दादरा और नगर हवेली, दमण और दीव हमारा गौरव हैं, हमारी विरासत हैं: प्रधानमंत्री
दादरा और नगर हवेली, दमण और दीव कई योजनाओं में संतृप्ति स्तर पर पहुंच गए हैं: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी
जन औषधि यानी सस्ते इलाज की गारंटी! जन औषधि का मंत्र है - कम कीमत, प्रभावी दवाएं: प्रधानमंत्री
हम सभी को अपने भोजन में 10 प्रतिशत खाना पकाने के तेल को कम करना चाहिए, हर महीने 10 प्रतिशत कम तेल से काम चलाना चाहिए, यह मोटापा कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा: प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज केंद्र शासित प्रदेश दादरा और नगर हवेली तथा दमण और दीव के सिलवासा में 2580 करोड़ रुपये से अधिक के विभिन्न विकास कार्यों का शुभारंभ किया। उन्होंने कार्यक्रम से पहले सिलवासा में नमो अस्पताल का भी उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्र शासित प्रदेश दादरा और नगर हवेली, दमण और दीव के समर्पित कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया, जिन्होंने उन्हें इस क्षेत्र से मिलने और जुड़ने का अवसर दिया। उन्होंने लोगों के साथ अपनी गर्मजोशी और लंबे समय से चले आ रहे जुड़ाव को स्वीकार किया और बताया कि इस क्षेत्र के साथ उनका रिश्ता दशकों पुराना है। उन्होंने वर्ष 2014 में उनकी सरकार के सत्ता में आने के बाद से इस क्षेत्र में हुई प्रगति पर प्रकाश डाला, जिसने दादरा और नगर हवेली, दमण और दीव की क्षमता को एक आधुनिक और प्रगतिशील पहचान में बदल दिया है।

श्री मोदी ने कहा, "सिलवासा की प्राकृतिक सुंदरता और यहां के लोगों का स्नेह, साथ ही दादरा और नगर हवेली, दमण और दीव, आप सभी से मेरा कितना पुराना नाता है। यह दशकों पुराना यह रिश्ता है। यहां आने पर मुझे जो खुशी मिलती है, उसे केवल आप और मैं ही समझ सकते हैं।" प्रधानमंत्री ने कहा कि जब वे पहली बार यहां आए थे, तो यह इलाका बिल्कुल अलग था, लोग प्रश्न पूछ रहे थे कि एक छोटे से तटीय क्षेत्र में क्या हो सकता है। हालांकि, उन्हें यहां के लोगों और उनकी क्षमताओं पर सदैव विश्वास रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार के नेतृत्व में यह भरोसा प्रगति में बदल गया है, जिससे सिलवासा एक महानगरीय शहर बन गया है, जो अपने सभी निवासियों के लिए नए अवसरों के साथ संपन्न हो रहा है।

श्री मोदी ने सिंगापुर का उदाहरण भी साझा किया, जो अपने शुरुआती दिनों में एक छोटा सा मछली पकड़ने वाला गाँव था। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि सिंगापुर का परिवर्तन उसके लोगों की दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण हुआ है। प्रधानमंत्री ने केंद्र शासित प्रदेश के नागरिकों को विकास के लिए इसी तरह का संकल्प अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया और उन्हें आश्वासन दिया कि वे उनके साथ खड़े हैं, लेकिन उन्हें भी आगे बढ़ने की पहल करनी होगी।

श्री मोदी ने बल देकर कहा, "दादरा और नगर हवेली, दमण और दीव सिर्फ़ एक केंद्र शासित प्रदेश नहीं है, बल्कि यह गौरव और विरासत का स्रोत है। यही कारण है कि हम इस क्षेत्र को एक ऐसे आदर्श राज्य में बदल रहे हैं जो अपने समग्र विकास के लिए जाना जाता है।" प्रधानमंत्री ने बताया कि उनका सपना है यह क्षेत्र अपने उच्च प्रौद्योगिकी वाले बुनियादी ढांचे, आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं, विश्व स्तरीय शैक्षणिक संस्थानों, पर्यटन, समुद्री अर्थव्यवस्था, औद्योगिक प्रगति, युवाओं के लिए नए अवसरों और विकास में महिलाओं की भागीदारी के लिए पहचाना जाए।

श्री मोदी ने कहा कि श्री प्रफुल्ल पटेल के नेतृत्व में और केंद्र सरकार के सहयोग से यह क्षेत्र इन लक्ष्यों की ओर तेजी से अग्रसर है। पिछले 10 वर्षों में विकास में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र अब विकास के मामले में एक अलग पहचान के साथ राष्ट्रीय मानचित्र पर उभर रहा है। श्री मोदी ने कहा कि वन नेशन वन राशन कार्ड, जल जीवन मिशन, भारतनेट, पीएम जन धन योजना, पीएम जीवन ज्योति बीमा और पीएम सुरक्षा बीमा जैसी विभिन्न सरकारी योजनाओं ने लोगों, विशेष रूप से वंचितों और जनजातीय समुदायों को काफी लाभ पहुंचाया है।

