मेरे प्यारे देशवासियो,

आज विजयदशमी का पावन पर्व है। आप सबको विजयदशमी की अनेक- अनेक शुभकामनाएं।

मैं आज रेडियो के माध्यम से आपसे कुछ मन की बाते बताना चाहता हूं और मेरे मन में तो ऐसा है कि सिर्फ आज नहीं कि बातचीत का अपना क्रम आगे भी चलता रहे। मैं कोशिश करूंगा, हो सके तो महीने में दो बार या तो महीने में एक बार समय निकाल कर के आपसे बाते करूं। आगे चलकर के मैंने मन में यह भी सोचा है कि जब भी बात करूंगा तो रविवार होगा और समय प्रात: 11 बजे का होगा तो आपको भी सुविधा रहेगी और मुझे भी ये संतोष होगा कि मैं मेरे मन की बात आपके मन तक पहुंचाने में सफल हुआ हूं।

आज जो विजयदशमी का पर्व मनाते हैं ये विजयदशमी का पर्व बुराइयों पर अच्छाइयों की विजय का पर्व है। लेकिन एक श्रीमान गणेश वेंकटादरी मुंबई के सज्जन, उन्हों ने मुझे एक मेल भेजा,  उन्होंने कहा कि विजयदशमी में हम अपने भीतर की दस बुराइयों को खत्म करने का संकल्प करें। मैं उनके इस सुझाव के लिए उनका आभार व्यक्त करता हूं। हर कोई जरूर सोचता होगा अपने-अपने भीतर की जितनी ज्यादा बुराइयों को पराजय करके विजय प्राप्त करे, लेकिन राष्ट्र  के रूप में मुझे लगता है कि आओ विजयदशमी के पावन पर्व पर हम सब गंदगी से मुक्ति का संकल्प करें और गंदगी को खत्म  कर कर के विजय प्राप्त करना विजयदशमी के पर्व पर हम ये संकल्प कर सकते हैं।

कल 2 अक्टूबर पर महात्मा गांधी की जन्म जयंती पर “स्वच्छ‍भारत” का अभियान सवा सौ करोड़ देशवासियों ने आरंभ किया है। मुझे विश्वास है कि आप सब इसको आगे बढ़ाएंगे। मैंने कल एक बात कही थी “स्वच्छ  भारत अभियान” में कि मैं नौ लोगों को निमंत्रित करूंगा और वे खुद सफाई करते हुए अपने वीडियो को सोशल मीडिया में अपलोड करेंगे और वे ‘और’ नौ लोगों को निमंत्रित करेंगे। आप भी इसमें जुडि़ए, आप सफाई कीजिए, आप जिन नौ लोगों का आह्वान करना चाहते हैं, उनको कीजिए, वे भी सफाई करें, आपके साथी मित्रों को कहिए, बहुत ऊपर जाने की जरूरत नहीं, और नौ लोगों को कहें, फिर वो और नौ लोगों को कहें, धीरे-धीरे पूरे देश में ये माहौल बन जाएगा। मैं विश्वास करता हूं कि इस काम को आप आगे बढ़ायेंगे।

हम जब महात्मा गांधी की बात करते हैं, तो खादी की बात बहुत स्वाभाविक ध्यान में आती है। आपके परिवार में अनेक प्रकार के वस्त्र  होंगे, अनेक प्रकार के वस्त्र होंगे, अनेक प्रकार के  फैब्रिक्स होंगे, अनेक कंपनियों के productsहोंगे, क्या उसमें एक खादी का नहीं हो सकता क्या,  मैं अपको खादीधारी बनने के लिए नहीं कह रहा, आप पूर्ण खादीधारी होने का व्रत करें, ये भी नहीं कह रहा। मैं सिर्फ इतना कहता हूं कि कम से कम एक चीज, भले ही वह हैंडकरचीफ,  भले घर में नहाने का तौलिया हो, भले हो सकता है बैडशीट हो, तकिए का कबर हो, पर्दा हो, कुछ तो भी हो, अगर परिवार में हर प्रकार के फैब्रिक्स का शौक है,  हर प्रकार के कपड़ों का शौक है, तो ये नियमित होना चाहिए और ये मैं इसलिए कह रहा हूं कि अगर आप खादी का वस्त्र खरीदते हैं तो एक गरीब के घर में दीवाली का दीया जलता है और इसीलिए एकाध चीज ... और इन दिनों तो 2 अक्टूबर से लेकर करीब महीने भर खादी के बाजार में स्पेशल डिस्काउंट होता है, उसका फायदा भी उठा सकते हैं। एक छोटी चीज…… और आग्रहपूर्वक इसको करिए और आप देखिए गरीब के साथ आपका कैसा जुड़ाव आता है। उस पर आपको कैसी सफलता मिलती है। मैं जब कहता हूं सवा सौ करोड़ देशवासी अब तक क्या हुआ है.... हमको लगता है सब कुछ सरकार करेगी और हम कहां रह गए,  हमने देखा है .... अगर आगे बढ़ना है तो सवा सौ करोड़ देशवासियों को...करना पड़ेगा ….. हमें खुद को पहचानना पड़ेगा, अपनी शक्ति को जानना पड़ेगा और मैं सच बताता हूं हम विश्व में अजोड़ लोग हैं। आप जानते हैं हमारे ही वैज्ञानिकों ने कम से कम खर्च में मार्स पहुंचने का सफल प्रयोग, सफलता पूर्वक पर कर दिया। हमारी ताकत में कमी नहीं है, सिर्फ हम  अपनी शक्ति को भूल चुके हैं। अपने आपको भूल चुके हैं। हम जैसे निराश्रित बन गए हैं.. नहीं मेरे प्यारे भइयों बहनों ऐसा नहीं हो सकता। मूझे स्वामी विवेकानन्द जी जो एक बात कहते थे, वो बराबर याद आती है। स्वामी वि‍वेकानन्द  अक्सर एक बात हमेशा बताया करते थे। शायद ये बात उन्होंने कई बार लोगों को सुनाई होगी।

