प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 28-29 अप्रैल को उत्तर प्रदेश की यात्रा पर रहेंगे। 28 अप्रैल को शाम करीब 5 बजे, प्रधानमंत्री वाराणसी में आयोजित महिला सम्मेलन में भाग लेंगे, जहां वे लगभग 6,350 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। वे इस अवसर पर सभा को संबोधित भी करेंगे।
29 अप्रैल को सुबह लगभग 8:30 बजे प्रधानमंत्री वाराणसी के श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन और पूजा करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री हरदोई के लिए रवाना होंगे और लगभग 11:30 बजे गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे। वे इस अवसर पर सभा को संबोधित भी करेंगे।
वाराणसी में प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री महिमा सम्मेलन में भाग लेंगे, जिसमें पूरे क्षेत्र से बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल होंगी। प्रधानमंत्री 1,050 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 48 पूर्ण परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं में वाराणसी-आजमगढ़ सड़क का विस्तारीकरण करना, कज्जाकपुरा और कादीपुर में महत्वपूर्ण रेल ओवरब्रिज का उद्घाटन और भगवानपुर में 55 एमएलडी क्षमता वाले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का उद्घाटन शामिल हैं।
प्रधानमंत्री विभिन्न सामुदायिक परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। इनमें जल जीवन मिशन के अंतर्गत 30 ग्रामीण पेयजल योजनाएं, चंद्रावती घाट का पुनर्विकास, सारनाथ के पास सारंगनाथ मंदिर का पर्यटन विकास और नागवा स्थित संत रविदास पार्क का सौंदर्यीकरण एवं जीर्णोद्धार कार्य शामिल हैं। सार्वजनिक सेवाओं और खेलों में सुधार भी प्रमुखता से किए जा रहे हैं, जिनमें यूपी कॉलेज में सिंथेटिक हॉकी टर्फ, रामनगर में 100 बिस्तरों वाला वृद्धाश्रम और भेलूपुर जल शोधन संयंत्र में 1 मेगावाट का सौर ऊर्जा संयंत्र शामिल हैं। प्रधानमंत्री तिब्बती अध्ययन केंद्रीय विश्वविद्यालय में सोवा रिग्पा भवन और अस्पताल का भी उद्घाटन करेंगे, जो आधुनिक स्वास्थ्य देखभाल प्रणालियों के साथ पारंपरिक चिकित्सा को एकीकृत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री लगभग 5,300 करोड़ रुपये की 112 से अधिक परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। इनमें अमृत 2.0 के तहत 13 सीवरेज और जल आपूर्ति योजनाएं, श्री शिव प्रसाद गुप्ता संभागीय जिला अस्पताल में 500 बिस्तरों वाला बहु-विशेषज्ञ अस्पताल, भोजुवीर और सिगरा में बाजार परिसरों और कार्यालयों का निर्माण, तालाबों का जीर्णोद्धार और नवीनीकरण, 198 बिस्तरों वाले अस्पताल का पुनर्निर्माण, 100 बिस्तरों वाले गहन चिकित्सा ब्लॉक का निर्माण और अस्सी घाट, दशाश्वमेध घाट और नमो घाट सहित प्रमुख घाटों पर पर्यटन सुविधाओं का विकास शामिल है। शासन और सामाजिक कल्याण अवसंरचना को मजबूत करने के लिए, प्रधानमंत्री रामनगर में एकीकृत संभागीय कार्यालय, नगर निगम कार्यालय भवन और एक सरकारी बाल आश्रय गृह और किशोर न्याय बोर्ड की आधारशिला भी रखेंगे। प्रधानमंत्री बनास डेयरी से जुड़े उत्तर प्रदेश के दूध आपूर्तिकर्ताओं को बोनस के रूप में 105 करोड़ रुपये से अधिक की राशि भी हस्तांतरित करेंगे।
प्रधानमंत्री वाराणसी जंक्शन-पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन तीसरी और चौथी रेलवे लाइन परियोजना की आधारशिला रखेंगे, जिसमें गंगा नदी पर रेल-सह-सड़क पुल का निर्माण भी शामिल है। यह परियोजना रेल यातायात में भीड़ कम करके, रसद दक्षता बढ़ाकर, बहु-मार्गीय संपर्क को मजबूत करके और यातायात को सुगम बनाकर वाराणसी और चंदौली जिलों को लाभ पहुंचाएगी। इससे काशी विश्वनाथ धाम, रामनगर क्षेत्र और राष्ट्रीय राजमार्ग-19 तक पहुंच में सुधार होगा, साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के साथ रेल संपर्क मजबूत होगा।