प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि अगला लक्ष्य स्मार्ट सिटी मिशन, समग्र शिक्षा और पीएम मुद्रा योजना जैसी पहलों में 100 प्रतिशत संतृप्ति हासिल करना है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि पहली बार सरकार इन कल्याणकारी योजनाओं के साथ सीधे लोगों तक पहुँच रही है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि प्रत्येक नागरिक को सरकार की योजनाओं का लाभ मिले।

प्रधानमंत्री ने बुनियादी ढांचे, शिक्षा, रोजगार और औद्योगिक विकास में दादरा और नगर हवेली, दमण और दीव के परिवर्तन पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि पहले इस क्षेत्र के युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए बाहर जाना पड़ता था, लेकिन आज इस क्षेत्र में छह राष्ट्रीय स्तर के संस्थान हैं। इनमें नमो चिकित्सा महाविद्यालय, गुजरात राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, आईआईआईटी दीव, राष्ट्रीय फैशन टेक्नोलॉजी संस्थान, होटल प्रबंधन और कैटरिंग प्रौद्योगिकी संस्थान और दमण इंजीनियरिंग कॉलेज शामिल हैं। इन संस्थानों ने सिलवासा और इस क्षेत्र को एक नया शिक्षा केंद्र बना दिया है। श्री मोदी ने कहा, “युवाओं को और अधिक लाभान्वित करने के लिए, इन संस्थानों में उनके लिए सीटें आरक्षित की गई हैं। पहले मुझे यह देखकर खुशी होती थी कि यह एक ऐसा क्षेत्र है जहाँ चार अलग-अलग माध्यमों में शिक्षा प्रदान की जाती है: हिंदी, अंग्रेजी, गुजराती और मराठी। अब, मुझे यह कहते हुए भी गर्व हो रहा है कि यहाँ प्राथमिक और जूनियर स्कूलों के बच्चे स्मार्ट कक्षाओं में पढ़ रहे हैं।”

श्री मोदी ने कहा कि हाल के वर्षों में इस क्षेत्र में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का काफी विस्तार हुआ है। उन्होंने कहा, "वर्ष 2023 में मुझे यहां नमो चिकिस्ता महाविद्यालय का उद्घाटन करने का अवसर मिला। इसके साथ ही 450 बिस्तरों की क्षमता वाला एक नया अस्पताल भी शुरू किया गया है, जिसका आज उद्घाटन भी हुआ है। सिलवासा में स्वास्थ्य सुविधाओं से इस क्षेत्र के जनजातीय समुदाय को बहुत लाभ होगा।"

प्रधानमंत्री ने आज की स्वास्थ्य सेवा परियोजनाओं के महत्व पर प्रकाश डाला, क्योंकि यह जन औषधि दिवस के साथ मेल खाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जन औषधि किफायती इलाज सुनिश्चित करती है। इस पहल के अंतर्गत सरकार गुणवत्तापूर्ण अस्पताल, आयुष्मान भारत के अंतर्गत मुफ्त इलाज और जन औषधि केंद्रों के माध्यम से सस्ती दवाएं उपलब्ध करा रही है। देश भर में 15,000 से अधिक जन औषधि केंद्र 80 प्रतिशत तक कम कीमतों पर दवाएं प्रदान करते हैं। लगभग 40 जन औषधि केंद्र दादरा और नगर हवेली, दमण और दीव के लोगों को लाभान्वित कर रहे हैं। सरकार का लक्ष्य भविष्य में देश भर में 25,000 जन औषधि केंद्र खोलना है। श्री मोदी ने बल देकर कहा, “इस पहल के शुभारंभ के बाद से, लगभग 6,500 करोड़ रुपये मूल्य की सस्ती दवाएँ ज़रूरतमंदों को उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे ग़रीब और मध्यम वर्ग को 30,000 करोड़ रुपये से अधिक की बचत हुई है।”

प्रधानमंत्री ने जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों, विशेष रूप से मोटापे की बढ़ती चिंता को संबोधित किया, जो एक बड़ा स्वास्थ्य खतरा बन गया है। उन्होंने हाल ही में आई एक रिपोर्ट का हवाला दिया जिसमें अनुमान लगाया गया है कि वर्ष 2050 तक 440 मिलियन से अधिक भारतीय मोटापे की समस्या से पीड़ित होंगे। श्री मोदी ने कहा, "यह चिंताजनक आंकड़ा बताता है कि हर तीन में से एक व्यक्ति मोटापे के कारण गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर सकता है, जो संभावित रूप से जीवन के लिए ख़तरा बन सकता है।"

