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With our mantra of ‘Sabka Saath, Sabka Vikas’ we continuously worked towards enhancing the quality of life of our citizens: PM Modi
While I have my performance record of having served the people of this country tirelessly, the ‘Mahamilawati’ leaders have nothing but their falsehood campaigns to rely on: PM Modi in M.P.
The Congress government here has given a free pass to hooligans and anti-social elements and hence crime is rapidly rising in M.P. : Prime Minister Modi

 

भारत माता की...जय

भारत माता की...जय

भारत माता की...जय

खंडवा के लोग बहुत ही समझदार हैं, बहुत ही सुलझे हुए हैंमेरी एक प्रार्थना स्वीकार करोगे? ये जो पंडाल पे चढ़ गए हैं उनसे मेरी हाथ जोड़ के विनती है आप नीचे आइए। उधर भी सब ऊपर जो हैं आप नीचे आ जाइए। देखिए आपको अगर कुछ हुआ तो मुझे इस विजय का आनंद नहीं आएगा। बहुत धन्यवाद, बहुत समझदार लोग हैं आप।  

बोलो ओंकार महाराज की जय, नर्मदा मैया की जय, सिंगाजी महाराज की जय, ब्रह्मगीर महाराज की जय, धूनीवाले दादा जी की जय। निमाड़ का, खंडवा का, हमेशा से मुझ पर भरपूर प्यार रहा है। आपका यही आशीर्वाद मेरी ताकत बना है और इसीलिए आज पूरा देश कह रहा है, फिर एक बार...मोदी सरकार, पूरा देश कह रहा है, फिर एक बार...मोदी सरकार।  

 

साथियो, इस प्यार और विश्वास के दो स्पष्ट कारण हैं। एक मोदी का ट्रैक रिकॉर्ड और दूसरा कांग्रेस और उसके महामिलावटियों का टेप रिकॉर्डर। मैं 5 वर्ष की अपनी ईमानदारी और निष्ठा को लेकर मैदान में हूं और महामिलावटी झूठ, प्रपंच इसके आधार पर चुनाव लड़ रहे हैं। मेरे साथ मेरे काम हैं और उनके साथ उनके कारनामे हैं।

साथियो, देखिए दोस्तों अब ये जगह कहीं बची नहीं है, अब कहां जाओगे, आप दूर भी हैं फिर भी मैं आपका प्यार अनुभव कर सकता हूं। आपको आगे आने की कोई कोशिश नहीं करनी चाहिए। आपका इतना प्यार ही तो मुझे यहां तक खींच के लाया है। जब मैं आपके पास आया हूं तो आप पीछे से आगे आने की कोशिश मत कीजिए। शांति से खड़े रहेंगे? खड़े रहेंगे? देखिए, आपका ये प्यार, ये उत्साह, ये जोश, ये अपनापन सब कुछ मेरी सिर-आंखों पर लेकिन, अब मैं बोलना शुरू करूं? आपका प्यार इतना है अब करें तो क्या करें? रोक भी नहीं सकते आपको। ये आपका प्यार, ये आपका उत्साह उन लोगों की नींद खराब कर रहा है। तीसरे चरण के बाद, उनका चेहरा देखा है की नहीं देखा है? तीसरे चरण में ही पता चल गया उनका खेल। भाइयो बहनो, यहां कांग्रेस ने किसानों से उनका कर्जमाफ करने को कहा था ना, क्यों ठंडे पड़ गए आप लोग, कांग्रेस ने कर्ज माफ करने के लिए कहा था की नहीं कहा था? 10 दिन में कर्ज माफ करने को कहा था, कि नहीं कहा था? एक से दस की गिनती मध्य प्रदेश को सिखाई थी कि नहीं सिखाई थी और कर्ज माफ नहीं तो सीएम को माफ नहीं करेंगे कहा कि नहीं कहा? दस दिन पूरे हो गए क्या। 20 दिन हो गए, 40 दिन हो गए, 80 दिन हो गए, 120 दिन हो गए। हुआ क्या? किसानों का कर्ज माफ हुआ क्या? कांग्रेस के झूठ और वादाखिलाफी की यह जीती जागती सच्चाई है और इस बार सिर्फ मध्य प्रदेश कांग्रेस को साफ करेगा ऐसा नहीं, लेकिन कांग्रेस के इस कारनामों के कारण मध्य प्रदेश की खबर पूरे हिंदुस्तान में पहुंच गई है इसलिए पूरे हिंदुस्तान में मध्य प्रदेश उनको हरा रहा है, पूरे हिंदुस्तान में क्योंकि हमारा देश गलती माफ करता है, झूठ और विश्वासघात को कभी माफ नहीं करता है। यही इनके 70 साल से काम करने का तरीका है। पहले वोट के लिए झूठ बोलो, जैसे-तैसे सरकार बनाओ और जब जनता सवाल करे तो कह दो झूठ बोला तो बोला, हुआ तो हुआ। आपने देखा ना कांग्रेस के एक नेता ने क्या कहा, हुआ तो हुआ यानी कुछ लेना देना ही नहीं, हुआ तो हुआ, झूठ बोला तो बोला, किसान को मूर्ख बनाया तो बनाया।

