Technology can be beneficial in reducing poverty to a great extent: PM Modi
High Speed Rail project project would bring in latest technology and ensure fast-paced progress: PM Modi
Whether it is railways, highways, waterways or airways, we are focusing on all areas. Integrated transport system is the dream of new India: PM
Our efforts are to provide benefits of new technology to the common man: PM Modi
Economic development has a direct relation with productivity. Our aim is: More productivity with high-speed connectivity: PM Modi

মুম্বাই-আমেদাবাদরুটে ভারতের প্রথম উচ্চগতির রেল প্রকল্পের আজ শিলান্যাস করলেন ভারতেরপ্রধানমন্ত্রী শ্রী নরেন্দ্র মোদী এবং জাপানের প্রধানমন্ত্রী মিঃ শিনজো আবে।

 

 

শিলান্যাসঅনুষ্ঠানে শ্রী মোদী তাঁর বক্তব্যে ‘নতুন ভারত’ গঠনের পথে উচ্চাকাঙ্ক্ষা এবংইচ্ছাশক্তির বিষয়টির ওপর বিশেষ গুরুত্ব আরোপ করেন। দেশবাসীকে এই উপলক্ষে অভিনন্দনজানিয়ে তিনি বলেন যে বুলেট ট্রেন প্রকল্পের হাত ধরে রেল পরিবহণের ক্ষেত্রেপ্রযুক্তি ও অগ্রগতির এক বিশেষ মেলবন্ধন ঘটবে। এর সুফলওযে অচিরেই মিলবে সেসম্পর্কেও তাঁর আশার কথা ব্যক্ত করেন প্রধানমন্ত্রী। উচ্চগতির এই রেল প্রকল্প গড়েতোলার কাজে জাপানের আর্থিক ও প্রযুক্তিগত সহায়তার জন্য তিনি ধন্যবাদ জানান জাপানেরপ্রধানমন্ত্রীকে। মিঃ শিনজো আবে-র বিশেষ প্রশংসা করে তিনি বলেন যে এই প্রকল্পেরসূচনা হয়েছে খুব অল্প সময়ের মধ্যেই।

শ্রী মোদীবলেন যে উচ্চগতির এই রেল প্রকল্প শুধুমাত্র মুম্বাই ও আমেদাবাদ শহর দুটিকেপরস্পরের আরও কাছে নিয়ে আসার কাজেই সফল হবে না, একইসঙ্গে শত শত কিলোমিটার দূরেঅবস্থিত দুটি শহরের অধিবাসীদের মধ্যেও এক নিবিড় সম্পর্ক গড়ে তুলবে। তিনি বলেন,মুম্বাই আমেদাবাদ করিডরে এক নতুন অর্থনৈতিক ব্যবস্থা গড়ে উঠতে চলেছে এবং এর ফলেসমগ্র অঞ্চলই হয়ে উঠবে একটিমাত্র অর্থনৈতিক অঞ্চল।

প্রধানমন্ত্রীবলেন, প্রযুক্তি সফল হয়ে উঠতে পারে তখনই যখনই তার সুফলগুলি পৌঁছে দেওয়া যায় সাধারণমানুষের কাছে। এই প্রকল্পে যে প্রযুক্তি ব্যবহার করা হচ্ছে তা একদিকে যেমন ভারতীয়রেলকে সমৃদ্ধ করবে, অন্যদিকে তেমনই উৎসাহ যোগাবে ‘মেক ইন ইন্ডিয়া’ কর্মসূচিকেও।উচ্চগতির এই রেল প্রকল্পটি হয়ে উঠবে পরিবেশ তথা মানব-বান্ধব। ভবিষ্যতে হাইস্পিডকরিডরটি যে দ্রুত বিকাশ ও অগ্রগতির এক বিশেষ অঞ্চল হয়ে উঠতে চলেছে একথাও প্রসঙ্গতঘোষণা করেন তিনি।

শ্রী মোদীবলেন, ভবিষ্যতের চাহিদার দিকে লক্ষ্য রেখেই সরকার পরিকাঠামো উন্নয়নের কাজ চালিয়েযাচ্ছে। যত দ্রুত সম্ভব এই প্রকল্প রূপায়ণের কাজ সম্পূর্ণ করতে সংশ্লিষ্ট সকলেই যেএকযোগে কাজ করে যাবে এ বিষয়ে তাঁর আস্থা ও বিশ্বাসের কথা ব্যক্ত করেন তিনি।

