Published By : Admin |
August 30, 2017 | 17:10 IST
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Pragati meet: PM Modi reviews progress towards handling and resolution of grievances related to patents and trademarks
Pragati: PM reviews progress of 9 vital infrastructure projects worth over Rs. 56,000 crore in the railway, road, power and oil pipeline and health sectors
Pragati: Progress of Smart Cities Mission, Forest Rights Act reviewed by PM Modi
‘প্রগতি’রমঞ্চে প্রধানমন্ত্রী শ্রী নরেন্দ্র মোদী আজ তাঁর ২১তম বৈঠকে স্বত্বাধিকারওটেডমার্ক সম্পর্কিত ক্ষোভ ও অভিযোগগুলির নিরসনে গৃহীত ব্যবস্থার অগ্রগতিপর্যালোচনা করলেন। প্রক্রিয়ার কাজকর্ম কতটা এগিয়ে গেছে তা খতিয়ে দেখে তিনিস্বত্বাধিকার এবং ট্রেডমার্ক সম্পর্কিত আবেদনগুলির প্রক্রিয়া দ্রুত সম্পূর্ণ করারজন্য নির্দেশ দেন সংশ্লিষ্ট আধিকারিকদের। এক্ষেত্রে কাজকর্মে গতি সঞ্চারের লক্ষ্যেগৃহীত পদক্ষেপের খুঁটিনাটি আধিকারিকরা আজ পেশ করেন প্রধানমন্ত্রীর সামনে। এই কাজদ্রুততার সঙ্গে সম্পূর্ণ করার জন্য আরও বেশি কর্মীকে যুক্ত করা হয়েছে বলে তাঁরাঅবহিত করেন শ্রী মোদীকে। প্রক্রিয়ার সামগ্রিক কাজকর্মকে আরও মসৃণ করে তুলতেঅত্যাধুনিক প্রযুক্তি গ্রহণের প্রয়োজনীয়তার ওপর গুরুত্ব আরোপ করে প্রধানমন্ত্রীবলেন, যে কোন উপায়ে এই বিষয়টিতে বিশ্বমানে পৌঁছনো একান্ত জরুরি।
রেল, সড়ক,বিদ্যুৎ, তেল সরবরাহের পাইপলাইন এবং স্বাস্থ্যক্ষেত্রের মোট ৫৬ হাজার কোটি টাকারওবেশি বিনিয়োগের ন’টি গুরুত্বপূর্ণ পরিকাঠামো প্রকল্পের কাজও এদিন পর্যালোচনা করেনপ্রধানমন্ত্রী। এই প্রকল্পগুলি বর্তমানে রূপায়িত হচ্ছে উত্তরপ্রদেশ, মধ্যপ্রদেশ,গুজরাট, হরিয়ানা, রাজস্থান, মহারাষ্ট্র, উত্তরাখণ্ড, পাঞ্জাব, পশ্চিমবঙ্গ,কর্ণাটক, তামিলনাড়ু, অন্ধ্রপ্রদেশ, বিহার, ওড়িশা, তেলেঙ্গানা এবং কেরলে। যেপ্রকল্পগুলির কাজ আজ ‘প্রগতি’র বৈঠকে পর্যালোচনা করা হয় তার মধ্যে রয়েছে –দিল্লি-মুম্বাই শিল্প করিডর এবং অন্ধ্রপ্রদেশের মংলাগিরি, পশ্চিমবঙ্গের কল্যাণী,মহারাষ্ট্রের নাগপুর এবং উত্তরপ্রদেশের গোরক্ষপুরে এইম্স গড়ে তোলার কাজকর্ম।
‘স্মার্টনগরী’ প্রকল্পের অগ্রগতিও আজ খতিয়ে দেখেন প্রধানমন্ত্রী। এই কাজের চ্যালেঞ্জসংশ্লিষ্ট রাজ্যগুলি যেভাবে গ্রহণ করেছে তার ভূয়সী প্রশংসা করেন তিনি। তাঁর মতে,বর্তমানে প্রত্যেকের সামনেই জরুরি চ্যালেঞ্জ হল চিহ্নিত ৯০টি শহরে ‘স্মার্ট নগরী’গড়ে তোলার কাজ দ্রুততার সঙ্গে সম্পূর্ণ করা। কাজে উন্নত মান বজায় রাখার পক্ষেও মতপ্রকাশ করেন তিনি।
অরণ্যেরঅধিকার আইন পর্যালোচনাকালে মহাকাশ প্রযুক্তি ব্যবহারের ওপর জোর দেন শ্রী মোদী।তিনি বলেন, আদিবাসী সম্প্রদায়গুলির অধিকার নিশ্চিত করা এবং তাঁদের দাবি-দাওয়াগুলিরদ্রুত নিষ্পত্তিতে মহাকাশ প্রযুক্তির সাহায্য গ্রহণ করা একান্ত জরুরি।
জিএসটিসম্পর্কে বিভিন্ন মহলে যে আশঙ্কার ভাব লক্ষ্য করা গিয়েছিল বাস্তবে তার যে কোনভিত্তি নেই একথার উল্লেখ করে প্রধানমন্ত্রী বলেন, জিএসটি ব্যবস্থায় রূপান্তরপ্রক্রিয়া নির্বিঘ্নেই ঘটে চলেছে। জিএসটি-র আওতায় নথিভুক্তির সংখ্যা ও মাত্রাবৃদ্ধির জন্য সংশ্লিষ্ট রাজ্য ও কেন্দ্রশাসিত অঞ্চলগুলির মুখ্য সচিবদের নির্দেশদেন প্রধানমন্ত্রী। আগামী এক মাসের মধ্যে এই বিশেষ ক্ষেত্রটিতে লক্ষ্য পূরণের কাজেআশানুরূপভাবে এগিয়ে যাওয়ার পরামর্শ দেন তিনি।
