His Excellency President Hollande एवं उपस्थित मीडिया के सभी प्रतिनिधि,

10 PM Modi with France President Hollande at the Press Statement (3)

आज यहां फ्रांस आकर मुझे बहुत खुशी हुई है। मैं राष्‍ट्रपति जी का और फ्रांस की जनता का मेरे स्‍वागत और सम्‍मान के लिए हार्दिक अभिनंदन करता हूं। यूरोप की मेरी यह पहली यात्रा है। लेकिन पहली यात्रा मैं फ्रांस से शुरू कर रहा हूं। यह इस बात का प्रतीक है कि भारत और फ्रांस के संबंध कितने गहरे हैं, कितने पुराने हैं, कितने महत्‍वपूर्ण हैं और भविष्‍य में इनका क्या महत्‍व है। फ्रांस भारत के सबसे घनिष्‍ठ मित्रों और विश्‍वसनीय Partners में से एक है। जैसा कि राष्‍ट्रपति जी ने बताया कि हम कई बातों में साझी परंपराओं को ले करके आगे बढ़ रहे हैं। अच्‍छे समय और चुनौती भरे समय में दोनों में फ्रांस भारत के साथ खड़ा रहा है। फ्रांस सदैव भारत के प्रति संवेदनशील रहा है और अंतर्राष्‍ट्रीय मंच पर फ्रांस ने खुलेआम भारत का साथ दिया है और भारत का समर्थन किया है। हम दो बड़े लोकतंत्र देश हैं। हमारे मूल्‍य एक जैसे हैं हमारे हित कई मायने में एक दूसरे के साथ जुड़े हुए हैं, एक दूसरे के पूरक हैं। हमारे संबंध व्‍यापक हैं, जमीन से आसमान तक, सागर से अंतरिक्ष तक और अब साइबर क्षेत्र में भी हम सहयोग कर रहे हैं। आज ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है जिसमें फ्रांस और भारत की साझेदारी न हो। आज मेरी और राष्‍ट्रपति ओलौन्द की बहुत अच्‍छी बातचीत हुई। हमारे रक्षा क्षेत्र के संबंध पुराने और गहन हैं। Defense Equipment और Technology में फ्रांस हमेशा एक भरोसेमंद Supplier रहा है। Fighter Jet से लेकर Submarines तक हमारे सहयोग उत्‍तम रहे हैं। भारत में Fighter Air Craft की Critical operational necessity को ध्‍यान में रखते हुए मैंने राष्‍ट्रपति जी से 36 Rafael Jets Flyaway Condition में जल्‍द से जल्‍द दोनों सरकारों के समझौतों के माध्‍यम से खरीदने की बात की है। हम दोनों ने निर्णय किया है कि भारत के लिए यह अलग प्रक्रिया में दिए गए that the terms and conditions would be modified for this purpose, साथ ही साथ राष्‍ट्रपति जी ने Defense क्षेत्र में Make In India का पूरा समर्थन किया है और Make In India सिर्फ Project नहीं बल्कि एक Ambition के रूप में आपने उसकी सराहना की है।

10 PM Modi with France President Hollande at the Press Statement (2) भारत और फ्रांस की कं‍पनियां मिलकर भारत में रक्षा उपकरण बनाएंगी और साथ ही साथ रक्षा तकनीकों का विकास भी करेंगी। इस संदर्भ में आज मेरी फ्रांस की डिफेंस कंपनियों से काफी विस्‍तार से बातें हुई हैं। आज हम भारत और फ्रांस की रक्षा साझेदारी को एक नए स्‍तर पर ले गए हैं। Nuclear Power के क्षेत्र में फ्रांस भारत के प्रमुख साझेदारों में से एक है। मुझे खुशी है कि जैतापुर में Six Nuclear plant बनाने पर हमने प्रगति की है। बिजली बनाने की कीमत को कम करने के संदर्भ में और अधिक तकनीकी क्षमता और Study करने के लिए दोनों पक्षों ने आज समझौता किया है। विशेषकर आज AREVA और L & T के बीच भारत में Forgings बनाने के लिए समझौता हुआ है और मैं मानता हूं कि यह समझौता बहुत ही महत्‍वपूर्ण है। Make In India का यह उत्‍तम उदाहरण होगा और भारत को Advanced Technology के क्षेत्र में एक नई जगह मिलेगी।

