Guru Gobind Singh Ji was a great warrior, philosopher poet and guru: PM Modi
Guru Gobind Singh Ji fought against oppression and injustice. His teachings to people focused on breaking the barriers of religion and caste: PM
Guru Gobind Singh Ji’s values and teachings will continue to be the source of inspiration and the guiding spirit for the mankind in years to come: PM

वाहे गुरु जी का खालसा..वाहे गुरु जी की फतेह!!

देश के अलग-अलग कोने से यहां पधारे आप सभी महानुभावों का मैं स्वागत करता हूं। आप सभी को, पूरे देश को लोहड़ी की भी लख-लख बधाई। विशेष तौर पर मेरे हमारे देश के अन्नदाता साथियों के लिए फसलों की कटाई का ये मौसम अनंत खुशियों को लेकर के आए हैं, ये मंगलकामना करता हूं।

साथियों, आज गुरु गोबिंद सिंह महाराज का प्रकाश पर्व देश मना रहा है। खालसा पंथ के सृजनहार, मानवता के पालनहार, भारतीय मूल्यों के लिए समर्पित, गुरु गोबिंद सिंह जी को मेरा श्रद्धापूर्वक नमन करता हूं। गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाशोत्सव पर्व पर आप सभी साथियों के साथ-साथ, देश और दुनिया भर में सिख पंथ से जुड़े और भारतीय संस्कृति के लिए समर्पित जनों मैं को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियों, पिछला वर्ष हमने गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज की 350वीं जन्म जयंति वर्ष के रूप में मनाया था। सिख पंथ के इस महत्वपूर्ण अवसर को और यादगार बनाने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से मुझे एक 350 रुपये का स्‍मृति सिक्‍का देशवासियों को समर्पित करने का सौभाग्य मिला है।

वैसे तो गुरू गोविन्द सिंह जी का सिक्‍का हम लोगों के दिलों पर सैकड़ों सालों से चला आ रहा है और आगे भी कई सौ सालों तक चलने वाला है। इसलिए जिसका कृतित्व एक मूल्य बन करके हमारे जीवन को चलाता रहा है, हम लोगों को प्रेरणा देता रहा है, उसको सदैव याद रखने का हम एक छोटा सा प्रयास कर रहे हैं। यह उनके प्रति आदर एवं श्रद्धा व्‍यक्‍त करने का एक छोटा सा प्रयास भर है और इसके लिए हम सभी एक संतोष की अनुभूति करते हैं।

साथियों, श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के व्यक्तित्व में अनेक विधाओं का संगम था। वो गुरु तो थे ही, भक्त भी श्रेष्ठ थे।

वो जितने अच्छे योद्धा थे उतने ही बेहतरीन कवि और साहित्यकार भी थे। अन्याय के विरुद्ध उनका जितना कड़ा रुख था, उतना ही शांति के लिए आग्रह भी था।

मानवता की रक्षा के लिए, राष्ट्र की रक्षा के लिए, धर्म की रक्षा के लिए, उनके सर्वोच्च बलिदान से देश और दुनिया परिचित है।

इन पुत्रन के कारन, वार दिए सुत चार।

चार मुए तो क्या हुआ, जीवित कई हज़ार ।।

हज़ारों संतानों की रक्षा के लिए अपनी संतान को, अपने वंश का ही बलिदान जिसने दे दिया। राष्ट्र की रक्षा के लिए, धर्म की रक्षा के लिए, त्याग और बलिदान का इससे बड़ा उदाहरण क्या हो सकता है।

साथियों, वीरता के साथ उनकी जो धीरता थी, धैर्य था, वो अद्भुत था। वे संघर्ष करते थे लेकिन त्‍याग की पराकाष्‍ठा अभूतपूर्व थी। वे समाज में बुराइयों के खिलाफ लड़ते थे। ऊंच-नीच का भाव, जातिवाद का जहर, उसके खिलाफ भी गुरु गोबिंद सिंह जी ने संघर्ष किया। यही सारे मूल्य नए भारत के निर्माण के मूल में हैं।

