Our Sankalp Patra is a reflection of the young aspirations of Yuva Bharat: PM Modi
Our Sankalp Patra empowers 4 strong pillars of developed India - Youth, women, poor and farmers, says PM Modi
Under MUDRA Yojana loans up to Rs 10 Lakhs were provided. Now the BJP has decided to increase the limit to Rs 20 Lakhs: PM Modi while releasing BJP’s Sankalp Patra
BJP has now taken the 'Sankalp' that every individual above 70 years of age will be brought within the purview of Ayushman Bharat Yojana: PM Modi
Last ten years have been dedicated to women's dignity and new opportunities for women. The next 5 years will be of new participation of Nari Shakti, says PM Modi
The 150th birth anniversary of Bhagwan Birsa Munda in 2025 will be celebrated at the national level. BJP will also encourage research on tribal heritage: PM Modi

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमान जे पी नड्डा जी, राजनाथ सिंह जी, अमित भाई, निर्मला जी भाजपा के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारीगण, देश के कोने-कोने में उपस्थित सभी भाजपा कार्यकर्ता,
आज बहुत ही शुभ दिन है। देश के कई राज्यों में इस समय नव वर्ष का उत्साह है। बंगाल में पोयेला वैशाख का आनंद है। असम में बोहाग बिहू के साथ देश बैसाखी का जश्न भी मना रहा है। ओडिशा में पाना संक्रांति हो, केरला में विशु हो या फिर तमिलनाडु में नव वर्ष पुथांडु, सबको शुभकामनाओं का दौर चल रहा है। आज नवरात्रि के छठे दिन हम सभी मां कात्यायिनी की पूजा करते हैं। और मां कात्यायिनी, अपनी दोनों भुजाओं में कमल धारण किए हुए है। ये संयोग भी बहुत बड़ा आशीर्वाद है। इनके सबके साथ सोने पर सुहागा, आज बाबा साहब अंबेडकर की जयंती भी है। ऐसे पावन समय में आज भाजपा ने विकसित भारत के संकल्पपत्र को देश के सामने रखा है। मैं आप सभी को, सभी देशवासियों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं, शुभकामनाएं देता हूं। मैं राजनाथ सिंह जी और उनकी पूरी टीम को भी इस उत्तम मेनिफेस्टो तैयार करने के लिए उनका अभिंदन करता हूं। मैं देशभर में से लाखों लोगों ने भारतीय जनता पार्टी के प्रति अप्रतीम विश्वास रखते हुए जो सुझाव भेजे इस संकल्प पत्र को बनाने में जो भागीदारी निभाई इसके लिए भी देश के लाखों सक्रिय नागरिक अभिनंदन के अधिकारी हैं मैं उनका भी धन्यवाद करता हूं।

साथियों,
पूरे देश को भाजपा के संकल्पपत्र का बहुत इंतज़ार रहता है। इसका एक बड़ा कारण है। 10 वर्षों में भाजपा ने अपने संकल्प पत्र के हर बिंदु को गारंटी के रूप में जमीन पर उतारा है। भाजपा ने मेनिफेस्टो की शुचिता को फिर स्थापित किया है। ये संकल्प पत्र विकसित भारत के 4 मज़बूत स्तंभ- युवाशक्ति, नारीशक्ति, गरीब, किसान इन सभी को सशक्त करता है। हमारा फोकस Dignity of Life इस पर है, हमारा फोकस Quality of Life उस पर है। हमारा फोकस निवेश से नौकरी, निवेश से नौकरी पर भी है है। इस संकल्प पत्र में Quantity of Opportunities और Quality of Opportunities दोनों पर बहुत जोर दिया गया है। एक तरफ़ हमने कई सारे इंफ़्रास्ट्रक्चर निर्माण से बड़ी संख्या में रोज़गार बनाने की बात की है। दूसरी तरफ़ हम स्टार्टअप और ग्लोबल सेंटर्स को बढ़ावा देकर हाई वैल्यू सर्विसेज़ पर भी ध्यान देने जा रहे हैं। भाजपा के संकल्पपत्र में युवा भारत की युवा आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है।

साथियों,
भाजपा सरकार ने पिछले 10 वर्षों में 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालकर हमने सिद्ध किया है कि हम परिणाम लाने के लिए लिए काम करते हैं। लेकिन काम वहां रुकता नहीं है। जो लोग गरीबी से बाहर आए इनको भी लंबे अरसे तक संबल की आवश्यकता है। नहीं तो कभी-कभी एक छोटी सी कठिनाई भी फिर से गरीबी में ढकेल देती है। हम जानते हैं अस्पताल में मरीज का ऑपरेशन बढ़िया हो गया होगा, सारे पैरामीटर्स तबीयत के ठोक रहे होंगे, फिर भी डॉक्टर कहते हैं कि जरा घर जाके महीना-दो महीना ये-ये चीजें संभालना। ये उनके स्वास्थ्य के लिए कहते हैं। वैसे ही गरीबी से जो बाहर निकलकर आया है उसको भी कुछ समय के लिए बहुत संबल की आवश्यकता होती है। ताकि किसी भी कारण से वह फिर से गरीबी में वापिस जाने को मजबूर ना हो जाए। इसी सोच के साथ भाजपा ने गरीब कल्याण की कई योजनाओं के विस्तार का भी संकल्प लिया है।
मोदी की गारंटी है कि मुफ्त राशन की योजना आने वाले 5 साल तक जारी रहेगी। हम ये सुनिश्चित करेंगे कि गरीब के भोजन की थाली पोषण युक्त हो और उसके मन को संतोष देने वाली हो और अफोर्डेबल ही नहीं हो-सस्ती भी हो। यानि पेट भी भरे, मन भी भरे और जेब भी भरा रहे। मोदी की गारंटी है कि जनऔषधि केंद्रों पर 80 परसेंट डिस्काउंट के साथ सस्ती दवाएं मिलती रहेंगी। इतना ही नहीं, इन दवाओं के जनऔषधि केंद्रों का हम विस्तार भी करेंगे। मोदी की गारंटी है कि आयुष्मान भारत के तहत 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज मिलता रहेगा। मोदी की गारंटी के इसी क्रम में भाजपा ने एक और बहुत बड़ा निर्णय लिया है। ये निर्णय 70 वर्ष की आयु से ऊपर के सभी बुजुर्गों से जुड़ा है। आज जो बुजुर्ग हैं, उनकी बहुत बड़ी चिंता होती है कि बीमारी की स्थिति में इलाज का खर्च कैसे आएगा और मध्यम वर्ग परिवारों को ज्यादा होती है। अब भाजपा ने संकल्प लिया है कि 70 वर्ष की आयु से ऊपर के हर बुजुर्ग को आयुष्मान योजना के दायरे में लाया जाएगा। 70 साल के ऊपर के हर बुजुर्ग, चाहे वो गरीब हों, चाहे मध्यम वर्ग के हों या चाहे उच्च मध्यम वर्ग के ये एक नया दायरा होगा जिनको 5 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी।

