PM Modi says 'arrogant' Congress did not have the 'courtesy' to call the president after his election
Congress only recalling BhagwanBasaveshwara's name as elections are nearing, says the PM
To ensure farmer welfare, we have brought the most comprehensive Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana: PM Modi in Bagalkot
I urge people of Karnataka to remain vigilant and beware of the divisive politics of the Congress, says PM Modi
Shamelessly, the Congress questions the valour of the army when they conducted the surgical strikes: PM Modi in Bagalkot
We want to build a New India where children get good education, youth get jobs, elderly get proper healthcare: PM in Hubli
Congress neither cares about the present nor the future of Karnataka. What it cares most is about remaining in power, says the PM
We are connecting distant places with airways, we are expanding the aviation sector. We want the common man to travel in airways: PM
We ensured power to all such villages in a time frame of just 1000 days: PM Modi in Hubli

भारत माता की जय। भारत माता की जय।

चित्रदुर्ग के मेरे बंधु भगिनी।

ये जनसैलाब। मैं वो दोनों गेट देख रहा हूं। जैसे बड़ा फ्लड आ रहा है। लोग चले आ रहे हैं। इधर भी ...।

चित्रदुर्ग के मेरे भाइयो बहनो।

आपने जो प्यार दिया है। आप इतनी बड़ी तादात में हम सबको आशीर्वाद देने के लिए आए। मैं आपका सर झुकाकरके अभिनंदन करता हूं, आपको नमन करता हूं। ये चित्रदुर्ग वो धरती है जहां पर जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान। ये मंत्र इस धरती में जीता जागता अनुभव होता है।

यहां सौ साल में 70 साल अकाल रहता है। उसके बावजूद एक से एक बढ़करके प्रगतिशील किसानों ने नया इतिहास बनाया है।  

यहां पर देश के लिए मर मिटने वाले वीर जवानों की भी पराक्रम गाथाएं एक से बढ़कर एक है। और यही धरती है जहां आधुनिक विज्ञान को आसमान की ऊंचाइयों तक पहुंचाने का एक तपस्या का यज्ञ चल रहा है।

चित्र दुर्ग का चल्लाकेरे बहुत जल्द ही साइंस और टेक्नोलॉजी का अगला हॉट स्पॉट बनने जा रहा है। इसरो, डीआरडीओ, बार्क, आईआईएससी जैसे अनेक संस्थाओं के ब्रांचेज यहां के गौरव को बढ़ाएगी। वैज्ञानिक पहचान को बढ़ाएगी। डीआरडीओ ऐयरोनेटिकल टेस्ट फैक्टल्टी यहां नए-नए अनुसंधान कर रही है। ये देश के लिए गौरव की बात है। यहीं के इसरो के चित्रदुर्ग इकाई चंद्रयान 2 की, इस मिशन की तैयारी भी इसी धरती पर हो रही है। इस मिशन में लगे सभी वैज्ञानिकों को, सभी टेक्नेशियनों को मैं आज इस धरती पर आया हूं तब ह्रदयपूर्वक बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं।

बंधु भगिनी।

ये चित्रदुर्ग की धरती पर लोककथाओं के माध्यम से बार-बार इस बात को गुनगुनाया जाता है कि वीरा मडकरी ने सुल्तानों के साथ कैसी टक्कर दी थी। ये यहां की गौरव की गाथा है। मैं वो बहादुर दलित मां की कोख से पैदा हुई उस वीरांगना को आज अंत:करण से नमन करता हूं जिसने आक्रमणकारियों को मसूल यानि ओनके से ही करारा जवाब दिया था। साहस और शौर्य क्या होता है, वह दलित वीरांगना से हम सीख सकते हैं। और उनके ओबब्बा वो करोड़ों लोगों की प्रेरणा हैं जो मुश्किलों में आक्रमणकारियों से कम संसाधन होते हुए भी लड़ने का साहस रखते हैं।