साथियो, यह चुनाव गरीबों के लिए दिन रात मेहनत करने वाले हम लोग और हमारे सामने अहंकार में डूबकर हर बात पर हाथ ऊपर कर देना और यही कहना, हुआ तो हुआ। हमारे सामने ये लोग हैं जो हुआ तो हुआ की सोच रखते हैं। हमने गांव-गांव तक सड़क पहुंचाने का काम किया। दूर-सुदूर को नेशनल हाईवे और रेलवे से जोड़ने का काम किया। हर गरीब परिवार को अपना पक्का घर मिले, हर बहन, बेटी को शौचालय की सुविधा मिले। गांव-गांव, घर-घर तक बिजली पहुंचे। हर गरीब बहन के घर पर रसोई का चूल्हा, रसोई का गैस चूल्हे में पहुंचे। हर गरीब परिवार को हर वर्ष 5 लाख रुपए तक का मुफ्त में इलाज मिले। इसके लिए हमने पांच साल पूरी ईमानदारी से दिन-रत काम किया है और यही सबका साथ-सबका विकास है, जिस पर हमारा विश्वास है।

भाइयो और बहनो, लेकिन कांग्रेस वालों की क्या सच्चाई है, ये भी जान लीजिए 1984 में सिखों के साथ अत्याचार हुआ, कत्लेआम हुआ और ये कहते हैं हुआ तो हुआ, हुआ...तो हुआ। और जो 84 के दंगों में जनता की नजरों में गुनहगार है। जिसको पंजाब कांग्रेस का प्रभारी बनाया तो पंजाब कांग्रेस ने हाथ जोड़ करके कहा इसको ले जाओ वरना पंजाब में हम खत्म हो जाएंगे। तो वहां से ले गए आपके ऊपर थोप दिया, मुख्यमंत्री बना दिया, ये है कांग्रेस। भोपाल में हजारों लोगों को जहरीली गैस के हवाले कर दिया गया, कई पीढ़ियों को बर्बाद कर दिया गयाइस कांड के गुनहगार को भगा दिया गया, सरकारी विमान में ले जाया गया। अगर आज उनको पूछोगे की हजारों लोगों को मरवा दिया तो ये तो यही कहेंगे हुआ...तो हुआ, हुआ...तो हुआ। लोग मरे तो मरे इनको कोई लेना देना ही नहीं है।

साथियो, 2014 से पहले इनकी कमजोरी के कारण, तुष्टिकरण की नीति के कारण आतंकवाद ने हजारों जाने लीं। आज ये कह रहे हैं, हुआ...तो हुआ, हुआ...तो हुआ, हुआ...तो हुआ।

भाइयो और बहनो, देश के मशहूर गायक किशोर कुमार जी तो इसी धरती के सपूत थे। और जब भी किशोर कुमार का नाम आता था तो लोग खंडवा का जिक्र जरूर करते थे और बड़े गर्व से करते थे। इमरजेंसी के दौरान वे कांग्रेस के दबाव में नहीं आए वो अपने उसूलों पर अड़े रहे। कांग्रेस ने आपातकाल में देश को जेल खाना बना दिया था। वो उनको मंजूर नहीं था, बदले में ये कांग्रेस ने खंडवा के सपूत किशोर दा के गानों पर रेडियो पर बजाने पर रोक लगा दी थी, तब तो टीवी नहीं था रेडियो था, बंद कर दिया था। अगर आज खंडवा का कोई व्यक्ति कांग्रेस को पूछेगा की भाई तुम वोट लेने तो आए हो, तुम्हें हमारा वोट तो चाहिए लेकिन क्या किशोर कुमार खंडवा के थे? तुमने किशोर कुमार के साथ ये किया था? तो जवाब में क्या कहेंगे, अरे छोड़ो यार हुआ तो हुआयही कहेंगे ना, हुआ तो हुआ, हुआ तो...हुआ, हुआ तो...हुआ।   

