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The whole world looks upon India as a shining star: PM Modi
Whether it is the economy or defence, India’s capabilities have expanded: PM
India is a supporter of peace, but the country will not hesitate to take any steps required for national security: PM Modi
Corruption cannot be a part of New India. Those indulging in corruption will not be spared: Prime Minister

भारत माता की जय

भारत माता की जय

भारत माता की जय

भारत माता की जय

मंत्रिमंडल की मेरी सहयोगी, देश की प्रथम महिला जो रक्षा मंत्रालय को संभालती हैं। श्रीमती निर्मला सीतारमण जी, डॉ. सुभाष भामरे जी, तीनों सेनाओं के उच्‍च पदाधिकारीगण NCC के महानिदेशक, विदेशों से आए हुए हमारे मेहमान और NCC की महान परंपरा का हिस्‍सा आप सब मेरे युवा साथी। 

National Cadets Corps के गणतंत्र दिवस शिविर में एक बार फिर आपके बीच आना हर बार की तरह आनंदित कर रहा है। जब भी मैं आपके साथ बातचीत करने के लिए आता हूं तो अतीत की अनेक यादें मन मस्तिष्‍क में उभर आती हैं। जोश और अनुशासन ये जो दिन आप जी रहे हैं, मुझे भी इन क्षणों को जीने का अवसर मिला है। एक Cadet के तौर पर बिताए वो दिन आज तक मेरे संकल्‍प को, मेरी प्रेरणा को ऊर्जा दे रहे हैं। 

साथियों, इस कैंप का अपने आप एक गौरवशाली अतीत भी है और भविष्‍य को लेकर इसका बहुत बड़ा महत्‍व भी है। इस कैंप का हिस्‍सा बने आप सभी केडिटस को मैं बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। पिछले वर्ष जब मैं आपके बीच आया था तो मैंने आपसे कुछ आग्रह किया था। देश और समाज से जुड़े महत्‍वपूर्ण विषयों में सक्रिय योगदान के लिए आपसे अपील की थी। 

मुझे खुशी है कि बीते वर्ष NCC के Cadets ने अनेक महत्‍वपूर्ण कदमों के साथ खुद को जोड़ा। स्‍वच्‍छ भारत अभियान हो, digital transaction हो, बेटी बचाओ - बेटी अभियान हो, पर्यावरण से जुड़े मुद्दे हो। जन-जागरण के अनेक ऐसे मुद्दों को लेकर आपके प्रयास प्रशंसनीय हैं।  

विशेष तौर पर केरल में भीषण बाढ़ के बाद राहत और बचाव कार्यों में NCC के केडिटस का योगदान बहुत सराहनीय है। सहयोग और समर्पण का ये पाठ आपने यहां सीखा है उसको आपने केरल में मुश्किल में फसे स्‍वजनों को राहत देने में अमल में लाया। मुझे विश्‍वास है कि आप इसी प्रकार अपने दायित्‍वों को निभाते रहेंगे। 

साथियों, दो दिन पहले ही हमारे गणतंत्र ने 70वें वर्ष में कदम रखा है। पहले राजपथ पर और आज यहां पर आपके चेहरे की चमक और आपके अनुशासन की झलकियां नजर आईं और उन झलकियों में मुझे नए भारत का कदम ताल दिखता है। पूरे आत्‍मविश्‍वास के साथ सीना चौड़ा किए, मस्तिष्‍क को ऊंचा रखे, राष्‍ट्र के गौरव के लिए तत्‍पर ये असीम ऊर्जा उत्‍साह देने वाले होते हैं। आपका ये जोश, आपका ये उत्‍साह ही है जिसके कारण भारत आज नए आत्‍मविश्‍वास से भरा है। आज दुनिया कह रही है कि भारत न सिर्फ संभावनाओं से भरा हुआ देश है बल्कि उनको साकार भी कर रहा है।  

