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e-RUPI वाउचर, डीबीटी योजना को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाने जा रहा है: प्रधानमंत्री मोदी
e-RUPI से टारगेटेड, ट्रांसपेरेंट और लीकेज फ्री डिलीवरी में सभी को बड़ी मदद मिलेगी: प्रधानमंत्री मोदी
e-RUPI यह सुनिश्चित करेगा कि जिस मकसद से कोई मदद या बेनिफिट दिया जा रहा है, वो उसी के लिए प्रयोग हो : प्रधानमंत्री मोदी

नमस्‍कार,

इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में देशभर से जुड़े सभी राज्‍यपाल महोदय, लेफ्टिनेंट गवर्नर्स, केंद्रीय मंत्रिमंडल के मेरे साथीगण, रिजर्व बैंक के गवर्नर, राज्यों के मुख्य सचिव, अलग अलग Industry Associations से जुड़े साथी गण, Start Up, FinTech की दुनिया से जुड़े मेरे युवा साथी, बैंकों के वरिष्ठ अधिकारीगण और मेरे प्‍यारे भाइयों और बहनों,

आज देश, डिजिटल गवर्नेंस को एक नया आयाम दे रहा है। e-RUPI वाउचर, देश में Digital Transaction को, DBT को और प्रभावी बनाने में बहुत बड़ी भूमिका निभाने वाला है। इससे Targeted, Transparent और Leakage Free Delivery में सभी को बड़ी मदद मिलेगी। 21वीं सदी का भारत, आज कैसे आधुनिक टेक्नोलॉजी की मदद से आगे बढ़ रहा है, टेक्नोलॉजी को लोगों के जीवन से जोड़ रहा है, e-RUPI उसका भी एक प्रतीक है। और मुझे खुशी है कि ये शुरुआत, उस समय हो रही है, जब देश आजादी के 75 वर्ष पर अमृत महोत्सव मना रहा है। और ऐसे समय में देश ने Futuristic Reform का एक और अहम कदम बढ़ाया है।

साथियों,

सरकार ही नहीं, अगर कोई सामान्य संस्था या संगठन किसी के इलाज में, किसी की पढाई में या दूसरे काम के लिए कोई मदद करना चाहता है तो, वो कैश के बजाय e-RUPI दे पाएगा। इससे सुनिश्चित होगा कि उसके द्वारा दिया गया धन, उसी काम में लगा है, जिसके लिए वो राशि दी गई है। अभी शुरुआती चरण में ये योजना देश के हेल्थ सेक्टर से जुड़े बेनिफिट्स पर लागू की जा रही है।

मान लीजिए, कोई ऑर्गनाइजेशन, सेवा भाव से, सरकार, भारत सरकार के द्वारा जो मुफ्त वैक्‍सीन दे जा रही है उसका लाभ लेना नहीं चाहता है, लेकिन जो प्राइवेट अस्‍पतालों में जहां कुछ कीमत दे करके वैक्‍सीन चल रही है, उसमें भेजना चाहता है। अगर वो 100 गरीबों को वैक्‍सीन लगवाने की उसकी इच्‍छा है तो वो उन 100 गरीबों को e-RUPI वाउचर दे सकता है। e-RUPI वाउचर ये सुनिश्चित करेगा कि उसका इस्तेमाल वैक्सीन लगवाने में ही हो, किसी औऱ काम में नहीं। समय के साथ इसमें और भी चीजें जुड़ती चली जाएंगी। जैसे कोई किसी के इलाज पर खर्च करना चाहता है, कोई टीबी के मरीज को सही दवाओं और भोजन के लिए आर्थिक मदद देना चाहता है, या फिर बच्चों को, गर्भवती महिलाओं को भोजन और पोषण से जुड़ी दूसरी सुविधाएं पहुंचाना चाहता है, तो e-RUPI उनके लिए बहुत मददगार साबित होगा। यानि e-RUPI, एक तरह से Person के साथ-साथ Purpose Specific भी है।

