PM Modi’s first address to the Nation on Radio

Published By : Admin | October 3, 2014 | 13:43 IST

मेरे प्यारे देशवासियो,

आज विजयदशमी का पावन पर्व है। आप सबको विजयदशमी की अनेक- अनेक शुभकामनाएं।

मैं आज रेडियो के माध्यम से आपसे कुछ मन की बाते बताना चाहता हूं और मेरे मन में तो ऐसा है कि सिर्फ आज नहीं कि बातचीत का अपना क्रम आगे भी चलता रहे। मैं कोशिश करूंगा, हो सके तो महीने में दो बार या तो महीने में एक बार समय निकाल कर के आपसे बाते करूं। आगे चलकर के मैंने मन में यह भी सोचा है कि जब भी बात करूंगा तो रविवार होगा और समय प्रात: 11 बजे का होगा तो आपको भी सुविधा रहेगी और मुझे भी ये संतोष होगा कि मैं मेरे मन की बात आपके मन तक पहुंचाने में सफल हुआ हूं।

आज जो विजयदशमी का पर्व मनाते हैं ये विजयदशमी का पर्व बुराइयों पर अच्छाइयों की विजय का पर्व है। लेकिन एक श्रीमान गणेश वेंकटादरी मुंबई के सज्जन, उन्हों ने मुझे एक मेल भेजा,  उन्होंने कहा कि विजयदशमी में हम अपने भीतर की दस बुराइयों को खत्म करने का संकल्प करें। मैं उनके इस सुझाव के लिए उनका आभार व्यक्त करता हूं। हर कोई जरूर सोचता होगा अपने-अपने भीतर की जितनी ज्यादा बुराइयों को पराजय करके विजय प्राप्त करे, लेकिन राष्ट्र  के रूप में मुझे लगता है कि आओ विजयदशमी के पावन पर्व पर हम सब गंदगी से मुक्ति का संकल्प करें और गंदगी को खत्म  कर कर के विजय प्राप्त करना विजयदशमी के पर्व पर हम ये संकल्प कर सकते हैं।

कल 2 अक्टूबर पर महात्मा गांधी की जन्म जयंती पर “स्वच्छ‍भारत” का अभियान सवा सौ करोड़ देशवासियों ने आरंभ किया है। मुझे विश्वास है कि आप सब इसको आगे बढ़ाएंगे। मैंने कल एक बात कही थी “स्वच्छ  भारत अभियान” में कि मैं नौ लोगों को निमंत्रित करूंगा और वे खुद सफाई करते हुए अपने वीडियो को सोशल मीडिया में अपलोड करेंगे और वे ‘और’ नौ लोगों को निमंत्रित करेंगे। आप भी इसमें जुडि़ए, आप सफाई कीजिए, आप जिन नौ लोगों का आह्वान करना चाहते हैं, उनको कीजिए, वे भी सफाई करें, आपके साथी मित्रों को कहिए, बहुत ऊपर जाने की जरूरत नहीं, और नौ लोगों को कहें, फिर वो और नौ लोगों को कहें, धीरे-धीरे पूरे देश में ये माहौल बन जाएगा। मैं विश्वास करता हूं कि इस काम को आप आगे बढ़ायेंगे।

हम जब महात्मा गांधी की बात करते हैं, तो खादी की बात बहुत स्वाभाविक ध्यान में आती है। आपके परिवार में अनेक प्रकार के वस्त्र  होंगे, अनेक प्रकार के वस्त्र होंगे, अनेक प्रकार के  फैब्रिक्स होंगे, अनेक कंपनियों के productsहोंगे, क्या उसमें एक खादी का नहीं हो सकता क्या,  मैं अपको खादीधारी बनने के लिए नहीं कह रहा, आप पूर्ण खादीधारी होने का व्रत करें, ये भी नहीं कह रहा। मैं सिर्फ इतना कहता हूं कि कम से कम एक चीज, भले ही वह हैंडकरचीफ,  भले घर में नहाने का तौलिया हो, भले हो सकता है बैडशीट हो, तकिए का कबर हो, पर्दा हो, कुछ तो भी हो, अगर परिवार में हर प्रकार के फैब्रिक्स का शौक है,  हर प्रकार के कपड़ों का शौक है, तो ये नियमित होना चाहिए और ये मैं इसलिए कह रहा हूं कि अगर आप खादी का वस्त्र खरीदते हैं तो एक गरीब के घर में दीवाली का दीया जलता है और इसीलिए एकाध चीज ... और इन दिनों तो 2 अक्टूबर से लेकर करीब महीने भर खादी के बाजार में स्पेशल डिस्काउंट होता है, उसका फायदा भी उठा सकते हैं। एक छोटी चीज…… और आग्रहपूर्वक इसको करिए और आप देखिए गरीब के साथ आपका कैसा जुड़ाव आता है। उस पर आपको कैसी सफलता मिलती है। मैं जब कहता हूं सवा सौ करोड़ देशवासी अब तक क्या हुआ है.... हमको लगता है सब कुछ सरकार करेगी और हम कहां रह गए,  हमने देखा है .... अगर आगे बढ़ना है तो सवा सौ करोड़ देशवासियों को...करना पड़ेगा ….. हमें खुद को पहचानना पड़ेगा, अपनी शक्ति को जानना पड़ेगा और मैं सच बताता हूं हम विश्व में अजोड़ लोग हैं। आप जानते हैं हमारे ही वैज्ञानिकों ने कम से कम खर्च में मार्स पहुंचने का सफल प्रयोग, सफलता पूर्वक पर कर दिया। हमारी ताकत में कमी नहीं है, सिर्फ हम  अपनी शक्ति को भूल चुके हैं। अपने आपको भूल चुके हैं। हम जैसे निराश्रित बन गए हैं.. नहीं मेरे प्यारे भइयों बहनों ऐसा नहीं हो सकता। मूझे स्वामी विवेकानन्द जी जो एक बात कहते थे, वो बराबर याद आती है। स्वामी वि‍वेकानन्द  अक्सर एक बात हमेशा बताया करते थे। शायद ये बात उन्होंने कई बार लोगों को सुनाई होगी।

