Published By : Admin |
January 23, 2022 | 17:23 IST
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প্রধানমন্ত্রী শ্রী নরেন্দ্র মোদী ইন্ডিয়া গেটে নেতাজি সুভাষ চন্দ্র বসুর একটি হলোগ্রাম মূর্তি উন্মোচন করেছেন। নেতাজির মূর্তি নির্মাণের কাজ শেষ না হওয়া পর্যন্ত এই হলোগ্রাম মূর্তি থাকবে। বছরব্যাপী নেতাজী সুভাষ চন্দ্র বসুর ১২৫ তম জন্মবার্ষিকী উদযাপন উপলক্ষে মূর্তিটি এই জায়গায় উন্মোচন করা হবে।
প্রধানমন্ত্রী এদিন ২০১৯, ২০২০, ২০২১ এবং ২০২২ সালের জন্য সুভাষ চন্দ্র বসু আপদা প্রবন্ধ পুরস্কার প্রদান করেন। দুর্যোগ মোকাবিলা ব্যবস্থাপনা ক্ষেত্রে ব্যক্তি ও সংস্থার অমূল্য অবদান এবং নিঃস্বার্থ সেবার স্বীকৃতি ও সম্মান জানানোর জন্য কেন্দ্রীয় সরকার এই পুরস্কারটি চালু করেছিল।
প্রধানমন্ত্রী ভারত মাতার সাহসী পুত্র নেতাজি সুভাষ চন্দ্র বসুকে তাঁর ১২৫ তম জন্মবার্ষিকীতে শ্রদ্ধা জানিয়েছেন। সমাবেশের ভাষণে তিনি বলেন, যিনি ভারতের মাটিতে প্রথম স্বাধীন সরকার প্রতিষ্ঠা করেছিলেন এবং যিনি আমাদের একটি সার্বভৌম ও শক্তিশালী ভারত গঠনের আস্থা জুগিয়েছিলেন, তাঁর প্রতি সম্মান জানিয়ে ইন্ডিয়া গেটের কাছে ডিজিটাল আকারে এই মূর্তি স্থাপন করা হচ্ছে। শীঘ্রই এই হলোগ্রাম মূর্তিটি পরিবর্তন করে গ্রানাইট মূর্তি প্রতিস্থাপিত হবে। তিনি বলেন, এই মূর্তিটি প্রতিষ্ঠার মধ্যে দিয়ে দেশবাসী কৃতজ্ঞ চিত্তে স্বাধীনতা সংগ্রামের নায়কের প্রতি শ্রদ্ধা জানাচ্ছেন। পাশাপাশি এর মাধ্যমে দেশের প্রতিষ্ঠান ও পরবর্তী প্রজন্মকে জাতীয় কর্তব্যের প্রতি স্মরণ করিয়ে দেবে বলেও তিনি জানান।
প্রধানমন্ত্রী দেশে দুর্যোগ মোকাবিলা ব্যবস্থাপনা ক্ষেত্রে ঐতিহাসিক পরিবর্তনের কথা তুলে ধরেন। তিনি বলেন, বছরের পর বছর ধরে দুর্যোগ ব্যবস্থাপনার বিষয়টি কৃষি বিভাগের আওতায় ছিল। এর মূল কারণ বন্যা, অতিবৃষ্টি, শিলাবৃষ্টির কারণে উদ্ভূত পরিস্থিতি মোকাবিলার দায়িত্ব ছিল কৃষি মন্ত্রকের। প্রধানমন্ত্রী বলেন, ২০০১ সালের গুজরাট ভূমিকম্প দুর্যোগ মোকাবিলার ব্যবস্থাপনার অর্থই বদলে দিয়েছে। তিনি জানান, “আমরা ত্রাণ ও উদ্ধার কাজে সমস্ত বিভাগ এবং মন্ত্রককে যুক্ত করেছি। সেই সময়ের অভিজ্ঞতা থেকে শিক্ষা নিয়ে ২০০৩ সালে গুজরাট রাজ্য বিপর্যয় মোকাবিলা ব্যবস্থাপনা আইন তৈরি করা হয়। এই ধরণের আইন প্রণয়নের ফলে বিপর্যয় মোকাবিলায় গুজরাট দেশের প্রথম রাজ্য হয়ে ওঠে। কেন্দ্রীয় সরকার গুজরাটের এই আইন থেকে শিক্ষা নিয়ে ২০০৫ সালে সমগ্র দেশের জন্য একই ধরণের দুর্যোগ মোকাবিলা ব্যবস্থাপনা আইন তৈরি করে।”
