत का। ये संकल्प है मजबूत भारत का। 140 करोड़ भारतीयों को भरोसा है कि उनका सपना बीजेपी सरकार में ही पूरा हो सकता है, इसलिए हमारी सरकार की तीसरी पारी को लेकर जनता में अभूतपूर्व उत्साह है।

प्रश्न: 10 साल की सबसे बड़ी उपलब्धि आप किसे मानते हैं और तीसरे कार्यकाल के लिए आप किस तरह खुद को तैयार कर रहे हैं?

उत्तर: पिछले 10 वर्षों में हमारी सरकार ने अर्थव्यवस्था, सामाजिक न्याय, गरीब कल्याण और राष्ट्रहित से जुड़े कई बड़े फैसले लिए हैं। हमारे कार्यों का प्रभाव हर वर्ग, हर समुदाय के लोगों पर पड़ा है। आप अलग-अलग क्षेत्रों का विश्लेषण करेंगे तो हमारी उपलब्धियां और उनसे प्रभावित होने वाले लोगों के बारे में पता चलेगा। मुझे इस बात का बहुत संतोष है कि हम देश के 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर ला पाए। करोड़ों लोगों को घर, शौचालय, बिजली-पानी, गैस कनेक्शन, मुफ्त इलाज की सुविधा दे पाए। इससे उनके जीवन में जो बदलाव आया है, उसकी उन्होंने कल्पना तक नहीं की थी। आप सोचिए, कि अगर करोड़ों लोगों को ये सुविधाएं नहीं मिली होतीं तो वो आज भी गरीबी का जीवन जी रहे होते। इतना ही नहीं, उनकी अगली पीढ़ी भी गरीबी के इस कुचक्र में पिसने के लिए तैयार हो रही होती।

हमने गरीब को सिर्फ घर और सुविधाएं नहीं दी हैं, हमने उसे सम्मान से जीने का अधिकार दिया है। हमने उसे हौसला दिया है कि वो खुद अपने पैरों पर खड़ा हो सके। हमने उसे एक विश्वास दिया कि जो जीवन उसे देखना पड़ा, वो उसके बच्चों को नहीं देखना पड़ेगा। ऐसे परिवार फिर से गरीबी में न चले जाएं, इसके लिए हम हर कदम पर उनके साथ खड़े हैं। इसीलिए, आज देश के 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है, ताकि वो अपनी आय अपनी दूसरी जरूरतों पर खर्च कर सकें। हम कौशल विकास, पीएम विश्वकर्मा और स्वनिधि जैसी योजनाओं के माध्यम से उन्हें आगे बढ़ने में मदद कर रहे हैं। हमने घर की महिला सदस्य को सशक्त बनाने के भी प्रयास किए। लखपति दीदी, ड्रोन दीदी जैसी योजनाओं से महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत हुई हैं। मेरी सरकार के तीसरे कार्यकाल में इन योजनाओं को और विस्तार मिलेगा, जिससे ज्यादा महिलाओं तक इनका लाभ पहुंचेगा।

प्रश्न: हमारे रिपोर्टर्स देशभर में घूमे, एक बात उभर कर आई कि रोजगार और महंगाई पर लोगों ने हर जगह बात की है। जीतने के बाद पहले 100 दिनों में युवाओं के लिए क्या करेंगे? रोजगार के मोर्चे पर युवाओं को कोई भरोसा देना चाहेंगे?

उत्तर: पिछले 10 वर्षों में हम महंगाई दर को काबू रख पाने में सफल रहे हैं। यूपीए के समय महंगाई दर डबल डिजिट में हुआ करती थी। आज दुनिया के अलग-अलग कोनों में युद्ध की स्थिति है। इन परिस्थितियों का असर देश की अर्थव्यवस्था और महंगाई पर पड़ा है। हमने दुनिया के ताकतवर देशों के सामने अपने देश के लोगों के हित को प्राथमिकता दी, और पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने नहीं दीं। पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़तीं तो हर चीज महंगी हो जाती। हमने महंगाई का बोझ कम करने के लिए हर छोटी से छोटी चीज पर फोकस किया। आज गरीब परिवारों को अच्छे से अच्छे अस्पताल में 5 लाख रुपये तक इलाज मुफ्त मिलता है। जन औषधि केंद्रों की वजह से दवाओं के खर्च में 70 से 80 प्रतिशत तक राहत मिली है। घुटनों की सर्जरी हो या हार्ट ऑपरेशन, सबका खर्च आधे से ज्यादा कम हो गया है। आज देश में लोन की दरें सबसे कम हैं। कार लेनी हो, घर लेना हो तो आसानी से और सस्ता लोन उपलब्ध है। पर्सनल लोन इतना आसान देश में कभी नहीं था। किसान को यूरिया और खाद की बोरी दुनिया के मुकाबले दस गुना कम कीमत पर मिल रही है। पिछले 10 वर्षों में रोजगार के अनेक नए अवसर बने हैं। लाखों युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। प्राइवेट सेक्टर में रोजगार के नए मौके बने हैं। EPFO के मुताबिक पिछले सात साल में 6 करोड़ नए सदस्य इसमें जुड़े हैं।

