Our Sankalp Patra is a reflection of the young aspirations of Yuva Bharat: PM Modi
Our Sankalp Patra empowers 4 strong pillars of developed India - Youth, women, poor and farmers, says PM Modi
Under MUDRA Yojana loans up to Rs 10 Lakhs were provided. Now the BJP has decided to increase the limit to Rs 20 Lakhs: PM Modi while releasing BJP’s Sankalp Patra
BJP has now taken the 'Sankalp' that every individual above 70 years of age will be brought within the purview of Ayushman Bharat Yojana: PM Modi
Last ten years have been dedicated to women's dignity and new opportunities for women. The next 5 years will be of new participation of Nari Shakti, says PM Modi
The 150th birth anniversary of Bhagwan Birsa Munda in 2025 will be celebrated at the national level. BJP will also encourage research on tribal heritage: PM Modi

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमान जे पी नड्डा जी, राजनाथ सिंह जी, अमित भाई, निर्मला जी भाजपा के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारीगण, देश के कोने-कोने में उपस्थित सभी भाजपा कार्यकर्ता,
आज बहुत ही शुभ दिन है। देश के कई राज्यों में इस समय नव वर्ष का उत्साह है। बंगाल में पोयेला वैशाख का आनंद है। असम में बोहाग बिहू के साथ देश बैसाखी का जश्न भी मना रहा है। ओडिशा में पाना संक्रांति हो, केरला में विशु हो या फिर तमिलनाडु में नव वर्ष पुथांडु, सबको शुभकामनाओं का दौर चल रहा है। आज नवरात्रि के छठे दिन हम सभी मां कात्यायिनी की पूजा करते हैं। और मां कात्यायिनी, अपनी दोनों भुजाओं में कमल धारण किए हुए है। ये संयोग भी बहुत बड़ा आशीर्वाद है। इनके सबके साथ सोने पर सुहागा, आज बाबा साहब अंबेडकर की जयंती भी है। ऐसे पावन समय में आज भाजपा ने विकसित भारत के संकल्पपत्र को देश के सामने रखा है। मैं आप सभी को, सभी देशवासियों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं, शुभकामनाएं देता हूं। मैं राजनाथ सिंह जी और उनकी पूरी टीम को भी इस उत्तम मेनिफेस्टो तैयार करने के लिए उनका अभिंदन करता हूं। मैं देशभर में से लाखों लोगों ने भारतीय जनता पार्टी के प्रति अप्रतीम विश्वास रखते हुए जो सुझाव भेजे इस संकल्प पत्र को बनाने में जो भागीदारी निभाई इसके लिए भी देश के लाखों सक्रिय नागरिक अभिनंदन के अधिकारी हैं मैं उनका भी धन्यवाद करता हूं।

साथियों,
पूरे देश को भाजपा के संकल्पपत्र का बहुत इंतज़ार रहता है। इसका एक बड़ा कारण है। 10 वर्षों में भाजपा ने अपने संकल्प पत्र के हर बिंदु को गारंटी के रूप में जमीन पर उतारा है। भाजपा ने मेनिफेस्टो की शुचिता को फिर स्थापित किया है। ये संकल्प पत्र विकसित भारत के 4 मज़बूत स्तंभ- युवाशक्ति, नारीशक्ति, गरीब, किसान इन सभी को सशक्त करता है। हमारा फोकस Dignity of Life इस पर है, हमारा फोकस Quality of Life उस पर है। हमारा फोकस निवेश से नौकरी, निवेश से नौकरी पर भी है है। इस संकल्प पत्र में Quantity of Opportunities और Quality of Opportunities दोनों पर बहुत जोर दिया गया है। एक तरफ़ हमने कई सारे इंफ़्रास्ट्रक्चर निर्माण से बड़ी संख्या में रोज़गार बनाने की बात की है। दूसरी तरफ़ हम स्टार्टअप और ग्लोबल सेंटर्स को बढ़ावा देकर हाई वैल्यू सर्विसेज़ पर भी ध्यान देने जा रहे हैं। भाजपा के संकल्पपत्र में युवा भारत की युवा आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है।

साथियों,
भाजपा सरकार ने पिछले 10 वर्षों में 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालकर हमने सिद्ध किया है कि हम परिणाम लाने के लिए लिए काम करते हैं। लेकिन काम वहां रुकता नहीं है। जो लोग गरीबी से बाहर आए इनको भी लंबे अरसे तक संबल की आवश्यकता है। नहीं तो कभी-कभी एक छोटी सी कठिनाई भी फिर से गरीबी में ढकेल देती है। हम जानते हैं अस्पताल में मरीज का ऑपरेशन बढ़िया हो गया होगा, सारे पैरामीटर्स तबीयत के ठोक रहे होंगे, फिर भी डॉक्टर कहते हैं कि जरा घर जाके महीना-दो महीना ये-ये चीजें संभालना। ये उनके स्वास्थ्य के लिए कहते हैं। वैसे ही गरीबी से जो बाहर निकलकर आया है उसको भी कुछ समय के लिए बहुत संबल की आवश्यकता होती है। ताकि किसी भी कारण से वह फिर से गरीबी में वापिस जाने को मजबूर ना हो जाए। इसी सोच के साथ भाजपा ने गरीब कल्याण की कई योजनाओं के विस्तार का भी संकल्प लिया है।
मोदी की गारंटी है कि मुफ्त राशन की योजना आने वाले 5 साल तक जारी रहेगी। हम ये सुनिश्चित करेंगे कि गरीब के भोजन की थाली पोषण युक्त हो और उसके मन को संतोष देने वाली हो और अफोर्डेबल ही नहीं हो-सस्ती भी हो। यानि पेट भी भरे, मन भी भरे और जेब भी भरा रहे। मोदी की गारंटी है कि जनऔषधि केंद्रों पर 80 परसेंट डिस्काउंट के साथ सस्ती दवाएं मिलती रहेंगी। इतना ही नहीं, इन दवाओं के जनऔषधि केंद्रों का हम विस्तार भी करेंगे। मोदी की गारंटी है कि आयुष्मान भारत के तहत 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज मिलता रहेगा। मोदी की गारंटी के इसी क्रम में भाजपा ने एक और बहुत बड़ा निर्णय लिया है। ये निर्णय 70 वर्ष की आयु से ऊपर के सभी बुजुर्गों से जुड़ा है। आज जो बुजुर्ग हैं, उनकी बहुत बड़ी चिंता होती है कि बीमारी की स्थिति में इलाज का खर्च कैसे आएगा और मध्यम वर्ग परिवारों को ज्यादा होती है। अब भाजपा ने संकल्प लिया है कि 70 वर्ष की आयु से ऊपर के हर बुजुर्ग को आयुष्मान योजना के दायरे में लाया जाएगा। 70 साल के ऊपर के हर बुजुर्ग, चाहे वो गरीब हों, चाहे मध्यम वर्ग के हों या चाहे उच्च मध्यम वर्ग के ये एक नया दायरा होगा जिनको 5 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी।