साथियों,
भाजपा सरकार ने गरीबों को 4 करोड़ पक्के घर बनाकर दिए हैं। अब जो अतिरिक्त जानकारियां राज्य सरकारों से मिली हैं, क्योंकि परिवारों के भी विस्तार होते हैं, एक घर से दो घर बन जाते हैं। और खुद नया घर बनाने की शक्ति होती नहीं है तो उन परिवारों की भी चिंता करते हुए हम तीन करोड़ और घर बनाने का संकल्प कर आगे बढ़ेंगे। अभी तक हमने सस्ते सिलेंडर घर-घर पहुंचाए। अब हम पाइप से सस्ती रसोई गैस घर-घर पहुंचाने के लिए तेज़ी से काम करेंगे। हमने करोड़ों गरीब परिवारों को मुफ्त बिजली कनेक्शन दिए। अब हम करोड़ों परिवारों का बिजली बिल जीरो करने और बिजली से कमाई करने के अवसर पैदा करने की दिशा में काम करेंगे। पीएम सूर्यघर- मुफ्त बिजली योजना हमने लागू की है, एक करोड़ लोग इसमें रजिस्टर करा चुके हैं अब तक भाजपा का संकल्प है कि इस योजना पर और तेजी से काम किया जाएगा। घर में तो बिजली मुफ्त होगी ही होगी अतिरिक्त बिजली बेचकर के कमाई भी होगी। साथ-साथ आज जो स्कूटर, कार के डीजल का खर्चा होता है, अगर वो इलेक्ट्रि व्हेहिकल करता है तो उससे उसकी चार्जिग व्यवस्था भी उसको मुफ्त में एवलेबल हो जाएगी। यानि उसका ट्रासपोर्टेशन भी मुफ्त में हो जाएगा।

साथियों,
बीते वर्षों में करोड़ों लोगों को आंत्रप्रन्योर बनाने का काम मुद्रा योजना ने किया है। करोड़ों की संख्या में इस योजना से Jobs Generate हुई हैं। लाखों लोग जॉब क्रिएटर भी बने हैं। इस सफलता को देखते हुए अब भाजपा ने अब एक और संकल्प लिया है। अब तक मुद्रा योजना के तहत लोन की सीमा 10 लाख रुपए हुआ करती थी। अब भाजपा ने इसे बढ़ाकर 20 लाख रुपए करने का इरादा किया है। और मुझे पक्का विश्वास है कि इंडस्ट्री 4.0 का जो युग है उसमें जिस प्रकार के ईको सिस्टम का युग है, छोटे-छोटे उद्योगों की जरूरत है, ये इंडस्ट्री 4.0 के नेटवर्क को बढ़ाने के लिए ये एक नई ताकत के रूप में काम आएगा। इससे शहर हो या गांव, युवाओं को अपनी रुचि का काम करने के लिए और ज्यादा पैसे मिलेंगे। आजादी के बाद पहली बार रेहड़ी पटरी ठेले वाले मेरे भाई-बहनों को Dignity मिले, ब्याज के चक्र से मुक्ति मिले। इसमें स्वनिधि योजना ने बहुत बड़ी भूमिका निभाई है। एक बहुत बड़ा रिवॉल्यूशन आया है। लेकिन अब तक ये बड़े शहरों तक सीमित था। आज रेहड़ी पटरी ठेले वाले मेरे भाई-बहनों को बैंक में बिना गारंटी दिए मदद मिल रही है। मतलब मोदी उनकी गारंटी करता है। भाजपा इस योजना का भी दो तरह से विस्तार करेगी। एक तो 50 हजार रुपए कर्ज को जो लिमिट है उसको बढ़ाया जाएगा। और दूसरा, इस योजना को देश के छोटे कस्बों और गांव-देहात के भी रेहड़ी पटरीवालों के लिए खोल दिया जाएगा।

साथियों,
जिनको किसी ने नहीं पूछा, उनको मोदी पूजता है। और यही सबका साथ, सबका विकास का भाव है और यही भाजपा के संकल्पपत्र की आत्मा है। 10 वर्षों में हमने दिव्यांग जनों के लिए अनेक सुविधाएं दी हैं। दिव्यांग साथियों को पीएम आवास योजना में प्राथमिकता दी जाएगी। उनकी विशेष जरूरतों के अनुसार उन्हे आवास मिल सके, उसके आर्किटेक्चर में बदल करना पड़ेगा, डिजाइन में बदल करना पड़ेगा इसके लिए विशेष रूप से ध्यान देकर काम किया जाएगा। ट्रांसजेंडर साथियों को भी पहले किसी ने नहीं पूछा। ऐसे साथियों को पहचान और प्रतिष्ठा देने का भी भाजपा ने ही प्रारंभ किया है। भाजपा ने ही ट्रांसजेंडर साथियों को भी अब आयुष्मान भारत योजना के दायरे में लाने का निर्णय लिया है।

साथियों,
भारत आज Women Led Development में दुनिया को दिशा दिखा रहा है। पिछले 10 वर्ष नारी गरिमा, नारी को नए अवसरों को समर्पित रहे हैं। आने वाले 5 वर्ष नारीशक्ति की नई भागीदारी के होंगे। बीते 10 वर्षों में 10 करोड़ महिलाएं स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं। 10 करोड़ बहनों के सहायता समूहों को अब हम IT, शिक्षा, स्वास्थ्य, रिटेल और टूरिज्म जैसी सेवाओं के लिए, जैसे होम स्टे सब होता है, हम उनको ट्रेनिंग देंगे। अभी तक 1 करोड़ लखपति दीदियां बन चुकी हैं। अब मोदी ने 3 करोड़ बहनों को लखपति दीदी बनाने की गारंटी दी है। नमो ड्रोन दीदी योजना से गांव-गांव में बहनें ड्रोन पायलट बनेंगी। गांवों की महिलाओं से जब मैं मिला तो वो कह रही थीं, हम तो साइकिला चलाना भी नहीं जानते थे, गांवों में हमे कोई पूछता तक नहीं था, आज हमारी पहचान पायलट की बन गई है। हम ड्रोन पॉयलट के नाते पूरे गांव में एक प्रतिष्ठा का स्थान प्राप्त हुआ है। सरकार जो ड्रोन दे रहे हैं उसकी कीमत भी लाखों रुपये में है, लेकिन मेरा अनुभव है कि हमारी माताए-बहनें भी उसकी बहुत बढ़िया तरीके से संभालती हैं। टेक्नोलॉजी भी सीख रही है। और इससे उनका सम्मान भी बढ़ा है, आगे भी बढ़ेगा, कमाई भी बढ़ेगी, इतना ही नहीं, एग्रीकल्चर में एक बहुत बड़ा रिवॉल्यूशन, टेक्नोलॉजी ड्रिवेन एग्रीकल्चर को इसकी एक धुरा के रूप में ये हमारी ड्रोन दीदी प्रतिस्थापित हो जाएगी। वो धुरा भी बनेगी। इसी प्रकार से महिला खिलाड़ियों को खेलों में आगे बढ़ने के लिए विशेष प्रोग्राम और विशेष सुविधाएं बनाई जाएंगी। बहनों-बेटियों के बेहतर स्वास्थ्य के अपने मिशन को आगे बढ़ाते हुए, अब हम सर्वाइकल कैंसर से मुक्ति के लिए अभियान चलाएंगे।