এদিনেরবৈঠকে সরকারি বৈদ্যুতিন বিপণন ব্যবস্থার কথাও উল্লেখ করেন শ্রী নরেন্দ্র মোদী।তিনি বলেন, সংশ্লিষ্ট পোর্টালটিকে বর্তমানে আরও স্বচ্ছ করে তোলা হয়েছে এবং অনর্থকব্যয়ের মাত্রাও বহুলাংশে হ্রাস পেয়েছে। সরকারি সংগ্রহ প্রক্রিয়ায় এই ব্যবস্থাকেঅগ্রাধিকারদানের জন্য মুখ্য সচিবদের কাছে আর্জি জানান তিনি।
প্রসঙ্গতউল্লেখ্য, ‘প্রগতি’র মঞ্চে অনুষ্ঠিত প্রথম ২০টি বৈঠকে মোট ৮.৭৯ লক্ষ কোটি টাকার ১৮৩টিপ্রকল্পের কাজ পর্যালোচনা করা হয়। ১৭টি বিভিন্ন ক্ষেত্রে ক্ষোভ ও অভিযোগ নিরসনপ্রক্রিয়ার কাজও খতিয়ে দেখা হয় ঐ বৈঠকগুলিতে।
Bharat Innovates is becoming a bridge between Indian talent and European capital: PM Modi in Nice, France
June 14, 2026
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Your Excellency, my dear friend, President मैक्रों,
VCs, industry leaders and innovators,
बों-जू! नमस्ते!
भारत इनोवेट्स में शामिल सभी साथियों का मैं अभिनंदन करता हूं। और इस कार्यक्रम के लिए सभी को बहुत बहुत शुभकामनाएं देता हूं।
साथियों,
दुनिया में अलग-अलग देश एक-दूसरे के साथ व्यापार करते हैं, अलग-अलग देशों के बीच, स्ट्रेटीजिक पार्टनर्शिप्स भी होती हैं, लेकिन कुछ रिलेशन्स ऐसे होते हैं, जो शेयर्ड इंटरेस्ट्स के साथ-साथ, शेयर्ड विजन से भी ड्राइव होते हैं। भारत और फ्रांस का रिश्ता कुछ ऐसा ही है।
इस रिश्ते में Connection भी है, Conviction भी है। इस रिश्ते में Innovation भी है, Inspiration भी है। इस रिश्ते में Shared Values भी हैं, Shared Vision भी है।
और इसी रिश्ते की नींव पर, बीते वर्षों में हमने साथ मिलकर नई पहलें शुरू की हैं। नए विचारों को दिशा दी है। और वैश्विक चुनौतियों के समाधान खोजने का भरसक प्रयास किया हैं।
चाहे International Solar Alliance हो, AI से जुड़ा संवाद हो, सिक्युरिटी से लेकर सस्टेनिबिलिटी तक हमारी साझेदारी हो। यानि ह्यूमेनिटी से जुड़ी चुनौतियों का सोल्यूशन देना हो, हम दोनों देश मिलकर चलें हैं।
इसी साल फरवरी में ही, India–France Year of Innovation की शुरुआत हुई है। और आज हमे बहुत खुशी है कि Bharat Innovates की शुरुआत भी, हम फ़्रांस के साथ कर रहें हैं।
मैं अपने मित्र, प्रेसिडेंट मैक्रों का इस अवसर पर यहां आने के लिए बहुत बहुत आभार व्यक्त करता हूं। प्रेसिडेंट मैक्रों अभी भारत यात्रा के दौरान, आपने कहा था कि इस सदी की चुनौतियों के समाधान के लिए भारत और फ्रांस को एक साथ आगे आना होगा। आज मैं गर्व से कह सकता हूं कि ये initiative, उसी दिशा में एक कदम है।
भारत इनोवेट्स का ये मंच भारत के टैलेंट और यूरोपियन कैपिटल के बीच एक ब्रिज बन रहा है। एक ऐसा प्लेटफॉर्म जहां भारत के यंग माइंड्स को, यूरोपियन एक्स्पर्टीज़ से जुड़ने का अवसर मिल रहा है।
साथियों,
आज 21वीं सदी का भारत बदलाव के एक बहुत बड़े दौर से गुजर रहा है। आज भारत में एक स्टार्टअप रिवॉल्यूशन हो रहा है। इस रिवॉल्यूशन में भारत का नौजवान एक नए माइंडसेट के साथ मानवता के हित में समस्याओं के समाधान ढूंढ रहा है। और हमारे नौजवानों के वर्ल्ड क्लास सोल्युशंस को ग्लोबल स्टेज पर लाने का माध्यम ही है भारत इनोवेट्स। IIT Delhi के बोर्ड के Chairperson मेरे मित्र हरीश सलवे जी ने इसके आयोजन मे बड़ा योगदान दिया है, और इसके लिए मैं उन्हें और पूरी टीम को बहुत बहुत बधाई देता हूँ।