साथियों,
भाजपा सरकार ने गरीबों को 4 करोड़ पक्के घर बनाकर दिए हैं। अब जो अतिरिक्त जानकारियां राज्य सरकारों से मिली हैं, क्योंकि परिवारों के भी विस्तार होते हैं, एक घर से दो घर बन जाते हैं। और खुद नया घर बनाने की शक्ति होती नहीं है तो उन परिवारों की भी चिंता करते हुए हम तीन करोड़ और घर बनाने का संकल्प कर आगे बढ़ेंगे। अभी तक हमने सस्ते सिलेंडर घर-घर पहुंचाए। अब हम पाइप से सस्ती रसोई गैस घर-घर पहुंचाने के लिए तेज़ी से काम करेंगे। हमने करोड़ों गरीब परिवारों को मुफ्त बिजली कनेक्शन दिए। अब हम करोड़ों परिवारों का बिजली बिल जीरो करने और बिजली से कमाई करने के अवसर पैदा करने की दिशा में काम करेंगे। पीएम सूर्यघर- मुफ्त बिजली योजना हमने लागू की है, एक करोड़ लोग इसमें रजिस्टर करा चुके हैं अब तक भाजपा का संकल्प है कि इस योजना पर और तेजी से काम किया जाएगा। घर में तो बिजली मुफ्त होगी ही होगी अतिरिक्त बिजली बेचकर के कमाई भी होगी। साथ-साथ आज जो स्कूटर, कार के डीजल का खर्चा होता है, अगर वो इलेक्ट्रि व्हेहिकल करता है तो उससे उसकी चार्जिग व्यवस्था भी उसको मुफ्त में एवलेबल हो जाएगी। यानि उसका ट्रासपोर्टेशन भी मुफ्त में हो जाएगा।

साथियों,
बीते वर्षों में करोड़ों लोगों को आंत्रप्रन्योर बनाने का काम मुद्रा योजना ने किया है। करोड़ों की संख्या में इस योजना से Jobs Generate हुई हैं। लाखों लोग जॉब क्रिएटर भी बने हैं। इस सफलता को देखते हुए अब भाजपा ने अब एक और संकल्प लिया है। अब तक मुद्रा योजना के तहत लोन की सीमा 10 लाख रुपए हुआ करती थी। अब भाजपा ने इसे बढ़ाकर 20 लाख रुपए करने का इरादा किया है। और मुझे पक्का विश्वास है कि इंडस्ट्री 4.0 का जो युग है उसमें जिस प्रकार के ईको सिस्टम का युग है, छोटे-छोटे उद्योगों की जरूरत है, ये इंडस्ट्री 4.0 के नेटवर्क को बढ़ाने के लिए ये एक नई ताकत के रूप में काम आएगा। इससे शहर हो या गांव, युवाओं को अपनी रुचि का काम करने के लिए और ज्यादा पैसे मिलेंगे। आजादी के बाद पहली बार रेहड़ी पटरी ठेले वाले मेरे भाई-बहनों को Dignity मिले, ब्याज के चक्र से मुक्ति मिले। इसमें स्वनिधि योजना ने बहुत बड़ी भूमिका निभाई है। एक बहुत बड़ा रिवॉल्यूशन आया है। लेकिन अब तक ये बड़े शहरों तक सीमित था। आज रेहड़ी पटरी ठेले वाले मेरे भाई-बहनों को बैंक में बिना गारंटी दिए मदद मिल रही है। मतलब मोदी उनकी गारंटी करता है। भाजपा इस योजना का भी दो तरह से विस्तार करेगी। एक तो 50 हजार रुपए कर्ज को जो लिमिट है उसको बढ़ाया जाएगा। और दूसरा, इस योजना को देश के छोटे कस्बों और गांव-देहात के भी रेहड़ी पटरीवालों के लिए खोल दिया जाएगा।

साथियों,
जिनको किसी ने नहीं पूछा, उनको मोदी पूजता है। और यही सबका साथ, सबका विकास का भाव है और यही भाजपा के संकल्पपत्र की आत्मा है। 10 वर्षों में हमने दिव्यांग जनों के लिए अनेक सुविधाएं दी हैं। दिव्यांग साथियों को पीएम आवास योजना में प्राथमिकता दी जाएगी। उनकी विशेष जरूरतों के अनुसार उन्हे आवास मिल सके, उसके आर्किटेक्चर में बदल करना पड़ेगा, डिजाइन में बदल करना पड़ेगा इसके लिए विशेष रूप से ध्यान देकर काम किया जाएगा। ट्रांसजेंडर साथियों को भी पहले किसी ने नहीं पूछा। ऐसे साथियों को पहचान और प्रतिष्ठा देने का भी भाजपा ने ही प्रारंभ किया है। भाजपा ने ही ट्रांसजेंडर साथियों को भी अब आयुष्मान भारत योजना के दायरे में लाने का निर्णय लिया है।

साथियों,
भारत आज Women Led Development में दुनिया को दिशा दिखा रहा है। पिछले 10 वर्ष नारी गरिमा, नारी को नए अवसरों को समर्पित रहे हैं। आने वाले 5 वर्ष नारीशक्ति की नई भागीदारी के होंगे। बीते 10 वर्षों में 10 करोड़ महिलाएं स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं। 10 करोड़ बहनों के सहायता समूहों को अब हम IT, शिक्षा, स्वास्थ्य, रिटेल और टूरिज्म जैसी सेवाओं के लिए, जैसे होम स्टे सब होता है, हम उनको ट्रेनिंग देंगे। अभी तक 1 करोड़ लखपति दीदियां बन चुकी हैं। अब मोदी ने 3 करोड़ बहनों को लखपति दीदी बनाने की गारंटी दी है। नमो ड्रोन दीदी योजना से गांव-गांव में बहनें ड्रोन पायलट बनेंगी। गांवों की महिलाओं से जब मैं मिला तो वो कह रही थीं, हम तो साइकिला चलाना भी नहीं जानते थे, गांवों में हमे कोई पूछता तक नहीं था, आज हमारी पहचान पायलट की बन गई है। हम ड्रोन पॉयलट के नाते पूरे गांव में एक प्रतिष्ठा का स्थान प्राप्त हुआ है। सरकार जो ड्रोन दे रहे हैं उसकी कीमत भी लाखों रुपये में है, लेकिन मेरा अनुभव है कि हमारी माताए-बहनें भी उसकी बहुत बढ़िया तरीके से संभालती हैं। टेक्नोलॉजी भी सीख रही है। और इससे उनका सम्मान भी बढ़ा है, आगे भी बढ़ेगा, कमाई भी बढ़ेगी, इतना ही नहीं, एग्रीकल्चर में एक बहुत बड़ा रिवॉल्यूशन, टेक्नोलॉजी ड्रिवेन एग्रीकल्चर को इसकी एक धुरा के रूप में ये हमारी ड्रोन दीदी प्रतिस्थापित हो जाएगी। वो धुरा भी बनेगी। इसी प्रकार से महिला खिलाड़ियों को खेलों में आगे बढ़ने के लिए विशेष प्रोग्राम और विशेष सुविधाएं बनाई जाएंगी। बहनों-बेटियों के बेहतर स्वास्थ्य के अपने मिशन को आगे बढ़ाते हुए, अब हम सर्वाइकल कैंसर से मुक्ति के लिए अभियान चलाएंगे।

