एसआईएच 2024 के ग्रैंड फिनाले में देश भर के 51 नोडल केन्द्रों पर 1300 से अधिक विद्यार्थियों की टीमें भाग लेंगी
इस वर्ष संस्थान के स्तर पर आंतरिक हैकथॉन में 150 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जिससे यह अब तक का सबसे बड़ा संस्करण बन गया है

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 11 दिसंबर 2024 को शाम लगभग 4:30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से स्मार्ट इंडिया हैकथॉन 2024 के ग्रैंड फिनाले में भाग लेने वाले युवा अन्वेषकों (इनोवेटर) के साथ बातचीत करेंगे। इस ग्रैंड फिनाले में 1300 से अधिक विद्यार्थियों की टीमें भाग लेंगी। इस अवसर पर प्रधानमंत्री जनसमूह को भी संबोधित करेंगे।

स्मार्ट इंडिया हैकथॉन (एसआईएच) का 7वां संस्करण 11 दिसंबर 2024 को देश भर के 51 नोडल केन्द्रों पर एकसाथ शुरू होगा। इसका सॉफ्टवेयर संस्करण जहां 36 घंटे तक लगातार चलेगा, वहीं इसका हार्डवेयर संस्करण 11 से 15 दिसंबर 2024 तक जारी रहेगा। पिछले संस्करणों की तरह विद्यार्थियों की टीमें या तो मंत्रालयों या विभागों या उद्योगों द्वारा दिए गए समस्या विवरणों पर काम करेंगी या फिर राष्ट्रीय महत्व के क्षेत्रों से जुड़े 17 विषयों में से किसी एक के बारे में विद्यार्थी नवाचार श्रेणी में अपने विचार प्रस्तुत करेंगी। ये क्षेत्र हैं - स्वास्थ्य सेवा, आपूर्ति श्रृंखला एवं लॉजिस्टिक्स, स्मार्ट प्रौद्योगिकियां, विरासत एवं संस्कृति, स्थिरता, शिक्षा एवं कौशल विकास, जल, कृषि एवं खाद्य, उभरती प्रौद्योगिकियां और आपदा प्रबंधन।

इस वर्ष के संस्करण के कुछ दिलचस्प समस्या विवरणों में इसरो द्वारा प्रस्तुत ‘चंद्रमा पर अंधेरे वाले क्षेत्रों के चित्रों को बढ़ाना’, जल शक्ति मंत्रालय द्वारा प्रस्तुत ‘एआई, उपग्रह डेटा, आईओटी एवं गतिशील मॉडल का उपयोग करके वास्तविक समय में गंगा जल की गुणवत्ता की निगरानी प्रणाली विकसित करना’ और आयुष मंत्रालय द्वारा प्रस्तुत ‘एआई के साथ एकीकृत एक स्मार्ट योगा मैट विकसित करना’ शामिल है।

इस वर्ष 54 मंत्रालयों, विभागों, राज्य सरकारों, सार्वजनिक उपक्रमों और उद्योगों द्वारा 250 से अधिक समस्या विवरण प्रस्तुत किए गए हैं। संस्थान के स्तर पर आंतरिक हैकथॉन में 150 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो एसआईएच 2023 में 900 से बढ़कर एसआईएच 2024 में लगभग 2,247 हो गई है, जिससे यह अब तक का सबसे बड़ा संस्करण बन गया है। एसआईएच 2024 में संस्थान स्तर पर 86,000 से अधिक टीमों ने भाग लिया है और राष्ट्रीय स्तर के दौर के लिए इन संस्थानों द्वारा लगभग 49,000 विद्यार्थियों की टीमों (प्रत्येक टीम में 6 विद्यार्थी और 2 सलाहकार शामिल हैं) की सिफारिश की गई है।

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प्रधानमंत्री ने ज्ञान के सार को आत्मसात करने पर केंद्रित संस्कृत सुभाषित साझा किया
January 20, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज एक प्रेरणादायक संस्कृत सुभाषित साझा किया, जो ज्ञान की विशालता के बीच केवल उसके सार पर ध्यान केंद्रित करने की शाश्वत बुद्धिमत्ता पर जोर देता है।

संस्कृत श्लोक-

अनन्तशास्त्रं बहुलाश्च विद्याः अल्पश्च कालो बहुविघ्नता च।
यत्सारभूतं तदुपासनीयं हंसो यथा क्षीरमिवाम्बुमध्यात्॥

यह सुभाषित इस भाव को व्यक्त करता है कि यद्यपि ज्ञान प्राप्ति के लिए असंख्य शास्त्र और विविध विद्याएँ उपलब्ध हैं, किंतु मानव जीवन समय की सीमाओं और अनेक बाधाओं से बंधा हुआ है। अतः, मनुष्य को उस हंस के समान बनना चाहिए जो दूध और पानी के मिश्रण में से केवल दूध को अलग करने की क्षमता रखता है अर्थात, हमें भी अनंत सूचनाओं के बीच से केवल उनके सार—उस परम सत्य को पहचानना और ग्रहण करना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा:

“अनन्तशास्त्रं बहुलाश्च विद्याः अल्पश्च कालो बहुविघ्नता च।

यत्सारभूतं तदुपासनीयं हंसो यथा क्षीरमिवाम्बुमध्यात्॥”