इस दिन, राष्ट्र ने सरदार पटेल की फौलादी इच्छाशक्ति का एक ज्वलंत उदाहरण देखा था, जब भारतीय सेना ने हैदराबाद को अनेकों अत्याचारों से मुक्त कराया था।
प्रधानमंत्री ने कहाः 'मां भारती' के सम्मान, गौरव और प्रतिष्ठा से बढ़कर कुछ भी नहीं है
प्रधानमंत्री ने कहाः 'स्वस्थ नारी सशक्त परिवार' अभियान हमारी माताओं और बहनों को समर्पित है
प्रधानमंत्री ने कहाः गरीबों की सेवा मेरे जीवन का सर्वोच्च उद्देश्य है
प्रधानमंत्री ने कहाः हम कपड़ा उद्योग के लिए 5एफ विजन की प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहे हैं - फार्म से फाइबर, फाइबर से फैक्ट्री, फैक्ट्री से फैशन और फैशन से विदेश
प्रधानमंत्री ने कहाः विश्वकर्मा भाई-बहन मेक इन इंडिया के पीछे एक बड़ी ताकत हैं
प्रधानमंत्री ने कहाः जो पीछे रह गए हैं वे हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता हैं

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज मध्य प्रदेश के धार में विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया। प्रधानमंत्री ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए धार भोजशाला की पूजनीय माता और ज्ञान की देवी, वाग्देवी के चरणों में नमन किया। उन्होंने कहा कि आज कौशल और सृजन के देवता, दिव्य शिल्पकार भगवान विश्वकर्मा की जयंती है। उन्होंने भगवान विश्वकर्मा को नमन किया। प्रधानमंत्री ने अपनी शिल्पकला और समर्पण से राष्ट्र निर्माण में लगे करोड़ों भाइयों और बहनों को भी नमन किया।

श्री मोदी ने कहा कि धार की धरती ने हमेशा वीरता की प्रेरणा दी है। उन्होंने कहा, "महाराजा भोज की वीरता हमें राष्ट्रीय गौरव की रक्षा के लिए अडिग रहने का संदेश देती है"। उन्होंने आगे कहा कि महर्षि दधीचि का बलिदान हमें मानवता की सेवा का संकल्प दिलाता है। इसी विरासत से प्रेरणा लेते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि आज राष्ट्र, मां भारती की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। उन्होंने याद दिलाया कि पाकिस्तान से आए आतंकवादियों ने हमारी बहनों और बेटियों के सिंदूर को नष्ट किया था, और कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से हमने उनके आतंकी ठिकानों को नष्ट कर दिया। श्री मोदी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि हमारे बहादुर सैनिकों ने पलक झपकते ही पाकिस्तान को घुटनों पर ला दिया। हाल की एक घटना का उल्लेख करते हुए, उन्होंने कहा कि कल ही एक और पाकिस्तानी आतंकवादी रो रहा था और अपनी आपबीती सुना रहा था।

प्रधानमंत्री ने कहा, "यह नया भारत है, जो किसी की भी प्रकार की परमाणु धमकियों से नहीं डरता और सीधे आतंकी ठिकानों पर प्रहार करके जवाब देता है।" उन्होंने इस बात का भी उल्लेख किया कि 17 सितंबर का दिन एक ऐतिहासिक अवसर है, आज ही के दिन राष्ट्र सरदार पटेल के दृढ़ संकल्प का गवाह बना था। इसी दिन, भारतीय सेना ने हैदराबाद को असंख्य अत्याचारों से मुक्त कराया था और इसके बाद ही यह भारत का अभिन्न अंग बना। श्री मोदी ने ज़ोर देकर कहा कि इस महान उपलब्धि और सशस्त्र बलों की वीरता को अब सरकार द्वारा औपचारिक रूप से सम्मानित किया गया है। आज का दिन अब हैदराबाद मुक्ति दिवस के रूप में मनाया जाता है, जो देश की एकता का प्रतीक है। उन्होंने विशेष बल देते हुए कहा कि हैदराबाद मुक्ति दिवस हमें याद दिलाता है कि भारत माता के सम्मान, गौरव और प्रतिष्ठा से बड़ा कुछ भी नहीं है। उन्होंने पुष्टि की कि जीवन का प्रत्येक क्षण राष्ट्र को समर्पित होना चाहिए।