विवेकानन्द जी कहते थे कि एक बार एक शेरनी अपने दो छोटे-छोटे बच्चों को ले कर के रास्ते से गुजर रही थी। दूर से उसने भेड़ का झुंड देखा,  तो शिकार करने का मन कर गया,  तो शेरनी उस तरफ दौड़ पड़ी और उसके साथ उसका एक बच्चा भी दौड़ने लगा। उसका दूसरा बच्चा  पीछे छूट गया और शेरनी भेड़ का शिकार करती हुई आगे बढ़ गई। एक बच्चा भी चला गया, लेकिन एक बच्चा बिछड़ गया, जो बच्चा बिछड़ गया उसको एक माता भेड़ ने उसको पाला-पोसा बड़ा किया और वो शेर भेड़ के बीच में ही बड़ा होने लगा। उसकी बोलचाल, आदतें सारी भेड़ की जैसी हो गईं। उसका हंसना खेलना,  बैठना,  सब भेड़ के साथ ही हो गया। एक बार, वो जो शेरनी के साथ बच्चा चला गया था, वो अब बड़ा हो गया था। उसने उसको एक बार देखा ये क्या बात है। ये तो शेर है और भेड़ के साथ खेल रहा है। भेड़ की तरह बोल रहा है। क्या‍हो गया है इसको। तो शेर को थोड़ा अपना अहम पर ही संकट आ गया। वो इसके पास गया। वो कहने लगा अरे तुम क्या कर रहे हो। तुम तो शेर हो। कहता- नहीं, मैं तो भेड़ हूं। मैं तो इन्हीं के बीच पला-बढ़ा हूं। उन्होंने मुझे बड़ा किया है। मेरी आवाज देखिए, मेरी बातचीत का तरीका देखिए। तो शेर ने कहा कि चलो मैं दिखाता हूं तुम कौन हो। उसको एक कुएं के पास ले गया और कुएं में पानी के अंदर उसका चेहरा दिखाया और खुद के चेहरे के साथ उसको कहा- देखो, हम दोनों का चेहरा एक है। मैं भी शेर हूं, तुम भी शेर हो और जैसे ही उसके भीतर से आत्मसम्मान जगा, उसकी अपनी पहचान हुई तो वो भी उस शेर की तरह,  भेड़ों के बीच पला शेर भी दहाड़ने लगा। उसके भीतर का सत्व जग गया। स्वामी विवेकानंद जी यही कहते थे। मेरे देशवासियों, सवा सौ करोड़ देशवासियों के भीतर अपार शक्ति है, अपार सामर्थ्य है। हमें अपने आपको पहचानने की जरूरत है। हमारे भीतर की ताकत को पहचानने की जरूरत है और फिर जैसा स्वामी विवेकानंदजी ने कहा था उस आत्म-सम्मान को ले करके, अपनी सही पहचान को ले करके हम चल पड़ेंगे, तो विजयी होंगे और हमारा राष्ट्र भी विजयी होगा, सफल होगा। मुझे लगता है हमारे सवा सौ करोड़ देशवासी भी सामर्थ्यवान हैं, शक्तिवान हैं और हम भी बहुत विश्वास के साथ खड़े हो सकते हैं।

इन दिनों मुझे ई-मेल के द्वारा सोशल मीडिया के द्वारा, फेस-बुक के द्वारा कई मित्र मुझे चिट्ठी लिखते हैं। एक गौतम पाल करके व्यक्ति ने एक चिंता जताई है, उसने कहा है कि जो स्पैशली एबल्ड चाईल्ड होते हैं, उन बालकों के लिए नगरपालिका हो, महानगरपालिका, पंचायत हो, उसमें कोई न कोई विशेष योजनाएं होती रहनी चाहिएं। उनका हौसला बुलन्द करना चाहिए। मुझे उनका ये सुझाव अच्छा लगा क्यों कि मेरा अपना अनुभव है कि जब मैं गुजरात में मुख्यामंत्री था तो 2011 में एथेन्स में जो स्पेशल ओलम्पिक होता है, उसमें जब गुजरात के बच्चे गये और विजयी होकर आये तो मैंने उन सब बच्चों  को, स्पेशली एबल्ड बच्चों  को मैंने घर बुलाया। मैंने दो घंटे उनके साथ बिताये, शायद वो मेरे जीवन का बहुत ही इमोशनल,  बड़ा प्रेरक, वो घटना थी। क्योंकि मैं मानता हूं कि किसी परिवार में स्पेशली एबल्ड बालक है तो सिर्फ उनके मां-बाप का दायित्व नहीं है। ये पूरे समाज का दायित्व है। परमात्मा ने शायद उस परिवार को पसंद किया है, लेकिन वो बालक तो सारे राष्ट्र् की जिम्मेसदारी होता है। बाद में इतना मैं इमोशनली टच हो गया था कि मैं गुजरात में स्पे‍शली एबल्ड  बच्चों  के लिए अलग ओलम्पिक करता था। हजारों बालक आते थे, उनके मां-बाप आते थे। मैं खुद जाता था। ऐसा एक विश्वास का वातावरण पैदा होता था और इसलिए मैं गौतम पाल के सुझाव, जो उन्होंने दिया है,  इसके लिये मैं, मुझे अच्छा लगा और मेरा मन कर गया कि मैं मुझे जो ये सुझाव आया है मैं आपके साथ शेयर करूं।