साथियों, गुरू साहेब ने ज्ञान को केंद्र में रखते हुए गुरू ग्रंथ साहिब के हर शब्‍द को जीवन-मंत्र माना। उन्होंने कहा था कि अब गुरू ग्रंथ साहिब ही, उसका हर शब्‍द, उसका हर पन्‍ना आने वाले युगों तक हमें प्रेरणा देता रहेगा। आगे जब पंच प्‍यारे और खालसा पंथ की रचना हुई, उसमें भी पूरे भारत को जोड़ने का उनका प्रयास था।

खालसा पंथ का विकास गुरू साहेब के लम्बे समय के गहन चिंतन-मनन और अध्ययन का परिणाम था। वे वेद, पुराण एवं अन्य प्राचीन ग्रंथो के ज्ञाता थे। गुरू साहेब को गुरू नानक देव से लेकर गुरू तेग बहादुर तक सिख पंथ की परंपरा, मुगल शासन के दौरान सिख पंथ से जुड़ी घटनाओं की व्यापक जानकारी उनको थी। देश-समाज में घट रही हर घटना पर उन्होंने अपने विचार रखे।

साथियों, आप में से अनेक लोगों ने ‘श्री दसमग्रंथ साहेब’ को पढ़ा होगा। भाषा और साहित्य पर जो पकड़ उनकी रही वो अद्भुत है। जीवन के हर रस का व्याख्यान इस प्रकार से किया गया है कि सामान्य से सामान्य व्यक्ति को छू जाता है। अलंकार हो, पदशैली हो, छंद हो, प्रवाह हो, मंत्रमुग्ध करने वाला है। भारतीय भाषाओं को लेकर उनकी जानकारी और उनका मोह अतुलनीय था।

साथियों, गुरु गोबिंद सिंह जी का काव्य भारतीय संस्कृति के ताने-बाने, हमारे जीवन दर्शन की सरल अभिव्यक्ति है। जैसा उनका व्यक्तित्व बहुआयामी था, वैसा ही उनका काव्य भी अनेक और विविध विषयों को समाहित किए हुए है। साहित्य के कई जानकार तो उनको साहित्यकारों के प्रेरक और पोषक भी मानते हैं।

साथियों, किसी भी देश की संस्कृति उसकी महिमा को उज्जवल करती है। निखारती है। ऐसे में संस्कृति को समृद्ध करना और उसका प्रचार-प्रसार करना हमेशा से दुनिया की शक्तिशाली सभ्यताओं की प्राथमिकताओं में रहा है। यही कोशिश बीते साढ़े 4 वर्षों से हमारी सरकार कर रही है।

भारत के पास जो सांस्कृतिक और ज्ञान की विरासत है, उसको दुनिया के चप्पे-चप्पे तक पहुंचाने का व्यापक प्रयास किया जा रहा है। योग से लेकर आयुर्वेद तक अपनी प्रतिष्ठा को पुन: प्रस्थापित करने में देश सफल हुआ है। ये काम निरंतर जारी है।

साथियों, वैश्विक आरोग्य, समृद्धि और शांति को लेकर हमारे ऋषियों, मुनियों और गुरुओं ने जो संदेश दिया उस संदेश से दुनिया लाभान्वित हो, इसका प्रयास किया जा रहा है। गुरु गोबिंद सिंह जी का 350वां प्रकाश पर्व तो हमने मनाया ही, अब गुरु नानक देव जी की 550वीं जन्म जयंति के समारोहों की तैयारियां भी चल रही हैं। ये हमारी सरकार का सौभाग्य है कि हमें इन दिनों पावन अवसरों से जुड़ने का सौभाग्‍य विशेष रूप से मिला है।

सरकार ने फैसला किया है कि ये प्रकाशोत्सव देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में तो मनाया ही जाएगा, पूरे विश्वभर में हमारी एंबेसी में भी इस समारोह का आयोजन होगा।

यही नहीं, आप ये भी भली-भांति जानते हैं कि अब केंद्र सरकार के अथक और अभूतपूर्व प्रयास से करतारपुर कॉरीडोर बनने जा रहा है। अब गुरु नानक के बताए मार्ग पर चलने वाला हर भारतीय, हर सिख, दूरबीन के बजाय अपनी आंखों से नारोवाल जा पाएगा और बिना वीजा के गुरुद्वारा दरबार साहिब के दर्शन कर पाएगा।

