विशाल संख्या में पधारे हुए उपस्थित महानुभावों!
मां दन्तेश्वरी का जहां आर्शीवाद है, जिस क्षेत्र के आदिवासियों ने दुनिया को जीने का रास्ता सिखाया है, ऐसी ये बस्तर की धरती है। आज मेरा ये सौभाग्य है कि आपके बीच आने का मुझे अवसर मिला, आपके दर्शन करने का सौभाग्य मिला। आज एक कार्यक्रम रायपुर में भी होने वाला था, लेकिन कल हवा के तूफान ने वहां सब तहस-नहस कर दिया। कई हमारे साथियों को चोट आई। मैं परमात्मा से प्रार्थना करता हूं कि ड्यूटी पर तैनात ये सभी बंधु-भगिनी बहुत ही जल्द स्वस्थ हों। डॉ. रमन ने कल ही मुझे फोन करके बताया था.. और उनके स्वास्थ्य की पूरी चिंता राज्य सरकार कर रही है और बहुत ही जल्द ये सभी स्वस्थ हो जाएंगे।
आज अनेक विध-कामों के निर्णय हुए हैं। शायद बस्तर के इतिहास में पहली बार हुआ होगा कि एक घंटे के इस समारोह में 24 हजार करोड़ रुपयों के निवेश के साथ विकास की नई ऊंचाईयों को प्राप्त करने का निर्णय.. एक राज्य, पूरे राज्य के लिए भी अगर 5 हजार करोड़ का प्रोजेक्ट है, तो राज्य के लिए बहुत बड़ी गौरवशाली घटना होती है। जबकि आज एक जिले में 24 हजार करोड़ रुपया..। आने वाले दिनों में इस बस्तर की जिंदगी में कैसा बदलाव आएगा इसका मैं भली-भांति अनुमान कर सकता हूं।
आज आप किसी भी आदिवासी को जाकर पूछें, किसी भी गांव के गरीब व्यक्ति को जा करके पूछें, आप कोई भी खेत मज़दूर को पूछें, आप किसी भी किसान को पूछें कि आपका क्या सुझाव है, कि क्या करना चाहिए? आपकी क्या अपेक्षा है क्या इच्छा है? मैं विश्वास से कहता हूं, अनुभव से कहता हूं, सब के सब.. किसी भी राज्य में क्यों न रहते हों, किसी भी भू-भाग पर क्यों न रहते हों.. एक ही जवाब निकलता है कि साहब कुछ भी करो, बच्चों को रोजगार मिले ऐसा कुछ करो। किसान भी चाहता है कि बच्चों को रोजगार मिले क्योंकि उसे पता है कि उनको जीवन में आगे बढ़ने के लिए अगर रोजगार मिल जाएगा तो बाकी तो अपना संसार वो खुद मेहनत करके बना लेगा, बच्चों को पढ़ाना है तो वो भी कर लेगा, एक बार रोजगार मिल जाए। भारत के लिए सबसे पहली प्राथमिकता है हमारे देश के नौजवान को रोजगार मिले, उसे अवसर मिले, वो देश को आगे बढ़ाने के काम में भागीदार बनना चाहता है। ..और कोई मां-बाप नहीं चाहता है कि बेटा-बेटी रोजगार के लिए सैकड़ों हजार किला मीटर दूर जा करके शहरों की झुग्गी-झोपड़ी में जिंदगी बिताए, कोई मां-बाप नहीं चाहता है। हर मां-बाप चाहता है कि बेटा पास रहे और कुछ उसे काम मिल जाए। बेटा भी चाहता है, बेटी भी चाहती है कि बूढ़े-बूढ़े मां-बाप को असहाय छोड़ करके शहर में झुग्गी-झोपड़ी की जिंदगी जीने के लिए नहीं जाना है। इसलिए सरकार का यह दायित्व बनता है, शासन की जिम्मेवारी बनती है कि हम विकास को उस रूप में आगे बढ़ाएं ताकि हिन्दुस्तान के सभी भू-भाग में विकास पहुंचे, दूर-सुदूर जंगलों में भी विकास पहुंचे और गरीब की झोपड़ी तक विकास के फल पहुंचें। गरीब की झोपड़ी तक विकास का फल पहुंचने का मतलब है कि गरीब से गरीब परिवार की संतान को भी रोजगार का अवसर उपलब्ध हो। इसलिए हमने जो विकास का रास्ता चुना है उसके केंद्र में हमारा एक ही संकल्प है कि देश के नौजवान को अवसर मिले, रोजगार मिले, आगे बढ़ने के लिए उसको मौका मिले।
आज बस्तर जिले में.. कोयला पहले भी था, iron ore पहले भी था, सरकारें भी पहले थीं, लोग भी पहले थे, बेरोजगारी भी थी लेकिन फिर भी समस्या का समाधान खोजने के लिए ऐसी धीमी गति से चला जाता था कि लोग निराशा के गर्त में डूब जाते थे। आज हमारी कोशिश है कि हिन्दुस्तान के चारों तरफ रेलवे connectivity मिले, दूर-सुदूर इलाकों में भी रेल की पटरी बिछे, लोगों को आने-जाने की सुविधा बने। पटरी जब लग जाती है, ट्रेन आती है तो सिर्फ यात्रा के लिए काम आती है ऐसा नहीं है, वो एक जीवन को भी गति देता है, अर्थ-जीवन को भी गति देता है। जगदलपुर तक रेल की पटरी हिन्दुस्तान की मुख्यधारा से आपको जोड़ेगी। जब हम प्रधानमंत्री जन-धन योजना लाते हैं तो गरीब से गरीब को आर्थिक मुख्यधारा से जोड़ते हैं और बस्तर में जगदलपुर तक की ट्रेन की बात करते हैं तो यहां के नागरिक को हिन्दुस्तान की मुख्यधारा के साथ छोड़ने का हमारा प्रयास होता है।
अभी मुख्यमंत्री जी विस्तार से बता रहे थे कि हम कच्चा माल विदेशों में बेच-बेच कर कब तक अपनी रोजी-रोटी कमाएंगे। ..और हम कैसे लोग है कि iron ore तो हम बाहर भेजें और steel बाहर से लाएं! अब वो कारोबार हमें बंद करना है। अगर iron ore हमारा होगा तो steel भी हमारा होगा और दुनिया को चाहिए तो हम steel देगें, हम iron ore में हमारे नौजवान के पसीने को जोड़ेंगे और उसी iron ore में से steel बनाएंगे और उसी iron ore में से steel बनाते समय मेरे नौजवानों की जिंदगी भी बन जाएंगी ताकि वो दुनिया के हर संकटों से टक्कर लें। ऐसा जीवन उसका ऊंचा बन जाए, उस दिशा में हम काम कर रहे हैं। हमारी कोशिश है विकास की नई ऊंचाइयों पर देश को ले जाने की।
आज मैं यहां डॉ. रमन सिंह जी के सपने को धरती पर उतरा हुआ देख करके आया। रमन सिंह जी के प्रति मेरे मन में मित्र होने के बावजूद भी हमेशा एक सम्मान का भाव रहा है और सबसे ज्यादा मुझे आदर तब हुआ, जब यहां के लोग महंगी.. चिरौंजी हो, काजू हो ये बेच करके नमक खरीदते थे, बदले में नमक! और समाज का शोषण करने का भाव रखने वाले लोग उन महंगे उत्पादों को ले करके बदले में नमक देते थे और बस्तर जिले के नागरिक नमक पाने के लिए पता नहीं क्या कुछ देने के लिए तैयार हो जाते थे। रमन सिंह जी ने सरकार बनाते ही प्रारंभ में तय कर लिया कि मैं नमक लोगों को पहुंचाऊंगा। उस दिन से एक मित्र होने के बावजूद भी एक विशेष आदर की मेरे मन में अनुभूति हुई कि मेरा एक साथी है जो हर पल गरीबों के लिए सोचता है, आदिवासियों के लिए सोचता है।
आज जब मैं knowledge(Education) city में जा करके आया, उसमें जो कल्पना है.. हिन्दुस्तान में जो लोग कहते हैं कि हिंसा के रास्ते पर गए हुए लोगों को वापस मुख्यधारा में लाने का रास्ता क्या है, मैं समझता हूं कि रमन सिंह जी ने रास्ता बना दिया है। कंधे पर हल! वही समस्याओं का हल ला सकता है। कंधे पर gun, ये समस्याओं का समाधान नहीं है। जिस धरती पर नक्सलवाद का जन्म हुआ था और जिसके कारण देश में नक्सलवाद की चर्चा हुई थी, वहां पर भी जा करके देखिए, अनुभव के बाद वो सीखे.. और उन्होंने भी वो रास्ता छोड़ दिया। आज वो नक्सलबाड़ी, जहां से हिंसा का मार्ग शुरू हुआ था, बम, बंदुक और गोलियां चलती थी, रक्त की धारा बहती थी, आज वहां वो बंद हो गया। जिन लोगों को लगता है कि क्या.. आए दिन ये मौत का खेल बंद होगा कि नहीं होगा। मैं देशवासियों! आपको विश्वास दिलाना चाहता हूं कि निराश होने की जरूरत नहीं है। यह भी बंद होगा। जब पंजाब में खूनी खेल खेला जा रहा था, क्या कभी किसी ने सोचा था कि पंजाब में वो खूनी खेल खत्म होगा और लोग सुख-चैन की जिंदगी जिएंगे? आज जी रहे हैं। नक्सलबाड़ी में सोचा था? आज लोग वहां भी जी रहे हैं। मुझे विश्वास है इस भू-भाग में भी, इस गलत रास्ते पर चल पड़े लोग भी.. उनके भीतर भी कभी न कभी मानवता जगेगी।