10 PM Modi with France President Hollande at the Press Statement (4)International Export Control Regime में सदस्‍यता के लिए भारत फ्रांस के ठोस समर्थन के लिए बहुत आभारी है। अंतरिक्ष सहयोग में भारत और फ्रांस ने 50 वर्ष पूर्ण किए हैं। मुझे खुशी है कि आज राष्‍ट्रपति जी और मैंने भारत और फ्रांस का एक संयुक्‍त Postal Stamp जारी किया है। हमने साथ मिलकर Satellite के निर्माण और Launch में सहयोग को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। भारत के मंगलयान मिशन के बाद हम अब मिल करके Planetary Exploration में भी सहयोग करेंगे। आज भारत में विश्‍व में सबसे तेज गति से आर्थिक वृद्धि हो रही है। भारत के विकास में फ्रांस बड़ा योगदान दे सकता है और उसका यहां पर भी आर्थिक लाभ होगा। आज सुबह मैं Infrastructure के क्षेत्र में फ्रांस की Industries से मिला था। राष्‍ट्रपति और मैं अभी CEO Forum से भी मिलें। मेरा विश्‍वास बढ़ा है कि फ्रांस की कंपनियां भारत में निवेश बढ़ाएंगी। भारत के Railway Infrastructure के नवीनीकरण में भी हम सहयोग करेंगे। मेरी सरकार की अन्‍य पहलें जैसे Skill Development, Renewable Energy, Energy Efficiency, Smart Cities, Digital India क्षेत्रों में हम फ्रांस के साथ मिलकर आगे बढ़ेंगे। Science and technology हमारे संबंधों का अहम स्‍तम्‍भ है। आज दो महत्‍वपूर्ण समझौते हुए हैं। मैं Ocean Economy का Sustainable विकास यानी कि Blue Revolution पर बहुत बल देता हूं। इस संदर्भ में आज Marine Biology के क्षेत्र में समझौते का विशेष स्‍वागत करता हूं। मुझे बहुत खुशी है कि फ्रांस हमारे साथ मिलकर Urban Heritage और Tourism Promotion में आगे बढ़ेगा। इस क्षेत्र में फ्रांस की क्षमता से सभी परिचित हैं। मुझे राष्‍ट्रपति जी को यह बताते हुए बहुत प्रसन्‍नता हुई कि फ्रांस के नागरिकों को Electronic Travel Authorization के माध्‍यम से आसानी से भारत आने की सुविधा दी जाएगी, जो संबंधों को तो बनाते हैं साथ ही Tourism के लिए भी सरलता पैदा करते हैं। आज हमने समझौता किया है कि दोनों देशों में पढ़ाई के बाद हमारे छात्र देश में और समय रहकर Professional Training कर सकते हैं। जिससे उनको रोजगार मिलने की क्षमता बढ़ेगी। आज विश्‍व में एक चुनौतीपूर्ण माहौल है। कई क्षेत्रों में उथल-पुथल हो रही है। जिससेसभी प्रभावित हैं। बदलती दुनिया में स्थिरता के बारे में कई अनिश्चित प्रश्‍न हैं।

