His Excellency President Hollande एवं उपस्थित मीडिया के सभी प्रतिनिधि,

10 PM Modi with France President Hollande at the Press Statement (3)

आज यहां फ्रांस आकर मुझे बहुत खुशी हुई है। मैं राष्‍ट्रपति जी का और फ्रांस की जनता का मेरे स्‍वागत और सम्‍मान के लिए हार्दिक अभिनंदन करता हूं। यूरोप की मेरी यह पहली यात्रा है। लेकिन पहली यात्रा मैं फ्रांस से शुरू कर रहा हूं। यह इस बात का प्रतीक है कि भारत और फ्रांस के संबंध कितने गहरे हैं, कितने पुराने हैं, कितने महत्‍वपूर्ण हैं और भविष्‍य में इनका क्या महत्‍व है। फ्रांस भारत के सबसे घनिष्‍ठ मित्रों और विश्‍वसनीय Partners में से एक है। जैसा कि राष्‍ट्रपति जी ने बताया कि हम कई बातों में साझी परंपराओं को ले करके आगे बढ़ रहे हैं। अच्‍छे समय और चुनौती भरे समय में दोनों में फ्रांस भारत के साथ खड़ा रहा है। फ्रांस सदैव भारत के प्रति संवेदनशील रहा है और अंतर्राष्‍ट्रीय मंच पर फ्रांस ने खुलेआम भारत का साथ दिया है और भारत का समर्थन किया है। हम दो बड़े लोकतंत्र देश हैं। हमारे मूल्‍य एक जैसे हैं हमारे हित कई मायने में एक दूसरे के साथ जुड़े हुए हैं, एक दूसरे के पूरक हैं। हमारे संबंध व्‍यापक हैं, जमीन से आसमान तक, सागर से अंतरिक्ष तक और अब साइबर क्षेत्र में भी हम सहयोग कर रहे हैं। आज ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है जिसमें फ्रांस और भारत की साझेदारी न हो। आज मेरी और राष्‍ट्रपति ओलौन्द की बहुत अच्‍छी बातचीत हुई। हमारे रक्षा क्षेत्र के संबंध पुराने और गहन हैं। Defense Equipment और Technology में फ्रांस हमेशा एक भरोसेमंद Supplier रहा है। Fighter Jet से लेकर Submarines तक हमारे सहयोग उत्‍तम रहे हैं। भारत में Fighter Air Craft की Critical operational necessity को ध्‍यान में रखते हुए मैंने राष्‍ट्रपति जी से 36 Rafael Jets Flyaway Condition में जल्‍द से जल्‍द दोनों सरकारों के समझौतों के माध्‍यम से खरीदने की बात की है। हम दोनों ने निर्णय किया है कि भारत के लिए यह अलग प्रक्रिया में दिए गए that the terms and conditions would be modified for this purpose, साथ ही साथ राष्‍ट्रपति जी ने Defense क्षेत्र में Make In India का पूरा समर्थन किया है और Make In India सिर्फ Project नहीं बल्कि एक Ambition के रूप में आपने उसकी सराहना की है।

10 PM Modi with France President Hollande at the Press Statement (2) भारत और फ्रांस की कं‍पनियां मिलकर भारत में रक्षा उपकरण बनाएंगी और साथ ही साथ रक्षा तकनीकों का विकास भी करेंगी। इस संदर्भ में आज मेरी फ्रांस की डिफेंस कंपनियों से काफी विस्‍तार से बातें हुई हैं। आज हम भारत और फ्रांस की रक्षा साझेदारी को एक नए स्‍तर पर ले गए हैं। Nuclear Power के क्षेत्र में फ्रांस भारत के प्रमुख साझेदारों में से एक है। मुझे खुशी है कि जैतापुर में Six Nuclear plant बनाने पर हमने प्रगति की है। बिजली बनाने की कीमत को कम करने के संदर्भ में और अधिक तकनीकी क्षमता और Study करने के लिए दोनों पक्षों ने आज समझौता किया है। विशेषकर आज AREVA और L & T के बीच भारत में Forgings बनाने के लिए समझौता हुआ है और मैं मानता हूं कि यह समझौता बहुत ही महत्‍वपूर्ण है। Make In India का यह उत्‍तम उदाहरण होगा और भारत को Advanced Technology के क्षेत्र में एक नई जगह मिलेगी।

10 PM Modi with France President Hollande at the Press Statement (4)International Export Control Regime में सदस्‍यता के लिए भारत फ्रांस के ठोस समर्थन के लिए बहुत आभारी है। अंतरिक्ष सहयोग में भारत और फ्रांस ने 50 वर्ष पूर्ण किए हैं। मुझे खुशी है कि आज राष्‍ट्रपति जी और मैंने भारत और फ्रांस का एक संयुक्‍त Postal Stamp जारी किया है। हमने साथ मिलकर Satellite के निर्माण और Launch में सहयोग को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। भारत के मंगलयान मिशन के बाद हम अब मिल करके Planetary Exploration में भी सहयोग करेंगे। आज भारत में विश्‍व में सबसे तेज गति से आर्थिक वृद्धि हो रही है। भारत के विकास में फ्रांस बड़ा योगदान दे सकता है और उसका यहां पर भी आर्थिक लाभ होगा। आज सुबह मैं Infrastructure के क्षेत्र में फ्रांस की Industries से मिला था। राष्‍ट्रपति और मैं अभी CEO Forum से भी मिलें। मेरा विश्‍वास बढ़ा है कि फ्रांस की कंपनियां भारत में निवेश बढ़ाएंगी। भारत के Railway Infrastructure के नवीनीकरण में भी हम सहयोग करेंगे। मेरी सरकार की अन्‍य पहलें जैसे Skill Development, Renewable Energy, Energy Efficiency, Smart Cities, Digital India क्षेत्रों में हम फ्रांस के साथ मिलकर आगे बढ़ेंगे। Science and technology हमारे संबंधों का अहम स्‍तम्‍भ है। आज दो महत्‍वपूर्ण समझौते हुए हैं। मैं Ocean Economy का Sustainable विकास यानी कि Blue Revolution पर बहुत बल देता हूं। इस संदर्भ में आज Marine Biology के क्षेत्र में समझौते का विशेष स्‍वागत करता हूं। मुझे बहुत खुशी है कि फ्रांस हमारे साथ मिलकर Urban Heritage और Tourism Promotion में आगे बढ़ेगा। इस क्षेत्र में फ्रांस की क्षमता से सभी परिचित हैं। मुझे राष्‍ट्रपति जी को यह बताते हुए बहुत प्रसन्‍नता हुई कि फ्रांस के नागरिकों को Electronic Travel Authorization के माध्‍यम से आसानी से भारत आने की सुविधा दी जाएगी, जो संबंधों को तो बनाते हैं साथ ही Tourism के लिए भी सरलता पैदा करते हैं। आज हमने समझौता किया है कि दोनों देशों में पढ़ाई के बाद हमारे छात्र देश में और समय रहकर Professional Training कर सकते हैं। जिससे उनको रोजगार मिलने की क्षमता बढ़ेगी। आज विश्‍व में एक चुनौतीपूर्ण माहौल है। कई क्षेत्रों में उथल-पुथल हो रही है। जिससेसभी प्रभावित हैं। बदलती दुनिया में स्थिरता के बारे में कई अनिश्चित प्रश्‍न हैं।