PLFS का डेटा बताता है कि 2017 में जो बेरोजगारी दर 6% थी, वो अब 3% रह गई है। हमारी माइक्रो फाइनैंस की नीतियां कितनी प्रभावी हैं, इस पर SKOCH ग्रुप की एक रिपोर्ट आई है। इस रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 10 साल में हर वर्ष 5 करोड़ पर्सन-ईयर रोजगार पैदा हुए हैं। युवाओं के पास अब स्पेस सेक्टर, ड्रोन सेक्टर, गेमिंग सेक्टर में भी आगे बढ़ने के अवसर हैं। देश में डिजिटल क्रांति से भी युवाओं के लिए अवसर बने हैं। आज भारत में डेटा इतना सस्ता है तभी देश की क्रिएटर इकनॉमी बड़ी हो रही है। आज देश में सवा लाख से ज्यादा स्टार्टअप्स हैं, इनसे बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर बन रहे हैं। हमने अपनी सरकार के पहले 100 दिनों का एक्शन प्लान तैयार किया है, उसमें हमने अलग से युवाओं के लिए 25 दिन और जोड़े हैं। हम देशभर से आ रहे युवाओं के सुझाव पर गौर कर रहे हैं, और नतीजों के बाद उस पर तेजी से काम शुरू होगा।

प्रश्न: सोशल मीडिया में एआई और डीपफेक जैसे मसलों पर आपने चिंता जताई है। इस चुनाव में भी इसके दुरुपयोग की मिसाल दिखी हैं। मिसइनफरमेशन का ये टूल न बने, इसके लिए क्या किया जा सकता है? कई एक्टिविस्ट और विपक्ष का कहना रहा है कि इन चीजों पर सख्ती की आड़ में कहीं फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन पर पाबंदी तो नहीं लगेगी? इन सवालों पर कैसे आश्वस्त करेंगे?

उत्तर: तकनीक का इस्तेमाल जीवन में सुगमता लाने के लिए किया जाना चाहिए। आज एआई ने भारत के युवाओँ के लिए अवसरों के नए द्वार खोल दिए हैं। एआई, मशीन लर्निगं और इंटरनेट ऑफ थिंग्स अब हमारे रोज के जीवन की सच्चाई बनती जा रही है। लोगों को सहूलियत देने के लिए कंपनियां अब इन तकनीकों का उपयोग बढ़ा रही हैं। दूसरी तरफ इनके माध्यम से गलत सूचनाएं देने, अफवाह फैलाने और लोगों को भ्रमित करने की घटनाएं भी हो रही हैं। चुनाव में विपक्ष ने अपने झूठे नरैटिव को फैलाने के लिए यही करना शुरू किया था। हमने सख्ती करके इस तरह की कोशिश पर रोक लगाने का प्रयास किया। इस तरह की प्रैक्टिस किसी को भी फायदा नहीं पहुंचाएगी, उल्टे तकनीक का गलत इस्तेमाल उन्हें नुकसान ही पहुंचाएगा। अभिव्यक्ति की आजादी का फेक न्यूज और फेक नरैटिव से कोई लेना-देना नहीं है। मैंने एआई के एक्सपर्ट्स के सामने और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर डीप फेक के गलत इस्तेमाल से जुड़े विषयों को गंभीरता से रखा है। डीप फेक को लेकर वर्ल्ड लेवल पर क्या हो सकता है, इस पर मंथन चल रहा है। भारत इस दिशा में गंभीरता से प्रयास कर रहा है। लोगों को जागरूक करने के लिए ही मैंने खुद सोशल मीडिया पर अपना एक डीफ फेक वीडियो शेयर किया था। लोगों के लिए ये जानना आवश्यक है कि ये तकनीक क्या कर सकती है।