श्री मोदी ने ज़ोर देकर कहा कि हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने राष्ट्र के लिए अपना सर्वस्व बलिदान करने की शपथ ली और अपना जीवन देश को समर्पित कर दिया। उन्होंने बताया कि उनका सपना औपनिवेशिक शासन की बेड़ियों से मुक्त और तेज़ी से आगे बढ़ने वाले विकसित भारत का रहा। इसी विरासत से प्रेरणा लेते हुए, उन्होंने कहा कि आज 140 करोड़ भारतीयों ने एक विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लिया है। इस यात्रा के चार प्रमुख स्तंभों: भारत की नारी शक्ति, युवा शक्ति, गरीब और किसान, को रेखांकित करते हुए, प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि आज के कार्यक्रम से विकसित भारत के सभी चार स्तंभों को मजबूती मिली है। उन्होंने कार्यक्रम में माताओं, बहनों और बेटियों की भारी उपस्थिति का आभार व्यक्त किया और महिला सशक्तिकरण पर दिए गए विशेष ध्यान का विशेष तौर पर उल्लेख करते हुए कहा, "इस मंच से 'स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार' अभियान का शुभारंभ किया गया है।"

यह देखते हुए कि 'आदि सेवा पर्व' की गूंज देश भर में विभिन्न चरणों में पहले से ही सुनाई दे रही है, श्री मोदी ने आज से इसके मध्य प्रदेश संस्करण के शुभारंभ की घोषणा की। प्रधानमंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि यह अभियान धार सहित मध्य प्रदेश के आदिवासी समुदायों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से सीधे जोड़ने के लिए एक सेतु का काम करेगा।

विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर धार में भारत के सबसे बड़े एकीकृत टेक्सटाइल पार्क की नींव रखते हुए एक बड़ी औद्योगिक पहल की घोषणा करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि यह पार्क देश के कपड़ा उद्योग में नई ऊर्जा का संचार करेगा। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलेगा और बड़ी संख्या में युवाओं को रोज़गार के अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने इन परियोजनाओं और अभियानों के लिए सभी नागरिकों को बधाई दी।

माताओं और बहनों - भारत की नारी शक्ति - को राष्ट्र की प्रगति का आधार बताते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि जब एक मां स्वस्थ होती है, तो पूरा घर सुचारू रूप से चलता है और अगर वह बीमार पड़ती है, तो पूरा परिवार अस्त-व्यस्त हो जाता है। उन्होंने 'स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार' अभियान के महत्व पर ज़ोर देते हुए कहा कि किसी भी महिला को जागरूकता या संसाधनों की कमी के कारण कष्ट नहीं सहना चाहिए। श्री मोदी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि कई बीमारियां, खासकर वे बीमारियां जो महिलाओं के लिए उच्च जोखिम पैदा करती हैं, जांच में देरी के कारण चुपचाप बढ़ती रहती हैं और गंभीर हो जाती हैं। इस अभियान के तहत रक्तचाप और मधुमेह से लेकर एनीमिया, तपेदिक और कैंसर जैसी बीमारियों की जांच की जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी प्रकार की जांच और दवाएं निःशुल्क प्रदान की जाएंगी और इनका खर्च सरकार वहन करेगी। आगे के इलाज के लिए, आयुष्मान कार्ड एक सुरक्षा कवच का काम करेगा। उन्होंने कहा कि यह अभियान आज से 2 अक्टूबर तक चलेगा। प्रधानमंत्री ने देश भर की माताओं, बहनों और बेटियों से अपने स्वास्थ्य के लिए समय निकालने, स्वास्थ्य शिविरों में बड़ी संख्या में भाग लेने और अपने समुदायों की अन्य महिलाओं के बीच जागरूकता फैलाने का आग्रह किया। उन्होंने सामूहिक संकल्प का आह्वान किया - कोई भी मां पीछे न छूटे, कोई भी बेटी पीछे न छूटे।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि माताओं, बहनों और बेटियों का स्वास्थ्य राष्ट्रीय प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सरकार गर्भवती महिलाओं और बालिकाओं के समुचित पोषण को सुनिश्चित करने के लिए मिशन मोड में काम कर रही है। उन्होंने आज से आठवें राष्ट्रीय पोषण माह की शुरुआत की घोषणा की। श्री मोदी ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि विकासशील भारत में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करना आवश्यक है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए, सरकार ने 2017 में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना शुरू की। इस योजना के तहत, पहली बेटी के जन्म पर 5,000 रुपये और दूसरी बेटी के जन्म पर 6,000 रुपये सीधे बैंक खाते में हस्तांतरित किए जाते हैं। प्रधानमंत्री ने बताया कि अब तक 4.5 करोड़ गर्भवती माताओं को इस योजना का लाभ मिला है और 19,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की गई है। उन्होंने आगे कहा कि आज ही के दिन, एक क्लिक से 15 लाख से अधिक गर्भवती महिलाओं को सहायता राशि भेजी गई। उन्होंने बताया कुल 450 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे उनके खातों में जमा की गई।