साथियों,
हम गांव की पूरी अर्थव्यवस्था को संपूर्णता में देखते हैं। इसलिए खेती हो, पशुपालन हो, फिशरीज हो, सबको सशक्त कर रहे हैं। ये भाजपा ही है जो किसान क्रेडिट कार्ड के दायरे में हमारे पशुपालक भाई-बहनों को और मछुवारे भाई-बहनों को जोड़ा है। पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ भी देश के 10 करोड़ किसानों को आगे भी मिलता रहेगा। सहकारिता से समृद्धि के विजन पर चलते हुए भाजपा राष्ट्रीय सहकारिता नीति लेकर आएगी। और ये बहुत ही क्रांतिकारी दिशा में हम आगे बढ़ने वाले हैं। देशभर में डेयरी सहकारी समितियों की संख्या भी बहुत बड़ी मात्रा में बढ़ाई जाएगी। कुछ महीने पहले ही दुनिया की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना शुरू हो चुकी है। भारत को ग्लोबल न्यूट्रिशन हब बनाने के लिए हम श्री अन्न (Superfood) पर भी बहुत अधिक बल देने वाले हैं। इससे श्रीअन्न पैदा करने वाले 2 करोड़ से ज्यादा छोटे किसानों को विशेष लाभ होगा। हम दलहन और तिलहन में आत्मनिर्भरता के लिए किसानों को हर प्रकार की मदद बढ़ाएंगे। भाजपा, सब्जी उत्पादन और स्टोरेज के लिए नए क्लस्टर्स बनाएगी। फिशरीज सेक्टर के लिए भी नए प्रोडक्शन और प्रोसेसिंग क्लस्टर बनाए जाएंगे। हमारे मछलीपालक साथियों को सी-वीड की खेती और मोती की खेती के लिए भी प्रोत्साहन दिया जाएगा। धरती मां की रक्षा के लिए प्राकृतिक खेती पर और बल दिया जाएगा। भारत ने एक बहुत बड़ा रिवॉल्यूशनरी काम शुरू किया है और सफलता मिली है। नैनो यूरिया के ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल पर भी जोर दिया जाएगा। भाजपा ने, किसान समृद्धि केंद्रों के विस्तार का भी संकल्प लिया है। भाजपा का संकल्प, भारत को फूड प्रोसेसिंग हब बनाने का है। इससे वैल्यू एडिशन होगा, किसान का फायदा बढ़ेगा औऱ रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे। ये फूड प्रोसेसिंग प्लांट्स, रूरल इकॉनॉमी के लिए नए ग्रोथ इंजन बनेंगे।

साथियों,
देश में जनजातीय समाज के योगदान को मान्यता देते हुए हमने जनजातीय गौरव दिवस मनाना तय किया था। अगले वर्ष 2025 में भगवान बिरसा मुंडा की एक सौ पचासवीं जन्म जयंती है। इसे राष्ट्रीय स्तर पर मनाया जाएगा, जनजातीय गौरव अभियान को राष्ट्र भर में गति दी जाएगी। भाजपा, जनजातीय विरासत पर अनुसंधान को भी प्रोत्साहित करेगी। डिजिटल जनजातीय कला अकादमी की भी स्थापना की जाएगी। वन उपज आधारिक स्टार्ट अप्स और स्वयं सहायता समूहों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। 700 से ज्यादा एकलव्य स्कूलों के निर्माण के लक्ष्य को भी जल्द से जल्द प्राप्त किया जाएगा।

साथियों,
भाजपा, विकास भी और विरासत भी उस मंत्र में विश्वास करती है। हम पूरी दुनिया में संत तिरुवल्लूर कल्चरल सेंटर्स का निर्माण करेंगे। दुनिया की सबसे पुरानी भाषा तमिल हमारा गौरव है। ये इस देश का गौरव है हमारा गौरव है। तमिल भाषा की वैश्विक प्रतिष्ठा बढ़ाने के लिए भाजपा हर प्रकार के नए उपक्रम शुरू करेगी, प्रयास करेगी। हमारे देश में टूरिज्म का जो पोटेंशियल है, उसे भी अनलॉक किया जाना बाकी है। भाजपा द्वारा विश्व प्रवासी-ग्लोबल टूरिस्ट्स को हमारी विरासत से जोड़ा जाएगा, और इस विरासत को हम वर्ल्ड हेरिटेज के साथ जोड़ेंगे। जैसे नालंदा हो, लोथल हो, होयसला के पवित्र मंदिर समूह हो, बौद्ध स्थल हों, जैसे अनेक स्थलों का विकास किया जाएगा। अभी एक ऑनलाइन कंपटीशन भी चल रहा है जिसमें देश के लोग टूरिज्म के डेस्टिनेशन की रैंकिंग कर रहे हैं। ये टूरिज्म डेस्टिनेशन की जो रैंकिंग हो रही है इसके आधार पर अच्छे टूरिस्ट डेस्टिनेशन का जिसे लोग पसंद करेंगे उसके सर्वांगिन विकास के लिए डवलपमेंट के लिए और विदेशी टूरिस्ट को आकर्षित करे उस रूप में लाने की दिशा में हमार काम आगे करने के लिए हमने सोचा हुआ है।
टूरिज्म वो सेक्टर है, जो सबसे कम निवेश में सबसे ज्यादा रोजगार पैदा करता है। टूरिज्म बढ़ता है तो होटल, रेस्टोरेंट, ऑटो रिक्शा वाले, टैक्सी वाले, सभी को इससे फायदा होता है। भाजपा इको-टूरिज्म के नए सेंटर्स भी बनाएगी। इससे होम स्टे के जो अवसर बनेंगे उसका लाभ हमारे ट्राइबल परिवारों को होगा। भाजपा सरकार होम स्टे के लिए महिलाओं को आर्थिक मदद देने की योजना बनाकर आएगी।



साथियों,
21वीं सदी के भारत की बुनियाद, भाजपा तीन तरह के इंफ्रास्ट्रक्चर से मजबूत करने जा रही है। पहला है- सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर। दूसरा है- डिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर और तीसरा है फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर।
सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए हम नए-नए एजुकेशन इंस्टीट्यूट्स खोल रहे हैं, यूनिवर्सिटीज बनवा रहे हैं, मेडिकल कॉलेज बनवा रहे हैं। आयुष्मान आरोग्य मंदिर गांवों में बना रहे हैं। इतना ही नहीं हमारे जो ट्रक ड्राइवर्स हैं उनके लिए हम हाइवेज के पास, उनको सफिसिएंट रेस्ट मिले, एक्सिडेंट कम हो इसके लिए हम बहुत बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप करने जा रहे हैं ताकि ड्राइवर्स सफर के दौरान हाइवेज पर जो समय उन्हें स्नान के लिए चाहिए अन्य सुविधा के लिए चाहिए रेस्ट करना हो तो उसे मिले। ऐसे बारी-बारी से अनेक क्षेत्रों को ढूंढकर के सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर पर बल दे रहे हैं। दूसरा है फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर-
इसलिए हम देशभर में हाईवे, रेलवे, एयरवे और वॉटरवे उनको आधुनिक बना रहे हैं। तीसरा है- डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर। इसलिए हम 5 जी विस्तार कर रहे हैं, 6 जी पर काम कर रहे हैं। और इंडस्ट्री 4.0 के लिए डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, ये उसकी बैकबोन होती है। हम इंडस्ट्री 4.0 को ध्यान में रखते हुए, हमारा इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर को तैयार कर रहे हैं। हम सरकार की ज्यादा से ज्यादा सेवाओं को ऑनलाइन बना रहे हैं, कॉमन सर्विस सेंटर्स की संख्या बढ़ा रहे हैं, ONDC, ऑनलाइन जो लोग खरीदी करते हैं, उसके लिए प्लेटफॉर्म ONDC और टेलीमेडिसीन का विस्तार कर रहे हैं। इन तीनों तरह के इंफ्रास्ट्रक्चर- सोशल, फिजिकल और डिजिटल इंफ्रा का मजबूती से विस्तार, भाजपा की एक प्रमुख, एक प्रकार से पुरानी सोच से अलग गति भी तेज होगी, स्केल भी बहुत बड़ा होगा। यानि स्केल और स्पीड इतना बढ़ेगा कि उससे स्कोप भी बढ़ जाएगा। ये भाजपा की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से है। हमारे देश में अर्बनाइजेशन को पहले की सरकारें चुनौती माना करती थीं। भाजपा इसे अवसर के रूप में देखती है। हम देश में नए-नए सैटलाइट टाउन्स बनाएंगे जो देश के विकास का ग्रोथ सेंटर बनेंगे, रोजगार के नए अवसर बनाएंगे। देश के एविएशन सेक्टर के विस्तार पर भी भाजपा का जोर है। अभी देश ने, आपको पता होगा, करीब एक हजार से ज्यादा नए विमान का ऑर्डर दिया हुआ है भारत ने। वो अपने साथ Employment की बहुत सारी नई संभावनाएं लेकर आएंगे। पायलट, एयर लाइन क्रू, ग्राउंड स्टाफ, इससे जुड़ा लॉजिस्टिक्स, ट्रांसपोर्टेशन ऐसे अनेक सेक्टर में नए अवसर क्रिएट होंगे। ये सेक्टर देश के छोटे शहरों में रहने वाले युवाओं के लिए भी ड्रीम सेंटर बनने जा रहा है।