10 PM Modi with France President Hollande at the Press Statement (6)

समुद्री, साइबर और अंतरिक्ष सुरक्षा सभी के लिए चिंता का कारण है। आतंक फैल रहा है और नए-नए स्‍वरूप ले रहा है। विश्‍व के अनेक क्षेत्रों और शहरों में इस चुनौती का सामना किया जा रहा है। चाहे पेरिस हो या मुंबई, भारत और फ्रांस ने एक-दूसरे के दर्द को सहा है और समझा है। इस वैश्विक चुनौती के लिए व्‍यापक वैश्विक Strategy की आवश्‍यकता है। इसमें हर देश का यह दायित्‍व है कि आतंक के विरोध लड़ाई में पूरा समर्थन दें और आतंक समूहों को पनाह लेने न दें और आतंकवादियों को जल्‍द से जल्‍द सजा दें। भारत और फ्रांस इन चुनौतियों को कई मायने में एक तरह से देखते हैं और इस कारण हम अपने सुरक्षा सहयोग को और घनिष्‍ठ करेंगे। इस संदर्भ में हम Indian Ocean के बारे में विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। UN Security Council के Reforms हम दोनों का संयुक्‍त दायित्‍व है। भारत की Security Council की Permanent Membership के लिए समर्थन के लिए मैं फ्रांस का बहुत आभारी हूं| मुझे पूरा विश्‍वास है कि इस वर्ष के अंत में पेरिस में होने वाले Cop-21 सम्‍मेलन में फ्रांस के नेतृत्‍व में विश्‍व के लिए एक नया Roadmap बनेगा। भारत और फ्रांस मिलकर Climate Change और ऊर्जा के ‍विषयों पर अपना सहयोग आगे बढ़ाएंगे। अंत में, मैं फिर से राष्‍ट्रपति जी को धन्‍यवाद देता हूं | मुझे विश्‍वास है कि हमारी Strategic Partnership आज एक नई ऊंचाई पर पहुंची है जो दोनों देशों के नागरिकों के भविष्‍य को उज्ज्वल करने में और विश्‍व में शांति, सुरक्षा और समृद्धि को साकार करने में योगदान देगी।

बहुत-बहुत धन्‍यवाद।

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ମାନ୍ୟବର, ସମ୍ମାନନୀୟା ଅଜାରେଲ ଅର୍ନେଷ୍ଟା, ନ୍ୟାସନାଲ ଆସେମ୍‍ବ୍ଲିର ବାଚସ୍ପତି, ମାନନୀୟା ସିଲଭାନ ଲେମିୟେଲ, ସରକାରୀ ଦଳର ନେତା, ମାନନୀୟ ବୈନୋ ଜର୍ଜ, ବିରୋଧୀ ଦଳର ନେତା, ଉପସ୍ଥିତ ମାନନୀୟ ସଦସ୍ୟବୃନ୍ଦ, ଏବଂ ମୋର ପ୍ରିୟ ଭଉଣୀ ଓ ଭାଇମାନେ, ନମସ୍କାର! 

ବୋନ୍ ଆପ୍ରେମିଡି!  

ଏହି ଜାତୀୟ ସଭାକୁ ସମ୍ବୋଧନ କରିବାରେ ପ୍ରଥମ ଭାରତୀୟ ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ଭାବେ ଆପଣମାନଙ୍କ ସମ୍ମୁଖରେ ଉପସ୍ଥିତ ହେବା ମୋ ପାଇଁ ଏକ ସ୍ୱତନ୍ତ୍ର ସମ୍ମାନର ବିଷୟ। ମାନ୍ୟବର ବାଚସ୍ପତି, ଆପଣଙ୍କର ଗଭୀର ଶ୍ରଦ୍ଧା ଓ ଆନ୍ତରିକତା ପାଇଁ ମୁଁ ଆପଣଙ୍କୁ ଧନ୍ୟବାଦ ଜଣାଉଛି।

ଆଜି ସକାଳେ ମୋତେ ‘ଗାର୍ଡିଆନ୍ ଅଫ୍ ଦି ବ୍ଲୁ ହରାଇଜନ୍’ ସମ୍ମାନରେ ସମ୍ମାନିତ କରିଥିବାରୁ ମୁଁ ରାଷ୍ଟ୍ରପତି ଏର୍ମିନି ଏବଂ ସେଶେଲ୍ସର ଜନସାଧାରଣଙ୍କୁ ମଧ୍ୟ ଧନ୍ୟବାଦ ଜଣାଉଛି। ପରିବେଶ ସଂରକ୍ଷଣ ପାଇଁ ନିରନ୍ତର ପ୍ରୟାସ କରୁଥିବା ସମସ୍ତ ବ୍ୟକ୍ତିବିଶେଷଙ୍କୁ ଏହା ଉତ୍ସାହିତ କରିବ। ମୁଁ ମୋ ସହିତ ଭାରତର ୧୪୦ କୋଟି ଜନସାଧାରଣଙ୍କ ଆନ୍ତରିକ ଶୁଭେଚ୍ଛା ଓ ଅଭିନନ୍ଦନ ନେଇ ଆସିଛି। 