लेकिन कांग्रेस पार्टी। ये ऐसी पार्टी है कि वोट बैंक की राजनीति के लिए, समाज को तोड़ने के षडयंत्र के लिए वो इतिहास और भावनाओं को भी मरोड़ करके उल्टी गंगा बहाने के लिए उसकी आदत हो गई है। ये कांग्रेस का चरित्र देखिए। जिसकी जयंती मनानी चाहिए। उसकी जयंती मनाना तो उनको सूझता नहीं है। वीरा मरकड़ी और उनके ओ अबब्बा उसको तो भूला दिया गया लेकिन वोट बैंक की राजनीति के कारण सुल्तानों की जयंती मनाने में लगे पड़े हैं। इस जयंती के फेर में कांग्रेस ने कर्नाटक के लोगों का और विशेष करके चित्रदुर्ग के लोगों का बहुत बड़ा अपमान किया है। चित्रदुर्ग के लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया है। चित्र दुर्ग के नायकों को धोखे से जहर देकर मारने वालों,  दलित वीरांगनाओं की हत्या करने वालों की जयंती मनाने वाली कांग्रेस ने इस धरती का, आपका, इतिहास का अपमान किया है।

बंधु भगनी।

यहां के वीर बेटे-बेटियों के साथ, उनकी विरासत के साथ, उनके शौर्य के साथ जिस तरह कांग्रेस पार्टी ने वोट बैंक के खातिर विश्वासघात किया है। ये अक्षम्य है। इसे माफ नहीं किया जा सकता है। लेकिन अगर आप कांग्रेस के इतिहास की तरफ नजर करेंगे तो आप को ध्यान में आएगा कि बड़ों-बड़ों को अपमानित करना, उनको किनारे कर देना, उनके राजनीतिक भविष्य को बर्बाद कर देना, ये कांग्रेस के चरित्र में है। एक परिवार के लिए सैकड़ों दिग्गज नेताओं को भी हाशिये पर धकेल देना, ये इतिहास, कांग्रेस का पुराना इतिहास है।

यहां के सपूत और आधुनिक कर्नाटक के निर्माता, कांग्रेस के कभी राष्ट्रीय अध्यक्ष और कर्नाटक के कई वर्षों तक जो मुख्यमंत्री रहे, वे इस धरती के सपूत निजलिंगाप्पा जी के साथ इन लोगों ने क्या किया। ये मेरे नौजवानों को पता होना चाहिए। निजलिंगाप्पा जी इतने बड़े नेता थे लेकिन हर मोड़ पर कांग्रेस के इस परिवार ने, कांग्रेस के दिल्ली में बैठे हुए रथी-महारथियों ने एक भी मौका ऐसे महान नेता को अपमानित करने का नहीं छोड़ा था। निजलिंगाप्पा जी का अपराध क्या था। इतना ही अपराध था कि नेहरू की गलत नीतियों के सामने उन्होंने सवाल उठाए थे। उनकी आर्थिक नीतियों के सामने सवाल उठाए थे। इतना ही उनका दोष था। ये लोकतंत्र की बातें करने वाली कांग्रेस ने कभी निजलिंगाप्पा जी को माफ नहीं किया था। जिन्होंने सिर्फ सवाल उठाए थे, इसलिए उनकी दुर्दशा कर दी। इसी धरती के नेता महापुरुष निजलिंगाप्पा जी गरीबों के लिए लड़ने वाले नेता थे, दलितों के हक के लिए लड़ने वाले नेता थे, भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने वाले नेता थे लेकिन ये सारी बातें झूठ फैलाने की आदी कांग्रेस को मंजूर नहीं थी। इसलिए उन्होंने निजलिंगाप्पा जी की राजनीति पर ही पूर्णविराम लगा दिया।

कांग्रेस पार्टी ने बाबा साहब अंबेडकर को भी ऐसे ही अपमानित किया। बाबा साहब अंबेडकर इतने बड़े विद्वान, देश की धरती से जुड़े हुए इंसान, देश के सामान्य मानवी की आशा आकांक्षाओं से जुड़े हुए अंबेडकरजी को कभी भी कांग्रेस पार्टी ने स्वीकार नहीं किया। ऐसा लग रहा है कि कांग्रेस के जमाने में तो भारत रत्न का खिताब एक ही परिवार के लिए रिजर्व है। पीढ़ी दर पीढ़ी उनके हर संतानों को भारत रत्न देना चालू रखी लेकिन बाबा साहब अंबेडकर को उनके परिनिर्माण के बाद भी सालों तक भारत रत्न कांग्रेस पार्टी ने नहीं दिया।  जब अटल जी के समर्थन में सरकार दिल्ली में बनी तब जाकरके भारत रत्न बाबा साहब अंबेडकर को मिला।