साथियों,
आज यहां इतनी बड़ी संख्या में यंग एंटरप्रेन्योर्स जुड़े हुए हैं। आपको यहाँ भारत के भविष्य की झलक दिखाई देती है। आपको भारत के युवाओं का आत्मविश्वास दिखाई देता है। आपको नए भारत की ऊर्जा दिखाई देती है।
एक ऐसा भारत, जो Solutions का Consumer नहीं Solutions का Contributor बनकर उभर रहा है। यहां कोई AI से गांवों का जीवन बदलने के लिए काम कर रहा है, कोई किसानों की मदद के लिए Satellite Technology का इस्तेमाल कर रहा है। कुछ युवा Smart Cities, Advanced Manufacturing और नए Materials से भविष्य का निर्माण कर रहे हैं। कोई Green Hydrogen, Electric Mobility और Battery Technologies से एक सस्टेनबल फ्यूचर सुनिश्चित कर रहा है। और कुछ Start-ups Defence और Security के क्षेत्र में नई तकनीकें विकसित कर रहे हैं।
आपके सामर्थ्य को देखते हुए मैं कहूंगा Bharat innovates with Scale and Speed. Bharat innovates for a Sustainable Future. And Bharat innovates for the whole World.
साथियों,
आज बहुत सारे VCs और इंडस्ट्री लीडर्स भी इस कार्यक्रम का हिस्सा बने हैं। मैं उनके सामने विशेष तौर पर भारत से आए इन नौजवान साथियों की प्रशंसा करूंगा।
यहां जितने भी साथी आए हैं, उन्होंने पुराने रास्ते पर चलने की जगह, उसको छोड़ कर के, उन्होंने एक नयी जगह का रास्ता चुना हैं। एक नई लीक बनाई है। और यहां आप सबको 100 - 125 स्टार्टअप्स दिख रहे हैं, लेकिन भारत में ऐसे 2 लाख से ज्यादा स्टार्टअप्स का मेगा पूल है। और अब ये सारे स्टार्टअप्स एक नई ऊर्जा के साथ भारत और वर्ल्ड इकॉनमी की ग्रोथ में कॉन्ट्रिब्यूट कर रहे हैं।
साथियों,
दुनिया के लिए ये डेकेड, डिसरप्शन और डेवलपमेंट, दोनों का है। संघर्षों और climate change के बढ़ते प्रभाव के बीच, विश्व एक अभूतपूर्व उथल-पुथल के दौर से गुजर रहा है। लेकिन आज मानवता के सामने जो चुनौतियां ज़्यादा हैं, तो अवसर भी उतने ही ज़्यादा हैं।
Artificial Intelligence, Quantum Computing, Biotechnology, Space Technologies और Advanced Materials ये सभी ऐसी technologies हैं, जो मानवता के फ्यूचर को शेप करेंगे। ये ह्यूमेन सिविलाइजेशन के अगले चैप्टर हैं।
हर Technological Revolution, मानवता को एक नया अवसर देता है। और हर अवसर, एक नई जिम्मेदारी भी लेकर आता है। आज दुनिया ऐसी Technologies की ओर देख रही है, जो Trusted हों, जो Inclusive हों, जो Human-Centric हों, और जिसका लक्ष्य ग्लोबल गुड का हो। और ऐसे समय में, भारत की प्रियॉरिटी है - Technology For Humanity, ह्युमेन सेंट्रिक इनोवेशन।
साथियों,
यही मंत्र हमारी डिजिटल रेवोल्यूशन का केंद्र रहा है। यही भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर का भी सार रहा है। हमारे AI विजन का भी मूल तत्व है - AI for All - सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय। दिल्ली में आयोजित AI impact summit की थीम भी यही थी।
साथियों,
भारत ने दिखाया है कि इनोवेशन और इंक्लूजन एक दूसरे के विरोधी नहीं हैं, बल्कि पूरक हैं। इसका मतलब है किसी भी Innovation की महानता केवल उसके valuation में नहीं होती। उसकी महानता उसके Human Impact में होती है।