प्रधानमंत्री ने इससे निपटने के लिए सभी से मोटापा कम करने के लिए सक्रिय कदम उठाने का आग्रह किया। उन्होंने हर महीने खाना पकाने के तेल की खपत में 10 प्रतिशत की कमी करने के महत्व पर बल दिया और लोगों से अपने दैनिक खाना पकाने में 10 प्रतिशत कम तेल का उपयोग करने के लिए प्रतिबद्ध होने को कहा। उन्होंने स्वस्थ जीवनशैली बनाए रखने और मोटापे को रोकने के लिए नियमित शारीरिक गतिविधि को शामिल करने के लिए भी प्रोत्साहित किया, जैसे कि रोजाना कुछ किलोमीटर पैदल चलना। श्री मोदी ने जोर देकर कहा, “भारत एक विकसित राष्ट्र की परिकल्पना को प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। केवल एक स्वस्थ राष्ट्र ही ऐसा लक्ष्य प्राप्त कर सकता है।”

श्री मोदी ने पिछले दशक में दादरा और नगर हवेली, दमण और दीव में तेजी से हुए औद्योगिक विकास पर प्रकाश डाला। हाल के बजट में मिशन मैन्युफैक्चरिंग पहल की शुरुआत के साथ, इस क्षेत्र को काफी लाभ होने वाला है। सैकड़ों नए उद्योग शुरू हुए हैं और कई मौजूदा उद्योगों का विस्तार हुआ है, जिससे हजारों करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित हुआ है। ये उद्योग बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर प्रदान कर रहे हैं, विशेष रूप से जनजातीय समुदाय, महिलाओं और कमज़ोर वर्ग के समूहों के लिए। श्री मोदी ने कहा, "एससी, एसटी, ओबीसी और महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए गिर आदर्श जीविका योजना लागू की गई है, जबकि छोटे डेयरी फार्मों की स्थापना से स्वरोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं।"

प्रधानमंत्री ने इस बात पर बल दिया कि पर्यटन रोजगार के एक प्रमुख स्रोत के रूप में भी उभरा है। इस क्षेत्र के समुद्र तट और समृद्ध विरासत भारत और विदेश दोनों से पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। राम सेतु, नमो पथ, दमण में टेंट सिटी और लोकप्रिय नाइट मार्केट जैसे विकास इस क्षेत्र के आकर्षण को बढ़ा रहे हैं। श्री मोदी ने कहा कि एक बड़ा पक्षी अभयारण्य स्थापित किया गया है, और दुधानी में एक इको-रिसॉर्ट की योजना पर काम चल रहा है। दीव में तटीय सैरगाह और समुद्र तट विकास कार्य किए जा रहे हैं। श्री मोदी ने कहा, "वर्ष 2024 में दीव बीच गेम्स ने समुद्र तट के खेलों में रुचि बढ़ाई है, और ब्लू फ्लैग प्रमाणन ने दीव में घोघला बीच को एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल बना दिया है। इसके अतिरिक्त, दीव में एक केबल कार परियोजना विकसित की जा रही है, जो अरब सागर के शानदार दृश्य प्रस्तुत करती है, जिससे यह क्षेत्र भारत के शीर्ष पर्यटन स्थलों में से एक बन गया है।"

दादरा और नगर हवेली, दमण और दीव में महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी सुधारों पर प्रकाश डालते हुए, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि दादरा के पास एक बुलेट ट्रेन स्टेशन बनाया जा रहा है, और मुंबई-दिल्ली एक्सप्रेसवे सिलवासा से होकर गुजरता है। पिछले कुछ वर्षों में, कई किलोमीटर नई सड़कों का निर्माण किया गया है, जिसमें 500 किलोमीटर से अधिक सड़क का काम वर्तमान में चल रहा है, जिसमें हजारों करोड़ रुपये का निवेश शामिल है। श्री मोदी ने कहा, “क्षेत्र को उड़ान योजना से भी लाभ मिल रहा है और कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए स्थानीय हवाई अड्डे को उन्नत किया जा रहा है। सरकार क्षेत्र में व्यापक विकास सुनिश्चित करने और बुनियादी ढांचे में सुधार करने के लिए प्रतिबद्ध है।”

प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि दादरा और नगर हवेली, दमण और दीव विकास, सुशासन और जीवन को आसान बनाने के मॉडल बन रहे हैं। उन्होंने बताया कि पहले लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब सरकार से जुड़े अधिकांश काम मोबाइल फोन पर सिर्फ एक क्लिक से पूरे हो जाते हैं। इस नए दृष्टिकोण से दशकों से उपेक्षित रहे जनजातीय क्षेत्रों को काफी लाभ हुआ है। लोगों की समस्याओं को सुनने और उनका मौके पर ही समाधान करने के लिए गांवों में विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने इन प्रयासों के लिए श्री प्रफुल्ल पटेल और उनकी टीम को बधाई दी और लोगों को आश्वासन दिया कि सरकार क्षेत्र के विकास के लिए काम करना जारी रखेगी। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में कहा, “मैं दादरा और नगर हवेली, दमण और दीव के लोगों को आज शुरू की गई सफल विकास परियोजनाओं के लिए बधाई देता हूं। मैं केंद्र शासित प्रदेश के नागरिकों के गर्मजोशी भरे स्वागत, स्नेह और सम्मान के लिए हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं।”

