इस निर्णय से 5 करोड़ गन्ना किसानों के साथ ही चीनी मिलों और संबंधित सहायक कार्यों में लगे 5 लाख श्रमिक लाभान्वित होंगे

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने गन्ना किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए, चीनी उत्पादन सीजन 2026-27 (अक्टूबर-सितंबर) के लिए गन्ने का उचित एवं लाभकारी मूल्य 365 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। यह मूल्य पुनर्प्राप्ति न्यूनतम 10 दशमलव दो-पांच प्रतिशत दर पर आधारित है, जिसमें शून्य दशमलव एक प्रतिशत की प्रत्येक वृद्धि पर 3.56 रुपये प्रति क्विंटल का प्रीमियम और पुनर्प्राप्ति में शून्य दशमलव एक प्रतिशत की प्रत्येक कमी पर 3.56 रुपये प्रति क्विंटल की कमी का प्रावधान है।

सरकार ने गन्ना किसानों के हितों की रक्षा के लिए यह भी फैसला किया है कि जिन चीनी मिलों में चीनी पुनर्प्राप्ति दर 9 दशमलव 5 प्रतिशत से कम है, वहां कोई कटौती नहीं की जाएगी। चीनी पुनर्प्राप्ति दर गन्ने के कुल वजन के अनुपात में उससे प्राप्त चीनी की मात्रा को प्रतिशत में दर्शाता है। ऐसे किसानों को आगामी चीनी उत्पादन सीजन 2026-27 में गन्ने के लिए 338.3 रुपये प्रति क्विंटल मिलेंगे।

चीनी उत्पादन सीजन 2026-27 के लिए गन्ने की उत्पादन लागत (वास्तविक नकद खर्च + पारिवारिक श्रम मूल्य) 182 रुपये प्रति क्विंटल है। 10 दशमलव दो-पांच प्रतिशत की पुनर्प्राप्ति दर पर यह उचित और लाभकारी मूल्य 365 रुपये प्रति क्विंटल है, जो उत्पादन लागत से 100 दशमलव 5 प्रतिशत अधिक है। चीनी उत्पादन सीजन 2026-27 के लिए उचित और लाभकारी मूल्य 2025-26 की तुलना में 2 दशमलव आठ-एक प्रतिशत अधिक है।

स्वीकृत किए गए उचित और लाभकारी मूल्य चीनी मिलों द्वारा चीनी के उत्पादन सीजन 2026-27 (पहली अक्टूबर, 2026 से आरंभ) में किसानों से गन्ने की खरीद पर लागू होगा। चीनी उत्पादन क्षेत्र एक महत्वपूर्ण कृषि आधारित क्षेत्र है जो लगभग 5 करोड़ गन्ना किसानों और उनके आश्रितों तथा चीनी मिलों में प्रत्यक्ष रूप से कार्यरत लगभग 5 लाख श्रमिकों की आजीविका प्रदान करता है। इसके अलावा कृषि श्रम और परिवहन सहित विभिन्न सहायक गतिविधियों में लोग काम करते हैं।

पृष्ठभूमि:

कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (सीएसीपी) की सिफारिशों के आधार पर और राज्य सरकारों तथा अन्य हितधारकों से परामर्श के बाद उचित और लाभकारी मूल्य का निर्धारण किया गया है।

पिछले चीनी उत्पादन सीजन 2024-25 में, देय 1,02,687 करोड़ रुपये के गन्ना मूल्य बकाये में से लगभग 1,02,209 करोड़ रुपये का भुगतान किसानों को 20.04.2026 तक किया जा चुका है; इसी अनुरूप लगभग 99 दशमलव 5 प्रतिशत गन्ने की बकाया राशि का भुगतान हो चुका है। मौजूदा चीनी उत्पादन सीजन 2025-26 में, देय 1,12,740 करोड़ रुपये के गन्ना बकाये में से किसानों को 20.04.2026 तक लगभग 99,961 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है; तदनुसार गन्ने की बकाया राशि का लगभग 88 दशमलव 6 प्रतिशत का भुगतान हो चुका है।

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प्रधानमंत्री ने निस्वार्थ सेवा और करुणा की भावना को उजागर करते हुए संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
May 06, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि निस्वार्थ भाव से किया गया कर्म ही सच्ची मानवता है। उन्होंने उल्लेख किया कि ऐसे कार्य न सिर्फ आत्मिक खुशी प्रदान करते हैं, बल्कि समाज के कल्याण में भी योगदान देते हैं।

प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया-

“अद्रोहः सर्वभूतेषु कर्मणा मनसा गिरा।

अनुग्रहश्च दानं च शीलमेतत्प्रशस्यते॥”

सुभाषितम् यह संदेश देता है कि किसी भी जीव के प्रति मन, वचन और कर्म से द्वेष न रखना, सभी के प्रति करुणा भाव रखना और उदारतापूर्वक दान करना—इन्हें आचरण का सर्वोच्च रूप माना गया है।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा;

“निस्वार्थ भाव से किया गया कर्म ही सच्ची मानवता है। इससे आत्मिक खुशी तो मिलती ही है, समाज का भी कल्याण होता है।

अद्रोहः सर्वभूतेषु कर्मणा मनसा गिरा।

अनुग्रहश्च दानं च शीलमेतत्प्रशस्यते॥”