विकसित देश भारत के साथ व्यापार समझौते(ट्रेड डील) करने को उत्सुक हैं, क्योंकि आत्मविश्वासी भारत हताशा और निराशा से ऊपर उठकर निस्संदेह आगे बढ़ रहा है: पीएम
पिछले 11 वर्षों में देश की चेतना में एक नई ऊर्जा का प्रवाह हुआ है, भारत अपने खोये हुए सामर्थ्य को वापस पाने के लिए दृढ़ संकल्पित है: पीएम
भारत का डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना आज वैश्विक चर्चा का विषय बन चुका है: पीएम
आज भारत के हर कदम पर विश्व भर में बारीकी से नजर रखी जाती है और उसका विश्लेषण किया जाता है; एआई शिखर सम्मेलन इसका स्पष्ट उदाहरण है: पीएम
राष्ट्र-निर्माण कभी आज की सुविधा से नहीं होता; यह बड़े विजन,धैर्य और समय पर लिए गए निर्णयों से होता है: पीएम

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज राइजिंग भारत शिखर सम्मेलन को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने “Strength Within (अपने सामर्थ्य)” की थीम पर केंद्रित विचार रखे। पिछले 11 वर्षों में भारत की यात्रा को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय क्षमता के पुनः प्राप्त करने, आर्थिक आत्मनिर्भरता तथा वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए तय किए गए रोडमैप पर विस्तार से चर्चा की। 

उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा, “हमारे शास्त्र कहते हैं— ‘तत् त्वम् असि’, अर्थात् जिस ब्रह्म की खोज में हम निकले हैं, वो हम ही हैं, वो हमारे भीतर ही है। जो सामर्थ्य हमारे भीतर है उसे हमें पहचानना है। बीते 11 वर्षों में भारत ने अपने उसी सामर्थ्य पहचाना है और उसे सशक्त सशक्त करने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि किसी देश में निहित सामर्थ्य अचानक पैदा नहीं होता, यह सामर्थ्य पीढ़ियों में बनता है। श्री मोदी ने जोर देकर कहा कि पिछले 11 वर्षों में भारत अपने खोये हुए सामर्थ्य को वापस पाने का प्रयास कर रहा है, जिसके परिणामस्वरूप राष्ट्रीय चेतना में नई ऊर्जा का प्रवाह हुआ है। उन्होंने कहा कि देश अब विनिर्माण पर नए सिरे से ध्यान, उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार और आर्थिक नीतियों को सुदृढ़ करने पर केंद्रित है, ताकि एक मजबूत आधार तैयार किया जा सके। उन्होंने आगे कहा, “बैंकिंग प्रणाली को सशक्त बनाकर और दोहरे अंकों की महंगाई पर सफलतापूर्वक नियंत्रण स्थापित करके, सरकार ने भारत को प्रभावी रूप से दुनिया के विकास इंजन में बदल दिया है।”

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर में भारत के नेतृत्व पर चर्चा करते हुए जनधन–आधार–मोबाइल की ‘त्रिमूर्ति’ का उल्लेख किया, जिसके बारे में विश्व के अनेक राष्ट्राध्यक्ष जानने को उत्सुक रहते हैं। उन्होंने प्रत्यक्ष लाभ अंतरण(डीबीटी) की सफलता का हवाला देते हुए बताया कि इसके माध्यम से ₹24 लाख करोड़ की राशि बिना किसी लीकेज के सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाई गई है। प्रधानमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि देश उस दौर से आगे बढ़ गया है, जब 3 करोड़ परिवारों के पास बिजली नहीं थी, आज सौर ऊर्जा राष्ट्रों में शीर्ष में शामिल हो चुका है। साथ ही, वंदे भारत और नमो भारत के युग में भारत की रेल आधारित शहरी परिवहन प्रणाली विकसित होकर विश्व का तीसरा सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क बन गया है।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता(एआई) विषय पर, प्रधानमंत्री ने कहा, “पिछली औद्योगिक क्रांतियों में भारत और ग्लोबल साउथ सिर्फ अनुयायी थे। लेकिन कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में भारत निर्णयों में सहभागी है और उन्हें आकार दे रहा है। आज हमारे पास अपना एआई स्टार्टअप इकोसिस्टम है और हम एआई डेटा प्रोसेसिंग के लिए आवश्यक पावर की आवश्यकताओं पर तेजी से काम कर रहे हैं।” श्री मोदी ने आगे कहा कि 100 से अधिक देशों की भागीदारी वाला एआई शिखर सम्मेलन भारत के लिए गौरव का पल था।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जोर देकर कहा कि आत्मनिर्भरता में आज किया गया निवेश आने वाली पीढ़ियों के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा, “आज हम सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम का निर्माण कर रहे हैं और ग्रीन हाइड्रोजन, सौर ऊर्जा तथा इथेनॉल मिश्रण को प्राथमिकता दे रहे हैं। साथ ही, रक्षा उत्पादन, मोबाइल विनिर्माण, ड्रोन प्रौद्योगिकी और महत्वपूर्ण खनिज अवसंरचना में निवेश कर रहे हैं, ताकि आने वाले दशकों के लिए आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।” प्रधानमंत्री ने आगे कहा, “राष्ट्र-निर्माण कभी आज की सुविधा से नहीं होता; यह व्यापक विजन, धैर्य और समय पर लिए गए निर्णयों से होता है।”

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने बताया कि कृषि ऋण के रूप में ₹28 लाख करोड़ प्रदान किए गए हैं, जो पहले की सरकारों की तुलना में चार गुना अधिक है। श्री मोदी ने यह भी रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) के माध्यम से ₹4 लाख करोड़ से अधिक की राशि सीधे किसानों के खातों में जमा की गई है। उन्होंने कहा, “इन सुधारों के कारण हमारा देश अग्रणी कृषि निर्यातक देशों में शामिल होता जा रहा है।”

अपने संबोधन का समापन करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सभी नागरिकों और संस्थानों से आह्वान किया। उन्होंने कहा, “मैंने लाल किले से भी कहा है— यही समय है, सही समय है। यही समय है भारत को नई ऊँचाइयों पर ले जाने का। हर व्यक्ति अपने क्षेत्र में श्रेष्ठता का लक्ष्य बनाए… हमें सिर्फ औपचारिक या रोजमर्रा का काम नहीं, बल्कि विश्वस्तरीय कार्य करना चाहिए।” 

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Prime Minister extends greetings on Maha Bishuba Pana Sankranti
April 14, 2026

The Prime Minister, Narendra Modi has extended greetings on the occasion of Maha Bishuba Pana Sankranti.

In a post on X, he said,

“Happy Maha Bishuba Pana Sankranti!”