10 PM Modi with France President Hollande at the Press Statement (6)

समुद्री, साइबर और अंतरिक्ष सुरक्षा सभी के लिए चिंता का कारण है। आतंक फैल रहा है और नए-नए स्‍वरूप ले रहा है। विश्‍व के अनेक क्षेत्रों और शहरों में इस चुनौती का सामना किया जा रहा है। चाहे पेरिस हो या मुंबई, भारत और फ्रांस ने एक-दूसरे के दर्द को सहा है और समझा है। इस वैश्विक चुनौती के लिए व्‍यापक वैश्विक Strategy की आवश्‍यकता है। इसमें हर देश का यह दायित्‍व है कि आतंक के विरोध लड़ाई में पूरा समर्थन दें और आतंक समूहों को पनाह लेने न दें और आतंकवादियों को जल्‍द से जल्‍द सजा दें। भारत और फ्रांस इन चुनौतियों को कई मायने में एक तरह से देखते हैं और इस कारण हम अपने सुरक्षा सहयोग को और घनिष्‍ठ करेंगे। इस संदर्भ में हम Indian Ocean के बारे में विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। UN Security Council के Reforms हम दोनों का संयुक्‍त दायित्‍व है। भारत की Security Council की Permanent Membership के लिए समर्थन के लिए मैं फ्रांस का बहुत आभारी हूं| मुझे पूरा विश्‍वास है कि इस वर्ष के अंत में पेरिस में होने वाले Cop-21 सम्‍मेलन में फ्रांस के नेतृत्‍व में विश्‍व के लिए एक नया Roadmap बनेगा। भारत और फ्रांस मिलकर Climate Change और ऊर्जा के ‍विषयों पर अपना सहयोग आगे बढ़ाएंगे। अंत में, मैं फिर से राष्‍ट्रपति जी को धन्‍यवाद देता हूं | मुझे विश्‍वास है कि हमारी Strategic Partnership आज एक नई ऊंचाई पर पहुंची है जो दोनों देशों के नागरिकों के भविष्‍य को उज्ज्वल करने में और विश्‍व में शांति, सुरक्षा और समृद्धि को साकार करने में योगदान देगी।

बहुत-बहुत धन्‍यवाद।

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মাননীয় মহোদয়া মিসেস আজারেল আর্নেস্টা,

জাতীয় পরিষদের স্পিকার,

মাননীয়া মিসেস সিলভান লেমিয়েল,

সরকারি কার্য পরিচালনার নেতা

মাননীয় মিস্টার বেনোয়া জর্জ,

বিরোধী দলের নেতা,

জাতীয় পরিষদের সম্মানিত সদস্যবৃন্দ,

এবং আমার প্রিয় ভাই ও বোনেরা,

নমস্কার!

বন আপ্রেমিদি! 

 

এই জাতীয় পরিষদের সামনে দাঁড়িয়ে বক্তব্য রাখার সুযোগ পাওয়া আমার জন্য এক বিশেষ সম্মানের বিষয়। এই পরিষদে ভাষণ দেওয়া প্রথম ভারতীয় প্রধানমন্ত্রী হিসেবে আমি গর্বিত। মাননীয়া স্পিকার, আপনার উষ্ণ অভ্যর্থনা ও মূল্যবান কথার জন্য আমি আপনাকে ধন্যবাদ জানাই।

 

আজ সকালে আমাকে “গার্ডিয়ান অব দ্য ব্লু হরাইজন” সম্মানে সম্মানিত করার জন্য আমি রাষ্ট্রপতি এর্মিনি এবং সেশেলসের জনগণের প্রতিও কৃতজ্ঞতা প্রকাশ করছি। এই সম্মান পরিবেশ সংরক্ষণের জন্য নিরলসভাবে কাজ করে চলা সকল মানুষকে উৎসাহিত করবে। আমি ভারতের ১৪০ কোটি মানুষের পক্ষ থেকে আপনাদের জন্য নিয়ে এসেছি আন্তরিক শুভেচ্ছা ও শুভকামনা।

 

প্রধানমন্ত্রী হিসেবে ২০১৫ সালে ভারত মহাসাগরীয় অঞ্চলের যে দেশটি আমি প্রথম সফর করেছিলাম, সেটি ছিল সেশেলস। সেটিই ছিল প্রধানমন্ত্রী হিসেবে আমার প্রথম আফ্রিকা সফরও। আমি এখানে এসেছিলাম কারণ আমি বিশ্বাস করতাম যে ভারত মহাসাগরের প্রতি ভারতের দৃষ্টিভঙ্গিতে সেশেলসের একটি বিশেষ স্থান রয়েছে। আজ এক দশক পর যখন আমি আবার এখানে ফিরে এসেছি, সেই বিশ্বাস আরও দৃঢ় হয়েছে।