देश में हजारों योजनाएं एक ही परिवार के सदस्यों के नाम पर ...। दिल्ली के अंदर जहां भी जाओ, स्मारक एक ही परिवार के लिए। दिल्ली के अंदर नई दिल्ली में जहां जाओगे, मकान कब्जा किया पड़ा है एक परिवार के लिए। जमीन कब्जा किया पड़ा है एक परिवार के लिए।

लेकिन भारत के संविधान निर्माता, इस देश के महान सपूत बाबा साहब अंबेडकर से जुड़े हुए, उनके जीवन से जुड़े हुए स्थानों पर स्मारक बनाने के लिए इस देश के दलित, पीड़ित, शोषित, वंचित मांग करते रहे लेकिन कांग्रेस ने कभी गरीबों की सुनी नहीं, दलितों की सुनी नहीं। बाबा साहब अंबेडकर के उन महत्वपूर्ण स्थानों पर स्मारक बनाने के लिए कभी कांग्रेस पार्टी आगे नहीं आई।

हमने बाबा साहब अंबेडकर के पंच तीर्थ पर काम किया है। और पहली बार हिन्दुस्तान में दलितों की दिवाली लाने वाले बाबा साहब अंबेडकर को आज विश्व के अंदर ...। जब पिछली बार बाबा साहेब अंबेडकर की 125वीं जयंती मनाते थे, यूएन में हमने मनाई। दुनिया के सभी देशों में बाबा साहब अंबेडकर की जयंती मनाने का काम, विश्व मानव को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का काम भारतीय जनता पार्टी ने किया। चाहे मऊ में बाबा साहब अंबेडकर की जन्मभूमि हो, नागपुर में दीक्षा भूमि हो, मुंबई में चैत्य भूमि हो, लंदन के अंदर शिक्षा भूमि हो, दिल्ली के अंदर दो जगहों पर उनकी कर्म भूमि हो, ये पांचों तीर्थ निर्माण करने का काम भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने किया है। और उसका उद्घाटन करने का काम मुझे मिला है।

इतना ही नहीं। जब भारतीय जनता पार्टी को दिल्ली में पहली बार हमको प्रधानमंत्री के नाते अटल बिहारी वाजपेयी को सौभाग्य मिला। और हमें देश के राष्ट्रपति चुनने का सौभाग्य मिला। ये भारतीय जनता पार्टी थी जिसको पहला राष्ट्रपति चुनने का अवसर मिला। हमने दल की और दुनिया को नहीं देखा। हमने महान वैज्ञानिक अब्दुल कलामजी को राष्ट्रपति बनाने का काम किया। और जब दूसरी बार मोदी प्रधानमंत्री बने और भाजपा को राष्ट्रपति बनाने का सौभाग्य आया। हमारे पास सफिसिएंट वोट हो गए तो हम भी किसी को भी राष्ट्रपति बना सकते थे। लेकिन ये भारतीय जनता पार्टी की प्रतिबद्धता थी कि गरीब परिवार में पैदा हुआ, दलित परिवार में पैदा हुआ श्रीमान रामनाथ कोविंद को हमने राष्ट्रपति बनाया। और धरती से निकले हुए दलित को राष्ट्रपति बनाने का सौभाग्य हमें प्राप्त हुआ।

अब कांग्रेस पार्टी को तकलीफ हो गई। कि प्रधानमंत्री भी गरीब परिवार से, पिछड़ी परिवार से आता है। राष्ट्रपति भी गरीब परिवार से, गांव से दलित होकरके बन गया। अब कांग्रेस पार्टी को लगा कि उसकी वोट बैंक की राजनीति को बहुत बड़ा झटका लग गया है। अब तक जो दलितों की आंखों में जो धूल झोंकते थे। अब दलित जागृत हो गया है। अब कांग्रेस पार्टी में दलितों में भम्र फैलाना, दलितों में झूठ फैलाने का एक बहुत बड़ा अभियान चलाया हुआ है।