अगस्त 1947 में जो चूक हुई थी, ये उसका प्रायश्चित है। हमारे गुरु का सबसे महत्वपूर्ण स्थल सिर्फ कुछ ही किलोमीटर से दूर था, लेकिन उसे भी अपने साथ नहीं लिया गया। ये कॉरिडोर उस नुकसान को कम करने का एक प्रमाणिक प्रयास है।

साथियों, गुरु गोबिंद सिंह जी हों या फिर गुरु नानक देव जी, हमारे हर गुरु ने न्याय के साथ खड़े होने का सबक दिया है। उनके बताए मार्ग पर चलते हुए आज केंद्र सरकार 1984 में शुरु हुए अन्याय के दौर को न्याय तक पहुंचाने में जुटी है। दशकों तक माताओं ने, बहनों ने, बेटे-बेटियों ने, जितने आंसू बहाए हैं, उन्हें पोंछने का काम, उन्हें न्याय दिलाने का काम अब कानून करेगा।

साथियों, आज के इस पवित्र दिन गुरू गोविंद सिंह जी महाराज के दिखाए 11 सूत्रीय मार्ग पर चलने का फिर से संकल्प लेने की ज़रूरत है। आज जब भारत एक सशक्त राष्ट्र के रुप में स्थापित होने की राह पर चल पड़ा है, तब भारत की भावना को और सशक्त करने की आवश्यकता है।

मुझे विश्वास है कि, हम सभी गुरू जी के बताए मार्ग से नए भारत के अपने संकल्प को और मजबूत करेंगे।

एक बार फिर आप सभी को प्रकाश पर्व की बधाई। आपके लिए नया साल ढेरों खुशियां लेकर के आए, इसी कामना के साथ-

जो बोले, सो निहाल!..सत् श्री अकाल!

Explore More
শ্রী রাম জন্মভূমি মন্দিরের ধ্বজারোহণ উৎসবে প্রধানমন্ত্রীর বক্তব্যের বাংলা অনুবাদ

জনপ্রিয় ভাষণ

শ্রী রাম জন্মভূমি মন্দিরের ধ্বজারোহণ উৎসবে প্রধানমন্ত্রীর বক্তব্যের বাংলা অনুবাদ
IIT Delhi tops India in QS Rankings 2027; 52 Indian institutions feature

Media Coverage

IIT Delhi tops India in QS Rankings 2027; 52 Indian institutions feature
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
Text of Prime Minister addresses the Indian Community in Paris
June 18, 2026

नमस्ते!

बों जू!

ऐसा लग रहा है, आप सब छुट्टी के मूड में हैं।

साथियों,

ये पेरिस शहर, Lights का शहर है, रंगों का शहर है, यहां Art है, Ideas हैं, और innovation की प्रेरणा भी है। इस शहर को भारत के अलग-अलग राज्यों से आए आप सभी लोग और भी खूबसूरत बना देते हैं। नए नए रंगों से भर देते हैं।

कोई तमिल है, कोई पंजाबी है, कोई गुजराती है, तो कोई मराठी है, और कोई बंगाली है। भारत के हर कोने का प्रतिनिधित्व यहां दिखाई देता है।

साथियों,

मैं जब 14 जून को नीस पहुंचा था तो सबसे पहले भारत इनोवेट्स कार्यक्रम में शामिल हुआ था। आज जब मैं फ्रांस से वापसी की तैयारी में हूं तो लग रहा है जैसे भारत कनेक्ट्स कार्यक्रम में आ गया हूं।

फ्रांस में रहने वाले आप लोगों ने 21वीं सदी के भारत-फ्रांस रिश्तों को जिस तरह कनेक्ट किया है, वो हमारी Strategic Partnership की बहुत बड़ी ताकत बन रही है। मैं आप सभी के लिए भारत से 140 करोड़ देशवासियों की शुभकामनाएं लेकर आया हूं। इस आत्मीय स्वागत के लिए, मैं आप सभी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।

साथियों,

आज मैं ऐसे समय में फ्रांस आया हूं जब कुछ ही दिन पहले हमारी सरकार के 12 वर्ष पूरे हुए हैं। चुने हुए प्रधानमंत्री के रूप निरंतर 12 साल तक देश की सेवा करना मेरे जीवन का बहुत बड़ा सौभाग्य रहा है। यह भारत के लोकतंत्र की शक्ति है जिसने एक चायवाले को यहां तक पहुंचा दिया।