विवेकानन्द जी कहते थे कि एक बार एक शेरनी अपने दो छोटे-छोटे बच्चों को ले कर के रास्ते से गुजर रही थी। दूर से उसने भेड़ का झुंड देखा,  तो शिकार करने का मन कर गया,  तो शेरनी उस तरफ दौड़ पड़ी और उसके साथ उसका एक बच्चा भी दौड़ने लगा। उसका दूसरा बच्चा  पीछे छूट गया और शेरनी भेड़ का शिकार करती हुई आगे बढ़ गई। एक बच्चा भी चला गया, लेकिन एक बच्चा बिछड़ गया, जो बच्चा बिछड़ गया उसको एक माता भेड़ ने उसको पाला-पोसा बड़ा किया और वो शेर भेड़ के बीच में ही बड़ा होने लगा। उसकी बोलचाल, आदतें सारी भेड़ की जैसी हो गईं। उसका हंसना खेलना,  बैठना,  सब भेड़ के साथ ही हो गया। एक बार, वो जो शेरनी के साथ बच्चा चला गया था, वो अब बड़ा हो गया था। उसने उसको एक बार देखा ये क्या बात है। ये तो शेर है और भेड़ के साथ खेल रहा है। भेड़ की तरह बोल रहा है। क्या‍हो गया है इसको। तो शेर को थोड़ा अपना अहम पर ही संकट आ गया। वो इसके पास गया। वो कहने लगा अरे तुम क्या कर रहे हो। तुम तो शेर हो। कहता- नहीं, मैं तो भेड़ हूं। मैं तो इन्हीं के बीच पला-बढ़ा हूं। उन्होंने मुझे बड़ा किया है। मेरी आवाज देखिए, मेरी बातचीत का तरीका देखिए। तो शेर ने कहा कि चलो मैं दिखाता हूं तुम कौन हो। उसको एक कुएं के पास ले गया और कुएं में पानी के अंदर उसका चेहरा दिखाया और खुद के चेहरे के साथ उसको कहा- देखो, हम दोनों का चेहरा एक है। मैं भी शेर हूं, तुम भी शेर हो और जैसे ही उसके भीतर से आत्मसम्मान जगा, उसकी अपनी पहचान हुई तो वो भी उस शेर की तरह,  भेड़ों के बीच पला शेर भी दहाड़ने लगा। उसके भीतर का सत्व जग गया। स्वामी विवेकानंद जी यही कहते थे। मेरे देशवासियों, सवा सौ करोड़ देशवासियों के भीतर अपार शक्ति है, अपार सामर्थ्य है। हमें अपने आपको पहचानने की जरूरत है। हमारे भीतर की ताकत को पहचानने की जरूरत है और फिर जैसा स्वामी विवेकानंदजी ने कहा था उस आत्म-सम्मान को ले करके, अपनी सही पहचान को ले करके हम चल पड़ेंगे, तो विजयी होंगे और हमारा राष्ट्र भी विजयी होगा, सफल होगा। मुझे लगता है हमारे सवा सौ करोड़ देशवासी भी सामर्थ्यवान हैं, शक्तिवान हैं और हम भी बहुत विश्वास के साथ खड़े हो सकते हैं।

इन दिनों मुझे ई-मेल के द्वारा सोशल मीडिया के द्वारा, फेस-बुक के द्वारा कई मित्र मुझे चिट्ठी लिखते हैं। एक गौतम पाल करके व्यक्ति ने एक चिंता जताई है, उसने कहा है कि जो स्पैशली एबल्ड चाईल्ड होते हैं, उन बालकों के लिए नगरपालिका हो, महानगरपालिका, पंचायत हो, उसमें कोई न कोई विशेष योजनाएं होती रहनी चाहिएं। उनका हौसला बुलन्द करना चाहिए। मुझे उनका ये सुझाव अच्छा लगा क्यों कि मेरा अपना अनुभव है कि जब मैं गुजरात में मुख्यामंत्री था तो 2011 में एथेन्स में जो स्पेशल ओलम्पिक होता है, उसमें जब गुजरात के बच्चे गये और विजयी होकर आये तो मैंने उन सब बच्चों  को, स्पेशली एबल्ड बच्चों  को मैंने घर बुलाया। मैंने दो घंटे उनके साथ बिताये, शायद वो मेरे जीवन का बहुत ही इमोशनल,  बड़ा प्रेरक, वो घटना थी। क्योंकि मैं मानता हूं कि किसी परिवार में स्पेशली एबल्ड बालक है तो सिर्फ उनके मां-बाप का दायित्व नहीं है। ये पूरे समाज का दायित्व है। परमात्मा ने शायद उस परिवार को पसंद किया है, लेकिन वो बालक तो सारे राष्ट्र् की जिम्मेसदारी होता है। बाद में इतना मैं इमोशनली टच हो गया था कि मैं गुजरात में स्पे‍शली एबल्ड  बच्चों  के लिए अलग ओलम्पिक करता था। हजारों बालक आते थे, उनके मां-बाप आते थे। मैं खुद जाता था। ऐसा एक विश्वास का वातावरण पैदा होता था और इसलिए मैं गौतम पाल के सुझाव, जो उन्होंने दिया है,  इसके लिये मैं, मुझे अच्छा लगा और मेरा मन कर गया कि मैं मुझे जो ये सुझाव आया है मैं आपके साथ शेयर करूं।