୨୦୧୫ ମସିହାରେ ଭାରତ ମହାସାଗରୀୟ ଅଞ୍ଚଳରେ ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ଭାବେ ମୁଁ ଗସ୍ତ କରିଥିବା ପ୍ରଥମ ଦେଶ ହେଉଛି ସେଶେଲ୍ସ। ସେତେବେଳେ ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ଭାବେ ଆଫ୍ରିକାକୁ ମଧ୍ୟ ଏହା ମୋର ପ୍ରଥମ ଗସ୍ତ ଥିଲା। ମୁଁ ଏଠାକୁ ଆସିଥିଲି କାରଣ ମୋର ବିଶ୍ୱାସ ଯେ ଭାରତ ମହାସାଗର ପାଇଁ ଭାରତର ପରିକଳ୍ପନାରେ ସେଶେଲ୍ସ ଏକ ସ୍ୱତନ୍ତ୍ର ସ୍ଥାନ ଅଧିକାର କରେ। ଆଜି ଏକ ଦଶନ୍ଧି ପରେ ଯେତେବେଳେ ମୁଁ ଏଠାକୁ ପୁଣିଥରେ ଆସିଛି, ସେହି ବିଶ୍ୱାସ ଆହୁରି ଦୃଢ଼ ହୋଇଛି। 

ଆପଣମାନେ ସ୍ୱାଧୀନତାର ପଚାଶ ବର୍ଷ ପୂର୍ତ୍ତି ପାଳନ କରୁଥିବାବେଳେ ଆପଣମାନଙ୍କ ସହ ସାମିଲ ହୋଇ ମୁଁ ଅତ୍ୟନ୍ତ ଆନନ୍ଦିତ। ଏହି ସ୍ୱତନ୍ତ୍ର ଅବସରରେ ଆପଣଙ୍କୁ ଏବଂ ସେଶେଲ୍ସର ଜନସାଧାରଣଙ୍କୁ ଅନେକ ଅନେକ ଅଭିନନ୍ଦନ।

ସମ୍ମାନନୀୟ ସଦସ୍ୟବୃନ୍ଦ,

ଏହି ଜାତୀୟ ସଭାକୁ ସମ୍ବୋଧିତ କରିବା ଏକ ବିରଳ ସୌଭାଗ୍ୟ। ଏହି ସ୍ୱତନ୍ତ୍ର ସମ୍ମାନ ପାଇଁ ଧନ୍ୟବାଦ। ଏହି ଅଷ୍ଟମ ଜାତୀୟ ସଭାର ନବନିର୍ବାଚିତ ସଦସ୍ୟମାନଙ୍କୁ ମୋର ଶୁଭେଚ୍ଛା ଓ ଅଭିନନ୍ଦନ । ଏହି ଗରିମାମୟ ଗୃହର ପ୍ରଥମ ମହିଳା ବାଚସ୍ପତି ହୋଇଥିବାରୁ ମାନ୍ୟବର ବାଚସ୍ପତି, ମୁଁ ଆପଣଙ୍କୁ ମଧ୍ୟ ମୋର ଅଭିନନ୍ଦନ ଜଣାଉଛି।

 

ସମ୍ମାନନୀୟ ସଦସ୍ୟବୃନ୍ଦ,

ଆଜି ଏହା ମନେ ପକାଇବା ଗୁରୁତ୍ୱପୂର୍ଣ୍ଣ ଯେ ଆମର ବନ୍ଧୁତା ପଚାଶ ବର୍ଷ ପୂର୍ବେ ଆମର କୂଟନୈତିକ ସମ୍ପର୍କ ପ୍ରତିଷ୍ଠା ସହିତ ଆରମ୍ଭ ହୋଇନଥିଲା। ବରଂ, ଏହାର ବହୁ ପୂର୍ବରୁ ଆରମ୍ଭ ହୋଇଥିଲା। ଅଗଷ୍ଟ ୧୭୭୦ରେ, ସେଣ୍ଟ ଆନ୍ ଦ୍ୱୀପରେ ‘ଦି ଥେଲେମାକ’ ଜାହାଜରେ ଏଠାରେ ପହଞ୍ଚିଥିବା ଲୋକଙ୍କ ମଧ୍ୟରେ ପାଞ୍ଚ ଜଣ ଭାରତୀୟ ଥିଲେ। ସେହି ଯାତ୍ରା ପରବର୍ତ୍ତୀ ସମୟରେ ଅନେକ ଲୋକଙ୍କୁ ଏଠାକୁ ଆସିବା ଲାଗି ବାଟ ଦେଖାଇଥିଲା। ସମୟକ୍ରମେ, ସେମାନଙ୍କର କାହାଣୀ ଆଧୁନିକ ସେଶେଲ୍ସର କାହାଣୀର ଏକ ଅଂଶ ପାଲଟିଗଲା।

ଏହା ଆମକୁ ମନେ ପକାଇଦିଏ ଯେ ଆମ ମଧ୍ୟରେ ଥିବା ସମ୍ପର୍କ ସରକାରଙ୍କ ଦ୍ୱାରା ସୃଷ୍ଟି ହୋଇନାହିଁ। ଏହା ଲୋକମାନଙ୍କ ଦ୍ୱାରା ଗଢ଼ାଯାଇଛି, ପରିବାର ଦ୍ୱାରା ବଢ଼ିଛି ଏବଂ ପିଢ଼ି ପରେ ପିଢ଼ି ଧରି ବଜାୟ ରହିଛି। ଭାରତ ମହାସାଗର ଏହାକୁ ସମ୍ଭବ କରିଛି। ଭାରତ ମହାସାଗର ଭାରତ ଏବଂ ସେଶେଲ୍ସକୁ ପୃଥକ କରେ ନାହିଁ; ଏହା ଆମକୁ ଯୋଡ଼ିଥାଏ। ସେଥିପାଇଁ ଆମେ ଅପରିଚିତ ଭାବରେ ନୁହେଁ, ବରଂ ପୁରୁଣା ବନ୍ଧୁ ଭାବରେ ପରସ୍ପରକୁ ଭେଟୁଛୁ।

