भारत का इतिहास सिर्फ वो नहीं है, जो देश को गुलाम बनाने वालों और गुलामी की मानसिकता के साथ इतिहास लिखने वालों ने लिखा है : प्रधानमंत्री मोदी
उत्तर प्रदेश में बेहतर होती आधारभूत सुविधाओं का सीधा लाभ किसानों, गरीबों, ग्रामीणों को हो रहा है : प्रधानमंत्री मोदी
यूपी के करीब 2.5 करोड़ किसानों के बैंक खाते में पीएम किसान सम्मान निधि के माध्यम से रुपए जमा किए जा चुके हैं : प्रधानमंत्री मोदी
विदेशी पर्यटकों को भी आकर्षित करने में उत्तर प्रदेश देश के टॉप तीन राज्यों में आ चुका है : प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से महाराजा सुहेलदेव स्मारक और चित्तौरा झील के विकास कार्यों की आधारशिला रखी। प्रधानमंत्री ने महाराजा सुहेलदेव के नाम पर एक मेडिकल कॉलेज भवन का भी उद्घाटन किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के राज्यपाल और मुख्यमंत्री भी उपस्थित थे।

इस अवसर पर अपने संबोधन में, प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का इतिहास केवल औपनिवेशिक शक्तियों या औपनिवेशिक मानसिकता वाले लोगों द्वारा लिखा गया इतिहास ही नहीं है, अपितु भारत के इतिहास को आम लोगों ने अपनी लोककथाओं में भी पोषित किया है और इसे पीढ़ियों ने आगे बढ़ाया है। उन्होंने इस तथ्य पर अफसोस जताते हुए कहा कि जिन लोगों ने भारत और भारतीयता के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया, उन्हें उचित महत्व नहीं दिया गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कहा कि अपनी स्वतंत्रता के 75वें वर्ष में प्रवेश करने के साथ भारतीय इतिहास लेखकों द्वारा भारतीय इतिहास निर्माताओं के विरुद्ध की गई अनियमितताओं और अन्याय को अब ठीक किया जा रहा है और इस दिशा में उनके योगदान को स्मरण करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

प्रधानमंत्री ने लालकिले से लेकर अंडमान निकोबार तक नेताजी सुभाषचंद्, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में सरदार पटेल और पंच तीर्थ के माध्यम से बाबा साहेब अंबेडकर के योगदान को स्मरण करने का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ऐसे अनेकों व्यक्तित्व हैं जिन्हें विभिन्न कारणों से मान्यता नहीं मिली। प्रधानमंत्री ने पूछा कि चौरी-चौरा के बहादुरों के साथ क्या हुआ था, क्या हम इसे भूल सकते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीयता की रक्षा के लिए महाराजा सुहेलदेव के योगदान की भी अनदेखी की गई। उन्होंने कहा कि महाराजा सुहेलदेव की पाठ्यपुस्तकों में अनदेखी के बावजूद उन्हें अवध, तराई और पूर्वांचल के लोकगीतों ने लोगों के दिलों में जीवित रखा है। प्रधानमंत्री ने एक संवेदनशील और विकासोन्मुख शासक के रूप में उनके योगदान को याद किया। प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि महाराजा सुहेलदेव के लिए यह स्मारकआने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा प्रदान करेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि मेडिकल कॉलेज की स्थापना और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के साथ, इस आकांक्षी जिले और आस-पास के क्षेत्रों में लोगों के लिए जीवन को बेहतर बनाया जा सकेगा। प्रधानमंत्री ने दो वर्ष पहले महाराजा सुहेलदेव की स्मृति में एक डाक टिकट भी जारी किया था।