जिस मकसद से कोई मदद या कोई बेनिफिट दिया जा रहा है, वो उसी के लिए प्रयोग होगा, ये e-RUPI सुनिश्चित करने वाला है। कोई अब अगर चाहेगा कि वो वृद्धाश्रम में 20 नए बेड लगवाना चाहता है, तो e-RUPI वाउचर उसकी मदद करेगा।

कोई किसी क्षेत्र में 50 गरीबों के लिए भोजन की व्यवस्था करना चाहता है, तो e-RUPI वाउचर उसकी मदद करेगा। अगर कोई गौशाला में चारे की व्यवस्था करना चाहता है, तो e-RUPI वाउचर उसकी भी मदद करेगा।

इसे अब अगर राष्ट्रीय परिपेक्ष्य में देखें तो, अगर सरकार द्वारा किताबों के लिए पैसा भेजा गया है, तो e-RUPI ये सुनिश्चित करेगा कि किताबें ही खरीदी जाएं। अगर यूनिफॉर्म के लिए पैसा भेजा है, तो उससे यूनिफॉर्म ही खरीदी जाए।

अगर सब्सिडाइज्ड खाद के लिए मदद दी है, तो वो खाद खरीदने के ही काम आए। गर्भवती महिलाओं के लिए दिए गए कैश से सिर्फ पोषक आहार ही खरीदा जा सके। यानि पैसा देने के बाद, हम उसका जो इस्तेमाल चाहते हैं, e-RUPI वाउचर उसे सिद्ध करेगा।

साथियों,

पहले हमारे देश में कुछ लोग चाहते थे और वो कहते भी थे कि technology तो केवल अमीरों की चीज है, भारत तो गरीब देश है, इसलिए भारत के लिए टेक्नोलॉजी का क्या काम? जब हमारी सरकार technology को mission बनाने की बात करती थी तो बहुत से राजनेता, कुछ खास किस्म के एक्सपर्ट्स उस पर सवाल खड़ा करते थे। लेकिन आज देश ने उन लोगों की सोच को नकारा भी है, और गलत भी साबित किया है।

आज देश की सोच अलग है, नई है। आज हम technology को गरीबों की मदद के, उनकी प्रगति के एक टूल के रूप में देख रहे हैं। आज दुनिया देख रही है-कैसे भारत में technology पारदर्शिता और ईमानदारी ला रही है! कैसे technology नए अवसरों को पैदा करने में, उन्हें गरीबों को सुलभ बनाने का काम कर रही है। और कैसे technology सरकार और लालफीता-शाही पर सामान्य मानवी की निर्भरता को कम कर रही है।

आप आज के ही unique product को देखिए, आज हम यहाँ तक इसलिए पहुंचे हैं क्योंकि देश ने जनधन खातों को खोलने, उन्हें मोबाइल और आधार से जोड़ने, और JAM जैसी व्यवस्था के लिए वर्षों मेहनत की है। जब JAM को शुरू किया गया था तब बहुत से लोग इसके महत्व को नहीं समझ पा रहे थे। लेकिन इसकी अहमियत को हमने लॉकडाउन के समय देखा। जब दुनिया के बड़े बड़े देश परेशान थे कि लॉकडाउन में कैसे अपने गरीबों की मदद करें। लेकिन भारत के पास एक पूरी व्यवस्था तैयार थी। दूसरे देश अपने यहां के पोस्ट ऑफिस और बैंक खुलवा रहे थे तो वहीं भारत, महिलाओं के बैंक खातों में सीधे आर्थिक मदद भेज रहा था।