 

আপনাদের স্বাধীনতার ৫০ বছর উদযাপনের এই বিশেষ মুহূর্তে আপনাদের সঙ্গে যোগ দিতে পেরে আমি অত্যন্ত আনন্দিত। এই ঐতিহাসিক উপলক্ষে আপনাদের এবং সেশেলসের জনগণকে জানাই আন্তরিক অভিনন্দন।

 

মাননীয় সদস্যবৃন্দ,

এই জাতীয় পরিষদে ভাষণ দেওয়া এক বিরল সম্মানের বিষয়। এই বিশেষ সম্মানের জন্য আপনাদের ধন্যবাদ জানাই। এই সুযোগে আমি অষ্টম জাতীয় পরিষদের নবনির্বাচিত সদস্যদের অভিনন্দন জানাই। পাশাপাশি, মাননীয়া স্পিকার, এই গৌরবময় সভার প্রথম মহিলা স্পিকার হিসেবে দায়িত্ব গ্রহণ করার জন্য আপনাকেও আমার আন্তরিক অভিনন্দন জানাই।

 

মাননীয় সদস্যবৃন্দ,

আজ এই কথা স্মরণ করা অত্যন্ত গুরুত্বপূর্ণ যে আমাদের বন্ধুত্ব পঞ্চাশ বছর আগে কূটনৈতিক সম্পর্ক স্থাপনের মাধ্যমে শুরু হয়নি। এর সূচনা হয়েছিল আরও অনেক আগে। ১৭৭০ সালের আগস্ট মাসে, দ্যলেমাক নামের জাহাজে করে সেন্ট অ্যান দ্বীপে পৌঁছানো মানুষদের মধ্যে পাঁচজন ভারতীয় ছিলেন। সেই যাত্রা পরবর্তীকালে এখানে আগত আরও অনেক মানুষের জন্য পথ তৈরি করেছিল। সময়ের সঙ্গে সঙ্গে তাঁদের কাহিনি আধুনিক সেশেলসের ইতিহাসের অংশ হয়ে উঠেছে।

 

এটি আমাদের মনে করিয়ে দেয় যে ভারত ও সেশেলসের বন্ধন কেবল সরকার দ্বারা তৈরি হয়নি। এটি গড়ে উঠেছে মানুষের মাধ্যমে, পরিবারে লালিত হয়েছে এবং প্রজন্মের পর প্রজন্ম ধরে টিঁকে রয়েছে। ভারত মহাসাগর এই সম্পর্ককে সম্ভব করেছে। ভারত মহাসাগর ভারত ও সেশেলসকে আলাদা করে না, বরং সংযুক্ত করে। তাই আমরা এখানে অপরিচিত হিসেবে মিলিত হই না; আমরা মিলিত হই পুরনো বন্ধু হিসেবে।

 

মাননীয় সদস্যবৃন্দ,

সেশেলসের সবচেয়ে বড় শক্তি হল তার জনগণ। প্রজন্মের পর প্রজন্ম ধরে বিশ্বের বিভিন্ন প্রান্তের মানুষ এখানে এসে বসতি স্থাপন করেছেন। তাঁরা সঙ্গে করে নিয়ে এসেছেন বিভিন্ন ভাষা, সংস্কৃতি, বিশ্বাস ও ঐতিহ্য। আর সবাই মিলে তাঁরা গড়ে তুলেছেন এক অভিন্ন পরিচয়, যা আজ গর্বের সঙ্গে সেশেলোয় ।

 

এই জাতীয় পরিষদের মূলমন্ত্র যেমন বলে — “বৈচিত্র্যের মধ্যে ঐক্য”। এটি ক্রেওল সংগীতের সুরে শোনা যায়। এটি মুতিয়া নৃত্যের ছন্দে দেখা যায়। এটি ফেস্টিভ্যাল ক্রেওল-এর উদযাপনে অনুভব করা যায়।