     एक कथा मुझे और भी ध्यान आती है। एक बार एक राहगीर रास्ते के किनारे पर बैठा था और आते-आते सबको पूछ रहा था मुझे वहाँ पहुंचना है, रास्ता  कहा है। पहले को पूछा, दूसरे को पूछा, चौथे को पूछा। सबको पूछता ही रहता था और उसके बगल में एक सज्जन बेठे थे। वो सारा देख रहे थे। बाद में खड़ा हुआ। खड़ा होकर किसी को पूछने लगा, तो वो सज्जन खड़े हो करके उनके पास आये। उसने कहा – देखो भाई, तुमको जहां जाना है न, उसका रास्ता इस तरफ से जाता है। तो उस राहगीर ने उसको पूछा कि भाई साहब आप इतनी देर से मेरे बगल में बेठे हो, मैं इतने लोगों को रास्ता पूछ रहा हूं,  कोई मुझे बता नहीं रहा है। आपको पता था तो आप क्यों  नहीं बताते थे। बोले, मुझे भरोसा नहीं था कि तुम सचमुच में चलकर के जाना चाहते हो या नहीं चाहते हो। या ऐसे ही जानकारी के लिए पूछते रहते हो। लेकिन जब तुम खड़े हो गये तो मेरा मन कर गया कि हां अब तो इस आदमी को जाना है, पक्का  लगता है। तब जा करके मुझे लगा कि मुझे आपको रास्ता दिखाना चाहिए।

     मेरे देशवासियों, जब तक हम चलने का संकल्प  नहीं करते, हम खुद खड़े नहीं होते, तब रास्ता दिखाने वाले भी नहीं मिलेंगे। हमें उंगली पकड़ कर चलाने वाले नहीं मिलेंगे। चलने की शुरूआत हमें करनी पड़ेगी और मुझे विशवास है कि सवा सौ करोड़ जरूर चलने के लिए सामर्थ्यवान है, चलते रहेंगे।

     कुछ दिनों से मेरे पास जो अनेक सुझाव आते हैं,  बड़े इण्टरेस्टिंग सुझाव लोग भेजते हैं। मैं जानता हूं कब कैसे कर पायेंगे, लेकिन मैं इन सुझावों के लिए भी एक सक्रियता जो है न,  देश हम सबका है,  सरकार का देश थोड़े न है। नागरिकों का देश है। नागरिकों का जुड़ना बहुत जरूरी है। मुझे कुछ लोगों ने कहा है कि जब वो लघु उद्योग शुरू करते हैं तो उसकी पंजीकरण जो प्रक्रिया है वो आसान होनी चाहिए। मैं जरूर सरकार को उसके लिए सूचित करूंगा। कुछ लोगों ने मुझे लिख करके भेजा है – बच्चों को पांचवीं कक्षा से ही स्किल डेवलेपमेंट सिखाना चाहिए। ताकि वो पढ़ते ही पढ़ते ही कोई न कोई अपना हुनर सीख लें, कारीगरी सीख लें। बहुत ही अच्छा सुझाव उन्होंने दिया है। उन्होंहने ये भी कहा है कि युवकों को भी स्किल डेवलेपमेंट होना चाहिए उनकी पढ़ाई के अंदर। किसी ने मुझे लिखा है कि हर सौ मीटर के अंदर डस्ट बीन होना चाहिए, सफाई की व्यनवस्था  करनी है तो।

कुछ लोगों ने मुझे लिख करके भेजा है कि पॉलीथिन के पैक पर प्रतिबंध लगना चाहिए। ढेर सारे सुझाव लोग मुझे भेज रहे हैं। मैं आगे से ही आपको कहता हूं अगर आप मुझे कहीं पर भी कोई सत्य घटना भेजेंगे,  जो सकारात्मरक हो, जो मुझे भी प्रेरणा दे,  देशवासियों को प्रेरणा दे, अगर ऐसी सत्य घटनाएं सबूत के साथ मुझे भेजोगे तो मैं जरूर जब मन की बात करूंगा, जो चीज मेरे मन को छू गयी है वो बातें मैं जरूर देशवासियों तक पहुंचाऊंगा।

ये सारा मेरा बातचीत करने का इरादा एक ही है – आओ, हम सब मिल करके अपनी भारत माता की सेवा करें। हम देश को नयी ऊंचाइयों पर ले जायें। हर कोई एक कदम चले, अगर आप एक कदम चलते हैं, देश सवा सौ करोड़ कदम आगे चला जाता है और इसी काम के लिए आज विजयदशमी के पावन पर्व पर अपने भीतर की सभी बुराइयों को परास्त करके विजयी होने के संकल्पर के साथ, कुछ अच्छा करने का निर्णय करने के साथ हम सब प्रारंभ करें। आज मेरी शुभ शुरूआत है। जैसा जैसा मन में आता जायेगा, भविष्य में जरूर आपसे बातें करता रहूंगा। आज जो बातें मेरे मन में आईं वो बातें मैंने आपको कही है। फिर जब मिलूंगा, रविवार को मिलूंगा। सुबह 11 बजे मिलूंगा लेकिन मुझे विश्वास है कि हमारी यात्रा बनी रहेगी, आपका प्यार बना रहेगा।

आप भी मेरी बात सुनने के बाद अगर मुझे कुछ कहना चाहते हैं,  जरूर मुझें पहुंचा दीजिये, मुझे अच्छा  लगेगा। मुझे बहुत अच्छा  लगा आज आप सबसे बातें कर के‍और रेडियो का....ऐसा सरल माध्यम है कि मैं दूर-दूर तक पहुंच पाऊंगा। गरीब से गरीब घर तक पहुंच जाऊंगा,  क्योंकि मेरा,  मेरे देश की ताकत गरीब की झोंपडी में है,  मेरे देश की ताकत गांव में है, मेरे देश की ताकत माताओं,  बहनों, नौजवानों में है, मेरी देश की ताकत किसानों में है। आपके भरोसे से ही देश आगे बढ़ेगा। मैं विश्वास व्यक्त  करता हूं। आपकी शक्ति में भरोसा है इसलिए मुझे भारत के भविष्य में भरोसा है।

मैं एक बार आप सबको बहुत-बहुत धन्यवाद देता हूं। आपने समय निकाला। फिर एक बार बहुत-बहुत धन्यववाद!