पृष्ठभूमि

देश के हर कोने में स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ावा देना प्रधानमंत्री का प्राथमिक लक्ष्य रहा है। इसी के अंतर्गत उन्होंने सिलवासा में नमो अस्पताल (चरण I) का उद्घाटन किया। 460 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित 450 बिस्तरों वाला यह अस्पताल केंद्र शासित प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को काफी मजबूत करेगा। यह क्षेत्र के लोगों, विशेष रूप से जनजातीय समुदायों को अत्याधुनिक चिकित्सा सेवा प्रदान करेगा।

प्रधानमंत्री ने सिलवासा में केंद्र शासित प्रदेश के लिए 2580 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया। इनमें विभिन्न ग्रामीण सड़कें और अन्य सड़क अवसंरचना, स्कूल, स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र, पंचायत और प्रशासनिक भवन, आंगनवाड़ी केंद्र, जलापूर्ति और सीवेज अवसंरचना आदि शामिल हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य कनेक्टिविटी में सुधार करना, औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना, पर्यटन को प्रोत्साहित करना, रोजगार के अवसर पैदा करना और क्षेत्र में जन कल्याण पहलों को बढ़ावा देना है।

गिर आदर्श आजीविका योजना का उद्देश्य अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी), अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), अल्पसंख्यकों और दिव्यांगजनों से संबंधित महिलाओं को छोटे डेयरी फार्म स्थापित करके और उनके जीवन में सामाजिक और आर्थिक बदलाव लाकर आर्थिक सशक्तीकरण को बढ़ावा देना है। सिल्वन दीदी योजना महिला स्ट्रीट वेंडर्स को सुंदर ढंग से डिज़ाइन की गई गाड़ियाँ प्रदान करके उनके उत्थान की एक पहल है, जिसका सह-वित्तपोषण पीएम स्वनिधि योजना से किया जाता है।

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प्रधानमंत्री ने म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग के साथ वार्ता की
June 01, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग के साथ सार्थक वार्ता की।

 

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत इस बात पर सम्मानित महसूस करता है कि राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग ने राष्ट्रपति के रूप में अपने पहले विदेश दौरे के लिए भारत को चुना। उन्होंने इस बात पर भी खुशी व्यक्त की कि राष्ट्रपति ने बोधगया में भगवान बुद्ध का आशीर्वाद लेकर भारत में अपने कार्यक्रम की शुरुआत की।

 

वार्ता के दौरान, दोनों राजनेताओं ने भारत-म्यांमार संबंधों की विस्तृत समीक्षा की और द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की।

चर्चाओं में व्यापार, दुर्लभ पृथ्वी धातुओं, स्वास्थ्य सेवा, परिवहन-संपर्क, धरोहर संरक्षण और क्षमता निर्माण में सहयोग को गहरा करने के अवसर शामिल थे। दोनों पक्षों ने समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और आपसी हित के अन्य क्षेत्रों में निकटता से काम करने पर भी सहमति व्यक्त की।

 

प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया कि म्यांमार भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट', 'एक्ट ईस्ट' और भारत-प्रशांत नीतियों के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने म्यांमार के साथ भारत के संबंधों के महत्त्व की पुन: पुष्टि की।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा;

 

“म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग के साथ सार्थक बैठक हुई। भारत में हम सम्मानित महसूस करते हैं कि उन्होंने राष्ट्रपति पद के अपने पहले विदेशी दौरे के लिए भारत को चुना। उतनी ही खुशी की बात यह भी है कि उन्होंने यह यात्रा बोधगया में भगवान बुद्ध का आशीर्वाद लेकर शुरू की। हमने भारत-म्यांमार संबंधों की पूरी श्रृंखला की समीक्षा की। म्यांमार भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट', 'एक्ट ईस्ट' और भारत-प्रशांत नीतियों के लिए महत्वपूर्ण है।”

 

“हमारी बातचीत में व्यापार, दुर्लभ पृथ्वी धातुओं, स्वास्थ्य देखभाल, परिवहन-संपर्क, धरोहर पुनर्स्थापना और क्षमता निर्माण में सहयोग को गहरा करने के तरीके शामिल थे। हमने समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और अन्य क्षेत्रों में भी निकटता से काम करने पर सहमति व्यक्त की।”