इतना ही नहीं। भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद क्योंकि हम धरती से जुड़े हुए हैं। गांव में दलितों के साथ क्या होता है, आदिवासियों के साथ क्या होता है। उनके लिए कैसे-कैसे शब्द प्रयोग किए जाते हैं। किस प्रकार से गरीब लोगों को अपमानित किया जाता है। हम धरती से जुड़े होने के कारण हमें बारीक जानकारी थी। इसलिए जब हमने दिल्ली में सरकार बनाई तो हमने दलितों और आदिवासियों को अपमानित करने वाले कानून को और कड़ा कर दिया। और जो पहले जितनी चीजें उसमें शामिल की गई थी, उसमें 47 हमने बना दी। पहले 22 थी, उसे 47 बना दी। और हर छोटी चीज में मेरे दलितों को, आदिवासियों को अपमानित करने के लिए गुनाह रजिस्टर होगा। और कानून को कड़क बनाने का काम दिल्ली में हमारी सरकार बनने के बाद हुआ।

कांग्रेस के पैरों के नीचे से जमीन खिसक रही है। और इसलिए कांग्रेस पार्टी रोज झूठ फैला रही है, लोगों को गुमराह कर रही है। लेकिन मैं इस देश के दलितों को, पीड़ितों को, वंचितों को, शोषितों को, आदिवासियों को, महिलाओं को विश्वास दिलाना चाहता हूं। मैं आप ही के बीच से निकला हुआ हूं। आप ही के बीच में पला-बढ़ा हूं। और इसलिए मैं आपके विकास के लिए, आपकी सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हूं। और हमारे सारे कार्यक्रम आपकी भलाई के लिए है।

भाइयो बहनो।

हमारे देश में बहुत बड़ी मात्रा मे दिव्यांग जन हैं। परिवार के लोग उसको संभालते हैं। क्या हमारे दिव्यांगों की जिम्मेदारी समाज की और सरकार की नहीं है। लेकिन पहले की सरकार के अंदर, दिव्यांगों के नाम पर सिर्फ कागजी कार्रवाई होती थी। कभी इस देश के खास करके गरीब परिवार के जो दिव्यांग है, उनकी हालत देखी नहीं जा सकती। लेकिन ये संवेदनशील सरकार है जिन्होंने दिव्यांगों के लिए बीड़ा उठाया है। दिव्यांग जनों को सार्वजनिक स्थान पर जाएं, तब असुविधा न हो, उसके लिए हमने सरकारी इमारतों में सुविधाएं तैयार करने का हमने एक बहुत बड़ा बीड़ा उठाया है। दिव्यांगों को नौकरी मिले। इसलिए हमने आरक्षण में बढ़ोतरी की है।

और आज मैं एक आकड़ा आपको बताना चाहता हूं। काम करने वाली सरकार कैसी होती है। संवेदनशील सरकार कैसी होती है। दुखियों के दर्द को समझकरके समाधान देने वाली सरकार कैसी होती है। मैं जरा दो आंकड़े आपको दूंगा। ये सुनकर आप ही नहीं पूरा हिन्दुस्तान चौंक जाएगा। और आपको पता चलेगा कि कांग्रेस सरकार का चरित्र क्या होता है और संवेदनशील भारतीय जनता पार्टी की सरकार का चरित्र क्या होता है। दिव्यांगों के लिए उनके लिए जरूरी ट्राई साइकिल हो या प्रज्ञा चक्षु व्यक्ति के लिए लाठी हो, हियरिंग एड हो, ऐसे गरीब दिव्यांगों को सरकार की तरफ से साधन देने की परंपरा 1992 से शुरू हुई। 92 से 2014 तक इतनी सरकारें आ गई। टोटल 57 कैंप लगे थे। ये साधन सहायता पहुंचाने के लिए 57 कैंप लगे थे। 2014 के बाद, मोदी सरकार बनने के बाद, भाजपा की सरकार बनने के बाद 5 हजार कैंप लगाए गए। 20 साल में 57 कैंप और 4 साल में 5000 कैंप। ये भारतीय जनता पार्टी की सरकार दिव्यांगों के प्रति, गरीबों के प्रति कितनी संवेदनशील है। इसका उदाहरण है।