ସମ୍ମାନନୀୟ ସଦସ୍ୟବୃନ୍ଦ,

ସେଶେଲ୍ସର ସବୁଠାରୁ ବଡ଼ ଶକ୍ତି ହେଉଛି ଏହାର ଜନସାଧାରଣ। ପିଢ଼ି ପରେ ପିଢ଼ି ଧରି ବିଶ୍ୱର ସବୁ ପ୍ରାନ୍ତରୁ ଲୋକ ଏଠାକୁ ଆସିଛନ୍ତି। ଏହି ସମୟରେ ସେମାନେ ନିଜ ସହିତ ବିଭିନ୍ନ ଭାଷା, ରୀତିନୀତି, ବିଶ୍ୱାସ ଏବଂ ପରମ୍ପରା ନେଇ ଆସିଥିଲେ ଏବଂ ଏକତ୍ରିତ ହୋଇ, ସେମାନେ ଏକ ମିଳିତ ପରିଚୟ ସୃଷ୍ଟି କରିଛନ୍ତି ଯାହା ଗର୍ବର ସହ ସେଶେଲୋଇସ୍ ଭାବେ ପରିଚିତ ହେଉଛି।

ଏହି ଜାତୀୟ ସଭାର ମହତ୍‍ ଉଦ୍ଦେଶ୍ୟ ହେଉଛି - ବିବିଧତା ମଧ୍ୟରେ ଏକତା। ଏହା କ୍ରିଓଲ୍ ସଙ୍ଗୀତର ସ୍ୱରରେ ଶୁଣିବାକୁ ମିଳେ। ଏହା ମୌତିଆ ନୃତ୍ୟର ତାଳରେ ଦେଖିବାକୁ ମିଳେ। ଏହା ଫେଷ୍ଟିଭାଲ୍ କ୍ରିଓଲ୍ ସମୟରେ ଅନୁଭବ କରାଯାଇପାରେ।

ଯେତେବେଳେ ଏହି ଦେଶ ନିଜର ସମୃଦ୍ଧ ଐତିହ୍ୟ ପାଳନ କରୁଛି, ସେତେବେଳେ ଆମ ସଂସ୍କୃତି ମଧ୍ୟରେ ଥିବା ସମ୍ପର୍କ ଦୈନନ୍ଦିନ ଜୀବନରେ ମଧ୍ୟ ଦୃଶ୍ୟମାନ ହେଉଛି। ଏହା କାରି କୋକୋ , ସାମୋସା ଏବଂ ଚଟଣିର ସ୍ୱାଦରେ ଅନୁଭବ କରାଯାଇପାରେ। ଏହା ଦୀପାବଳି, ଥାଇ ପୋଙ୍ଗଲ ଏବଂ ନବରାତ୍ରି ସମୟରେ ଗରବା ନୃତ୍ୟର ଉତ୍ସବରେ ଦେଖିବାକୁ ମିଳେ। ଏହା ହେଉଛି ସେହି କ୍ରିଓଲ୍ ଭାବନା, ଯାହା ଆମକୁ ଆମର ବନ୍ଧୁତାର ଭବିଷ୍ୟତ ପ୍ରତି ଅଶେଷ ଆତ୍ମବିଶ୍ୱାସ ପ୍ରଦାନ କରେ।

ସମ୍ମାନନୀୟ ସଦସ୍ୟବୃନ୍ଦ,

ସାମୁଦ୍ରିକ ପଡ଼ୋଶୀ ଭାବରେ, ଆମେ ସ୍ୱୀକାର କରୁ ଯେ ଜଣଙ୍କର ନିରାପତ୍ତା ଅନ୍ୟ ଜଣଙ୍କର ସୁରକ୍ଷାକୁ ବଢ଼ାଇଥାଏ। ଜଣଙ୍କର ସମୃଦ୍ଧି ଅନ୍ୟ ଜଣଙ୍କର ସମୃଦ୍ଧିରେ ଯୋଗଦାନ ଦେଇଥାଏ। ଏବଂ ଏହି ଅଞ୍ଚଳର ସ୍ଥିରତା ଆମ ସମସ୍ତଙ୍କୁ ଲାଭାନ୍ୱିତ କରିଥାଏ।

ଏହି ବର୍ଷ ଆମର ଶକ୍ତିଶାଳୀ ଭାଗିଦାରୀର ଗଭୀରତାକୁ ସ୍ମରଣୀୟ କରିବା ଲାଗି ସୁଯୋଗ ପ୍ରଦାନ କରୁଛି। ପଚାଶ ବର୍ଷ ପୂର୍ବେ, ଆପଣଙ୍କ ସ୍ୱାଧୀନତାର ପ୍ରାରମ୍ଭରେ, ବନ୍ଧୁତା ଏବଂ ଏକତାର ପ୍ରତୀକ ସ୍ୱରୂପ ଭାରତୀୟ ନୌସେନା ଜାହାଜ ‘ଆଇଏନ୍ଏସ୍ ନୀଳଗିରି’ ପୋର୍ଟ ଭିକ୍ଟୋରିଆରେ ଉପସ୍ଥିତ ଥିଲା। ଏବଂ ଆଜି, ଆପଣମାନଙ୍କ ସହ ସୁବର୍ଣ୍ଣ ଜୟନ୍ତୀ ପାଳନ କରିବା ପାଇଁ ‘ଆଇଏନ୍ଏସ୍ ତରକଶ୍’ ଏବଂ ‘ଆଇଏନ୍ଏସ୍ ଇକ୍ଷକ’ ପୋର୍ଟ ଭିକ୍ଟୋରିଆରେ ଲଙ୍ଗର ପକାଇଛନ୍ତି।

 