साथियों, देश की अर्थव्‍यवस्‍था हो या फिर दुश्‍मन से निपटने का हमारा सामर्थ्‍य, हर स्‍तर पर हमारी क्षमताओं का विस्‍तार हुआ है। हमारी सेना ने ये स्‍पष्‍ट संदेश दिया है कि हम छेड़ते नहीं हैं लेकिन किसी ने अगर छेड़ा तो हम उसे छोड़ते भी नहीं हैं। हम शांति के प्रबल समर्थक हैं। लेकिन राष्‍ट्र रक्षा के लिए कोई भी कदम उठाने में हम चूकेगें नहीं। यही कारण है कि बीते साढ़े चार वर्षों में देश की रक्षा और सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए अनेक महत्‍वपूर्ण फैसले लिए गए हैं।

 

साथियों, भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल हुआ है जिसके पास जल, थल और नभ से परमाणु हमले और आत्‍मरक्षा करने की क्षमता है। इसके अलावा, दशकों से लटके पड़े लड़ाकू विमानों और आधुनिक तोपों से जुड़े समझौतेों को जमीन पर उतारा गया है। देश में भी मिसाइल से लेकर टैंक, गोला बारूद और हेलीकॉप्‍टर बनाए जा रहे हैं। मैं, आप युवा साथियों को आश्‍वस्‍त करता हूं कि आने वाले समय में हर वो बड़ा और कड़ा फैसला लिया जाएगा जो राष्‍ट्र की सुरक्षा के लिए जरूरी है। अगर राष्‍ट्र सुरक्षित रहेगा, सक्षम रहेगा तभी युवा अपने सपने साकार कर पाएगा। 

साथियों, आप यहां देश के अलग-अलग क्षेत्रों से आए हैं। आप में से अनेक छोटे-छोटे गांवों से और कस्‍बों से अलग-अलग पृष्‍ठभूमि से हैं। मुझे आप सभी के परिश्रम का अहसास है। आपके समर्पण का अहसास है। मैं आपको सिर्फ यही कहूंगा कि यही परिश्रम हम सभी को समृद्ध बनाता है। हमारी नींव को ठोस करता है। परिश्रम का क्‍या परिणाम होता है ये जानने के लिए NCC के आप केडिटस को बहुत दूर जाने की जरूरत नहीं है। आपके भीतर से ही अनेक साथियों ने हाल में ही अदभूत हौसला दिखाते हुए देश को गौरव के पल दिए हैं। 

पर्वतारोहण और ट्रेकिंग जैसी साहसिक गतिविधियां हों या फिर खेल के मैदान पर तिरंगा लहराने का काम, अनेक केडिटस आगे आए हैं। North East Directorate की Cadet हिमा दास को तो आज दुनिया गौरवपूर्ण रूप से जानने लगी है। धान के खेतों में दौड़ते-दौड़ते, खेतों की पगडंडियों पर संतुलन साधने हुए हिमा दास आज इस स्‍तर पर पहुंची है। अभाव को अवसर बनाते हुए हिमा ने पहले जूनियर एथिलेटिक चैपियनशिप में और फिर एशियाई खेलों में देश को गौरवान्वित किया है। ऐसी अनेक युवा प्रतिभाओं को जब मैं देखता हूं, जब उनसे मिलता हूं। मेरा भरोसा तो मजबूत होता ही है। इस भरोसे को और सशक्‍त करने की ऊर्जा भी मिलती है। 

साथियों, सपने देखना और आंकाक्षाओं को उड़ान देना यही युवा की पहचान होती है यही उसकी स्‍वाभाविक प्रवृति होती है। अपने सपनों और आंकाक्षाओं को और ऊंचा उड़ने दीजिए। अपने प्रयासों का पूरा विस्‍तार दीजिए। वर्तमान सरकार देश के हर युवा को हर सपने देखने वालों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर के खड़ी है और कदम से कदम मिलाकर के चलने के लिए तैयार है। नया भारत हर कर्मयोगी को सम्‍मान देगा, अवसर देगा। आप सभी साथी जब देश की work force में जाने के लिए तैयार है। तब मैं आपको ये भरोसा देना चाहता हूं। आपने किस परिवार में जन्‍म लिया, आपकी जान-पहचान किससे है, आपकी आर्थिक स्थिति कैसी है इसके आधार पर आपका भविष्‍य तय नहीं होता। आपका कौशल, आपका आत्‍मविश्‍वास, आपके पैर के छाले ही आपको परिणाम देने वाले हैं।      