साथियों,
हम गांव की पूरी अर्थव्यवस्था को संपूर्णता में देखते हैं। इसलिए खेती हो, पशुपालन हो, फिशरीज हो, सबको सशक्त कर रहे हैं। ये भाजपा ही है जो किसान क्रेडिट कार्ड के दायरे में हमारे पशुपालक भाई-बहनों को और मछुवारे भाई-बहनों को जोड़ा है। पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ भी देश के 10 करोड़ किसानों को आगे भी मिलता रहेगा। सहकारिता से समृद्धि के विजन पर चलते हुए भाजपा राष्ट्रीय सहकारिता नीति लेकर आएगी। और ये बहुत ही क्रांतिकारी दिशा में हम आगे बढ़ने वाले हैं। देशभर में डेयरी सहकारी समितियों की संख्या भी बहुत बड़ी मात्रा में बढ़ाई जाएगी। कुछ महीने पहले ही दुनिया की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना शुरू हो चुकी है। भारत को ग्लोबल न्यूट्रिशन हब बनाने के लिए हम श्री अन्न (Superfood) पर भी बहुत अधिक बल देने वाले हैं। इससे श्रीअन्न पैदा करने वाले 2 करोड़ से ज्यादा छोटे किसानों को विशेष लाभ होगा। हम दलहन और तिलहन में आत्मनिर्भरता के लिए किसानों को हर प्रकार की मदद बढ़ाएंगे। भाजपा, सब्जी उत्पादन और स्टोरेज के लिए नए क्लस्टर्स बनाएगी। फिशरीज सेक्टर के लिए भी नए प्रोडक्शन और प्रोसेसिंग क्लस्टर बनाए जाएंगे। हमारे मछलीपालक साथियों को सी-वीड की खेती और मोती की खेती के लिए भी प्रोत्साहन दिया जाएगा। धरती मां की रक्षा के लिए प्राकृतिक खेती पर और बल दिया जाएगा। भारत ने एक बहुत बड़ा रिवॉल्यूशनरी काम शुरू किया है और सफलता मिली है। नैनो यूरिया के ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल पर भी जोर दिया जाएगा। भाजपा ने, किसान समृद्धि केंद्रों के विस्तार का भी संकल्प लिया है। भाजपा का संकल्प, भारत को फूड प्रोसेसिंग हब बनाने का है। इससे वैल्यू एडिशन होगा, किसान का फायदा बढ़ेगा औऱ रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे। ये फूड प्रोसेसिंग प्लांट्स, रूरल इकॉनॉमी के लिए नए ग्रोथ इंजन बनेंगे।

साथियों,
देश में जनजातीय समाज के योगदान को मान्यता देते हुए हमने जनजातीय गौरव दिवस मनाना तय किया था। अगले वर्ष 2025 में भगवान बिरसा मुंडा की एक सौ पचासवीं जन्म जयंती है। इसे राष्ट्रीय स्तर पर मनाया जाएगा, जनजातीय गौरव अभियान को राष्ट्र भर में गति दी जाएगी। भाजपा, जनजातीय विरासत पर अनुसंधान को भी प्रोत्साहित करेगी। डिजिटल जनजातीय कला अकादमी की भी स्थापना की जाएगी। वन उपज आधारिक स्टार्ट अप्स और स्वयं सहायता समूहों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। 700 से ज्यादा एकलव्य स्कूलों के निर्माण के लक्ष्य को भी जल्द से जल्द प्राप्त किया जाएगा।

साथियों,
भाजपा, विकास भी और विरासत भी उस मंत्र में विश्वास करती है। हम पूरी दुनिया में संत तिरुवल्लूर कल्चरल सेंटर्स का निर्माण करेंगे। दुनिया की सबसे पुरानी भाषा तमिल हमारा गौरव है। ये इस देश का गौरव है हमारा गौरव है। तमिल भाषा की वैश्विक प्रतिष्ठा बढ़ाने के लिए भाजपा हर प्रकार के नए उपक्रम शुरू करेगी, प्रयास करेगी। हमारे देश में टूरिज्म का जो पोटेंशियल है, उसे भी अनलॉक किया जाना बाकी है। भाजपा द्वारा विश्व प्रवासी-ग्लोबल टूरिस्ट्स को हमारी विरासत से जोड़ा जाएगा, और इस विरासत को हम वर्ल्ड हेरिटेज के साथ जोड़ेंगे। जैसे नालंदा हो, लोथल हो, होयसला के पवित्र मंदिर समूह हो, बौद्ध स्थल हों, जैसे अनेक स्थलों का विकास किया जाएगा। अभी एक ऑनलाइन कंपटीशन भी चल रहा है जिसमें देश के लोग टूरिज्म के डेस्टिनेशन की रैंकिंग कर रहे हैं। ये टूरिज्म डेस्टिनेशन की जो रैंकिंग हो रही है इसके आधार पर अच्छे टूरिस्ट डेस्टिनेशन का जिसे लोग पसंद करेंगे उसके सर्वांगिन विकास के लिए डवलपमेंट के लिए और विदेशी टूरिस्ट को आकर्षित करे उस रूप में लाने की दिशा में हमार काम आगे करने के लिए हमने सोचा हुआ है।
टूरिज्म वो सेक्टर है, जो सबसे कम निवेश में सबसे ज्यादा रोजगार पैदा करता है। टूरिज्म बढ़ता है तो होटल, रेस्टोरेंट, ऑटो रिक्शा वाले, टैक्सी वाले, सभी को इससे फायदा होता है। भाजपा इको-टूरिज्म के नए सेंटर्स भी बनाएगी। इससे होम स्टे के जो अवसर बनेंगे उसका लाभ हमारे ट्राइबल परिवारों को होगा। भाजपा सरकार होम स्टे के लिए महिलाओं को आर्थिक मदद देने की योजना बनाकर आएगी।