साथियों,
भाजपा, देश के कोने-कोने में वंदे भारत ट्रेनों का भी विस्तार करेगी।
देश में वंदे भारत के तीन मॉडल चला करेंगे। वंदे भारत स्लीपर, वंदे भारत चेयर कार और वंदे भारत मेट्रो। इस तीन प्रकार से हम करेंगे। उसी प्रकार से एक बहुत महत्वपूर्ण कदम हम उठाने जा रहे है आधुनिक भारत और विकसित भारत की दिशा में जाने के लिए आज अहमदाबाद मुंबई बुलेट ट्रेन का काम जोड़ों से चल रहा है और करी-करीब पूर्णता पर पहुंच रहे हैं। उसी प्रकार से बुलेट ट्रेन आज जैसे
पश्चिम हिस्से में एक बुलेट ट्रेन काम करने जा रही है। अब भाजपा का संकल्प है आने वाले समय में उत्तर भारत में एक बुलेट ट्रेन, दक्षिण भारत में एक बुलेट ट्रेन और पूर्वी भारत में एक बुलेट ट्रेन वैसे उत्तर दक्षिण, पूरब पश्चिम चारो दिशाओं में एक-एक बुलेट ट्रेन के प्रोजक्ट से हम आधुनिकता की ओर जाने को गति देंगे। इसके लिए सर्वे का काम भी जल्द शुरू किया जाएगा।

साथियों,
भाजपा का संकल्पपत्र, देश को आत्मनिर्भरता की तरफ ले जाने वाला है। डिफेंस सेक्टर हो, एडिबल ऑयल हो, एनर्जी इंपोर्ट हो, भारत कब तक दूसरे देशों पर निर्भर रहेगा? आज हम एनर्जी को इंपोर्ट करने के लिए लाखों करोड़ों रुपये का फॉरेन एक्सचेंज खर्च करते हैं। इसलिए भाजपा का बहुत बड़ा फोकस ग्रीन एनर्जी और एनर्जी में आत्मनिर्भरता पर है। इसलिए पेट्रोल में इथेनॉल की ब्लेंडिंग हो, ग्रीन हाईड्रोजन हो, रिन्यूवेबल एनर्जी हो, गोबरधन हो, बायोफ्यूल्स हो, सभी क्षेत्रों और अधिक तेजी लाई जाएगी। ये हमें आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही पर्यावरण की दृष्टि से भी देश को सुरक्षा प्रदान करेगा। इससे देश में बड़ी संख्या में ग्रीन जॉब्स पैदा होंगे, हरित रोजगार बहुत विस्तृत होनेवाला है। आज हम देख रहे हैं कि देश में इलेक्ट्रिक व्हीकल का मार्केट कितनी तेजी से बढ़ रहा है। दस साल पहले एक साल में सिर्फ दो हजार इलेक्ट्रिक व्हीकल बिके थे, एक साल में सिर्फ दो हजार। जबकि पिछले ही साल 17 लाख से ज्यादा इलेक्ट्रिक व्हीकल बिके हैं। पूरे देश में चार्जिंग स्टेशंस हो और जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर बनाए जा रहे हैं। और ई-व्हीकल का इतना बढ़ाव होने वाला है तो मैंने घऱ में भी जैसे पीएम सूर्य-घर से जोड़कर के घर में भी चार्जिंग स्टेशन यानि मुफ्त में ट्रैवलिंग की दिशा में भी हम बढ़ रहे हैं। इससे उभरते हुए सेक्टर से भी देश में रोजगार की अनेक नई संभावनाएं बनने जा रही है।

साथियों,
भाजपा का संकल्प, भारत को दुनिया के हर उभरते हुए सेक्टर्स का ग्लोबल हब बनाने का है। वो समय दूर नहीं जब भारत दुनिया का....
Green Energy Hub होगा, Pharma Hub होगा...Electronics Hub होगा...Automobile Hub होगा...Semiconductor Hub होगा...Innovation Hub होगा...Legal, Insurance Hub होगा... Contracting, Commercial Hub होगा। वो दिन दूर नहीं जब दुनिया के बड़े-बड़े Economy Centres भारत में होंगे। भारत, Global Capability Centres... Global Technology Centres..
Global Engineering Centres...का बहुत बड़ा HUB बनेगा। स्पेस में भी हम बहुत बड़ी ताकत के रूप में विश्व में बहुत बड़ी ताकत के रूप में उभरेंगे और उसमें निश्चित रोड-मैप से आगे बढ़ेंगे। और ये भारत के Youth के लिए इतनी सारी Opportunities लेकर आएगा, जिसकी उन्होंने शायद कल्पना भी नहीं की होगी।

साथियों,
आज विश्व में अनिश्चितता के बादल छाए हुए हैं, युद्ध की स्थिति बनी हुई है। तनावपूर्ण है पूरा विश्व संकट के ऐसे समय में इन क्षेत्रों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा ये हमारी प्राथमिकता है। और जब दुनिया में इतने प्रकार के भांति-भांति प्रकार के तनाव चलते हो तूफान चलते हो तब ऐसे समय में भारत में एक मजबूत-पूर्ण बहुमत वाली स्थिर सरकार की आवश्यकता अनेक गुना बढ़ जाती है। ऐसी सरकार जो देश को आर्थिक रूप से भी समृद्ध बनाए। ऐसी सरकार जो देश को विकसित भारत की तरफ तेज गति से ले जाए और भाजपा इसके लिए संकल्पबद्ध है। आज आपने देखा है कि भाजपा का ये संकल्पपत्र भाजपा की ये मेनिफेस्टो ऐसी ही एक सरकार की गारंटी देता है। भारत, विश्वबंधु के तौर पर मानवता के कल्याण के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगा।


साथियों,
भारतीय जनता पार्टी देशहित में बड़े और कड़े निर्णय लेने से कभी पीछे नहीं हटती। हमारे लिए दल से बड़ा देश है। नारीशक्ति वंदन अधिनियम अब कानून बन चुका है। बीजेपी ने आर्टिकल-370 को हटाया और हम CAA लेकर आए। Reform-Perform-Transform के मंत्र पर चलते हुए हम और तेजी से आगे बढ़ेंगे। गुड गवर्नेंस, डिजिटल गवर्नेंस और डेटा गवर्नेंस के लिए देश में आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर और इको-सिस्टम्स तैयार किए जाएंगे। हम वन नेशन-वन इलेक्शन के विचार को भी साकार करने का संकल्प लेकर आगे बढ़ेंगे। बीजेपी, यूनिफॉर्म सिविल कोड को भी देशहित में उतना ही आवश्यक समझती है। आपने देखा है कि पिछले दस साल में भ्रष्टाचार पर भाजपा सरकार ने कितनी बड़ी कार्रवाई की है। भ्रष्टाचार गरीब का हक छीनता है, मध्यम वर्ग का हक छीनता है। राष्ट्रीय स्तर पर होने वाले हजारों करोड़ के घोटाले अब बंद हुए हैं। अब गरीब को उसका हक मिल रहा है और गरीबों को लूटने वाले जेल जा रहे हैं। भ्रष्टाचारियों पर ऐसे ही निरंतर सख्त कार्रवाई होती रहेगी, ये मोदी की गारंटी है।