     एक कथा मुझे और भी ध्यान आती है। एक बार एक राहगीर रास्ते के किनारे पर बैठा था और आते-आते सबको पूछ रहा था मुझे वहाँ पहुंचना है, रास्ता  कहा है। पहले को पूछा, दूसरे को पूछा, चौथे को पूछा। सबको पूछता ही रहता था और उसके बगल में एक सज्जन बेठे थे। वो सारा देख रहे थे। बाद में खड़ा हुआ। खड़ा होकर किसी को पूछने लगा, तो वो सज्जन खड़े हो करके उनके पास आये। उसने कहा – देखो भाई, तुमको जहां जाना है न, उसका रास्ता इस तरफ से जाता है। तो उस राहगीर ने उसको पूछा कि भाई साहब आप इतनी देर से मेरे बगल में बेठे हो, मैं इतने लोगों को रास्ता पूछ रहा हूं,  कोई मुझे बता नहीं रहा है। आपको पता था तो आप क्यों  नहीं बताते थे। बोले, मुझे भरोसा नहीं था कि तुम सचमुच में चलकर के जाना चाहते हो या नहीं चाहते हो। या ऐसे ही जानकारी के लिए पूछते रहते हो। लेकिन जब तुम खड़े हो गये तो मेरा मन कर गया कि हां अब तो इस आदमी को जाना है, पक्का  लगता है। तब जा करके मुझे लगा कि मुझे आपको रास्ता दिखाना चाहिए।

     मेरे देशवासियों, जब तक हम चलने का संकल्प  नहीं करते, हम खुद खड़े नहीं होते, तब रास्ता दिखाने वाले भी नहीं मिलेंगे। हमें उंगली पकड़ कर चलाने वाले नहीं मिलेंगे। चलने की शुरूआत हमें करनी पड़ेगी और मुझे विशवास है कि सवा सौ करोड़ जरूर चलने के लिए सामर्थ्यवान है, चलते रहेंगे।

     कुछ दिनों से मेरे पास जो अनेक सुझाव आते हैं,  बड़े इण्टरेस्टिंग सुझाव लोग भेजते हैं। मैं जानता हूं कब कैसे कर पायेंगे, लेकिन मैं इन सुझावों के लिए भी एक सक्रियता जो है न,  देश हम सबका है,  सरकार का देश थोड़े न है। नागरिकों का देश है। नागरिकों का जुड़ना बहुत जरूरी है। मुझे कुछ लोगों ने कहा है कि जब वो लघु उद्योग शुरू करते हैं तो उसकी पंजीकरण जो प्रक्रिया है वो आसान होनी चाहिए। मैं जरूर सरकार को उसके लिए सूचित करूंगा। कुछ लोगों ने मुझे लिख करके भेजा है – बच्चों को पांचवीं कक्षा से ही स्किल डेवलेपमेंट सिखाना चाहिए। ताकि वो पढ़ते ही पढ़ते ही कोई न कोई अपना हुनर सीख लें, कारीगरी सीख लें। बहुत ही अच्छा सुझाव उन्होंने दिया है। उन्होंहने ये भी कहा है कि युवकों को भी स्किल डेवलेपमेंट होना चाहिए उनकी पढ़ाई के अंदर। किसी ने मुझे लिखा है कि हर सौ मीटर के अंदर डस्ट बीन होना चाहिए, सफाई की व्यनवस्था  करनी है तो।

कुछ लोगों ने मुझे लिख करके भेजा है कि पॉलीथिन के पैक पर प्रतिबंध लगना चाहिए। ढेर सारे सुझाव लोग मुझे भेज रहे हैं। मैं आगे से ही आपको कहता हूं अगर आप मुझे कहीं पर भी कोई सत्य घटना भेजेंगे,  जो सकारात्मरक हो, जो मुझे भी प्रेरणा दे,  देशवासियों को प्रेरणा दे, अगर ऐसी सत्य घटनाएं सबूत के साथ मुझे भेजोगे तो मैं जरूर जब मन की बात करूंगा, जो चीज मेरे मन को छू गयी है वो बातें मैं जरूर देशवासियों तक पहुंचाऊंगा।

ये सारा मेरा बातचीत करने का इरादा एक ही है – आओ, हम सब मिल करके अपनी भारत माता की सेवा करें। हम देश को नयी ऊंचाइयों पर ले जायें। हर कोई एक कदम चले, अगर आप एक कदम चलते हैं, देश सवा सौ करोड़ कदम आगे चला जाता है और इसी काम के लिए आज विजयदशमी के पावन पर्व पर अपने भीतर की सभी बुराइयों को परास्त करके विजयी होने के संकल्पर के साथ, कुछ अच्छा करने का निर्णय करने के साथ हम सब प्रारंभ करें। आज मेरी शुभ शुरूआत है। जैसा जैसा मन में आता जायेगा, भविष्य में जरूर आपसे बातें करता रहूंगा। आज जो बातें मेरे मन में आईं वो बातें मैंने आपको कही है। फिर जब मिलूंगा, रविवार को मिलूंगा। सुबह 11 बजे मिलूंगा लेकिन मुझे विश्वास है कि हमारी यात्रा बनी रहेगी, आपका प्यार बना रहेगा।

आप भी मेरी बात सुनने के बाद अगर मुझे कुछ कहना चाहते हैं,  जरूर मुझें पहुंचा दीजिये, मुझे अच्छा  लगेगा। मुझे बहुत अच्छा  लगा आज आप सबसे बातें कर के‍और रेडियो का....ऐसा सरल माध्यम है कि मैं दूर-दूर तक पहुंच पाऊंगा। गरीब से गरीब घर तक पहुंच जाऊंगा,  क्योंकि मेरा,  मेरे देश की ताकत गरीब की झोंपडी में है,  मेरे देश की ताकत गांव में है, मेरे देश की ताकत माताओं,  बहनों, नौजवानों में है, मेरी देश की ताकत किसानों में है। आपके भरोसे से ही देश आगे बढ़ेगा। मैं विश्वास व्यक्त  करता हूं। आपकी शक्ति में भरोसा है इसलिए मुझे भारत के भविष्य में भरोसा है।

मैं एक बार आप सबको बहुत-बहुत धन्यवाद देता हूं। आपने समय निकाला। फिर एक बार बहुत-बहुत धन्यववाद!

