প্রধানমন্ত্রী শ্রী নরেন্দ্র মোদীর আমন্ত্রণে নিউজিল্যান্ডের প্রধানমন্ত্রী ক্রিস্টোফার লাক্সন ১৬-২০ মার্চ, ২০২৫ ভারত সফরে রয়েছেন। নিউজিল্যান্ডের প্রধানমন্ত্রী হিসেবে তাঁর প্রথম ভারত সফরে ক্রিস্টোফার লাক্সন নতুন দিল্লির পর মুম্বাই যাবেন। তাঁর সঙ্গে রয়েছেন নিউজিল্যান্ডের পর্যটন মন্ত্রী লুই আপস্টন, জনজাতি গোষ্ঠী মন্ত্রী মার্ক মিশেল, বাণিজ্য ও বিনিয়োগ মন্ত্রী টর্ড ম্যাকলে এবং নিউজিল্যান্ডের উচ্চ পদস্থ সরকারি আধিকারিক, বাণিজ্য ও সাংস্কৃতিক জগতের প্রতিনিধিরা।

নতুন দিল্লিতে নিউজিল্যান্ডের প্রধানমন্ত্রীকে উষ্ণ অভ্যর্থনা জানানো হয়। প্রধানমন্ত্রী শ্রী নরেন্দ্র মোদীর সঙ্গে দ্বিপাক্ষিক বৈঠকে বসেন তিনি। দুই প্রধানমন্ত্রী ১৭ মার্চ, ২০২৫ দশম রাইসিনা ডায়ালগের উদ্বোধন করবেন। সমারোহে মূল ভাষণ দেবেন নিউজিল্যান্ডের প্রধানমন্ত্রী। রাজঘাটে মহাত্মা গান্ধীর স্মারকে তিনি শ্রদ্ধা জানিয়েছেন। রাষ্ট্রপতি শ্রীমতী দ্রৌপদী মুর্মুর সঙ্গেও মিঃ লাক্সন সাক্ষাৎ করেছেন।

প্রধানমন্ত্রী শ্রী নরেন্দ্র মোদীর সঙ্গে তাঁর বৈঠকে দু’দেশের সম্পর্ক আরও শক্তিশালী করার বিষয়ে মতবিনিময় হয়েছে। বাণিজ্য ও বিনিয়োগ, প্রতিরক্ষা ও নিরাপত্তা, শিক্ষা ও গবেষণা, বিজ্ঞান ও প্রযুক্তি, মহাকাশ, জনসংযোগ এবং ক্রীড়া ক্ষেত্রে আরও ঘনিষ্ঠ সহযোগিতার ভিত্তিতে কাজ করতে চায় দুই দেশ।

বৈঠকে আঞ্চলিক ও আন্তর্জাতিক নানা বিষয়েও মতবিনিময় হয়। বর্তমান বিশ্বের অনিশ্চয়তা নিয়ে উদ্বেগ প্রকাশ করেন তাঁরা। ভারত – প্রশান্ত মহাসাগরীয় অঞ্চলে সুস্থিতি রক্ষার গুরুত্ব উল্লেখ করেন তাঁরা। সমুদ্রপথ ব্যবহারের ক্ষেত্রে ১৯৮২’র ইউএনসিএলওএস বিধি মেনে চলার কথা বলেছে ভারত ও নিউজিল্যান্ড।

নিউজিল্যান্ডের জনসংখ্যার প্রায় ৬ শতাংশ ভারতীয় বংশোদ্ভূত ঐ দেশে নানা ক্ষেত্রে তাঁদের অবদান যথেষ্ট। এদের এবং ভারতে আসা নিউজিল্যান্ডের নাগরিকদের নিরাপত্তা রক্ষা করা পারস্পরিক দায়িত্ব বলে দুই প্রধানমন্ত্রীই উল্লেখ করেছেন।

বাণিজ্য ও বিনিয়োগ এবং আর্থিক বিষয়ে সহযোগিতা –

ভারত ও নিউজিল্যান্ডের দ্বিপাক্ষিক বাণিজ্যে গতি বজায় থাকা একটি ইতিবাচক বিষয় বলে দুই প্রধানমন্ত্রী মনে করেন। এর উপর ভিত্তি করে আরও দ্বিমুখী বিনিয়োগ এবং বাণিজ্যের নতুন পরিসর তৈরি করার উপর তাঁরা জোর দিয়েছেন।