साथियों, इस परंपरा को तोड़ने के लिए समाज में हर प्रकार के असंतुलन, असमानता को बांटने के लिए एक सार्थक प्रयास जरूरी है। वीआईपी नहीं ईपीआई यानी every person is important इस संस्‍कार को मजबूत करने का प्रयास लगातार हो रहे हैं। गाड़ी के ऊपर से लाल बत्‍ती हटाई गई है। अब दिमाग से भी इसको हटाने की कोशिश की जा रही है। आप आश्‍वस्‍त रहें आपके सपनों को आपकी आंकाक्षाओं को सिर्फ अभावों और परिस्थितियों के कारण समाप्‍त नहीं होने दिया जाएगा। 

साथियों, अवसरों की समानता की जब-जब बात आती है तो एक महत्‍वपूर्ण विषय हमारी बेटियों से भी जुड़ा है। मेरे सामने बैठे आप तमाम केडिटस चाहे वो बेटे हों या फिर बेटियां, आपके जोश में और आपके सामर्थ्‍य में कोई अंतर नहीं है। बेटियों को हर प्रकार के अवसर से जोड़ना हमारी सरकार की प्राथमिकता है। बीते साढ़े चार वर्षों में बेटियों को work force में प्रोत्‍साहन देने के लिए अनेक कदम उठाए गए हैं। श्रम, सेवा और उदयम के साथ-साथ देश के defence को भी हमारी नारी सशक्‍त कर रही है। इसके लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। पहली बार हमारी बेटियां fighter pilot बनी हैं। तारिणी के गौरव को पूरी दुनिया ने देखा है। अब सेना में भी बेटियों की भागीदारी को और मजबूत करने के लिए बड़ा फैसला लिया गया है। Military Police की total corps में 20 प्रतिशत की महिलाओं की भर्ती के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।  

साथियों, नारी शक्ति का दम बीते साढ़े चार वर्षों में राजपथ पर भी देखा है। पिछली बार महिला स्‍वॉट दस्‍ता राजपथ पर उतरा था तो इस साल देश के इतिहास में पहली बार महिला जवानों की पूरी टुकड़ी परेड में शामिल हुई है। देश तो ये भी पहली बार देखा कि पुरुष टुकड़ी का नेतृत्‍व एक बेटी ने किया है। बेटियां समाज के हर क्षेत्र में लीड करें, इसके लिए बेहतर माहौल बनाने का प्रयास किया जा रहा है। बीते साढ़े चार वर्ष की पूरी तस्‍वीर को आप देखेंगे तो आपको आश्‍वासन मिलेगा कि अब नारी सशक्तिकरण बेटियों की उपयुक्‍त भागीदारी पर चर्चा नहीं एक्‍शन हो रहा है। 

साथियों, अवसरों की समानता के रास्‍ते में भ्रष्‍टाचार भी एक बहुत बड़ी बाधा है। घूसखोरी, भाई-भतीजावाद, अपना-पराया हमारी व्‍यवस्‍था में इनके लिए कोई स्‍थान होना नहीं चाहिए।     

भ्रष्‍टाचार, नये भारत का संस्‍कार हो ही नहीं सकता। मेरा और मेरी सरकार की सोच और action दोनों इस बात के साक्षी है कि भ्रष्‍ट आचरण करने वाला, कितना भी बड़ा हो, कितना भी ताकतवर क्‍यों न हो, कोई भी नहीं बचेगा। अपनी पहुंच से प्रक्रियाओं को प्रभावित करने वालों को, दलालों और बिचौलियों के माध्‍यम से हर फैसले, हर फाइल की बोली लगाने वालों को, गरीब से गरीब व्‍यक्ति के हक को लूटने वालों की सफाई करने में मैं पूरी क्षमता और ईमानारी से जुटा हूं। 