এর আগে, জাপানেরপ্রধানমন্ত্রী মিঃ শিনজো আবে বলেন, ভারত-জাপান অংশীদারিত্ব শুধুমাত্র কৌশলগতএকবিশেষ সম্পর্কমাত্র নয়, একইসঙ্গে তা আন্তর্জাতিকও। আজ থেকেআর কয়েক বছরের মধ্যেই ভারতের সৌন্দর্য যে বুলেট ট্রেনের জানালাপথেই দেখা যাবে এবিষয়ে তাঁর আশার কথা ব্যক্ত করেন জাপানের প্রধানমন্ত্রী।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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The inauguration of Swaminarayan Temple is a new milestone in the cultural relations between India and France: PM Modi
September 06, 2026
It is a matter of great joy that BAPS Swaminarayan Hindu Mandir is being inaugurated in Paris: PM
This temple will surely enrich the diversity of France and energize our cultural relations: PM
India-France Strategic Partnership is special as it rests on the strong foundation of old cultural and political bonds: PM

पूज्य महंत स्वामी, फ्रांस सरकार के सम्मानित प्रतिनिधिगण, उपस्थित अतिथिगण, इंडियन कम्युनिटी के मेरे साथी, देश दुनिया से जुड़े सभी हरि भक्त, देवियों और सज्जनों, जय स्वामीनारायण!

आज फ्रांस की राजधानी पेरिस में भव्य स्वामीनारायण मंदिर का लोकार्पण हो रहा है। यह लोकार्पण भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों का नया युग स्तंभ है। पूज्य संत जनों और सनातन परंपरा के श्रेष्ठ जनों के आशीर्वाद के साथ आज इस लोकार्पण का मंच ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के भाव का मंच बन गया है। भगवान स्वामीनारायण की कृपा और हमारे संतों का स्नेह, संतों का आशीर्वाद, मेरा सौभाग्य है कि मुझे ऐसे पुण्य अवसरों से जुड़ने का अवसर हमेशा मिलता रहता है। आज भी मैं भले ही पेरिस में आप सबके बीच उपस्थित नहीं हूं, लेकिन मन से और हृदय से, मैं स्वयं को आपके बीच ही अनुभव कर रहा हूं।

साथियों,

आज इस अवसर पर मैं परम पूज्य प्रमुख स्वामी जी महाराज का भी श्रद्धापूर्वक स्मरण करता हूं। प्राचीन काल में भारत का जो सांस्कृतिक आध्यात्मिक वैभव था, उन्होंने उसके पुनर्जागरण का एक अभियान शुरू किया था। आज उसका प्रकाश यूरोप समेत पूरी दुनिया में फैल रहा है। 2024 में अबू धाबी में भव्य मंदिर का लोकार्पण हुआ था। आज वहां हजारों लोग दर्शन करने जाते हैं और अब यहां पेरिस में स्वामीनारायण मंदिर का निर्माण सृजन की यह निरंतरता, यह संतों की संकल्प शक्ति का ही प्रमाण है। मैं पुनीत कार्य के लिए पूज्य महंत स्वामी का आभार प्रकट करता हूं, मैं उनके चरणों में प्रणाम करता हूं। मैं BAPS स्वामीनारायण संस्था को और करोड़ों हरि भक्तों को इस अवसर पर हृदय की गहराई से बधाई देता हूं।

साथियों,

BAPS के माध्यम से जब अलग-अलग देश में मंदिरों की प्राण प्रतिष्ठा होती है, तो वहां भारत के प्राचीन विचार और मानवीय मूल्य भी साथ-साथ ही जाते हैं और भारत का विचार कहता है ‘समानं मनः सह चित्तमेषाम्’ अर्थात हमारे मन समान हो, हमारे हृदय साथ जुड़े। इसलिए आज जब फ्रांस में इतना भव्य मंदिर बनकर तैयार हुआ है, यह फ्रांस की विविधता को तो समृद्ध करेगा ही, इससे भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों को भी ऊर्जा मिलेगी।