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नमस्कारम।

केरल में, केरलम में चुनाव प्रचार बहुत तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। ये स्पष्ट है कि इस बार केरलम सिर्फ नई सरकार ही नहीं, नई व्यवस्था के लिए मन बना चुका है। इसमें बीजेपी-एनडीए के पक्ष में एक वेव चल रही है। ‘मेरा बूथ सबसे मज़बूत’ के मंत्र के साथ आप सभी बूथ पर काम कर रहे हैं, बीजेपी को मज़बूत कर रहे हैं। मैं आप सभी के अनुभव जानने के लिए बहुत उत्सुक हूं। चलिए, बातचीत की शुरुआत करते हैं। सबसे पहले कौन बात करने वाले हैं?

अनीता जी- नमस्ते मोदी जी, मेरा नाम अनीता कुमारी आर है। मैं तिरुवनंतपुरम ज़िले में चिरयिनकीझु में काम करती हूं बीजेपी के लिए। मैं एक आशा वर्कर भी हूं। मैं पिछले 15 साल बीजेपी में काम करती हूं। 19 साल से आशा वर्कर भी है। मैं बीजेपी में काम करने के लिए बहुत गर्व करती हूं और मैं संगठन मंडल की महासचिव भी हूं।

पीएम- अनीता जी, राजनीति के जो जानकार हैं वो कह रहे हैं कि तिरुवनंतपुरम में बीजेपी की जीत के बाद से पार्टी कार्यकर्ताओं और केरलम की जनता दोनों में बहुत जोश है। और मैं कुछ दिन पहले पालक्काड में एक सभा के लिए गया था। त्रिशूर में एक रोड शो भी किया था। मुझे हर जगह पर केरलम के लोगों का एक नया उत्साह, बीजेपी के प्रति एक अलग जोश दिखा है। इसे केरलम की पॉलिटिक्स में टर्निंग पॉइंट भी बताया जा रहा है। आपका ग्राउंड पर एक्सपीरियंस क्या है? आप क्या अनुभव कर रहे हैं?

अनीता जी- मोदी जी, मैं एक कोस्टल एरिया से आ रही हूं। पिछले सालों में ये एरिया में बीजेपी के लिए एक बूथ इंचार्ज को मिलना भी मुश्किल था। पर आज-कल उन्हीं लोगों, वो मछली पकड़ने वाले लोगों बहुत ज़्यादा नंबर में बीजेपी में आ रहे हैं। आजकल मैं उनके साथ काम करती हूं और मुझे पूरा विश्वास है कि आने वाले दिन में बीजेपी को ये कोस्टल एरिया में एक मज़बूत पार्टी हम सब मिलकर बनाएंगे।


पीएम- अनीता जी, आपने काफी अच्छी जानकारी दी है। आपका उत्साह भी आपके शब्दों में दिखाई दे रहा है। देखिए तिरुवनंतपुरम ने एक रास्ता दिखाया है। लेफ्ट और कांग्रेस वालों को लगता था कि कुछ भी हो, कितना ही बड़ा मिसरूल हो, मिसमैनेजमेंट हो, केरलम में बारी-बारी उनको ही मौका मिलेगा। तिरुवनंतपुरम ने उस परसेप्शन को तोड़ा है। इसलिए आप देखिए यूडीएफ और एलडीएफ एक-दूसरे से ज़्यादा इस बार बीजेपी को टारगेट कर रहे हैं।

सुहृत्तुक्कले,

मेरे कुछ सुझाव हैं जो आने वाले कुछ दिनों में काम आ सकते हैं। आज-कल क्रिकेट का सीजन चल रहा है और केरलम के लोगों के लिए इसमें भी एक सीखने की चीज़ है। जैसे हम अक्सर संजू सैमसन की परफॉर्मेंस में देखते हैं। संजू सैमसन को हमने वर्ल्ड कप में देखा कि जैसे-जैसे टूर्नामेंट में क्रंच सिचुएशन आती गई, नॉकआउट स्टेज आया, उनकी परफॉर्मेंस एकदम से पीक पर पहुंच गई। शुरू से लेकर लास्ट तक उनका फोकस, उनका कॉन्फिडेंस और उनकी इंटेंसिटी लगातार बढ़ती गई। यही एक सच्चे खिलाड़ी की पहचान होती है।

जब टीम को सबसे ज़्यादा ज़रूरत हो, तब वो अपना बेस्ट करके दिखाए। इसलिए जब वोटिंग का दिन आए और अब जो जितने दिन बचे हैं, बहुत ज़्यादा दिन तो बचे नहीं हैं, हमारी सक्रियता और हमारा संपर्क हर घर तक और ज़्यादा मज़बूत होना चाहिए। पहले अगर 6 घंटे काम करते थे तो अब 9 घंटे करना चाहिए। पहले 9 घंटा काम करते थे तो 12 घंटा करना चाहिए। पहले अकेले करते थे तो अब पूरे परिवार को मैदान में उतारना चाहिए। घर के सब सदस्यों को काम में लगाना चाहिए।