श्री मोदी ने बसंत पंचमी के अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं दीं और कहा कि इस बसंत ने भारत के लिए महामारी की निराशा को पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने कामना की है कि मां सरस्वती भारत और हर उस देशवासी के ज्ञान और विज्ञान को अपना आशीर्वाद प्रदान करें, जो अनुसंधान और नवाचार के माध्यम से राष्ट्र के निर्माण में शामिल है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में निर्मित इतिहास, आस्था और आध्यात्मिकता से संबंधित स्मारकों का सबसे बड़ा लक्ष्य पर्यटन को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश पर्यटन और तीर्थयात्रा दोनों क्षेत्रों में भी समृद्ध है और प्रदेश में इसकी संभावनाएं बहुत अधिक हैं। उत्तर प्रदेश में पर्यटन के विकास के लिए अयोध्या, चित्रकूट, मथुरा, वृंदावन, गोवर्धन, कुशीनगर, श्रावस्ती आदि जैसे भगवान राम, श्री कृष्ण और बुद्ध के जीवन से संबंधित स्थलों पर रामायण सर्किट, आध्यात्मिक सर्किट, बौद्ध सर्किट विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों के परिणाम दिखाई देने लगे हैं और अब उत्तर प्रदेश अन्य राज्यों से पर्यटकों की अधिकतम संख्या को आकर्षित करता है। विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के मामले में भी उत्तर प्रदेश देश के शीर्ष तीन राज्यों में शामिल है।

प्रधानमंत्री ने कहा की कि उत्तर प्रदेश में पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाओं के साथ-साथ आधुनिक कनेक्टिविटी को भी बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अयोध्या हवाई अड्डा और कुशीनगर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा भविष्य में घरेलू और विदेशी दोनों ही तरह के पर्यटकों के लिए बहुत उपयोगी साबित होंगे। उत्तर प्रदेश में एक दर्जन छोटे और बड़े हवाई अड्डों पर काम चल रहा है, जिनमें से कई पूर्वांचल में ही हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे, बलिया लिंक एक्सप्रेसवे जैसी आधुनिक और चौड़ी सड़कें पूरे उत्तर प्रदेश में बनाई जा रही हैं और यह एक तरह से आधुनिक उत्तर प्रदेश में आधुनिक बुनियादी ढांचे के निर्माण का शुभारंभ है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश दो बड़े समर्पित फ्रेट कॉरिडोर का जंक्शन है। उत्तर प्रदेश में आधुनिक बुनियादी ढांचे के निर्माण ने निवेशकों को उत्तर प्रदेश में उद्योग स्थापित करने के लिए उत्साहित किया है। इससे उद्योगों के साथ-साथ युवाओं के लिए भी बेहतर अवसर पैदा हो रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कोरोना की रोकथाम केप्रति अपनाई गई रणनीति की भी सराहना की। प्रधानमंत्री ने अपने घर लौटे श्रमिकों को रोजगार देने के लिए राज्य सरकार की प्रशंसा की। उन्होंने कहा किपिछले 3-4 वर्षों में राज्य नेकोरोना को खत्म करने की दिशा में बड़ा योगदान दिया है। राज्य सरकार के प्रयासों के कारण पूर्वांचल में मेनिन्जाइटिस की समस्या काफी हद तक कम हो गई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले छह वर्षों में उत्तर प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 14 से बढ़कर 24 हो गई है। साथ ही गोरखपुर और बरेली में एम्स का काम चल रहा है। इनके अलावा, 22 नए मेडिकल कॉलेज बनाए जा रहे हैं। वाराणसी में आधुनिक कैंसर अस्पतालों की सुविधा भी पूर्वांचल को दी जा रही है। उत्तर प्रदेश जल जीवन मिशन यानी हर घर में पानी पहुंचाना भी प्रशंसनीय कार्य है। प्रधानमंत्री ने कहा कि शुद्ध पेयजल के घर पहुंचने पर कई तरह की बीमारियों को कम किया जा सकेगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में, गाँव, गरीब और किसान बेहतर बिजली, पानी, सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं से सीधे लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने कहा किप्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के माध्यम से उत्तर प्रदेश के लगभग 2.5 करोड़ किसान परिवारों के बैंक खातों में सीधे धनराशि जमा कर दी गई है। ये किसान कभी खाद की एक बोरी खरीदने के लिए भी दूसरों से कर्ज लेने के लिए मजबूर थे। उन्होंने कहा कि पहले किसानों को सिंचाई के लिए बिजली का उपयोग करने के लिए रात भर जागना पड़ता था और अब उनकी सरकार ने बिजली की आपूर्ति में सुधार करके ऐसी समस्याओं को दूर किया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) का गठन कृषि भूमि को मजबूत करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है और इस तरह यह प्रति किसान के स्तर पर कम होती कृषि भूमि के मुद्दे का समाधान करता है। उन्होंने कहा कि जब 1-2 बीघा वाले 500 किसान परिवार संगठित होंगे तो वे 500-1000 बीघा किसानों से अधिक शक्तिशाली होंगे। इसी तरह, सब्जी, फल, दूध, मछली और ऐसे कई व्यवसायों से जुड़े छोटे किसान अब किसान रेल के माध्यम से बड़े बाजारों से जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में शुरू किए गए नए कृषि सुधारों से छोटे और सीमांत किसानों को भी फायदा होगा और इन कृषि कानूनों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देश भर से मिल रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कृषि कानूनों के खिलाफ भ्रामक सूचनाएं फैलाई गई हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने देश में विदेशी कंपनियों को बुलाने के लिए कानून बनाए हैं, वे अब किसानों को भारतीय कंपनियों से डरा रहे हैं। उनके झूठ और दुष्प्रचार उजागर हो चुके हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि नए कानूनों के लागू होने के बाद, उत्तर प्रदेश में धान खरीद पिछले साल की तुलना में दोगुनी हो गई। योगी सरकार पहले ही गन्ना किसानों को 1 लाख करोड़ रुपये जारी कर चुकी है। किसानों को भुगतान करने के लिए चीनी मिलों को सक्षम बनाने के लिए केंद्र ने राज्य सरकारों को हजारों करोड़ रुपये भी दिए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित करने के प्रयास जारी रखेगी कि गन्ना किसानों को समय पर भुगतान किया जाए।