साथियों,
21वीं सदी के भारत की बुनियाद, भाजपा तीन तरह के इंफ्रास्ट्रक्चर से मजबूत करने जा रही है। पहला है- सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर। दूसरा है- डिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर और तीसरा है फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर।
सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए हम नए-नए एजुकेशन इंस्टीट्यूट्स खोल रहे हैं, यूनिवर्सिटीज बनवा रहे हैं, मेडिकल कॉलेज बनवा रहे हैं। आयुष्मान आरोग्य मंदिर गांवों में बना रहे हैं। इतना ही नहीं हमारे जो ट्रक ड्राइवर्स हैं उनके लिए हम हाइवेज के पास, उनको सफिसिएंट रेस्ट मिले, एक्सिडेंट कम हो इसके लिए हम बहुत बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप करने जा रहे हैं ताकि ड्राइवर्स सफर के दौरान हाइवेज पर जो समय उन्हें स्नान के लिए चाहिए अन्य सुविधा के लिए चाहिए रेस्ट करना हो तो उसे मिले। ऐसे बारी-बारी से अनेक क्षेत्रों को ढूंढकर के सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर पर बल दे रहे हैं। दूसरा है फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर-
इसलिए हम देशभर में हाईवे, रेलवे, एयरवे और वॉटरवे उनको आधुनिक बना रहे हैं। तीसरा है- डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर। इसलिए हम 5 जी विस्तार कर रहे हैं, 6 जी पर काम कर रहे हैं। और इंडस्ट्री 4.0 के लिए डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, ये उसकी बैकबोन होती है। हम इंडस्ट्री 4.0 को ध्यान में रखते हुए, हमारा इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर को तैयार कर रहे हैं। हम सरकार की ज्यादा से ज्यादा सेवाओं को ऑनलाइन बना रहे हैं, कॉमन सर्विस सेंटर्स की संख्या बढ़ा रहे हैं, ONDC, ऑनलाइन जो लोग खरीदी करते हैं, उसके लिए प्लेटफॉर्म ONDC और टेलीमेडिसीन का विस्तार कर रहे हैं। इन तीनों तरह के इंफ्रास्ट्रक्चर- सोशल, फिजिकल और डिजिटल इंफ्रा का मजबूती से विस्तार, भाजपा की एक प्रमुख, एक प्रकार से पुरानी सोच से अलग गति भी तेज होगी, स्केल भी बहुत बड़ा होगा। यानि स्केल और स्पीड इतना बढ़ेगा कि उससे स्कोप भी बढ़ जाएगा। ये भाजपा की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से है। हमारे देश में अर्बनाइजेशन को पहले की सरकारें चुनौती माना करती थीं। भाजपा इसे अवसर के रूप में देखती है। हम देश में नए-नए सैटलाइट टाउन्स बनाएंगे जो देश के विकास का ग्रोथ सेंटर बनेंगे, रोजगार के नए अवसर बनाएंगे। देश के एविएशन सेक्टर के विस्तार पर भी भाजपा का जोर है। अभी देश ने, आपको पता होगा, करीब एक हजार से ज्यादा नए विमान का ऑर्डर दिया हुआ है भारत ने। वो अपने साथ Employment की बहुत सारी नई संभावनाएं लेकर आएंगे। पायलट, एयर लाइन क्रू, ग्राउंड स्टाफ, इससे जुड़ा लॉजिस्टिक्स, ट्रांसपोर्टेशन ऐसे अनेक सेक्टर में नए अवसर क्रिएट होंगे। ये सेक्टर देश के छोटे शहरों में रहने वाले युवाओं के लिए भी ड्रीम सेंटर बनने जा रहा है।

साथियों,
भाजपा, देश के कोने-कोने में वंदे भारत ट्रेनों का भी विस्तार करेगी।
देश में वंदे भारत के तीन मॉडल चला करेंगे। वंदे भारत स्लीपर, वंदे भारत चेयर कार और वंदे भारत मेट्रो। इस तीन प्रकार से हम करेंगे। उसी प्रकार से एक बहुत महत्वपूर्ण कदम हम उठाने जा रहे है आधुनिक भारत और विकसित भारत की दिशा में जाने के लिए आज अहमदाबाद मुंबई बुलेट ट्रेन का काम जोड़ों से चल रहा है और करी-करीब पूर्णता पर पहुंच रहे हैं। उसी प्रकार से बुलेट ट्रेन आज जैसे
पश्चिम हिस्से में एक बुलेट ट्रेन काम करने जा रही है। अब भाजपा का संकल्प है आने वाले समय में उत्तर भारत में एक बुलेट ट्रेन, दक्षिण भारत में एक बुलेट ट्रेन और पूर्वी भारत में एक बुलेट ट्रेन वैसे उत्तर दक्षिण, पूरब पश्चिम चारो दिशाओं में एक-एक बुलेट ट्रेन के प्रोजक्ट से हम आधुनिकता की ओर जाने को गति देंगे। इसके लिए सर्वे का काम भी जल्द शुरू किया जाएगा।

साथियों,
भाजपा का संकल्पपत्र, देश को आत्मनिर्भरता की तरफ ले जाने वाला है। डिफेंस सेक्टर हो, एडिबल ऑयल हो, एनर्जी इंपोर्ट हो, भारत कब तक दूसरे देशों पर निर्भर रहेगा? आज हम एनर्जी को इंपोर्ट करने के लिए लाखों करोड़ों रुपये का फॉरेन एक्सचेंज खर्च करते हैं। इसलिए भाजपा का बहुत बड़ा फोकस ग्रीन एनर्जी और एनर्जी में आत्मनिर्भरता पर है। इसलिए पेट्रोल में इथेनॉल की ब्लेंडिंग हो, ग्रीन हाईड्रोजन हो, रिन्यूवेबल एनर्जी हो, गोबरधन हो, बायोफ्यूल्स हो, सभी क्षेत्रों और अधिक तेजी लाई जाएगी। ये हमें आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही पर्यावरण की दृष्टि से भी देश को सुरक्षा प्रदान करेगा। इससे देश में बड़ी संख्या में ग्रीन जॉब्स पैदा होंगे, हरित रोजगार बहुत विस्तृत होनेवाला है। आज हम देख रहे हैं कि देश में इलेक्ट्रिक व्हीकल का मार्केट कितनी तेजी से बढ़ रहा है। दस साल पहले एक साल में सिर्फ दो हजार इलेक्ट्रिक व्हीकल बिके थे, एक साल में सिर्फ दो हजार। जबकि पिछले ही साल 17 लाख से ज्यादा इलेक्ट्रिक व्हीकल बिके हैं। पूरे देश में चार्जिंग स्टेशंस हो और जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर बनाए जा रहे हैं। और ई-व्हीकल का इतना बढ़ाव होने वाला है तो मैंने घऱ में भी जैसे पीएम सूर्य-घर से जोड़कर के घर में भी चार्जिंग स्टेशन यानि मुफ्त में ट्रैवलिंग की दिशा में भी हम बढ़ रहे हैं। इससे उभरते हुए सेक्टर से भी देश में रोजगार की अनेक नई संभावनाएं बनने जा रही है।

साथियों,
भाजपा का संकल्प, भारत को दुनिया के हर उभरते हुए सेक्टर्स का ग्लोबल हब बनाने का है। वो समय दूर नहीं जब भारत दुनिया का....
Green Energy Hub होगा, Pharma Hub होगा...Electronics Hub होगा...Automobile Hub होगा...Semiconductor Hub होगा...Innovation Hub होगा...Legal, Insurance Hub होगा... Contracting, Commercial Hub होगा। वो दिन दूर नहीं जब दुनिया के बड़े-बड़े Economy Centres भारत में होंगे। भारत, Global Capability Centres... Global Technology Centres..
Global Engineering Centres...का बहुत बड़ा HUB बनेगा। स्पेस में भी हम बहुत बड़ी ताकत के रूप में विश्व में बहुत बड़ी ताकत के रूप में उभरेंगे और उसमें निश्चित रोड-मैप से आगे बढ़ेंगे। और ये भारत के Youth के लिए इतनी सारी Opportunities लेकर आएगा, जिसकी उन्होंने शायद कल्पना भी नहीं की होगी।