प्रश्न:देश के लोगों की सेहत को लेकर आपकी चिंता हम सब जानते हैं। आपने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस शुरू किया, योगा प्रोटोकॉल बनवाया, आपने आयुष्मान योजना शुरू की है। तीसरे कार्यकाल में क्या इन चीज़ों पर भी काम करेंगे, जो हमारी सेहत खराब होने के मूल कारक हैं। जैसे लोगों को साफ हवा, पानी, मिट्टी मिले।

उत्तर: देश 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है। इस सपने को शक्ति तभी मिलेगी, जब देश का हर नागरिक स्वस्थ हो। शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत हो। यही वजह है कि हम सेहत को लेकर एक होलिस्टिक अप्रोच अपना रहे हैं। एलोपैथ के साथ ही योग, आयुर्वेद, भारतीय परंपरागत पद्धतियां, होम्योपैथ के जरिए हम लोगों को स्वस्थ रखने की दिशा में काम कर रहे हैं। राजनीति में आने से पहले मैंने लंबा समय देश का भ्रमण करने में बिताया है। उस समय मैंने एक बात अनुभव की थी कि घर की महिला सदस्य अपने खराब स्वास्थ्य के बारे छिपाती है। वो खुद तकलीफ झेलती है, लेकिन नहीं चाहती कि परिवार के लोगों को परेशानी हो। उसे इस बात की भी फिक्र रहती है कि डॉक्टर, दवा में पैसे खर्च हो जाएंगे। जब 2014 में मुझे देश की सेवा करने का अवसर मिला तो सबसे पहले मैंने घर की महिला सदस्य के स्वास्थ्य की चिंता की। मैंने माताओं-बहनों को धुएं से मुक्ति दिलाने का संकल्प लिया और 10 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन दिए। मैंने बुजुर्गों की सेहत पर भी ध्यान दिया है। हमारी सरकार की तीसरी पारी में 70 साल से ऊपर के सभी बुजुर्गों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ मिलने लगेगा। यानी उनके इलाज का खर्च सरकार उठाएगी। साफ हवा, पानी, मिट्टी के लिए हम काम शुरू कर चुके हैं। सिंगल यूज प्लास्टिक पर हमारा अभियान चल रहा है। जल जीवन मिशन के तहत हम देश के लाखों गांवों तक साफ पानी पहुंचा रहे हैं। सॉयल हेल्थ कार्ड, आर्गेनिक खेती की दिशा में काम हो रहा है। हम मिशन लाइफ को प्राथमिकता दे रहे हैं और इस विचार को आगे बढ़ा रहे हैं कि हर व्यक्ति पर्यावरण के अनुकूल जीवन पद्धति को अपनाए।

प्रश्न: विदेश नीति आपके दोनों कार्यकाल में काफी अहम रही है। इस वक्त दुनिया काफी उतार चढ़ाव से गुजर रही है, चुनाव नतीजों के तुरंत बाद जी7 समिट है। आप नए हालात में भारत के रोल को किस तरह देखते हैं?

उत्तर: शायद ये पहला चुनाव है, जिसमें भारत की विदेश नीति की इतनी चर्चा हो रही है। वो इसलिए कि पिछले 10 साल में दुनियाभर में भारत की साख मजबूत हुई है। जब देश की साख बढ़ती है तो हर भारतीय को गर्व होता है। जी20 समिट में भारत ग्लोबल साउथ की मजबूत आवाज बना, अब जी7 में भारत की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होने वाली है। आज दुनिया का हर देश जानता है कि भारत में एक मजबूत सरकार है और सरकार के पीछे 140 करोड़ देशवासियों का समर्थन है। हमने अपनी विदेश नीति में भारत और भारत के लोगों के हित को सर्वोपरि रखा है। आज जब हम व्यापार समझौते की टेबल पर होते हैं, तो सामने वाले को ये महसूस होता है कि ये पहले वाला भारत नहीं है। आज हर डील में भारतीय लोगों के हित को प्राथमिकता दी जाती है। हमारे इस बदले रूप को देखकर दूसरे देशों को हैरानी हुई, लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने इसे स्वीकार कर लिया। ये नया भारत है, आत्मविश्वास से भरा भारत है। आज भारत संकट में फंसे हर भारतीय की मदद के लिए तत्पर रहता है। पिछले 10 वर्षों में अनेक भारतीयों को संकट से बाहर निकालकर देश में ले आए। हम अपनी सांस्कृतिक धरोहरों को भी देश में वापस ला रहे हैं। युद्ध में आमने-सामने खड़े दोनों देशों को भारत ने बड़ी मजबूती से ये कहा है कि ये युद्ध का समय नहीं है, ये बातचीत से समाधान का समय है। आज दुनिया मानती है कि भारत का आगे बढ़ना पूरी दुनिया और मानवता के लिए अच्छा है।