Explore More
77મા સ્વતંત્રતા દિવસના પ્રસંગે લાલ કિલ્લાની પ્રાચીર પરથી પ્રધાનમંત્રી શ્રી નરેન્દ્ર મોદીનાં સંબોધનનો મૂળપાઠ

લોકપ્રિય ભાષણો

77મા સ્વતંત્રતા દિવસના પ્રસંગે લાલ કિલ્લાની પ્રાચીર પરથી પ્રધાનમંત્રી શ્રી નરેન્દ્ર મોદીનાં સંબોધનનો મૂળપાઠ
India is top performing G-20 nation in QS World University Rankings, research output surged by 54%

Media Coverage

India is top performing G-20 nation in QS World University Rankings, research output surged by 54%
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
You hold the key to a better future and a Viksit Bharat: PM Modi in Aligarh
April 22, 2024
Today, under Yogi ji's governance, peace reigns, and our sisters and daughters walk freely, without fear: PM Modi
Parties like Congress-SP always practised appeasement politics: PM Modi taking a jibe at the Opposition
BJP has pledged in its Sankalp Patra to establish special storage clusters for farmers: PM Modi at Aligarh rally
You hold the key to a better future and a Viksit Bharat: PM Modi at a public meeting in Aligarh

अलीगढ़ यूपी

भारत माता की जय
भारत माता की जय
भारत माता की जय
राधे राधे !

इसी मैदान में मुझे कई बार अलीगढ़ के लोगों से मिलने का अवसर मिला है। पिछली बार जब मैं अलीगढ़ आया था। आपका मन भर जाए तो मैं बोलना शुरू करूं। आप इजाजत दें तो मैं बोलना शुरू करूं। हमारे लिए तो जनता जनार्दन की भगवान है। इजाजत है, राधे-राधे। मैं जब पहले अलीगढ़ आया था, तो आप लोगों से अनुरोध किया था कि सपा-कांग्रेस के परिवारवाद, भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण की फैक्ट्री में ताला लगा दीजिएगा। याद है ना! आपने ऐसा मजबूत ताला लगाया, आपने ऐसा मजबूत ताला लगाया कि दोनों शहजादों को आज तक इसकी चाबी नहीं मिल रही।

आज मैं अलीगढ़ की जनता को, हाथरस के मेरे भाई-बहनों को एक प्रार्थना करने आया हूं। आपका आशीर्वाद लेने आया हूं। आपसे मेरी प्रार्थना ये है कि अच्छे भविष्य की, विकसित भारत की चाबी भी आपके ही पास है। अब देश को गरीबी से पूरी तरह से मुक्त करने का समय आ गया है। अब देश को भ्रष्टाचार से पूरी तरह मुक्त कराने का समय आ गया है। अब देश को परिवारवादी राजनीति से मुक्त कराने का समय आ गया है। और इसके लिए जरूरी है- फिर एक बार...मोदी सरकार ! फिर एक बार...मोदी सरकार ! फिर एक बार...मोदी सरकार !

साथियों,

इस बार अलीगढ़ में 26 अप्रैल को और हाथरस में 7 मई को मतदान है। आपको अलीगढ़ से मेरे छोटे भाई भाई सतीश गौतम जी को और हाथरस से मेरे साथी अनूप वाल्मीकी जी को भारी मतों से जिताना है। और इसके लिए आपका आशीर्वाद चाहिए। आप यहां वोट भले सतीश जी और अनूप जी को देते होंगे, लेकिन ये पक्का मानिए, जब कमल के निशान पर बटन दबाएंगे तो मोदी को सीधा आपका वोट मिल जाएगा। तो मैं ये वोट मोदी के लिए मांगने के लिए आया हूं। आपका आशीर्वाद मिलेगा, आपका आशीर्वाद मिलेगा, भरपूर मिलेगा।