साथियों,
आज विश्व में अनिश्चितता के बादल छाए हुए हैं, युद्ध की स्थिति बनी हुई है। तनावपूर्ण है पूरा विश्व संकट के ऐसे समय में इन क्षेत्रों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा ये हमारी प्राथमिकता है। और जब दुनिया में इतने प्रकार के भांति-भांति प्रकार के तनाव चलते हो तूफान चलते हो तब ऐसे समय में भारत में एक मजबूत-पूर्ण बहुमत वाली स्थिर सरकार की आवश्यकता अनेक गुना बढ़ जाती है। ऐसी सरकार जो देश को आर्थिक रूप से भी समृद्ध बनाए। ऐसी सरकार जो देश को विकसित भारत की तरफ तेज गति से ले जाए और भाजपा इसके लिए संकल्पबद्ध है। आज आपने देखा है कि भाजपा का ये संकल्पपत्र भाजपा की ये मेनिफेस्टो ऐसी ही एक सरकार की गारंटी देता है। भारत, विश्वबंधु के तौर पर मानवता के कल्याण के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगा।


साथियों,
भारतीय जनता पार्टी देशहित में बड़े और कड़े निर्णय लेने से कभी पीछे नहीं हटती। हमारे लिए दल से बड़ा देश है। नारीशक्ति वंदन अधिनियम अब कानून बन चुका है। बीजेपी ने आर्टिकल-370 को हटाया और हम CAA लेकर आए। Reform-Perform-Transform के मंत्र पर चलते हुए हम और तेजी से आगे बढ़ेंगे। गुड गवर्नेंस, डिजिटल गवर्नेंस और डेटा गवर्नेंस के लिए देश में आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर और इको-सिस्टम्स तैयार किए जाएंगे। हम वन नेशन-वन इलेक्शन के विचार को भी साकार करने का संकल्प लेकर आगे बढ़ेंगे। बीजेपी, यूनिफॉर्म सिविल कोड को भी देशहित में उतना ही आवश्यक समझती है। आपने देखा है कि पिछले दस साल में भ्रष्टाचार पर भाजपा सरकार ने कितनी बड़ी कार्रवाई की है। भ्रष्टाचार गरीब का हक छीनता है, मध्यम वर्ग का हक छीनता है। राष्ट्रीय स्तर पर होने वाले हजारों करोड़ के घोटाले अब बंद हुए हैं। अब गरीब को उसका हक मिल रहा है और गरीबों को लूटने वाले जेल जा रहे हैं। भ्रष्टाचारियों पर ऐसे ही निरंतर सख्त कार्रवाई होती रहेगी, ये मोदी की गारंटी है।

साथियों,
मैंने लाल किले से कहा था कि- यही समय है, सही समय है। आने वाले 1 हज़ार वर्षों के लिए भारत के भविष्य को तय करने वाला ये उत्तम से उत्तम अवसर है, उत्तम से उत्तम समय है। भाजपा के संकल्प पत्र पर 4 जून के नतीजे के बाद तुरंत तेजी से काम शुरू हो जाएगा। सरकार पहले ही 100 दिन के एक्शन प्लान पर काम करना प्रारंभ कर दिया है। देश के लोगों का Ambition देश के 140 करोड़ देशवासियों का अपना एंबीशन ही मोदी का Mission है। अभी हमने चंद्रयान की सफलता देखी, अब हम गगनयान का गौरव अनुभव करेंगे। अभी हमने G-20 में दुनिया का भारत में स्वागत देखा। अब हम ओलंपिक्स की मेज़बानी के लिए पूरी ताकत लगाने वाले हैं। ये नया भारत रफ्तार पकड़ चुका है। अब इसको रोकना असंभव है। इसलिए इस संकल्पपत्र को मोदी की गारंटी के रूप में देशवासियों के समक्ष आशीर्वाद के लिए रख रहा हूं। 140 करोड़ देशवासियों के सपनों को हकीकत में बुनने के लिए हम ये संकल्पपत्र लेकर के आए हैं। मैं देशवासियों से प्रार्थना करता हूं कि मां भारती के कोटि-कोटि जनों के कल्याण के लिए विकसित भारत के संकल्पों को सिद्ध करने के लिए इस संकल्पपत्र को लागू करने के लिए तेजगति से आगे बढ़ाने के लिए हमें आशीर्वाद दें हमारी शक्ति और बढ़ाएं इसी एक प्रार्थना के साथ देशवासियों का अभिनंदन करते हुए मैं अपनी वाणी को विराम देता हूं।

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PM Modi's Interview to IANS
May 27, 2024

पहले तो मैं आपकी टीम को बधाई देता हूं भाई, कि इतने कम समय में आपलोगों ने अच्छी जगह बनाई है और एक प्रकार से ग्रासरूट लेवल की जो बारीक-बारीक जानकारियां हैं। वह शायद आपके माध्यम से जल्दी पहुंचती है। तो आपकी पूरी टीम बधाई की पात्र है।

Q1 - आजकल राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल को पाकिस्तान से इतना endorsement क्यों मिल रहा है ? 370 ख़त्म करने के समय से लेकर आज तक हर मौक़े पर पाकिस्तान से उनके पक्ष में आवाज़ें आती हैं ?

जवाब – देखिए, चुनाव भारत का है और भारत का लोकतंत्र बहुत ही मैच्योर है, तंदरुस्त परंपराएं हैं और भारत के मतदाता भी बाहर की किसी भी हरकतों से प्रभावित होने वाले मतदाता नहीं हैं। मैं नहीं जानता हूं कि कुछ ही लोग हैं जिनको हमारे साथ दुश्मनी रखने वाले लोग क्यों पसंद करते हैं, कुछ ही लोग हैं जिनके समर्थन में आवाज वहां से क्यों उठती है। अब ये बहुत बड़ी जांच पड़ताल का यह गंभीर विषय है। मुझे नहीं लगता है कि मुझे जिस पद पर मैं बैठा हूं वहां से ऐसे विषयों पर कोई कमेंट करना चाहिए लेकिन आपकी चिंता मैं समझ सकता हूं।

 

Q 2 - आप ने भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ मुहिम तेज करने की बात कही है अगली सरकार जब आएगी तो आप क्या करने जा रहे हैं ? क्या जनता से लूटा हुआ पैसा जनता तक किसी योजना या विशेष नीति के जरिए वापस पहुंचेगा ?