देखिए आप बूथ में काम करने वाले कार्यकर्ता हैं और हमें बूथ को मज़बूत बनाना है। बूथ मज़बूत होगा तो विजय पक्का होगा। और इसके लिए तो मेरा आग्रह है आपको 9 अप्रैल से पहले अपने बूथ के हर परिवार के पास कम से कम तीन बार जाना है और घर में बैठकर एक-एक व्यक्ति से बात करना है। एक-एक मतदाता को भाजपा के लिए वोट कराने के लिए आपको उसे समझाना है। उन्हें बताइए कि बीते वर्षों में केरलम में सेंट्रल गवर्नमेंट की स्कीम्स पर, इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के काम पर कैसे ये यूडीएफ-एलडीएफ वाले रुकावटें डालते गए। केरलम में ऐसी डबल इंजन सरकार चाहिए जो खुद भी काम करे और केंद्र के काम को भी आगे बढ़ाइए। अनीता जी आपको बहुत-बहुत शुभकामनाएं, आप जो भी क्षेत्र में काम करती है वहां पूरी तरह विजय प्राप्त कीजिए.. चलिए आगे चलते है अगले साथी कौन है।

विनीता जी- नमस्ते मोदी जी, मेरा नाम विनीता केके है। ज़िला वायनाड में मानंतवाडी में मैं रहती हूं। मैं वीबी जीरामजी में काम करती हूं और खेती भी करती हूं। आपके मैं 8 नंबर बूथ का अध्यक्ष हूं और आज आपके साथ बात करने में बहुत खुशी हुआ है।

पीएम- विनीता जी, मेरे लिए बहुत खुशी की बात है कि केरल के कोने में आपको काम करते देखना और आज आपसे बात करने का अवसर मिलना। आपसे मैं एक और बात जानना चाहता हूं। ये तो साफ-साफ नज़र आता है कि केरलम के लोग एलडीएफ और यूडीएफ की लूट से तंग आ चुके हैं। आप जब अपने बूथ पर लोगों से मिलते हैं तो वे बीजेपी से क्या एक्सपेक्ट करते हैं? क्या अपेक्षाएं हैं? वे केरलम में बीजेपी-एनडीए से कैसी सरकार की उम्मीद करते हैं?

विनीता जी- नमस्ते मोदी जी, जब हम घर-घर जाती हूं उस समय उधर के लोग कहते हैं कि हमारा केरल में मोदी जी जैसा एक सीएम चाहिए। मोदी मॉडल सत्ता चाहिए, सरकार चाहिए। केरल जो मुश्किलों में अब फंसी हुई है, इस मुश्किलों से बाहर आने के लिए हमें मोदी जी जैसा एक सीएम चाहिए और मोदी जी का सरकार जैसा सरकार चाहिए। केरल का लोग ये प्रतीक्षा में है।

पीएम- विनीता जी आप पब्लिक स्पीच देती हैं क्या? भाषण करती हैं क्या?

विनीता जी- थोड़ा-थोड़ा भाषण देती हूं और पिछले लोकल बॉडी इलेक्शन में कैंडिडेट भी थी। इसका एक्सपीरियंस है मेरे पास।

पीएम- विनीता जी आपको सुनकर के मैं सचमुच में बहुत मुझे आश्चर्य हुआ है कि आप अनुसूचित जनजाति समाज से और वो भी अत्यंत गरीब परिवार से और वो भी दैनिक मज़दूर के रूप में जीरामजी में काम करती हो और इतने बढ़िया तरीके से, इतने स्पष्ट शब्दों में आप शानदार बात करती हो। मुझे बहुत गर्व हुआ कि मेरी पार्टी में छोटे से छोटा कार्यकर्ता भी इतने सामर्थ्यवान हैं। सबसे पहले तो मैं आगे बात करने से पहले आपको इस बात के लिए बहुत बधाई देता हूं।

पीएम- विनीता जी, आपने जो कहा मुझे बहुत सच लगता है क्योंकि मैं पिछले दिनों जब केरलम में आया और चुनाव रैलियों में जो मैंने वातावरण देखा, उससे मुझे साफ लगता है कि केरलम इस बार बीजेपी-एनडीए को अवसर देने के लिए पूरी तरह से तैयार है। हमें केरलम की जनता के इस विश्वास को अब अटूट भरोसे में बदलना है।

मैं सभी केरलम के बूथ के कार्यकर्ताओं से आग्रह करना चाहूंगा और इसके लिए मैं आपसे कुछ बातें बताता रहता हूं जो आप अपने बूथ के मतदाताओं के बीच लेकर जा सकते हैं। आप अपने बूथ के लिए अगले 5 साल का रोडमैप बनाइए। बूथ के लोग जो परिवर्तन देखना चाहते हैं, इसमें उन अपेक्षाओं का ब्लूप्रिंट ही दिखाई देना चाहिए। बीजेपी-एनडीए सरकार उसके आधार पर आने वाले 5 वर्षों में इसके आधार पर काम करेगी। ये गारंटी मोदी की तरफ से आपको देनी है। आप लोगों को घर-घर जाकर के भरोसा दीजिए कि एक बार बीजेपी-एनडीए को ज़रूर वोट दें।