आपको एक और बात याद रखनी है। एक तरफ फसल की कटाई का समय है। शादी ब्याह का भी समय है। गर्मी तो पूछो मत। सब कुछ है लेकिन देश से बड़ा कुछ नहीं होता। देश से बड़ा कुछ होता है होता है। देश का इतना बड़ा महत्वपूर्ण चुनाव है। हमें सारे काम छोड़ करके वोट करना चाहिए कि नहीं करना चाहिए। सुबह-सुबह वोट करना बहुत जरूरी है।..करोगे। धूप निकलने से पहले वोट हो जाए। जलपान से पहले मतदान हो जाए। आपकी एक-एक वोट का बहुत महत्व है। अब आप देखिए पहले आए दिन बॉर्डर पर बम गोली चलाते थे। गोलियां चलते थे और आए दिन हमारे वीर सपूत शहीद होते थे। तिरंगे में लिपट करके उनका शरीर घर लौटता था। आज यह सब बंद हो गया कि नहीं हो गया। सबकी बोलती बंद हो गई कि नहीं हो गई। पहले आए दिन आतंकी बम फोड़ते थे सीरियल ब्लास्ट होते थे। अयोध्या को नहीं छोड़ा काशी को नहीं छोड़ा। हर बड़े शहर में आए दिन बम धमाका। अब सीरियल बम धमाका पर भी पुल स्टॉप लग गया है कि नहीं लग गया है। और जो फर्स्ट टाइम वोटर है ना उनको याद नहीं होगा। वह 5 साल 7 साल 8 साल 10 साल के होंगे। जरा याद कीजिए। आपके परिवार में पूछिए उस समय अखबारों में टीवी पर एडवर्टाइजमेंट आता था और एडवर्टाइजमेंट क्या होता है कि कहीं पर भी कोई लावारिस चीज दिखाई दे तो उससे दूर रहना, उसे छूना मत। कहीं बैग दिखाई दे, कहीं स्कूटर दिखाई दे, कहीं टिफिन का बॉक्स दिखाई दे। उधर पास मत जाना। तुरंत पुलिस को जानकारी देना कि आए दिन सूचना दी जाती थी। एयरपोर्ट पर जाओ तो इसका अनाउंसमेंट होता था। बस स्टेशन पर जाओ तो अनाउंसमेंट होता था। रेलवे स्टेशन पर जाओ तो अनाउंसमेंट होता था कि लावारिस चीजों को हाथ मत लगाओ। ये मेरे फर्स्ट टाइम वाटर जो है ना वह बहुत छोटे थे। उनको मालूम नहीं होगा यह, सरकार लगातार सूचना देती थी, क्यों? क्योंकि ये लावारिस चीजों में रखे जाते थे। कोई निर्दोष व्यक्ति उसको हाथ लगाता था तो मौत के घाट उतर जाता था।

भाइयों-बहनों,

यह मोदी-योगी का कमाल है कि सारा बंद हो गया, हुआ कि नहीं हुआ, शांति मिली कि नहीं मिली। जब शांति सुरक्षा मिलती है तो विकास होता है कि नहीं होता है। पहले आर्टिकल-370 के नाम पर जम्मू कश्मीर में अलगाववादी शान से जीते थे और हमारे फौजियों पर पत्थर चलते थे। अब इन सब पर भी फुल स्टॉप लग गया है। पहले अलीगढ़ में भी आए दिन कर्फ्यू लगता था। अगल-बगल के लोगों को अलीगढ़ आना है तो फोन करके पूछते थे कि भाई शांति है ना, मैं आऊं तो चलेगा। शादी की तारीख तय करनी हो तो पूछते थे यार कहीं दंगा हो जाए। ऐसे इलाके में शादी नहीं करेंगे। कहीं और करेंगे। यह गया कि नहीं गया। यह योगी जी ने करके दिया है आपको। दंगे, हत्या, गैंगवॉर, फिरौती, ये तो सपा सरकार का ट्रेड मार्क ही था। और उनकी राजनीति भी उसी से चलती थी। एक समय था, जब हमारी बहन-बेटियां घर से बाहर नहीं निकल पाती थीं। योगी जी की सरकार में अपराधियों की हिम्मत नहीं है कि वो नागरिकों का अमन-चैन बिगाड़ें।

साथियों,

कांग्रेस-सपा जैसी पार्टियों ने हमेशा तुष्टिकरण की राजनीति की और मुसलमानों के राजनीतिक-सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए कभी कुछ नहीं किया। और जब मैं पसमांदा मुसलमानों की मुसीबत की चर्चा करता हूं तो इनके बाल खड़े हो जाते हैं। क्योंकि उपर के लोगों ने मलाई खाई है और पसमांदा मुसलमानों को उसी हालत में जीने के लिए मजबूर कर दिया है। यहीं इसी क्षेत्र में तीन तलाक से पीड़ित कितनी ही बेटियों का जीवन तबाह हो गया था। और सिर्फ बेटियों का नहीं उसके पिता भाई परिवार सब परेशान हो जाते थे। अब मोदी ने तीन तलाक के खिलाफ कानून बनाकर उनका जीवन सुरक्षित किया है। पहले हज कोटा कम होने की वजह से कितनी मारामारी होती थी, उसमें भी रिश्वतखोरी चलती थी और ज्यादातर रसूखदार लोग ही जा पाते थे। मैंने सउदी अरब के क्राउन प्रिंस से आग्रह किया था कि हमारे भारत के मुसलमान भाई-बहनों के लिए हज का कोटा बढ़ाएं। आज ना सिर्फ भारत का हज कोटा बढ़ा है बल्कि वीजा नियमों को भी आसान बनाया गया है। सरकार ने एक और बहुत बड़ा फैसला लिया, पहले हमारी मुस्लिम माताएं-बहनें अकेले हज के लिए जा नहीं सकती थीं। सरकार ने महिलाओं को बिना मेहरम हज जाने की अनुमति भी दी है। मुझे हजारों ऐसी बहनें आशीर्वाद दे रही हैं, जिनका हज जाने का सपना पूरा हुआ।