भारत में अब तक Direct benefit transfer के जरिए करीब साढ़े सत्रह लाख करोड़ रुपए सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजे जा चुके हैं। आज केंद्र सरकार 3 सौ से ज्यादा योजनाओं का लाभ डीबीटी के माध्यम से लोगों तक पहुंचा रही है। लगभग 90 करोड़ देशवासियों को इसके तहत किसी ना किसी रूप में लाभ हो रहा है। राशन हो, एलपीजी गैस हो, इलाज हो, स्कॉलरशिप हो, पेंशन हो, मज़दूरी हो, घर बनाने के लिए मदद हो, ऐसे अनेक लाभ डीबीटी से मिल रहे हैं। पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 1 लाख 35 हज़ार करोड़ रुपए सीधे किसानों के बैंक अकाउंट में पहुंचाए गए हैं। इस बार तो किसानों से जो गेहूं की सरकारी खरीद हुई है, उसका लगभग 85 हज़ार करोड़ रुपए सीधा किसानों के बैंक खातों में ही ट्रांसफर किया गया है। इन सारे प्रयोगों का बहुत बड़ा लाभ ये हुआ है कि देश के क़रीब क़रीब पौने दो लाख करोड़ रुपए से अधिक, गलत हाथों में जाने से बचे हैं।

साथियों,

भारत आज दुनिया को दिखा रहा है कि technology को adopt करने में, उससे जुडने में वो किसी से भी पीछे नहीं हैं। Innovations की बात हो, service डिलीवरी में technology का इस्तेमाल हो, भारत दुनिया के बड़े देशों के साथ मिलकर Global leadership देने की क्षमता रखता है। पिछले 7 सालों में भारत ने अपनी प्रगति को जो गति दी है, उसमें technology के सही इस्तेमाल की बड़ी भूमिका है। आप सोचिए, क्या 8-10 साल पहले किसी ने कल्पना की थी कि टोल बूथ्स पर करोड़ों गाडियाँ बिना किसी फ़िज़िकल transaction के, लेन-देन के निकलेंगी? आज के Fastag से ये संभव हुआ है।

क्या 8-10 साल पहले किसी ने सोचा था कि दूर-सुदूर गांव में बैठा कोई हस्तशिल्पी, अपने प्रॉडक्ट दिल्ली के किसी सरकारी दफ्तर में सीधे बेच पाएगा? आज GeM यानि गवर्नमेंट ई मार्केट प्लेस पोर्टल से ये मुमकिन है।

क्या 8-10 साल पहले किसी ने सोचा था कि हमारे certificates, documents हर समय digitally हमारी जेब में होंगे, और हर जगह एक क्लिक पर इस्तेमाल हो पाएंगे? आज ये Digi-locker से मुमकिन है।

क्या 8-10 साल पहले किसी ने सोचा था कि भारत में MSME सेक्टर के उद्यमियों को सिर्फ 59 मिनट में लोन approve  हो पाएगा। आज भारत में ये भी मुमकिन है। और इसी तरह, 8-10 साल पहले क्या आपने सोचा था कि आप किसी काम के लिए एक डिजिटल वाउचर भेजेंगे, और काम हो जाएगा? आज ये भी e-Rupi के जरिए मुमकिन हो चुका है।

मैं ऐसे कितने ही उदाहरण आपको गिना सकता हूं। इस महामारी के दौरान भी देश ने तकनीक की ताकत को महसूस किया है। आरोग्य सेतु ऐप का उदाहरण भी हमारे सामने है। आज ये ऐप सबसे ज्यादा downloaded apps में से एक है। इसी तरह कोविन पोर्टल भी आज हमारे वैक्सीनेशन प्रोग्राम में, वैक्सीनेशन सेंटर के चयन में, रजिस्ट्रेशन में, वैक्सीन certificate प्राप्त करने में देशवासियों की बड़ी मदद कर रहा है।

पुरानी व्यवस्था चल रही होती तो वैक्सीनेशन लगवाने के बाद सर्टिफिकेट के लिए दौड़ना पड़ रहा होता। दुनिया के कई बड़े देशों में भी आज पेपर पर हाथ से लिखकर सर्टिफिकेट दिये जा रहे हैं। लेकिन भारत के लोग एक क्लिक में डिजिटल सर्टिफिकेट डाउनलोड कर रहे हैं। इसीलिए, आज भारत का कोविन सिस्टम, दुनिया के कई देशों को आकर्षित कर रहा है। भारत इसे दुनिया के साथ साझा भी कर रहा है।