মুক্ত বাণিজ্য চুক্তি নিয়ে আলোচনা শুরু হওয়ায় সন্তোষ প্রকাশ করেছেন দুই নেতা। এক্ষেত্রে কাজ দ্রুত এগিয়ে নিয়ে যেতে অভিজ্ঞ প্রতিনিধি নিয়োগ করায় সম্মত হয়েছেন উভয়েই। ডিজিটাল লেনদেনের ক্ষেত্রে সহযোগিতার পরিসর বিস্তৃততর করার কথা বলেছেন তাঁরা।

২০২৪ সালে শুল্ক সহযোগিতা ব্যবস্থাপনার আওতায় স্বাক্ষরিত অথরাইজড্‌ ইকনোমিক অপারেটর্স মিউচ্যুয়াল রেকগনিশন অ্যারেঞ্জমেন্ট এক্ষেত্রে এক বড় পদক্ষেপ বলে তাঁরা মনে করেন।

বাগিচা চাষ এবং বনসৃজনে সমঝোতাপত্র স্বাক্ষর হওয়া এক ইতিবাচক অধ্যায় বলে মন্তব্য করেছেন তাঁরা। অর্থনৈতিক বৃদ্ধির ক্ষেত্রে পর্যটনের গুরুত্ব উল্লেখ করেছেন দুই প্রধানমন্ত্রী। ভারত – নিউজিল্যান্ড সরাসরি বিমান পরিষেবা চালু করার জন্য নিজ নিজ দেশের বিমান সংস্থাগুলির সঙ্গে উভয় নেতাই কথা বলবেন।

রাজনীতি, প্রতিরক্ষা ও নিরাপত্তা সহযোগিতা –

সংসদীয় স্তরে আদান-প্রদানের গুরুত্ব উল্লেখ করেছেন দুই প্রধানমন্ত্রী। যৌথ মহড়া এবং আরও নানা উদ্যোগের মধ্য দিয়ে প্রতিরক্ষা ক্ষেত্রে সহযোগিতার প্রসারে সন্তোষ প্রকাশ করেছেন তাঁরা। ভারত – নিউজিল্যান্ড প্রতিরক্ষা সহযোগিতা চুক্তি এই কাজে আরও গতি আনবে বলে তাঁরা আশাবাদী।

ভারত – প্রশান্ত মহাসাগরীয় উদ্যোগ বা ইন্দো – প্যাসিফিক ওশন ইনিশিয়েটিভ – এ যোগদান নিউজিল্যান্ডের স্বার্থের অনুকূল হবে বলে মিঃ লাক্সন মনে করেন।

বিজ্ঞান, প্রযুক্তি ও বিপর্যয় মোকাবিলা সংক্রান্ত সহযোগিতা –

গবেষণা, বিজ্ঞান এবং প্রযুক্তি ক্ষেত্রে অংশীদারিত্ব দ্বিপাক্ষিক সম্পর্কের গুরুত্বপূর্ণ স্তম্ভ বলে দুই নেতা উল্লেখ করেছেন। এর প্রসারের কাজে বাণিজ্য ও শিল্প জগতকে সামিল করার বিষয়ে উভয় পক্ষই একমত। আন্তর্জাতিক সৌর জোটে ভারতের নেতৃস্থানীয় ভূমিকার কথা উল্লেখ করে নিউজিল্যান্ডের প্রধানমন্ত্রী বলেন, ২০২৪ থেকে তাঁর দেশ ঐ জোটের সদস্য। কোয়ালিশন ফর ডিজাস্টার রেজিলিয়েন্ট ইনফ্রাস্ট্রাকচার বা সিডিআরআই-তে নিউজিল্যান্ডের যোগদানকে স্বাগত জানিয়েছেন প্রধানমন্ত্রী মোদী। এর আওতায় ধারাবাহিক উন্নয়নী লক্ষ্যসমূহ প্যারিস জলবায়ু চুক্তি এবং বিপর্যয় মোকাবিলা সংক্রান্ত সেন্ডাই কাঠামো বিধির শর্তপূরণ সহজতর হবে। ভূমিকম্পের বিপদ মোকাবিলায় ভারত – নিউজিল্যান্ড সহযোগিতা চুক্তি নিয়ে কাজ এগোনোয় তাঁরা সন্তোষ প্রকাশ করেন।