প্রধানমন্ত্রী বলেন, ত্রাণ, উদ্ধার ও পুনর্বাসনের ওপর জোর দেওয়ার পাশাপাশি সংস্কারসাধনেও গুরুত্ব দেওয়া হচ্ছে। সারা দেশে এনডিআরএফ-কে শক্তিশালী করা হয়েছে। এমনকি এর কাজের পরিধি এবং আধুনিকাতার ওপরেও জোর দেওয়া হয়েছে। তিনি বলেন, মহাকাশ প্রযুক্তি থেকে পরিকল্পনা ও দুর্যোগ মোকাবিলা ব্যবস্থাপনা সর্বোত্রই গুরুত্বপূর্ণ পদক্ষেপ নেওয়া হয়েছে। প্রধানমন্ত্রী জানান, জাতীয় বিপর্যয় মোকাবিলা ব্যবস্থাপনা কর্তৃপক্ষ ‘আপদা মিত্র’-এর মতো পরিকল্পনা গ্রহণ করেছে। তিনি বলেন, এর সঙ্গে দেশের তরুণদের যুক্ত করা হয়েছে। তাই যখনই দুর্যোগ আসে, সাধারণ মানুষ যাতে তার শিকার না হন তারা স্বেচ্ছাসেবক হিসেবে এই দুর্যোগ মোকাবিলা করে থাকেন। দুর্যোগ মোকাবিলা ব্যবস্থাপনা এখন আর শুধু সরকারি চাকরি নয়, এটি হয়ে উঠেছে ‘সবকা প্রয়াস’-এর মডেল।
প্রধানমন্ত্রী দুর্যোগ মোকাবিলায় দক্ষতা বৃদ্ধিতে প্রতিষ্ঠানগুলিকে শক্তিশালী করার প্রয়োজনীয়তার ওপর জোর দেন। তিনি ওড়িশা, পশ্চিমবঙ্গ, গোয়া, মহারাষ্ট্র এবং গুজরাটে ঘূর্ণিঝড়ের উদাহরণ তুলে ধরেন। প্রধানমন্ত্রী বলেন, এই ধরণের দুর্যোগে পূর্বের তুলনায় অনেক ক্ষয়ক্ষতি এড়ানো সম্ভব হয়েছে। তিনি জানান, দেশে ঘূর্ণিঝড় মোকাবিলা ব্যবস্থাপনার আধুনিকীকরণ হয়েছে। তাই আগে থেকেই সতর্কীকরণ ব্যবস্থা এবং দুর্যোগের ঝুঁকি বিশ্লেষণ করে মানুষের প্রাণহানি এড়ানো সম্ভবপর হয়েছে।
প্রধানমন্ত্রী দুর্যোগ মোকাবিলা ব্যবস্থাপনায় সার্বিক দৃষ্টিভঙ্গি বিশদে তুলে ধরেন। তিনি জানান, এখন দুর্যোগ ব্যবস্থাপনা সিভিল ইঞ্জিনিয়ারিং এবং স্থাপত্য বিদ্যার পাঠ্যক্রমের অঙ্গ। তিনি ভূমিকম্প প্রবণ এলাকায় প্রধানমন্ত্রী আবাস যোজনার বাড়ি নির্মাণের ক্ষেত্রে বিপর্যয় মোকাবিলায় প্রস্তুতি, চারধাম মহাপরিযোজনা, উত্তর প্রদেশে মহাসড়ক নির্মাণের ক্ষেত্রে নতুন দৃষ্টিভঙ্গি ও চিন্তাভাবনার কথা তুলে ধরেন।
প্রধানমন্ত্রী বিশ্ব পর্যায়ে দুর্যোগ মোকাবিলা ব্যবস্থাপনা ক্ষেত্রে দেশের নেতৃত্ব দেওয়ার কথাও জানান। দুর্যোগ প্রতিরোধের জন্য সুসংবদ্ধ পরিকাঠামো (সিডিআরআই)-এ ভারত এখন ৩৫টি দেশের মধ্যে জায়গা করে নিয়েছে। প্রধানমন্ত্রী বলেন, বিশ্বের বিভিন্ন দেশে সেনাবাহিনীর মধ্যে যৌথ সামরিক মহড়া চালানো হচ্ছে। তবে, ভারত এই প্রথমবার দুর্যোগ মোকাবিলা ব্যবস্থাপনায় যৌথ মহড়ার আয়োজন করেছে।
প্রধানমন্ত্রী নেতাজিকে উদ্ধৃত করে জানান, “স্বাধীন ভারতের স্বপ্নে বিশ্বাস হারাবেন না, বিশ্বের এমন কোনো শক্তি নেই যা ভারতকে নাড়িয়ে দিতে পারে।” প্রধানমন্ত্রী বলেন, এখন লক্ষ্য হলো স্বাধীন ভারতের স্বপ্ন পূরণ করা। স্বাধীনতার শতবর্ষের পূর্বে একটি নতুন ভারত গড়ার লক্ষ্য নেওয়া হয়েছে বলেও তিনি মন্তব্য করেন।
প্রধানমন্ত্রী বলেন, আজাদি কা অমৃত মহোৎসবের মহান সংকল্পে ভারত তার পরিচিতি ও অনুপ্রেরণাকে পুনরুজ্জীবিত করবে। তিনি দুঃখ প্রকাশ করে জানান, স্বাধীনতার পর দেশের সংস্কৃতি ও ঐতিহ্যের পাশাপাশি অনেক মহান ব্যক্তিত্বের অবদান মুছে গেছে।