ପଚାଶ ବର୍ଷର ସମୟ ଅନେକ ଜିନିଷ ବଦଳାଇ ଦେଇଛି। କିନ୍ତୁ ପରସ୍ପର ପ୍ରତି ଥିବା ଆମର ପ୍ରତିବଦ୍ଧତାକୁ ନୁହେଁ। ଦଶନ୍ଧି ଦଶନ୍ଧି ଧରି ଆମର ପ୍ରତିରକ୍ଷା ବାହିନୀ, ତଟରକ୍ଷୀ ବାହିନୀ ଏବଂ ସାମୁଦ୍ରିକ ସଂସ୍ଥାଗୁଡ଼ିକ ମିଳିତ ଭାବେ ପ୍ରଶିକ୍ଷଣ ଗ୍ରହଣ କରିଛନ୍ତି ଏବଂ ନିବିଡ଼ ଭାବେ କାର୍ଯ୍ୟ କରିଛନ୍ତି। ଭାରତ, ସେଶେଲ୍ସ ପ୍ରତିରକ୍ଷା ବାହିନୀ ଏବଂ ସେଶେଲ୍ସ କୋଷ୍ଟଗାର୍ଡର ପେସାଦାର ଦକ୍ଷତା ଓ ନିଷ୍ଠାକୁ ଗଭୀର ଭାବେ ସମ୍ମାନ କରେ। ଆପଣଙ୍କର ନିଜସ୍ୱ ବିଶାଳ ସାମୁଦ୍ରିକ କ୍ଷେତ୍ର ସହିତ ବ୍ୟାପକ ଭାରତ ମହାସାଗର ଅଞ୍ଚଳକୁ ସୁରକ୍ଷିତ ରଖିବାରେ ସେମାନେ ଏକ ପ୍ରମୁଖ ଭୂମିକା ଗ୍ରହଣ କରନ୍ତି। ସାମୁଦ୍ରିକ ସୁରକ୍ଷା, କ୍ଷମତା ବୃଦ୍ଧି, ହାଇଡ୍ରୋଗ୍ରାଫି ଏବଂ ସାମୁଦ୍ରିକ କ୍ଷେତ୍ର ସଚେତନତା କ୍ଷେତ୍ରରେ ଆମର ସହଯୋଗ ଏକ ନିରାପଦ ଏବଂ ଅଧିକ ସୁରକ୍ଷିତ ଅଞ୍ଚଳ ପ୍ରତି ଆମର ମିଳିତ ପ୍ରତିବଦ୍ଧତାକୁ ପ୍ରତିଫଳିତ କରେ।

ଆଜି ସକାଳେ ମୁଁ ରାଷ୍ଟ୍ରପତି ଏର୍ମିନିଙ୍କୁ ଭେଟି ଆମର ଭାଗିଦାରୀ କ୍ଷେତ୍ରରେ ହାସଲ ହୋଇଥିବା ଉଲ୍ଲେଖନୀୟ ପ୍ରଗତିର ସମୀକ୍ଷା କରିଛି। ଆମେ ଭବିଷ୍ୟତ ପାଇଁ ଆମର ମିଳିତ ପରିକଳ୍ପନା ସମ୍ପର୍କରେ ମଧ୍ୟ ଆଲୋଚନା କରିଛୁ। ଆମର ଏହି ପରିକଳ୍ପନା ‘ମହାସାଗର’ ଅର୍ଥାତ୍ ଅଞ୍ଚଳଗୁଡ଼ିକ ମଧ୍ୟରେ ସୁରକ୍ଷା ଏବଂ ବିକାଶ ପାଇଁ ପାରସ୍ପରିକ ଏବଂ ସାମଗ୍ରିକ ପ୍ରଗତିର ଚିନ୍ତାଧାରା ମଧ୍ୟରେ ସନ୍ନିହିତ ରହିଛି।

ଏହି ପରିକଳ୍ପନା ସ୍ୱୀକାର କରେ ଯେ ଆମର ଭବିଷ୍ୟତ ପରସ୍ପର ସହ ଜଡ଼ିତ ଏବଂ ପରସ୍ପର ଉପରେ ନିର୍ଭରଶୀଳ। ଏବଂ, ଏକ ନିରାପଦ ଏବଂ ଅଧିକ ସୁରକ୍ଷିତ ଭାରତ ମହାସାଗର ଅଞ୍ଚଳ ପାଇଁ ଆମେ ଏକାଠି କାର୍ଯ୍ୟ କରିବା ଜାରି ରଖିବୁ।

ସମ୍ମାନନୀୟ ସଦସ୍ୟବୃନ୍ଦ,

ଲୋକମାନେ ଯେତେବେଳେ ମାନଚିତ୍ରକୁ ଦେଖନ୍ତି, ସେମାନେ ସେଚେଲ୍ସକୁ ଭାରତ ମହାସାଗରର ଏକ ଦ୍ୱୀପପୁଞ୍ଜ ଭାବରେ ଦେଖିପାରନ୍ତି। କିନ୍ତୁ ଆମେ ଏହାଠାରୁ ବହୁତ ବଡ଼ କିଛି ଦେଖୁ। ଆମେ ଏପରି ଏକ ଦେଶକୁ ଦେଖୁ, ଯାହାର ଦିଗ୍‌ବଳୟ ଏହାର ଉପକୂଳଠାରୁ ବହୁ ଦୂର ପର୍ଯ୍ୟନ୍ତ ବିସ୍ତୃତ। ଆପଣଙ୍କର ସାମୁଦ୍ରିକ କ୍ଷେତ୍ର ପ୍ରାୟ ୧୪ ଲକ୍ଷ ବର୍ଗ କିଲୋମିଟର ପର୍ଯ୍ୟନ୍ତ ବ୍ୟାପିଛି।