যখন একটি দেশ তার ঐতিহ্যের সমৃদ্ধি উদযাপন করে, তখন আমাদের সংস্কৃতির পারস্পরিক সম্পর্কও দৈনন্দিন জীবনে দৃশ্যমান হয়ে ওঠে। তা অনুভব করা যায় কারি কোকো, সামোসা এবং চাটনির স্বাদে। তা দেখা যায় দীপাবলি, থাই পঙ্গল এবং নবরাত্রির সময় গরবা নৃত্যের উদযাপনে। এই ক্রেওল চেতনা আমাদের ভবিষ্যৎ বন্ধুত্বের প্রতি গভীর আত্মবিশ্বাস জোগায়।

 

মাননীয় সদস্যবৃন্দ,

সামুদ্রিক প্রতিবেশী হিসেবে আমরা উপলব্ধি করি যে একজনের নিরাপত্তা অন্যজনের নিরাপত্তাকে আরও শক্তিশালী করে। একজনের সমৃদ্ধি অন্যজনের সমৃদ্ধিতে অবদান রাখে। আর এই অঞ্চলের স্থিতিশীলতা আমাদের সকলের জন্যই উপকারী।

 

এই বছর আমাদের অংশীদারিত্বের গভীরতার এক শক্তিশালী স্মারক হয়ে রয়েছে। পঞ্চাশ বছর আগে, আপনাদের স্বাধীনতার সূচনালগ্নে, বন্ধুত্ব ও সংহতির প্রতীক হিসেবে ভারতীয় নৌবাহিনীর জাহাজ আইএনএস নীলগিরি পোর্ট ভিক্টোরিয়ায় উপস্থিত ছিল। আর আজ, আপনাদের সঙ্গে এই স্বর্ণজয়ন্তী উদযাপন করতে আইএনএস তারকাশ এবং আইএনএস ইক্ষক পোর্ট ভিক্টোরিয়ায় নোঙর করেছে।

 

পঞ্চাশ বছরের এই যাত্রায় অনেক কিছু পরিবর্তিত হয়েছে। কিন্তু একে অপরের প্রতি আমাদের অঙ্গীকার পরিবর্তিত হয়নি। কয়েক দশক ধরে আমাদের প্রতিরক্ষা বাহিনী, উপকূলরক্ষী এবং সামুদ্রিক সংস্থাগুলি ঘনিষ্ঠভাবে প্রশিক্ষণ ও কাজ করে চলেছে। ভারত সেশেলস প্রতিরক্ষা বাহিনী এবং সেশেলস কোস্ট গার্ডের পেশাদারিত্ব ও নিষ্ঠাকে গভীরভাবে মূল্য দেয়। নিজেদের বিশাল সামুদ্রিক অঞ্চল এবং বৃহত্তর ভারত মহাসাগরীয় অঞ্চলের সুরক্ষায় তারা গুরুত্বপূর্ণ ভূমিকা পালন করছে।

সামুদ্রিক নিরাপত্তা, সক্ষমতা বৃদ্ধি, হাইড্রোগ্রাফি এবং সামুদ্রিক ক্ষেত্র সম্পর্কে সচেতনতা বৃদ্ধির ক্ষেত্রে আমাদের সহযোগিতা একটি নিরাপদ ও সুরক্ষিত অঞ্চলের প্রতি আমাদের যৌথ অঙ্গীকারকে প্রতিফলিত করে।

 

আজ সকালে আমি প্রেসিডেন্ট হারমিনি — টন প্যাট —-এর সঙ্গে সাক্ষাৎ করেছি এবং আমাদের অংশীদারিত্বে অর্জিত অসাধারণ অগ্রগতি পর্যালোচনা করেছি। আমরা ভবিষ্যতের জন্য আমাদের যৌথ দৃষ্টিভঙ্গি নিয়েও আলোচনা করেছি।