তিনি বলেন, স্বাধীনতা সংগ্রামে লক্ষ লক্ষ দেশবাসীর ‘তপস্যা’ জড়িত ছিল। কিন্তু তাদের ইতিহাসকেও সীমাবদ্ধ করে রাখার চেষ্টা চালানো হয়। তবে আজ স্বাধীনতার কয়েক দশক পর দেশ সাহসের সঙ্গে সেই ভুলগুলি সংশোধন করছে। তিনি বাবাসাহেব আম্বেদকরের সঙ্গে যুক্ত পঞ্চ তীর্থ, সর্দার প্যাটেল অবদানের স্মরণে স্ট্যাচু অফ ইউনিটি, ভগবান বিরসা মুণ্ডার সম্মানে জনজাতি গৌরব দিবস, আদিবাসী সম্প্রদায়ের মহান অবদানকে স্মরণ করার জন্য উপজাতি ভিত্তিক জাদুঘর, নেতাজির নামে আন্দামানে একটি দ্বীপের নামকরণের কথা উল্লেখ করেন। নেতাজি ও আইএনএ-কে সম্মান জানাতে আন্দামানে তেরঙ্গা পতাকা উত্তোলন করার মধ্য দিয়ে অতীতের ভুল সংশোধনে বেশ কিছু গুরুত্বপূর্ণ পদক্ষেপ নেওয়া হয়েছে বলেও উল্লেখ করেন তিনি। প্রধানমন্ত্রী গত বছর পরাক্রম দিবসে কলকাতায় নেতাজির পৈতৃক বাসভবন সফরের কথা স্মরণ করেন। তিনি জানান, ২০১৮ সালের ২১শে অক্টোবরের দিনটি কখনই ভুলতে পারবেন না, কারণ এদিনই আজাদ হিন্দ সরকারের ৭৫ বছর পূর্ণ হয়েছিল। তিনি বলেন, “লাল কেল্লায় আয়োজিত একটি বিশেষ অনুষ্ঠানে, আমি আজাদ হিন্দ ফৌজের টুপি পরে তেরঙ্গা পতাকা উত্তোলন করেছিলাম। সেই মুহূর্তটি ছিল অসাধারণ, অবিস্মরণীয়।”
প্রধানমন্ত্রী বলেন, নেতাজি সুভাষ যদি কিছু করতে দৃঢ় প্রতিজ্ঞ হতেন, তাহলে কোনো শক্তিই তাকে আটকাতে পারতো না। নেতাজি সুভাষের ‘ক্যান ডু, উইল ডু’ চেতনা থেকে অনুপ্রেরণা নিয়ে সকলকে এগিয়ে যেতে হবে বলেও জানান প্রধানমন্ত্রী।
भारत मां के वीर सपूत, नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जन्मजयंती पर पूरे देश की तरफ से कोटि-कोटि नमन: PM @narendramodi
जिन्होंने भारत की धरती पर पहली आज़ाद सरकार को स्थापित किया था, हमारे उन नेताजी की भव्य प्रतिमा आज डिजिटल स्वरूप में इंडिया गेट के समीप स्थापित हो रही है।
जल्द ही इस होलोग्राम प्रतिमा के स्थान पर ग्रेनाइट की विशाल प्रतिमा भी लगेगी: PM @narendramodi
ये मेरा सौभाग्य है कि पिछले वर्ष, आज के ही दिन मुझे कोलकाता में नेताजी के पैतृक आवास भी जाने का अवसर मिला था।
जिस कार से वो कोलकाता से निकले थे, जिस कमरे में बैठकर वो पढ़ते थे, उनके घर की सीढ़ियां, उनके घर की दीवारें, उनके दर्शन करना, वो अनुभव, शब्दों से परे है: PM @narendramodi
Text of Prime Minister addresses the Indian Community in Paris
June 18, 2026
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नमस्ते!
बों जू!
ऐसा लग रहा है, आप सब छुट्टी के मूड में हैं।
साथियों,
ये पेरिस शहर, Lights का शहर है, रंगों का शहर है, यहां Art है, Ideas हैं, और innovation की प्रेरणा भी है। इस शहर को भारत के अलग-अलग राज्यों से आए आप सभी लोग और भी खूबसूरत बना देते हैं। नए नए रंगों से भर देते हैं।
कोई तमिल है, कोई पंजाबी है, कोई गुजराती है, तो कोई मराठी है, और कोई बंगाली है। भारत के हर कोने का प्रतिनिधित्व यहां दिखाई देता है।
साथियों,
मैं जब 14 जून को नीस पहुंचा था तो सबसे पहले भारत इनोवेट्स कार्यक्रम में शामिल हुआ था। आज जब मैं फ्रांस से वापसी की तैयारी में हूं तो लग रहा है जैसे भारत कनेक्ट्स कार्यक्रम में आ गया हूं।