साथियों,

मुझे याद है कि 4 साल पहले जब BHIM app लॉन्च किया गया था, तब मैंने कहा था कि वो दिन दूर नहीं जब अधिकांश बिजनेस ट्रांजेक्शन नोट और सिक्कों के बजाय डिजिटली होंगे। तब मैंने ये भी कहा था कि इस बदलाव से सबसे अधिक गरीबों, वंचितों, छोटे व्यापारियों, किसानों, आदिवासियों का सशक्तिकरण होगा, वो Empower होंगे। आज हम ये साक्षात अनुभव कर रहे हैं। हर महीने UPI Transaction के नए रिकॉर्ड बन रहे हैं। जुलाई महीने में 300 करोड़ से अधिक Transaction UPI से हुए हैं, जिसमें 6 लाख करोड़ रुपए का लेनदेन हुआ है। आज चाय, जूस और फल-सब्ज़ी का ठेला लगाने वाले भी इसका उपयोग कर रहे हैं।

वहीं भारत का RuPay कार्ड भी देश का गौरव बढ़ा रहा है। सिंगापुर-भूटान में भी इसे लॉन्च किया जा चुका है। आज देश में 66 करोड़ RuPay कार्ड हैं और देश में हजारों करोड़ रुपए का Transaction RuPay कार्ड से भी हो रहा है। इस कार्ड ने गरीब को भी सशक्त किया है। उसे इस भावना से भरा है कि वो भी अपने पास डेबिट कार्ड रख सकता है, उसका इस्तेमाल कर सकता है।

साथियों,

Technology कैसे गरीबों को सशक्त करती है, इसका एक और उदाहरण है- पीएम स्वनिधि योजना। हमारे देश में जो रेहड़ी-पटरी वाले, ठेला चलाने वाले भाई-बहन हैं, उनके Financial Inclusion के बारे में पहले कभी नहीं सोचा गया था। अपना काम आगे बढ़ाने के लिए उन्हें बैंक से मदद मिलना असंभव था। जब Digital Transaction की कोई हिस्ट्री ही नहीं हो, कोई Document ना हो, तो बैंक से लोन लेने के लिए हमारे रेहड़ी-पटरी वाले साथी, पहला कदम भी नहीं बढ़ा पाते थे। इसी को समझते हुए हमारी सरकार ने पीएम स्वनिधि योजना की शुरुआत की। आज देश के छोटे-बड़े शहरों में, 23 लाख से अधिक रेहड़ी-पटरी और ठेले वालों को इस योजना के तहत मदद दी गई है। इसी कोरोना काल में करीब-करीब 2300 करोड़ रुपए उन्हें दिए गए हैं। ये गरीब साथी अब Digital Transaction कर रहे हैं और अपना लोन चुका रहे हैं। यानि अब उनके लेन-देन की एक Digital History बन रही है।

पीएम स्वनिधि में ये व्यवस्था की गई है कि 10 हजार रुपए का पहला लोन चुकाने पर 20 हजार का दूसरा लोन और दूसरा लोन चुकाने पर 50 हजार का तीसरा लोन रेहड़ी-पटरी वाले साथियों को दिया जाएगा। आपको जानकर खुशी होगी कि आज सैकड़ों रेहड़ी-पटरी और ठेले वाले भाई-बहन अब तीसरा लोन प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

