पिछले 11 वर्षों में, इंफ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी सेक्टर्स पर हमारे फोकस ने तमिलनाडु के डेवलपमेंट को हमारी high priority के रूप में दर्शाया है: पीएम
आज, दुनिया भारत के विकास में अपना विकास देख रही है: प्रधानमंत्री
भारत सरकार, तमिलनाडु के इंफ्रास्ट्रक्चर के आधुनिकीकरण के लिए काम कर रही है; हम राज्य के पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर को high-tech बना रहे हैं, साथ ही एयरपोर्ट्स, हाईवेज और रोडवेज को भी इंटीग्रेट कर रहे हैं: पीएम
आज, देश भर में मेगा और अत्‍याधुनिक बुनियादी ढाँचा विकसित करने का महाअभियान चल रहा है: प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी आज ने तमिलनाडु के तूतुकुड़ी में 4800 करोड़ रुपये से अधिक मूल्‍य के विकास कार्यों का शिलान्यास, उद्घाटन और लोकार्पण किया। विभिन्न क्षेत्रों में अनेक ऐतिहासिक परियोजनाएँ क्षेत्रीय संपर्क को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएँगी, लॉजिस्टिक दक्षता को बढ़ावा देंगी, स्वच्छ ऊर्जा अवसंरचना को मजबूती प्रदान करेंगी और पूरे तमिलनाडु में नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाएँगी। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर श्री मोदी ने कारगिल के वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की और साहसी योद्धाओं को नमन किया तथा राष्ट्र के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि चार दिन के विदेश प्रवास के बाद सीधे भगवान रामेश्वर की पावन भूमि पर पहुँचना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने अपनी विदेश यात्रा के दौरान भारत और ब्रिटेन के बीच हुए ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते को रेखांकित किया। इसे भारत पर दुनिया के बढ़ते भरोसे और भारत के नए आत्मविश्वास का प्रतीक करार देते हुए श्री मोदी ने कहा कि यह आत्मविश्वास विकसित भारत और विकसित तमिलनाडु के निर्माण को गति देगा। उन्होंने कहा कि आज भगवान रामेश्वर और भगवान तिरुचेंदूर मुरुगन के आशीर्वाद से तूतुकुड़ी में विकास का एक नया अध्याय शुरू हो रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा, “तमिलनाडु को विकास के शिखर पर लेकर जाने का जो मिशन 2014 में शुरू हुआ था, तूतुकुड़ी लगातार उसका साक्षी बन रहा है।”

फरवरी 2024 में ‘वी.ओ. चिदम्बरनार पोर्ट’ के लिए ‘आउटर हार्बर कंटेनर टर्मिनल’ का शिलान्यास किए जाने को याद करते हुए श्री मोदी ने उस यात्रा के दौरान सैकड़ों करोड़ रुपये की अनेक परियोजनाओं का उद्घाटन किए जाने का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि सितंबर 2024 में नए तूतुकुड़ी अंतर्राष्ट्रीय कंटेनर टर्मिनल का भी उद्घाटन किया गया। उन्होंने कहा कि आज एक बार फिर, तूतुकुड़ी में 4,800 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन पहलों का विस्‍तार हवाई अड्डों, राजमार्गों, बंदरगाहों, रेलवे और बिजली क्षेत्र की महत्वपूर्ण प्रगति सहित प्रमुख क्षेत्रों में हुआ है। उन्होंने विकास की दिशा में उठाए गए इन महत्वपूर्ण कदमों के लिए तमिलनाडु की जनता को बधाई दी।

प्रधानमंत्री ने ज़ोर देकर कहा, “बुनियादी ढाँचा और ऊर्जा किसी भी राज्य के विकास का आधार होते हैं। पिछले 11 वर्षों में, इन क्षेत्रों पर हमारा फोकस यह दर्शाता है कि तमिलनाडु का विकास हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है”। उन्होंने कहा कि आज उद्घाटित परियोजनाएँ तूतुकुड़ी और तमिलनाडु को बेहतर कनेक्टिविटी, स्वच्छ ऊर्जा और नए अवसरों का केंद्र बनाएँगी।