শিক্ষা, যোগাযোগ এবং ক্রীড়া –

এক্ষেত্রে সহযোগিতা আরও বাড়ানো দরকার বলে দুই প্রধানমন্ত্রী মনে করেন। শিক্ষা ক্ষেত্রে সহযোগিতা জোরদার করতে স্বাক্ষরিত এ সংক্রান্ত নতুন চুক্তিকে দু’পক্ষই স্বাগত জানিয়েছে। এর ফলে, তথ্য আদান-প্রদানে গতি আসবে।
ক্রিকেট, হকি এবং আরও নানাধরনের খেলাধূলা ভারত – নিউজিল্যান্ড সম্পর্ককে মজবুত করেছে বলে দুই প্রধানমন্ত্রী উল্লেখ করেন। ভারত ও নিউজিল্যান্ডে চিরাচরিত চিকিৎসা প্রণালীর প্রসারে দুই নেতাই খুশি। নিউজিল্যান্ডে যোগাভ্যাস জনপ্রিয় হয়ে ওঠা দ্বিপাক্ষিক সম্পর্কের ক্ষেত্রে ইতিবাচক বলে তাঁদের মন্তব্য।

আঞ্চলিক ও আন্তর্জাতিক বিষয়ে সহযোগিতা –

মুক্ত ও অবাধ ভারত – প্রশান্ত মহাসাগরীয় অঞ্চলের ক্ষেত্রে দুই দেশই একমত। পূর্ব এশিয়া শিখর সম্মেলন, আসিয়ান এবং আসিয়ানের মতো মঞ্চে ভারত ও নিউজিল্যান্ড যেভাবে সহযোগিতার ভিত্তিতে কাজ করছে, তা ইতিবাচক বলে উভয় নেতাই মনে করেন। রাষ্ট্রসংঘকে আধুনিক বিশ্বের চাহিদানুযায়ী গড়ে তোলার প্রয়োজনীয়তা উল্লেখ করেন তাঁরা। নিরাপত্তা পরিষদে ভারতের স্থায়ী সদস্যপদের দাবিকে সমর্থন করেছে নিউজিল্যান্ড। সারা বিশ্বে পরমাণু অস্ত্র প্রসার রোধ এবং নিউক্লিয়ার সাপ্লায়ার্স গ্রুপে ভারতের অন্তর্ভুক্তি গুরুত্বপূর্ণ বলে নিউজিল্যান্ড মনে করে। মধ্যপ্রাচ্যের সুস্থিতির উপরও তাঁরা অগ্রাধিকার দেন। গাজায় পর্যাপ্ত মানবিক ত্রাণের প্রয়োজনীয়তার কথাও তাঁরা উল্লেখ করেছেন। প্যালেস্তাইন – ইজরায়েল বিবাদ মেটাতে দ্বি-রাষ্ট্র সমাধানের পথে এগোনোর কথা বলেছেন ভারত ও নিউজিল্যান্ডের প্রধানমন্ত্রী। রাষ্ট্রসংঘের সনদকে মর্যাদা দিয়ে ইউক্রেন বিবাদের মীমাংসা হওয়া দরকার বলেও তাঁরা মনে করেন।

সন্ত্রাসবাদের প্রশ্নে কঠোর অবস্থান নিয়েছে ভারত ও নিউজিল্যান্ড। রাষ্ট্রসংঘের চিহ্নিত জঙ্গী সংগঠন এবং সন্ত্রাসবাদীদের বিরুদ্ধে কার্যকর ব্যবস্থা নেওয়ার কথা বলেছে দুই দেশ। জঙ্গী তৎপরতা মোকাবিলায় দ্বিপাক্ষিক ও বহুপাক্ষিক ব্যবস্থাপনা গড়ে তোলা দরকার বলে উভয় প্রধানমন্ত্রীই মনে করেন।

ভারত সফরে উষ্ণ অভ্যর্থনা ও আতিথ্যের জন্য প্রধানমন্ত্রী মোদীকে ধন্যবাদ জানান নিউজিল্যান্ডের প্রধানমন্ত্রী। তিনি ভারতের প্রধানমন্ত্রীকে নিউজিল্যান্ড সফরের আমন্ত্রণ জানান।