मध्य प्रदेश की धरती से एक और बड़ी स्वास्थ्य पहल, आदिवासी क्षेत्रों में सिकल सेल एनीमिया की गंभीर चुनौती के समाधान, का ज़िक्र करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार आदिवासी समुदायों को इस बीमारी से बचाने के लिए एक राष्ट्रीय मिशन चला रही है। इस मिशन की शुरुआत 2023 में मध्य प्रदेश के शहडोल से की गई थी, वहां पहला सिकल सेल स्क्रीनिंग कार्ड जारी किया गया था। श्री मोदी ने कहा, "आज मध्य प्रदेश में एक करोड़वां स्क्रीनिंग कार्ड वितरित किया गया है और इस अभियान के तहत देश भर में पांच करोड़ से ज़्यादा लोगों की जांच की जा चुकी है।" प्रधानमंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि सिकल सेल स्क्रीनिंग ने आदिवासी समुदायों के लाखों लोगों के जीवन की रक्षा करने में मदद की है। उन्होंने आदिवासी माताओं और बहनों से विशेष अपील की कि वे सिकल सेल एनीमिया की जांच अवश्य करवाएं।

माताओं और बहनों के जीवन को आसान बनाने और उनकी कठिनाइयों को कम करने के अपने निरंतर प्रयास को रेखांकित करते हुए, श्री मोदी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि स्वच्छ भारत अभियान के तहत करोड़ों शौचालयों का निर्माण, उज्ज्वला योजना के तहत मुफ्त एलपीजी कनेक्शन का प्रावधान और घरेलू जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जल जीवन मिशन जैसी पहलों ने महिलाओं के लिए दैनिक चुनौतियों को काफी कम कर दिया है। प्रधानमंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की पेशकश करने वाली आयुष्मान भारत योजना ने महिलाओं के स्वास्थ्य परिणामों में सुधार किया है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मुफ्त राशन योजना के बल पर ही यह सुनिश्चित हुआ कि कोविड-19 महामारी के कठिन समय में भी, गरीब माताओं की रसोई का चूल्हा न बुझे। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत मुफ्त अनाज वितरण जारी है। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदान किए गए अधिकांश घर महिलाओं के नाम पर पंजीकृत हैं।