साथियों, आज सरकार जो कुछ भी कर पा रही है, उसके पीछे आप सभी युवा साथियों का सक्रिय योगदान है। स्‍वच्‍छ भारत से देश में स्‍वच्‍छता का आंदोलन आपने आगे बढ़ाया। नोटबंदी जैसे कड़े फैसले से भ्रष्‍टाचार के विरूद्ध लड़ाई को आपने समर्थन दिया। डिजिटल इंडिया के माध्‍यम से ईमानदार और पारदर्शिता व्‍यवस्‍था बनाने में आपकी बहुत बड़ी भूमिका है। यानि हर योजना को आपने सरकार बनने से बचाया है। एक और आग्रह आपसे है, देश की विरासत, देश के राष्‍ट्र नायकों की स्‍मृति से जुड़ा हुआ बीते तीन चार वर्षों में यहां दिल्‍ली में ऐसे अनेक और पवित्र स्‍थल बनाये गये हैं, जहां आप जाएंगे तो बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। हो सकता है आप में से कुछ लोग इन जगहों पर हो आए हों। लेकिन फिर भी आपको इनके बारे में बताना चाहता हूं। जैसे अभी हाल में ही लाल किले में क्रांति मंदिर का लोकार्पण किया गया है। यह क्रांति मंदिर नेताजी सुभाष चंद्र बोस को समर्पित है। जब आप वहां जाएंगे तो आपको यह भी जानकारी मिलेगी कि आजाद हिन्‍द फौज और लाल किले का क्‍या संबंध है। इसी तरह पिछले साल राष्‍ट्रीय पुलिस स्‍मारक का भी लोकार्पण हुआ है। देश के आंतरिक इलाकों में कानून व्‍यवस्‍था को बनाए रखने के लिए शहीद हुए हजारों पुलिस और सुरक्षाबलों की स्‍मृति में इस स्‍मारक का निर्माण हुआ है। आप सभी अलीपुर रोड पर बने बाबा साहेब भीम राव अम्‍बेडकर के परिनिर्वाण स्‍थल पर भी जा सकते हैं।