आज मैं उस ज्ञान नगरी में जा करके आया। 800 से अधिक उन बच्चों को मिला जिनको.. कोई गुनाह नहीं था, मां-बाप से बिछुड़ना पड़ा। हिंसा के रास्ते पर पागल बने हुए युवकों ने किसी के बाप को मार दिया, किसी की मां को मार दिया, किसी मां-बाप को वहां से दूर जाने के लिए मजबूर कर दिया। उन 800 बच्चों से मैं मिला जिन्होंने अपने परिवार-जनों को खोया है। माओवाद की हिंसा के कारण उनकी जिदगी में मुसीबत आई है। लेकिन आज डॉ. रमन सिंह जी को बधाई देता हूं कि उन्होंने.. जिनका सब कुछ खत्म करने के लिए माओवादी तुले हुए थे, जो बच्चों को तलवार, बम, बंदूक के रास्ते पर ले जाना चाहते थे उनको रमन सिंह जी ने हाथ में कलम पकड़ा दी, कम्प्यूटर पकड़ा दिया है और मैंने उनकी आंखों में जो चेतना देखी.. वो विश्वास देखा है, उन 800 बच्चों को देख करके मैं कहता हूं हिंसा का कोई भविष्य नहीं है। अगर भविष्य है तो वो शांतिमय मार्गों का है, वो मैं आज देख करके आया हूं, अनुभव करके आया हूं। मैं हिंसा के रास्ते पर चले हुए नौजवानों को कहना चाहता हूं कि कम से कम एक प्रयोग कीजिए, कम से कम दो-पांच दिन के लिए कंधे पर से बंदूक नीचे रख दीजिए। सादे-सीधे आदिवासी पहनते हैं, ऐसे कपड़े पहन लीजिए और आपके कारण जिस परिवार को कोई स्वजन खोना पड़ा है, किसी के बाप की मृत्यु हुई, है किसी की मां की मृत्यु हुई है.. उस घर में बचा हुआ जो बच्चा है, पांच दिन सिर्फ उसके साथ ऐसे ही बिता करके आ जाइए, उससे बातें कीजिए और उसको ये मत बताइए कि आप कौन हैं, ऐसे ही बातें कीजिए। मैं विश्वास से कहता हूं, वो बालक अपनी बातों से, अपने अनुभव से आपको पुनर्विचार करने के लिए मजबूर कर देगा, आपका हृदय परिवर्तन करके रख देगा। आप भी हिल जाएगे कि हिंसा के नशे में आपने कितना बड़ा पाप कर दिया है। एक बार मानवता को अंगीकार करके, राक्षसी वृत्ति से मुक्ति पा करके.. ज्यादा नहीं, कुछ पल इन पीडि़त परिवारों से जरा मिल लीजिए। आपको फिर कभी उस रास्ते पर जाने कि नौबत नहीं आएगी। आपको भी लगेगा कि आपने कुछ गलत किया है। कोई सरकार आपको बदले, कोई कानून आपको बदले, कोई लोभ-लालच आपको बदले उससे ज्यादा आप ही की गोलियों से पीड़ा पाने वाला एक बालक आपकी जिंदगी बदल सकता है। शर्त यही है कि मानवता का अंगीकार करके कुछ पल उसके साथ बिता करके देख लीजिए। मैंने देखा उन बच्चों को आज.. हिंसा से कभी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है। मिल-बैठ करके रास्ते निकल सकते हैं। छत्तीसगढ़ अगर इस संकट से मुक्त हो जाए तो मैं विश्वास से कहता हूं हिन्दुस्तान में आर्थिक ऊंचाइयों पर नम्बर एक पर छत्तीसगढ़ आकर खड़ा हो सकता है। यहां के नौजवानों का भविष्य बदल सकता है और छत्तीसगढ़ के पास वो ताकत है, वो हिन्दुस्तान का भविष्य भी बदल सकता है। इसलिए मेरे भाईयो-बहनों! विकास एक ही मार्ग है जो हमारी समस्याओं का समाधान करेगा।
मुझे आज रमन सिंह जी के livelihood college को भी देखने का अवसर मिला। उन्होंने पूरे राज्य में उसका जाल बिछाया है। दुनिया के समृद्ध से समृद्ध देश हो तो भी.. एक बात आज उसका प्रमुख काम बन गया है। दुनिया का सुखी देश भी skill development को महत्व दे रहे हैं। हुनर सिखाने के लिए दुनिया में, हर देश में priority हो गई है। छत्तीसगढ़ के अंदर हुनर से शिखर तक पहुंचने का जो अभियान चलाया गया है, वो काबिले दाद है। मैं देख कर आया हूं। मैंने उन बालक-बालिकाओं को देखा, हाथ में हुनर तो है लेकिन आंख में ओझ है, तेज है और बातों में एक अपरम्पार विश्वास है। बड़े-बड़े अफसर भी.. सीएम या पीएम से बात करनी है तो कुछ पल तो set होने में time लगता है। मैंने देखा कि बच्चे फटाफट बातें करते थे। कोई झिझक नहीं थी, उनकी बातों में कोई झिझक नहीं थी। ये जो confidence level है ये जीवन में आगे बढ़ने के लिए बहुत बड़ी अमानत होता है। वो मैं आज देख कर आया हूं।
Skill Development का मिशन ले करके हम पूरे देश में चल रहे हैं क्योंकि हमारे देश के नौजवानों को रोजगार देना है ..और रोजगार देना है तो Skill Development सर्वाधिक सरल मार्ग होता है। जीवन के हर क्षेत्र में, हर नौजवान के हाथ में हुनर हो। जिसके हाथ में हुनर होता है उसको कभी जीवन जीने के लिए हाथ फैलाने की नौबत नहीं आती है, वो अपने बलबूते पर, अपनी शर्तों पर जिंदगी जी सकता है। उसे कभी मजबूर नहीं होना पड़ता है और उस काम को livelihood colleges के माध्यम से रमन सिंह जी ने चरितार्थ किया है। देश के अन्य राज्यों के लिए भी यह अपने आप में एक मिसाल बन सकती है। मैं चाहूंगा, मैं भी प्रयास करूंगा कि देश के और राज्य भी आ करके इसको देखें, इस मॉडल को समझें और इसको कैसे लागू किया जा सकता है उस पर चर्चा करें।
भाईयों-बहनों! आपने हमें भारी बहुमत के साथ आपकी सेवा करने का मौका दिया है। छत्तीसगढ़ पूरी ताकत के साथ हमारे पीछे खड़ा है और मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि जितना आपने दिया है, हम ब्याज समेत विकास करके लौटाएंगे।
आज तेंदू पत्ता वाले हमारे किसान भाइयों-बहनों को बोनस देने का भी मुझे सौभाग्य मिला और उनको भी मैंने पूछा कि क्या करोगे, हरेक से मैंने पूछा। हरेक को पता है कि इन पैसों का उपयोग अपने बच्चों की जिंदगी संवारने के लिए कैसे करना है, इसका खाका उनके दिमाग में तैयार है। यही तो है हरेक का aspiration । उसको पूर्ण करने का हमारा प्रयास है।
एक समय था.. हिन्दुस्तान की तरफ दुनिया कैसे देखती थी? ज्यादातर तो देखने के लिए तैयार ही नहीं थी और जो देखते थे वो भी बड़े उपेक्षा के भाव से देखते थे या तो हंसी-मजाक के रूप में देखते थे। देखते ही देखते माहौल बदला कि नहीं बदला? दुनिया हिन्दुस्तान को पूछने लगी कि नहीं लगी? विश्व के समृद्ध देशों को भी हिन्दुस्तान की अहमियत को मानना पड़ा कि नहीं मानना पड़ा। सवा सौ करोड़ का देश! इसको सर झुका करके जीने की जरूरत नहीं है। वो वक्त चला गया। सवा सौ करोड़ देशवासियों का संकल्प है कि हमारा देश माथा ऊंचा करके आंख से आंख मिला करके, सीना तान करके जीने के लिए पैदा हुआ है, झुकने के लिए पैदा नहीं हुआ है। वो शक्ति हमारे भीतर पड़ी है, सवा सौ करोड़ देशवासियों के भीतर पड़ी है। उस शक्ति को मैं भली-भांति पहचानता हूं। विश्व में जब किसी से बात करता हूं तो अकेला मोदी बात नहीं करता है, सवा सौ करोड़ देशवासी एक साथ आंख मिला करके बात करते हैं और विश्व आज हिन्दुस्तान का लोहा मानने लगा है। पूरे विश्व मानने लगा है कि आज दुनिया में तेज गति से आर्थिक विकास करने वाला कोई देश अगर है.. सारे संसार में, तो उस देश का नाम है- हिन्दुस्तान।
कितनी तेजी से परिवर्तन आ रहा है, लेकिन कुछ लोग होते हैं, जिनको जीवनभर लोगों को गरीब रखने में ही आनंद आया, दु:खी रखने में ही आनंद आया। अगर उसमें कुछ बदलाव आता है, तो वो अब दु:खी हो रहे हैं। उनकी परेशानी मैं समझ सकता हूं। जो लोग विजय पचा नहीं पाए 60 साल तक, वो पराजय भी नहीं पचा पा रहे हैं। भाईयों-बहनों, जिनको जनता ने नकार दिया है, उनके पास झूठ फैलाने के सिवाए, जनता को भ्रमित करने के सिवाए, जनता को गुमराह करने के सिवाए कोई रास्ता नहीं बचा है।
मैं देशवासियों को विश्वास दिलाता हूं, इन्हीं दिनों को याद कर लीजिए, इसी कालखंड में मैं छत्तीसगढ़ भी आया था, पिछले साल। अखबारों में क्या आता था? टीवी में क्या समाचार आते थे एक साल पहले? .. आज इतने का भ्रष्टाचार हुआ, आज ये घोटाला हुआ, वो घोटाला हुआ, इसने इतना मार लिया, उसने उतना लूट लिया, यही खबरें आती थीं कि नहीं आती थीं। कोयले की चोरी की चर्चा होती थी कि नहीं होती थी? एक साल हुआ है मेरे भाईयों-बहनों! एक भी खबर आई है क्या? क्या ईमानदारी से देश नहीं चलाया जा सकता क्या? चलाया जा सकता है। एक साल के अनुभव से मैं कह सकता हूं कि ये देश ईमानदारी से चलाया जा सकता है।
चिठ्ठी–पर्ची से कोयले की खदानें दे दी थीं। आज हमने सार्वजनिक रूप से auction किया और वो खज़ाना राज्य की तिजोरी में दे दिया। कोयले के auction का पैसा राज्य के खज़ाने में आ गया। इतना ही नहीं, जहां पर खनिज़ निकलता है, उस इलाके के जो जिले हैं.. और ज्यादातर पूरे देश में आदिवासी क्षेत्र है जहां पर खनिज़ सम्पदा है। वहां हमने special संगठन की रचना की है। वहां से कुछ हिस्सा लोगों के कल्याण के लिए खर्च कर दिया जाएगा। पहली बार गरीबों के लिए रुपए तिजोरी से निकालने का काम हो रहा है।
मुझे विश्वास है कि जिस विकास के रास्ते पर हम चल पड़े हैं, उस रास्ते से देश की समस्याओं का समाधान भी करेंगे, आपकी आशाओ-आकांक्षाओं को परिपूर्ण भी करेंगे और आपके साथ कंधे से कंधा मिला करके देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में हम सफल होंगे।
इसी एक विश्वास के साथ मैं फिर एक बस्तर को, छत्तीसगढ़ को हृदयपूर्वक बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं।
बहुत-बहुत धन्यवाद।
ಸ್ನೇಹಿತರೆ,
ದೇಶಾದ್ಯಂತ ಸಾವಿರಾರು ಯುವಕರಿಗೆ ಇಂದು ಬಹಳ ಮುಖ್ಯವಾದ ದಿನ. 51,000ಕ್ಕೂ ಹೆಚ್ಚಿನ ಯುವಕರು ಇಂದು ಸರ್ಕಾರಿ ಉದ್ಯೋಗಗಳಿಗೆ ನೇಮಕಾತಿ ಪತ್ರಗಳನ್ನು ಪಡೆದಿದ್ದಾರೆ. ನೀವು ದೇಶದ ಅಭಿವೃದ್ಧಿ ಪ್ರಯಾಣದಲ್ಲಿ ಪ್ರಮುಖ ಪಾಲುದಾರರಾಗುತ್ತಿದ್ದೀರಿ, ಅಂದರೆ ಜವಾಬ್ದಾರಿಯುತ ಪಾಲುದಾರರು. ರೈಲ್ವೆ, ಬ್ಯಾಂಕಿಂಗ್, ರಕ್ಷಣೆ, ಆರೋಗ್ಯ, ಶಿಕ್ಷಣ ಮತ್ತು ಇತರ ಹಲವು ಕ್ಷೇತ್ರಗಳಲ್ಲಿ ನೀವು ಹೊಸ ಜವಾಬ್ದಾರಿಗಳನ್ನು ವಹಿಸಿಕೊಳ್ಳಲಿದ್ದೀರಿ. ಮುಂಬರುವ ವರ್ಷಗಳಲ್ಲಿ, ಅಭಿವೃದ್ಧಿ ಹೊಂದಿದ ಭಾರತದ ಸಂಕಲ್ಪವನ್ನು ಪೂರೈಸುವಲ್ಲಿ ನೀವು ನಿರ್ಣಾಯಕ ಪಾತ್ರ ವಹಿಸುತ್ತೀರಿ.