कांग्रेस और कम्युनिस्टों को आप सबने 75 साल दिए हैं। बीजेपी-एनडीए को 5 साल देकर देखिए। और बड़े विश्वास से बताइए, पूरे देश में हमें जहां-जहां मौका मिला है, हर राज्य में हमारे कार्यकर्ताओं ने वहां की अद्भुत सेवा की है। ये विश्वास के साथ बताइए। और विनीता जी, मैं तो चाहूंगा कि वहां के जो मीडिया वाले हैं वे आपकी और आपके सांसद की पब्लिक में डिबेट करवा दें। आप दोनों का आमने-सामने भाषण करवा दें। मैं पक्का मानता हूं, आप अपने सांसद से भी बहुत बढ़िया भाषण कर दोगी। चलिए आगे कौन साथी बात करेंगे।

श्रीकुमार- नमस्ते मोदी जी, मेरा नाम श्रीकुमार वी है। मैं 1998 से इंडियन आर्मी में काम किया। सिक्स मद्रास बसंतार यूनिट में था और 2016 में आर्मी से रिटायर होने के बाद अब बीजेपी में काम करता हूं। मैं मंडल सचिव हूं और पंदलम नगरपालिका म्युनिसिपैलिटी काउंसलर भी है।

पीएम- श्रीकुमार जी, आपने तो अपनी जवानी देश के लिए खपा दी है। एक सैनिक के नाते एक बहुत ही जज़्बे के साथ आपने देश के लिए जीवन जिया है। और मैंने देखा है कि जो पूर्व सैनिक हैं उनके दिल में देशभक्ति इतनी भरी रहती है कि वे हमेशा भाजपा को पसंद करते हैं। और आपने भाजपा के माध्यम से देश की सेवा जारी रखी है। इतना ही नहीं, आपको आपके वहां के लोगों ने भी सेवा करने का अवसर दिया, आपको चुन करके भेजा। मैं सबसे पहले तो आपको आपकी इस देशभक्तिपूर्ण प्रेरक यात्रा के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

श्रीकुमार वी, केरल में जो स्टेटस को रहा है इससे सबसे ज्यादा बेचैन हमारे युवा रहे हैं। उनको लगता है कि एलडीएफ को सत्ता मिले या यूडीएफ को, यूथ की मजबूरी माइग्रेशन ही है। इसलिए वे इफ्रास्ट्रक्चर, इंडस्ट्री और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने वाली बीजेपी को मौका देना चाहते हैं। केरलम के युवा आपसे ज़रूर प्रेरणा लेते हैं, आपसे खुलकर के बातें भी करते होंगे। केरलम के युवा आपसे क्या कहते हैं?

पीएम- श्रीकुमार वी जी से हमारी बातचीत कट हो गई है, दोबारा कनेक्ट हो जाएगा तो श्रीकुमार वी जी के पास आऊंगा, तब तक हम आगे चलते हैं। आइए अब कौन बात करेंगे, श्रीकुमार वी जी से बाद में बात करेंगे।

दिलीप जी- नमस्कार मोदी जी.. मेरा नाम दिलीप कुमार है। मैं जिला मल्लापुरम, कोंडोट्टी से हूं। मैं 46वां बूथ का कार्यकर्ता हूं, मैं पिछले 15 साल से बीजेपी में कार्य कर रहा हूं। मेरे साथ मेरे पिता जी और माता जी भी हैं। हम सब आपके भाषण सुन रहे हैं।

पीएम- दिलीप कुमार जी सबसे पहले तो अपने माता-पिता को मेरा प्रणाम कहिएगा अच्छा मुझे बताइए केरल में जिस तरह कांग्रेस और कम्युनिस्ट करप्शन और कम्युनिज्म फैला रहा है उससे भी लोगों में बहुत गुस्सा है क्योंकि वो समाज को बांटने का काम करते हैं, एक-दूसरे से लड़ाई लड़ाने का काम करते हैं। यूडीएफ और एलडीएफ दोनों में कट्टरपंथियों के वोट के लिओ होड़ लगी हुई है। और आपको तो मालूम है आज-कल हम साफ देख रहे हैं कि वो गांधी जी वाली कांग्रेस बची नहीं है अब एक ऐसी कांग्रेस है जो माओवादी मुस्लिम लीगी कांग्रेस बन गई है। आप जब लोगों से मिलते होंगे तो आपसे भी लोग इसी प्रकार से बहुत सी बाते करते होंगे। मैं जरूर जानना चाहता हूं कि जमीन की हकीकतें क्या है।

दिलीप जी- मोदी जी आपने ठीक कहा। केरल में कम्युनिस्ट और कांग्रेस ऐसा काम करता है। इसका बहुत अच्छा उदाहरण है वेंगरा विधानसभा क्षेत्र से जो मुस्लिम लीग का कैंडिडेट है। इन्होंने कहा मज़हब है, मज़हब है, मज़हब है मेरे लिए पहला इश्यू। मैं इसके लिए काम करता है। जो मुस्लिम कम्युनिटी को पिछले 10 साल में जो नहीं मिला हम अगले 5 साल में हम मुस्लिम कम्युनिटी के लिए काम करेगा, सिर्फ उस कम्युनिटी के लिए काम करेगा ऐसा बोला। इसलिए ये दोनों यूडीएफ और एलडीएफ कट्टरपंथियों के पीछे हैं, उसके वोट के लिए सब कुछ करता है, इसके साथ गठबंधन करता है। मगर केरल का मलप्पुरम डिस्ट्रिक्ट का लोग आपकी तरह मोदी जी के जैसा एक सीएम चाहता है, ऐसा एक सरकार चाहता है।