जवाब – आपका सवाल बहुत ही रिलिवेंट है क्योंकि आप देखिए हिंदुस्तान का मानस क्या है, भारत के लोग भ्रष्टाचार से तंग आ चुके हैं। दीमक की तरह भ्रष्टाचार देश की सारी व्यवस्थाओं को खोखला कर रहा है। भ्रष्टाचार के लिए आवाज भी बहुत उठती है। जब मैं 2013-14 में चुनाव के समय भाषण करता था और मैं भ्रष्टाचार की बातें बताता था तो लोग अपना रोष व्यक्त करते थे। लोग चाहते थे कि हां कुछ होना चाहिए। अब हमने आकर सिस्टमैटिकली उन चीजों को करने पर बल दिया कि सिस्टम में ऐसे कौन से दोष हैं अगर देश पॉलिसी ड्रिवन है ब्लैक एंड व्हाइट में चीजें उपलब्ध हैं कि भई ये कर सकते हो ये नहीं कर सकते हो। ये आपकी लिमिट है इस लिमिट के बाहर जाना है तो आप नहीं कर सकते हो कोई और करेगा मैंने उस पर बल दिया। ये बात सही है..लेकिन ग्रे एरिया मिनिमल हो जाता है जब ब्लैक एंड व्हाइट में पॉलिसी होती है और उसके कारण डिसक्रिमिनेशन के लिए कोई संभावना नहीं होती है, तो हमने एक तो पॉलिसी ड्रिवन गवर्नेंस पर बल दिया। दूसरा हमने स्कीम्स के सैचुरेशन पर बल दिया कि भई 100% जो स्कीम जिसके लिए है उन लाभार्थियों को 100% ...जब 100% है तो लोगों को पता है मुझे मिलने ही वाला है तो वो करप्शन के लिए कोई जगह ढूंढेगा नहीं। करप्शन करने वाले भी कर नहीं सकते क्योंकि वो कैसे-कैसे कहेंगे, हां हो सकता है कि किसी को जनवरी में मिलने वाला मार्च में मिले या अप्रैल में मिले ये हो सकता है लेकिन उसको पता है कि मिलेगा और मेरे हिसाब से सैचुरेशन करप्शन फ्री गवर्नेंस की गारंटी देता है। सैचुरेशन सोशल जस्टिस की गारंटी देता है। सैचुरेशन सेकुलरिज्म की गारंटी देता है। ऐसे त्रिविध फायदे वाली हमारी दूसरी स्कीम, तीसरा मेरा प्रयास रहा कि मैक्सिमम टेक्नोलॉजी का उपयोग करना। टेक्नोलॉजी में भी..क्योंकि रिकॉर्ड मेंटेन होते हैं, ट्रांसपेरेंसी रहती है। अब डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर में 38 लाख करोड़ रुपए ट्रांसफर किए हमने। अगर राजीव गांधी के जमाने की बात करें कि एक रुपया जाता है 15 पैसा पहुंचता है तो 38 लाख करोड़ तो हो सकता है 25-30 लाख करोड़ रुपया ऐसे ही गबन हो जाते तो हमने टेक्नोलॉजी का भरपूर उपयोग किया है। जहां तक करप्शन का सवाल है देश में पहले क्या आवाज उठती थी कि भई करप्शन तो हुआ लेकिन उन्होंने किसी छोटे आदमी को सूली पर चढ़ा दिया। सामान्य रूप से मीडिया में भी चर्चा होती थी कि बड़े-बड़े मगरमच्छ तो छूट जाते हैं, छोटे-छोटे लोगों को पकड़कर आप चीजें निपटा देते हो। फिर एक कालखंड ऐसा आया कि हमें पूछा जाता था 19 के पहले कि आप तो बड़ी-बड़ी बातें करते थे क्यों कदम नहीं उठाते हो, क्यों अरेस्ट नहीं करते हो, क्यों लोगों को ये नहीं करते हो। हम कहते थे भई ये हमारा काम नहीं है, ये स्वतंत्र एजेंसी कर रही है और हम बदइरादे से कुछ नहीं करेंगे। जो भी होगा हमारी सूचना यही है जीरो टोलरेंस दूसरा तथ्यों के आधार पर ये एक्शन होना चाहिए, परसेप्शन के आधार पर नहीं होना चाहिए। तथ्य जुटाने में मेहनत करनी पड़ती है। अब अफसरों ने मेहनत भी की अब मगरमच्छ पकड़े जाने लगे हैं तो हमें सवाल पूछा जा रहा है कि मगरमच्छों को क्यों पकड़ते हो। ये समझ में नहीं आता है कि ये कौन सा गैंग है, खान मार्केट गैंग जो कुछ लोगों को बचाने के लिए इस प्रकार के नैरेटिव गढ़ती है। पहले आप ही कहते थे छोटों को पकड़ते हो बड़े छूट जाते हैं। जब सिस्टम ईमानदारी से काम करने लगा, बड़े लोग पकड़े जाने लगे तब आप चिल्लाने लगे हो। दूसरा पकड़ने का काम एक इंडिपेंडेंट एजेंसी करती है। उसको जेल में रखना कि बाहर रखना, उसके ऊपर केस ठीक है या नहीं है ये न्यायालय तय करता है उसमें मोदी का कोई रोल नहीं है, इलेक्टेड बॉडी का कोई रोल नहीं है लेकिन आजकल मैं हैरान हूं। दूसरा जो देश के लिए चिंता का विषय है वो भ्रष्ट लोगों का महिमामंडन है। हमारे देश में कभी भी भ्रष्टाचार में पकड़े गए लोग या किसी को आरोप भी लगा तो लोग 100 कदम दूर रहते थे। आजकल तो भ्रष्ट लोगों को कंधे पर बिठाकर नाचने की फैशन हो गई है। तीसरा प्रॉब्लम है जो लोग कल तक जिन बातों की वकालत करते थे आज अगर वही चीजें हो रही हैं तो वो उसका विरोध कर रहे हैं। पहले तो वही लोग कहते थे सोनिया जी को जेल में बंद कर दो, फलाने को जेल में बंद कर दो और अब वही लोग चिल्लाते हैं। इसलिए मैं मानता हूं आप जैसे मीडिया का काम है कि लोगों से पूछे कि बताइए छोटे लोग जेल जाने चाहिए या मगरमच्छ जेल जाने चाहिए। पूछो जरा पब्लिक को क्या ओपिनियन है, ओपिनियन बनाइए आप लोग।

 

Q3- नेहरू से लेकर राहुल गांधी तक सबने गरीबी हटाने की बात तो की लेकिन आपने आत्मनिर्भर भारत पर जोर दिया, इसे लेकर कैसे रणनीति तैयार करते हैं चाहे वो पीएम स्वनिधि योजना हो, पीएम मुद्रा योजना बनाना हो या विश्वकर्मा योजना हो मतलब एकदम ग्रासरूट लेवल से काम किया ?