श्री मोदी ने समृद्ध एवं सशक्त भारत के निर्माण में तमिलनाडु और तूतुकुड़ी के स्थायी योगदान को स्वीकार करते हुए यहाँ की समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत के प्रति सम्‍मान प्रकट किया। उन्होंने दूरदर्शी स्वतंत्रता सेनानी श्री वी.ओ. चिदंबरम पिल्लई की सराहना की, जिन्होंने औपनिवेशिक काल में समुद्री व्यापार की ताकत को भांप लिया था और समंदर में स्वदेशी जहाज़ चलाकर ब्रिटिश प्रभुत्व को चुनौती दी थी। प्रधानमंत्री ने साहस और देशभक्ति पर आधारित स्वतंत्र और सशक्त भारत के सपने बुनने के लिए वीर-पांडिया कट्टा-बोम्मन और अळगु-मुथु कोन जैसी महान हस्तियों के प्रति सम्‍मान प्रकट किया। तूतुकुड़ी के समीप राष्ट्रकवि सुब्रमण्यम भारती की जन्मस्थली होने को याद करते हुए श्री मोदी ने तूतुकुड़ी और अपने निर्वाचन क्षेत्र काशी के बीच गहरे भावनात्मक संबंध पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि काशी-तमिल संगमम जैसी सांस्कृतिक पहल भारत की साझा विरासत और एकता को मज़बूती प्रदान करना जारी रखे हुए है।

पिछले साल श्री बिल गेट्स को तूतुकुड़ी के प्रसिद्ध मोती उपहार में देने के बारे में याद करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि श्री गेट्स ने इन मोतियों की बहुत सराहना की थी। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के पांड्या मोती कभी दुनिया भर में भारत की आर्थिक शक्ति का प्रतीक माने जाते थे।

श्री मोदी ने कहा, “भारत अपने निरंतर प्रयासों के माध्यम से विकसित तमिलनाडु और विकसित भारत के विजन को आगे बढ़ा रहा है।” उन्होंने कहा कि भारत और ब्रिटेन के बीच हस्ताक्षरित मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) इस विजन को और गति प्रदान करेगा। श्री मोदी ने ज़ोर देकर कहा, “आज दुनिया भारत के विकास में अपना विकास देख रही है।” उन्होंने कहा कि एफटीए भारत की अर्थव्यवस्था को मज़बूत बनाएगा और दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में देश की यात्रा को गति प्रदान देगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि मुक्त व्यापार समझौते के बाद, ब्रिटेन में बिकने वाले 99 प्रतिशत भारतीय उत्पाद कर-मुक्त होंगे। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि ब्रिटेन में भारतीय वस्‍तुओं के ज़्यादा किफ़ायती होने से माँग बढ़ेगी, जिससे भारत में विनिर्माण के अवसर बढ़ेंगे। श्री मोदी ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते से तमिलनाडु के युवाओं, लघु उद्योगों, एमएसएमई और स्टार्टअप्स को काफ़ी फ़ायदा होगा। उन्होंने कहा कि यह समझौता उद्योग जगत, मछुआरा समुदाय और अनुसंधान एवं नवाचार जैसे क्षेत्रों को व्यापक लाभ पहुँचाएगा।

सरकार द्वारा मेक इन इंडिया और मिशन मैन्युफैक्चरिंग पर ज़ोर दिए जाने को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मेक इन इंडिया की ताकत साफ़ तौर पर प्रदर्शित हुई। उन्होंने कहा कि आतंकवादियों के ठिकानों को ध्वस्त करने में स्‍वदेशी हथियारों की बड़ी भूमिका रही है। श्री मोदी ने ज़ोर देकर कहा कि भारत में बने हथियार आज भी आतंकवाद के आकाओं की नींद उड़ाए हुए हैं।

यह दावा करते हुए कि तमिलनाडु के बुनियादी ढाँचे के आधुनिकीकरण के जरिए राज्य की क्षमता का पूरा इस्तेमाल करना केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता रही है, श्री मोदी ने कहा कि अत्‍याधुनिक तकनीकों से युक्‍त बंदरगाह सुविधाओं को उन्नत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। इसके साथ ही, राज्य भर में निर्बाध संपर्क बढ़ाने के लिए हवाई अड्डों, राजमार्गों और रेलवे को एकीकृत करने के प्रयास भी जारी हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि तूतुकुड़ी हवाई अड्डे पर नए उन्नत टर्मिनल का उद्घाटन इस दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि 450 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह टर्मिनल अब सालाना 20 लाख से ज़्यादा यात्रियों की मेजबानी की क्षमता रखता है, जबकि पहले इसकी क्षमता केवल 3 लाख यात्रियों की थी।