श्री मोदी ने कहा कि सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर ज़ोर दे रही है, करोड़ों महिलाएं नए व्यवसाय शुरू करने और उद्योग स्थापित करने के लिए मुद्रा योजना के माध्यम से ऋण प्राप्त कर रही हैं। उन्होंने आगे कहा कि सरकार तीन करोड़ महिलाओं को 'लखपति दीदी' बनाने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है, जिनमें से लगभग दो करोड़ महिलाएं पहले ही यह उपलब्धि हासिल कर चुकी हैं। महिलाओं को बैंक सखी और ड्रोन दीदी के रूप में प्रशिक्षित करके ग्रामीण अर्थव्यवस्था के केंद्र में स्थापित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं परिवर्तन की एक नई लहर चला रही हैं।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि पिछले 11 वर्षों में, गरीबों का कल्याण और उनके जीवन में सुधार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। उन्होंने इस विश्वास को दोहराया कि राष्ट्र तभी प्रगति कर सकता है जब गरीब प्रगति करेंगे। उन्होंने कहा कि गरीबों की सेवा कभी व्यर्थ नहीं जाती; थोड़े से सहयोग से भी, वे बड़ी चुनौतियों से पार पाने का साहस दिखाते हैं। श्री मोदी ने बताया कि उन्होंने स्वयं गरीबों की भावनाओं और संघर्षों को जिया है और उनके दर्द को अपना दर्द बनाया है। उन्होंने दोहराया कि गरीबों की सेवा ही उनके जीवन का सबसे बड़ा उद्देश्य है। इसी के अनुरूप, सरकार गरीबों को केंद्र में रखकर योजनाएं बनाती और लागू करती रहती है।

प्रधानमंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि सरकार की नीतियों का असर अब दुनिया को दिखाई दे रहा है और भारत में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकल आए हैं। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि इस बदलाव ने पूरे समाज में आत्मविश्वास की एक नई भावना जगाई है। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि ये प्रयास सिर्फ़ योजनाएं नहीं हैं, ये गरीब माताओं, बहनों और बेटियों के जीवन में बदलाव की गारंटी हैं। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि गरीबों के चेहरे पर मुस्कान लाना और महिलाओं के सम्मान की रक्षा करना उनकी सर्वोच्च निष्ठा और अटूट प्रतिबद्धता है।

प्रधानमंत्री ने मध्य प्रदेश में माहेश्वरी वस्त्रों की समृद्ध परंपरा पर प्रकाश डाला। उन्होंने देवी अहिल्याबाई होल्कर द्वारा माहेश्वरी साड़ी को एक नया आयाम दिए जाने का उल्लेख करते हुए, हाल ही में आयोजित उनकी 300वीं जयंती के उत्सव को याद किया। श्री मोदी ने कहा कि उनकी विरासत अब धार स्थित पीएम मित्र पार्क के माध्यम से आगे बढ़ रही है। उन्होंने ने बताया कि यह पार्क कपास और रेशम जैसी आवश्यक बुनाई सामग्री तक आसान पहुंच प्रदान करेगा, गुणवत्ता जांच को सरल बनाएगा और बाज़ार संपर्क को बढ़ाएगा। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि कताई, डिज़ाइनिंग, प्रसंस्करण और निर्यात सभी एक ही सुविधा के अंतर्गत होंगे, इससे संपूर्ण वस्त्र मूल्य श्रृंखला एक ही स्थान पर उपलब्ध होगी। उन्होंने कपड़ा उद्योग के लिए 5एफ विज़न— विजन - फार्म से फाइबर, फाइबर से फैक्ट्री, फैक्ट्री से फैशन और फैशन से विदेश —के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई, इससे उत्पादन से वैश्विक बाज़ारों तक एक तेज़ और अधिक निर्बाध यात्रा सुनिश्चित होगी।

प्रधानमंत्री ने धार में पीएम मित्र पार्क के लिए लगभग 1,300 एकड़ भूमि आवंटित होने और 80 से अधिक औद्योगिक इकाइयों के आवंटन का उल्लेख करते हुए कहा कि बुनियादी ढांचे का विकास और कारखाना निर्माण साथ-साथ जारी रहेंगे। इस पार्क से तीन लाख नए रोजगार अवसर पैदा होने की उम्मीद है। श्री मोदी ने ज़ोर देकर कहा कि यह पार्क लॉजिस्टिक्स और विनिर्माण लागत को काफ़ी कम करेगा, इससे भारतीय उत्पाद ज़्यादा किफ़ायती और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनेंगे। उन्होंने इस पहल के लिए मध्य प्रदेश के लोगों को विशेष बधाई दी और बताया कि सरकार देश भर में छह और पीएम मित्र पार्क स्थापित करने की योजना बना रही है।