साथियों,
मैंने लाल किले से कहा था कि- यही समय है, सही समय है। आने वाले 1 हज़ार वर्षों के लिए भारत के भविष्य को तय करने वाला ये उत्तम से उत्तम अवसर है, उत्तम से उत्तम समय है। भाजपा के संकल्प पत्र पर 4 जून के नतीजे के बाद तुरंत तेजी से काम शुरू हो जाएगा। सरकार पहले ही 100 दिन के एक्शन प्लान पर काम करना प्रारंभ कर दिया है। देश के लोगों का Ambition देश के 140 करोड़ देशवासियों का अपना एंबीशन ही मोदी का Mission है। अभी हमने चंद्रयान की सफलता देखी, अब हम गगनयान का गौरव अनुभव करेंगे। अभी हमने G-20 में दुनिया का भारत में स्वागत देखा। अब हम ओलंपिक्स की मेज़बानी के लिए पूरी ताकत लगाने वाले हैं। ये नया भारत रफ्तार पकड़ चुका है। अब इसको रोकना असंभव है। इसलिए इस संकल्पपत्र को मोदी की गारंटी के रूप में देशवासियों के समक्ष आशीर्वाद के लिए रख रहा हूं। 140 करोड़ देशवासियों के सपनों को हकीकत में बुनने के लिए हम ये संकल्पपत्र लेकर के आए हैं। मैं देशवासियों से प्रार्थना करता हूं कि मां भारती के कोटि-कोटि जनों के कल्याण के लिए विकसित भारत के संकल्पों को सिद्ध करने के लिए इस संकल्पपत्र को लागू करने के लिए तेजगति से आगे बढ़ाने के लिए हमें आशीर्वाद दें हमारी शक्ति और बढ़ाएं इसी एक प्रार्थना के साथ देशवासियों का अभिनंदन करते हुए मैं अपनी वाणी को विराम देता हूं।

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Today, India is becoming the key growth engine of the global economy: PM Modi
December 06, 2025
India is brimming with confidence: PM
In a world of slowdown, mistrust and fragmentation, India brings growth, trust and acts as a bridge-builder: PM
Today, India is becoming the key growth engine of the global economy: PM
India's Nari Shakti is doing wonders, Our daughters are excelling in every field today: PM
Our pace is constant, Our direction is consistent, Our intent is always Nation First: PM
Every sector today is shedding the old colonial mindset and aiming for new achievements with pride: PM

आप सभी को नमस्कार।

यहां हिंदुस्तान टाइम्स समिट में देश-विदेश से अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित हैं। मैं आयोजकों और जितने साथियों ने अपने विचार रखें, आप सभी का अभिनंदन करता हूं। अभी शोभना जी ने दो बातें बताई, जिसको मैंने नोटिस किया, एक तो उन्होंने कहा कि मोदी जी पिछली बार आए थे, तो ये सुझाव दिया था। इस देश में मीडिया हाउस को काम बताने की हिम्मत कोई नहीं कर सकता। लेकिन मैंने की थी, और मेरे लिए खुशी की बात है कि शोभना जी और उनकी टीम ने बड़े चाव से इस काम को किया। और देश को, जब मैं अभी प्रदर्शनी देखके आया, मैं सबसे आग्रह करूंगा कि इसको जरूर देखिए। इन फोटोग्राफर साथियों ने इस, पल को ऐसे पकड़ा है कि पल को अमर बना दिया है। दूसरी बात उन्होंने कही और वो भी जरा मैं शब्दों को जैसे मैं समझ रहा हूं, उन्होंने कहा कि आप आगे भी, एक तो ये कह सकती थी, कि आप आगे भी देश की सेवा करते रहिए, लेकिन हिंदुस्तान टाइम्स ये कहे, आप आगे भी ऐसे ही सेवा करते रहिए, मैं इसके लिए भी विशेष रूप से आभार व्यक्त करता हूं।

साथियों,

इस बार समिट की थीम है- Transforming Tomorrow. मैं समझता हूं जिस हिंदुस्तान अखबार का 101 साल का इतिहास है, जिस अखबार पर महात्मा गांधी जी, मदन मोहन मालवीय जी, घनश्यामदास बिड़ला जी, ऐसे अनगिनत महापुरूषों का आशीर्वाद रहा, वो अखबार जब Transforming Tomorrow की चर्चा करता है, तो देश को ये भरोसा मिलता है कि भारत में हो रहा परिवर्तन केवल संभावनाओं की बात नहीं है, बल्कि ये बदलते हुए जीवन, बदलती हुई सोच और बदलती हुई दिशा की सच्ची गाथा है।

साथियों,

आज हमारे संविधान के मुख्य शिल्पी, डॉक्टर बाबा साहेब आंबेडकर जी का महापरिनिर्वाण दिवस भी है। मैं सभी भारतीयों की तरफ से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।

Friends,

आज हम उस मुकाम पर खड़े हैं, जब 21वीं सदी का एक चौथाई हिस्सा बीत चुका है। इन 25 सालों में दुनिया ने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। फाइनेंशियल क्राइसिस देखी हैं, ग्लोबल पेंडेमिक देखी हैं, टेक्नोलॉजी से जुड़े डिसरप्शन्स देखे हैं, हमने बिखरती हुई दुनिया भी देखी है, Wars भी देख रहे हैं। ये सारी स्थितियां किसी न किसी रूप में दुनिया को चैलेंज कर रही हैं। आज दुनिया अनिश्चितताओं से भरी हुई है। लेकिन अनिश्चितताओं से भरे इस दौर में हमारा भारत एक अलग ही लीग में दिख रहा है, भारत आत्मविश्वास से भरा हुआ है। जब दुनिया में slowdown की बात होती है, तब भारत growth की कहानी लिखता है। जब दुनिया में trust का crisis दिखता है, तब भारत trust का pillar बन रहा है। जब दुनिया fragmentation की तरफ जा रही है, तब भारत bridge-builder बन रहा है।

साथियों,

अभी कुछ दिन पहले भारत में Quarter-2 के जीडीपी फिगर्स आए हैं। Eight परसेंट से ज्यादा की ग्रोथ रेट हमारी प्रगति की नई गति का प्रतिबिंब है।

साथियों,

ये एक सिर्फ नंबर नहीं है, ये strong macro-economic signal है। ये संदेश है कि भारत आज ग्लोबल इकोनॉमी का ग्रोथ ड्राइवर बन रहा है। और हमारे ये आंकड़े तब हैं, जब ग्लोबल ग्रोथ 3 प्रतिशत के आसपास है। G-7 की इकोनमीज औसतन डेढ़ परसेंट के आसपास हैं, 1.5 परसेंट। इन परिस्थितियों में भारत high growth और low inflation का मॉडल बना हुआ है। एक समय था, जब हमारे देश में खास करके इकोनॉमिस्ट high Inflation को लेकर चिंता जताते थे। आज वही Inflation Low होने की बात करते हैं।

साथियों,

भारत की ये उपलब्धियां सामान्य बात नहीं है। ये सिर्फ आंकड़ों की बात नहीं है, ये एक फंडामेंटल चेंज है, जो बीते दशक में भारत लेकर आया है। ये फंडामेंटल चेंज रज़ीलियन्स का है, ये चेंज समस्याओं के समाधान की प्रवृत्ति का है, ये चेंज आशंकाओं के बादलों को हटाकर, आकांक्षाओं के विस्तार का है, और इसी वजह से आज का भारत खुद भी ट्रांसफॉर्म हो रहा है, और आने वाले कल को भी ट्रांसफॉर्म कर रहा है।