नव-उद्घाटित टर्मिनल द्वारा भारत भर के कई गंतव्यों से तूतुकुड़ी की कनेक्टिविटी को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाने का उल्‍लेख करते हुए श्री मोदी ने इस बात को रेखांकित किया कि इस विकास से पूरे तमिलनाडु में कॉर्पोरेट ट्रैवल, शैक्षिक केंद्रों और स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे को लाभ होगा। इसके अतिरिक्त, उन्होंने कहा कि इस बेहतर पहुँच के माध्यम से क्षेत्र की पर्यटन क्षमता को नई गति मिलने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री ने तमिलनाडु में दो प्रमुख सड़क परियोजनाओं को जनता को समर्पित करने की घोषणा की। लगभग 2,500 करोड़ रुपये के निवेश से विकसित ये सड़कें दो प्रमुख विकास क्षेत्रों को चेन्नई के साथ जोड़ने के लिए डिज़ाइन की गई हैं। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क अवसंरचना ने डेल्टा जिलों और राज्य की राजधानी के बीच संपर्क में काफी सुधार किया है, जिससे व्‍यापक आर्थिक एकीकरण और पहुँच का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

इस बात पर ज़ोर देते हुए कि सड़क परियोजनाओं ने तूतुकुड़ी बंदरगाह से कनेक्टिविटी को काफ़ी बढ़ावा दिया है, श्री मोदी ने कहा कि इनसे पूरे क्षेत्र के निवासियों के लिए जीवनयापन में सुगमता बढ़ने और व्यापार एवं रोज़गार के नए रास्‍ते खुलने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि केंद्र सरकार रेलवे नेटवर्क को औद्योगिक विकास और आत्मनिर्भर भारत की जीवन रेखा मानती है। इस बात पर गौर करते हुए कि पिछले ग्यारह वर्षों में, भारत में रेलवे का बुनियादी ढाँचा आधुनिकीकरण के परिवर्तनकारी चरण में प्रवेश कर गया है, जिसमें तमिलनाडु इस मुहिम का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है, प्रधानमंत्री ने कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत, तमिलनाडु भर के सतहत्तर स्टेशनों का व्यापक पुनर्विकास किया जा रहा है। आधुनिक वंदे भारत ट्रेनें अब तमिलनाडु के नागरिकों को नया यात्रा अनुभव प्रदान कर रही हैं। श्री मोदी ने ज़ोर देकर कहा कि भारत का पहला वर्टिकल लिफ्ट रेल ब्रिज-पम्बन ब्रिज- भी तमिलनाडु में ही बनाया गया था, जो अनूठी इंजीनियरिंग उपलब्धि है जिसने इस क्षेत्र में कारोबार करने में सुगमता और यात्रा में सुगमता, दोनों में सुधार किया है।

प्रधानमंत्री ने ज़ोर देकर कहा, “आज, देश भर में मेगा और अत्‍याधुनिक बुनियादी ढाँचा विकसित करने का महाअभियान चल रहा है।” उन्होंने जम्मू-कश्मीर में हाल ही में उद्घाटित चिनाब पुल को इंजीनियरिंग का चमत्कार करार देते हुए कहा कि इसने पहली बार जम्मू और श्रीनगर को रेल मार्ग से जोड़ा है। श्री मोदी ने कहा कि इसके अलावा, भारत ने कई ऐतिहासिक परियोजनाएँ जैसे देश का सबसे लंबा समुद्री पुल - अटल सेतु, असम में बोगीबील पुल और छह किलोमीटर से ज़्यादा लंबी सोनमर्ग सुरंग- पूरी की हैं। उन्होंने कहा कि ये पहल एकीकृत विकास के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं और इनसे देश भर में रोज़गार के हज़ारों अवसरों का सृजन हुआ है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि तमिलनाडु में समर्पित की गई नई रेल परियोजनाओं से राज्य के दक्षिणी क्षेत्र के लाखों लोगों को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि मदुरै- बोडिनायक्कनूर रेलवे लाइन के विद्युतीकरण से अब इस क्षेत्र में वंदे भारत जैसी अत्‍याधुनिक ट्रेनों के परिचालन का मार्ग प्रशस्त हो गया है। श्री मोदी ने कहा, “ये रेलवे परियोजनाएँ तमिलनाडु की प्रगति की गति को तेज़ करने और इसके विकास के पैमाने को नई शक्ति देने के लिए तैयार हैं।”

