प्रधानमंत्री आंध्र प्रदेश के भीमावरम में महान स्वतंत्रता सेनानी अल्लूरी सीताराम राजू की 125वीं जयंती समारोह का शुभारंभ करेंगे, जो सालभर तक चलेगा
प्रधानमंत्री अल्लूरी सीताराम राजू की 30 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमा का अनावरण भी करेंगे
प्रधानमंत्री गांधीनगर में डिजिटल इंडिया वीक 2022 का उद्घाटन करेंगे
डिजिटल इंडिया वीक 2022 की थीम: न्यू इंडिया के टेकेड को बढ़ावा देना
प्रधानमंत्री 'डिजिटल इंडिया भाषिनी', 'डिजिटल इंडिया जेनेसिस' और 'इंडियास्टैक.ग्लोबल' का शुभारंभ करेंगे; 'माईस्कीम' और 'मेरी पहचान' का भी लोकार्पण करेंगे
प्रधानमंत्री ‘चिप्स टू स्टार्टअप’ कार्यक्रम के तहत 30 संस्थानों के पहले समूह की घोषणा करेंगे

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 4 जुलाई, 2022 को भीमावरम, आंध्र प्रदेश और गांधीनगर, गुजरात की यात्रा पर जायेंगे। लगभग 11 बजे, प्रधानमंत्री भीमावरम में महान स्वतंत्रता सेनानी अल्लूरी सीताराम राजू की 125वीं जयंती समारोह का शुभारंभ करेंगे, जो सालभर तक चलेगा। इसके बाद शाम करीब साढ़े चार बजे प्रधानमंत्री गांधीनगर में डिजिटल इंडिया वीक 2022 का उद्घाटन करेंगे।

भीमावरम में प्रधानमंत्री

आजादी का अमृत महोत्सव के हिस्से के रूप में, सरकार स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को उचित मान्यता देने और देश भर के लोगों को उनके बारे में जागरूक करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस प्रयास के हिस्से के रूप में, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी भीमावरम में महान स्वतंत्रता सेनानी अल्लूरी सीताराम राजू की 125वीं जयंती समारोह का शुभारंभ करेंगे, जो सालभर चलेगा। प्रधानमंत्री अल्लूरी सीताराम राजू की 30 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमा का भी अनावरण करेंगे।

अल्लूरी सीताराम राजू, जिनका जन्म 4 जुलाई 1897 को हुआ था, को पूर्वी घाट क्षेत्र में जनजातीय समुदायों के हितों की रक्षा के लिए अंग्रेजों के खिलाफ उनकी लड़ाई के लिए याद किया जाता है। उन्होंने रम्पा विद्रोह का नेतृत्व किया था, जिसे 1922 में शुरू किया गया था। उन्हें स्थानीय लोगों द्वारा "मन्यम वीरुडु" (जंगलों का नायक) कहा जाता है।

सरकार ने साल भर चलने वाले उत्सव के हिस्से के रूप में कई पहलों की योजना बनाई है। विजयनगरम जिले के पंडरंगी में अल्लूरी सीताराम राजू की जन्मस्थली और चिंतापल्ली पुलिस स्टेशन (रम्पा विद्रोह के 100 साल पूरे होने पर - इस पुलिस स्टेशन पर हुए हमले से रम्पा विद्रोह की शुरुआत हुई थी) को पुनर्निर्मित किया जाएगा। सरकार ने मोगल्लु में अल्लूरी ध्यान मंदिर के निर्माण को भी मंजूरी दे दी है, जिसमें ध्यान मुद्रा में अल्लूरी सीताराम राजू की एक मूर्ति स्थापित की जायेगी। भित्ति चित्रों और एआई-सक्षम इंटरैक्टिव प्रणाली के माध्यम से स्वतंत्रता सेनानी के जीवन की कहानी को दर्शाया जायेगा।