साथियों,

कांग्रेस-सपा जैसी भ्रष्ट पार्टियों ने आपकी परेशानियों की कभी परवाह नहीं की। गरीब को पैसे देकर भी पूरा राशन नहीं मिलता था। बिचौलिए लूट लेते थे। आज अलीगढ़ और हाथरस के लाखों साथियों को मुफ्त राशन मिल रहा है, पूरा राशन मिल रहा है। अलीगढ़ और हाथरस के लाखों परिवारों को आयुष्मान भारत योजना के तहत मुफ्त इलाज की सुविधा भी मिली है। अब मोदी की गारंटी है कि देश के हर परिवार में जो बुजुर्ग माता-पिता हैं, दादा-दादी, नाना-नानी हैं, चाचा-चाची है, अब उम्र् के कारण और कोई काम तो कर नहीं पाते और उम्र के कारण कोई ना कोई बीमारी आ ही जाती है। अब आपका डबल जिम्मा होता है, एक तो परिवार के बुजुर्गों को संभालना, दूसरा जिम्मा होता अपने बच्चों का भविष्य बनाना। उसमें बुजुर्ग कोई बीमार हो गए तो सारा बोझ पर आ जाता है। मोदी है जिसे आपकी भी चिंता है। मोदी ने गारंटी दी है कि आपके परिवार के 70 साल की ऊपर की आयु के कोई भी बुजुर्ग माता-पिता को 5 लाख रुपए तक की मुफ्त इलाज की चिंता यह बेटा करेगा।

भाइयों-बहनों

यह राशन मिल रहा है। यह इलाज मुफ्त में मिल रहा है। घर मिल रहे है। यह सब किसने किया, यह सब किसने किया, आपका जवाब गलत है। यह मोदी ने नहीं किया है। यह आपका वोट ने किया है। आपकी वोट की ताकत है जिसके कारण गरीब का भला हो रहा है। और इसका जो पुण्य है ना आप भी उसके उतने ही हकदार हैं।

भाइयों और बहनों,

आजकल जब मैं कहता हूं कि 10 साल में जो किया वो ट्रेलर है, अभी तो बहुत सारा काम करना है...और जब मैं इतनी सारी बातें बताता हूं न तो सपा-कांग्रेस वाले को समझ ही नहीं आता ये मोदी कहां ले जा रहा है। बोले पहले तो हम तू-तू मैं-मैं में राजनीति करते थे, अब मोदी इतनी बड़ी दुनिया की तरफ देश को ले जा रहा है, वो मोदी के साथ कदम ही नहीं मिला पा रहे हैं। अब इस क्षेत्र में ही देखिए, अलीगढ़ में हवाई अड्डा बन गया, पड़ोस में जेवर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बन रहा है, गाजियाबाद- अलीगढ़ नेशनल हाईवे बन गया, अलीगढ़-कानपुर नेशनल हाईवे बन गया, हाथरस भी मथुरा-बरेली एक्सप्रेसवे से जुड़ रहा है, अलीगढ़ और हाथरस दोनों रेलवे स्टेशन, आधुनिक बनाए जा रहे हैं, AMU तो थी ही यहां, अब राजा महेंद्र प्रताप यूनिवर्सिटी का निर्माण भी पूरा होने वाला है...ऐसे ढेर सारे काम इस क्षेत्र में हुए हैं। अब आप मुझे बताइए...इतने सारे काम हो जाए, तो किसी को भी आराम करने का मन कर जाय कि न कर जाय। कर जाए कि न कर जाय। लेकिन ये मोदी है, आपके लिए जीता है, वो रुकना जानता नहीं है। और इसीलिए क्योंकि मैंने तय किया है, आपका सपना ही मेरा संकल्प है। मेरा पल-पल आपके नाम है। मेरा पल-पल देश के नाम है। 24/ 7 फॉर 2047. न मोदी रुकने वाला है, न मोदी थकने वाला है, और न मोदी मौज करने के लिए पैदा हुआ है। मोदी मेहनत के लिए पैदा हुआ है। मैं आपके भविष्य के लिए, आपके बच्चों के भविष्य के लिए मेहनत करने में कोई कमी नहीं रखूंगा।

साथियों,

ये इंडी गठबंधन वाले इतनी निराशा में डूबे लोग हैं, कि भविष्य की ओर देखने के लिए हौसला ही नहीं रहा। ये कहते हैं कि मोदी विकसित भारत की बात क्यों करता है। ये कहते हैं कि मोदी भारत को तीसरी बड़ी आर्थिक ताकत बनाने की बात क्यों करता है। ये लोग अपने परिवार और सत्ता के लोभ के अलावा कुछ नहीं करते और जनता से छलावा करते रहते हैं।

साथियों,

कांग्रेस और इंडी गठबंधन के एक और खतरनाक इरादे से मैं आज देश के लोगों को, अलीगढ़ के लोगों को आगाह कर रहा हूं। मैं देशवासियों को आगाह करना चाहता हूं। कांग्रेस और इंडी गठबंधन की नजर, अब आपकी कमाई पर है, आपकी संपत्ति पर है। कांग्रेस के शहज़ादे का कहना है कि उनकी सरकार आई तो कौन कितना कमाता है, किसके पास कितनी प्रॉपर्टी है, किसके पास कितना धन है। किसके पास कितने मकान हैं। उसकी जांच कराएंगे। इतना ही नहीं वो आगे कहते हैं, ये जो संपत्ति है, उनको सरकार अपने कब्जे में लेकर उसको सबको बांट देगी, ये कहते हैं। ये मेनिफेस्टो उनका कह रहा है।