प्रधानमंत्री ने तमिलनाडु में 2,000 मेगावाट की कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा परियोजना से संबद्ध एक प्रमुख पारेषण परियोजना की आधारशिला भी रखी। 550 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से निर्मित इस प्रणाली द्वारा आने वाले वर्षों में स्वच्छ ऊर्जा की आपूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए जाने की संभावना है। श्री मोदी ने कहा कि यह ऊर्जा पहल भारत के वैश्विक ऊर्जा लक्ष्यों और पर्यावरणीय प्रतिबद्धताओं में सार्थक योगदान देगी। बिजली उत्पादन बढ़ने से तमिलनाडु में औद्योगिक क्षेत्रों और घरेलू उपयोगकर्ताओं, दोनों को बेहतर ऊर्जा उपलब्धता से पर्याप्त लाभ प्राप्त होगा।

तमिलनाडु में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की त्‍वरित प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए श्री मोदी ने कहा कि सरकार को इस योजना के तहत लगभग एक लाख आवेदन पहले ही प्राप्त हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि अब तक चालीस हज़ार से ज़्यादा सौर रूफटॉप स्थापित किए जा चुके हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह योजना न केवल मुफ़्त और स्वच्छ बिजली प्रदान करती है, बल्कि हरित रोज़गार के हज़ारों अवसरों का भी सृजन कर रही है।

तमिलनाडु के विकास और विकसित तमिलनाडु के विजन को केंद्र सरकार की प्रमुख प्रतिबद्धता करार देते हुए प्रधानमंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि तमिलनाडु के विकास से जुड़ी नीतियों को लगातार सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि पिछले एक दशक में, केंद्र सरकार ने तमिलनाडु को 3 लाख करोड़ रुपये हस्तांतरित किए हैं - जो पिछली सरकार द्वारा वितरित राशि से तीन गुना से भी अधिक है। श्री मोदी ने कहा कि इन ग्यारह वर्षों में, तमिलनाडु को ग्यारह नए मेडिकल कॉलेज मिले हैं। उन्होंने कहा कि पहली बार किसी सरकार ने तटीय क्षेत्रों में मत्स्य पालन से जुड़े समुदायों के लिए इतनी चिंता दिखाई है। उन्होंने कहा कि नीली क्रांति के माध्यम से, सरकार समावेशी विकास सुनिश्चित करते हुए तटीय अर्थव्यवस्था का विस्तार कर रही है।

श्री मोदी ने कहा, “तूतुकुड़ी विकास के एक नए अध्याय की शुरुआत का साक्षी बन रहा है।” उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि कनेक्टिविटी, बिजली पारेषण और बुनियादी ढाँचे में की गई पहल विकसित तमिलनाडु और विकसित भारत की मज़बूत नींव रख रही है। उन्होंने इन परिवर्तनकारी परियोजनाओं के लिए तमिलनाडु के सभी लोगों को बधाई देते हुए अपने संबोधन का समापन किया।

इस कार्यक्रम में तमिलनाडु के राज्यपाल श्री आर. एन. रवि, केंद्रीय मंत्री श्री राममोहन नायडू किंजरापु, डॉ. एल. मुरुगन सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

पृष्‍ठभूमि

विश्वस्तरीय हवाई अवसंरचना विकसित करने और संपर्क बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप प्रधानमंत्री ने तूतुकुड़ी हवाई अड्डे पर लगभग 450 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया, जिसे दक्षिणी क्षेत्र की बढ़ती विमानन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए तैयार किया गया है। प्रधानमंत्री ने तूतुकुड़ी हवाई अड्डे पर नए टर्मिनल भवन का अवलोकन भी किया।

17,340 वर्ग मीटर में फैला यह टर्मिनल व्यस्त समय में 1,350 यात्रियों और सालाना 20 लाख यात्रियों को संभालने की क्षमता से युक्‍त होगा, भविष्य में इसकी क्षमता बढ़ाकर व्यस्त समय में 1,800 यात्री और सालाना 25 लाख यात्री की जा सकेगी। 100 प्रतिशत एलईडी लाइटिंग, ऊर्जा-दक्ष ईएंडएम सिस्टम और ऑन-साइट सीवेज शोधन संयंत्र के माध्यम से उपचारित जल के पुन: उपयोग के साथ, इस टर्मिनल को जीआरआईएचए-4 सतत रेटिंग प्राप्त करने के लिए तैयार किया गया है। इस आधुनिक बुनियादी ढाँचे की बदौलत क्षेत्रीय हवाई संपर्क में उल्लेखनीय वृद्धि होने और दक्षिणी तमिलनाडु में पर्यटन, व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिलने की आशा है।