फ्रांस में रहने वाले आप लोगों ने 21वीं सदी के भारत-फ्रांस रिश्तों को जिस तरह कनेक्ट किया है, वो हमारी Strategic Partnership की बहुत बड़ी ताकत बन रही है। मैं आप सभी के लिए भारत से 140 करोड़ देशवासियों की शुभकामनाएं लेकर आया हूं। इस आत्मीय स्वागत के लिए, मैं आप सभी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।
साथियों,
आज मैं ऐसे समय में फ्रांस आया हूं जब कुछ ही दिन पहले हमारी सरकार के 12 वर्ष पूरे हुए हैं। चुने हुए प्रधानमंत्री के रूप निरंतर 12 साल तक देश की सेवा करना मेरे जीवन का बहुत बड़ा सौभाग्य रहा है। यह भारत के लोकतंत्र की शक्ति है जिसने एक चायवाले को यहां तक पहुंचा दिया।
साथियों,
बीते 12 वर्ष, 140 करोड़ भारतीयों के अद्भुत सामर्थ्य के रहे हैं। 12 साल के इस कालखंड में भारत का GDP दोगुना हुआ है। Airports की संख्या दोगुनी हुई है। Universities की संख्या भी दोगुनी हो गई है। Highway Construction की स्पीड तीन गुना बढ़ गई। और Metro Network, चार गुणा बड़ा हो गया है।
मैं आपको कुछ और फैक्ट्स दूंगा, उससे आप अंदाजा लगा पाएंगे कि भारत किस स्पीड और कितने बड़े स्केल पर काम कर रहा है। पिछले 12 वर्षों में भारत का Defence Export 35 गुणा यानि Thirty Five Times बढ़ गया है।
औऱ एक फैक्ट सुनिए भारत में मोबाइल मैन्यूफैक्टरिंग यूनिट्स में, 100 गुणा की बढ़ोतरी हुई है। 100 times. भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा mobile phone manufacturer है। इसी गति, इसी प्रगति का नतीजा है कि आज भारत दुनिया की Fastest Growing Major Economy है।
साथियों,
आज भारत की कहानी सिर्फ Economic Progress की कहानी नहीं है। सिर्फ यहाँ अटक नहीं जाती है। ये Social Transformation की भी कहानी है।
पिछले 12 साल में देश में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। यानि एक ऐसी प्रगति जिसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। फ्रांस में जितने घर हैं, उससे भी अधिक पक्के घर बीते 12 वर्ष में हमने जरूरतमंदों के लिए बनाए हैं।
अब हर परिवार के पास, गरीब से गरीब क्यों न हो, Bank Account है। Financial Inclusion एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का अभियान बना है।
साथियों,
इन 12 वर्षों की उपलब्धियों में, एक उपलब्धि ऐसी भी है जिसे किसी आंकड़े से, या अंकों से, नहीं मापा जा सकता। वह है 140 करोड़ भारतीयों का आत्मविश्वास।
आज का भारत और आज के भारत का युवा बहुत बड़े सपने देख रहा है। भारत का किसान नई संभावनाओं के साथ आगे बढ़ रहा है। भारत की महिलाएं नए नेतृत्व का परिचय दे रही हैं। इसलिए ये सिर्फ Achievements के 12 साल नहीं हैं, ये भारत की एस्पिरेशन्स को नई बुलंदी देने का कालखंड रहा है।
साथियों,