जवाब – देखिए हमारे देश में जो नैरेटिव गढ़ने वाले लोग हैं उन्होंने देश का इतना नुकसान किया। पहले चीजें बाहर से आती थी तो कहते थे देखिए देश को बेच रहे हैं सब बाहर से लाते हैं। आज जब देश में बन रहा है तो कहते हैं देखिए ग्लोबलाइजेशन का जमाना है और आप लोग अपने ही देश की बातें करते हैं। मैं समझ नहीं पाता हूं कि देश को इस प्रकार से गुमराह करने वाले इन ऐलिमेंट्स से देश को कैसे बचाया जाए। दूसरी बात है अगर अमेरिका में कोई कहता है Be American By American उसपर तो हम सीना तानकर गर्व करते हैं लेकिन मोदी कहता है वोकल फॉर लोकल तो लोगों को लगता है कि ये ग्लोबलाइजेशन के खिलाफ है। तो इस प्रकार से लोगों को गुमराह करने वाली ये प्रवृत्ति चलती है। जहां तक भारत जैसा देश जिसके पास मैनपावर है, स्किल्ड मैनपावर है। अब मैं ऐसी तो गलती नहीं कर सकता कि गेहूं एक्सपोर्ट करूं और ब्रेड इम्पोर्ट करूं..मैं तो चाहूंगा मेरे देश में ही गेहूं का आटा निकले, मेरे देश में ही गेहूं का ब्रेड बने। मेरे देश के लोगों को रोजगार मिले तो मेरा आत्मनिर्भर भारत का जो मिशन है उसके पीछे मेरी पहली जो प्राथमिकता है कि मेरे देश के टैलेंट को अवसर मिले। मेरे देश के युवाओं को रोजगार मिले, मेरे देश का धन बाहर न जाए, मेरे देश में जो प्राकृतिक संसाधन हैं उनका वैल्यू एडिशन हो, मेरे देश के अंदर किसान जो काम करता है उसकी जो प्रोडक्ट है उसका वैल्यू एडिशन हो वो ग्लोबल मार्केट को कैप्चर करे और इसलिए मैंने विदेश विभाग को भी कहा है कि भई आपकी सफलता को मैं तीन आधारों से देखूंगा एक भारत से कितना सामान आप..जिस देश में हैं वहां पर खरीदा जाता है, दूसरा उस देश में बेस्ट टेक्नोलॉजी कौन सी है जो अभीतक भारत में नहीं है। वो टेक्नोलॉजी भारत में कैसे आ सकती है और तीसरा उस देश में से कितने टूरिस्ट भारत भेजते हो आप, ये मेरा क्राइटेरिया रहेगा...तो मेरे हर चीज में सेंटर में मेरा नेशन, सेंटर में मेरा भारत और नेशन फर्स्ट इस मिजाज से हम काम करते हैं।

 

Q 4 - एक तरफ आप विश्वकर्माओं के बारे में सोचते हैं, नाई, लोहार, सुनार, मोची की जरूरतों को समझते हैं उनसे मिलते हैं तो वहीं दूसरी तरफ गेमर्स से मिलते हैं, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की बात करते हैं, इन्फ्लुएंसर्स से आप मिलते हैं इनकी अहमियत को भी सबके सामने रखते हैं, इतना डाइवर्सीफाई तरीके से कैसे सोच पाते हैं?

जवाब- आप देखिए, भारत विविधताओं से भरा हुआ है और कोई देश एक पिलर पर बड़ा नहीं हो सकता है। मैंने एक मिशन लिया। हर डिस्ट्रिक्ट का वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट पर बल दिया, क्यों? भारत इतना विविधता भरा देश है, हर डिस्ट्रिक्ट के पास अपनी अलग ताकत है। मैं चाहता हूं कि इसको हम लोगों के सामने लाएं और आज मैं कभी विदेश जाता हूं तो मुझे चीजें कौन सी ले जाऊंगा। वो उलझन नहीं होती है। मैं सिर्फ वन डिस्ट्रिक, वन प्रोडक्ट का कैटलॉग देखता हूं। तो मुझे लगता है यूरोप जाऊंगा तो यह लेकर जाऊंगा। अफ्रीका जाऊंगा तो यह लेकर जाऊंगा। और हर एक को लगता है एक देश में। यह एक पहलू है दूसरा हमने जी 20 समिट हिंदुस्तान के अलग-अलग हिस्से में की है। क्यों? दुनिया को पता चले कि दिल्ली, यही हिंदुस्तान नहीं है। अब आप ताजमहल देखें तो टूरिज्म पूरा नहीं होता जी मेरे देश का। मेरे देश में इतना पोटेंशियल है, मेरे देश को जानिए और समझिए और इस बार हमने जी-20 का उपयोग भारत को विश्व के अंदर भारत की पहचान बनाने के लिए किया। दुनिया की भारत के प्रति क्यूरियोसिटी बढ़े, इसमें हमने बड़ी सफलता पाई है, क्योंकि दुनिया के करीब एक लाख नीति निर्धारक ऐसे लोग जी-20 समूह की 200 से ज्यादा मीटिंग में आए। वह अलग-अलग जगह पर गए। उन्होंने इन जगहों को देखा, सुना भी नहीं था, देखा वो अपने देश के साथ कोरिलिरेट करने लगे। वो वहां जाकर बातें करने लगे। मैं देख रहा हूं जी20 के कारण लोग आजकल काफी टूरिस्टों को यहां भेज रहे हैं। जिसके कारण हमारे देश का टूरिज्म को बढ़ावा मिला।

इसी तरह आपने देखा होगा कि मैंने स्टार्टअप वालों के साथ मीटिंग की थी, मैं वार्कशॉप करता था। आज से मैं 7-8 साल पहले, 10 साल पहले शुरू- शुरू में यानी मैं 14 में आया। उसके 15-16 के भीतर-भीतर मैंने जो नए स्टार्टअप की दुनिया शुरू हुई, उनकी मैंने ऐसे वर्कशॉप की है तो मैं अलग-अलग कभी मैंने स्पोर्ट्स पर्सन्स के की, कभी मैंने कोचों के साथ की कि इतना ही नहीं मैंने फिल्म दुनिया वालों के साथ भी ऐसी मीटिंग की।

मैं जानता हूं कि वह बिरादरी हमारे विचारों से काफी दूर है। मेरी सरकार से भी दूर है, लेकिन मेरा काम था उनकी समस्याओं को समझो क्योंकि बॉलीवुड अगर ग्लोबल मार्केट में मुझे उपयोगी होता है, अगर मेरी तेलुगू फिल्में दुनिया में पॉपुलर हो सकती है, मेरी तमिल फिल्म दुनिया पॉपुलर हो सकती है। मुझे तो ग्लोबल मार्केट लेना था मेरे देश की हर चीज का। आज यूट्यूब की दुनिया पैदा हुई तो मैंने उनको बुलाया। आप देश की क्या मदद कर सकते हैं। इंफ्लुएंसर को बुलाया, क्रिएटिव वर्ल्ड, गेमिंम अब देखिए दुनिया का इतना बड़ा गेमिंग मार्केट। भारत के लोग इन्वेस्ट कर रहे हैं, पैसा लगा रहे हैं और गेमिंग की दुनिया में कमाई कोई और करता है तो मैंने सारे गेमिंग के एक्सपर्ट को बुलाया। पहले उनकी समस्याएं समझी। मैंने देश को कहा, मेरी सरकार को मुझे गेमिंग में भारतीय लीडरशिप पक्की करनी है।