प्रधानमंत्री ने विश्वकर्मा पूजा के राष्ट्रव्यापी उत्सव पर प्रकाश डाला और इसे पीएम विश्वकर्मा योजना की सफलता का जश्न मनाने का भी क्षण बताया। उन्होंने देश भर के विश्वकर्मा भाइयों और बहनों को विशेष शुभकामनाएं दीं, इनमें बढ़ई, लोहार, सुनार, कुम्हार, राजमिस्त्री, पीतल, तांबे और अन्य पारंपरिक शिल्प के कारीगर शामिल हैं। यह देखते हुए कि उनके उत्पाद और कौशल गांवों और शहरों दोनों में रोजमर्रा की आवश्यकताओं को पूरा करते उन्होंने मेक इन इंडिया पहल के पीछे एक प्रेरक शक्ति के रूप में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को स्वीकार किया। श्री मोदी ने संतोष व्यक्त किया कि पीएम विश्वकर्मा योजना ने कम समय में 30 लाख से अधिक कारीगरों और शिल्पकारों को लाभ पहुंचाया है। आगे विस्तार से बताते हुए, उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से लाभार्थियों को कौशल प्रशिक्षण, डिजिटल मार्केटिंग और आधुनिक उपकरण प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि छह लाख से अधिक विश्वकर्मा भागीदारों को नए उपकरण प्रदान किए गए हैं, और उनके काम का समर्थन करने के लिए 4,000 करोड़ रुपये से अधिक के ऋण वितरित किए गए हैं।

श्री मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना से समाज के उन वर्गों को सबसे ज़्यादा लाभ हुआ है जो दशकों से उपेक्षित थे। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि गरीब विश्वकर्मा भाई-बहनों के पास हुनर ​​तो है, लेकिन पिछली सरकारों के पास उनकी प्रतिभा को आगे बढ़ाने या उनके जीवन को बेहतर बनाने की कोई योजना नहीं थी। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने उनकी कारीगरी को प्रगति में बदलने के रास्ते तैयार किए हैं। अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए, श्री मोदी ने कहा कि जो लोग पीछे छूट गए हैं, वे सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बने रहेंगे।

प्रधानमंत्री ने धार को अपना पूरा जीवन "राष्ट्र प्रथम" की भावना के साथ राष्ट्र को समर्पित करने वाले श्रद्धेय कुशाभाऊ ठाकरे की जन्मस्थली बताया। उन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि राष्ट्र को सर्वोपरि रखने की यही भावना भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रेरित करती रहेगी।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि त्योहारों का मौसम स्वदेशी के मंत्र को पुनः पुष्ट करने का भी समय है। उन्होंने नागरिकों से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि वे जो भी खरीदें या बेचें, वह भारत में निर्मित हो। महात्मा गांधी द्वारा स्वदेशी को स्वतंत्रता के साधन के रूप में इस्तेमाल करने को याद करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि अब इसे एक विकसित भारत की नींव बनना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह तभी संभव होगा जब लोग स्वदेशी उत्पादों पर गर्व महसूस करेंगे। श्री मोदी ने नागरिकों को भारत में निर्मित वस्तुओं को चुनने के लिए प्रोत्साहित किया—चाहे वह छोटी-मोटी वस्तुएं हों, बच्चों के खिलौने हों, दिवाली की मूर्तियां हों, घर की सजावट का सामान हो, या मोबाइल, टीवी और रेफ्रिजरेटर जैसी बड़ी खरीदारी हो। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि यह जांचना आवश्यक है कि कोई उत्पाद भारत में बना है या नहीं, क्योंकि स्वदेशी खरीदने से पैसा देश में ही रहता है, पूंजी का बहिर्वाह रुकता है और राष्ट्रीय विकास में सीधा योगदान होता है। उन्होंने कहा कि यह पैसा सड़कों, गांव के स्कूलों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण में मदद करता है और गरीबों तक पहुंचने वाली कल्याणकारी योजनाओं में काम आता है।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि जब आवश्यक वस्तुओं का निर्माण घरेलू स्तर पर होता है, तो वे देशवासियों के लिए रोज़गार का सृजन करती हैं। नवरात्रि की शुरुआत के साथ ही 22 सितंबर से जीएसटी की कम दरें लागू होने के साथ, उन्होंने सभी से स्वदेशी उत्पाद खरीदने और संशोधित दरों का लाभ उठाने का आग्रह किया। उन्होंने अपने भाषण के अंत में "गर्व से कहो: यही स्वदेशी है" मंत्र को याद रखने और दोहराने का आह्वान किया और सभी को त्योहारों की शुभकामनाएं दीं।