एक समय था जब दूर-दराज के गांवों तक आधुनिक सुविधाएं पहुंचाना वाकई बहुत मुश्किल भरा था। आज उन्हीं गांवों में बिजली भी है, इंटरनेट भी है, और डिजिटल सेवाओं की पूरी दुनिया भी है। आज एक क्लिक पर, कभी भी, कहीं भी बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध हैं।
आज मोबाइल फोन, भारत के नागरिकों को अनेक सुविधाओं से कनेक्ट कर रहा है। हमारे किसान, हमारे मछुआरे, हमारे dairy farmers, हमारी महिलाएं, हमारे स्टूडेंट्स, सभी टेक्नोलॉजी के माध्यम से सशक्त हो रहे हैं, और अपने लिए नए अवसर बना रहे हैं।
साथियों,
आपने 125 करोड़ से अधिक Aadhaar IDs के बारे में सुना है। लेकिन आज भारत सिर्फ पहचान को डिजिटल नहीं बना रहा। आज करीब 90 करोड़ भारतीयों की Unique Digital Health IDs बनाई जा चुकी हैं। जिससे मेडिकल रिकॉर्ड सुरक्षित और accessible बन गए हैं। इससे हेल्थकेयर डिलीवरी और अधिक आसान और efficient हो रही है।
साथियों,
इन उपलब्धियों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इनमें से अधिकांश चीजें कुछ वर्ष पहले तक कल्पना जैसी लगती थीं। कौन सोच सकता था कि गांव-गांव तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचेगा ? कौन सोच सकता था कि दूर-सुदूर के गांवों में भी QR code जीवन का हिस्सा बन जायेगा ? गांव में कोई बहन, ड्रोन से खेती करने में मदद करेगी, ये भी असंभव लगता था।
लेकिन आज यह सब, भारत के करोड़ों लोगों के जीवन का सामान्य हिस्सा बनता जा रहा है। और आपको गर्व होगा साथियों, यही नए भारत की पहचान है।
जो कभी सपना था, वह आज सच्चाई है। जो कभी नामुमकिन लगता था, वो आज मुमकिन हुआ है, औऱ ये करने के पीछे सबसे बड़ी ताकत क्या है? किसकी वजह से ये सब संभव हुआ है? यह मोदी के कारण नहीं, वो ताकत है- भारत का लोकतंत्र, भारत की डेमोक्रेसी। इस डेमोक्रेसी में सबका साथ है, सबका विकास है।
साथियों,
आज से 50 या 100 साल बाद जब भारत के इस कालखंड की समीक्षा होगी, तो ये बात उभरकर सामने आएगी कि इस कालखंड को भारत की Aspirations ने ड्राइव किया। यह भारत के एस्पिरेशन्स का नया युग है।
जहां बिजली पहुंची है, वहां लोग सिर्फ बिजली नहीं चाहते, वे Smart Living चाहते हैं। जहां ट्रेन पहुंची है, वहां लोग High-Speed Connectivity चाहते हैं। जहां हाईवे बने हैं, वहां लोग World-Class Expressways चाहते हैं। जहां इंटरनेट पहुंचा है, वहां लोग AI और Digital Innovation में नेतृत्व चाहते हैं।
यानि आज भारत के लोग अपने जीवन को भी Next Level पर ले जाना चाहते हैं, और भारत को भी Next Level पर ले जाना उनका मकसद है, उनका संकल्प है, उनके सपने है।
और साथियों,
यही Aspirations आज भारत की विकास यात्रा की सबसे बड़ी शक्ति हैं। मैं आपको भारत की Space Journey का उदाहरण दूंगा।