इतना बड़ा फ्यूचर मार्केट है, अब तो ओलंपिक में गेमिंग आया है तो मैं उसमें जोड़ना चाहता हूं। ऐसे सभी विषयों में एक साथ काम करने के पक्ष में मैं हूं। उसी प्रकार से देश की जो मूलभूत व्यवस्थाएं हैं, आप उसको नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं। हमें गांव का एक मोची होगा, सोनार होगा, कपड़े सिलने वाला होगा। वो भी मेरे देश की बहुत बड़ी शक्ति है। मुझे उसको भी उतना ही तवज्जो देना होगा। और इसलिए मेरी सरकार का इंटीग्रेटेड अप्रोच होता है। कॉम्प्रिहेंसिव अप्रोच होता है, होलिस्टिक अप्रोच होता है।

 

Q 5 - डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया उसका विपक्ष ने मजाक भी उड़ाया था, आज ये आपकी सरकार की खास पहचान बन गए हैं और दुनिया भी इस बात का संज्ञान ले रही है, इसका एक उदहारण यूपीआई भी है।

जवाब – यह बात सही है कि हमारे देश में जो डिजिटल इंडिया मूवमेंट मैंने शुरू किया तो शुरू में आरोप क्या लगाए इन्होंने? उन्होंने लगाई कि ये जो सर्विस प्रोवाइडर हैं, उनकी भलाई के लिए हो रहा है। इनको समझ नहीं आया कि यह क्षेत्र कितना बड़ा है और 21वीं सदी एक टेक्नॉलॉजी ड्रिवन सेंचुरी है। टेक्नोलॉजी आईटी ड्रिवन है। आईटी इन्फोर्स बाय एआई। बहुत बड़े प्रभावी क्षेत्र बदलते जा रहे हैं। हमें फ्यूचरस्टीक चीजों को देखना चाहिए। आज अगर यूपीआई न होता तो कोई मुझे बताए कोविड की लड़ाई हम कैसे लड़ते? दुनिया के समृद्ध देश भी अपने लोगों को पैसे होने के बावजूद भी नहीं दे पाए। हम आराम से दे सकते हैं। आज हम 11 करोड़ किसानों को 30 सेकंड के अंदर पैसा भेज सकते हैं। अब यूपीआई अब इतनी यूजर फ्रेंडली है तो क्योंकि यह टैलेंट हमारे देश के नौजवानों में है। वो ऐसे प्रोडक्ट बना करके देते हैं कि कोई भी कॉमन मैन इसका उपयोग कर सकता है। आज मैंने ऐसे कितने लोग देखे हैं जो अपना सोशल मीडिया अनुभव कर रहे हैं। हमने छह मित्रों ने तय किया कि छह महीने तक जेब में 1 पैसा नहीं रखेंगे। अब देखते हैं क्या होता है। छह महीने पहले बिना पैसे पूरी दुनिया में हम अपना काम, कारोबार करके आ गए। हमें कोई तकलीफ नहीं हुई तो हर कसौटी पर खरा उतर रहा है। तो यूपीआई ने एक प्रकार से फिनटेक की दुनिया में बहुत बड़ा रोल प्ले किया है और इसके कारण इन दिनों भारत के साथ जुड़े हुए कई देश यूपीआई से जुड़ने को तैयार हैं क्योंकि अब फिनटेक का युग है। फिनटेक में भारत अब लीड कर रहा है और इसलिए दुर्भाग्य तो इस बात का है कि जब मैं इस विषय को चर्चा कर रहा था तब देश के बड़े-बड़े विद्वान जो पार्लियामेंट में बैठे हैं वह इसका मखौल उड़ाते थे, मजाक उड़ाते थे, उनको भारत के पोटेंशियल का अंदाजा नहीं था और टेक्नोलॉजी के सामर्थ्य का भी अंदाज नहीं था।

 

Q 6 - देश के युवा भारत का इतिहास लिखेंगे ऐसा आप कई बार बोल चुके हैं, फर्स्ट टाइम वोटर्स का पीएम मोदी से कनेक्ट के पीछे का क्या कारण है?

एक मैं उनके एस्पिरेशन को समझ पाता हूं। जो पुरानी सोच है कि वह घर में अपने पहले पांच थे तो अब 7 में जाएगा सात से नौ, ऐसा नहीं है। वह पांच से भी सीधा 100 पर जाना चाहता है। आज का यूथ हर, क्षेत्र में वह बड़ा जंप लगाना चाहता है। हमें वह लॉन्चिंग पैड क्रिएट करना चाहिए, ताकि हमारे यूथ के एस्पिरेशन को हम फुलफिल कर सकें। इसलिए यूथ को समझना चाहिए। मैं परीक्षा पर चर्चा करता हूं और मैंने देखा है कि मुझे लाखों युवकों से ऐसी बात करने का मौका मिलता है जो परीक्षा पर चर्चा की चर्चा चल रही है। लेकिन वह मेरे साथ 10 साल के बाद की बात करता है। मतलब वह एक नई जनरेशन है। अगर सरकार और सरकार की लीडरशिप इस नई जनरेशन के एस्पिरेशन को समझने में विफल हो गई तो बहुत बड़ी गैप हो जाएगी। आपने देखा होगा कोविड में मैं बार-बार चिंतित था कि मेरे यह फर्स्ट टाइम वोटर जो अभी हैं, वह कोविड के समय में 14-15 साल के थे अगर यह चार दीवारों में फंसे रहेंगे तो इनका बचपन मर जाएगा। उनकी जवानी आएगी नहीं। वह बचपन से सीधे बुढ़ापे में चला जाएगा। यह गैप कौन भरेगा? तो मैं उसके लिए चिंतित था। मैं उनसे वीडियो कॉन्फ्रेंस से बात करता था। मैं उनको समझाता था का आप यह करिए। और इसलिए हमने डेटा एकदम सस्ता कर दिया। उस समय मेरा डेटा सस्ता करने के पीछे लॉजिक था। वह ईजिली इंटरनेट का उपयोग करते हुए नई दुनिया की तरफ मुड़े और वह हुआ। उसका हमें बेनिफिट हुआ है। भारत ने कोविड की मुसीबतों को अवसर में पलटने में बहुत बड़ा रोल किया है और आज जो डिजिटल रिवॉल्यूशन आया है, फिनटेक का जो रिवॉल्यूशन आया है, वह हमने आपत्ति को अवसर में पलटा उसके कारण आया है तो मैं टेक्नोलॉजी के सामर्थ्य को समझता हूं। मैं टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देना चाहता हूं।

प्रधानमंत्री जी बहुत-बहुत धन्यवाद आपने हमें समय दिया।

नमस्कार भैया, मेरी भी आपको बहुत-बहुत शुभकामनाएं, आप भी बहुत प्रगति करें और देश को सही जानकारियां देते रहें।