আমাদের এই দৃষ্টিভঙ্গি MAHASAGAR ধারণার মধ্যে প্রতিফলিত হয়েছে — “Mutual and Holistic Advancement for Security and Growth Across Regions” অর্থাৎ অঞ্চলগুলির মধ্যে নিরাপত্তা ও উন্নতির জন্য পারস্পরিক ও সামগ্রিক অগ্রগতি।

 

এই দৃষ্টিভঙ্গি স্বীকার করে যে আমাদের ভবিষ্যৎ একে অপরের সঙ্গে সংযুক্ত এবং পরস্পরের ওপর নির্ভরশীল। আর আমরা একসঙ্গে কাজ করে আরও নিরাপদ ও সুরক্ষিত ভারত মহাসাগরীয় অঞ্চল গড়ে তুলতে থাকব।

 

মাননীয় সদস্যবৃন্দ,

মানুষ যখন মানচিত্রের দিকে তাকায়, তখন তারা হয়তো ভারত মহাসাগরের মধ্যে ছড়িয়ে থাকা কয়েকটি দ্বীপ হিসেবে সেশেলসকে দেখতে পায়। কিন্তু আমরা এর চেয়েও অনেক বৃহত্তর কিছু দেখি। আমরা দেখি এমন এক দেশ, যার দিগন্ত তার উপকূলের সীমারেখার অনেক দূর পর্যন্ত বিস্তৃত। আপনাদের সামুদ্রিক ক্ষেত্র প্রায় ১৪ লক্ষ বর্গকিলোমিটার জুড়ে বিস্তৃত।

এটি সেশেলসকে কোনও ছোট দ্বীপরাষ্ট্র নয়, বরং একটি বৃহৎ মহাসাগরীয় দেশ হিসেবে প্রতিষ্ঠিত করে। বিশ্বব্যাপী আলোচনার অংশ হওয়ার অনেক আগেই সেশেলস ‘ব্লু ইকোনমি’-র ক্ষেত্রে নেতৃত্ব দিয়ে আসছে। সামুদ্রিক বাস্তুতন্ত্র রক্ষা থেকে শুরু করে ‘ব্লু বন্ড’-এর মতো উদ্ভাবনী উদ্যোগ এগিয়ে নিয়ে যাওয়া পর্যন্ত—আপনাদের দেশ গুরুত্বপূর্ণ বৈশ্বিক আলোচনার দিকনির্দেশ দিয়েছে। একসঙ্গে আমরা মৎস্যচাষ, সামুদ্রিক বিজ্ঞান, উপকূল ব্যবস্থাপনা, পুনর্নবীকরণযোগ্য শক্তি এবং সুস্থায়ী পর্যটনের ক্ষেত্রে অংশীদারিত্ব গড়ে তুলতে পারি।

 

গতকাল আমার জন্য অত্যন্ত সম্মানের বিষয় ছিল প্রতীকী কোকো দ্য মের গাছের একটি চারা রোপণ করা। সেশেলসের মতোই—এই গাছ অনন্য, মূল্যবান এবং বিশ্বের মধ্যে একটি বিশেষ স্থান অধিকার করে আছে। এই প্রাকৃতিক বিস্ময়কে রক্ষা ও সংরক্ষণের জন্য আপনাদের যে প্রচেষ্টা, তা একটি বৃহত্তর দর্শনের প্রতিফলন—মানবজাতিকে প্রকৃতির সঙ্গে সামঞ্জস্য রেখে চলতে হবে।

এই ভাবনা ভারতের কাছেও গভীরভাবে অনুরণিত হয়। আসুন, আমরা একসঙ্গে কাজ করি যাতে ভবিষ্যৎ প্রজন্ম এমন মহাসাগর উত্তরাধিকার হিসেবে পায়, যা আজকের তুলনায় আরও সুস্থ, নিরাপদ এবং সমৃদ্ধ।

 