इस कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के राज्यपाल श्री मंगूभाई पटेल, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

पृष्ठभूमि

स्वास्थ्य, पोषण, तंदुरुस्ती और एक स्वस्थ एवं सशक्त भारत के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप, प्रधानमंत्री ने 'स्वस्थ नारी सशक्त परिवार' और 'आठवें राष्ट्रीय पोषण माह' अभियान की शुरुआत की। यह अभियान 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक देश भर के आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी), जिला अस्पतालों और अन्य सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं में आयोजित किया जाएगा। एक लाख से ज़्यादा स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे, इससे यह देश में महिलाओं और बच्चों के लिए अब तक का सबसे बड़ा स्वास्थ्य अभियान बन जाएगा। देश भर के सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में प्रतिदिन स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे।

इस राष्ट्रव्यापी सघन अभियान का उद्देश्य सामुदायिक स्तर पर महिला-केंद्रित निवारक, प्रोत्साहनकारी और उपचारात्मक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है। यह गैर-संचारी रोगों, एनीमिया, तपेदिक और सिकल सेल रोग की जांच, शीघ्र पहचान और उपचार सम्बंधों को मज़बूत करेगा, साथ ही प्रसवपूर्व देखभाल, टीकाकरण, पोषण, मासिक धर्म स्वच्छता, जीवनशैली और मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से मातृ, शिशु और किशोर स्वास्थ्य को बढ़ावा देगा। स्त्री रोग, बाल रोग, नेत्र रोग, ईएनटी, दंत चिकित्सा, त्वचा रोग और मनोचिकित्सा सहित विशेषज्ञ सेवाएं मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों, केंद्र सरकार के संस्थानों और निजी अस्पतालों के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएंगी।

इस अभियान के तहत देशव्यापी रक्तदान अभियान भी चलाए जाएंगे। रक्तदाताओं का पंजीकरण ई-रक्तकोष पोर्टल पर किया जाएगा और माई-गव के माध्यम से रक्तदान प्रतिज्ञा अभियान चलाए जाएंगे। लाभार्थियों का नामांकन पीएम-जेएवाई, आयुष्मान वय वंदना और आभा योजना के अंतर्गत किया जाएगा। कार्ड सत्यापन और शिकायत निवारण के लिए स्वास्थ्य शिविरों में हेल्पडेस्क स्थापित किए जाएंगे। महिलाओं और परिवारों के लिए समग्र स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती को बढ़ावा देने हेतु योग सत्र, आयुर्वेद परामर्श और अन्य आयुष सेवाएं आयोजित की जाएंगी। यह अभियान मोटापे की रोकथाम, बेहतर पोषण और स्वैच्छिक रक्तदान पर विशेष ज़ोर देते हुए समुदायों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करेगा। नागरिकों को समर्पित मंच ( www.nikshay.in ) पर निक्षय मित्र के रूप में पंजीकरण करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा ताकि टीबी (तपेदिक) रोगियों को पोषण, परामर्श और समग्र समाज देखभाल प्रदान की जा सके।