भाइयों और बहनों,

आप सोचिए, हमारी माताओं-बहनों के पास सोना होता है। ये सोना अवसरों पर सिर्फ शरीर पर पहन करके प्रभाव पैदा करने के लिए नहीं होता है। हमारे देश में माताओं और बहनों के पास जो सोना होता है, कितना ही कम क्यों न हो। वो स्त्रीधन होता है। पवित्र माना जाता है। कानून भी उसकी रक्षा करता है। अब कानून बदलकर हमारी माताओं-बहनों की संपत्ति छीनने का भी खेल खेला जा रहा है। उनका मंगलसूत्र, उस पर उन लोगों की नजर है। माताओं-बहनों का सोना चुराने का इरादा है। इतना ही नहीं, वो सर्वे करना चाहते हैं कि जो नौकरीपेशा वर्ग है, जो कर्मचारी है। उन्होंने अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए, बच्चों की शादी के लिए, जो FD की है, फिक्स डिपोजिट की है। किसकी कितनी सैलरी है और कितनी एफडी है, उसकी भी जांच होगी। किसके पास एक वाहन है, किसके पास दो वाहन हैं, उसकी भी जांच होगी। यानि किसके पास कितनी ज़मीन है, उसकी भी जांच होगी। व्हीकल कितने हैं, उसकी जांच होगी। कांग्रेस इसका सर्वे कराएगी और फिर कांग्रेस कब्जा करेगी। सरकार के नाम पर कब्जा करके आपकी संपत्ति को छीनकर के बांटने की बात कर रही है। कांग्रेस यहां तक जाएगी, अगर आपका गांव में पुराना पैतृक घर है, बच्चों को भविष्य के लिए आपने शहर में छोटा फ्लैट ले लिया। और अगर पता चला कि आपका गांव में भी एक घर है, तो दो में से एक छीन लेंगे। आपको दो की जरूरत नहीं है। जिसको नहीं, उसको दे देंगे। कांग्रेस के लोग कहेंगे कि आपके पास गांव में एक घर तो पहले से ही है। ये माओवादी सोच है...? ये कांग्रेसियों की सोच है। ऐसा करके वो कितने ही देश को पहले ही बर्बाद कर चुके हैं।अब यही नीति, ये कांग्रेस पार्टी और इंडी अलायंस भारत में लागू करना चाहती है।आपकी मेहनत की कमाई, आपकी संपत्ति पर कांग्रेस अपना पंजा मारना चाहती है। आपका स्त्री धन लूटना चाहती है। माताओं-बहनों का मंगलसूत्र अब सलामत नहीं रहेगा। ये कांग्रेस ने कहा है। इन परिवारवादी लोगों ने देश के लोगों को लूटकर अपना इतना साम्राज्य बना लिया है। आज तक इन्होंने अपनी अकूत संपत्ति से देश के किसी गरीब को कुछ नहीं दिया। अब इनकी नजर देश के लोगों की संपत्ति पर पड़ गई है।

साथियों,

जनता के धन को लूटना, देश की संपत्ति को लूटने, कांग्रेस अपना जन्मसिद्ध अधिकार समझती है। आपको याद होगा सेना की हर खरीद में घोटाले करने वाली कांग्रेस कभी यहां डिफेंस कॉरिडोर नहीं बनवा सकती थी। बीजेपी की वजह से अब हमारा यूपी आत्मनिर्भर भारत, आत्मनिर्भर सेना का बहुत बड़ा हब बनने जा रहा है। जो लोग योगी जी की पहचान सिर्फ बुलडोजर से करते रहते हैं, मैं उनकी आंखें खोलना चाहता हूं। उनकी आंखें खोलना चाहता हूं। उत्तर प्रदेश में आजादी के बाद जितना औद्योगिक विकास नहीं हुआ उतना अकेले योगी जी के कालखंड में हुआ, उनका वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट मिशन आज पूरे देश में नई इज्जत बना रहा है। आपने बुलडोजर-बुलडोजर की बातें कहीं, अगर विकास को कोई नई ऊंचाइयों पर ले गया है, तो वह योगी जी की सरकार ले गई है और काशी के सांसद का नाते मैं उत्तर प्रदेश का सांसद हूं। वे मेरे भी माननीय मुख्यमंत्री है। मैं गर्व अनुभव करता हूं कि मेरे पास ऐसे साथी हैं। कुछ दिन पहले ही हमने ब्रह्मोस मिसाइल की पहली खेप फिलिपींस को निर्यात की है। आने वाले दिनों में ये घातक ब्रह्मोस मिसाइल भी हमारे यूपी में बनेंगी। अलीगढ़ में ब्रह्मोस मिसाइल, कौन होगा जिसे गर्व नहीं होगा।

साथियों,

डिफेंस कॉरिडोर के साथ ही इस क्षेत्र के पास डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की भी ताकत है। मालगाड़ियों के लिए जो अलग रूट बनाया गया है, इससे यहां दूसरे उद्योगों को भी बहुत फायदा होगा। अलीगढ़...हाथरस...और आसपास के छोटे, लघु और कुटीर उद्योग...ये सभी विकसित भारत की ऊर्जा हैं। आपके काम को बढ़ावा मिले, इसलिए भाजपा वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट पर बल दे रही है। अलीगढ़ के ताले हों, हाथरस का हींग हो, मेटल उद्योग हो, गारमेंट उद्योग हो, गुलाल उद्योग हो, भाजपा सरकार हर उद्योग की ताकत बढ़ा रही है। यहां के लघु उद्योगों को मुद्रा योजना से भी बहुत मदद मिली है। मुद्रा योजना के तहत भी हम भाजपा ने 20 लाख रुपए तक का लोन देना तय किया है।

साथियों,

इस क्षेत्र में हमारे विश्वकर्मा साथी, भांति-भांति के काम से जुड़े हैं। कोई मूर्तिकार है, कोई पॉटरी काम करता है, कोई कपड़ा सिलता है, कोई जूते बनाता है। आपके लिए ही 13 हज़ार करोड़ रुपए की विशेष पीएम विश्वकर्मा योजना बनाई गई है।