साथियों,

बीते 12 वर्ष, 140 करोड़ भारतीयों के अद्भुत सामर्थ्य के रहे हैं। 12 साल के इस कालखंड में भारत का GDP दोगुना हुआ है। Airports की संख्या दोगुनी हुई है। Universities की संख्या भी दोगुनी हो गई है। Highway Construction की स्पीड तीन गुना बढ़ गई। और Metro Network, चार गुणा बड़ा हो गया है।

मैं आपको कुछ और फैक्ट्स दूंगा, उससे आप अंदाजा लगा पाएंगे कि भारत किस स्पीड और कितने बड़े स्केल पर काम कर रहा है। पिछले 12 वर्षों में भारत का Defence Export 35 गुणा यानि Thirty Five Times बढ़ गया है।

औऱ एक फैक्ट सुनिए भारत में मोबाइल मैन्यूफैक्टरिंग यूनिट्स में, 100 गुणा की बढ़ोतरी हुई है। 100 times. भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा mobile phone manufacturer है। इसी गति, इसी प्रगति का नतीजा है कि आज भारत दुनिया की Fastest Growing Major Economy है।

साथियों,

आज भारत की कहानी सिर्फ Economic Progress की कहानी नहीं है। सिर्फ यहाँ अटक नहीं जाती है। ये Social Transformation की भी कहानी है।

पिछले 12 साल में देश में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। यानि एक ऐसी प्रगति जिसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। फ्रांस में जितने घर हैं, उससे भी अधिक पक्के घर बीते 12 वर्ष में हमने जरूरतमंदों के लिए बनाए हैं।

अब हर परिवार के पास, गरीब से गरीब क्यों न हो, Bank Account है। Financial Inclusion एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का अभियान बना है।

साथियों,

इन 12 वर्षों की उपलब्धियों में, एक उपलब्धि ऐसी भी है जिसे किसी आंकड़े से, या अंकों से, नहीं मापा जा सकता। वह है 140 करोड़ भारतीयों का आत्मविश्वास।

आज का भारत और आज के भारत का युवा बहुत बड़े सपने देख रहा है। भारत का किसान नई संभावनाओं के साथ आगे बढ़ रहा है। भारत की महिलाएं नए नेतृत्व का परिचय दे रही हैं। इसलिए ये सिर्फ Achievements के 12 साल नहीं हैं, ये भारत की एस्पिरेशन्स को नई बुलंदी देने का कालखंड रहा है।

साथियों,

एक समय था जब दूर-दराज के गांवों तक आधुनिक सुविधाएं पहुंचाना वाकई बहुत मुश्किल भरा था। आज उन्हीं गांवों में बिजली भी है, इंटरनेट भी है, और डिजिटल सेवाओं की पूरी दुनिया भी है। आज एक क्लिक पर, कभी भी, कहीं भी बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध हैं।

आज मोबाइल फोन, भारत के नागरिकों को अनेक सुविधाओं से कनेक्ट कर रहा है। हमारे किसान, हमारे मछुआरे, हमारे dairy farmers, हमारी महिलाएं, हमारे स्टूडेंट्स, सभी टेक्नोलॉजी के माध्यम से सशक्त हो रहे हैं, और अपने लिए नए अवसर बना रहे हैं।

साथियों,

आपने 125 करोड़ से अधिक Aadhaar IDs के बारे में सुना है। लेकिन आज भारत सिर्फ पहचान को डिजिटल नहीं बना रहा। आज करीब 90 करोड़ भारतीयों की Unique Digital Health IDs बनाई जा चुकी हैं। जिससे मेडिकल रिकॉर्ड सुरक्षित और accessible बन गए हैं। इससे हेल्थकेयर डिलीवरी और अधिक आसान और efficient हो रही है।

साथियों,

इन उपलब्धियों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इनमें से अधिकांश चीजें कुछ वर्ष पहले तक कल्पना जैसी लगती थीं। कौन सोच सकता था कि गांव-गांव तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचेगा ? कौन सोच सकता था कि दूर-सुदूर के गांवों में भी QR code जीवन का हिस्सा बन जायेगा ? गांव में कोई बहन, ड्रोन से खेती करने में मदद करेगी, ये भी असंभव लगता था।