भारत ने चंद्रयान को चंद्रमा के South Pole पर उतारा। दुनिया ने इसे एक बहुत बड़ी उपलब्धि माना। लेकिन भारत इसे अपनी मंजिल मानकर रुका नहीं। आज देश गगनयान की तैयारी कर रहा है। भारत अंतरिक्ष में अपना Space Station बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
हमारे Space Startups Global Space Economy में अपनी जगह बनाने के लिए पुरजोश काम कर रहे हैं, आगे बढ़ रहे हैं।
साथियों,
Green Energy के क्षेत्र में भी भारत की यही एस्पिरेशंस दिखाई देती है। Solar Power में भारत की उपलब्धियों की दुनिया भर में लगातार चर्चा हो रही हैं। लेकिन भारत अगली छलांग की तैयारी कर रहा है।
Green Hydrogen में बड़े निवेश हो रहे हैं। Advanced Nuclear Energy पर तेजी से काम हो रहा है। आपने भारत के Fast Breeder nuclear Reactor से जुड़ी प्रोग्रेस के बारे में भी सुना ज़रूर होगा। ये भारत के न्यूक्लियर एनर्जी लैंडस्केप में क्रांतिकारी परिवर्तन करने का बहुत बड़ा अचीवमेंट हमारे सीसेन्टिस्टों ने किया है।
साथियों,
आज का भारत भविष्य का पूरा Ecosystem बना रहा है। भारत एक साथ हर उस क्षेत्र में निवेश कर रहा है, जो आने वाले दशकों की दिशा तय करेगा।
अभी आपने कुछ दिन पहले ही देखा है नीस में भारत इनोवेट्स का एक आयोजन किया। ये इवेंट भारत के डीप टेक सामर्थ्य को दुनिया तक पहुंचाने का एक और माध्यम था। इसमें भारत के 120 Deep-Tech Startups उपस्थित थे। Bharat Innovates में करीब एक हजार चार सौ B2B Meetings हुईं है। कई Startups के लिए Investment Commitments आगे बढ़ीं, Commercial Orders के लिए रास्ते खुले। French और European Universities तथा Incubators के साथ Engagements बढ़ रही हैं।
Student Exchanges, Joint Research, और Innovation Support के नए रास्ते बने। इसलिए Bharat Innovates सिर्फ एक Summit नहीं रहा। यह Innovation Diplomacy का एक नया मॉडल बना है।
और आज ही पेरिस में VivaTech इवेंट के जरिए, इस यात्रा को हमने और आगे बढ़ाया। नीस में हमने Ideas को Capital से जोड़ा और पेरिस में Indian Innovation को Global Scale से जोड़ा। आज दुनिया देख रही है भारत केवल भविष्य के लिए तैयार नहीं हो रहा है। भारत भविष्य को आकार दे रहा है।
साथियों,
एक समय था, जब देशों के बीच रिश्ते केवल व्यापार से तय होते थे। आज व्यापार के साथ-साथ Trust यानि भरोसा भी उतना ही महत्वपूर्ण हो गया है।
हर देश Reliable Supply Chains चाहता है। हर देश Stable Partnerships चाहता है। हर देश ऐसे साथियों की तलाश में है, जिन पर लंबे समय तक भरोसा किया जा सके। और ऐसे समय में, भारत विश्व में एक Trusted Partner के रूप में उभर रहा है।
एवियां में G7 बैठक के दौरान मैंने trust based partnerships बनाने पर ज़ोर दिया। ग्लोबल साउथ के देशों के साथ equal पार्टनर्स के रूप में आगे बढ़ने का आह्वान किया। भारत का G7 समिट में संदेश था Global Governance तभी प्रभावी होगी जब वह Inclusive होगी। Global Growth तभी Sustainable होगी जब वह शेयर्ड होगी। और Global Technology तभी मानवता के लिए उपयोगी होगी जब वह Trusted होगी।