साथियों,

मोदी की हर गारंटी का सीधा लाभार्थी, गरीब, दलित, पिछड़ा है। और इन गारंटियों का लाभ मध्यम वर्ग को भी होता है। फैक्ट्री वाले को, दुकान वाले को, मजदूर को, गाड़ी चलाने वालों को, सबको होता है। अब जैसे अलीगढ़ और हाथरस में गरीबों के 40 हजार से ज्यादा पक्के घर बन चुके हैं। इन घरों को बनाने के लिए जो सामान लगता है, वो तो यहां के कारखानों से, यहां की दुकानों से ही जाता है। यानि गरीब को घर मिला और बाकियों को उससे काम मिला। अब तो मोदी ने 3 करोड़ नए घर बनाने की गारंटी दी है। घर बनेगा तो सीमेंट लगेगा, ईंट लगेगी, टाइल भी लगेगी, दूसरा हार्डवेयर भी लगेगा..और झुग्गी-झोंपड़ी में रहता है, तो ताला लगता है क्या और घर मिल गया तो ताला भी लगेगा। और ताला अलीगढ़ से जाएगा। आप कल्पना कीजिए, कितने ही गरीबों का जीवन सुधरेगा, कितना कारोबार बढ़ेगा।

भाइयों और बहनों,

इस क्षेत्र को गंगा और यमुना, दोनों का आशीर्वाद प्राप्त है। यहां खेती-किसानों को ताकत कैसे मिले, गन्ना किसानों की ताकत कैसे बढ़े, इसके लिए भाजपा लगातार काम कर रही है। हमने पीएम किसान सम्मान निधि के तहत अभी तक करीब 3 लाख करोड़ रुपए किसानों के खाते में भेजे हैं। अब हमने सहकारी क्षेत्र में अनाज भंडारण की सबसे बड़ी योजना शुरु की है। बीजेपी ने अपने मेनिफेस्टो में भी कहा है कि हम आलू-टमाटर-प्याज़ किसानों के लिए विशेष स्टोरेज क्लस्टर बनाएंगे। इसका बहुत अधिक लाभ अलीगढ़ और हाथरस के किसानों को होगा।

साथियों,

ये क्षेत्र ब्रज की देहरी है। चौरासी कोस परिक्रमा की धरती है। यहां खैरेश्वर महादेव और नौ देवी सिद्ध पीठ जैसे आस्था स्थल हैं। यहां तीर्थयात्रा और पर्यटन के लिए अद्भुत संभावनाएं हैं। इस धरती ने कल्याण सिंह-बाबू जी और अशोक सिंघल जी जैसी नवरत्नों को देश को दिया है। ये हम सभी के लिए कितने गर्व की बात है कि 500 साल बाद भव्य राम मंदिर हम देख रहे हैं। जब भव्य राम राम मंदिर के बाद आती है तो उनकी नींद उड़ जाती है। उनको लगता है कि ये 70-70 साल तक हम रोक कर बैठे थे। यह मोदी क्या आ गया। इतने साल में कोर्ट से जजमेंट भी आ गया। मंदिर ही बनना शुरू हो गया। मंदिर बन भी गया। प्राण-प्रतिष्ठा भी हो गई। लाखों श्रद्धालु भी आने लग गए। अब उनकी नींद उड़ गई है। मैं क्या करूं? बताओ। इसलिए इतने गुस्से में है कि प्राण प्रतिष्ठा के निमंत्रण को ठुकरा दिया। कोई ऐसा करेगा, करेगा क्या, मुझे प्राण प्रतिष्ठा का निमंत्रण देने आए थे तो मैंने जूते निकाल करके उसे सर पर लगाया था। उसे अपना भाग्य मानता था। भव्य राम मंदिर, आज के भारत को विकसित होने का आशीर्वाद दे रहा है।

साथियों,

अब आपको विकसित भारत बनाने के लिए, भारत में एक मज़बूत सरकार बनानी है। इसके लिए भाजपा को वोट करना है, एनडीए को वोट करना है। मेरा आपसे एक और अनुरोध है कि आप घर-घर जाइए और मतदाताओं से बैठकर के बताइए की छुट्टियां हो शादी हो, कुछ भी हो लेकिन वोट करने जाएंगे। उनसे वादा करिए, पक्का वादा कीजिए। दूसरा काम जब मतदान होना तो उत्सव मनाइए अपने पोलिंग बूथ में। लोकतंत्र का उत्सव है, आनंद उत्सव होना चाहिए। छोटी-छोटी 15-15, 20-20 की टोलियों में मतदान करने के लिए जाएं और हमारे गांव वाले तो तुरंत गीत बना भी देते हैं। लोकतंत्र का जय-जयकार करते हुए जाएं और फिर मतदान करके वापस लौटे। तीसरा काम हमें पोलिंग बूथ जीतना है। हमें एक भी पोलिंग बहुत हारना नहीं है। घर-घर जाओगे हाथ ऊपर करके बताइए, घर-घर जाओगे। मतदाताओं को मिलकर के बात बताओगे। दरवाजे से पर्चा देकर नहीं ना है। घर-घर जाकर बैठना है। उनका पानी पीना है। उनसे 5 मिनट बात करनी है, करोगे। छोटे जुलूस निकालते हुए उत्साह मनाते हुए मतदान करोगे। पहले मतदान फिर जलपान। जब तक मतदान नहीं करेंगे, जलपान नहीं करेंगे। यह बात पक्की करोगे और फिर पोलिंग बूथ जीत कर दिखाओगे। पहले से रिकॉर्ड मत से उसे जीतोगे पक्का जीतोगे मेरा काम करोगे। मेरा पर्सनल काम है जरा हाथ ऊपर करके बताइए। घर-घर जाना और जाकर के कहना की अपने मोदी जी घर घर आए थे। मोदी जी आपको राधे- राधे कहा है, राम-राम कहा है। घर-घर मेरा प्रणाम पहुंचा देंगे। मेरे साथ बोलिए,

भारत माता की जय
भारत माता की जय
भारत माता की जय।