ଏହା ସେଚେଲ୍ସକୁ ଏକ କ୍ଷୁଦ୍ର ଦ୍ୱୀପ ରାଷ୍ଟ୍ର ନୁହେଁ — ବରଂ ଏକ "ବିଶାଳ ମହାସାଗରୀୟ ଦେଶ" ଭାବେ ଗଢ଼ିତୋଳିଛି। ବ୍ଲୁ ଇକୋନୋମି ବିଶ୍ୱସ୍ତରୀୟ ଆଲୋଚନାର ଅଂଶ ହେବାର ବହୁ ପୂର୍ବରୁ, ସେଚେଲ୍ସ ଏହି ଦିଗରେ ପଥ ପ୍ରଦର୍ଶନ କରୁଥିଲା। ସାମୁଦ୍ରିକ ସ୍ୱାସ୍ଥ୍ୟ ପ୍ରଣାଳୀର ସୁରକ୍ଷା ହେଉ କିମ୍ବା ବ୍ଲୁ ବଣ୍ଡ୍ ଭଳି ଅଭିନବ ଚିନ୍ତାଧାରାକୁ ଆଗକୁ ବଢ଼ାଇବା ହେଉ, ଆପଣଙ୍କ ଦେଶ ଗୁରୁତ୍ୱପୂର୍ଣ୍ଣ ବିଶ୍ୱସ୍ତରୀୟ ଆଲୋଚନାକୁ ରୂପ ଦେବାରେ ସାହାଯ୍ୟ କରିଛି। ଏକାଠି ମିଶି ଆମେ ମତ୍ସ୍ୟ ଚାଷ, ସାମୁଦ୍ରିକ ବିଜ୍ଞାନ, ଉପକୂଳ ପରିଚାଳନା, ଅକ୍ଷୟ ଶକ୍ତି ଏବଂ ସ୍ଥାୟୀ ପର୍ଯ୍ୟଟନ କ୍ଷେତ୍ରରେ ଅଂଶୀଦାରିତା ଗଠନ କରିପାରିବା।

ଗତକାଲି, ମୋତେ ପ୍ରତିଷ୍ଠିତ ‘କୋକୋ ଡି ମେର’ ଗଛର ଏକ ଚାରା ରୋପଣ କରିବାର ସୌଭାଗ୍ୟ ମିଳିଥିଲା। ସେଚେଲ୍ସ ଭଳି ଏହା ମଧ୍ୟ ଅନନ୍ୟ, ମୂଲ୍ୟବାନ ଏବଂ ବିଶ୍ୱରେ ଏକ ସ୍ୱତନ୍ତ୍ର ସ୍ଥାନ ଅଧିକାର କରିଛି। ଏହି ପ୍ରାକୃତିକ ବିସ୍ମୟକୁ ସୁରକ୍ଷିତ ଏବଂ ସଂରକ୍ଷିତ ରଖିବା ପାଇଁ ଆପଣମାନଙ୍କ ଦ୍ୱାରା କରାଯାଉଥିବା ପ୍ରୟାସ ଏକ ବଡ଼ ଦର୍ଶନକୁ ପ୍ରତିଫଳିତ କରେ ଯେ ମାନବଜାତି ପ୍ରକୃତି ସହିତ ସମନ୍ୱୟ ରକ୍ଷା କରି ବଞ୍ଚିବା ଉଚିତ।

ଏହି ଭାବନା ଭାରତରେ ମଧ୍ୟ ଗଭୀର ଭାବେ ଅନୁରଣିତ ହୁଏ। ଆସନ୍ତୁ ଏକାଠି ମିଶି କାର୍ଯ୍ୟ କରିବା ଯେପରି ଆମର ଭବିଷ୍ୟତ ପିଢ଼ି ଏପରି ମହାସାଗର ପାଇପାରିବେ, ଯାହା ଆଜି ଆମେ ଉପଭୋଗ କରୁଥିବା ମହାସାଗର ତୁଳନାରେ ଅଧିକ ସୁସ୍ଥ, ନିରାପଦ ଏବଂ ସମୃଦ୍ଧ ହୋଇଥିବ।

ସମ୍ମାନନୀୟ ସଦସ୍ୟବୃନ୍ଦ,

ଗ୍ଲୋବାଲ୍ ସାଉଥ୍, ଏବଂ ବିଶେଷ କରି ଦ୍ୱୀପ ରାଷ୍ଟ୍ରଗୁଡ଼ିକ ଜଳବାୟୁ ପରିବର୍ତ୍ତନ ଦ୍ୱାରା ସବୁଠାରୁ ଅଧିକ ପ୍ରଭାବିତ ହେଉଛନ୍ତି। ଏହାର ପ୍ରଭାବ ଆମର ଉପକୂଳବର୍ତ୍ତୀ ଅଞ୍ଚଳ, ସାମୁଦ୍ରିକ ପରିବେଶ, ପାଣିପାଗର ଢାଞ୍ଚା ଏବଂ ଆମର ସମୁଦାୟଗୁଡ଼ିକରେ ଏବେଠାରୁ ଦୃଶ୍ୟମାନ ହେଉଛି। ଆମେ ଦୁହେଁ ଦୃଢ଼ ଭାବରେ ବିଶ୍ୱାସ କରୁ ଯେ ଯେଉଁମାନେ ଜଳବାୟୁ ପରିବର୍ତ୍ତନରେ ସବୁଠାରୁ କମ୍ ଯୋଗଦାନ ଦେଇଛନ୍ତି, ସେମାନେ ଏହାର ପରିଣାମର ସବୁଠାରୁ ବଡ଼ ବୋଝ ବହନ କରିବା ଉଚିତ ନୁହେଁ।

 

ଜଳବାୟୁ କାର୍ଯ୍ୟାନୁଷ୍ଠାନ ସଦ୍ଭାବନା, ଦାୟିତ୍ୱବୋଧ ଏବଂ ସମାନତା ଦ୍ୱାରା ପରିଚାଳିତ ହେବା ଆବଶ୍ୟକ। ଏହା ହିଁ ଜଳବାୟୁ ନ୍ୟାୟର ପ୍ରକୃତ ସାରମର୍ମ।

ଭାରତ ନିଜେ ଉଦାହରଣ ସୃଷ୍ଟି କରି ଆଗକୁ ବଢ଼ିବାକୁ ଚେଷ୍ଟା କରିଛି। ଗତ ଏକ ଦଶନ୍ଧି ମଧ୍ୟରେ, ଆମେ ଅକ୍ଷୟ ଶକ୍ତିର ବିଶ୍ୱର ଅନ୍ୟତମ ବୃହତ୍ତମ ସମ୍ପ୍ରସାରଣ କରିଛୁ। ଆମେ ‘ମିଶନ ଲାଇଫ୍’-ଲାଇଫ୍ ଷ୍ଟାଇଲ୍ ଫର ଏନଭାରନମେଣ୍ଟ ମାଧ୍ୟମରେ ସ୍ଥାୟୀ ଜୀବନଶୈଳୀକୁ ପ୍ରୋତ୍ସାହିତ କରିଛୁ। ଆମର ଆନ୍ତର୍ଜାତିକ ସୌର ମେଣ୍ଟ, ବିପର୍ଯ୍ୟୟ ପ୍ରତିରୋଧୀ ଭିତ୍ତିଭୂମି ପାଇଁ, ଗ୍ଲୋବାଲ ବାୟୋଫୁଏଲ୍ସ ଆଲାଇନ୍ସ, ଏବଂ ‘ଏକ ପେଡ୍ ମାଆ କେ ନାମ’ ଭଳି ପଦକ୍ଷେପ ମାଧ୍ୟମରେ ଆମେ ସବୁଜ ପରିବର୍ତ୍ତନକୁ ତ୍ୱରାନ୍ୱିତ କରିବା ପାଇଁ ଅଂଶୀଦାର ଦେଶଗୁଡ଼ିକ ସହିତ କାର୍ଯ୍ୟ କରିଛୁ।