सड़क अवसंरचना क्षेत्र में, प्रधानमंत्री ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण दो राजमार्ग परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित किया। पहली परियोजना एनएच-36 के 50 किलोमीटर लंबे सेठियाथोप-चोलापुरम खंड को 4 लेन का बनाने से संबद्ध है, जिसे विक्रवंडी-तंजावुर कॉरिडोर के अंतर्गत 2,350 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित किया गया है। इसमें तीन बाईपास, कोल्लीडम नदी पर 1 किलोमीटर लंबा चार लेन का पुल, चार बड़े पुल, सात फ्लाईओवर और कई अंडरपास शामिल हैं, जिससे सेठियाथोप-चोलापुरम के बीच यात्रा का समय 45 मिनट कम हो जाएगा और डेल्टा क्षेत्र के सांस्कृतिक और कृषि केंद्रों से संपर्क बढ़ेगा। दूसरी परियोजना 5.16 किमी. एनएच-138 तूतुकुड़ी बंदरगाह मार्ग को 6 लेन का बनाना है, जिसे लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। अंडरपास और पुलों के निर्माण से माल ढुलाई आसान होगी, लॉजिस्टिक्स की लागत में कटौती होगी और वीओ चिदंबरनार बंदरगाह के आसपास बंदरगाह-आधारित औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

बंदरगाह के बुनियादी ढाँचे और स्वच्छ ऊर्जा पहलों को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री ने वीओ चिदंबरनार बंदरगाह पर लगभग 285 करोड़ रुपए मूल्‍य के 6.96 एमएमटीपीए कार्गो हैंडलिंग क्षमता वाले नॉर्थ कार्गो बर्थ-III का उद्घाटन किया । इससे क्षेत्र में ड्राई बल्क कार्गो की बढ़ती ज़रूरतों को पूरा करने में सहायता मिलेगी, जिससे समग्र बंदरगाह दक्षता में सुधार होगा और कार्गो संचालन लॉजिस्टिक्स के अनुकूल होगा।

प्रधानमंत्री ने स्थायी और कुशल संपर्क को बढ़ावा देने के लिए दक्षिणी तमिलनाडु में तीन प्रमुख रेलवे अवसंरचना परियोजनाओं का लोकार्पण किया। 90 किलोमीटर लंबी मदुरै- बोडिनायक्कनूर लाइन के विद्युतीकरण से पर्यावरण के अनुकूल परिवहन को बढ़ावा मिलेगा और मदुरै तथा थेनी में पर्यटन एवं आवागमन को बढ़ावा मिलेगा। तिरुवनंतपुरम-कन्याकुमारी परियोजना के अंतर्गत, 21 किलोमीटर लंबे नागरकोइल टाउन-कन्याकुमारी खंड का 650 करोड़ रुपए की लागत से दोहरीकरण, तमिलनाडु और केरल के बीच संपर्क को मज़बूत करेगा। इसके अतिरिक्त, अरलवयमोझी-नागरकोइल जंक्शन (12.87 किमी) और तिरुनेलवेली-मेलाप्पलायम (3.6 किमी) खंडों के दोहरीकरण से चेन्नई-कन्याकुमारी जैसे प्रमुख दक्षिणी मार्गों पर यात्रा का समय कम होगा और यात्री एवं माल ढुलाई क्षमता में सुधार के माध्यम से क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण को बढ़ावा मिलेगा।

राज्य की विद्युत अवसंरचना को और सुदृढ़ तथा सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री ने एक प्रमुख विद्युत पारेषण परियोजना- कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र की इकाई 3 और 4 (2x1000 मेगावाट) से बिजली की निकासी हेतु अंतर-राज्यीय पारेषण प्रणाली (आईएसटीएस) की आधारशिला रखी। लगभग 550 करोड़ रुपए की लागत से विकसित इस परियोजना में कुडनकुलम से तूतुकुड़ी-II जीआईएस सबस्टेशन और संबंधित टर्मिनल उपकरणों तक 400 केवी (क्वाड) डबल-सर्किट ट्रांसमिशन लाइन शामिल होगी। यह राष्ट्रीय ग्रिड को मजबूत करने, विश्वसनीय स्वच्छ ऊर्जा वितरण सुनिश्चित करने और तमिलनाडु तथा अन्य लाभार्थी राज्यों की बिजली की बढ़ती मांगों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