गांधीनगर में प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री डिजिटल इंडिया वीक 2022 का उद्घाटन करेंगे, जिसकी थीम 'न्यू इंडिया के टेकेड को बढ़ावा देना' है। कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री प्रौद्योगिकी की पहुंच बढ़ाने, जीवन यापन को आसान बनाने और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए सेवा अदायगी को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से कई डिजिटल पहलों की शुरुआत करेंगे।

प्रधानमंत्री 'डिजिटल इंडिया भाषिनी' लॉन्च करेंगे, जो भारतीय भाषाओं में इंटरनेट और डिजिटल सेवाओं तक आसान पहुंच को सक्षम करेगी और इसमें आवाज आधारित पहुंच भी शामिल होगी। इससे भारतीय भाषाओं में कंटेंट निर्माण में मदद मिलेगी। भारतीय भाषाओं के लिए एआई आधारित भाषा प्रौद्योगिकी समाधानों के निर्माण में एक प्रमुख कार्य बहुभाषी डेटासेट का निर्माण होगा। डिजिटल इंडिया भाषिनी; भाषादान नामक एक क्राउडसोर्सिंग पहल के माध्यम से इन डेटासेट को बनाने के लिए बड़े पैमाने पर लोगों के योगदान को सक्षम बनाएगी।

प्रधानमंत्री 'डिजिटल इंडिया जेनेसिस' (नवोन्मेषी स्टार्टअप्स के लिए अगली पीढ़ी का समर्थन) - एक राष्ट्रीय गहन प्रौद्योगिकी स्टार्टअप प्लेटफॉर्म, लॉन्च करेंगे, ताकि भारत के स्तर-II और स्तर-III शहरों में सफल स्टार्टअप की खोज की जा सके; इनका समर्थन व विकास किया जा सके और इन्हें सफल बनाया जा सके। इस योजना के लिए कुल 750 करोड़ रुपये के परिव्यय की परिकल्पना की गई है।

प्रधानमंत्री 'इंडियास्टैक.ग्लोबल' का भी शुभारंभ करेंगे– जो आधार, यूपीआई, डिजिलॉकर, कोविन वैक्सीन प्लेटफॉर्म, गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (जीईएम), दीक्षा प्लेटफॉर्म और आयुष्मान भारत डिजिटल स्वास्थ्य मिशन जैसे इंडियास्टैक के तहत लागू प्रमुख परियोजनाओं का एक वैश्विक भंडार होगा। ‘ग्लोबल पब्लिक डिजिटल गुड्स’ भण्डार के लिए भारत की इस पेशकश से जनसंख्या के बड़े पैमाने पर डिजिटल बदलाव परियोजनाओं के निर्माण के अग्रणी देश के रूप में भारत को स्थापित करने में मदद मिलेगी और यह भण्डार अन्य देशों के लिए बहुत मददगार साबित होगा, जो ऐसे तकनीकी समाधानों की तलाश में हैं।

प्रधानमंत्री 'माईस्कीम' का लोकार्पण करेंगे – यह एक सेवा खोज मंच है, जो सरकारी योजनाओं तक पहुंच की सुविधा प्रदान करता है। इसका उद्देश्य एक जगह पर सभी कुछ की जानकारी युक्त पोर्टल की पेशकश करना है, जहां उपयोगकर्ता उन योजनाओं को ढूंढ सकते हैं, जिनके लिए वे पात्र हैं। वे 'मेरी पहचान'- एक व्यक्ति के लॉगिन के लिए राष्ट्रीय एकल साइन ऑन सुविधा का भी लोकार्पण करेंगे। नेशनल सिंगल साइन-ऑन (एन एस एस ओ) एक उपयोगकर्ता प्रमाणीकरण सेवा है; जिसमें निजी जानकारी का एक सेट, कई ऑनलाइन एप्लिकेशन या सेवाओं तक पहुंच प्रदान करता है।