साथियों, यह जगह है दिल्‍ली की नई पहचान बन रही है। सरदार पटेल का नया स्‍मारक दिल्‍ली में बना है। डिजिटल म्‍यूजियम बनाया गया है। इन जगहों पर आपको इतिहास से जुड़ी, अनेक महान व्‍यक्तित्‍वों से जुड़ी जानकारियां तो मिलेगी ही देश के लिए काम करने की, समाज के लिए काम करने की एक नई ऊर्जा भी मिलेगी। मुझे विश्‍वास है कि आपकी इस ऊर्जा से New India का नया जोश और बुलंद होगा। आने वाले महीने में एक और नजराना और एक प्रेरणा स्‍थल लम्‍बे इंतजार के बाद देश को सुपुर्द होने वाली है। आजादी के बाद देश के लिए मरने-मिटने वाले हमारे वीर जवान, हमारे सेना के जवान एक राष्‍ट्रीय स्‍तर का War Memorial देश की इसकी प्रतीक्षा कर रहा था, देश के जवान प्रतीक्षा कर रहे थे। वीरों के परिवारजनों की स्‍वाभाविक प्रतीक्षा, लम्‍बे अरसे से वो भी अटका पड़ा था। यह काम सालों पहले होना चाहिए था। लेकिन सरकार में आने के बाद हमने वाले फैसला लिया अब वो पूर्णता पर है और फरवरी महीने में देश के वीर, बलिदानियों जिन्‍होंने उच्‍च बलिदान दिया है, सर्वोच्‍च बलिदान दिया है, ऐसे वीरों की स्‍मृति में भारत के एक राष्‍ट्रीय स्‍तर का war memorial करीब-करीब तैयार हो चुका है। फरवरी के महीने में उसे भी लोकार्पण करने का अवसर मिलेगा और देश के हमारे वीर जवानों को सम्‍मानित करने का सौभाग्‍य मिलेगा। मैं फिर एक बार आप सबको बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं। यह अवसर हमारी सोच को बदलता है, महीने भर का यह वास्‍तव्‍य एक प्रकार की हमारी हर सोच को राष्‍ट्रीय स्‍तर पर ले जाती है। हर सोच में हम हमारे देश के लिए क्‍या सोचते हैं। सिर्फ अपना गांव, अपना मोहल्‍ला, अपनी जाति, अपनी बिरादरी नहीं देश के संदर्भ में सोचने के लिए यह अवसर देता है। किसी भी देश का बड़ा बनना, आगे बढ़ना इस बात पर निर्भर हैं कि वहां के लिए समाज व्‍यवस्‍था में एकता का सूत्र कैसे बंधे हुए लोग हो। उस राष्‍ट्र की प्रगति का दूसरा आधार है वो कितना आशावादी है, कितनी आकांक्षाओं से भरा हुआ है। निराशा की गर्त में डूबा हुआ समाज न कभी खुद को ऊपर ले जा सकता है, न देश को ऊपर ले जा सकता है। आज मैं गर्व के साथ कहता हूं सवा सौ करोड़ हिन्‍दुस्‍तानी नयी आशाओं और आकांक्षाओं से भरे हुए, और इसके कारण मुझे लगता है कि मेरा देश नई ऊंचाईयों को पार करके रहेगा। सपनों को साकार करके रहेगा। और जिन सपनों को ले करके आजादी के दीवानों ने, आजादी की जंग लड़ी थी, उन सपनों को पूरा करने का वक्‍त अब शुरू हो चुका है। आइये, हम सब मिल करके भारत माता की जयकार का गान करते हुए उन सपनों को एक नई ऊर्जा दें, नयी ताकत दें, नया संकल्‍प करे। मेरी साथ बोलें -

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

बहुत-बहुत धन्‍यवाद।

'من کی بات ' کے لئے اپنے مشوروں سے نوازیں.
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PM Modi's message for SCO-CSTO Outreach Summit on Afghanistan
September 17, 2021
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The 21st meeting of the SCO Council of Heads of State was held on 17 September 2021 in Dushanbe in hybrid format.

The meeting was chaired by H.E. Emomali Rahmon, the President of Tajikistan.

Prime Minister Shri Narendra Modi addressed the Summit via video-link. At Dushanbe, India was represented by External Affairs Minister, Dr. S. Jaishankar.

In his address, Prime Minister highlighted the problems caused by growing radicalisation and extremism in the broader SCO region, which runs counter to the history of the region as a bastion of moderate and progressive cultures and values.

He noted that recent developments in Afghanistan could further exacerbate this trend towards extremism.

He suggested that SCO could work on an agenda to promote moderation and scientific and rational thought, which would be especially relevant for the youth of the region.

He also spoke about India's experience of using digital technologies in its development programmes, and offered to share these open-source solutions with other SCO members.

While speaking about the importance of building connectivity in the region, Prime Minister stressed that connectivity projects should be transparent, participatory and consultative, in order to promote mutual trust.

The SCO Summit was followed by an Outreach session on Afghanistan between SCO and the Collective Security Treaty Organisation (CSTO). Prime Minister participated in the outreach session through a video-message.

In the video message, Prime Minister suggested that SCO could develop a code of conduct on 'zero tolerance' towards terrorism in the region, and highlighted the risks of drugs, arms and human traficking from Afghanistan. Noting the humaniatrian crisis in Afghanistan, he reiterated India's solidarity with the Afghan people.