 

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August 10, 2026

प्रधानमंत्री – मेरे यहां, मुझे यहां लगभग 12-13 साल हो गए इसी मकान में, अगर मैंने regularly और हर बार किसी को रिसिव किया है, किसी को मैं मिला हूं, तो खिलाड़ी हैं। पिछले 10-12 साल हो गए, आप लोगों के पुरुषार्थ के कारण, भारत को लगातार विजय दिलाने के आपके प्रयासों के कारण और उत्तरोत्तर सफलता में नई ऊंचाईयां पार करने की परंपरा के कारण, जो काम शायद हम स्कूलों में जाकर कहें कि नहीं नहीं भई खेलना चाहिए, ये करना चाहिए, वो काम स्कूलों में जाकर के हम कर सकते थे, उससे ज्यादा आपका मेडल उनको inspire करता है।

प्रधानमंत्री – तुमने मुझे वादा किया था पिछली बार कि तुम्हारी दोनों बेटियां खिलाड़ी बन जाएंगी?

खिलाड़ी - हाँ जी अभी वे उमर की छोटी हैं, अगले कॉमनवेल्थ में एक घर में तीन मेडल लाकर दिखाएंगी।

प्रधानमंत्री – पक्का।

खिलाड़ी – हाँ जी।

खिलाड़ी – जब मैं दौड़ रहा था, जब मेरा इवेंट था 29 को, तो उस दिन गुरुपूर्णिमा थी, तो उस दिन मेरे गुरू को मैंने एक गिफ्ट दे दिया।

प्रधानमंत्री – बड़ी शान बढ़ाई आपने। इतनी आंसू टपक रहे थे, मुझे लगता है कि आंसू के हर बूंद से जैसे गोल्ड मेडल टपक रहा है।

खिलाड़ी – मैं बहुत ज्यादा खुशी थी, इमोशनल भी थे उसी दिन, खुशी ज्यादा था और मैं इसलिए रोई थी कि मेरा पेरिस आलंपिक में मेरा 1 Kg में मेडल रह गई थी और एक प्लेयर्स की लाइफ में क्या क्या हमको फेस करना पड़ता है। तो ये 4 साल के अंदर में कितना क्या क्या कुछ मैंने फेस किया था, हर टाइम injury ही चल रहे थे और family problem, वो सब हो रहा था। तो बहुत मुश्किल से मैं ये 4 साल फेस किया था। तो वो सब जब पोडियम में जब मैं खड़ी थी सर और हमारी जो फ्लैग ऊपर जाते हैं और हमारे नेशनल एंथम जब बजते हैं तो सर हम रुक नहीं सकते सर, अपना आप आंसू निकलते हैं।

प्रधानमंत्री – बहुत बहुत बढ़िया

प्रधानमंत्री – आपके इस अचीवमेंट को सिर्फ आपका अचीवमेंट मानता हूं, ऐसा नहीं है, ये आपका विजय आने वाली पीढ़ियों के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा बन जाता है।

खिलाड़ी – सब डर रहे थे हमसे कि इंडिया के साथ फाइट आ गई, अब तो हम पहली फाइट ही हार जायेंगे, हमारा मेडल भी नहीं आयेगा।

प्रधानमंत्री – यानी मान के चलते हैं।

खिलाड़ी – हाँ सर।

प्रधानमंत्री – क्या हुआ, वो restaurant वालों से झगड़ा कर रही थी?

खिलाड़ी – हम लोगों का जो इतना अच्छा परफॉर्मेंस था, लास्ट डे था और सब जीत के गए थे और पूरा इंडिया के लोग थे। तो थोड़ा सा मुझे बुरा लग रहा। तो मैंने उनको अच्छे से बोला रिक्वेस्ट किया था सर, फिर उन्होंने मान भी लिया, अभी चेंज भी हो गया सर।

प्रधानमंत्री – इस विजय की परिस्थिति खुशी, आनंद, अपने साथियों के साथ और गेम पूरे हो चुके हैं। तो हसी मजाक मस्ती का मूड ऐसे समय उस मैप पर नजर जाना और उसको रजिस्टर करना और तुरंत सिर्फ मेडल लेते समय देश खड़ा हो जाता है ऐसा नहीं, भीतर से देश का भाव मैं सच बताता हूँ ये वीडियो सामान्य नहीं है आपका, लंबे समय तक लोगों को याद रहेगा। ये बॉक्सिंग वालों से भी दुनिया के खिलाड़ी अब डरने लगे हैं।