साथियों,
भारत और दुनिया के बीच व्यापारिक रिश्तों में नई ऊर्जा नज़र आ रही है। फ्रांस के साथ भारत का ट्रेड लगतार बढ़ रहा है। पिछले कुछ वर्षों में भारत ने दुनिया के अनेक देशों के साथ Free Trade Agreements किए हैं। यूरोपियन यूनियन हो, यूनाइटेड किंगडम हो दुनिया के हर देश, हर रीजन के साथ भारत समझौते कर रहा है।
अगले महीने से भारत और UK के बीच ट्रेड एग्रीमेंट भी लागू हो जाएगा। यह एग्रीमेंट भारत के farmers, workers और innovators को अनेक नए अवसर प्रदान करेगा।
साथियों,
आज दुनिया Uncertainty और Disruption के दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में भारत और फ्रांस की साझेदारी विश्वास, स्थिरता और सहयोग का एक मजबूत स्तंभ बन रहा है।
इस वर्ष हमने भारत और फ्रांस के संबंधों को Special Global Strategic Partnership का दर्जा दिया था। नीस में मेरे मित्र President Macron और मैंने हमारे संबंधों को force for global good बनाने पर चर्चा की। Defence से लेकर space और नुक्लियर तक AI और क्रिटीकल मिनरल्स से लेकर high speed railway तक, हर क्षेत्र में हम मिलकर आगे बढ़ेंगे।
साथियों,
Solar energy हो, या AI के क्षेत्र में सहयोग हो, भारत और फ्रांस मिलकर ऐसे समाधान विकसित कर रहे हैं जो पूरी मानवता के हित में हैं। पिछले वर्ष पेरिस में और इस वर्ष दिल्ली में हमने AI Summit को Co-chair किया।
अब हम साथ मिलकर अगले वर्ष “तृष्णा” satellite को लॉन्च करने जा रहें हैं। यह “तृष्णा” satellite जो विश्व में फूड और वाटर सिक्युरिटी सुनिश्चित करने में योगदान देगा।
और साथियों,
यह सभी गवर्नमेंट टू गवर्नमेंट पहलो में आप सभी का योगदान बहुत महत्वपूर्ण है। ये आप हैं जो भारत और यूरोप के बीच सबसे मजबूत सेतु हैं। आप दोनों समाजों को समझते हैं। दोनों बाजारों को समझते हैं। आने वाले समय में Talent, Trade, Technology, Tourism और Investment के नए अवसरों को आगे बढ़ाने में आपकी भूमिका लगातार बढ़ने वाली हैं।
साथियों,
भारत और फ्रांस के रिश्तों को साझा इतिहास, साझा मूल्यों और साझा विश्वास ने आगे बढ़ाया है। विश्व युद्धों के दौरान फ्रांस की धरती पर बलिदान देने वाले भारतीय सैनिकों की स्मृतियां आज भी हमें जोड़ती हैं।
मुझे पहले नव शापेल में श्रद्धांजलि देने का अवसर मिला, पिछले वर्ष प्रेसिडेंट मैक्रों के साथ मार्सेय के वॉर मेमोरियल जाने का अवसर भी मिला। ये हमारी साझा विरासत है।
फ्रांस, भारतीयों के योगदान को संजोता भी है और सराहता भी है। भारतीय मूल की नूर इनायत खान हों, जिन्होंने फ्रांस की Resistance के लिए अपना जीवन बलिदान किया, या महाराजा रणजीत सिंह के साथ काम करने वाले जनरल जां फ्रांस्वा अलार हों ये सभी भारत और फ्रांस की साझा विरासत के प्रतीक हैं।