प्रश्न: अमेरिका भी चुनाव से गुजर रहा है। आपके रिश्ते ट्रम्प और बाइडन दोनों के साथ बहुत अच्छे रहे हैं। आप कैसे देखते हैं अमेरिका के साथ भारतीय रिश्तों को इन संदर्भ में?

उत्तर: हमारी विदेश नीति का मूल मंत्र है इंडिया फर्स्ट। पिछले 10 वर्षों में हमने इसी को ध्यान में रखकर विभिन्न देशों और प्रभावशाली नेताओं से संबंध बनाए हैं। भारत-अमेरिका संबंधों की मजबूती का आधार 140 करोड़ भारतीय हैं। हमारे लोग हमारी ताकत हैं, और दुनिया हमारी इस शक्ति को बहुत महत्वपूर्ण मानती है। अमेरिका में राष्ट्रपति चाहे ट्रंप रहे हों या बाइडन, हमने उनके साथ मिलकर दोनों देशों के संबंध को और मजबूत बनाने का प्रयास किया है। भारत-अमेरिका के संबंधों पर चुनाव से कोई अंतर नहीं आएगा। वहां जो भी राष्ट्रपति बनेगा, उसके साथ मिलकर नई ऊर्जा के साथ काम करेंगे।

प्रश्न: BJP का पूरा प्रचार आप पर ही केंद्रित है, क्या इससे सांसदों के खुद के काम करने और लोगों के संपर्क में रहने जैसे कामों को तवज्जो कम हो गई है और नेता सिर्फ मोदी मैजिक से ही चुनाव जीतने के भरोसे हैं। आप इसे किस तरह काउंटर करते हैं?

उत्तर: बीजेपी एक टीम की तरह काम करती है। इस टीम का हर सदस्य चुनाव जीतने के लिए जी-तोड़ मेहनत कर रहा है। चुनावी अभियान में जितना महत्वपूर्ण पीएम है, उतना ही महत्वपूर्ण कार्यकर्ता है। ये परिवारवादी पार्टियों का फैलाया गया प्रपंच है। उनकी पार्टी में एक परिवार या कोई एक व्यक्ति बहुत अहम होता है। हमारी पार्टी में हर नेता और कार्यकर्ता को एक दायित्व दिया जाता है।

मैं पूछता हूं, क्या हमारी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रोज रैली नहीं कर रहे हैं। क्या हमारे मंत्री, मुख्यमंत्री, पार्टी पदाधिकारी रोड शो और रैलियां नहीं कर रहे। मैं पीएम के तौर पर जनता से कनेक्ट करने जरूर जाता हूं, लेकिन लोग एमपी उम्मीदवार के माध्यम से ही हमसे जुड़ते हैं। मैं लोगों के पास नैशनल विजन लेकर जा रहा हूं, उसे पूरा करने की गारंटी दे रहा हूं, तो हमारा एमपी उम्मीदवार स्थानीय आकांक्षाओं को पूरा करने का भरोसा दे रहा है। हमने उन्हीं उम्मीदवारों का चयन किया है, जो हमारे विजन को जनता के बीच पहुंचा सकें। विकसित भारत की सोच से लोगों को जोड़ने के लिए जितनी अहमियत मेरी है, उतनी ही जरूरत हमारे उम्मीदवारों की भी है। हमारी पूरी टीम मिलकर हर सीट पर कमल खिलाने में जुटी है।

प्रश्न: महिला आरक्षण पर आप ने विधेयक पास कराए। क्या नई सरकार में हम इन पर अमल होते हुए देखेंगे?