মাননীয় সদস্যবৃন্দ,

দক্ষিণী বিশ্ব, বিশেষ করে দ্বীপরাষ্ট্রগুলি, জলবায়ু পরিবর্তনের সবচেয়ে বেশি প্রভাবের সম্মুখীন। এর প্রভাব ইতিমধ্যেই আমাদের উপকূল, সামুদ্রিক বাস্তুতন্ত্র, আবহাওয়ার ধরণ এবং আমাদের সমাজে দৃশ্যমান। আমরা উভয়েই দৃঢ়ভাবে বিশ্বাস করি যে যারা জলবায়ু পরিবর্তনে সবচেয়ে কম অবদান রেখেছে, তাদেরই যেন এর পরিণতির সবচেয়ে বড় বোঝা বহন করতে না হয়।

 

জলবায়ু সংক্রান্ত পদক্ষেপ ন্যায়বিচার, দায়িত্ববোধ এবং সমতার ভিত্তিতে পরিচালিত হওয়া উচিত। এটাই জলবায়ু ন্যায়বিচারের মূল কথা।

ভারত উদাহরণ সৃষ্টি করে নেতৃত্ব দেওয়ার চেষ্টা করেছে। গত এক দশকে আমরা বিশ্বের অন্যতম বৃহৎ পুনর্নবীকরণযোগ্য শক্তি সম্প্রসারণ কার্যক্রম গ্রহণ করেছি। আমরা মিশন লাইফ -এর মাধ্যমে সুস্থায়ী জীবনযাত্রার ধারণাকে এগিয়ে নিয়ে গিয়েছি। ইন্টারন্যাশনাল সোলার অ্যালায়েন্স, কোয়ালিশন ফর ডিজাস্টার রেজিলিয়েন্ট ইনফ্রাস্ট্রাকচার, গ্লোবাল বায়োফুয়েলস অ্যালায়েন্স এবং ‘এক পেঢ় মা কে নাম’—এর মতো উদ্যোগের মাধ্যমে আমরা অংশীদার দেশগুলির সঙ্গে সবুজ রূপান্তরকে এগিয়ে নিয়ে যেতে কাজ করেছি এবং ভারত সেশেলসের সঙ্গে কাজ চালিয়ে যেতে প্রতিশ্রুতিবদ্ধ, যাতে ক্ষুদ্র দ্বীপরাষ্ট্রগুলির উদ্বেগগুলি যথাযথ গুরুত্ব পায়।

 

মাননীয় সদস্যবৃন্দ,

সেশেলস এবং ভারত উভয়েই এমন এক বিশ্বের প্রত্যাশা করে যেখানে উন্নয়ন আরও অন্তর্ভুক্তিমূলক হবে। আমরা এমন এক বিশ্ব চাই যেখানে আন্তর্জাতিক প্রতিষ্ঠানগুলি বর্তমান বাস্তবতাকে প্রতিফলিত করবে। আমরা বিশ্বাস করি, আমাদের যৌথ ভবিষ্যৎ সম্মিলিতভাবে, সকলকে অন্তর্ভুক্ত করে এবং ন্যায্যতার ভিত্তিতে গড়ে তুলতে হবে।

এই বিশ্বাসই ভারতের জি-২০ সভাপতিত্বের সময় আমাদের প্রচেষ্টাকে পরিচালিত করেছে। এই ভাবনা থেকেই আমরা আন্তর্জাতিক আলোচনার কেন্দ্রে দক্ষিণী বিশ্বের অগ্রাধিকারগুলিকে স্থান দেওয়ার চেষ্টা করেছি। এবং এই একই চেতনা থেকে আমরা আফ্রিকান ইউনিয়নকে জি-২০-র স্থায়ী সদস্য হিসেবে স্বাগত জানিয়েছি। এটাই সেই চেতনা যা দক্ষিণী বিশ্বকে একত্রিত করে এবং এই একই দৃষ্টিভঙ্গি ভারত ও সেশেলস একসঙ্গে এগিয়ে নিয়ে যাবে।

 

 

মাননীয় সদস্যবৃন্দ,

গত পঞ্চাশ বছরের সাফল্য উদযাপন করার পাশাপাশি আমাদের ভবিষ্যতের দিকেও তাকাতে হবে। সেশেলসের ভবিষ্যৎ গড়ে উঠবে তার তরুণ প্রজন্মের হাতে। আমরা গর্বিত যে সেশেলসের ছাত্রছাত্রী, পেশাজীবী, সরকারি আধিকারিক এবং নিরাপত্তা বাহিনীর সদস্যরা কয়েক দশক ধরে ভারতে প্রশিক্ষণ ও শিক্ষা গ্রহণ করেছেন।