लेकिन आज यह सब, भारत के करोड़ों लोगों के जीवन का सामान्य हिस्सा बनता जा रहा है। और आपको गर्व होगा साथियों, यही नए भारत की पहचान है।

जो कभी सपना था, वह आज सच्चाई है। जो कभी नामुमकिन लगता था, वो आज मुमकिन हुआ है, औऱ ये करने के पीछे सबसे बड़ी ताकत क्या है? किसकी वजह से ये सब संभव हुआ है? यह मोदी के कारण नहीं, वो ताकत है- भारत का लोकतंत्र, भारत की डेमोक्रेसी। इस डेमोक्रेसी में सबका साथ है, सबका विकास है।

साथियों,

आज से 50 या 100 साल बाद जब भारत के इस कालखंड की समीक्षा होगी, तो ये बात उभरकर सामने आएगी कि इस कालखंड को भारत की Aspirations ने ड्राइव किया। यह भारत के एस्पिरेशन्स का नया युग है।

जहां बिजली पहुंची है, वहां लोग सिर्फ बिजली नहीं चाहते, वे Smart Living चाहते हैं। जहां ट्रेन पहुंची है, वहां लोग High-Speed Connectivity चाहते हैं। जहां हाईवे बने हैं, वहां लोग World-Class Expressways चाहते हैं। जहां इंटरनेट पहुंचा है, वहां लोग AI और Digital Innovation में नेतृत्व चाहते हैं।

यानि आज भारत के लोग अपने जीवन को भी Next Level पर ले जाना चाहते हैं, और भारत को भी Next Level पर ले जाना उनका मकसद है, उनका संकल्प है, उनके सपने है।

और साथियों,

यही Aspirations आज भारत की विकास यात्रा की सबसे बड़ी शक्ति हैं। मैं आपको भारत की Space Journey का उदाहरण दूंगा।

भारत ने चंद्रयान को चंद्रमा के South Pole पर उतारा। दुनिया ने इसे एक बहुत बड़ी उपलब्धि माना। लेकिन भारत इसे अपनी मंजिल मानकर रुका नहीं। आज देश गगनयान की तैयारी कर रहा है। भारत अंतरिक्ष में अपना Space Station बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

हमारे Space Startups Global Space Economy में अपनी जगह बनाने के लिए पुरजोश काम कर रहे हैं, आगे बढ़ रहे हैं।

साथियों,

Green Energy के क्षेत्र में भी भारत की यही एस्पिरेशंस दिखाई देती है। Solar Power में भारत की उपलब्धियों की दुनिया भर में लगातार चर्चा हो रही हैं। लेकिन भारत अगली छलांग की तैयारी कर रहा है।

Green Hydrogen में बड़े निवेश हो रहे हैं। Advanced Nuclear Energy पर तेजी से काम हो रहा है। आपने भारत के Fast Breeder nuclear Reactor से जुड़ी प्रोग्रेस के बारे में भी सुना ज़रूर होगा। ये भारत के न्यूक्लियर एनर्जी लैंडस्केप में क्रांतिकारी परिवर्तन करने का बहुत बड़ा अचीवमेंट हमारे सीसेन्टिस्टों ने किया है।

साथियों,

आज का भारत भविष्य का पूरा Ecosystem बना रहा है। भारत एक साथ हर उस क्षेत्र में निवेश कर रहा है, जो आने वाले दशकों की दिशा तय करेगा।

अभी आपने कुछ दिन पहले ही देखा है नीस में भारत इनोवेट्स का एक आयोजन किया। ये इवेंट भारत के डीप टेक सामर्थ्य को दुनिया तक पहुंचाने का एक और माध्यम था। इसमें भारत के 120 Deep-Tech Startups उपस्थित थे। Bharat Innovates में करीब एक हजार चार सौ B2B Meetings हुईं है। कई Startups के लिए Investment Commitments आगे बढ़ीं, Commercial Orders के लिए रास्ते खुले। French और European Universities तथा Incubators के साथ Engagements बढ़ रही हैं।

Student Exchanges, Joint Research, और Innovation Support के नए रास्ते बने। इसलिए Bharat Innovates सिर्फ एक Summit नहीं रहा। यह Innovation Diplomacy का एक नया मॉडल बना है।