ଏବଂ କ୍ଷୁଦ୍ର ଦ୍ୱୀପ ବିକାଶଶୀଳ ରାଷ୍ଟ୍ରଗୁଡ଼ିକର ସମସ୍ୟା ଯେପରି ଉପଯୁକ୍ତ ଗୁରୁତ୍ୱ ପାଇପାରିବ, ତାହା ନିଶ୍ଚିତ କରିବା ପାଇଁ ଭାରତ ସେଚେଲ୍ସ ସହିତ ମିଳିତ ଭାବେ କାର୍ଯ୍ୟ ଜାରି ରଖିବାକୁ ପ୍ରତିବଦ୍ଧ।

ସମ୍ମାନନୀୟ ସଦସ୍ୟବୃନ୍ଦ,

ସେଚେଲ୍ସ ଏବଂ ଭାରତ, ଦୁହେଁ ଏପରି ଏକ ବିଶ୍ୱ ଚାହାନ୍ତି ଯେଉଁଠାରେ ବିକାଶ ଆହୁରି ଅଧିକ ସମାବେଶୀ ହେବ। ଆମେ ଦୁହେଁ ଏପରି ଏକ ବିଶ୍ୱ ଚାହାନ୍ତି ଯେଉଁଠାରେ ଆନ୍ତର୍ଜାତୀୟ ଅନୁଷ୍ଠାନଗୁଡ଼ିକ ସମସାମୟିକ ବାସ୍ତବତାକୁ ପ୍ରତିଫଳିତ କରିବେ। ଆମେ ବିଶ୍ୱାସ କରୁ ଯେ ଆମର ମିଳିତ ଭବିଷ୍ୟତ ସାମୂହିକ, ସମାବେଶୀ ଏବଂ ନ୍ୟାୟସଙ୍ଗତ ଭାବରେ ଗଢ଼ାଯିବା ଉଚିତ।

ଏହି ବିଶ୍ୱାସ ହିଁ ଆମର ଜି-୨୦ ସଭାପତିତ୍ୱ କାଳରେ ଭାରତର ପ୍ରୟାସଗୁଡ଼ିକୁ ମାର୍ଗଦର୍ଶନ କରିଥିଲା। ଏହି ଭାବନାକୁ ନେଇ ଆମେ ଆନ୍ତର୍ଜାତିକ ଆଲୋଚନାର କେନ୍ଦ୍ରବିନ୍ଦୁରେ ଗ୍ଲୋବାଲ ସାଉଥର ପ୍ରାଥମିକତାଗୁଡ଼ିକୁ ସ୍ଥାପନ କରିବା ପାଇଁ କାର୍ଯ୍ୟ କରିଥିଲୁ। ଏବଂ ଏହି ଭାବନାରେ ହିଁ ଆମେ ଆଫ୍ରିକୀୟ ସଂଘକୁ ଜି-୨୦ ର ଏକ ସ୍ଥାୟୀ ସଦସ୍ୟ ଭାବରେ ସ୍ୱାଗତ କରିଥିଲୁ। ଏହା ହେଉଛି ସେହି ଭାବନା ଯାହା ଗ୍ଲୋବାଲ ସାଉଥ୍‌କୁ ଏକତ୍ରିତ କରେ। ଏବଂ ଏହା ହେଉଛି ସେହି ପରିକଳ୍ପନା ଯାହାକୁ ଭାରତ ଏବଂ ସେଚେଲ୍ସ ଏକାଠି ମିଶି ଆଗକୁ ବଢ଼ାଇବା ଜାରି ରଖିବେ।

ସମ୍ମାନନୀୟ ସଦସ୍ୟବୃନ୍ଦ,

ଗତ ପଚାଶ ବର୍ଷର ସଫଳତାକୁ ଆମେ ପାଳନ କରୁଥିବା ବେଳେ, ଆମକୁ ଆଗକୁ ମଧ୍ୟ ଦେଖିବାକୁ ହେବ। ସେଶେଲ୍ସର ଭବିଷ୍ୟତ ଏହାର ଯୁବପିଢ଼ିଙ୍କ ଦ୍ୱାରା ରୂପାନ୍ତରିତ ହେବ। ଆମେ ଗର୍ବିତ ଯେ ସେଚେଲ୍ସର ଛାତ୍ରଛାତ୍ରୀ, ବୃତ୍ତିଗତ ବ୍ୟକ୍ତିବିଶେଷ, ଅଧିକାରୀ ଏବଂ ସୁରକ୍ଷା ବାହିନୀ ଦଶନ୍ଧି ଦଶନ୍ଧି ଧରି ଭାରତରେ ପ୍ରଶିକ୍ଷଣ ଏବଂ ଶିକ୍ଷା ଗ୍ରହଣ କରିଛନ୍ତି।

ବାସ୍ତବରେ, ଏହା କୁହାଯାଏ ଯେ ସେଚେଲ୍ସର ପ୍ରତି ପଚାଶ ଜଣ ଲୋକଙ୍କ ମଧ୍ୟରୁ ଜଣେ ଭାରତରେ କୌଣସି ନା କୌଣସି ପ୍ରଶିକ୍ଷଣ ଗ୍ରହଣ କରିଛନ୍ତି। ସେମାନେ ନିଜ ସହିତ ଏପରି ଦକ୍ଷତା, ବନ୍ଧୁତା ଏବଂ ଅନୁଭୂତି ନେଇ ସ୍ୱଦେଶ ଫେରିଛନ୍ତି, ଯାହା ଆଜି ଆମର ଅଂଶୀଦାରିତାକୁ ସୁଦୃଢ଼ କରିବା ଜାରି ରଖିଛି।