भाइयो बहनो।

कांग्रेस पार्टी यहां के वीरों को भूल जाए। यहां की वीरांगनाओं को भूल जाए लेकिन भारतीय जनता पार्टी के कर्नाटक ईकाई को बधाई देता हूं। इस बार उनके मैनिफैस्टों में, उन्होंने वचन पत्र के अंदर, यहां के एसटी समुदाय के लिए जो घरों के लिए योजना बनाई है - मरकड़ी नायाकरी हाउसिंग स्कीम उसके लिए मैं बधाई देता हूं। उसी प्रकार से दलित समाज के लिए एससी समुदाय के लिए आधुनिक घर बनाने के लिए मदारा चैन्नय्या हाउसिंग स्कीम बनाई है। इसके लिए भी भारतीय जनता पार्टी के कर्नाटक ईकाई को बधाई देता हूं।

चित्रदुर्गा के लोग तो भलीभांति जानते हैं कि दलितों के कल्याण के नाम पर एक मंत्री ने खुद के कल्याण की योजनाएं कैसे बनाई। ये आप भली भांति जानते हैं। गंगा कल्याण के नाम पर ये मंत्री जी ने कितने बड़े घोटाले किए और खुद का कल्याण कैसा किया। वो यहां के बच्चे-बच्चे को पता है। सौ साल में 70 साल, जहां अकाल होता है। जहां पानी के लिए लोग पुण्य का काम सोचते हैं, वहां कांग्रेस के यहां ऐसे मंत्री आए कि जो जाते-जाते 1200 बोरवैल का काम कल्याण कर दिया और सारा का सारा घपला खुद कर गए। और इतना ही नहीं। उन्होंने कागजों को इधर-उधर करके फाइलें इधर-उधर करके, रात और दिन फाइलें दौड़ाई। तीन दिन के भीतर-भीतर 1800 प्रोजेक्ट चुनाव के तीन दिन पहले, अपनी ही विधानसभा में मारके ले गए। अगर आपके पानी के साथ भी इस प्रकार के पापाचार करते हैं तो ऐसी कांग्रेस का चित्रदुर्ग में नामोनिशान नहीं भी बचना चाहिए।

भाइयो बहनो।

ये आपके पानी के पैसे भी चबा गए। और इन्होंने आदिवासियों के लिए जो होस्टल बने, उसके बिस्तर के पैसे मार गए। ऐसे तो ये लोग हैं जी। बेडशीट हो, तकिया हो, अरे कुछ नहीं बचेगा। ये जितने दिन रहेंगे, ये आपके घर के बिस्तर भी मार जाएंगे। मैंने किसी को पूछा। ऐसे कैसे कांग्रेस के नेता है ...। मैंने कहा, कांग्रेस के ऐसे कैसे नेता है, जो बिस्तर में इतनी रूचि रखते हैं। यहां कांग्रेस के लोगों ने बिस्तर के नीचे नोटें छिपाने की आदत हो गई है। इसलिए उनको बिस्तर से रूचि है।

भाइयो बहनो।

कांग्रेस नेताओं के आगे पीछे बहुत सारे उपनाम लग जाते हैं। बहुत सारे नाम टैग लग जाते हैं। लेकिन मैंने अब तक हिन्दुस्तान में जो नहीं सुना था, वो चित्रदुर्ग में सुना। वो कहते हैं यहां एक मंत्री ऐसे हैं जिनके नाम के आगे डील लिखा जाता है, डील। याने जब तक डील नहीं करते तब तक दिल से काम नहीं करते। इसका नाम डील करने वाले मंत्री। ये कांग्रेस पार्टी न दिल वाली है न दलितों वाली है, ये कांग्रेस पार्टी केवल डील वाली है। यहां के मुख्यमंत्री तो ऐसे हैं जी। और यहां के मुख्यमंत्री ...। और यहां के मुख्यमंत्री वो अपनी सूटकेस में, बाकी तो वो बहुत कुछ रखते होंगे लेकिन कैरेक्टर सर्टिफिकेट तैयार रखते हैं। अगर कहीं पर किसी मंत्री पर आरोप लग जाए, जांच की मांग हो। तुरंत अपने सूटकेस में से कैरेक्टर सर्टिफिकेट निकालते हैं। उसके ऊपर मंत्री का नाम लिख देते हैं और नीचे साइन कर देते हैं और पब्लिक को बता देते हैं कि वो ईमानदार है।