ಸ್ನೇಹಿತರೆ,
ಈ ಹಂತವನ್ನು ತಲುಪಲು ನೀವು ದೀರ್ಘ ತಯಾರಿ ಮತ್ತು ಕಠಿಣ ಪರಿಶ್ರಮದ ಮೂಲಕ ಬಂದಿದ್ದೀರಿ. ಈ ಸಾಧನೆಗಾಗಿ ನಾನು ನಿಮಗೆ ಮತ್ತು ನಿಮ್ಮ ಕುಟುಂಬಗಳಿಗೆ ನನ್ನ ಹೃತ್ಪೂರ್ವಕ ಅಭಿನಂದನೆಗಳನ್ನು ಸಲ್ಲಿಸುತ್ತೇನೆ. ನಿಮ್ಮನ್ನು ಇಲ್ಲಿಗೆ ಕರೆತರುವಲ್ಲಿ ನಿಮ್ಮ ಪೋಷಕರು ಮತ್ತು ಕುಟುಂಬಗಳ ಕೊಡುಗೆ ಅಪಾರವಾಗಿದೆ. ನಾವು ಈ ಹಂತಕ್ಕೆ ತಲುಪಲು ಕುಟುಂಬ ಮತ್ತು ಸಮಾಜ ಮಾತ್ರವೇ ದೊಡ್ಡ ಪಾತ್ರವನ್ನು ವಹಿಸಿರುವುದಿಲ್ಲ. ನಾವು ಇಲ್ಲಿಗೆ ಬಂದಿರುವುದು ನಮ್ಮಿಂದಾಗಿ ಅಥವಾ ನಮ್ಮ ಕುಟುಂಬಗಳಿಂದಾಗಿ ಮಾತ್ರ ಅಲ್ಲ. ಈ ವಿಶಾಲ ರಾಷ್ಟ್ರದ 140 ಕೋಟಿ ನಾಗರಿಕರ ಕೊಡುಗೆಯೂ ಸಹ ಬಹಳ ಮಹತ್ವದ್ದಾಗಿದೆ. ಆದ್ದರಿಂದ, ನಮ್ಮ ಜವಾಬ್ದಾರಿ ನಮ್ಮ ಮತ್ತು ನಮ್ಮ ಕುಟುಂಬಗಳ ಕಡೆಗೆ ಮಾತ್ರವಲ್ಲ, ಇಡೀ ಸಮಾಜದ ಕಡೆಗೂ ಹೋಗಬೇಕು. ಈ ಎಲ್ಲಾ ಕೆಲಸಗಳಿಗೆ ನೀವು ಇನ್ನಷ್ಟು ಸಮರ್ಥರಾಗುತ್ತೀರಿ ಎಂಬ ವಿಶ್ವಾಸ ನನಗಿದೆ. ನಿಮಗೆಲ್ಲರಿಗೂ ಶುಭ ಹಾರೈಸುತ್ತೇನೆ.

ಸ್ನೇಹಿತರೆ,
ನಿಮಗೆಲ್ಲರಿಗೂ ತಿಳಿದಿದೆ, ನಾನು 5 ದೇಶಗಳಿಗೆ ಭೇಟಿ ನೀಡಿ ಹಿಂತಿರುಗಿದೆ. ಅದು ಕೇವಲ 5 ದೇಶಗಳಾಗಿದ್ದರೂ ಆ ಸಮಯದಲ್ಲಿ ನಾನು ಡಜನ್ ಗಟ್ಟಲೆ ರಾಷ್ಟ್ರಗಳ ಪ್ರಮುಖ ಕಂಪನಿಗಳ ನಾಯಕರೊಂದಿಗೆ ಚರ್ಚೆಗಳು ಮತ್ತು ಸಭೆಗಳನ್ನು ನಡೆಸಿದೆ. ಎಲ್ಲೆಡೆ ನನಗೆ ಒಂದು ವಿಷಯ ಸಾಮಾನ್ಯವೆನಿಸಿತು - ಭಾರತದ ಯುವಜನರು ಮತ್ತು ಭಾರತದ ತಾಂತ್ರಿಕ ಪ್ರಗತಿಯ ಬಗ್ಗೆ ಜಗತ್ತು ತುಂಬಾ ಉತ್ಸುಕವಾಗಿದೆ. ಇಂದು ಜಗತ್ತು ಭಾರತದ ಅಭಿವೃದ್ಧಿ ಪ್ರಯಾಣದ ಭಾಗವಾಗಲು ಬಯಸುತ್ತಿದೆ. ಭಾರತವೂ ವಿವಿಧ ದೇಶಗಳೊಂದಿಗೆ ಪಾಲುದಾರಿಕೆ ಹೊಂದಿದೆ. ಭಾರತದ ಯುವಕರಿಗೆ ಅವಕಾಶಗಳನ್ನು ಖಚಿತಪಡಿಸಿಕೊಳ್ಳುವುದು, ಉದ್ಯೋಗ ಒದಗಿಸುವುದು ಮತ್ತು ಅವರ ಸಾಮರ್ಥ್ಯವನ್ನು ಬೆಳಗಿಸುವುದು ಇದರ ಉದ್ದೇಶ. ನನ್ನ ದೇಶದ ಯುವಜನರು ಜಾಗತಿಕ ಮಾನ್ಯತೆಯನ್ನು ಪಡೆಯಬೇಕೆಂದು ನಾನು ಬಯಸುತ್ತೇನೆ. ಉದಾಹರಣೆಗೆ, ಈ ಪ್ರವಾಸ ಸಮಯದಲ್ಲಿ, ನೆದರ್ಲ್ಯಾಂಡ್ಸ್ನೊಂದಿಗೆ ನಾವು ಸೆಮಿಕಂಡಕ್ಟರ್ ಗಳು, ನೀರು, ಕೃಷಿ ಮತ್ತು ಮುಂದುವರಿದ ಉತ್ಪಾದನೆಯ ಬಗ್ಗೆ ಚರ್ಚಿಸಿದ್ದೇವೆ. ಸ್ವೀಡನ್ನೊಂದಿಗೆ ಕೃತಕ ಬುದ್ಧಿಮತ್ತೆ ಮತ್ತು ಡಿಜಿಟಲ್ ನಾವೀನ್ಯತೆಯಲ್ಲಿ ಸಹಕಾರ, ನಾರ್ವೆಯೊಂದಿಗೆ ಹಸಿರು ತಂತ್ರಜ್ಞಾನ ಮತ್ತು ಕಡಲ ಸಹಕಾರ, ಯುಎಇಯೊಂದಿಗೆ ಕಾರ್ಯತಂತ್ರ ಇಂಧನ ಮತ್ತು ತಂತ್ರಜ್ಞಾನ ಪಾಲುದಾರಿಕೆಗಳ ಕುರಿತು ಪ್ರಮುಖ ಒಪ್ಪಂದಗಳು ಮತ್ತು ಇಟಲಿಯೊಂದಿಗೆ ರಕ್ಷಣಾ, ನಿರ್ಣಾಯಕ ಖನಿಜಗಳು ಮತ್ತು ವಿಜ್ಞಾನ ಮತ್ತು ತಂತ್ರಜ್ಞಾನದಂತಹ ಮಹತ್ವದ ಕ್ಷೇತ್ರಗಳಲ್ಲಿ ಒಪ್ಪಂದಗಳು ಏರ್ಪಟ್ಟವು.