भाइयो बहनो, इनके काम करने का तरीका क्या है? ये भी समझिए। पाकिस्तान के पाले पोसे आतंकी, जब यहां हमला करते थे तो ये निर्दोषों को जेलों में ठूंस देते थे। भाइयो और बहनो, हिन्दू आतंकवाद का कुतर्क गढ़ने के लिए, हमारी महान परंपरा को बदनाम करने का जो गंभीर षडयंत्र और वो भी सिर्फ और सिर्फ वोटबैंक की राजनीति करने के लिए इन्होंने किया है, उसी का जवाब आज इनको मिल रहा है। ये कितने भी हवन करा दें, ये कितने भी जनेऊ दिखा दें, ये पुलिस को भगवा ड्रेस भी सिलवा दे, लेकिन भगवा में जो आतंक के दाग लगाने की इन्होंने कोशिश की है,साजिश की है। उस पाप से ये कांग्रेस या महामिलावटी कभी नहीं बच पाएंगे, भाइयो।

भाइयो और बहनो, इन खोटी नीयत वालों से सावधान रहना जरूरी हैइनको अगर जरा भी मौका मिला तो ये भारत की रक्षा-सुरक्षा को खतरे में डाल देंगे। भाइयो और बहनो, देश सुरक्षित नहीं होगा तो विकसित भी नहीं होगा। विकास के लिए पहली शर्त सुरक्षा होती है। मिलावटी सरकार, खिचड़ी सरकार तो सुरक्षा बिल्कुल नहीं दे सकती। आप यहां मध्य प्रदेश में ही देख लीजिए। यहां एक ही पार्टी के ढाई सीएम हैं, ढाई, 2.5। प्रशासन को पता ही नहीं चलता कि किसका आदेश मानना है। गुंडों, हत्यारों और डकैतों को खुला लाइसेंस दिया गया है। अपने-अपने गुटों के हित में यहां प्रशासन का इस्तेमाल किया जा रहा है। उद्योगों के नाम पर एक ही उद्योग चल पड़ा है, तबादला उद्योग, ट्रांसफर उद्योग। जब एक ही दल की खिचड़ी में ये हाल हो सकता है तो दिल्ली में 2 दर्जन लोगों की खिचड़ी का ये क्या गुल खिलाएंगे, देश का क्या हाल करेंगे ये मध्य प्रदेश वाले आसानी से समझ सकते हैं।

साथियो, इनकी नीयत में खोट है इसलिए बहाने बनाते हैं, आपसे झूठ बोलते हैं। असल में आपका पैसा इन्होंने चुनाव प्रचार में उड़ा दिया है। केंद्र से आदिवासी बहनों और बच्चों के पोषक आहार के लिए जो पैसा भेजा गया था, वो भी इन्होंने नामदारों को चुनाव प्रचार के लिए दे दिया। पूरे देश ने तुगलक रोड चुनाव घोटाले का सच देखा है। कांग्रेसियों के घर से कैसे नोटों से भरे बोरे मिले हैं ये तो टीवी वालों ने दिखाया है। झूठ और भ्रष्टाचार के इसी खेल को कांग्रेस ने कई दशकों से शिष्टाचार बनाया हुआ है।

साथियो, नेक नीयत क्या होती है? ये मैं आज आपको बताता हूं। हमने इसी साल एक फरवरी को देश के 12 करोड़ छोटे किसानों के खाते में हर वर्ष 75 हजार रुपए सीधे जमा करने की योजना का ऐलान किया। सिर्फ तीन हफ्ते बाद, हमने इस योजना की शुरुआत भी कर दी और आज देश के करोड़ों किसान परिवारों के खाते में पैसे जमा हो रहे हैं। लेकिन मध्य प्रदेश के किसानों को इसका उतना लाभ नहीं मिल पाया। क्यों? क्योंकि यहां की कांग्रेस सरकार ने उन किसानों की लिस्ट ही नहीं भेजी, जिनके खाते में पैसे जमा कराने हैं।