और आज ही पेरिस में VivaTech इवेंट के जरिए, इस यात्रा को हमने और आगे बढ़ाया। नीस में हमने Ideas को Capital से जोड़ा और पेरिस में Indian Innovation को Global Scale से जोड़ा। आज दुनिया देख रही है भारत केवल भविष्य के लिए तैयार नहीं हो रहा है। भारत भविष्य को आकार दे रहा है।

साथियों,

एक समय था, जब देशों के बीच रिश्ते केवल व्यापार से तय होते थे। आज व्यापार के साथ-साथ Trust यानि भरोसा भी उतना ही महत्वपूर्ण हो गया है।

हर देश Reliable Supply Chains चाहता है। हर देश Stable Partnerships चाहता है। हर देश ऐसे साथियों की तलाश में है, जिन पर लंबे समय तक भरोसा किया जा सके। और ऐसे समय में, भारत विश्व में एक Trusted Partner के रूप में उभर रहा है।

एवियां में G7 बैठक के दौरान मैंने trust based partnerships बनाने पर ज़ोर दिया। ग्लोबल साउथ के देशों के साथ equal पार्टनर्स के रूप में आगे बढ़ने का आह्वान किया। भारत का G7 समिट में संदेश था Global Governance तभी प्रभावी होगी जब वह Inclusive होगी। Global Growth तभी Sustainable होगी जब वह शेयर्ड होगी। और Global Technology तभी मानवता के लिए उपयोगी होगी जब वह Trusted होगी।

साथियों,

भारत और दुनिया के बीच व्यापारिक रिश्तों में नई ऊर्जा नज़र आ रही है। फ्रांस के साथ भारत का ट्रेड लगतार बढ़ रहा है। पिछले कुछ वर्षों में भारत ने दुनिया के अनेक देशों के साथ Free Trade Agreements किए हैं। यूरोपियन यूनियन हो, यूनाइटेड किंगडम हो दुनिया के हर देश, हर रीजन के साथ भारत समझौते कर रहा है।

अगले महीने से भारत और UK के बीच ट्रेड एग्रीमेंट भी लागू हो जाएगा। यह एग्रीमेंट भारत के farmers, workers और innovators को अनेक नए अवसर प्रदान करेगा।

साथियों,

आज दुनिया Uncertainty और Disruption के दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में भारत और फ्रांस की साझेदारी विश्वास, स्थिरता और सहयोग का एक मजबूत स्तंभ बन रहा है।

इस वर्ष हमने भारत और फ्रांस के संबंधों को Special Global Strategic Partnership का दर्जा दिया था। नीस में मेरे मित्र President Macron और मैंने हमारे संबंधों को force for global good बनाने पर चर्चा की। Defence से लेकर space और नुक्लियर तक AI और क्रिटीकल मिनरल्स से लेकर high speed railway तक, हर क्षेत्र में हम मिलकर आगे बढ़ेंगे।

साथियों,

Solar energy हो, या AI के क्षेत्र में सहयोग हो, भारत और फ्रांस मिलकर ऐसे समाधान विकसित कर रहे हैं जो पूरी मानवता के हित में हैं। पिछले वर्ष पेरिस में और इस वर्ष दिल्ली में हमने AI Summit को Co-chair किया।

अब हम साथ मिलकर अगले वर्ष “तृष्णा” satellite को लॉन्च करने जा रहें हैं। यह “तृष्णा” satellite जो विश्व में फूड और वाटर सिक्युरिटी सुनिश्चित करने में योगदान देगा।

और साथियों,

यह सभी गवर्नमेंट टू गवर्नमेंट पहलो में आप सभी का योगदान बहुत महत्वपूर्ण है। ये आप हैं जो भारत और यूरोप के बीच सबसे मजबूत सेतु हैं। आप दोनों समाजों को समझते हैं। दोनों बाजारों को समझते हैं। आने वाले समय में Talent, Trade, Technology, Tourism और Investment के नए अवसरों को आगे बढ़ाने में आपकी भूमिका लगातार बढ़ने वाली हैं।

साथियों,

भारत और फ्रांस के रिश्तों को साझा इतिहास, साझा मूल्यों और साझा विश्वास ने आगे बढ़ाया है। विश्व युद्धों के दौरान फ्रांस की धरती पर बलिदान देने वाले भारतीय सैनिकों की स्मृतियां आज भी हमें जोड़ती हैं।