साथियों,

बीते वर्षों में भारत और फ्रांस के संबंध नई ऊंचाइयों तक पहुंचे हैं। मेरे मित्र, प्रेसिडेंट मैक्रों के साथ मिलकर दोनों देश एक Special Global Strategic Partnership बना रहे हैं। Technology, AI और Defence से लेकर Space और Climate Action तक हम एक नई गति और नई ऊर्जा के साथ मिलकर के आगे बढ़ रहे हैं। हम 2026 को India-France Year of Innovation के रूप में भी सेलिब्रेट कर रहे हैं। भारत-फ्रांस की ये Strategic Partnership इसलिए भी खास है, क्योंकि ये हमारे पुराने सांस्कृतिक-राजनैतिक सम्बन्धों की मजबूत बुनियाद पर टिकी है। इतिहास गवाह है, फ्रांस में भारतीय सैनिकों के बलिदान का इतिहास आज भी मन-मंदिर में जीवित है। भाषा से जुड़े विषयों में रुचि रखने वाले लोग यह भी जानते हैं कि फ्रेंच स्कॉलर्स ने संस्कृत को लोकप्रिय बनाने में कितनी अहम भूमिका निभाई है। रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद पर रोमाँ रोलाँ की की लेखनी हमारी सोसाइटीज़ को और करीब लाई है। पेरिस से पुडुचेरी के अरबिंदो आश्रम तक 'The mother' की spiritual journey, उसने कितने ही भारतीय और फ्रेंच साधकों को inspire किया है।

साथियों,

दशकों पहले श्रील प्रभुपाद स्वामी भी फ्रांस आए थे। इस्कॉन के जरिए भारत फ्रांस के बीच आध्यात्मिक सम्बन्धों का नया अध्याय उन्होंने शुरू किया था। आज योग भी भारत-फ्रांस के people to people कनेक्ट का एक माध्यम बन चुका है। 'इंटरनेशनल योगा डे' पर एफिल टॉवर के सामने से आने वाली तस्वीरें फ्रांस में योग की लोकप्रियता का उदाहरण बनती हैं और अब BAPS के इस भव्य मंदिर के जरिए, हमारे उन सांस्कृतिक सम्बन्धों में एक नया अध्याय जुड़ रहा है।

साथियों,

इन दिनों, भारत फ्रांस Joint Ventures की संभावनाओं पर बातें होती हैं। स्वामीनारायण मंदिर ने इस संभावना में भी एक नया आयाम जोड़ा है। यह मंदिर 'मेड इन इंडिया' है और 'बिल्ट इन फ्रांस' है। इसके काफी पत्थरों को भारत में तराशा गया है। भारत की प्राचीन प्रतिभा यहाँ फ्रांस में आधुनिक इंजीनियरिंग से आकर जुड़ चुकी है। पेरिस में इस भव्य मंदिर ने आकार लिया है। इसलिए, मैं आशा करता हूँ, यह मंदिर सदियों तक भारत और फ्रांस के बीच सहयोग और संभावनाओं का भी प्रतीक बनकर उभरेगा।

साथियों,

स्वामीनारायण मंदिर हमेशा से भक्ति के साथ-साथ सेवा का माध्यम भी रहे हैं। मुझे बताया गया है, यह मंदिर भी सेवा प्रकल्पों का वैसा ही केंद्र बनेगा। मुझे विश्वास है कि यहाँ से भारतीय संस्कृति के जो स्वर निकलेंगे, उनका लाभ पूरे यूरोप में लोगों को मिलेगा। भविष्य में मुझे जब भी समय मिलेगा, मैं इस मंदिर में दर्शन करने का प्रयास अवश्य करूंगा। इन्हीं शब्दों के साथ, एक बार फिर आज के इस लोकार्पण समारोह में सम्मिलित सभी अतिथिगणों को, सभी परिवारों को, सभी हरि भक्तों को और पूरी Indian Diaspora को मेरी ओर से इस शुभारंभ पर्व की ढेरों शुभकामनाएं!

बहुत-बहुत धन्यवाद!

मर्सी बोकू!

जय स्वामीनारायण!