खिलाड़ी – जरूर सर, पुरे सभी डरे हुए थे। एक के बाद एक गोल्ड मेडल गोल्ड मेडल आ रहे थे और मतलब पूरा लास्ट में ऐसे धमाका जैसा हो गया बिल्कुल। जिस तरीके से हम लोगों को सपोर्ट मिल रहा है, हमें बैक टू बैक कंपटीशन मिल रहा है वो एक बहुत बड़ी बात है और हमारे जितने भी यंग एथलीट है वो लोग सभी जैसे खेलो इंडिया स्कीम से आए हुए हैं और ये एक बहुत बड़ा changes ला रहा है पूरे स्पोर्ट्स में ही।

प्रधानमंत्री – अगर आप लोग खेलो इंडिया की प्रतिष्ठा बढ़ाते हैं और प्रतिष्ठा सिर्फ वहां जाकर के रिबिन काटने से नहीं होगी। आप वैसे ही खेलेंगे जैसे एक छोटा विद्यार्थी, एक छोटा नौजवान, छोटा खिलाड़ी खेलता है। यह बहुत बड़ा कंट्रीब्यूशन करेगा। क्योंकि अभी तो हमें बहुत आगे जाना है, बहुत मेडल लाना है। कारगिल विजय दिवस पर किसकी विजय हुई थी?

खिलाड़ी – उस दिन कारगिल डे था वैसे और जिस दिन मैंने पाकिस्तान के साथ फाइट किया था सर, वो उसी दिन का था। तो मैं एक इंडियन आर्मी से हूं, तो मैंने उस दिन मैं पहले से बहुत वो था कि सर पाकिस्तान को हराना है। तो मैंने वो पाकिस्तान एक तरफ मैंने 5-0 से हराया, तो मैंने हमारा इंडियन आर्मी का कारगिल हीरोज़ को मैंने डेडिकेट किया किया था सर।

प्रधानमंत्री – आपको यह याद रहना और आप स्वयं फौज से हैं तो, मैं जरूर मानता हूं कि देश के वीर जवानों को आपने जो भाव प्रकट किया ना कि, मैं कारगिल के विजेताओं को मेरा मेडल समर्पित करता हूं। उसने उस विजय पर चार चांद लगा दिए और जिसको पराजित करना था उसी को किया आपने।

खिलाड़ी – वो पाकिस्तान की बात चल रही है, मुझे किस्सा याद आ गया सर। 2015 वर्ल्ड मिलिट्री गेम थे और मेरी पाकिस्तान के साथ पहली फाइट आ गई थी और वर्ल्ड मिलिट्री गेम थे तो मिलिट्री वाले के फोन आए कि भई पाकिस्तान से नहीं हारना है। तो फिर मैं फर्स्ट राउंड 4-1 से जीत गया। सेकंड राउंड 3-2 से जीत गया, पर दोनों के सर लग गए आपस में, तो दोनों के लग गए कट और फाइट तो मैं जीत गया।

प्रधानमंत्री – हाँ

खिलाड़ी – उसके बाद फिर दोनों चले गए हॉस्पिटल में टांके लगवाने के लिए। फिर 2014 में आप फर्स्ट टाइम प्रधानमंत्री जी बने थे और जो हमारे साथ आर्मी का कोच गया हुआ था उसका नाम नरेंद्र राणा था और फिर वो कई देर तक सोच के मेरे को बोला कि भाईजान एक बात बोलूं, मैं हां बोलो, बोला भाईजान आपका नाम नरेंद्र है। आपके कोच का नाम नरेंद्र है, आपके प्रधानमंत्री का नाम नरेंद्र है, तो मुझे नरेंद्र नाम से नफरत हो गई है।

प्रधानमंत्री – सिर्फ आपने मेडल की संख्या बढ़ाई ऐसा नहीं है। आपने एक पीढ़ी को तैयार किया।

खिलाड़ी – मेरे मन में भी धक-धक धक-धक हो रहा है सर।

प्रधानमंत्री – आप चिंता मत कीजिए।

खिलाड़ी – पर..