भाइयो और बहनो, जो धोखा, जो फरेब कांग्रेस ने किसानों और नौजवानों के साथ किया है, वही झूठ और अफवाह फैलाने का काम जनजातीय परिवारों में भी किया जा रहा है। बीते पांच वर्ष से दिल्ली में भाजपा की सरकार है। 15 वर्ष तक यहां भारतीय जनता पार्टी की सरकार रही है लेकिन हमने आदिवासियों की जमीन पर आंच नहीं आने दी। जब तक और मेरे ये शब्द लिखते रहिए जब तक मोदी है, जब तक भारतीय जनता पार्टी है तब तक आदिवासी अधिकारों को खरोंच तक नहीं आने दी जाएगी।

साथियो, ये फिर इसी फिराक में हैं की आज झूठ बोलकर आपसे वोट कैसे मार लेना। याद रखिए, इन्होंने छत्तीसगढ़ में आदिवासियों के लिए चने और नमक की योजना को बंद कर दिया। इन्होंने छत्तीसगढ़ में पांच लाख के मुफ्त इलाज की योजना को बंद किया। ये अब यहां भी आदिवासियों को पिछड़ो को मिलने वाली मदद को रोकने की योजना बना रहे हैं। आदिवासियों को मदद बंद होने के बाद ये कहेंगे क्या कहेंगे, क्या कहेंगे, क्या कहेंगे, क्या कहेंगे? देखिए खंडवा के लोगों को समझाना ही नहीं पड़ रहा हैं, सब समझ जाते हैं।

भाइयो और बहनो, इन महामिलावटी लोगों द्वारा की जा रही साजिशों के बीच, बीते 5 वर्ष देश के हर वर्ग, हर क्षेत्र के लिए जी-जान से हमने काम किया हैं। आदिवासी क्षेत्रों में एकलव्य मॉडल स्कूल का नेटवर्क खड़ा किया जा रहा हैं। आदिवासी युवाओं के खेल कौशल को विकसित करने के लिए हम विशेष ध्यान दे रहे हैं। भाइयो और बहनो, रोजगार निर्माण के लिए हम पर्यटन पर विशेष बल दे रहे हैं। विशेष तौर पर जो हमारी धरोहर है जो खंडवा में भी अनेक हैं उनको सजाया-संवारा जा रहा है। वहां सुविधाओं का विकास किया जा रहा है, इसके अलावा मुद्रा योजना के माध्यम से जो बिना गारंटी के ऋण दिया जा रहा है, वो पर्यटन से जुड़े व्यवसाय को और मजबूत कर रहा है। वहीं रेल और रोड की कनेक्टिविटी सुधरने से पर्यटन को भी मदद मिलनी तय है।

साथियो, एक और काम जो हम पूरी क्षमता से हम कर रहे हैं ये काम है बिजली उत्पादन का। यहां तो मैं 2015 में पावर प्लांट आपको सौंपने के लिए आया था। तब भी मैंने विस्तार से अपनी योजना का जिक्र किया था। अब हम सौर और पवन ऊर्जा को बल दे रहे हैं। इसमें हम दुनिया की अगुवाई कर रहे हैं।

साथियो, ऐसे अनेक संकल्पों को हम सभी मिल कर मजबूत करेंगे, इसके लिए खंडवा सहित पूरे निमाड़ क्षेत्र और पूरे मध्य प्रदेश को फिर से मजबूती से कमल खिलाना है। कमल पर पड़ा हर वोट, भाइयो बहनो, आप मुझे बताइए, आज देश मजबूत है की नहीं है? और ज्यादा मजबूत होना चाहिए की नहीं होना चाहिए? घर में घुसकर के मारने की ताकत होनी चाहिए की नहीं होनी चाहिए? घर में घुसकर के मरना चाहिए की नहीं मारना चाहिए? इसके लिए देश को और मजबूत बनाना चाहिए कि नहीं बनाना चाहिए? देश मजबूत बनाने के लिए इस चुनाव में बूथ मजबूत बनाना है कि नहीं बनाना है, बूथ मजबूत बनाना है कि नहीं बनाना है? बूथ मजबूत बनाओगे ?घर-घर जाओगे? मतदाताओं से मिलोगे? कमल के निशान पर वोट दबाने के लिए समझाओगे, देश की रक्षा की बात करोगे, देश की विकास की बात करोगे? आदिवासीयों के कल्याण की बात करोगे, दलित पीड़ित शोषित वंचित का भला करने की बात करोगे? उनको प्रेम से मतदान बूथ तक लेजोगे, उनका मतदान करवाओगे, जल पान से पहले मतदान करवाओगे, मतदान के बाद जलपान होगा?  भारतीय जनता पार्टी जीतेगी, आपका बूथ जीतेगा, आपका वोट कमल पे पड़ेगा? इतना आपका उत्साह है तो विजय निश्चित है और मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कमल पर पड़ा हर वोट मोदी के खाते में जाएगा। आप इतनी बड़ी संख्या में हमें आशीर्वाद देने के लिए आए, मैं आपका बहुत बहुत आभारी हूं। दोनों मुट्ठी बंद कर के पूरी ताकत से बोलिए…भारत माता की...जय।

