पीएम मोदी चंपारण सत्याग्रह के 100 साल पूरे होने के अवसर पर एक विशेष डिजिटल प्रदर्शनी की शुरुआत करेंगे

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी चंपारण में महात्‍मा गांधी के सत्‍याग्रह के पहले प्रयोग के 100 साल पूरे होने के अवसर पर राष्‍ट्रीय राजधानी में कल 'स्‍वच्‍छाग्रह - बापू को करयां‍जलि - एक अभियान, एक प्रदर्शनी' का उद्घाटन करेंगे। वह इस दौरान भारतीय राष्‍ट्रीय अभिलेखागार द्वारा आयोजित एक 'ऑनलाइन इंटरएक्टिव क्विज' का भी शुभारंभ करेंगे।

प्रधानमंत्री ने ट्वीट्स की एक श्रृंखला में इसके बारे में बताते हुए कहा है कि चंपारण सत्‍याग्रह एक ऐतिहासिक जन आंदोलन था जिसका एक जबरदस्‍त प्रभाव पड़ा और उन्‍होंने देशवासियों से स्‍वच्‍छाग्रही बनने और स्‍वच्‍छ भारत बनाने का आग्रह किया।

प्रधानमंत्री ने कहा, ''कल मैं ऐतिहासिक चंपारण सत्‍याग्रह के 100 साल पूरे होने पर एक विशेष कार्यक्रम 'स्‍वच्‍छाग्रह - बापू को करयांजलि' में भाग लूंगा।

वहां चंपारण सत्‍याग्रह को प्रदर्शित करने वाली एक प्रदर्शनी होगी और वह सत्‍याग्रह के आवश्‍यक सिद्धांतों को स्‍वच्‍छाग्रह के साथ जोड़ेगी।

उस प्रदर्शनी में स्‍वच्‍छ भारत के लिए एक जन आंदोलन शुरू करने के क्रम में स्‍वच्‍छ भारत मिशन द्वारा अपने दायरे में लिए गए एक मैदान को भी प्रदर्शित किया जाएगा।

एक सदी पहले भारत के लोगों ने सत्‍याग्रही बनकर उपनिवेशवाद से लोहा लिया था। आइये, आज हम स्‍वच्‍छाग्रही बनकर एक स्‍वच्‍छ भारत का निर्माण करते हैं।

चंपारण सत्‍याग्रह बापू के नेतृत्‍व में एक ऐतिहासिक जन आंदोलन था। उसका प्रभाव असाधारण था।''

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प्रधानमंत्री ने संस्कृत सुभाषितम् साझा करते हुए शुभ विचारों, वाणी और कर्मों को अपनाने के महत्व को रेखांकित किया
July 24, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया, जिसमें इस बात पर बल दिया गया कि विचार, वाणी और कर्म में निरंतर अभ्यास किस प्रकार व्यक्ति के चरित्र और जीवन की दिशा को आकार देता है।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर अपनी एक पोस्ट में लिखा:

"कर्मणा मनसा वाचा यदभीक्ष्णं निषेवते।

तदेवापहरत्येनं तस्मात् कल्याणमाचरेत्॥"

मनुष्य अपने कर्मों, विचारों और वाणी के माध्यम से निरंतर जिसका अभ्यास करता है, अंततः वही उसके व्यक्तित्व को आकार देता है और उसे उसी दिशा में ले जाता है, इसलिए, व्यक्ति को अपने विचारों और संवाद में सदैव केवल कल्याणकारी विषयों को ही स्थान देना चाहिए।