प्रधानमंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार गांव और किसान के जीवन को बेहतर बनाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि स्वामित्व योजना से किसी भी ग्रामीण के घर पर अवैध कब्जे की संभावना से छुटकारा मिलेगा। इस योजना के तहत, इन दिनों उत्तर प्रदेश में लगभग 50 जिलों में ड्रोन के माध्यम से सर्वेक्षण किया जा रहा है। लगभग 12 हजार गांवों में ड्रोन का सर्वेक्षण कार्य पूरा हो चुका है और अब तक 2 लाख से अधिक परिवारों को संपत्ति कार्ड मिल चुके हैं और ये परिवार अब सभी प्रकार की आशंकाओं से मुक्त हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी भी किसान की भूमि को कृषि सुधार कानूनों के माध्यम से हड़पा नहीं जा सकता है, इस बारे में फैलाए जा रहे दुष्प्रचार से आम लोगों को भरमाया जा रहा है। हमारा लक्ष्य प्रत्येक नागरिक को सशक्त बनाना है, हमारी प्रतिज्ञा है कि देश को आत्मनिर्भर बनाना है और हम इस कार्य के लिए समर्पित हैं।प्रधानमंत्री ने गोस्वामी तुलसीदास कृत रामचरितमानस की एक चौपाई से अपने संबोधन का समापन किया, जिसका अभिप्राय है- कोई भी कार्य अगर सही इरादे से किया जाए और व्यक्ति के हृदय में यदि भगवान राम हैं तो सफलता निश्चित है।

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Prime Minister highlights India’s strong conservation efforts on World Elephant Day
August 12, 2026

Prime Minister Shri Narendra Modi today stated that on World Elephant Day, we celebrate the majestic elephant, which has remained an integral part of India’s ecological heritage. He expressed gladness that India is home to over 60% of the world’s wild Asian elephants.

The Prime Minister noted that our nation has 33 Elephant Reserves, which provide habitats for elephants and strengthen our efforts towards their long-term conservation. Shri Modi also expressed pride in all forest personnel, scientists, veterinarians, mahouts, and the local communities who are integral to all such efforts.

In a post on X, the Prime Minister shared:

"On World Elephant Day, we celebrate the majestic elephant which has remained an integral part of India’s ecological heritage. It is gladdening that India is home to over 60% of the world’s wild Asian elephants. Our nation has 33 Elephant Reserves, which provide habitats for elephants and strengthen our efforts towards their long-term conservation. We are also proud of all forest personnel, scientists, veterinarians, mahouts and the local communities who are integral to all such efforts."