प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत देशभर की पात्र महिलाओं के बैंक खातों में एक क्लिक से सीधे धनराशि हस्तांतरित की। इससे देश की लगभग दस लाख महिलाओं को लाभ होगा।

प्रधानमंत्री ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए सुमन सखी चैटबॉट लॉन्च किया। यह चैटबॉट ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में गर्भवती महिलाओं को समय पर और सटीक जानकारी प्रदान करेगा, इससे आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं तक उनकी पहुंच सुनिश्चित होगी।

सिकल सेल एनीमिया के खिलाफ राष्ट्र की सामूहिक लड़ाई को आगे बढ़ाते हुए, प्रधानमंत्री ने राज्य के लिए एक करोड़वां सिकल सेल स्क्रीनिंग और परामर्श कार्ड वितरित किया।

आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत, प्रधानमंत्री ने मध्य प्रदेश के लिए 'आदि सेवा पर्व' का शुभारंभ किया, यह आदिवासी गौरव और राष्ट्र निर्माण की भावना के संगम का प्रतीक होगा। इस पहल में आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, कौशल विकास, आजीविका संवर्धन, स्वच्छता, जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण पर केंद्रित सेवा-उन्मुख गतिविधियों की एक श्रृंखला शामिल होगी। जनजातीय ग्राम कार्य योजना और जनजातीय ग्राम विजन 2030 पर विशेष बल दिया जाएगा, इसका उद्देश्य प्रत्येक गांव के लिए दीर्घकालिक विकास रोडमैप तैयार करना है।

अपने 5एफ विजन - फार्म से फाइबर, फाइबर से फैक्ट्री, फैक्ट्री से फैशन और फैशन से विदेश - के अनुरूप, प्रधानमंत्री ने धार में पीएम मित्र पार्क का उद्घाटन किया। 2,150 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैले इस पार्क में कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट, सौर ऊर्जा संयंत्र, आधुनिक सड़कों सहित विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जो इसे एक आदर्श औद्योगिक टाउनशिप बनाती हैं। इससे क्षेत्र के कपास उत्पादकों को भी काफी लाभ होगा क्योंकि इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी और उन्हें उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा।

विभिन्न कपड़ा कंपनियों ने 23,140 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों की प्रतिबद्धता जताई है, जिससे नए उद्योगों और बड़े पैमाने पर रोज़गार का मार्ग प्रशस्त होगा। इससे लगभग 3 लाख रोज़गार के अवसर पैदा होंगे और निर्यात को भी उल्लेखनीय बढ़ावा मिलेगा।

पर्यावरण संरक्षण और महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप, प्रधानमंत्री ने राज्य की "एक बगिया मां के नाम" पहल के अंतर्गत एक महिला स्वयं सहायता समूह की एक लाभार्थी को एक पौधा भेंट किया। मध्य प्रदेश में 10,000 से ज़्यादा महिलाएं "मां की बगिया" विकसित करेंगी। महिला समूहों को पौधों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक संसाधन भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

पूरा भाषण पढ़ने के लिए यहां क्लिक कीजिए

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
PM Modi’s pitch for a new role for Indian colleges: build global ambition

Media Coverage

PM Modi’s pitch for a new role for Indian colleges: build global ambition
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
Prime Minister shares a Sanskrit Subhashitam, highlighting prayers for peace, well-being, and harmony with nature
September 07, 2026

Prime Minister Shri Narendra Modi shared a Sanskrit Subhashitam today, highlighting prayers for peace, well-being, and harmony with nature.

The Prime Minister wrote on X;

"शं नो वातः पवतां शं नस्तपतु सूर्यः।

शं नः कनिक्रदद् देवः पर्जन्योऽभिवर्षतु॥"

May the wind blow for us in a peaceful, wholesome, and purifying way. May the Sun shine upon us as a source of well-being and blessing. May it's warmth and light bring us comfort and joy. And may the divine Rain-God, Parjanya, shower life-giving and auspicious rain upon us.