ಸ್ನೇಹಿತರೆ,
ಈ ಎಲ್ಲಾ ಒಪ್ಪಂದಗಳು ಭಾರತದ ಯುವಕರಿಗೆ ನೇರ ಪ್ರಯೋಜನ ನೀಡುತ್ತವೆ. ಈ ವಿಷಯಗಳು ಭಾರತಕ್ಕೆ ಉಜ್ವಲ ಮತ್ತು ಸಮರ್ಥ ಭವಿಷ್ಯದ ಭರವಸೆ ತರುತ್ತವೆ ಎಂಬುದನ್ನು ನೀವು ಗಮನಿಸಿರಬೇಕು. ಪ್ರತಿಯೊಂದು ಹೊಸ ಹೂಡಿಕೆ, ಪ್ರತಿಯೊಂದು ತಂತ್ರಜ್ಞಾನ ಪಾಲುದಾರಿಕೆ, ಪ್ರತಿಯೊಂದು ಕೈಗಾರಿಕಾ ಸಹಭಾಗಿತ್ವವು ಭಾರತದ ಯುವಕರಿಗೆ ಹೊಸ ಅವಕಾಶಗಳನ್ನು ತರುವುದಲ್ಲದೆ, ಲೆಕ್ಕವಿಲ್ಲದಷ್ಟು ಹೊಸ ಸಾಧ್ಯತೆಗಳನ್ನು ಸೃಷ್ಟಿಸುತ್ತದೆ.
ನನ್ನ ಯುವ ಸ್ನೇಹಿತರೆ,
ನಾವು ನೆನಪಿನಲ್ಲಿಟ್ಟುಕೊಳ್ಳಬೇಕು - ಮುಂಬರುವ ಹೂಡಿಕೆಗಳು ಮತ್ತು ಪಾಲುದಾರಿಕೆಗಳು ಮುಂದಿನ 3-4 ದಶಕಗಳವರೆಗೆ ಜಾಗತಿಕ ಬೆಳವಣಿಗೆಯನ್ನು ವ್ಯಾಖ್ಯಾನಿಸುವ ಕೈಗಾರಿಕೆಗಳನ್ನು ರೂಪಿಸುವ ಕ್ಷೇತ್ರಗಳು ಇವಾಗಿವೆ. ಖಂಡಿತವಾಗಿಯೂ, ಭಾರತದ ಯುವಕರು ಇದರಲ್ಲಿ ಬಹಳ ಮಹತ್ವದ ಪಾತ್ರ ವಹಿಸುತ್ತಾರೆ.
ಸ್ನೇಹಿತರೆ,
ಭಾರತವು ಜಗತ್ತಿಗೆ ವಿಶ್ವಾಸಾರ್ಹ ಪೂರೈಕೆ ಸರಪಳಿಯ ಪಾಲುದಾರನಾಗುತ್ತಿರುವುದು ಹೇಗೆ ಎಂಬುದಕ್ಕೆ ನಾನು ನಿಮಗೆ ಒಂದು ಉದಾಹರಣೆ ನೀಡುತ್ತೇನೆ. ನಿಮ್ಮಲ್ಲಿ ಹಲವರು ಡಚ್ ಸೆಮಿಕಂಡಕ್ಟರ್ ಕಂಪನಿ ಎಎಸ್ಎಂಎಲ್ ಬಗ್ಗೆ ಪರಿಚಿತರಾಗಿದ್ದೀರಿ. ಎಎಸ್ಎಂಎಲ್ ಭಾರತದ ಟಾಟಾ ಕಂಪನಿಯೊಂದಿಗೆ ಒಪ್ಪಂದಕ್ಕೆ ಸಹಿ ಹಾಕಿದೆ. ಈ ಕಂಪನಿಯು ಅಂತಹ ಒಪ್ಪಂದವನ್ನು ಮಾಡಿಕೊಂಡಿರುವ ವಿಶ್ವದ ಕೆಲವೇ ದೇಶಗಳಲ್ಲಿ ಭಾರತವೂ ಒಂದು. ಎಎಸ್ಎಂಎಲ್ ಮತ್ತು ಟಾಟಾ ಎಲೆಕ್ಟ್ರಾನಿಕ್ಸ್ ನಡುವಿನ ಈ ಏಕೈಕ ಒಪ್ಪಂದವು ಭಾರತದಲ್ಲಿ ಲೆಕ್ಕವಿಲ್ಲದಷ್ಟು ಹೊಸ ಉದ್ಯೋಗಾವಕಾಶಗಳನ್ನು ಸೃಷ್ಟಿಸುತ್ತದೆ, ಮುಂದಿನ ಪೀಳಿಗೆಯ ತಂತ್ರಜ್ಞಾನಕ್ಕೆ ದ್ವಾರವನ್ನು ತೆರೆಯುತ್ತದೆ. ಅದೇ ರೀತಿ, ಸ್ವೀಡನ್ನೊಂದಿಗೆ ತಂತ್ರಜ್ಞಾನ ಮತ್ತು ಎಐ ಪಾಲುದಾರಿಕೆಗಳು, ಯುಎಇಯೊಂದಿಗೆ ಸೂಪರ್ಕಂಪ್ಯೂಟಿಂಗ್ ಸಹಕಾರ - ಇವು ಭಾರತದ ತಾಂತ್ರಿಕ ಸಾಮರ್ಥ್ಯವನ್ನು ಹೆಚ್ಚು ಬಲಪಡಿಸುತ್ತದೆ. ಈ ಒಪ್ಪಂದಗಳು ನಮ್ಮ ಯುವಕರಿಗೆ ಹೊಸ ಅವಕಾಶಗಳನ್ನು ಖಂಡಿತವಾಗಿ ಸೃಷ್ಟಿಸುತ್ತವೆ.

ಸ್ನೇಹಿತರೆ,
ಇಂದು ಸ್ವಚ್ಛ ಇಂಧನ, ನಿರ್ಣಾಯಕ ಖನಿಜಗಳು, ಹಸಿರು ಹೈಡ್ರೋಜನ್ ಮತ್ತು ಸುಸ್ಥಿರ ಉತ್ಪಾದನೆಗೆ ಸಂಬಂಧಿಸಿದ ವಲಯಗಳು ವೇಗವಾಗಿ ಬೆಳೆಯುತ್ತಿವೆ. ಈ ಕ್ಷೇತ್ರಗಳಲ್ಲಿನ ಪಾಲುದಾರಿಕೆಗಳು ಹೊಸ ಆರ್ಥಿಕತೆ ಮತ್ತು ಹೊಸ ಅವಕಾಶಗಳಿಗೆ ಬಾಗಿಲು ತೆರೆಯುತ್ತಿವೆ. ಸ್ವೀಡನ್, ನಾರ್ವೆ ಮತ್ತು ಇಟಲಿಯಂತಹ ದೇಶಗಳೊಂದಿಗೆ ಹಸಿರು ಪರಿವರ್ತನೆ ಮತ್ತು ಸುಸ್ಥಿರ ತಂತ್ರಜ್ಞಾನದಲ್ಲಿ ಸಹಕಾರ ಹೆಚ್ಚುತ್ತಿದೆ. ಇದು ಸ್ವಚ್ಛ ಉತ್ಪಾದನೆಗೆ ಸಂಬಂಧಿಸಿದ ಭವಿಷ್ಯದ ಕೈಗಾರಿಕೆಗಳಲ್ಲಿ ಭಾರತವನ್ನು ಬಲಪಡಿಸುತ್ತದೆ. ಇದರ ಜೊತೆಗೆ ಭಾರತವು ಬಂದರುಗಳು, ಸಾಗಣೆ ಮತ್ತು ಕಡಲ ಮೂಲಸೌಕರ್ಯಕ್ಕೆ ಸಂಬಂಧಿಸಿದ ಒಪ್ಪಂದಗಳ ಮೇಲೆ ವೇಗವಾಗಿ ಕೆಲಸ ಮಾಡುತ್ತಿದೆ. ಯುಎಇ ಮತ್ತು ನಾರ್ವೆಯೊಂದಿಗಿನ ಪಾಲುದಾರಿಕೆಗಳು ಭಾರತದ ಹಡಗು ನಿರ್ಮಾಣ ಪರಿಸರ ವ್ಯವಸ್ಥೆಯನ್ನು ಬಲಪಡಿಸುತ್ತದೆ. ಹಡಗು ನಿರ್ಮಾಣಕ್ಕೆ ಹೆಚ್ಚಿನ ಪ್ರಮಾಣದ ಕೌಶಲ್ಯಪೂರ್ಣ ಮಾನವಶಕ್ತಿಯ ಅಗತ್ಯವಿದೆ ಎಂಬುದು ನಿಮಗೆ ಚೆನ್ನಾಗಿ ತಿಳಿದಿದೆ. ಇದರರ್ಥ ಭಾರತದ ಎಂಜಿನಿಯರ್ಗಳು, ತಂತ್ರಜ್ಞರು ಮತ್ತು ಕೌಶಲ್ಯಪೂರ್ಣ ಕೆಲಸಗಾರರ ಬೇಡಿಕೆಯು ನೀವು ಊಹಿಸಲೂ ಸಾಧ್ಯವಾಗದ ಮಟ್ಟಕ್ಕೆ ಏರುತ್ತದೆ, ಇದು ವಿಶಾಲ ಅವಕಾಶಗಳನ್ನು ಸೃಷ್ಟಿಸುತ್ತದೆ.