उत्तर: ये प्रश्न कांग्रेस के शासनकाल के अनुभव से निकला है, तब कानून बना दिए जाते थे लेकिन उसे नोटिफाई करने में वर्षों लग जाते थे। हमने अगले 5 वर्षों का जो रोडमैप तैयार किया है, उसमें नारी शक्ति वंदन अधिनियम की महत्वपूर्ण भूमिका है। हम देश की आधी आबादी को उसका अधिकार देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इंडी गठबंधन की पार्टियों ने दशकों तक महिलाओं को इस अधिकार से वंचित रखा। सामाजिक न्याय की बात करने वालों ने इसे रोककर रखा था। देश की संसद और विधानसभा में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से महिला सशक्तिकरण का एक नया दौर शुरू होगा। इस परिवर्तन का असर बहुत प्रभावशाली होगा।

प्रश्न: महाराष्ट्र की सियासी हालत इस बार बहुत पेचीदा हो गई है। एनडीए क्या पिछली दो बार का रिकॉर्ड दोहरा पाएगा?

उत्तर: महाराष्ट्र समेत पूरे देश में इस बार बीजेपी और एनडीए को लेकर जबरदस्त उत्साह है। महाराष्ट्र में स्थिति पेचीदा नहीं, बल्कि बहुत सरल हो गई है। लोगों को परिवारवादी पार्टियों और देश के विकास के लिए समर्पित महायुति में से चुनाव करना है। बाला साहेब ठाकरे के विचारों को आगे बढ़ाने वाली शिवसेना हमारे साथ है। लोग देख रहे हैं कि नकली शिवसेना अपने मूल विचारों का त्याग करके कांग्रेस से हाथ मिला चुकी है। इसी तरह एनसीपी महाराष्ट्र और देश के विकास के लिए हमारे साथ जुड़ी है। अब जो महा ‘विनाश’ अघाड़ी की एनसीपी है, वो सिर्फ अपने परिवार को आगे बढ़ाने के लिए वोट मांग रही है। लोग ये भी देख रहे हैं कि इंडी गठबंधन अभी से अपनी हार मान चुका है। अब वो चुनाव के बाद अपना अस्तित्व बचाने के लिए कांग्रेस में विलय की बात कर रहे हैं। ऐसे लोगों को मतदान करना, अपने वोट को बर्बाद करना है। इस बार हम महाराष्ट्र में अपने पिछले रिकॉर्ड को तोड़ने वाले हैं।

प्रश्न: पश्चिम बंगाल में भी बीजेपी ने बहुत प्रयास किए हैं। पिछली बार बीजेपी 18 सीटें जीतने में कामयाब रही थी। बाकी राज्यों की तुलना में यह आपके लिए कितना कठिन राज्य है और इस बार आपको क्या उम्मीद है?

उत्तर: TMC हो, कांग्रेस हो, लेफ्ट हो, इन सबने बंगाल में एक जैसे ही पाप किए हैं। बंगाल में लोग समझ चुके हैं कि इन पार्टियों के पास सिर्फ नारे हैं, विकास का विजन नहीं हैं। कभी दूसरे राज्यों से लोग रोजगार के लिए बंगाल आते थे, आज पूरे बंगाल से लोग पलायन करने को मजबूर हैं। जनता ये भी देख रही है कि बंगाल में जो पार्टियां एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रही हैं, दिल्ली में वही एक साथ नजर आ रही हैं। मतदाताओं के साथ इससे बड़ा छल कुछ और नहीं हो सकता। यही वजह है कि इंडी गठबंधन लोगों का भरोसा नहीं जीत पा रहा। बंगाल के लोग लंबे समय से भ्रष्टाचार, हिंसा, अराजकता, माफिया और तुष्टिकरण को बर्दाश्त कर रहे हैं। टीएमसी की पहचान घोटाले वाली सरकार की बन गई है। टीएमसी के नेताओं ने अपनी तिजोरी भरने के लिए युवाओं के सपनों को कुचला है। यहां स्थिति ये है कि सरकारी नौकरी पाने के बाद भी युवाओं को भरोसा नहीं है कि उनकी नौकरी रहेगी या जाएगी। लोग बंगाल की मौजूदा सरकार से पूरी तरह हताश हैं।अब उनके सामने बीजेपी का विकास मॉडल है। मैं बंगाल में जहां भी गया, वहां लोगों में बीजेपी के प्रति अभूतपूर्व विश्वास नजर आया। विशेष रुप से बंगाल में मैंने देखा कि माताओं-बहनों का बहुत स्नेह मुझे मिल रहा है। मैं उनसे जब भी मिलता हूं, वो खुद तो इमोशनल हो ही जाती हैं, मैं भी अपने भावनाओं को रोक नहीं पाता हूं। इस बार बंगाल में हम पहले से ज्यादा सीटों पर जीत हासिल करेंगे।

प्रश्न: शराब मामले को लेकर अरविंद केजरीवाल को जेल जाना पड़ा है। उनका कहना है कि ईडी ने जबरदस्ती उन्हें इस मामले में घसीटा है जबकि अब तक उनके पास से कोई पैसा बरामद नहीं हुआ?