साथियों,

आज जब हम यहां transforming tomorrow की चर्चा कर रहे हैं, हमें ये भी समझना होगा कि ट्रांसफॉर्मेशन का जो विश्वास पैदा हुआ है, उसका आधार वर्तमान में हो रहे कार्यों की, आज हो रहे कार्यों की एक मजबूत नींव है। आज के Reform और आज की Performance, हमारे कल के Transformation का रास्ता बना रहे हैं। मैं आपको एक उदाहरण दूंगा कि हम किस सोच के साथ काम कर रहे हैं।

साथियों,

आप भी जानते हैं कि भारत के सामर्थ्य का एक बड़ा हिस्सा एक लंबे समय तक untapped रहा है। जब देश के इस untapped potential को ज्यादा से ज्यादा अवसर मिलेंगे, जब वो पूरी ऊर्जा के साथ, बिना किसी रुकावट के देश के विकास में भागीदार बनेंगे, तो देश का कायाकल्प होना तय है। आप सोचिए, हमारा पूर्वी भारत, हमारा नॉर्थ ईस्ट, हमारे गांव, हमारे टीयर टू और टीय़र थ्री सिटीज, हमारे देश की नारीशक्ति, भारत की इनोवेटिव यूथ पावर, भारत की सामुद्रिक शक्ति, ब्लू इकोनॉमी, भारत का स्पेस सेक्टर, कितना कुछ है, जिसके फुल पोटेंशियल का इस्तेमाल पहले के दशकों में हो ही नहीं पाया। अब आज भारत इन Untapped पोटेंशियल को Tap करने के विजन के साथ आगे बढ़ रहा है। आज पूर्वी भारत में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और इंडस्ट्री पर अभूतपूर्व निवेश हो रहा है। आज हमारे गांव, हमारे छोटे शहर भी आधुनिक सुविधाओं से लैस हो रहे हैं। हमारे छोटे शहर, Startups और MSMEs के नए केंद्र बन रहे हैं। हमारे गाँवों में किसान FPO बनाकर सीधे market से जुड़ें, और कुछ तो FPO’s ग्लोबल मार्केट से जुड़ रहे हैं।

साथियों,

भारत की नारीशक्ति तो आज कमाल कर रही हैं। हमारी बेटियां आज हर फील्ड में छा रही हैं। ये ट्रांसफॉर्मेशन अब सिर्फ महिला सशक्तिकरण तक सीमित नहीं है, ये समाज की सोच और सामर्थ्य, दोनों को transform कर रहा है।

साथियों,

जब नए अवसर बनते हैं, जब रुकावटें हटती हैं, तो आसमान में उड़ने के लिए नए पंख भी लग जाते हैं। इसका एक उदाहरण भारत का स्पेस सेक्टर भी है। पहले स्पेस सेक्टर सरकारी नियंत्रण में ही था। लेकिन हमने स्पेस सेक्टर में रिफॉर्म किया, उसे प्राइवेट सेक्टर के लिए Open किया, और इसके नतीजे आज देश देख रहा है। अभी 10-11 दिन पहले मैंने हैदराबाद में Skyroot के Infinity Campus का उद्घाटन किया है। Skyroot भारत की प्राइवेट स्पेस कंपनी है। ये कंपनी हर महीने एक रॉकेट बनाने की क्षमता पर काम कर रही है। ये कंपनी, flight-ready विक्रम-वन बना रही है। सरकार ने प्लेटफॉर्म दिया, और भारत का नौजवान उस पर नया भविष्य बना रहा है, और यही तो असली ट्रांसफॉर्मेशन है।

साथियों,

भारत में आए एक और बदलाव की चर्चा मैं यहां करना ज़रूरी समझता हूं। एक समय था, जब भारत में रिफॉर्म्स, रिएक्शनरी होते थे। यानि बड़े निर्णयों के पीछे या तो कोई राजनीतिक स्वार्थ होता था या फिर किसी क्राइसिस को मैनेज करना होता था। लेकिन आज नेशनल गोल्स को देखते हुए रिफॉर्म्स होते हैं, टारगेट तय है। आप देखिए, देश के हर सेक्टर में कुछ ना कुछ बेहतर हो रहा है, हमारी गति Constant है, हमारी Direction Consistent है, और हमारा intent, Nation First का है। 2025 का तो ये पूरा साल ऐसे ही रिफॉर्म्स का साल रहा है। सबसे बड़ा रिफॉर्म नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी का था। और इन रिफॉर्म्स का असर क्या हुआ, वो सारे देश ने देखा है। इसी साल डायरेक्ट टैक्स सिस्टम में भी बहुत बड़ा रिफॉर्म हुआ है। 12 लाख रुपए तक की इनकम पर ज़ीरो टैक्स, ये एक ऐसा कदम रहा, जिसके बारे में एक दशक पहले तक सोचना भी असंभव था।

साथियों,

Reform के इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए, अभी तीन-चार दिन पहले ही Small Company की डेफिनीशन में बदलाव किया गया है। इससे हजारों कंपनियाँ अब आसान नियमों, तेज़ प्रक्रियाओं और बेहतर सुविधाओं के दायरे में आ गई हैं। हमने करीब 200 प्रोडक्ट कैटगरीज़ को mandatory क्वालिटी कंट्रोल ऑर्डर से बाहर भी कर दिया गया है।

साथियों,

आज के भारत की ये यात्रा, सिर्फ विकास की नहीं है। ये सोच में बदलाव की भी यात्रा है, ये मनोवैज्ञानिक पुनर्जागरण, साइकोलॉजिकल रेनसां की भी यात्रा है। आप भी जानते हैं, कोई भी देश बिना आत्मविश्वास के आगे नहीं बढ़ सकता। दुर्भाग्य से लंबी गुलामी ने भारत के इसी आत्मविश्वास को हिला दिया था। और इसकी वजह थी, गुलामी की मानसिकता। गुलामी की ये मानसिकता, विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति में एक बहुत बड़ी रुकावट है। और इसलिए, आज का भारत गुलामी की मानसिकता से मुक्ति पाने के लिए काम कर रहा है।

साथियों,

अंग्रेज़ों को अच्छी तरह से पता था कि भारत पर लंबे समय तक राज करना है, तो उन्हें भारतीयों से उनके आत्मविश्वास को छीनना होगा, भारतीयों में हीन भावना का संचार करना होगा। और उस दौर में अंग्रेजों ने यही किया भी। इसलिए, भारतीय पारिवारिक संरचना को दकियानूसी बताया गया, भारतीय पोशाक को Unprofessional करार दिया गया, भारतीय त्योहार-संस्कृति को Irrational कहा गया, योग-आयुर्वेद को Unscientific बता दिया गया, भारतीय अविष्कारों का उपहास उड़ाया गया और ये बातें कई-कई दशकों तक लगातार दोहराई गई, पीढ़ी दर पीढ़ी ये चलता गया, वही पढ़ा, वही पढ़ाया गया। और ऐसे ही भारतीयों का आत्मविश्वास चकनाचूर हो गया।

साथियों,

गुलामी की इस मानसिकता का कितना व्यापक असर हुआ है, मैं इसके कुछ उदाहरण आपको देना चाहता हूं। आज भारत, दुनिया की सबसे तेज़ी से ग्रो करने वाली मेजर इकॉनॉमी है, कोई भारत को ग्लोबल ग्रोथ इंजन बताता है, कोई, Global powerhouse कहता है, एक से बढ़कर एक बातें आज हो रही हैं।