ಸ್ನೇಹಿತರೆ,
ಪ್ರತಿ ಹೊಸ ಪಾಲುದಾರಿಕೆಯೊಂದಿಗೆ ಭಾರತೀಯ ನವೋದ್ಯಮಗಳು, ಸಂಶೋಧಕರು ಮತ್ತು ಯುವ ವೃತ್ತಿಪರರು ಪ್ರಪಂಚದೊಂದಿಗೆ ಸಂಪರ್ಕ ಸಾಧಿಸಲು ನಾವು ಹೊಸ ಮಾರ್ಗಗಳನ್ನು ರೂಪಿಸುತ್ತಿದ್ದೇವೆ. ಇದು ಭಾರತೀಯ ಯುವಜನರಿಗೆ ಸುಧಾರಿತ ಪರಿಣತಿ, ಜಾಗತಿಕ ಮಾರುಕಟ್ಟೆಗಳು ಮತ್ತು ಬೆಳವಣಿಗೆಗೆ ಹೊಸ ಅವಕಾಶಗಳಿಗೆ ಪ್ರವೇಶ ನೀಡುತ್ತದೆ. ಇಂದು ನಾವೀನ್ಯತೆ ನೀಡುವ, ನಿರ್ಮಿಸುವ ಮತ್ತು ಹೆಚ್ಚಿನ ಪ್ರಮಾಣದಲ್ಲಿ ತಲುಪಿಸಬಲ್ಲ ದೇಶಗಳನ್ನು ಜಗತ್ತು ಗೌರವಿಸುತ್ತದೆ. ಭಾರತವು 3 ದಿಕ್ಕುಗಳಲ್ಲಿಯೂ ವೇಗವಾಗಿ ಮುಂದುವರಿಯುತ್ತಿದೆ. ಈ ರೂಪಾಂತರದ ಹಿಂದಿನ ದೊಡ್ಡ ಶಕ್ತಿ ನೀವಾಗಿದ್ದೀರಿ - ನನ್ನ ಯುವ ಜನರು. ನಾನು ಜಗತ್ತಿನ ಎಲ್ಲೇ ಹೋದರೂ, ಭಾರತದ ಯುವ ಶಕ್ತಿಯ ಬಗ್ಗೆ ಚರ್ಚಿಸಲು ನಾನು ಸಾಕಷ್ಟು ಸಮಯ ತೆಗೆದುಕೊಳ್ಳುತ್ತೇನೆ.
ಸ್ನೇಹಿತರೆ,
ಇಂದು ಪ್ರತಿಯೊಬ್ಬ ಭಾರತೀಯನು 2047ರ ವೇಳೆಗೆ ಅಭಿವೃದ್ಧಿ ಹೊಂದಿದ ಭಾರತ ನಿರ್ಮಿಸುವ ಸಂಕಲ್ಪದೊಂದಿಗೆ ಮುಂದುವರಿಯುತ್ತಿದ್ದಾನೆ. ಈ ಗುರಿ ಸಾಧಿಸಲು ದೇಶವು ವಿವಿಧ ಕ್ಷೇತ್ರಗಳಲ್ಲಿ ಹೂಡಿಕೆ ಮಾಡುತ್ತಿದೆ. ಈ ಹೂಡಿಕೆಯು ಯುವಕರಿಗೆ ಲಕ್ಷಾಂತರ ಹೊಸ ಉದ್ಯೋಗಾವಕಾಶಗಳನ್ನು ಸೃಷ್ಟಿಸುತ್ತಿದೆ. ಉದಾಹರಣೆಗೆ, ಭಾರತವು ಸೆಮಿಕಂಡಕ್ಟರ್ ಉತ್ಪಾದನೆಗಾಗಿ ಸಂಪೂರ್ಣ ಪೂರೈಕೆ ಸರಪಳಿ ನಿರ್ಮಿಸುತ್ತಿದೆ. ಮುಂಬರುವ ವರ್ಷಗಳಲ್ಲಿ ಭಾರತದ 10 ಪ್ರಮುಖ ಸೆಮಿಕಂಡಕ್ಟರ್ ಘಟಕಗಳು ಜಾಗತಿಕವಾಗಿ ತಮ್ಮ ಛಾಪು ಮೂಡಿಸುತ್ತವೆ. ಇವು ಭಾರತದ ಯುವಕರ ಸಾಮರ್ಥ್ಯ, ಬುದ್ಧಿಶಕ್ತಿ ಮತ್ತು ಬದ್ಧತೆಯಿಂದ ನಡೆಸಲ್ಪಡುತ್ತವೆ, ಸ್ವಾಭಾವಿಕವಾಗಿ ಅವು ಉದ್ಯೋಗಗಳನ್ನು ಸೃಷ್ಟಿಸುತ್ತವೆ. ಭಾರತವು ಹಡಗು ನಿರ್ಮಾಣ, ಹಡಗು ದುರಸ್ತಿ ಮತ್ತು ಕೂಲಂಕುಷ ಪರೀಕ್ಷೆಯ ಪರಿಸರ ವ್ಯವಸ್ಥೆಯನ್ನು ಸಹ ಅಭಿವೃದ್ಧಿಪಡಿಸುತ್ತಿದೆ. ಇದಕ್ಕಾಗಿ ಸುಮಾರು 75,000 ಕೋಟಿ ರೂಪಾಯಿ ಹೂಡಿಕೆ ಮಾಡಲಾಗುತ್ತಿದೆ. ಅದೇ ರೀತಿ, ನಾವು ಭಾರತದೊಳಗೆ ಸಂಪೂರ್ಣ ಎಂಆರ್ ಒ ಪರಿಸರ ವ್ಯವಸ್ಥೆ - ನಿರ್ವಹಣೆ, ಕೂಲಂಕುಷ ಪರೀಕ್ಷೆ ಮತ್ತು ದುರಸ್ತಿ ಸೌಲಭ್ಯಗಳನ್ನು ನಿರ್ಮಿಸುತ್ತಿದ್ದೇವೆ. ಇದು ವಾಯುಯಾನ ವಲಯವನ್ನು ಹೆಚ್ಚು ಬೆಂಬಲಿಸುತ್ತದೆ ಮತ್ತು ಭಾರತದ ಯುವಕರಿಗೆ ಹೊಸ ಉದ್ಯೋಗ ವಲಯವನ್ನು ತೆರೆಯುತ್ತದೆ.
ಸ್ನೇಹಿತರೆ,
ಇಂದು ಭಾರತವು ಪ್ರಮುಖ ಎಲೆಕ್ಟ್ರಾನಿಕ್ಸ್ ತಯಾರಕ ರಾಷ್ಟ್ರವಾಗಿದೆ. ನಾವು ಭಾರತದೊಳಗೆ ಎಲೆಕ್ಟ್ರಾನಿಕ್ಸ್ನ ಸಂಪೂರ್ಣ ಮೌಲ್ಯ ಸರಪಳಿಯನ್ನು ನಿರ್ಮಿಸುತ್ತಿದ್ದೇವೆ. ಪಿಎಲ್ಐ ಯೋಜನೆಯ ಮೂಲಕ, ದೇಶದಲ್ಲಿ ಎಲೆಕ್ಟ್ರಾನಿಕ್ಸ್ ದಾಖಲೆಯ ಉತ್ಪಾದನೆ ನಡೆಯುತ್ತಿದೆ, ಯುವಕರಿಗೆ ಲಕ್ಷಾಂತರ ಉದ್ಯೋಗಗಳು ಸೃಷ್ಟಿಯಾಗುತ್ತಿವೆ.

ಸ್ನೇಹಿತರೆ,
ಇಂತಹ ಅನೇಕ ಅಭಿಯಾನಗಳಲ್ಲಿ ಭಾರತದ ಸಾರ್ವಜನಿಕ ಮತ್ತು ಖಾಸಗಿ ವಲಯಗಳು ಒಟ್ಟಾಗಿ ಬೃಹತ್ ಹೂಡಿಕೆಗಳನ್ನು ಮಾಡುತ್ತಿವೆ. ಈ ಹೂಡಿಕೆಗಳು ದೇಶದ ಯುವಕರಿಗೆ ಉದ್ಯೋಗಗಳನ್ನು ನೀಡುತ್ತಿವೆ, ಅವರ ಕನಸುಗಳನ್ನು ನನಸಾಗಿಸುತ್ತಿವೆ. ಸರ್ಕಾರಿ ಉದ್ಯೋಗಿಗಳಾಗಿ - ನಿಮ್ಮ ನೇಮಕಾತಿ ಪತ್ರಗಳನ್ನು ಸ್ವೀಕರಿಸಿದ ನಂತರ ನೀವು ಅದನ್ನು ಈಗ ಕೊಂಡೊಯ್ಯುವ ಗುರುತಾಗಿ - ದೇಶಕ್ಕೆ ವ್ಯವಹಾರ ಮಾಡುವ ಸುಲಭತೆ ಎಷ್ಟು ಮುಖ್ಯ ಎಂಬುದನ್ನು ನೀವು ಯಾವಾಗಲೂ ನೆನಪಿನಲ್ಲಿಡಬೇಕು.