यही Bharat Innovates की भावना है। यही भारत का दृष्टिकोण है। यहां मौजूद स्टार्ट अप जगत के साथ, आप सभी साथियों के लिए भी ये उतनी ही बड़ी प्रेरणा है।
Friends,
Innovation is in India's DNA. हजारों वर्षों से भारत ने अपने Knowledge और Innovation से दुनिया को नई दिशा दी है। Mathematics से लेकर Astronomy तक, Medicine से लेकर Yoga तक, भारत का योगदान सम्पूर्ण मानवता की प्रगति का आधार रहा है। आज हमने इसी विरासत को नई गति और नई दिशा दी है।
साथियों,
बीते 11-12 वर्षों में, भारत ने Innovation के लिए एक मजबूत Ecosystem तैयार किया है। पेटेंट फाइलिंग से लेकर इंक्यूबेशन नेटवर्क्स तक, स्टार्टअप इंडिया से लेकर पॉलिसी सपोर्ट तक, ये पूरी जर्नी एक Mission Mode में आगे बढ़ी है।
आज भारत, दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है। लेकिन हमारी सोच केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। हमने Innovation को Grassroot Level तक पहुंचाने का काम किया है।
स्कूलों में Atal Tinkering Labs बनाए गए हैं, युवाओं को Hackathons और Innovation Challenges से जोड़ा जा रहा है, पूरे देश में Incubators और Research Institutions का विस्तार किया जा रहा है, और स्पेशली वीमेन इनोवेटर्स को हम ढेर सारी नई टेक्नॉलजी से जोड़ रहे हैं।
इन सब के कारण, भारत में बहुत बड़ी मात्रा में चेंज हुआ है। आज ड्रोन दीदी से लेकर, स्टार्टअप्स के फाउंडर बनने तक हमारी Women Power नई सक्सेज स्टोरीज़ लिख रहीं है।
साथियों,
नौजवानों की इसी एनर्जी को और आगे बढ़ाने के लिए, भारत के Defence Sector को भी Innovation के लिए खोला गया है। आज Defence और Space से जुड़े सैकड़ों Start-ups भारत में बहुत शानदार काम कर रहे हैं।
और हाल ही में, भारत ने Nuclear Energy Sector में भी महत्वपूर्ण Reforms किए हैं। इससे Clean Energy, Advanced Reactors और Frontier Research के क्षेत्र में नई संभावनाएं बनने जा रही हैं।
यह reforms की एक्स्प्रेस, रुकेगी नहीं, लगातार चलती रहेगी। और भारत से निकलने वाले start-ups की संख्या भी कई गुना बढ़ती रहेगी।
Friends,
एक दशक पहले तक, दुनिया भारत को टेक्नॉलॉजी adopter के रूप में देखती थी। आज भारत, technology provider के रूप में emerge हो रहा है। और भारत, जो भी इनोवेट करता है, जो भी solution देता है, उसका फायदा humanity के बहुत बड़े हिस्से को मिलता है। भारत इनोवेट्स, का भी यही लक्ष्य है।
Bharat Innovates is an invitation to the world to co-create the next chapter of global innovation with India.
मैं अगले तीन दिनों में आपके सेशन्स और Discussions के लिए बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूँ। हम Partnership चाहते हैं। हम Co-development चाहते हैं। हम Joint Research चाहते हैं। हम Shared Manufacturing चाहते हैं। और हम Long-term Collaboration चाहते हैं।
मैं आज यहां मौजूद हर Investor, हर University, हर Research Institution, और हर Entrepreneur को बहुत आग्रहपूर्वक आमंत्रित करता हूं। आप भारत आइए। हमारे साथ मिलकर काम करिए। भारत में Design कीजिए। भारत में Develop कीजिए। और दुनिया के लिए Solutions तैयार कीजिए।