प्रधानमंत्री दो नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाएंगे: बनारस-पुणे (हडपसर) और अयोध्या-मुंबई (लोकमान्य तिलक टर्मिनस)। ये ट्रेनें किफायती और आधुनिक यात्रा विकल्प प्रदान करेंगी और उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच संपर्क बढ़ाएंगी। बनारस-पुणे सेवा से काशी विश्वनाथ धाम तक पहुंचना आसान होगा, जबकि अयोध्या-मुंबई सेवा से श्री राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र तक संपर्क बेहतर होगा और प्रमुख धार्मिक स्थलों के बीच कनेक्टिविटी सुदृढ़ होगी।
हरदोई में प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री हरदोई जिले में गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे, जो देश में विश्व स्तरीय अवसंरचना के विकास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी। गंगा एक्सप्रेसवे 594 किलोमीटर लंबा, 6-लेन (8-लेन तक विस्तारित करने योग्य), एक्सेस-नियंत्रित ग्रीनफील्ड हाई-स्पीड कॉरिडोर है, जिसका निर्माण लगभग 36,230 करोड़ रुपये की कुल लागत से किया गया है। यह एक्सप्रेसवे 12 जिलों—मेरठ, बुलंदशहर, हापुड़, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज से होकर गुजरता है, जिससे उत्तर प्रदेश के पश्चिमी, मध्य और पूर्वी क्षेत्रों को एक ही निर्बाध हाई-स्पीड कॉरिडोर के माध्यम से जोड़ा गया है।
इस परियोजना से मेरठ और प्रयागराज के बीच यात्रा का समय मौजूदा 10-12 घंटे से घटकर लगभग 6 घंटे रह जाने की उम्मीद है, जिससे आवागमन में सुगमता और परिवहन में दक्षता में सुधार होगा।
इस परियोजना की एक प्रमुख विशेषता शाहजहांपुर जिले में 3.5 किलोमीटर लंबी आपातकालीन लैंडिंग सुविधा (हवाई पट्टी) का निर्माण है। यह दोहरे उपयोग वाली अवसंरचना राष्ट्रीय सुरक्षा तैयारियों को मजबूत करती है और आर्थिक लाभ के अलावा रणनीतिक महत्व भी प्रदान करती है।
गंगा एक्सप्रेसवे को एक प्रमुख आर्थिक गलियारे के रूप में परिकल्पित किया गया है, जिसके मार्ग में पड़ने वाले 12 जिलों में लगभग 2,635 हेक्टेयर क्षेत्र में एकीकृत विनिर्माण और लॉजिस्टिक गलियारे विकसित किए जाएंगे। यह एक्सप्रेसवे लॉजिस्टिक्स लागत को कम करेगा, आपूर्ति श्रृंखला की दक्षता में सुधार करेगा और विनिर्माण प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देगा।
बेहतर संपर्क व्यवस्था से किसानों को शहरी और निर्यात बाजारों तक सीधी पहुंच मिलेगी, जिससे उन्हें बेहतर मूल्य प्राप्त होगा और ग्रामीण आय में वृद्धि होगी। इस परियोजना से पर्यटन को बढ़ावा मिलने, नए आर्थिक अवसर खुलने और पूरे क्षेत्र में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की भी उम्मीद है।
गंगा एक्सप्रेसवे राज्य में एक व्यापक एक्सप्रेसवे नेटवर्क की रीढ़ की हड्डी के रूप में भी काम करेगा, जिसमें आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, जेवर लिंक एक्सप्रेसवे, फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे और मेरठ से हरिद्वार तक प्रस्तावित विस्तार सहित कई लिंक कॉरिडोर या तो चालू हैं या योजनाबद्ध हैं। यह उभरता हुआ एक्सप्रेसवे नेटवर्क उत्तर प्रदेश में पूर्व से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण तक उच्च गति वाली सड़क कनेक्टिविटी का विस्तार करेगा, जिससे संतुलित क्षेत्रीय विकास संभव होगा।
गंगा एक्सप्रेसवे सिर्फ एक परिवहन परियोजना नहीं है, बल्कि एक परिवर्तनकारी पहल है जो लॉजिस्टिक लागत को कम करेगी, औद्योगिक निवेश को आकर्षित करेगी, कृषि और ग्रामीण आय को बढ़ावा देगी, रोजगार सृजित करेगी और पूरे राज्य में समग्र आर्थिक विकास को गति देगी।