लेकिन साथियों,

आज भारत की जो तेज़ ग्रोथ हो रही है, क्या कहीं पर आपने पढ़ा? क्या कहीं पर आपने सुना? इसको कोई, हिंदू रेट ऑफ ग्रोथ कहता है क्या? दुनिया की तेज इकॉनमी, तेज ग्रोथ, कोई कहता है क्या? हिंदू रेट ऑफ ग्रोथ कब कहा गया? जब भारत, दो-तीन परसेंट की ग्रोथ के लिए तरस गया था। आपको क्या लगता है, किसी देश की इकोनॉमिक ग्रोथ को उसमें रहने वाले लोगों की आस्था से जोड़ना, उनकी पहचान से जोड़ना, क्या ये अनायास ही हुआ होगा क्या? जी नहीं, ये गुलामी की मानसिकता का प्रतिबिंब था। एक पूरे समाज, एक पूरी परंपरा को, अन-प्रोडक्टिविटी का, गरीबी का पर्याय बना दिया गया। यानी ये सिद्ध करने का प्रयास किया गया कि, भारत की धीमी विकास दर का कारण, हमारी हिंदू सभ्यता और हिंदू संस्कृति है। और हद देखिए, आज जो तथाकथित बुद्धिजीवी हर चीज में, हर बात में सांप्रदायिकता खोजते रहते हैं, उनको हिंदू रेट ऑफ ग्रोथ में सांप्रदायिकता नज़र नहीं आई। ये टर्म, उनके दौर में किताबों का, रिसर्च पेपर्स का हिस्सा बना दिया गया।

साथियों,

गुलामी की मानसिकता ने भारत में मैन्युफेक्चरिंग इकोसिस्टम को कैसे तबाह कर दिया, और हम इसको कैसे रिवाइव कर रहे हैं, मैं इसके भी कुछ उदाहरण दूंगा। भारत गुलामी के कालखंड में भी अस्त्र-शस्त्र का एक बड़ा निर्माता था। हमारे यहां ऑर्डिनेंस फैक्ट्रीज़ का एक सशक्त नेटवर्क था। भारत से हथियार निर्यात होते थे। विश्व युद्धों में भी भारत में बने हथियारों का बोल-बाला था। लेकिन आज़ादी के बाद, हमारा डिफेंस मैन्युफेक्चरिंग इकोसिस्टम तबाह कर दिया गया। गुलामी की मानसिकता ऐसी हावी हुई कि सरकार में बैठे लोग भारत में बने हथियारों को कमजोर आंकने लगे, और इस मानसिकता ने भारत को दुनिया के सबसे बड़े डिफेंस importers के रूप में से एक बना दिया।

साथियों,

गुलामी की मानसिकता ने शिप बिल्डिंग इंडस्ट्री के साथ भी यही किया। भारत सदियों तक शिप बिल्डिंग का एक बड़ा सेंटर था। यहां तक कि 5-6 दशक पहले तक, यानी 50-60 साल पहले, भारत का फोर्टी परसेंट ट्रेड, भारतीय जहाजों पर होता था। लेकिन गुलामी की मानसिकता ने विदेशी जहाज़ों को प्राथमिकता देनी शुरु की। नतीजा सबके सामने है, जो देश कभी समुद्री ताकत था, वो अपने Ninety five परसेंट व्यापार के लिए विदेशी जहाज़ों पर निर्भर हो गया है। और इस वजह से आज भारत हर साल करीब 75 बिलियन डॉलर, यानी लगभग 6 लाख करोड़ रुपए विदेशी शिपिंग कंपनियों को दे रहा है।

साथियों,

शिप बिल्डिंग हो, डिफेंस मैन्यूफैक्चरिंग हो, आज हर सेक्टर में गुलामी की मानसिकता को पीछे छोड़कर नए गौरव को हासिल करने का प्रयास किया जा रहा है।

साथियों,

गुलामी की मानसिकता ने एक बहुत बड़ा नुकसान, भारत में गवर्नेंस की अप्रोच को भी किया है। लंबे समय तक सरकारी सिस्टम का अपने नागरिकों पर अविश्वास रहा। आपको याद होगा, पहले अपने ही डॉक्यूमेंट्स को किसी सरकारी अधिकारी से अटेस्ट कराना पड़ता था। जब तक वो ठप्पा नहीं मारता है, सब झूठ माना जाता था। आपका परिश्रम किया हुआ सर्टिफिकेट। हमने ये अविश्वास का भाव तोड़ा और सेल्फ एटेस्टेशन को ही पर्याप्त माना। मेरे देश का नागरिक कहता है कि भई ये मैं कह रहा हूं, मैं उस पर भरोसा करता हूं।

साथियों,

हमारे देश में ऐसे-ऐसे प्रावधान चल रहे थे, जहां ज़रा-जरा सी गलतियों को भी गंभीर अपराध माना जाता था। हम जन-विश्वास कानून लेकर आए, और ऐसे सैकड़ों प्रावधानों को डी-क्रिमिनलाइज किया है।

साथियों,

पहले बैंक से हजार रुपए का भी लोन लेना होता था, तो बैंक गारंटी मांगता था, क्योंकि अविश्वास बहुत अधिक था। हमने मुद्रा योजना से अविश्वास के इस कुचक्र को तोड़ा। इसके तहत अभी तक 37 lakh crore, 37 लाख करोड़ रुपए की गारंटी फ्री लोन हम दे चुके हैं देशवासियों को। इस पैसे से, उन परिवारों के नौजवानों को भी आंत्रप्रन्योर बनने का विश्वास मिला है। आज रेहड़ी-पटरी वालों को भी, ठेले वाले को भी बिना गारंटी बैंक से पैसा दिया जा रहा है।

साथियों,

हमारे देश में हमेशा से ये माना गया कि सरकार को अगर कुछ दे दिया, तो फिर वहां तो वन वे ट्रैफिक है, एक बार दिया तो दिया, फिर वापस नहीं आता है, गया, गया, यही सबका अनुभव है। लेकिन जब सरकार और जनता के बीच विश्वास मजबूत होता है, तो काम कैसे होता है? अगर कल अच्छी करनी है ना, तो मन आज अच्छा करना पड़ता है। अगर मन अच्छा है तो कल भी अच्छा होता है। और इसलिए हम एक और अभियान लेकर आए, आपको सुनकर के ताज्जुब होगा और अभी अखबारों में उसकी, अखबारों वालों की नजर नहीं गई है उस पर, मुझे पता नहीं जाएगी की नहीं जाएगी, आज के बाद हो सकता है चली जाए।

आपको ये जानकर हैरानी होगी कि आज देश के बैंकों में, हमारे ही देश के नागरिकों का 78 thousand crore रुपया, 78 हजार करोड़ रुपए Unclaimed पड़ा है बैंको में, पता नहीं कौन है, किसका है, कहां है। इस पैसे को कोई पूछने वाला नहीं है। इसी तरह इन्श्योरेंश कंपनियों के पास करीब 14 हजार करोड़ रुपए पड़े हैं। म्यूचुअल फंड कंपनियों के पास करीब 3 हजार करोड़ रुपए पड़े हैं। 9 हजार करोड़ रुपए डिविडेंड का पड़ा है। और ये सब Unclaimed पड़ा हुआ है, कोई मालिक नहीं उसका। ये पैसा, गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों का है, और इसलिए, जिसके हैं वो तो भूल चुका है। हमारी सरकार अब उनको ढूंढ रही है देशभर में, अरे भई बताओ, तुम्हारा तो पैसा नहीं था, तुम्हारे मां बाप का तो नहीं था, कोई छोड़कर तो नहीं चला गया, हम जा रहे हैं। हमारी सरकार उसके हकदार तक पहुंचने में जुटी है। और इसके लिए सरकार ने स्पेशल कैंप लगाना शुरू किया है, लोगों को समझा रहे हैं, कि भई देखिए कोई है तो अता पता। आपके पैसे कहीं हैं क्या, गए हैं क्या? अब तक करीब 500 districts में हम ऐसे कैंप लगाकर हजारों करोड़ रुपए असली हकदारों को दे चुके हैं जी। पैसे पड़े थे, कोई पूछने वाला नहीं था, लेकिन ये मोदी है, ढूंढ रहा है, अरे यार तेरा है ले जा।