उत्तर: आपने कभी किसी ऐसे व्यक्ति को सुना है जो आरोपी हो और ये कह रहा हो कि उसने घोटाला किया था। या कह रहा हो कि पुलिस ने उसे सही गिरफ्तार किया है। अगर एजेंसियों ने उन्हें गलत पकड़ा था, तो कोर्ट से उन्हें राहत क्यों नहीं मिली। ईडी और एजेसिंयो पर आरोप लगाने वाला विपक्ष आज तक एक मामले में ये साबित नहीं कर पाया है कि उनके खिलाफ गलत आरोप लगा है। वो कुछ दिन के लिए जमानत पर बाहर आए हैं, लेकिन बाहर आकर वो और एक्सपोज हो गए। वो और उनके लोग गलतियां कर रहे हैं और आरोप बीजेपी पर लगा रहे हैं। लेकिन जनता उनका सच जानती है। उनकी बातों की अब कोई विश्वसनीयता नहीं रह गई है।

प्रश्न: इस बार दिल्ली में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं। इससे क्या लगातार दो बार से सातों सीटें जीतने के क्रम में बीजेपी को कुछ दिक्कत हो सकती है? इस बार आपने छह उम्मीदवार बदल दिए

उत्तर: इंडी गठबंधन की पार्टियां दिल्ली में हारी हुई लड़ाई लड़ रहे हैं। उनके सामने अपना अस्तित्व बचाने का संकट है। चुनाव के बाद वैसे भी इंडी गठबंधन नाम की कोई चीज बचेगी नहीं। दिल्ली की जनता ने बहुत पहले कांग्रेस को बाहर कर दिया था, अब दूसरे दलों के साथ मिलकर वो अपनी मौजूदगी दिखाना चाहते हैं। क्या कभी किसी ने सोचा था कि देश पर इतने लंबे समय तक शासन करने वाली कांग्रेस के ये दिन भी आएंगे कि उनके परिवार के नेता अपनी पार्टी के नहीं, बल्कि किसी और उम्मीदवार के लिए वोट डालेंगे।

दिल्ली में इंडी गठबंधन की जो पार्टियां हैं, उनकी पहचान दो चीजों से होती है। एक तो भ्रष्टाचार और दूसरा बेशर्मी के साथ झूठ बोलना। मीडिया के माध्यम से ये जनता की भावनाओं को बरगलाना चाहते हैं। झूठे वादे देकर ये लोगों को गुमराह करना चाहते हैं। ये जनता के नीर-क्षीर विवेक का अपमान है। जनता आज बहुत समझदार है, वो फैसला करेगी। बीजेपी ने लोगों के हित को ध्यान में रखते हुए अपने उम्मीदवार उतारे हैं। बीजेपी में कोई लोकसभा सीट नेता की जागीर नहीं समझी जाती। जो जनहित में उचित होता है, पार्टी उसी के अनुरूप फैसला लेती है। हमारे लिए राजनीति सेवा का माध्यम है। यही वजह है कि हमारे कार्यकर्ता इस बात से निराश नहीं होते कि टिकट कट गया, बल्कि वो पूरे मनोयोग से जनता की सेवा में जुट जाते हैं।

प्रश्न: विपक्ष का कहना है कि लोकतंत्र खतरे में है और अगर बीजेपी जीतती है तो लोकतंत्र औपचारिक रह जाएगा। आप उनके इन आरोपों को कैसे देखते हैं?