पीएम- दिलीप जी आपने एक बहुत गंभीर विषय उठाया है। एलडीएफ और यूडीएफ करप्शन और कम्युनलिज्म तो फैला ही रहे हैं। ये केरलम का डबल नुकसान कर रहे हैं। एक तरफ ये वोट के लिए फंडामेंटलिस्ट ताकतों का इस्तेमाल कर रहे हैं और उनके एजेंडे से समाज को तोड़ने का ही काम कर रहे हैं। दूसरी तरफ ये हमारी आस्था से खिलवाड़ कर रहे हैं। भगवान अयप्पा के भक्तों के साथ ये क्या कर रहे हैं? वहां जो गोल्ड है उसको लेकर एलडीएफ और यूडीएफ कैसे मिलकर बेईमानी कर रहे हैं? कोऑपरेटिव बैंकों में आपकी जमा पूंजी को कैसे बर्बाद कर रहे हैं? ये सब कुछ जनता देख रही है। और दिलीप जी आपने कहा कि मेरे जैसा मुख्यमंत्री। देखिए मेरे लिए तो आप ही मोदी हैं। केरलम का मेरा एक-एक कार्यकर्ता मेरे लिए तो मोदी है। और इसलिए केरलम की जनता हमारे कार्यकर्ताओं को जहां भी सेवा करने का मौका देती है, वो पूरे समर्पण भाव से सिर्फ और सिर्फ राज्य की जनता की सेवा के लिए अपने आप को खपा देते हैं।

सुहृत्तुक्कले,

मैं सभी बूथ के कार्यकर्ताओं से आज कुछ बातें जरूर कहूंगा आपको बूथ पर ये दोनों एलडीएफ और यूडीएफ उनके कम्युनल और करप्ट एजेंडे को घर-घर जाकर एक्सपोज करना है। घर में जाकर के बैठकर के एक-एक घटना लोगों को याद कराना है। और साथ-साथ कुछ काम और भी करना चाहिए। आपके बूथ में ऐसे हर काम जिसमें करप्शन के आरोप हैं उनको लोगों को बताइए.. हर किसी को बताइए.. ये पैसा आपका है आपके पैसे लूटे गए हैं। लोगों में इस विषय पर चर्चा होनी चाहिए और ये जनता को लूटने वालों के लिए जनता में नफरत पैदा होनी चाहिए।

मैं सभी बूथ के कार्यकर्ताओं को ये भी कहना चाहूंगा कि आप जब लोगों के बीच जाएं तो बड़े विश्वास के साथ बताइए कि हमारी सबका साथ सबका विकास ये नीति की कितनी ताकत है। मैंने तो देखा है दुनिया के बड़े-बड़े नेताओं से मिलता हूं तो वो भी भारत में आज जो सरकार सबका साथ सबका विकास की बात कर रही है उसको बहुत एप्रेसिएट करते हैं। हमें घर-घर इस बात को पहुंचाना चाहिए बीजेपी की जो वेलफेयर स्कीम है आंकड़ो के साथ और मोबाइल फोन पर वीडियो-वीडियो ले जाकर के डेटा सहित तर्क भी चाहिए और तथ्य भी चाहिए सबको समझानी चाहिए.. और इसलिए गरीबों के घर हो, मुफ्त राशन हो, मुफ्त इलाज हो, नल हो ऐसी हर स्कीम का फायदा हर जाति, हर वर्ग के लोगों को कैसे मिल रहा है ये आप घर-घर जाकर के बताइए।

पीएम- दिलीप जी आप से बात करके बहुत अच्छा लगा। मैं कल्पना कर सकता हूं कि ऐसे समाज को तोड़ने वाली ताकतों के बीच में आप किस प्रकार से देशभक्ति का विचार लेकर के काम कर रहे हैं। आप भी बधाई के पात्र हैं वहां के सभी कार्यकर्ता बधाई के पात्र हैं। चलिए आगे चलते हैं, हमारे अगले साथी कौन हैं।

मुरलीधरन जी- नमस्ते मोदी जी, मैं एक सेवाविमुक्त मरीन इंजीनियर हूं। मैं बीजेपी का 151 बूथ का कार्यकर्ता हूं। मैं त्रिशूर ज़िला में नाट्टिका में काम करता हूं बीजेपी में।

पीएम- मुरलीधरन जी, आप तो इंजीनियर रहे हैं, सेवानिवृत्त हैं और जीवन के अनुभव लेकर के आज केरल के लोगों की सेवा करने के लिए भाजपा के कार्यकर्ता के रूप में अपना कार्य कर रहे हैं। ये सुनकर मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। आपके पास तो काफी अनुभव है। मुरलीधरन जी बताइए। मुझे बताया गया है कि कांग्रेस ने दिल्ली में हुई एआई समिट में जो शर्मनाक हरकत की और उसको जिस तरह जस्टिफाई किया जा रहा है खुद आके कपड़े फाड़ दे दुनिया के सामने नंगा नाच करे ऐसा सब देखने के बाद केरलम के लोग बहुत नाराज है ऐसी हरकतें करने वाले केरलम में टेक्नोलॉजी और टूरिज्म के पोटेंशियल को तो समझ ही नहीं सकते। इन विषयों को लेकर लोग आपसे जरूर बात करते होंगे अपना गुस्सा बताते होंगे अपने नए-नए विचार बताते होंगे। मैं आपसे सुनना चाहता हूं कि धरती पर से क्या आवाज आ रही है।

मुरलीधरन जी- केरल में ज़्यादा से ज़्यादा लोग ये जो घटना हुआ है इसके खिलाफ है। वो सोचते हैं कि हम एआई में आगे जाना चाहिए। हमें टूरिज्म, टेक्नोलॉजी और पेट्रोलियम में बहुत अधिक आगे जाना चाहिए। इसका विकास होना चाहिए। केरल को भी फायदा मिलना चाहिए। ये जो कांग्रेस वाले ने किया वो गलत काम है ऐसा सोचता है। पर कुछ लोग ये भी जस्टिफाई करता है राजनीति के कारण। ऐसा घटनाओं को भी जस्टिफाई करता है। मगर ज़्यादा से ज़्यादा लोग हमारे सरकार के साथ है। वो कहता है कि ये गलत काम किया है कांग्रेस वालों ने।