मुझे पहले नव शापेल में श्रद्धांजलि देने का अवसर मिला, पिछले वर्ष प्रेसिडेंट मैक्रों के साथ मार्सेय के वॉर मेमोरियल जाने का अवसर भी मिला। ये हमारी साझा विरासत है।

फ्रांस, भारतीयों के योगदान को संजोता भी है और सराहता भी है। भारतीय मूल की नूर इनायत खान हों, जिन्होंने फ्रांस की Resistance के लिए अपना जीवन बलिदान किया, या महाराजा रणजीत सिंह के साथ काम करने वाले जनरल जां फ्रांस्वा अलार हों ये सभी भारत और फ्रांस की साझा विरासत के प्रतीक हैं।

भारत के राज्य पुडुचेरी में भी फ्रेंच विरासत की झलक दिखाई देती है। वहां का Architecture, वहां की कला-संस्कृति और खान-पान सभी में हमारे संबंधों की महेक है।

साथियों,

इस समय फ्रांस समेत पूरी दुनिया में International Yoga Day की तैयारी भी चल रही है। इस अवसर पर मैं, फ्रांस में योग को आगे बढ़ाने वाले श्रीमान महेश घाट्राड्याल जी को भी आदरपूर्वक श्रद्धांजलि देता हूं। मैं पद्म पुरस्कार से सम्मानित, शार्लोत शोपां जी को भी प्रणाम करता हूं। जिन्होंने सौ वर्ष की आयु में भी, योग के माध्यम से फ़्रांस को भारत की विरासत से जोड़ा है। उनका जीवन यह सिद्ध करता है: Yoga does not add years to life, it adds life to years.

साथियों,

मैं फ्रेद नेग्री जी को भी आदरपूर्वक श्रद्धापूर्वक याद करता हूं। भारतीय विरासत को संरक्षित करने में उनका योगदान अतुल्य रहा है।

साथियों,

भारत और फ्रांस को कनेक्ट करने वाली एक और चीज है, और वो है फुटबॉल। इस वक्त यहां फुटबॉल फीवर पूरे जोर पर है। फ्रांस में इसकी दीवानगी, चप्पे-चप्पे पर दिखती है। लेकिन भारत में भी फुटबॉल का क्रेज़ सिर चढ़कर बोलता है।

खासतौर पर फ्रांस की टीम के फैन्स भारत में बहुत अधिक हैं। फ़्रांस ने इस वर्ल्ड कप की शुरुआत एक जोरदार जीत से शुरू की है। मैं फ्रांस की टीम को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं।

साथियों,

जाने से पहले, आप सभी के लिए कुछ और अच्छी खबरें भी लेकर के आया हूँ। वो आपके लिए हैं। पिछले वर्ष, मार्सेय में कॉन्सुलेट खोला गया, इससे काफी अधिक सुविधा मिल रही है। कुछ हफ्ते पहले, Indian Nationals के लिए French Airports पर Visa-free Transit की व्यवस्था शुरू हो गई है।

Students और Professionals की Mobility बढ़ाना हो, या Educational Qualifications की Mutual Recognition की बात हो, या फिर French Universities के भारत में Campus खोलना हो, इन सभी पर हम मिलकर आगे बढ़ रहें हैं।

अब फ्रांस में UPI के उपयोग का दायरा भी और बढ़ने जा रहा है। यानि भारत-फ्रांस कनेक्ट भी Instant और आपसी Payment भी Instant!

साथियों,

इन सभी पहलों से, हम भारत और फ़्रांस को और करीब ला रहें हैं। और मैं फिर कहूंगा इस साझेदारी की नींव, इस रिश्ते की असली ताकत आप सभी हैं। आप सब मेरे देशवासी हैं।

आज जब भारत तेज़ी से विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, तो मैं आप सभी से भारत के साथ और गहराई से जुडने का आग्रह करूंगा। इससे भारत की विकास यात्रा को नई शक्ति मिलेगी, और आपको अपनी पुरखों की धरती की सेवा करने का अवसर भी मिलेगा।

इन्हीं शब्दों के साथ आप सभी के प्रेम आपके उत्साह और इस आत्मीय स्वागत के लिए मैं एक बार फिर आप सभी का आभार व्यक्त करता हूं।

भारत माता की जय!

बहुत बहुत धन्यवाद।