उत्तर: कांग्रेस और उसका इकोसिस्टम झूठ और अफवाह के सहारे चुनाव लड़ने निकला है। पुराने दौर में उनका यह पैंतरा कभी-कभी काम कर जाता था, लेकिन आज सोशल मीडिया के जमाने में उनके हर झूठ का मिनटों में पर्दाफाश हो जाता है।

उन्होंने राफेल पर झूठ बोला, पकड़े गए। एचएएल पर झूठ बोला, पकड़े गए। जनता अब इनकी बातों को गंभीरता से नहीं लेती है। देश जानता है कि कौन संविधान बदलना चाहता है। आपातकाल के जरिए देश के लोकतंत्र को खत्म करने की साजिश किसने की थी। कांग्रेस के कार्यकाल में सबसे ज्यादा बार संविधान की मूल प्रति को बदल दिया। कांग्रेस पहले संविधान संसोधन का प्रस्ताव अभिव्यक्ति की आजादी पर पहरा लगाने के लिए लाई थी। 60 वर्षों में उन्होंने बार-बार संविधान की मूल भावना पर चोट की और एक के बाद एक कई राज्य सरकारों को बर्खास्त किया। सबसे ज्यादा बार राष्ट्रपति शासन लगाने का रेकॉर्ड कांग्रेस के नाम है। उनकी जो असल मंशा है, उसके रास्ते में संविधान सबसे बड़ी दीवार है। इसलिए इस दीवार को तोड़ने की कोशिश करते रहते हैं। आप देखिए कि संविधान निर्माताओं ने धर्म के आधार पर आरक्षण का विरोध किया था। लेकिन कांग्रेस अपने वोटबैंक को खुश करने के लिए बार-बार यही करने की कोशिश करती है। अपनी कोई कोशिशों में नाकाम रहने के बाद आखिरकार उन्होंने कर्नाटक में ओबीसी आरक्षण में सेंध लगा ही दी।

कांग्रेस और इंडी गठबंधन के नेता लोकतंत्र की दुहाई देते हैं, लेकिन वास्तविकता ये है कि लोकतंत्र को कुचलने के लिए, जनता की आवाज दबाने के लिए ये पूरी ताकत लगा देते हैं। ये लोग उनके खिलाफ बोलने वालों के पीछे पूरी मशीनरी झोंक देते हैं। इनके एक राज्य की पुलिस दूसरे राज्य में जाकर कार्रवाई कर रही है। इस काम में ये लोग खुलकर एक-दूसरे का साथ दे रहे हैं। जनता ये सब देख रही है, और समझ रही है कि अगर इन लोगों के हाथ में ताकत आ गई तो ये देश का, क्या हाल करेंगे।

प्रश्न: आप एकदम चुस्त-दुरुस्त और फिट दिखते हैं, आपकी सेहत का राज, सुबह से रात तक का रूटीन?

उत्तर: मैं यह मानता हूं कि मुझ पर किसी दैवीय शक्ति की बहुत बड़ी कृपा है, जिसने लोक कल्याण के लिए मुझे माध्यम बनाया है। इतने वर्षों में मेरा यह विश्वास प्रबल हुआ है कि ईश्वर ने मुझे विशेष दायित्व पूरा करने के लिए चुना है। उसे पूरा करने के लिए वही मुझे सामर्थ्य भी दे रहा है। लोगों की सेवा करने की भावना से ही मुझे ऊर्जा मिलती है।

प्रश्न: प्रधानमंत्री जी, आप काशी के सांसद हैं। बीते 10 साल में आप ने काशी को खूब प्रमोट किया है। आज काशी देश में सबसे प्रेफर्ड टूरिज्म डेस्टिनेशमन बन रही है। इसके अलावा आप ने जो इंफ्रास्ट्रक्चर के काम किए हैं, उससे भी बनारस में बहुत बदलाव आया है। इससे बनारस और पूर्वांचल की इकोनॉमी और रोजगार पर जो असर हुआ है, उसे आप कैसे देखते हैं?

उत्तर: काशी एक अद्भूत नगरी है। एक तरफ तो ये दुनिया का सबसे प्राचीन शहर है। इसकी अपनी पौराणिक मान्यता है। दूसरी तरफ ये पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार की आर्थिक धुरी भी है। 10 साल में हमने काशी में धार्मिक पर्यटन का खूब विकास किया। शहर की गलियां, साफ-सफाई, बाजारों में सुविधाएं, ट्रेन और बस के इंतजाम पर फोकस किया। गंगा में सीएनजी बोट चली, शहर में ई-बस और ई-रिक्शा चले। यात्रियों के लिए हमने स्टेशन से लेकर शहर के अलग-अलग स्थानों पर तमाम सुविधाएं बढ़ाई।