 

বাস্তবে বলা হয়, সেশেলসের প্রতি পঞ্চাশ জন মানুষের মধ্যে একজন ভারতে কোনও না কোনও প্রশিক্ষণ গ্রহণ করেছেন। তাঁরা দক্ষতা, বন্ধুত্ব এবং অভিজ্ঞতা নিয়ে দেশে ফিরে গেছেন, যা আজও আমাদের অংশীদারিত্বকে আরও শক্তিশালী করছে।

 

আপনাদের IGNITE উদ্যোগের মাধ্যমে তরুণদের ইন্টার্নশিপের সুযোগ দেওয়ার বিষয়টি জানতে পেরে আমি আনন্দিত হয়েছি। এটি একটি চমৎকার কাঠামো, এবং এই ক্ষেত্রে সহযোগিতার নতুন সম্ভাবনা আমরা অনুসন্ধান করতে পারি।

 

এই ধরনের সহযোগিতার একটি গুরুত্বপূর্ণ ক্ষেত্র হতে পারে ডিজিটাল উদ্ভাবন। ভারতের ডিজিটাল পাবলিক ইনফ্রাস্ট্রাকচার দেখিয়েছে কীভাবে প্রযুক্তি সুযোগের বিস্তার ঘটাতে পারে, প্রশাসনকে আরও উন্নত করতে পারে, আর্থিক অন্তর্ভুক্তি বাড়াতে পারে এবং কোটি কোটি মানুষের কাছে পরিষেবা পৌঁছে দিতে পারে।

আপনারা নিজেদের ডিজিটাল রূপান্তরের পথে এগিয়ে চলার সময় আমরা আমাদের অভিজ্ঞতা ও দক্ষতা ভাগ করে নিতে আগ্রহী। আমি আত্মবিশ্বাসী যে সেশেলসের তরুণরা স্বাধীনতার প্রথম পঞ্চাশ বছরকে যেভাবে দৃঢ় সংকল্পের সঙ্গে এগিয়ে নিয়ে গেছে, একই উদ্যমে তারা এই নতুন সুযোগগুলিকেও গ্রহণ করবে।

 

মাননীয় সদস্যবৃন্দ,

আজ, এই ঐতিহাসিক সুবর্ণজয়ন্তী বর্ষে আপনাদের সামনে দাঁড়িয়ে, আমি অনুভব করছি যে আমাদের জনগণ এমন এক বন্ধুত্ব উদযাপন করছে, যার শিকড় আড়াই শতাব্দীরও বেশি সময় ধরে বিস্তৃত। খুব কম অংশীদারিত্বই এত গভীর ভিত্তির উপর গড়ে ওঠে। আর খুব কম সম্পর্কই এত উষ্ণতা, বিশ্বাস ও শুভেচ্ছার সঙ্গে এগিয়ে চলে।

 

আগামীর দিকে তাকিয়ে, আসুন আমরা এই সুদৃঢ় ভিত্তির উপর আরও এগিয়ে চলি। ভারত আপনাদের বিশ্বস্ত অংশীদার হিসেবে পাশে থাকবে। আমরা আপনাদের সাফল্য উদযাপন করব। আমরা আপনাদের আকাঙ্ক্ষাকে সমর্থন করব এবং বন্ধু হিসেবে আমরা আপনাদের পাশে থাকব।

 

গত পঞ্চাশ বছর ছিল এক অসাধারণ যাত্রা। কিন্তু আমি দৃঢ়ভাবে বিশ্বাস করি, সেশেলসের কাহিনির সেরা অধ্যায়গুলি এখনও লেখা বাকি রয়েছে এবং আমাদের বন্ধুত্বের শ্রেষ্ঠ সময় এখনও আসা বাকি।