साथियों,

देश में Digital Infrastructure और Digital Transaction के लिए जो काम पिछले 6-7 वर्षों में हुआ है, उसका लोहा आज दुनिया मान रही है। विशेषकर भारत में फिनटेक का बहुत बड़ा आधार तैयार हुआ है। ऐसा आधार तो बड़े-बड़े देशों में भी नहीं है। देशवासियों का पॉजिटिव माइंडसेट, FinTech Solutions को adopt करने की उनकी क्षमता भी असीम है। इसलिए ये आज भारत के युवाओं, भारत के स्टार्ट अप इकोसिस्टम के लिए भी बेहतरीन मौका है। भारत के स्टार्ट अप्स के लिए फिनटेक में अनेकों संभावनाएं हैं।

साथियों,

मुझे विश्वास है कि e-Rupi वाउचर भी सफलता के नए अध्याय लिखेगा। इसमें हमारे बैंकों और दूसरे पेमेंट गेटवे का बहुत बड़ा रोल है। हमारे सैकड़ों प्राइवेट अस्पतालों, कॉर्पोरेट्स, उद्योग जगत, NGOs और दूसरे संस्थानों ने भी इसको लेकर बहुत रुचि दिखाई है। मेरा राज्य सरकारों से भी आग्रह है कि अपनी योजनाओं का सटीक और संपूर्ण लाभ सुनिश्चित करने के लिए e-RUPI का अधिक से अधिक उपयोग करें। मुझे विश्वास है कि हम सभी की ऐसी ही सार्थक साझेदारी एक ईमानदार और पारदर्शी व्यवस्था के निर्माण को और गति देगी।

एक बार फिर सभी देशवासियों को इस बड़े रिफॉर्म के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं। बहुत-बहुत शुभकामनाएं!

धन्यवाद !

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PM interacts with CEOs and Experts of Global Oil and Gas Sector
October 20, 2021
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Our goal is to make India Aatmanirbhar in the oil & gas sector: PM
PM invites CEOs to partner with India in exploration and development of the oil & gas sector in India
Industry leaders praise steps taken by the government towards improving energy access, energy affordability and energy security

Prime Minister Shri Narendra Modi interacted with the CEOs and Experts of the global oil and gas sector earlier today, via video conferencing.

Prime Minister discussed in detail the reforms undertaken in the oil and gas sector in the last seven years, including the ones in exploration and licensing policy, gas marketing, policies on coal bed methane, coal gasification, and the recent reform in Indian Gas Exchange, adding that such reforms will continue with the goal to make India ‘Aatmanirbhar in the oil & gas sector’.

Talking about the oil sector, he said that the focus has shifted from ‘revenue’ to ‘production’ maximization. He also spoke about the need to enhance  storage facilities for crude oil.  He further talked about the rapidly growing natural gas demand in the country. He talked about the current and potential gas infrastructure development including pipelines, city gas distribution and LNG regasification terminals.

Prime Minister recounted that since 2016, the suggestions provided in these meetings have been immensely useful in understanding the challenges faced by the oil and gas sector. He said that India is a land of openness, optimism and opportunities and is brimming with new ideas, perspectives and innovation. He invited the CEOs and experts to partner with India in exploration and development of the oil and gas sector in India. 

The interaction was attended by industry leaders from across the world, including Dr. Igor Sechin, Chairman & CEO, Rosneft; Mr. Amin Nasser, President & CEO, Saudi Aramco; Mr. Bernard Looney, CEO, British Petroleum; Dr. Daniel Yergin, Vice Chairman, IHS Markit; Mr. Olivier Le Peuch, CEO, Schlumberger Limited; Mr. Mukesh Ambani, Chairman & Managing Director, Reliance Industries Limited; Mr Anil Agarwal, Chairman, Vedanta Limited, among others.

They praised several recent achievements of the government towards improving energy access, energy affordability and energy security. They appreciated the leadership of the Prime Minister towards the transition to cleaner energy in India, through visionary and ambitious goals. They said that India is adapting fast to newer forms of clean energy technology, and can play a significant role in shaping global energy supply chains. They talked about ensuring sustainable and equitable energy transition, and also gave their inputs and suggestions about further promotion of clean growth and sustainability.