इन सब के बाद जब हम बनारस को प्रमोट करने उतरे, तो देशभर के श्रद्धालुओं में नई काशी को देखने का भाव उमड़ आया। यह यहां सालभर पहले से कई गुना ज्यादा पर्यटक आते हैं। इससे पूरे शहर में रोजगार के नए अवसर तैयार हुए।

हमने बनारस में इंडस्ट्री लानी शुरू की है। TCS का नया कैंपस बना है, बनास डेयरी बनी है, ट्रेड फैसिलिटी सेंटर बना है, काशी के बुनकरों को नई मशीनें दी जा रही है, युवाओं को मुद्रा लोन मिले हैं। इससे सिर्फ बनारस ही नहीं, आसपास के कई जिलों की अर्थव्यवस्था को नई गति मिली।

प्रश्न: आपने कहा कि वाराणसी उत्तर प्रदेश की राजनीतिक धुरी जैसा शहर है। बीते 10 वर्षों में पू्र्वांचल में जो विकास हुआ है, उसको कैसे देखते हैं?

उत्तर: देखिए, पूर्वांचल अपार संभावनाओं का क्षेत्र है। पिछले 10 वर्षों में हमने केंद्र की तमाम योजनाओं में इस क्षेत्र को बहुत वरीयता दी है। एक समय था, जब पूर्वांचल विकास में बहुत पिछड़ा था। वाराणसी में ही कई घंटे बिजली कटौती होती थी। पूर्वांचल के गांव-गांव में लालटेन के सहारे लोग गर्मियों के दिन काटते थे। आज बिजली की व्यवस्था में बहुत सुधार हुआ है, और इस भीषण गर्मी में भी कटौती का संकट करीब-करीब खत्म हो चला है। ऐसे ही पूरे पूर्वांचल में सड़कों की हालत बहुत खराब थी। आज यहां के लोगों को पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की सुविधा मिली है। गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, चंदौली जैसे टियर थ्री कहे जाने वाले शहरों में हजारों की सड़कें बनी हैं।

आजमगढ़ में अभी कुछ दिन पहले मैंने एयरपोर्ट की शुरुआत की है। महाराजा सुहेलदेव के नाम पर यूनिवर्सिटी बनाई गई है। पूरे पूर्वांचल में नए मेडिकल कॉलेज बन रहे हैं। बनारस में इनलैंड वाटर-वे का पोर्ट बना है। काशी से ही देश की पहली वंदे भारत ट्रेन चली थी। देश का पहला रोप-वे ट्रांसपोर्ट सिस्टम बन रहा है।

कांग्रेस की सरकार में पूर्वांचल के लोग ऐसी सुविधाएं मिलने के बारे में सोचते तक नहीं थे। क्योंकि लोगों को बिजली-पानी-सड़क जैसी मूलभूत सुविआधाओं में ही उलझाकर रखा गया था। यह स्थिति तब थी जब इनके सीएम तक पूर्वांचल से चुने जाते थे। तब पूर्वांचल में सिर्फ नेताओं के हेलिकॉप्टर उतरते थे, आज जमीन पर विकास उतर आया है।

प्रश्न: आप कहते हैं कि बनारस ने आपको बनारसी बना दिया है। मां गंगा ने आपको बुलाया था, अब आपको अपना लिया है। आप काशी के सांसद हैं, यहां के लोगों से क्या कहेंगे?

उत्तर: मैं एक बात मानता हूं कि काशी में सबकुछ बाबा की कृपा से होता है। मां गंगा के आशीर्वाद से ही यहां हर काम फलीभूत होते हैं! 10 साल पहले मैंने जब ये कहा था कि मां गंगा ने मुझे बुलाया है, तो वो बात भी मैंने इसी भावना से कही थी। जिस नगरी में लोग एक बार आने को तरसते हैं, वहां मुझे दो बार सांसद के रूप में सेवा करने का अवसर मिला। जब पार्टी ने तीसरी बार मुझे काशी की उम्मीदवारी करने को कहा, तभी मेरे मन में यह भाव आया कि मां गंगा ने मुझे गोद ले लिया है। काशी ने मुझे अपार प्रेम दिया है। उनका यह स्नेह और विश्वास मुझ पर एक कर्ज है। मैं जीवनभर काशी की सेवा करके भी इस कर्ज को नहीं उतार पाऊंगा।

Following is the clipping of the interview:

 

 

Source: Navbharat Times