भारत के राज्य पुडुचेरी में भी फ्रेंच विरासत की झलक दिखाई देती है। वहां का Architecture, वहां की कला-संस्कृति और खान-पान सभी में हमारे संबंधों की महेक है।
साथियों,
इस समय फ्रांस समेत पूरी दुनिया में International Yoga Day की तैयारी भी चल रही है। इस अवसर पर मैं, फ्रांस में योग को आगे बढ़ाने वाले श्रीमान महेश घाट्राड्याल जी को भी आदरपूर्वक श्रद्धांजलि देता हूं। मैं पद्म पुरस्कार से सम्मानित, शार्लोत शोपां जी को भी प्रणाम करता हूं। जिन्होंने सौ वर्ष की आयु में भी, योग के माध्यम से फ़्रांस को भारत की विरासत से जोड़ा है। उनका जीवन यह सिद्ध करता है: Yoga does not add years to life, it adds life to years.
साथियों,
मैं फ्रेद नेग्री जी को भी आदरपूर्वक श्रद्धापूर्वक याद करता हूं। भारतीय विरासत को संरक्षित करने में उनका योगदान अतुल्य रहा है।
साथियों,
भारत और फ्रांस को कनेक्ट करने वाली एक और चीज है, और वो है फुटबॉल। इस वक्त यहां फुटबॉल फीवर पूरे जोर पर है। फ्रांस में इसकी दीवानगी, चप्पे-चप्पे पर दिखती है। लेकिन भारत में भी फुटबॉल का क्रेज़ सिर चढ़कर बोलता है।
खासतौर पर फ्रांस की टीम के फैन्स भारत में बहुत अधिक हैं। फ़्रांस ने इस वर्ल्ड कप की शुरुआत एक जोरदार जीत से शुरू की है। मैं फ्रांस की टीम को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं।
साथियों,
जाने से पहले, आप सभी के लिए कुछ और अच्छी खबरें भी लेकर के आया हूँ। वो आपके लिए हैं। पिछले वर्ष, मार्सेय में कॉन्सुलेट खोला गया, इससे काफी अधिक सुविधा मिल रही है। कुछ हफ्ते पहले, Indian Nationals के लिए French Airports पर Visa-free Transit की व्यवस्था शुरू हो गई है।
Students और Professionals की Mobility बढ़ाना हो, या Educational Qualifications की Mutual Recognition की बात हो, या फिर French Universities के भारत में Campus खोलना हो, इन सभी पर हम मिलकर आगे बढ़ रहें हैं।
अब फ्रांस में UPI के उपयोग का दायरा भी और बढ़ने जा रहा है। यानि भारत-फ्रांस कनेक्ट भी Instant और आपसी Payment भी Instant!
साथियों,
इन सभी पहलों से, हम भारत और फ़्रांस को और करीब ला रहें हैं। और मैं फिर कहूंगा इस साझेदारी की नींव, इस रिश्ते की असली ताकत आप सभी हैं। आप सब मेरे देशवासी हैं।
आज जब भारत तेज़ी से विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, तो मैं आप सभी से भारत के साथ और गहराई से जुडने का आग्रह करूंगा। इससे भारत की विकास यात्रा को नई शक्ति मिलेगी, और आपको अपनी पुरखों की धरती की सेवा करने का अवसर भी मिलेगा।
इन्हीं शब्दों के साथ आप सभी के प्रेम आपके उत्साह और इस आत्मीय स्वागत के लिए मैं एक बार फिर आप सभी का आभार व्यक्त करता हूं।