ಸ್ನೇಹಿತರೆ,
ಭಾರತದ ಬೆಳವಣಿಗೆಯ ಯಶೋಗಾಥೆ ಮತ್ತು ಉದ್ಯೋಗ ಸೃಷ್ಟಿ - ಎರಡೂ ನಿಮಗೆ ಚೆನ್ನಾಗಿ ತಿಳಿದಿದೆ. ಇದರಲ್ಲಿ ಮೂಲಸೌಕರ್ಯವು ದೊಡ್ಡ ಪಾತ್ರ ವಹಿಸುತ್ತದೆ. ಹಳ್ಳಿಗಳು, ಸಣ್ಣ ಪಟ್ಟಣಗಳು ಮತ್ತು ದೂರದ ಪ್ರದೇಶಗಳು ಅಭಿವೃದ್ಧಿಯೊಂದಿಗೆ ಸಂಪರ್ಕ ಹೊಂದಿದಾಗ, ಪ್ರಗತಿಯ ಪ್ರಯೋಜನಗಳು ಹೆಚ್ಚಿನ ಜನರನ್ನು ತಲುಪುತ್ತವೆ. ಕಳೆದ 12 ವರ್ಷಗಳಲ್ಲಿ ರೈಲ್ವೆ, ಹೆದ್ದಾರಿಗಳು, ವಿಮಾನ ನಿಲ್ದಾಣಗಳು, ಸರಕು ಸಾಗಣೆಗಳು, ಬಂದರುಗಳು ಮತ್ತು ಡಿಜಿಟಲ್ ಮೂಲಸೌಕರ್ಯಗಳಲ್ಲಿ ಅಭೂತಪೂರ್ವ ವಿಸ್ತರಣೆ ಕಂಡುಬಂದಿದೆ. ಪ್ರತಿಯೊಂದು ಹಂತದಲ್ಲೂ ಅಭಿವೃದ್ಧಿ ನಡೆದಿದೆ. ಇಂದು ನೀವು ಯಾವುದೇ ದಿಕ್ಕಿನಲ್ಲಿ 100 ಕಿಲೋಮೀಟರ್ ಪ್ರಯಾಣಿಸಿದರೆ, ಭಾರತ ಸರ್ಕಾರದ ಕೆಲವು ಯೋಜನೆಗಳು ನಡೆಯುತ್ತಿರುವುದನ್ನು ನೀವು ನೋಡುತ್ತೀರಿ. ಹಳ್ಳಿಗಳು ಸಹ ತ್ವರಿತ ಬದಲಾವಣೆಗೆ ಸಾಕ್ಷಿಯಾಗುತ್ತಿವೆ. ಸುಧಾರಿತ ಸಂಪರ್ಕದೊಂದಿಗೆ ರೈತರು, ಸಣ್ಣ ವ್ಯಾಪಾರಿಗಳು ಮತ್ತು ವಿದ್ಯಾರ್ಥಿಗಳಿಗೆ ಹೊಸ ಮಾರ್ಗಗಳು ತೆರೆದಿವೆ. ಇಂದು ಲಕ್ಷಾಂತರ ಕುಟುಂಬಗಳು ಪಕ್ಕಾ ಮನೆಗಳನ್ನು ಪಡೆದಿವೆ. ವಾಸ್ತವವಾಗಿ, ನಾವು ನಿರ್ಮಿಸುತ್ತಿರುವ ಮನೆಗಳ ಸಂಖ್ಯೆ ಅನೇಕ ದೇಶಗಳ ಒಟ್ಟು ವಸತಿ ದಾಸ್ತಾನುಗಳನ್ನು ಮೀರಿದೆ. ಅಷ್ಟೇ ಅಲ್ಲ, ನನ್ನ ಸ್ವಚ್ಛ ಭಾರತ ಅಭಿಯಾನವನ್ನು ಜನರು ಮರೆಯಲು ನಾನು ಎಂದಿಗೂ ಬಿಡುವುದಿಲ್ಲ, ನಾನೂ ಸಹ ಅದನ್ನು ಮರೆಯುವುದಿಲ್ಲ - ಅಲ್ಲಿ ಶೌಚಾಲಯಗಳು ಬಹಳ ಮುಖ್ಯವಾದ ಪಾತ್ರ ವಹಿಸುತ್ತವೆ ಎಂದು ನಾವು ಅದನ್ನು ಒತ್ತಿ ಹೇಳುತ್ತಿದ್ದೇವೆ. ವಿದ್ಯುತ್ ಲಕ್ಷಾಂತರ ಮನೆಗಳನ್ನು ತಲುಪಿದೆ. ಮೇಲ್ಛಾವಣಿಯ ಸೌರಶಕ್ತಿಯು ಅನೇಕ ಹೊಸ ಮಾರಾಟಗಾರರನ್ನು ಕ್ಷೇತ್ರಕ್ಕೆ ತಂದಿದೆ. ಜಲ ಜೀವನ್ ಮಿಷನ್ನೊಂದಿಗೆ ನಲ್ಲಿ ನೀರು ಮನೆಗಳನ್ನು ತಲುಪುತ್ತಿದೆ. ನಗರಗಳಲ್ಲಿ ಪಿಎನ್ ಜಿ ಸಂಪರ್ಕಗಳನ್ನು ವಿಸ್ತರಿಸಲು ಬಯಸಿದಾಗ, ಜನರು ಪ್ಲಂಬರ್ಗಳ ಕೊರತೆ ಎದುರಿಸಿದ್ದನ್ನು ನಾನು ಇತ್ತೀಚೆಗೆ ಗಮನಿಸುತ್ತಿದ್ದೆ - ಏಕೆಂದರೆ ಅನೇಕ ಪ್ಲಂಬರ್ಗಳು ಈಗಾಗಲೇ ಜಲ ಜೀವನ್ ಮಿಷನ್ನಲ್ಲಿ ತೊಡಗಿಸಿಕೊಂಡಿದ್ದರು. ಕೆಲವೊಮ್ಮೆ ಕೌಶಲ್ಯಪೂರ್ಣ ಜನರ ಬೇಡಿಯುಕೆ ಪೂರೈಕೆಯನ್ನು ಮೀರುತ್ತದೆ, ಅವಕಾಶಗಳು ಎಷ್ಟು ವೇಗವಾಗಿ ಬೆಳೆಯುತ್ತಿವೆ ಎಂಬುದನ್ನು ಇದು ತೋರಿಸುತ್ತದೆ.
ಸ್ನೇಹಿತರೆ,
ಈ ಎಲ್ಲಾ ಬದಲಾವಣೆಗಳ ಪರಿಣಾಮವು ಸಾಮಾನ್ಯ ನಾಗರಿಕರ ಅನುಕೂಲಕ್ಕೆ ಸೀಮಿತವಾಗಿಲ್ಲ. ರಸ್ತೆಗಳು ಹಳ್ಳಿಗಳನ್ನು ತಲುಪಿದಾಗ, ಮಾರುಕಟ್ಟೆಗಳಿಗೆ ಪ್ರವೇಶ ಸುಲಭವಾಗುತ್ತದೆ. ಸುಧಾರಿತ ವಿದ್ಯುತ್ ಸೌಲಭ್ಯಗಳೊಂದಿಗೆ ಸಣ್ಣ ಕೈಗಾರಿಕೆಗಳು ಮತ್ತು ವ್ಯವಹಾರಗಳು ಬೆಳೆಯಲು ಪ್ರಾರಂಭಿಸುತ್ತವೆ. ಹಳ್ಳಿಗಳಲ್ಲೂ ಕೃಷಿ ಮೌಲ್ಯವರ್ಧನೆ ಕಾಣಲು ಪ್ರಾರಂಭಿಸುತ್ತದೆ. ಮೊದಲು ಅವರು ಕೆಂಪು ಮೆಣಸಿನಕಾಯಿಗಳನ್ನು ಮಾರಾಟ ಮಾಡುತ್ತಿದ್ದರು, ಈಗ ವಿದ್ಯುತ್ ಬಳಸಿ ಅವರು ಮೆಣಸಿನ ಪುಡಿ ಉತ್ಪಾದಿಸುತ್ತಾರೆ, ಅದನ್ನು ಪ್ಯಾಕ್ ಮಾಡುತ್ತಾರೆ ಮತ್ತು ಮಾರಾಟ ಮಾಡುತ್ತಾರೆ. ಹೀಗಾಗಿ, ಹಳ್ಳಿಗಳಲ್ಲಿನ ಗುಡಿ ಕೈಗಾರಿಕೆಗಳು ವಿಸ್ತರಿಸುತ್ತಲೇ ಇರುತ್ತವೆ. ಹೆಚ್ಚಿದ ಡಿಜಿಟಲ್ ಸಂಪರ್ಕದೊಂದಿಗೆ, ಗ್ರಾಮಸ್ಥರು ಇಡೀ ವಿಶ್ವದೊಂದಿಗೆ ಸಂಪರ್ಕ ಸಾಧಿಸುತ್ತಿದ್ದಾರೆ, ಆಧುನಿಕತೆ ಅಳವಡಿಸಿಕೊಳ್ಳುತ್ತಿದ್ದಾರೆ. ನಗರಗಳು ಮತ್ತು ಹಳ್ಳಿಗಳ ನಡುವಿನ ವ್ಯತ್ಯಾಸ ಕ್ರಮೇಣ ಕಣ್ಮರೆಯಾಗುತ್ತಿದೆ. ಇದು ಆರ್ಥಿಕತೆಯ ವೇಗ ಹೆಚ್ಚಿಸಿದೆ. ಇದೆಲ್ಲವೂ ದೇಶದ ಯುವಕರಿಗೆ ಉಜ್ವಲ ಭವಿಷ್ಯ ಖಾತರಿಪಡಿಸುವ ಸಕಾರಾತ್ಮಕ ಪರಿಣಾಮ ಬೀರುತ್ತದೆ. ಉದ್ಯೋಗಗಳು ಸೃಷ್ಟಿಯಾಗುತ್ತವೆ, ಆದರೆ ಅದನ್ನು ಮೀರಿ ರಾಷ್ಟ್ರವು ಹೊಸ ಸ್ವಾಭಿಮಾನದೊಂದಿಗೆ ಮುಂದುವರಿಯುತ್ತದೆ, ಲಕ್ಷಾಂತರ ಜನರು ಹೊಸ ಅವಕಾಶಗಳನ್ನು ಪಡೆಯುತ್ತಾರೆ.

ಸ್ನೇಹಿತರೆ,
ಇಂದು ಭಾರತದ ಯುವಕರು ಹಿಂದೆಂದಿಗಿಂತಲೂ ಹೆಚ್ಚಾಗಿ ಮುಂದುವರಿಯಲು ಮತ್ತು ತಮ್ಮ ಕನಸುಗಳನ್ನು ನನಸಾಗಿಸಲು ಅವಕಾಶಗಳನ್ನು ಹೊಂದಿದ್ದಾರೆ. ನಾನು ಯಾರನ್ನೂ ದೂಷಿಸುತ್ತಿಲ್ಲ. ವಾಸ್ತವವೆಂದರೆ ಎಲ್ಲವೂ ಬಹಳ ವೇಗದಲ್ಲಿ, ವಿಶಾಲ ಪ್ರಮಾಣದಲ್ಲಿ ಮತ್ತು ಅಪಾರ ವೈವಿಧ್ಯತೆಯೊಂದಿಗೆ ನಡೆಯುತ್ತಿದೆ. ಉತ್ಪಾದನೆ, ತಂತ್ರಜ್ಞಾನ, ನವೋದ್ಯಮಗಳು, ಡಿಜಿಟಲ್ ಸೇವೆಗಳು, ರೈಲ್ವೆಗಳು, ರಕ್ಷಣೆ ಮತ್ತು ಬಾಹ್ಯಾಕಾಶ - ಈ ವಲಯಗಳಲ್ಲಿ ಲೆಕ್ಕವಿಲ್ಲದಷ್ಟು ಅವಕಾಶಗಳು ನಮಗಾಗಿ ಕಾಯುತ್ತಿವೆ. ಸಾಧ್ಯವಾದಷ್ಟು ಯುವಜನರು ಈ ಅವಕಾಶಗಳಿಂದ ಪ್ರಯೋಜನ ಪಡೆಯಬಹುದು. ದೇಶದ ಯುವಕರು ತಮ್ಮ ಪ್ರತಿಭೆಯನ್ನು ಪ್ರದರ್ಶಿಸಲು ಪ್ರತಿಯೊಂದು ಅವಕಾಶವನ್ನು ಪಡೆಯುತ್ತಾರೆ ಎಂದು ಖಚಿತಪಡಿಸಿಕೊಳ್ಳುವುದು ನಮ್ಮ ಪ್ರಯತ್ನವಾಗಿದೆ. ಅದಕ್ಕಾಗಿಯೇ ಕೌಶಲ್ಯ ಅಭಿವೃದ್ಧಿ, ಉದ್ಯಮ-ಸಂಬಂಧಿತ ಶಿಕ್ಷಣ ಮತ್ತು ಭವಿಷ್ಯದ ತಂತ್ರಜ್ಞಾನಗಳ ಮೇಲೆ ನಿರಂತರ ಒತ್ತು ನೀಡಲಾಗುತ್ತಿದೆ. ಐಟಿಐಗಳನ್ನು ಆಧುನೀಕರಿಸಲಾಗುತ್ತಿದೆ. ರಾಷ್ಟ್ರೀಯ ಕೌಶಲ್ಯ ತರಬೇತಿ ಸಂಸ್ಥೆಗಳನ್ನು ಬಲಪಡಿಸಲಾಗುತ್ತಿದೆ. ಪಿಎಂ ಸೇತುನಂತಹ ಅಭಿಯಾನಗಳು ಈ ದಿಕ್ಕಿನಲ್ಲಿ ಕಾರ್ಯ ನಿರ್ವಹಿಸುತ್ತಿವೆ.
