Close relations between India and Finland based on shared values of democracy, rule of law, equality, freedom of speech, and respect for human rights: PM
PM Modi invites Finland to join the International Solar Alliance (ISA) and the Coalition for Disaster Resilient Infrastructure (CDRI)

મહામહિમ,

નમસ્કાર!

આપની ટિપ્પણી બદલ ખૂબ ખૂબ આભાર.


મહામહિમ,
કોવિડ-19ના કારણે ફિનલેન્ડમાં થયેલી જાનહાનિ બદલ સમગ્ર ભારત વતી હું ઘેરા દુઃખની લાગણી વ્યક્ત કરું છું. આપના નેતૃત્ત્વમાં ફિનલેન્ડે આ મહામારીને કૌશલ્યપૂર્વક નિયંત્રણમાં લીધી છે. તે બદલ આપને અભિનંદન પાઠવું છું.


મહામહિમ,
આ મહામારી દરમિયાન ભારતે પોતાના સ્થાનિક સંઘર્ષની સાથે સાતે વિશ્વની જરૂરિયાતોનું પણ ધ્યાન રાખ્યું છે. છેલ્લા એક વર્ષમાં અમે 150થી વધારે દેશોમાં દવાઓ અને અન્ય આવશ્યક સામગ્રીઓનો જથ્થો મોકલ્યો છે. અને તાજેતરમાં જ અમે લગભગ 70 દેશોમાં ભારતમાં બનેલી રસીના 58 મિલિયનથી પણ વધારે ડોઝ પહોંચાડ્યા છે. હું આપને આશ્વાસન આપવા માગું છુ કે, અમે અમારી ક્ષમતા અનુસાર સંપૂર્ણ માનવજાતને ભવિષ્યમાં પણ સહકાર આપતા રહીશું.


મહામહિમ,
ફિનલેન્ડ અને ભારત બંને એક નિયમ આધારિત, પારદર્શક, માનવતાવાદી અને લોકશાહી વૈશ્વિક વ્યવસ્થામાં વિશ્વાસ રાખે છે. ટેકનોલોજી, આવિષ્કાર, સ્વચ્છ ઉર્જા, પર્યાવરણ, શિક્ષણ જેવા ક્ષેત્રોમાં આપણી વચ્ચે મજબૂત સહયોગ છે. કોવિડ પછીના સમયમાં વૈશ્વિક આર્થિક રીકવરી માટે પણ તમામ ક્ષેત્રો ખૂબ જ મહત્વપૂર્ણ છે. સ્વચ્છ ઉર્જાના ક્ષેત્રમાં ફિનલેન્ડ વૈશ્વિક અગ્રણી છે અને ભારતનું એક મહત્વનું ભાગીદાર પણ છે. તેમજ તમે હવે આબોહવા પરિવર્તનની ચિંતા કરી છે, તો હું ક્યારેક ક્યારેક મારા મિત્રોને મજાકમાં કહેતો હોઉં છું કે, આપણે પ્રકૃતિ સાથે એટલો અન્યાય કર્યો છે અને પ્રકૃતિ ગુસ્સામાં છે કે, આજે આપણે આખી માનવજાતે, આપણને મોં બતાવવા જેવા રાખ્યા નથી અને આથી જ આપણે સૌએ આપણા મોં પર માસ્ક બાંધીને, આપણા મોં છુપાવીને ફરવું પડે છે કારણ કે આપણે પ્રકૃતિ સાથે એટલો અન્યાય કર્યો છે કે, હું મારા સાથીઓ વચ્ચે મજાકમાં ક્યારેક ક્યારેક કહું છું, ભારતે આબોહવા સંબંધિત ઉદ્દેશોની પ્રાપ્તિ માટે, મહત્વાકાંક્ષી લક્ષ્યો નિર્ધારિત કર્યા છે. અક્ષય ઉર્જામાં અમે 2030 સુધીમાં 450 ગીગાવોટ ઇન્સ્ટોલ કરેલી ક્ષમતાનું લક્ષ્ય રાખ્યું છે. આંતરરાષ્ટ્રીય સહયોગ વધારવા માટે અમે આંતરરાષ્ટ્રીય સૌર સંગઠન અને આપત્તિ પ્રતિરોધક માળખાગત સુવિધા ગઠબંધન જેવી પહેલ પણ કરી છે. હું ફિનલેન્ડને ISA અને CDRIમાં જોડાવા માટે આગ્રહ કરું છું. ફિનલેન્ડની ક્ષમતા અને તજજ્ઞતાના કારણે આ આંતરરાષ્ટ્રીય સંસ્થાઓને આપના મહારતનો લાભ થશે.