आवाज आज भोपाल में खास सुनाई देनी चाहिए।

भारत माता की...जय

भारत माता की...जय

भारत माता की...जय

बहुत बहुत धन्यवाद।  

 

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Swayampurna Goa is the result of new team spirit of Team Goa: PM Modi
October 23, 2021
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“Apart from Nature and pleasure, Goa also signifies a new model of development, reflection of collective efforts and solidarity for development from Panchayat to Administration”
“Goa has achieved 100% in all major schemes such as ODF, electricity, piped water, ration to poor”
“ Swayampurna Goa is the result of new team spirit of Team Goa”
“Infrastructure being developed in Goa will also help in increasing the income of farmers, livestock farmers and our fishermen”
“States with tourism focus got special attention in vaccination drive and Goa benefited a great deal by that”

आत्मनिर्भर भारताचे सपन, स्वयंपूर्ण गोवा येव-जणे-तल्येन, साकार करपी गोयकारांक येवकार। तुमच्या-सारख्या, धड-पड-करपी, लोकांक लागून, गोंय राज्याचो गरजो, गोयांतच भागपाक सुरू जाल्यात, ही खोशयेची गजाल आसा।

जब सरकार का साथ और जनता का परिश्रम मिलता है तो कैसे परिवर्तन आता है, कैसे आत्मविश्वास आता है, ये हम सभी ने स्वयंपूर्ण गोवा के लाभार्थियों से चर्चा के दरमियान अनुभव किया। गोवा को इस सार्थक परिवर्तन की राह दिखाने वाले लोकप्रिय और ऊर्जावान मुख्यमंत्री डॉक्टर प्रमोद सावंत जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल में मेरे वरिष्ठ सहयोगी श्रीपद नाइक जी, गोवा के डिप्टी सीएम श्री मनोहर अझगांवकर जी, डिप्टी सीएम श्री चंद्रकांत केवलेकर जी, राज्य सरकार के अन्य मंत्री, सांसद, विधायक, लोकल बॉडीज के सभी प्रतिनिधि, जिला परिषद सदस्य, पंचायत सदस्य, अन्य जनप्रतिनिधिगण और मेरे प्यारे गोवा के भाइयों और बहनों !!

कहा जाता है, गोवा यानि आनंद, गोवा यानि प्रकृति, गोवा यानि टूरिज्म। लेकिन आज मैं ये भी कहूंगा- गोवा यानि विकास का नया मॉडल। गोवा यानि सामूहिक प्रयासों का प्रतिबिंब। गोवा यानि पंचायत से लेकर प्रशासन तक विकास के लिए एकजुटता।

साथियों,

बीते वर्षों में देश ने अभावों से निकलकर आवश्यकताओं-आकांक्षाओं की पूर्ति को अपना ध्येय बनाया है। जिन मूलभूत सुविधाओं से देश के नागरिक दशकों से वंचित थे, वो सुविधाएं देशवासियों को देने पर सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इस बार 15 अगस्त को मैंने लाल किले से भी कहा था, कि हमें अब इन योजनाओं को सेचुरेशन यानि शत-प्रतिशत लक्ष्य तक पहुंचाना है। इन लक्ष्यों की प्राप्ति में प्रमोद सावंत जी और उनकी टीम के नेतृत्व में गोवा अग्रणी भूमिका निभा रहा है। भारत ने खुले में शौच से मुक्ति का लक्ष्य रखा। गोवा ने शत-प्रतिशत ये लक्ष्य हासिल किया। देश ने हर घर को बिजली कनेक्शन का लक्ष्य रखा। गोवा ने इसे भी शत-प्रतिशत हासिल किया। हर घर जल अभियान में गोवा सबसे पहले शत-प्रतिशत! गरीबों को मुफ्त राशन देने के मामले में गोवा शत-प्रतिशत!