ಸ್ನೇಹಿತರೆ,
ಇತ್ತೀಚಿನ ವರ್ಷಗಳಲ್ಲಿ ದೇಶದಲ್ಲಿ ಸ್ವ-ಉದ್ಯೋಗ ಮತ್ತು ಉದ್ಯಮಶೀಲತೆಯ ಹೊಸ ಸಂಸ್ಕೃತಿ ಅಭಿವೃದ್ಧಿಗೊಂಡಿದೆ. ಭಾರತವು ವಿಶ್ವದ 3ನೇ ಅತಿದೊಡ್ಡ ನವೋದ್ಯಮ ಪರಿಸರ ವ್ಯವಸ್ಥೆಯಾಗಿದೆ. ಈ ಅಂಕಿಅಂಶವನ್ನು ನೆನಪಿಡಿ - ದೇಶದಲ್ಲಿ 2,30,000ಕ್ಕೂ ಹೆಚ್ಚು ಮಾನ್ಯತೆ ಪಡೆದ ನವೋದ್ಯಮಗಳಿವೆ. ಅವುಗಳಲ್ಲಿ ಪ್ರತಿಯೊಂದೂ ಯುವಜನರ ಗುಂಪುಗಳನ್ನು ಒಳಗೊಂಡಿದೆ. ಮುಖ್ಯವಾದ ಅಂಶವೆಂದರೆ, ಈ ಬದಲಾವಣೆ ಕೇವಲ ದೊಡ್ಡ ನಗರಗಳಿಗೆ ಮಾತ್ರ ಸೀಮಿತವಾಗಿಲ್ಲ ಎಂಬುದೇ ನನಗೆ ಅತ್ಯಂತ ತೃಪ್ತಿ ನೀಡುತ್ತದೆ. ಇತ್ತೀಚಿನ ದಿನಗಳಲ್ಲಿ 2 ಮತ್ತು 3ನೇ ಶ್ರೇಣಿಯ ನಗರಗಳ ಯುವಕರು ಸಹ ಹೆಚ್ಚಿನ ಸಂಖ್ಯೆಯಲ್ಲಿ ಸ್ಟಾರ್ಟಪ್ಗಳು ಮತ್ತು ನಾವೀನ್ಯತೆಯ ಜಗತ್ತಿನಲ್ಲಿ ತಮ್ಮ ಶಕ್ತಿ ತೋರಿಸುತ್ತಿದ್ದಾರೆ. ಅವರ ಸಾಮರ್ಥ್ಯಗಳನ್ನು ಗುರುತಿಸಲಾಗುತ್ತಿದೆ. ಈ ರೂಪಾಂತರವು ದೇಶದ ಆರ್ಥಿಕತೆಯ ಪ್ರಮುಖ ಭಾಗವಾಗಿದೆ. ಈ ಬದಲಾವಣೆಯಲ್ಲಿ ನಮ್ಮ ಮಹಿಳಾ ಶಕ್ತಿಯ ಪಾತ್ರವೂ ನಿರಂತರವಾಗಿ ಹೆಚ್ಚುತ್ತಿದೆ. ಇಂದು ಹೆಚ್ಚಿನ ಸಂಖ್ಯೆಯ ಮಹಿಳಾ ನೇತೃತ್ವದ ಸ್ಟಾರ್ಟಪ್ಗಳು ನಮಗೆ ಹೆಮ್ಮೆ ತುಂಬುತ್ತಿವೆ. ಭಾರತದಲ್ಲಿ ಮಹಿಳೆಯರು ಸ್ಟಾರ್ಟಪ್ಗಳಲ್ಲಿ ಪ್ರಮುಖ ಪಾತ್ರ ವಹಿಸುತ್ತಿದ್ದಾರೆ, ಅನೇಕರು ಹೆಚ್ಚಿನ ಸಂಖ್ಯೆಯಲ್ಲಿ ಮುಂದೆ ಬರುತ್ತಿದ್ದಾರೆ ಎಂದು ನಾನು ವಿಶ್ವಾದ್ಯಂತದ ಜನರಿಗೆ ಹೇಳುತ್ತೇನೆ. ಮುದ್ರಾ ಯೋಜನೆಯಡಿ, ಲಕ್ಷಾಂತರ ಮಹಿಳೆಯರು ಆರ್ಥಿಕ ಬೆಂಬಲ ಪಡೆದಿದ್ದಾರೆ. ಪಿಎಂ ಸ್ವನಿಧಿಯಂತಹ ಯೋಜನೆಗಳು ಲಕ್ಷಾಂತರ ಮಹಿಳೆಯರಿಗೆ ಸ್ವಾವಲಂಬಿಗಳಾಗಲು ಅವಕಾಶ ನೀಡಿವೆ. ಇಂದು ಹಳ್ಳಿಗಳು ಮತ್ತು ಸಣ್ಣ ಪಟ್ಟಣಗಳಲ್ಲಿ ಹಿಂದೆಂದಿಗಿಂತಲೂ ಹೆಚ್ಚು ಮಹಿಳೆಯರು ಸ್ವಂತವಾಗಿ ಹೊಸ ಉದ್ಯಮಗಳನ್ನು ಪ್ರಾರಂಭಿಸುತ್ತಿದ್ದಾರೆ.
ಸ್ನೇಹಿತರೆ,
ಈ ನೀತಿಗಳು ಮತ್ತು ನಿರ್ಧಾರಗಳ ನಡುವೆ, ನೀವು ಇನ್ನೊಂದು ವಿಷಯವನ್ನು ನೆನಪಿನಲ್ಲಿಟ್ಟುಕೊಳ್ಳಬೇಕು. ಯಾವುದೇ ವ್ಯವಸ್ಥೆಯ ನಿಜವಾದ ಶಕ್ತಿ ಅದರ ಜನರಲ್ಲಿದೆ. ಜನರ ಶಕ್ತಿ "ಜನಶಕ್ತಿ" ರಾಷ್ಟ್ರದ ಶಕ್ತಿಯಾಗುತ್ತದೆ. ನೀವು ಭಾಗವಾಗುತ್ತಿರುವ ವ್ಯವಸ್ಥೆಯು ಲಕ್ಷಾಂತರ ನಾಗರಿಕರ ಜೀವನದ ಭರವಸೆಗಳು ಮತ್ತು ಆಕಾಂಕ್ಷೆಗಳಿಗೆ ನೇರವಾಗಿ ಸಂಬಂಧಿಸಿದೆ. ಸರ್ಕಾರಿ ಉದ್ಯೋಗಗಳು ಜನರ ಜೀವನ ಸುಲಭಗೊಳಿಸುವ ಮಾಧ್ಯಮವಾಗಿದೆ. ನೀವು ಯಾವುದೇ ಇಲಾಖೆಯಲ್ಲಿ ಕೆಲಸ ಮಾಡಿದರೂ ನಿಮ್ಮ ನಡವಳಿಕೆ, ಸೂಕ್ಷ್ಮತೆ ಮತ್ತು ಕಾರ್ಯಶೈಲಿಯು ಬಹಳ ಮುಖ್ಯವಾಗುತ್ತದೆ. ರಾಷ್ಟ್ರವು ನಿಮ್ಮ ಮೇಲೆ ನಂಬಿಕೆ ಇಟ್ಟಿದೆ. ಈಗ ನಿಮ್ಮ ಕೆಲಸ, ನಡವಳಿಕೆ, ಮಾತು ಮತ್ತು ವರ್ತನೆಯ ಮೂಲಕ ಆ ನಂಬಿಕೆ ಬಲಪಡಿಸುವುದು ನಿಮ್ಮ ಜವಾಬ್ದಾರಿಯಾಗಿದೆ. ನಿಮ್ಮನ್ನು ಭೇಟಿಯಾಗುವ ನಾಗರಿಕರಿಗೆ ಹೊಸ ಆತ್ಮವಿಶ್ವಾಸ ತುಂಬಬೇಕು, ಹೊಸ ಭರವಸೆಯೊಂದಿಗೆ ಮುಂದುವರಿಯಲು ಅವರನ್ನು ಪ್ರೇರೇಪಿಸಬೇಕು. ಆದ್ದರಿಂದ, ಪ್ರತಿಯೊಬ್ಬ ಯುವ ಕರ್ಮಯೋಗಿಯೂ ತಮ್ಮ ಕೆಲಸವನ್ನು ಒಂದು ಜವಾಬ್ದಾರಿಯಾಗಿ ನೋಡಬೇಕು.