प्रधानमंत्री – आप चाहें तो आपको बोलने में भी मेडल मिलने वाला है।

खिलाड़ी – मेरे फ्रेंड सर्कल में किसी ने बोला था कि मैं उनको कुछ बोलती थी भई तुम्हारे अच्छे के लिए तुम करो। तो अक्सर मुझे वो बोलते थे कि तू के मोदी ते मिल रही है?

प्रधानमंत्री – हाँ

खिलाड़ी – हरियाणवी में बोल देते हैं सर कि क्या तू मोदी से मिली हुई है, कि तेरी बात माने। तो आज मैं आपसे मिली हूं सर। मैं उनको बोल पाऊंगी कि हां मैं मोदी जी से मिली हूं।

खिलाड़ी – कॉमनवेंल्थ गेम्स में मैंने सिल्वर मेडल जीता, फिर मैंने क्रेडिट साहब को दिया, सपना तो था एक बार मेडल जीत के लेके आने के लिए, बट ट्रेनिंग का सेंटर नहीं था, मैंने SAI आने के बाद मैं बहुत ट्रेनिंग करके मेडल जीत पा रहा, इसलिए बहुत खुशी से मैंने सर को क्रेडिट दिया था क्योंकि बहुत इंप्रूव हुआ।

प्रधानमंत्री – मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान का विषय है, मेहनत आपने की और मुझे याद किया, मैं आपका बहुत आभारी हूं दोस्त।

प्रधानमंत्री – वाराणसी में खेल तुम प्रैक्टिस कर रही थी ना?

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – कैसा बना है स्टेडियम?

खिलाड़ी – सर अच्छा बना है, वहां पर मैं 10-12 दिन के लिए ट्रेनिंग करने गई थी, क्योंकि मैं मंदिर गई थी तो वहां पर ही ट्रेनिंग करके आई थी। और मैं वहां पे मतलब सेटल भी होना चाहती हूं क्योंकि मुझे काशी विश्वनाथ बहुत अच्छा लगता है सर।

प्रधानमंत्री – भोपाल में ट्रेनिंग कर रही थी ना?

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – तो उज्जैन जाते थे कि नहीं?

खिलाड़ी – जी सर उज्जैन भी गई थी सर।

प्रधानमंत्री – अच्छा महाकाल के पास भी गई।

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – काशी विश्वनाथ के पास हो आई एक बार।

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – सावन महीना तो अभी है।

खिलाड़ी – वहां घर जाके फिर उसके बाद जाऊंगी सर।

प्रधानमंत्री – ठीक है।

खिलाड़ी – साई ने भी सर बहुत सपोर्ट किया है मुझे। इसके कारण ही मैं यहां तक पहुंची हूं सर। और मैं खेलो इंडिया स्कीम में भी थी 2018 में जो फर्स्ट खेलो इंडिया हुआ था, उसमें मेरा सिल्वर मेडल था, वहां पे भी मैंने आपको देखा था ओपनिंग सेरेमनी में, तो उसमें मेरा मेडल था, तो मेरे को स्कीम भी मिल गया और मैं यहां तक पहुंची हूं सर।

प्रधानमंत्री – स्पोर्ट्स व्यवस्था एक बात है, लेकिन देश मेडल तब प्राप्त करता है जब देश में स्पोर्ट्स कल्चर बनता है। दोस्तों आपने बहुत बड़ा काम किया है। देश का नाम रोशन किया है। आपको मैं बहुत बधाई देता हूं और आप विश्वास कीजिए आगे भी आप विजयी होंगे और फिर से एक बार यहीं पर हम मिलेंगे। बहुत-बहुत धन्यवाद। बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

प्रधानमंत्री – ये लगातार तीसरी बार देश को मेडल दिलवाया है।

खिलाड़ी – थैंक यू सर।

प्रधानमंत्री – बहुत आशीर्वाद बेटा।

खिलाड़ी – और थैंक यू सो मच मैं सर के हाथ से लड्डू खा रही मेरा कल बर्थडे था तो आज सर के हाथ से…

प्रधानमंत्री – बहुत बधाई वाह।

प्रधानमंत्री – मुस्कुराओ यार ।

प्रधानमंत्री – जो खेलेगा वो खिलेगा।