साथियों,

दो दिन पहले भारत ने 100 करोड़ वैक्सीन डोज़ देने के इस विराट पड़ाव को पार किया है। इसमें भी गोवा पहली डोज़ के मामले में शत-प्रतिशत हो चुका है। गोवा अब दूसरी डोज़ लगाने के लिए शत-प्रतिशत टारगेट को हासिल करने में पूरी ताकत लगा रहा है।

भाइयों और बहनों,

मुझे इस बात की खुशी है कि महिलाओं की सुविधा और सम्मान के लिए जो योजनाएं केंद्र सरकार ने बनाई हैं, उनको गोवा सफलता से जमीन पर उतार भी रहा है और उनको विस्तार भी दे रहा है। चाहे टॉयलेट्स हों, उज्जवला गैस कनेक्शन हों या फिर जनधन बैंक अकाउंट हों, गोवा ने महिलाओं को ये सुविधाएं देने में बेहतरीन काम किया है। इसी वजह से कोरोना लॉकडाउन के दौरान हज़ारों बहनों को मुफ्त गैस सिलेंडर मिले, उनके बैंक अकाउंट में पैसे जमा हो सके। घर-घर नल से जल पहुंचाकर भी गोवा सरकार ने बहनों को बहुत बड़ी सुविधा दी है। अब गोवा सरकार, गृह आधार और दीन दयाल सोशल सिक्योरिटी जैसी योजनाओं से गोवा की बहनों का जीवन और बेहतर बनाने का काम कर रही है।

भाइयों और बहनों,

जब समय मुश्किल होता है, चैलेंज सामने होता है, तब ही असली सामर्थ्य का पता चलता है। बीते डेढ़ दो वर्षों में गोवा के सामने सौ साल की सबसे बड़ी महामारी तो आई ही, गोवा ने भीषण साइक्लोन और बाढ़ की विभीषिका को भी झेला। मुझे एहसास है कि गोवा के टूरिज्म सेक्टर को इससे कितनी मुश्किलें आईं। लेकिन इन चुनौतियों के बीच गोवा की सरकार, केंद्र सरकार, डबल ताकत से गोवा के लोगों को राहत पहुंचाने में जुटी रहीं। हमने गोवा में विकास कार्यों को रुकने नहीं दिया। मैं प्रमोद जी और उनकी पूरी टीम को बधाई दूंगा कि उन्होंने स्वयंपूर्ण गोवा अभियान को गोवा के विकास का आधार बनाया है। अब इस मिशन को और तेज़ करने के लिए 'सरकार तुमच्यादारी' का बड़ा कदम भी उठाया गया है।

साथियों,

ये प्रो पीपल, प्रोएक्टिव गवर्नेंस की उसी भावना का विस्तार है, जिस पर बीते 7 वर्षों से देश आगे बढ़ रहा है। ऐसी गवर्नेंस जहां सरकार खुद नागरिक के पास जाती है और उसकी समस्याओं का समाधान करती है। गोवा ने तो गांव के स्तर पर, पंचायत के स्तर पर, जिला स्तर पर एक अच्छा मॉडल विकसित कर लिया है। मुझे पूरा विश्वास है कि जिस प्रकार केंद्र के अनेक अभियानों में अब तक गोवा शत-प्रतिशत सफल हुआ है, बाकी लक्ष्यों को भी सबके प्रयास से आप जल्द ही हासिल कर लेंगे ये मुझे पक्‍का विश्‍वास है।