ಸ್ನೇಹಿತರೆ,
ಈ ನೀತಿಗಳು ಮತ್ತು ನಿರ್ಧಾರಗಳ ನಡುವೆ, ನೀವು ಇನ್ನೊಂದು ವಿಷಯವನ್ನು ನೆನಪಿನಲ್ಲಿಟ್ಟುಕೊಳ್ಳಬೇಕು. ಯಾವುದೇ ವ್ಯವಸ್ಥೆಯ ನಿಜವಾದ ಶಕ್ತಿ ಅದರ ಜನರಲ್ಲಿದೆ. ಜನರ ಶಕ್ತಿ "ಜನಶಕ್ತಿ" ರಾಷ್ಟ್ರದ ಶಕ್ತಿಯಾಗುತ್ತದೆ. ನೀವು ಭಾಗವಾಗುತ್ತಿರುವ ವ್ಯವಸ್ಥೆಯು ಲಕ್ಷಾಂತರ ನಾಗರಿಕರ ಜೀವನದ ಭರವಸೆಗಳು ಮತ್ತು ಆಕಾಂಕ್ಷೆಗಳಿಗೆ ನೇರವಾಗಿ ಸಂಬಂಧಿಸಿದೆ. ಸರ್ಕಾರಿ ಉದ್ಯೋಗಗಳು ಜನರ ಜೀವನ ಸುಲಭಗೊಳಿಸುವ ಮಾಧ್ಯಮವಾಗಿದೆ. ನೀವು ಯಾವುದೇ ಇಲಾಖೆಯಲ್ಲಿ ಕೆಲಸ ಮಾಡಿದರೂ ನಿಮ್ಮ ನಡವಳಿಕೆ, ಸೂಕ್ಷ್ಮತೆ ಮತ್ತು ಕಾರ್ಯಶೈಲಿಯು ಬಹಳ ಮುಖ್ಯವಾಗುತ್ತದೆ. ರಾಷ್ಟ್ರವು ನಿಮ್ಮ ಮೇಲೆ ನಂಬಿಕೆ ಇಟ್ಟಿದೆ. ಈಗ ನಿಮ್ಮ ಕೆಲಸ, ನಡವಳಿಕೆ, ಮಾತು ಮತ್ತು ವರ್ತನೆಯ ಮೂಲಕ ಆ ನಂಬಿಕೆ ಬಲಪಡಿಸುವುದು ನಿಮ್ಮ ಜವಾಬ್ದಾರಿಯಾಗಿದೆ. ನಿಮ್ಮನ್ನು ಭೇಟಿಯಾಗುವ ನಾಗರಿಕರಿಗೆ ಹೊಸ ಆತ್ಮವಿಶ್ವಾಸ ತುಂಬಬೇಕು, ಹೊಸ ಭರವಸೆಯೊಂದಿಗೆ ಮುಂದುವರಿಯಲು ಅವರನ್ನು ಪ್ರೇರೇಪಿಸಬೇಕು. ಆದ್ದರಿಂದ, ಪ್ರತಿಯೊಬ್ಬ ಯುವ ಕರ್ಮಯೋಗಿಯೂ ತಮ್ಮ ಕೆಲಸವನ್ನು ಒಂದು ಜವಾಬ್ದಾರಿಯಾಗಿ ನೋಡಬೇಕು.
ನನಗೆ ನೀವು ಇನ್ನೂ ಹೆಚ್ಚಿನವರು. ಹಿಂದಿನ ಕಾಲದಲ್ಲಿ ನಾವು "ಸಹಸ್ರಬಾಹು" - ಸಾವಿರ ತೋಳುಗಳನ್ನು ಹೊಂದಿರುವವರ ಬಗ್ಗೆ ಕೇಳಿದ್ದೇವೆ. ಇಂದು ನೀವು ಸರ್ಕಾರದ ತೋಳುಗಳಾಗಿದ್ದೀರಿ, ಅದೇ ನಿಜವಾದ ಶಕ್ತಿ. ಈಗಾಗಲೇ ಸೇವೆಯಲ್ಲಿರುವವರು ಮತ್ತು ಹೊಸದಾಗಿ ಸೇರುತ್ತಿರುವವರು ಎಲ್ಲರೂ ಇದರ ಭಾಗವಾಗಿದ್ದಾರೆ. ಭಾರತದ ಜನರ ಆಕಾಂಕ್ಷೆಗಳು ಜಾಸ್ತಿಯಾಗುತ್ತಿವೆ, ನಾನು ಇದನ್ನು ಅಭಿವೃದ್ಧಿಯ ಸಕಾರಾತ್ಮಕ ಸಂಕೇತ ಎಂದು ನೋಡುತ್ತೇನೆ. ನಾವು ನಮ್ಮ ಜನರ ಆಕಾಂಕ್ಷೆಗಳನ್ನು ಅರ್ಥ ಮಾಡಿಕೊಳ್ಳಬೇಕು, ಅದನ್ನು ಪೂರೈಸಲು ಅದೇ ವೇಗದಲ್ಲಿ ಕೆಲಸ ಮಾಡಬೇಕು. ಇದರಲ್ಲಿ ಸಾರ್ವಜನಿಕ ಸೇವೆಗೆ ಪ್ರವೇಶಿಸುವ ಯುವ ಜನರ ಪಾತ್ರ ಬಹಳ ಮುಖ್ಯವಾಗಿದೆ. ನೀವು ನಿರಂತರವಾಗಿ ಕಲಿಯುತ್ತಲೇ ಇರಬೇಕು. ಹೊಸ ತಂತ್ರಜ್ಞಾನಗಳು, ಹೊಸ ವ್ಯವಸ್ಥೆಗಳು ಮತ್ತು ಹೊಸ ಅಗತ್ಯಗಳಿಗೆ ನೀವು ನಿಮ್ಮನ್ನು ಸಿದ್ಧಪಡಿಸಿಕೊಳ್ಳಬೇಕು. ಐಜಿಒಟಿ ಕರ್ಮಯೋಗಿ ವೇದಿಕೆಯು ಇದರಲ್ಲಿ ನಿಮಗೆ ಹೆಚ್ಚು ಸಹಾಯ ಮಾಡುತ್ತದೆ. ಕರ್ಮಯೋಗಿ ಆರಂಭದಂತಹ ಮಾಡ್ಯೂಲ್ಗಳು ನಿಮ್ಮ ಜವಾಬ್ದಾರಿಗಳನ್ನು ಅರ್ಥ ಮಾಡಿಕೊಳ್ಳಲು ನಿಮಗೆ ಸುಲಭವಾಗಿಸುತ್ತದೆ. ಈ ಸಂಪನ್ಮೂಲಗಳನ್ನು ಸದುಪಯೋಗ ಪಡಿಸಿಕೊಳ್ಳುವಂತೆ ನಾನು ನಿಮ್ಮನ್ನು ಒತ್ತಾಯಿಸುತ್ತೇನೆ.
ಸ್ನೇಹಿತರೆ,
ಇಂದು ಭಾರತದ ಯುವಕರು ವಿಶ್ವಾದ್ಯಂತ ಪ್ರತಿಯೊಂದು ಕ್ಷೇತ್ರದಲ್ಲೂ ತಮ್ಮ ಛಾಪು ಮೂಡಿಸುತ್ತಿದ್ದಾರೆ. ಅದೇ ಮನೋಭಾವ, ಅದೇ ಶಕ್ತಿ ಸಾರ್ವಜನಿಕ ಸೇವೆಯಲ್ಲಿಯೂ ಗೋಚರಿಸಬೇಕು. ತಮ್ಮ ಕೆಲಸವನ್ನು ರಾಷ್ಟ್ರ ಸೇವೆ, ಜನರ ಸೇವೆ ಮಾಡುವ ಮಾಧ್ಯಮವಾಗಿ ನೋಡುವ ಅಂತಹ ಯುವಕರ ಪ್ರಯತ್ನಗಳ ಮೂಲಕ ಅಭಿವೃದ್ಧಿ ಹೊಂದಿದ ಭಾರತವನ್ನು ನಿರ್ಮಿಸಲಾಗುತ್ತದೆ. ನಮ್ಮ ಸಂಪ್ರದಾಯದಲ್ಲಿ, ಸಾರ್ವಜನಿಕ ಸೇವೆಯೇ ದೈವಿಕ ಸೇವೆ ಎಂದು ಹೇಳಲಾಗುತ್ತದೆ. ಇಂದು ನೇಮಕಾತಿ ಪತ್ರಗಳನ್ನು ಸ್ವೀಕರಿಸುವ ಯುವ ಜನರು ಭಾರತದ ಅಭಿವೃದ್ಧಿ ಪ್ರಯಾಣಕ್ಕೆ ಹೊಸ ಆವೇಗ ನೀಡುತ್ತಾರೆ ಎಂಬ ಸಂಪೂರ್ಣ ವಿಶ್ವಾಸ ನನಗಿದೆ. ನಿಮ್ಮ ಕೆಲಸ ಮತ್ತು ನಿರ್ಧಾರಗಳ ಮೂಲಕ, ಅಭಿವೃದ್ಧಿ ಹೊಂದಿದ ಭಾರತದ ಸಂಕಲ್ಪವು ಈಡೇರುತ್ತದೆ. ನೀವು ನಮ್ಮ ಮಂತ್ರ - ನಾಗರಿಕನೇ ದೈವ ಎಂಬುದನ್ನು ಎಂದಿಗೂ ಮರೆಯಬಾರದು. ನಾಗರಿಕರ ಕಲ್ಯಾಣ ನಮ್ಮ ಕರ್ತವ್ಯ. ಮತ್ತೊಮ್ಮೆ, ಇಂದು ನೇಮಕಾತಿ ಪತ್ರಗಳನ್ನು ಸ್ವೀಕರಿಸುತ್ತಿರುವ ಎಲ್ಲಾ ಯುವಕರಿಗೆ, ಅವರ ಭವಿಷ್ಯಕ್ಕಾಗಿ ಮತ್ತು ರಾಷ್ಟ್ರ ಸೇವೆ ಮಾಡುವ ಈ ಅವಕಾಶ ಪೂರೈಸಿದ್ದಕ್ಕಾಗಿ ನನ್ನ ಶುಭಾಶಯಗಳನ್ನು ಕೋರುತ್ತೇನೆ.
ಎಲ್ಲರಿಗೂ ತುಂಬು ಧನ್ಯವಾದಗಳು.