चित्रदुर्ग के मेरे प्यारे भाइयो बहनो।

जो कांग्रेस पार्टी आपके वेलफेयर के लिए सोचने को तैयार नहीं है। अब वक्त आ गया है उनके फेयरवेल का। और इसलिए जो वेलफेयर नहीं करते, उनका फेयरवेल पक्का होना चाहिए।

भाइयो बहनो।

ये मुख्यमंत्री जो क्लीन चिट देते फिरते हैं, उनको बिल्कुल साफ करके क्लीन स्वीप कर दो इस बार। क्लीन स्वीप करके घर भेज दो।

भाइयो बहनो।

हमारे यहां के बागवान, उनका श्रम, यहां के किसान अनार, मौसमी, केला, अंजीर, आम ...। पानी के अभाव के बीच भी उन्होंने जिस तरह से काम किया है। वे अभिनंदन के पात्र हैं।

होटरी कल्चर में चित्रदुर्ग का नाम ...। यहां के किसानों को बहुत सम्मानपूर्वक याद किया जाता है।

ऐसे क्षेत्र के विकास के लिए, ऐसे किसानों की भलाई के लिए हमने भारत सरकार ने एक प्रधानमंत्री कृषि संपदा योजना बनाई है। और ये फल हो, फूल हो, सब्जी हो, वैल्यू एडीशन हो, मूल्य वृद्धि हो, इसके लिए हजारों करोड़ रुपए की लागत से ये जो किसान हैं। उनको मदद करने की दिशा में हमने काम उठाया है। हमारे देश में व्यवस्थाओं के अभाव से, ट्रांसपोर्टेशन की व्यवस्थाओं के अभाव से हमारे जो इन किसानों को जो पैदावार है। साल में करीब-करीब एक लाख रुपयों का फल, सब्जी, फूल बर्बाद हो जाते हैं। इस हमारी योजना से किसानों की बर्बाद होती संपत्ति को बचा ली जाएगी।

भाइयो बहनो।

यहां के किसान को पानी चाहिए। अब यहां जितने प्रोजेक्ट लटके पड़े हैं। जब येदुरप्पा जी मुख्यमंत्री थे, उन्होंने योजनाओं को प्रारंभ किया था। कांग्रेस ने खत्म कर दिया था।मैं आपको विश्वास दिलाता हूं। येदुरप्पा की सरकार बनने के बाद पानी के सारे प्रोजेक्ट को प्राथमिकता दिए जाएंगे। भारत सरकार भी पानी के प्रोजेक्ट को प्राथमिकता देगी।

आप मुझे बताइए। मेरे प्यारे भाइयो बहनो।

आप मुझे बताइए। और दोनों मुट्ठी ऊपर करके जवाब देना ...। क्या चित्रदुर्ग से कांग्रेस का पूर्ण रूप से सफाया होना चाहिए ...। जोर से बताइए। होना चाहिए ...। 12 मई को कमल के फूल दबाकरके कांग्रेस को विदाई करोगे ...। घर-घर जाकरके बीजेपी को वोट कराओगे ...। एक-एक मतदाता को निकालोगे ...। भारी से भारी मतदान कराओगे ...। येदुरप्पा की सरकार बनाओगे ...। भाजपा की सरकार बनाओगे ...। कर्नाटक का भाग्य बदलोगे ...।

और इसलिए मेरे कर्नाटक के, मेरे चित्रदुर्ग के भाइयो बहनो।

मैं आज आपके पास आया हूं। एक विश्वास को लेकरके आया हूं। और मुझे पूरा विश्वास है। कि 12 मई को कमल के फूल पर बटन दबाकरके आप हमेशा-हमेशा के लिए कांग्रेस को विदाई कर दोगे।