पीएम- मुरलीधरन जी आपने सही बताया। टैलेंट, टेक्नोलॉजी, ट्रेड और टूरिज्म ये विकसित केरलम के लिए बहुत बड़ी ताकत है, बहुत बड़े स्तंभ हैं। बीजेपी-एनडीए का फोकस इन्हीं सब बातों पर है। आधुनिक केरलम ये हमारा लक्ष्य है। विकसित केरलम ये हमारा लक्ष्य है। केरलम के टैलेंट को दुनिया भर में और बड़ी पहचान दिलाने के लिए हम नौजवानों को स्किल बना रहा है। इमर्जिंग सेक्टर्स को उनके लिए खोला जा रहा है।

सभी मेरे बूथ के कार्यकर्ता भाई-बहनों, हम एक तरफ देश को मज़बूत बना रहे हैं, देश की साख बढ़ा रहे हैं। वहीं कांग्रेस दुनिया में भारत की ऐसी इमेज बना रही है जिससे कि देश की बदनामी हो। आप देखिए दुनिया भर में ढेर सारे ऐसे देश हैं जहां केरलम के बच्चे काम कर रहे हैं। आजकल वेस्ट एशिया में युद्ध चल रहा है। वहां केरलम के भी हमारे लाखों परिवारजन वहां रहते हैं। लेकिन कांग्रेस वाले ऐसे स्टेटमेंट दे रहे हैं जिससे वहां के देश स्वाभाविक है नाराज़ होंगे, वहां के लोग नाराज़ होंगे। और उसके कारण केरलम के जो लोग वहां रहते हैं उनको कैसी मुसीबत आ सकती है, कितना बड़ा संकट आ सकता है। लेकिन ये अपनी राजनीति के कारण ऐसी गैर-जिम्मेवार बातें करते हैं। ये हमारे बच्चों का जीवन खतरे में डाल रहे हैं। ग्लोबल लेवल पर इंडिया की इमेज को भी नुकसान कर रहे हैं।

मुरलीधरन जी, आपने वहां भी देखा होगा कार्यकर्ता भी बताते होंगे। आप सबको भी सभी बूथ कार्यकर्ताओं को केरलम के लोगों को और भी कुछ बातें बतानी चाहिए। ये कांग्रेस पार्टी की स्टाइल क्या है। इनके शाही परिवार के लोग ये नामदार वहां आ जाते हैं। दो-चार झूठ फेंक देते हैं और बिना जिम्मेवारी भाग जाते हैं। इन्होंने हिमाचल में ऐसा किया। आज हिमाचल की सरकार ने हिमाचल को बर्बाद कर के रखा है। वे कर्नाटक में भी बड़ी-बड़ी बातें करके गए थे कर्नाटक को बर्बाद कर के रखा है। तेलंगाना की भी यही दशा है यानि ये झूठी बातें करना झूठे वादे करना और गप्पें फेंकते रहना और भाग जाना यही उनका तरीका है। और ये सारी जानकारियां उपलब्ध है आप लोगों को बताइए कि जहां-जहां इनके पैर पड़े हैं कैसा विनाश किया है अब ये केरलम के विनाश पर लगे हुए हैं।

साथियों,

मेरे लिए बहुत खुशी की बात है केरलम के ऐसे जुझारू, ऐसे निष्ठावान और एक प्रकार से मैं कहूंगा तपस्वी कार्यकर्ताओं से मुझे बात करने का मौका मिला है। मैं जानता हूं आप लोगों ने कितना सहन किया है। मैं जानता हूं आप लोगों ने कितना संघर्ष किया है और मेरे लिए खुशी की बात है कि आज आप अपनी आंखों के सामने अपनी मेहनत से जो प्रगति की है, अब विजय की राह पर चल पड़े हैं। मेरी तरफ से आप सबको बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं। आप सभी की बातों से मेरा विश्वास और मज़बूत हो गया है। केरलम इस बार नया इतिहास बनाने जा रहा है। हमें ये ध्यान रखना है, हमें हर बूथ जीतना है। हमें अपना बूथ जीतना है। सभी मेरे साथियों, आप अभी से देश में जहां भी केरलम के लोग हैं उनसे संपर्क कीजिए। उन्हें बताइए कि 9 अप्रैल को अगर उनका वोट केरलम में है तो वोट पड़ना चाहिए। और अगर उनका वोट केरलम में नहीं है तो वो अपने गांव में रिश्तेदारों को फोन करके आग्रह करके बताएं कि जहां-जहां उन्होंने गए हैं कितनी प्रगति देखी है।

केरलम की प्रगति के लिए वोट करने के लिए वो अपने परिवार को समझाए, अपने गांव वालों को समझाए, अपने दोस्तों को समझाए। और आपको हर परिवार में माताओं-बहनों के पास ज़रूर जाना है और माताओं को बहनों को कहना कि मोदी जी ने विशेष आग्रह किया है कि आप इस बार कमल के निशान पर वोट डालिए, एनडीए को बीजेपी को विजयी बनाइए और पहली बार केरलम में एनडीए-बीजेपी की सरकार बनाइए। मेरी आप सबको बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं। शायद मैं परसों केरलम में आ रहा हूं तो फिर से एक बार आप सबके दर्शन करने का मौका मिल जाएगा। नमस्कारम।