पूरा भाषण पढ़ने के लिए यहां क्लिक कीजिए

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
PM Modi Leads International Yoga Day Event In Kolkata, Says It Has Become 'World's Biggest Festival'

Media Coverage

PM Modi Leads International Yoga Day Event In Kolkata, Says It Has Become 'World's Biggest Festival'
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
योग सबको जोड़ता है और एकता का संदेश देता है: कोलकाता में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर पीएम मोदी
June 21, 2026
Yoga connects us all and brings us together: PM
When yoga becomes a way of life, it becomes the foundation of human unity: PM
Yoga helps us tune our bodies to be flexible; It keeps our energy levels high: PM
Yoga teaches us the art of living a balanced life: PM
Yoga shows the path from mental well-being to physical well-being: PM

मंच पर विराजमान राज्यपाल श्री आर एन रवि जी, ऊर्जावान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी जी, केंद्र में मेरे सहयोगी प्रतापराव जाधव जी, अन्य सभी महानुभाव, यहां कोलकाता में जुटे सभी प्रतिभागी, देश-विदेश में योग से जुड़ रहे सभी साथी, और मेरे प्यारे देशवासियों! 

21 जून का ये दिन, पृथ्वी के कुछ भूभाग पर साल में सबसे लंबी अवधि का दिन होता है। और अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के कारण 21 जून का ये दिन विश्व के सबसे बड़े सामूहिक उत्सव का दिन भी बन गया है। विश्व के अलग-अलग हिस्सों से योग की एक से एक अद्भुत तस्वीरें आ रहीं हैं। भारत में हिमालय से लेकर हिन्द महासागर तक, पूर्वोत्तर और पूरब में बंगाल से लेकर पश्चिम में सौराष्ट्र तक, पूरा देश योग की ऊर्जा से चैतन्य से भरा हुआ नज़र आ रहा है। पूरा देश, पूरा विश्व एक दूसरे से जुड़ा हुआ नज़र आ रहा है और यही तो योग की ताकत है। योग सबको जोड़ता है, योग सबको साथ लाता है। मैं इस अवसर पर पूरे विश्व को, संपूर्ण मानव समुदाय को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूँ। 

साथियों,

आज योग दिवस पर मैं खासकर के पूरे बंगाल में, कोलकाता में, यहां बने स्वच्छता के योग के लिए भी कोलकाता वासियों की सराहना करूंगा। ये अद्भुत पहल है- स्वच्छता से स्वागत पहल के लिए जिस तरह यहां लगातार श्रम किया गया है, नागरिक कर्तव्य निभाया गया है, वो सभी देशवासियों के लिए आज एक बहुत बड़ी प्रेरणा बन गया है।

साथियों,

योग दिवस के अवसर पर आज बंगाल में होना बहुत ही विशेष है। बंगाल की ये पवित्र भूमि, जहां भगवान रामकृष्ण परमहंस जैसे सिद्ध संतों ने अवतार लिया, जहां से निकलकर स्वामी विवेकानंद ने पूरे विश्व को योग से परिचय कराया, जहां महर्षि अरविंद जैसे महान योगी ने जन्म लिया, लाहिड़ी महाशय जैसे महान योगियों ने जहां योग परंपरा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया, आज उसी धरती पर सामूहिक योग का अनुभव, एक अलग आध्यात्मिक अनुभूति दे रहा है। इसी बंगाल की धरती पर जन्मे गुरुदेव रवीन्द्रनाथ ठाकुर का मानना था कि मनुष्य की पहचान अलग-अलग रहने में नहीं, बल्कि अपने आसपास की दुनिया से जुड़ने में है। यही जुड़ाव योग का मूल भाव है। महर्षि अरविंद भी कहते थे- हमारा पूरा जीवन योग है, चाहे हमें इसका बोध हो या ना हो। योग जब स्वभाव में आता है तो वो मानवीय एकता का आधार बन जाता है।