स्वच्छ, सुंदर, सुरक्षित, कर्नाटक निर्मिष सोना। बन्नी एल्लरू कै जोड़ी सी। सरकार बदली सी ...। सरकार बदली सी, बीजेपी गेल्ली सी।  सरकार बदली सी ...। सरकार बदली सी ...। बहुत-बहुत धन्यवाद।

 

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Today’s projects will further strengthen the logistics system of Eastern India: PM Modi in Kolkata, West Bengal
March 14, 2026
These initiatives will boost connectivity and improve the quality of life for people: PM
Today, a vigorous nationwide campaign to modernise railways is underway, and we are determined that West Bengal should not be left behind in this effort: PM
The central government is rapidly expanding the railway infrastructure in West Bengal: PM
Ports like Kolkata and Haldia have long been major centers of trade in Eastern India: PM
Mechanisation at the Haldia Dock Complex will speed up cargo operations, enhance port capacity and strengthen trade facilities: PM

Governor Shri R. N. Ravi ji, my colleagues in the Union Cabinet Shantanu Thakur ji, Sukanta Majumdar ji, Leader of Opposition in West Bengal Shubhendu Adhikari ji, my fellow parliamentarian Shamik Bhattacharya ji, other public representatives, ladies and gentlemen,

Today, from the soil of Kolkata, a new chapter of development for West Bengal and Eastern India is being written. Road, railway, and port infrastructure projects worth more than 18 thousand crore rupees have been inaugurated and foundation stones laid. These projects will give new momentum to West Bengal and Eastern India, promote trade and industry, make the lives of millions easier, and provide them with new opportunities. With the completion of the Kharagpur–Moregram Expressway, economic activities will accelerate in many parts of West Bengal. The Dubrajpur bypass, and the large bridges being built over the Kangshabati and Shilabati rivers, will further improve connectivity. I extend my heartfelt congratulations to the people of West Bengal and Eastern India for these projects.

Friends,

Today, a rapid campaign is underway to modernize the railways in the country. Our resolve is that West Bengal should not lag behind in this campaign! Therefore, the central government is making strong efforts to expand West Bengal’s railway infrastructure. Today, the automatic block signaling system in the Kalaikunda and Kanimahuli sections has been dedicated to the nation. This will increase the capacity of busy rail routes, make travel safer, and enhance speed and convenience for passengers.

Friends,

Today, six stations-Kamakhya Gudi, Anara, Tamluk, Haldia, Barabhum, and Siuri-have been inaugurated as Amrit Stations. The great culture of Bengal is now shining even more brightly at these stations. Many more stations are also being redeveloped here. A new express train service between Purulia and Anand Vihar Terminal has also been flagged off. This train service will benefit not only the people of West Bengal but also those in Jharkhand, Bihar, Uttar Pradesh, and Delhi.

Friends,

Just as road and rail connectivity are important, ports and water transport also play a crucial role. For decades, the potential of Eastern India in this regard was neglected. But today, waterways are opening new paths for trade and industrial progress. In this direction, important port infrastructure projects have been inaugurated and foundation stones laid today. Ports like Kolkata and Haldia have long been major centers of trade in Eastern India. The Haldia Dock Complex is being mechanized. This will speed up cargo operations, increase port capacity, and create new facilities for trade. Renovation of the bascule bridge in the Kolkata Dock System is also underway. We are also focusing on increasing cargo handling capacity at Khidderpore Dock. All these projects will strengthen the logistics system of Eastern India.

Friends,

These new projects related to roads, railways, and ports are opening new pathways for the modern future of West Bengal. Farmers, traders, entrepreneurs, students-everyone will benefit. New opportunities will also arise in sectors like tourism. Local industries and services will gain momentum. Our resolve is that Bengal, which has always guided India, should once again achieve that glory by becoming a ‘Developed Bengal.’ I am fully confident that strong connectivity and modern infrastructure will form the foundation of a developed Bengal. With this wish, I once again extend my heartfelt congratulations to all of you for these development projects. Now, as soon as this official program concludes, I will go to the open grounds where the entire Bengal has gathered. I will have the privilege of meeting the people of Bengal and discussing very important issues among them. For this program, this much is enough.

Thank you very much!

Best wishes to all!