साथियों,

मैं गोवा की बात करूं और फुटबॉल की बात ना करूं, ऐसा नहीं हो सकता। फुटबाल के लिए गोवा की दीवानगी कुछ अलग है, फुटबॉल का गोवा में क्रेज़ अलग है। फुटबॉल में चाहे डिफेंस हो या फॉरवर्ड, सभी गोल ऑरिएंटेड होते हैं। किसी को गोल बचाना है तो किसी को गोल करना है। अपने-अपने गोल को हासिल करने की ये भावना गोवा में कभी भी कम नहीं थी। लेकिन पहले जो सरकारें रहीं उनमें एक टीम स्पिरिट की, एक पॉजिटिव वातावरण बनाने की कमी थी। लंबे समय तक गोवा में राजनीतिक स्वार्थ, सुशासन पर भारी पड़ता रहा। गोवा में राजनीतिक अस्थिरता ने भी राज्य के विकास को हानि पहुंचाई। लेकिन बीते कुछ वर्षों में इस अस्थिरता को गोवा की समझदार जनता ने स्थिरता में बदला है। मेरे मित्र स्वर्गीय मनोहर पर्रिकर जी ने गोवा को तेज़ विकास के जिस विश्वास के साथ आगे बढ़ाया, उसको प्रमोद जी की टीम पूरी ईमानदारी से नई बुलंदियां दे रही है। आज गोवा नए आत्मविश्वास से आगे बढ़ रहा है। टीम गोवा की इस नई टीम स्पिरिट का ही परिणाम स्वयंपूर्ण गोवा का संकल्प है।

भाइयों और बहनों,

गोवा के पास एक बहुत समृद्ध ग्रामीण संपदा भी है और एक आकर्षक अर्बन लाइफ भी है। गोवा के पास खेत-खलिहान भी है और ब्लू इकॉनॉमी के विकास की संभावनाएं भी हैं। आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए जो कुछ ज़रूरी है, वो गोवा के पास है। इसलिए गोवा का संपूर्ण विकास डबल इंजन की सरकार की बहुत बड़ी प्राथमिकता है।

साथियों,

डबल इंजन सरकार गोवा के ग्रामीण, शहरी और कोस्टल इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष ध्यान दे रही है। गोवा का दूसरा एयरपोर्ट हो, लॉजिस्टिक हब का निर्माण हो, भारत का दूसरा सबसे बड़ा केबल-ब्रिज हो, हज़ारों करोड़ रुपए से नेशनल हाईवे का निर्माण हो, ये सब कुछ गोवा की नेशनल और इंटरनेशनल कनेक्टिविटी को नए आयाम देने वाले हैं।

भाइयों और बहनों,

गोवा में विकसित होता इंफ्रास्ट्रक्चर किसानों, पशुपालकों, हमारे मछुआरे साथियों की इनकम को भी बढ़ाने में मददगार होगा। ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर इसके आधुनिकीकरण के लिए इस वर्ष गोवा को मिलने वाले फंड में पहले की तुलना में 5 गुना वृद्धि की गई है। गोवा के Rural Infrastructure के विकास के लिए केंद्र सरकार ने 500 करोड़ रुपए गोवा को आवंटित किए हैं। इससे कृषि और पशुपालन के क्षेत्र में गोवा में हो रहे काम को नई गति मिलेगी।

साथियों,

किसानों और मछुआरों को बैंक और बाज़ार से जोड़ने के लिए जो योजनाएं केंद्र सरकार ने बनाई हैं, उनको जन-जन तक पहुंचाने में गोवा सरकार जुटी है। गोवा में बहुत बड़ी संख्या छोटे किसानों की है, ये या तो फल-सब्जियों पर निर्भर हैं या फिर मछली के व्यवसाय से जुड़े हैं। इन छोटे किसानों को, पशुपालकों को, मछुआरों को आसान बैंक लोन एक बहुत बड़ी चुनौती थी। इसी परेशानी को देखते हुए किसान क्रेडिट कार्ड की योजना का विस्तार किया गया है। एक तो छोटे किसानों को मिशन मोड पर केसीसी दिया जा रहा है, दूसरा पशुपालकों और मछुआरों को पहली बार इससे जोड़ा गया है। गोवा में भी बहुत कम समय में सैकड़ों नए किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए गए हैं और करोड़ो रुपए की मदद दी गई है। पीएम किसान सम्मान निधि से भी गोवा के किसानों को बहुत बड़ी मदद मिली है। ऐसे ही प्रयासों के कारण अनेक नए साथी भी खेती को अपना रहे हैं। सिर्फ एक वर्ष के भीतर ही गोवा में फल-सब्जियों के उत्पादन में लगभग 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। दूध का उत्पादन भी 20 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ा है। मुझे बताया गया है कि गोवा सरकार ने भी इस बार किसानों से रिकॉर्ड खरीदी भी की है।