साथियों,

ये सिर्फ asset की वापसी का मामला नहीं है, ये विश्वास का मामला है। ये जनता के विश्वास को निरंतर हासिल करने की प्रतिबद्धता है और जनता का विश्वास, यही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है। अगर गुलामी की मानसिकता होती तो सरकारी मानसी साहबी होता और ऐसे अभियान कभी नहीं चलते हैं।

साथियों,

हमें अपने देश को पूरी तरह से, हर क्षेत्र में गुलामी की मानसिकता से पूर्ण रूप से मुक्त करना है। अभी कुछ दिन पहले मैंने देश से एक अपील की है। मैं आने वाले 10 साल का एक टाइम-फ्रेम लेकर, देशवासियों को मेरे साथ, मेरी बातों को ये कुछ करने के लिए प्यार से आग्रह कर रहा हूं, हाथ जोड़कर विनती कर रहा हूं। 140 करोड़ देशवसियों की मदद के बिना ये मैं कर नहीं पाऊंगा, और इसलिए मैं देशवासियों से बार-बार हाथ जोड़कर कह रहा हूं, और 10 साल के इस टाइम फ्रैम में मैं क्या मांग रहा हूं? मैकाले की जिस नीति ने भारत में मानसिक गुलामी के बीज बोए थे, उसको 2035 में 200 साल पूरे हो रहे हैं, Two hundred year हो रहे हैं। यानी 10 साल बाकी हैं। और इसलिए, इन्हीं दस वर्षों में हम सभी को मिलकर के, अपने देश को गुलामी की मानसिकता से मुक्त करके रहना चाहिए।

साथियों,

मैं अक्सर कहता हूं, हम लीक पकड़कर चलने वाले लोग नहीं हैं। बेहतर कल के लिए, हमें अपनी लकीर बड़ी करनी ही होगी। हमें देश की भविष्य की आवश्यकताओं को समझते हुए, वर्तमान में उसके हल तलाशने होंगे। आजकल आप देखते हैं कि मैं मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियान पर लगातार चर्चा करता हूं। शोभना जी ने भी अपने भाषण में उसका उल्लेख किया। अगर ऐसे अभियान 4-5 दशक पहले शुरू हो गए होते, तो आज भारत की तस्वीर कुछ और होती। लेकिन तब जो सरकारें थीं उनकी प्राथमिकताएं कुछ और थीं। आपको वो सेमीकंडक्टर वाला किस्सा भी पता ही है, करीब 50-60 साल पहले, 5-6 दशक पहले एक कंपनी, भारत में सेमीकंडक्टर प्लांट लगाने के लिए आई थी, लेकिन यहां उसको तवज्जो नहीं दी गई, और देश सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग में इतना पिछड़ गया।

साथियों,

यही हाल एनर्जी सेक्टर की भी है। आज भारत हर साल करीब-करीब 125 लाख करोड़ रुपए के पेट्रोल-डीजल-गैस का इंपोर्ट करता है, 125 लाख करोड़ रुपया। हमारे देश में सूर्य भगवान की इतनी बड़ी कृपा है, लेकिन फिर भी 2014 तक भारत में सोलर एनर्जी जनरेशन कपैसिटी सिर्फ 3 गीगावॉट थी, 3 गीगावॉट थी। 2014 तक की मैं बात कर रहा हूं, जब तक की आपने मुझे यहां लाकर के बिठाया नहीं। 3 गीगावॉट, पिछले 10 वर्षों में अब ये बढ़कर 130 गीगावॉट के आसपास पहुंच चुकी है। और इसमें भी भारत ने twenty two गीगावॉट कैपेसिटी, सिर्फ और सिर्फ rooftop solar से ही जोड़ी है। 22 गीगावाट एनर्जी रूफटॉप सोलर से।

साथियों,

पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ने, एनर्जी सिक्योरिटी के इस अभियान में देश के लोगों को सीधी भागीदारी करने का मौका दे दिया है। मैं काशी का सांसद हूं, प्रधानमंत्री के नाते जो काम है, लेकिन सांसद के नाते भी कुछ काम करने होते हैं। मैं जरा काशी के सांसद के नाते आपको कुछ बताना चाहता हूं। और आपके हिंदी अखबार की तो ताकत है, तो उसको तो जरूर काम आएगा। काशी में 26 हजार से ज्यादा घरों में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के सोलर प्लांट लगे हैं। इससे हर रोज, डेली तीन लाख यूनिट से अधिक बिजली पैदा हो रही है, और लोगों के करीब पांच करोड़ रुपए हर महीने बच रहे हैं। यानी साल भर के साठ करोड़ रुपये।

साथियों,

इतनी सोलर पावर बनने से, हर साल करीब नब्बे हज़ार, ninety thousand मीट्रिक टन कार्बन एमिशन कम हो रहा है। इतने कार्बन एमिशन को खपाने के लिए, हमें चालीस लाख से ज्यादा पेड़ लगाने पड़ते। और मैं फिर कहूंगा, ये जो मैंने आंकडे दिए हैं ना, ये सिर्फ काशी के हैं, बनारस के हैं, मैं देश की बात नहीं बता रहा हूं आपको। आप कल्पना कर सकते हैं कि, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, ये देश को कितना बड़ा फायदा हो रहा है। आज की एक योजना, भविष्य को Transform करने की कितनी ताकत रखती है, ये उसका Example है।

वैसे साथियों,

अभी आपने मोबाइल मैन्यूफैक्चरिंग के भी आंकड़े देखे होंगे। 2014 से पहले तक हम अपनी ज़रूरत के 75 परसेंट मोबाइल फोन इंपोर्ट करते थे, 75 परसेंट। और अब, भारत का मोबाइल फोन इंपोर्ट लगभग ज़ीरो हो गया है। अब हम बहुत बड़े मोबाइल फोन एक्सपोर्टर बन रहे हैं। 2014 के बाद हमने एक reform किया, देश ने Perform किया और उसके Transformative नतीजे आज दुनिया देख रही है।

साथियों,

Transforming tomorrow की ये यात्रा, ऐसी ही अनेक योजनाओं, अनेक नीतियों, अनेक निर्णयों, जनआकांक्षाओं और जनभागीदारी की यात्रा है। ये निरंतरता की यात्रा है। ये सिर्फ एक समिट की चर्चा तक सीमित नहीं है, भारत के लिए तो ये राष्ट्रीय संकल्प है। इस संकल्प में सबका साथ जरूरी है, सबका प्रयास जरूरी है। सामूहिक प्रयास हमें परिवर्तन की इस ऊंचाई को छूने के लिए अवसर देंगे ही देंगे।

साथियों,

एक बार फिर, मैं शोभना जी का, हिन्दुस्तान टाइम्स का बहुत आभारी हूं, कि आपने मुझे अवसर दिया आपके बीच आने का और जो बातें कभी-कभी बताई उसको आपने किया और मैं तो मानता हूं शायद देश के फोटोग्राफरों के लिए एक नई ताकत बनेगा ये। इसी प्रकार से अनेक नए कार्यक्रम भी आप आगे के लिए सोच सकते हैं। मेरी मदद लगे तो जरूर मुझे बताना, आईडिया देने का मैं कोई रॉयल्टी नहीं लेता हूं। मुफ्त का कारोबार है और मारवाड़ी परिवार है, तो मौका छोड़ेगा ही नहीं। बहुत-बहुत धन्यवाद आप सबका, नमस्कार।