प्रधानमंत्री चिप्स टू स्टार्टअप (सी2एस) कार्यक्रम के तहत समर्थन के पात्र 30 संस्थानों के पहले समूह की भी घोषणा करेंगे। सी2एस कार्यक्रम का उद्देश्य स्नातक, परास्नातक और अनुसंधान स्तर पर सेमीकंडक्टर चिप्स के डिजाइन के क्षेत्र में विशेष श्रमबल को प्रशिक्षित करना और देश में सेमीकंडक्टर डिजाइन में शामिल स्टार्ट-अप के विकास के लिए उत्प्रेरक के रूप में कार्य करना है। यह संगठनात्मक स्तर पर सलाह व अन्य सहायता प्रदान करता है और संस्थानों को डिजाइन के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराता है। यह पहल सेमीकंडक्टर में एक मजबूत डिजाइन इकोसिस्टम के निर्माण के लिए भारत सेमीकंडक्टर मिशन का हिस्सा है।

डिजिटल इंडिया वीक 2022 के तहत 4 से 6 जुलाई तक गांधीनगर में कई कार्यक्रम आयोजित होंगे। यह कार्यक्रम डिजिटल इंडिया की वर्षगांठ मनाएगा और प्रदर्शित करेगा कि कैसे आधार, यूपीआई, कोविन, डिजिलॉकर आदि सार्वजनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म ने लोगों के जीवन को आसान बनाया है। यह पूरी दुनिया के सामने भारत के तकनीकी कौशल का प्रदर्शन करेगा, हितधारकों की एक विस्तृत श्रृंखला के साथ सहयोग और व्यापार के अवसरों का पता लगाएगा और अगली पीढ़ी के लिए अवसरों का टेकेड पेश करेगा। इसमें स्टार्टअप तथा सरकार, उद्योग व शिक्षा जगत के प्रतिनिधियों की भागीदारी होगी। 200 से अधिक स्टालों के साथ एक डिजिटल मेला भी आयोजित किया जा रहा है, जहाँ जीवन को आसान बनाने वाले डिजिटल समाधानों के साथ-साथ भारतीय यूनिकॉर्न और स्टार्टअप द्वारा विकसित किए गए समाधान को भी प्रदर्शित किया जायेगा। डिजिटल इंडिया वीक में 7 से 9 जुलाई तक वर्चुअल मोड में ‘इंडियास्टैक नॉलेज एक्सचेंज’ भी आयोजित किया जाएगा।

 

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मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा के स्थापना दिवस पर, पीएम मोदी ने निरंतर प्रयास और प्रगति का संदेश देने वाला संस्कृत श्लोक साझा किया
January 21, 2026

The Prime Minister, Shri Narendra Modi today extended his warm greetings to the people of Manipur, Meghalaya and Tripura as the three North Eastern states celebrate their Statehood Day.

The Prime Minister conveyed his heartfelt wishes to all brothers and sisters of the region and expressed hope that, through their own efforts, they achieve success in every sphere of life.

On the occasion, the Prime Minister also shared a Sanskrit Subhashitam highlighting the spirit of continuous effort and progress.

The Sanskrit verse-
“चरैवेति चरैवेति चरन्वै मधु विन्दति।
सूर्यास्य पश्य श्रेमाणं न मामार न जीर्यति॥” conveys that one must keep moving and keep advancing, as only a consistently diligent person can taste the sweetness of progress, just as the sun tirelessly and endlessly illuminates the world with its energy.

Shri Modi posted on X;

“आज नॉर्थ ईस्ट के तीन राज्य मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा अपना स्थापना दिवस मना रहे हैं। इस अवसर पर यहां के अपने सभी भाई-बहनों को मेरी बहुत-बहुत शुभकामनाएं। अपने प्रयासों से जीवन के हर क्षेत्र में उन्हें सफलता मिले, यही कामना है।

चरैवेति चरैवेति चरन्वै मधु विन्दति।

सूर्यास्य पश्य श्रेमाणं न मामार न जीर्यति॥”