साथियों,

स्वयंपूर्ण गोवा की एक बड़ी ताकत फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री होने वाली है। विशेष रूप से फिश प्रोसेसिंग में गोवा भारत की ताकत बन सकता है। भारत लंबे समय से Raw fish को एक्सपोर्ट करता रहा है। भारत की फिश, पूर्वी एशियाई देशों से प्रोसेस होकर दुनिया के बाज़ारों तक पहुंचती हैं। इस स्थिति को बदलने के लिए Fisheries Sector को पहली बार बहुत बड़े स्तर पर मदद दी जा रही है। मछली के व्यापार-कारोबार के लिए अलग मंत्रालय से लेकर मछुआरों की नावों के आधुनिकीकरण तक, हर स्तर पर प्रोत्साहन दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत भी गोवा में हमारे मछुआरों को बहुत मदद मिल रही है।

साथियों,

गोवा का पर्यावरण और गोवा का पर्यटन, इन दोनों का विकास, भारत के विकास से सीधे जुड़ा है। गोवा, भारत के टूरिज्म सेक्टर का एक अहम केंद्र है। तेज़ गति से बढ़ रही भारत की अर्थव्यवस्था में टूर, ट्रैवल और हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री का हिस्सा लगातार बढ़ रहा है। स्वाभाविक है कि इसमें गोवा की हिस्सेदारी भी काफी अधिक है। बीते कुछ सालों से टूरिज्म और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को गति देने के लिए हर प्रकार की मदद दी जा रही है। Visa on Arrival की सुविधा का विस्तार किया गया है। कनेक्टिविटी के अलावा दूसरे टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए बीते सालों में केंद्र सरकार ने करोड़ों रुपए की मदद गोवा को दी है।

साथियों,

भारत के वैक्सीनेशन अभियान में भी गोवा सहित देश के उन राज्यों को विशेष प्रोत्साहन दिया गया है, जो टूरिज्म के केंद्र हैं। इससे गोवा को भी बहुत लाभ हुआ है। गोवा ने दिन रात प्रयास करके, अपने यहां सभी पात्र लोगों को वैक्सीन की पहली डोज लगवाई। अब देश ने भी 100 करोड़ वैक्सीन डोज का आंकड़ा पार कर लिया है। इससे देश के लोगों में विश्वास बढ़ा है, टूरिस्टों में विश्वास बढ़ा है। अब जब आप दीवाली, क्रिसमस और New Year की तैयारी कर रहे हैं, तो त्योहारों और छुट्टियों के इस सीज़न में गोवा के टूरिज्म सेक्टर में नई ऊर्जा देखने को लेगी। गोवा में स्वदेशी और विदेशी, दोनों पर्यटकों की आवाजाही भी निश्चित तौर पर बढ़ने वाली है। ये गोवा की टूरिज्म इंडस्ट्री के लिए बहुत शुभ संकेत है।

भाइयों और बहनों,

जब गोवा, विकास की ऐसी हर संभावना का शत-प्रतिशत उपयोग करेगा, तभी गोवा स्वयंपूर्ण बनेगा। स्वयंपूर्ण गोवा, सामान्य जन की आकांक्षाओं और अपेक्षाओं को साकार करने का संकल्प है। स्वयंपूर्ण गोवा, माताओं, बहनों, बेटियों के स्वास्थ्य, सुविधा, सुरक्षा और सम्मान का भरोसा है। स्वयंपूर्ण गोवा में, युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोज़गार के अवसर हैं। स्वयंपूर्ण गोवा में, गोवा के समृद्ध भविष्य की झलक है। ये सिर्फ 5 महीने या 5 साल का एक प्रोग्राम भर नहीं है, बल्कि ये आने वाले 25 सालों के विजन का पहला पड़ाव है। इस पड़ाव तक पहुंचने के लिए गोवा के एक-एक जन को जुटना है। इसके लिए गोवा को डबल इंजन के विकास की निंरतरता चाहिए। गोवा को अभी जैसी स्पष्ट नीति चाहिए, अभी जैसी स्थिर सरकार चाहिए, अभी जैसा ऊर्जावान नेतृत्व चाहिए। संपूर्ण गोवा के प्रचंड आशीर्वाद से हम स्वयंपूर्ण गोवा के संकल्प को सिद्ध करेंगे, इसी विश्वास के साथ आप सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं!

बहुत-बहुत धन्यवाद !