મહામહિમ,
ફિનલેન્ડ નવી અને ઉભરતી ટેકનોલોજી, ડિજિટલ ઇન્ફ્રાસ્ટ્રક્ચર, શિક્ષણ અને કૌશલ્ય વિકાસના ક્ષેત્રમાં પણ અગ્રણી સ્થાન ધરાવે છે. આ તમામ ક્ષેત્રમાં આપણા સહયોગની સંભાવના છે. મને ઘણી ખુશી થઇ રહી છે કે, આજે આપણે ICT, મોબાઇલ ટેકનોલોજી અને ડિજિટલ શિક્ષણના ક્ષેત્રમાં એક નવી ભાગીદારીની જાહેરાત કરી રહ્યાં છીએ. અમારું શિક્ષણ મંત્રાલય પણ એક ઉચ્ચ સ્તરીય સંવાદ શરૂ કરી રહ્યું છે. મને આશા છે કે, આજે આપણી શિખર મંત્રણાથી ભારત અને ફિનલેન્ડના સંબંધોમાં વિકાસમાં વધુ ગતિ આવશે.


મહામહિમ,
આજે આ આપણી પહેલી મુલાકાત છે. જો આપણે રૂબરૂ મળવાનું થશે તો ઘણું સારું થશે. પરંતુ ગયા વર્ષમાં આપણને સૌને ટેકનોલોજીની મુલાકાત કરવાની આદત થઇ ગઇ છે. પરંતુ મને ખુશી છે કે ટૂંક સમયમાં જ પોર્ટુગલમાં ભારત- EU શિખર સંમેલન અને ડેનમાર્કમાં ભારત- નોર્ડિક શિખર સંમેલન દરમિયાન મુલાકાતનો અવસર પ્રાપ્ત થશે. હું આપને ભારત પ્રવાસે આવવા માટે આમંત્રણ પાઠવું છું. આપને જ્યારે પણ અનુકૂળતા હોય ત્યારે આપ અવશ્ય ભારત આવો. હું પ્રારંભિકને અહીં જ સમાપ્ત કરું છું. હવે પછીના સત્રમાં આપણે આગળની વાત કરીશું.

ખૂબ ખૂબ આભાર.

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Text of PM’s remarks during inauguration of Swaminarayan Hindu Temple in Paris
September 06, 2026

पूज्य महंत स्वामी, फ्रांस सरकार के सम्मानित प्रतिनिधिगण, उपस्थित अतिथिगण, इंडियन कम्युनिटी के मेरे साथी, देश दुनिया से जुड़े सभी हरि भक्त, देवियों और सज्जनों, जय स्वामीनारायण!

आज फ्रांस की राजधानी पेरिस में भव्य स्वामीनारायण मंदिर का लोकार्पण हो रहा है। यह लोकार्पण भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों का नया युग स्तंभ है। पूज्य संत जनों और सनातन परंपरा के श्रेष्ठ जनों के आशीर्वाद के साथ आज इस लोकार्पण का मंच ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के भाव का मंच बन गया है। भगवान स्वामीनारायण की कृपा और हमारे संतों का स्नेह, संतों का आशीर्वाद, मेरा सौभाग्य है कि मुझे ऐसे पुण्य अवसरों से जुड़ने का अवसर हमेशा मिलता रहता है। आज भी मैं भले ही पेरिस में आप सबके बीच उपस्थित नहीं हूं, लेकिन मन से और हृदय से, मैं स्वयं को आपके बीच ही अनुभव कर रहा हूं।

साथियों,

आज इस अवसर पर मैं परम पूज्य प्रमुख स्वामी जी महाराज का भी श्रद्धापूर्वक स्मरण करता हूं। प्राचीन काल में भारत का जो सांस्कृतिक आध्यात्मिक वैभव था, उन्होंने उसके पुनर्जागरण का एक अभियान शुरू किया था। आज उसका प्रकाश यूरोप समेत पूरी दुनिया में फैल रहा है। 2024 में अबू धाबी में भव्य मंदिर का लोकार्पण हुआ था। आज वहां हजारों लोग दर्शन करने जाते हैं और अब यहां पेरिस में स्वामीनारायण मंदिर का निर्माण सृजन की यह निरंतरता, यह संतों की संकल्प शक्ति का ही प्रमाण है। मैं पुनीत कार्य के लिए पूज्य महंत स्वामी का आभार प्रकट करता हूं, मैं उनके चरणों में प्रणाम करता हूं। मैं BAPS स्वामीनारायण संस्था को और करोड़ों हरि भक्तों को इस अवसर पर हृदय की गहराई से बधाई देता हूं।

