प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी कल (29.10.2017) कर्नाटक की यात्रा पर जाएंगें। दिनभर के कार्यक्रम के दौरान वे तीन सार्वजनिक सभाओं को संबोधित करेंगे। 

श्री मोदी धर्मस्‍थल पर श्री मंजुनाथ स्‍वामी मंदिर में प्रार्थना से राज्‍य की अपनी यात्रा का शुभारंभ करेंगे। वे उजिरे में एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करेंगे और श्री क्षेत्र धर्मस्‍थल ग्रामीण विकास परियोजना में लाभार्थियों को रूपे कार्ड वितरित करेंगे। इससे यह स्‍वयं सहायता समूह नकदीरहित डिजिटल लेनदेन शुरू कर सकेगा। 

इसके बाद प्रधानमंत्री बेंगलूरू जाएंगे जहां वे दशमाह सौंदर्य लहरी प्रयाणोत्‍सव महासमर्पणे में एकत्र लोगों को संबोधित करेंगे। 

सौंदर्य लहरी आदि शंकराचार्य द्वारा संकलित श्‍लोकों का संग्रह है। इस कार्यक्रम का आयोजन इन श्‍लोकों के सामूहिक मंत्रोच्‍चारण के लिए किया गया है। 

बाद में प्रधानमंत्री बीदर जाएंगे, जहां वे बीदर-कलबुर्गी नई रेलवे लाइन का उद्घाटन करेंगे। वे वहां एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे।   

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प्रधानमंत्री ने संस्कृत सुभाषितम् साझा करते हुए चुनौतियों को पार करने में आत्मविश्वास और आंतरिक शक्ति के महत्व पर बल दिया
March 17, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज संस्कृत में एक सुभाषितम का पाठ किया, जिसमें जीवन की सबसे कठिन बाधाओं को दूर करने में आत्मविश्वास और आंतरिक शक्ति के महत्व का उल्‍लेख किया गया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि साहस और दृढ़ संकल्प से परिपूर्ण व्यक्ति के लिए जीवन में कुछ भी असंभव नहीं है। श्री मोदी ने कहा कि हम इच्छाशक्ति और आत्मविश्वास के बल पर सर्वाधिक कठिन चुनौतियों पर भी विजय प्राप्त कर सकते हैं।

प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर पोस्‍ट में लिखा;

"जो व्यक्ति साहस और संकल्प से भरा हो, उसके लिए जीवन में कुछ भी असंभव नहीं। आत्मविश्वास और इच्छाशक्ति के बल पर हम कठिन से कठिन चुनौतियों को पार कर सकते हैं।

एकोऽपि सिंहः साहस्रं यूथं मथ्नाति दन्तिनाम् ।
तस्मात् सिंहमिवोदारमात्मानं वीक्ष्य सम्पतेत्॥"

जिस प्रकार एक शेर में हजार हाथियों को हराने की शक्ति होती है, उसी प्रकार एक व्यक्ति को शेर की तरह निडरता, साहस, आत्मविश्वास और आंतरिक शक्ति के साथ नेक कार्यों में संलग्न होना चाहिए।