साथियों,

योग केवल शारीरिक श्रम का साधन नहीं है। योग किसी एक आयु वर्ग के लिए सीमित भी नहीं है। भारत में हम जानते हैं और देखते आए हैं, योग मानव के जीवन का चेतना के साथ, ऊर्जा के साथ एक प्रकाश भी है। इसीलिए, इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम रखी गई है- Yoga for Healthy Ageing है। उम्र बढ़ने पर भी हम स्वस्थ रह सकते हैं, हम ऊर्जावान और सक्रिय रह सकते हैं, योग हमें इसके लिए मार्ग दिखाता है। Friends, When we speak of "Yoga for Healthy Aging," It means that we can work to ensure that age does not reduce human potential. Yoga can help human life to aspire for constant growth. Our target must be to be more flexible at 40 than we were at 20. Our target must be to be more energetic at 50 than we were at 30. Our target must be to be more resistant to lifestyle diseases at 70 than we were at 50. This is where Yoga can help us. It helps us tune our bodies to be flexible. It keeps our energy levels high, it also helps us maintain a calm stress-free life and helps keep lifestyle diseases away. Moreover, with regular practice, Yoga teaches us to remain lifelong learners of our own bodies and minds. The more we know about ourselves, the better we can manage ourselves. That is why, Yoga for Healthy Aging. This theme must be seen as one for people of all ages, not just for the elderly.

साथियों,

गीता में भगवान कृष्ण ने योग के विषय में कहा है-

युक्त आहार विहारस्य, युक्त चेष्टस्य कर्मसु।

युक्त स्वप्न अव-बोधस्य, योगो भवति दुःखहा॥

अर्थात्, संतुलित आहार विहार से, संतुलित क्रियाओं और कर्मों से संतुलित नींद और जागने से, योग दुःखों का नाश करने वाला हो जाता है। ये संतुलन ही योग का आधार है। यही संतुलन हमारे जीवन का आधार भी है। लेकिन ज्यादातर लोग आज इस आधुनिक समय में जीवन के असंतुलन से ही जूझ रहे हैं, बहुत मशक्कत करनी पड़ रही है उनको, योग हमें जीवन को balanced way में जीने की कला सिखाता है। योग हमें do’s और don’ts सिखाता है। और जब हम हमारे शरीर को सही ढंग से चलाना सीख लेते हैं, तो स्वास्थ्य हमारा स्वभाव बन जाता है।

साथियों,

योग केवल हमारे शारीरिक स्वास्थ्य पर ही फोकस नहीं करता, योग मानसिक स्वास्थ्य से शारीरिक स्वास्थ्य का मार्ग दिखाता है। इसीलिए, योग के विषय में “युक्त चेष्टस्य कर्मसु” कहा गया है। यानी, हमें क्या करना चाहिए, क्या नहीं करना चाहिए, इसका बोध! ये बोध हमारे जीवन में शांति का स्रोत तो बनता ही है, इससे विश्व शांति का मार्ग भी खुलता है। इसीलिए, योग आज केवल हमारी पर्सनल लाइफ़-स्टाइल के लिए जरूरी नहीं है इतना ही नहीं है, योग दुनिया के बेहतर भविष्य के लिए एक आवश्यकता भी है।

साथियों,

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर करोड़ों लोग योग से जुड़ते हैं। लेकिन आज का ये दिन हमें अपने साझा संकल्प को फिर दोहराने का अवसर देता है। आइए, हम संकल्प लें, योग को केवल एक दिवस तक सीमित नहीं रखेंगे, योग को केवल एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखेंगे। हम योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाएंगे। अपने परिवार का हिस्सा बनाएंगे। अपनी आने वाली पीढ़ियों का हिस्सा बनाएंगे।

साथियों,

इसी दिशा में, इस वर्ष "योग 365" की पहल को भी आगे बढ़ाया गया है। इसके तहत 100 दिन के ऑनलाइन योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें अभूतपूर्व जनभागीदारी देखी गई है। 130 देशों के 30 लाख से अधिक लोगों ने इसमें भाग लिया है।

साथियों,

जब समाज स्वस्थ होगा, तब राष्ट्र भी अधिक सक्षम, अधिक समृद्ध और आत्मविश्वासी बनेगा। मैं आप सबके लिए कामना करता हूं, "सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः।" इसी के साथ आप सभी को एक बार फिर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

बहुत-बहुत धन्यवाद!