 

ଯୁବପିଢ଼ିଙ୍କୁ ଇଣ୍ଟର୍ନସିପ୍ ପ୍ରଦାନ କରିବା ପାଇଁ ଆପଣଙ୍କର ‘ଇଗ୍ନାଇଟ୍’ ପଦକ୍ଷେପ ବିଷୟରେ ଜାଣି ମୁଁ ଅତ୍ୟନ୍ତ ଆନନ୍ଦିତ ହେଲି। ଏହା ଏକ ଚମତ୍କାର ବ୍ୟବସ୍ଥା, ଏବଂ ଆମେ ଏହି କ୍ଷେତ୍ରରେ ସହଯୋଗର ନୂତନ ଦିଗଗୁଡ଼ିକୁ ସନ୍ଧାନ କରିପାରିବା।

ଏଭଳି ସହଯୋଗ ପାଇଁ ଏକ ପ୍ରମୁଖ ଧ୍ୟାନ କେନ୍ଦ୍ରିତ କ୍ଷେତ୍ର ଡିଜିଟାଲ୍ ନବୋନ୍ମେଷ ହୋଇପାରେ। ଭାରତର ଡିଜିଟାଲ୍ ପବ୍ଲିକ୍ ଇନଫ୍ରାଷ୍ଟ୍ରକ୍ଚର ପ୍ରଦର୍ଶନ କରିଛି ଯେ କିପରି ପ୍ରଯୁକ୍ତିବିଦ୍ୟା ସୁଯୋଗର ସମ୍ପ୍ରସାରଣ କରିପାରେ, ଶାସନରେ ସୁଧାର ଆଣିପାରେ, ଆର୍ଥିକ ଅନ୍ତର୍ଭୁକ୍ତିକରଣକୁ ତ୍ୱରାନ୍ୱିତ କରିପାରେ ଏବଂ କୋଟି କୋଟି ଜନସାଧାରଣଙ୍କ ପାଖରେ ସେବା ପହଞ୍ଚାଇ ପାରେ।

ଆପଣ ନିଜର ଡିଜିଟାଲ୍ ରୂପାନ୍ତରଣ ଦିଗରେ ଆଗକୁ ବଢ଼ୁଥିବା ବେଳେ ଆମର ଅନୁଭୂତି ଏବଂ ଦକ୍ଷତାକୁ ଆପଣଙ୍କ ସହ ବାଣ୍ଟିବାକୁ ଆମେ ଅତ୍ୟନ୍ତ ଖୁସି ହେବୁ। ମୋର ଦୃଢ଼ ବିଶ୍ୱାସ ଯେ ସେଚେଲ୍ସର ଯୁବପିଢ଼ି ଏହି ସୁଯୋଗଗୁଡ଼ିକୁ ସେହି ସଂକଳ୍ପ ସହିତ ଆପଣେଇବେ, ଯାହା ସ୍ୱାଧୀନତାର ପ୍ରଥମ ପଚାଶ ବର୍ଷକୁ ମାର୍ଗଦର୍ଶନ କରିଥିଲା।

ସମ୍ମାନନୀୟ ସଦସ୍ୟବୃନ୍ଦ,

ଆଜି, ଏହି ଐତିହାସିକ ସୁବର୍ଣ୍ଣ ଜୟନ୍ତୀ ବର୍ଷରେ ଆପଣମାନଙ୍କ ସମ୍ମୁଖରେ ଉପସ୍ଥିତ ରହି, ଆମର ଜନସାଧାରଣ ଏପରି ଏକ ବନ୍ଧୁତାକୁ ପାଳନ କରୁଛନ୍ତି ଯାହା ଅଢ଼େଇ ଶତାବ୍ଦୀରୁ ଅଧିକ ପୁରୁଣା। ଏଭଳି ଗଭୀର ଭିତ୍ତିଭୂମି ଉପରେ ଖୁବ୍ କମ୍ ଭାଗିଦାରୀ ଗଢ଼ାଯାଇଥାଏ। ଏବଂ ଖୁବ୍ କମ୍ ଭାଗିଦାରୀ ଏଭଳି ଆନ୍ତରିକତା, ବିଶ୍ୱାସ ଏବଂ ସଦ୍ଭାବନା ସହିତ ଆଗକୁ ବଢ଼ିଥାଏ।

ଆମେ ଆଗକୁ ଦେଖୁଥିବା ବେଳେ, ଆସନ୍ତୁ ଏହି ଭିତ୍ତିଭୂମିକୁ ଆହୁରି ସୁଦୃଢ଼ କରିବା। ଭାରତ ସଦାସର୍ବଦା ଆପଣଙ୍କର ଏକ ବିଶ୍ୱସ୍ତ ସହଯୋଗୀ ହୋଇ ରହିବ। ଆମେ ଆପଣଙ୍କର ସଫଳତାକୁ ପାଳନ କରିବୁ। ଆମେ ଆପଣଙ୍କର ଆକାଂକ୍ଷାକୁ ସମର୍ଥନ କରିବୁ। ଏବଂ ଆମେ ସବୁବେଳେ ଜଣେ ବନ୍ଧୁ ଭାବରେ ଆପଣଙ୍କ ପାଖରେ ଛିଡ଼ା ହେବୁ।

ଗତ ପଚାଶ ବର୍ଷ ଅତି ଉଲ୍ଲେଖନୀୟ ରହିଛି। କିନ୍ତୁ ମୋର ଦୃଢ଼ ବିଶ୍ୱାସ ଯେ ସେଶେଲ୍ସ କାହାଣୀର ସର୍ବୋତ୍ତମ ଅଧ୍ୟାୟଗୁଡ଼ିକ ଏପର୍ଯ୍ୟନ୍ତ ଲେଖାଯିବା ବାକି ଅଛି। ଏବଂ ଆମ ବନ୍ଧୁତାର ସବୁଠାରୁ ସୁନ୍ଦର ସମୟ ଆଗକୁ ଆସିବାକୁ ଯାଉଛି।