साथियों,

BAPS के माध्यम से जब अलग-अलग देश में मंदिरों की प्राण प्रतिष्ठा होती है, तो वहां भारत के प्राचीन विचार और मानवीय मूल्य भी साथ-साथ ही जाते हैं और भारत का विचार कहता है ‘समानं मनः सह चित्तमेषाम्’ अर्थात हमारे मन समान हो, हमारे हृदय साथ जुड़े। इसलिए आज जब फ्रांस में इतना भव्य मंदिर बनकर तैयार हुआ है, यह फ्रांस की विविधता को तो समृद्ध करेगा ही, इससे भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों को भी ऊर्जा मिलेगी।

साथियों,

बीते वर्षों में भारत और फ्रांस के संबंध नई ऊंचाइयों तक पहुंचे हैं। मेरे मित्र, प्रेसिडेंट मैक्रों के साथ मिलकर दोनों देश एक Special Global Strategic Partnership बना रहे हैं। Technology, AI और Defence से लेकर Space और Climate Action तक हम एक नई गति और नई ऊर्जा के साथ मिलकर के आगे बढ़ रहे हैं। हम 2026 को India-France Year of Innovation के रूप में भी सेलिब्रेट कर रहे हैं। भारत-फ्रांस की ये Strategic Partnership इसलिए भी खास है, क्योंकि ये हमारे पुराने सांस्कृतिक-राजनैतिक सम्बन्धों की मजबूत बुनियाद पर टिकी है। इतिहास गवाह है, फ्रांस में भारतीय सैनिकों के बलिदान का इतिहास आज भी मन-मंदिर में जीवित है। भाषा से जुड़े विषयों में रुचि रखने वाले लोग यह भी जानते हैं कि फ्रेंच स्कॉलर्स ने संस्कृत को लोकप्रिय बनाने में कितनी अहम भूमिका निभाई है। रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद पर रोमाँ रोलाँ की की लेखनी हमारी सोसाइटीज़ को और करीब लाई है। पेरिस से पुडुचेरी के अरबिंदो आश्रम तक 'The mother' की spiritual journey, उसने कितने ही भारतीय और फ्रेंच साधकों को inspire किया है।

साथियों,

दशकों पहले श्रील प्रभुपाद स्वामी भी फ्रांस आए थे। इस्कॉन के जरिए भारत फ्रांस के बीच आध्यात्मिक सम्बन्धों का नया अध्याय उन्होंने शुरू किया था। आज योग भी भारत-फ्रांस के people to people कनेक्ट का एक माध्यम बन चुका है। 'इंटरनेशनल योगा डे' पर एफिल टॉवर के सामने से आने वाली तस्वीरें फ्रांस में योग की लोकप्रियता का उदाहरण बनती हैं और अब BAPS के इस भव्य मंदिर के जरिए, हमारे उन सांस्कृतिक सम्बन्धों में एक नया अध्याय जुड़ रहा है।

साथियों,

इन दिनों, भारत फ्रांस Joint Ventures की संभावनाओं पर बातें होती हैं। स्वामीनारायण मंदिर ने इस संभावना में भी एक नया आयाम जोड़ा है। यह मंदिर 'मेड इन इंडिया' है और 'बिल्ट इन फ्रांस' है। इसके काफी पत्थरों को भारत में तराशा गया है। भारत की प्राचीन प्रतिभा यहाँ फ्रांस में आधुनिक इंजीनियरिंग से आकर जुड़ चुकी है। पेरिस में इस भव्य मंदिर ने आकार लिया है। इसलिए, मैं आशा करता हूँ, यह मंदिर सदियों तक भारत और फ्रांस के बीच सहयोग और संभावनाओं का भी प्रतीक बनकर उभरेगा।

साथियों,

स्वामीनारायण मंदिर हमेशा से भक्ति के साथ-साथ सेवा का माध्यम भी रहे हैं। मुझे बताया गया है, यह मंदिर भी सेवा प्रकल्पों का वैसा ही केंद्र बनेगा। मुझे विश्वास है कि यहाँ से भारतीय संस्कृति के जो स्वर निकलेंगे, उनका लाभ पूरे यूरोप में लोगों को मिलेगा। भविष्य में मुझे जब भी समय मिलेगा, मैं इस मंदिर में दर्शन करने का प्रयास अवश्य करूंगा। इन्हीं शब्दों के साथ, एक बार फिर आज के इस लोकार्पण समारोह में सम्मिलित सभी अतिथिगणों को, सभी परिवारों को, सभी हरि भक्तों को और पूरी Indian Diaspora को मेरी ओर से इस शुभारंभ पर्व की ढेरों शुभकामनाएं!

बहुत-बहुत धन्यवाद!

मर्सी बोकू!

जय स्वामीनारायण!