विशाल संख्‍या में पधारे हुए सभी प्‍यारे भाईयों और बहनों और विशेष रूप से महाराष्‍ट्र से आये मित्रों को भी नमस्कार,

बोले सो निहाल..सत् श्री अकाल! शहीदों..अमर रहो! शहीदो..अमर रहो! शहीदों..अमर रहो!

आज मेरे लिए बड़ी प्रेरक घड़ी है। एक नई प्रेरणा जिनका नाम कानों पर पड़ते ही देश के हर नागरिक को मिलती है ऐसे सरदार भगत सिंह जी, सुखदेव, राजगुरू, बटूकेश्‍वर दत्‍त और भगत‍ सिंह जी की माता जी, जिस धरती पर एक वीर माता के साथ भारत माँ के प्‍यारे लाड़ले चार वीरों की समाधि को नमन करने का मुझे अवसर प्राप्‍त हुआ है। यह पंजाब की धरती की विशेषता है। इस धरती ने, आजादी के जंग में सबसे ज्‍यादा बलिदान दिया है। देश की रक्षा के लिए सीमा पर मोर्चा संभालते हुए अनेक वीर जवानों ने शहादत दी है।..और देश को आगे बढ़ाने के लिए यहां के किसानों ने अपना पसीना बहाकर के देश के अन्‍न भंडार भर दिये। यह ऐसी धरती है, जहां आजादी के पहले भी यहां के लोग देश के लिए जिए और आजादी के बाद भी देश के लिए जी रहे हैं। मैं इस धरती को, यहां के सभी वीरों को, यहां के सभी वीर माताओं को आदरपूर्वक नमन करता हूं।

अंग्रेजों ने.. उनको भगत सिंह का भय कितना रहता था.. तय तो यह हुआ था कि 24 मार्च को भगत सिंह जी को फांसी दे दी जाएगी। लेकिन घबराई हुई अंग्रेजी सल्‍तनत ने सारे नियमों का उल्‍लंघन करते हुए, सारी परंपराओं को तोड़ते हुए, चोरी छिपे से सरदार भगत सिंह जी को फांसी दी। और इतना ही नहीं, वो शरीर उनके परिवारजनों को देने की बजाय लाहौर जेल से लाकर के यहां पर किसी भी सम्‍मान के बिना मिट्टी के तेल में और अगल-बगल से कूड़ा कचरा इकट्ठा करके उनके शरीर को जला देने का काम उस सल्‍तनत ने किया। यही धरती है, यहां पर उनका शरीर विलीन हो गया। मैं आज भगत सिंह, सुखदेव राजगुरू.. उन वीरों की उस महान परंपरा को प्रणाम करने आया हूं।

भाईयों-बहनों आज हिंदुस्‍तान में किसी एक नाम को सुनते ही हिंदुस्‍तान के हर कोने में जवान, वृद्ध सबको चेतना जग जाती है, प्रेरणा मिल जाती है, वो नाम है सरदार भगत सिंह। उस नाम में वो ताकत है, जो आज भी देश के नौजवानों को देश के लिए जीने-मरने की प्रेरणा देता है। ऐसे महापुरूषों ने बलिदान दिया, तब जाकर के देश आजाद हुआ। उनके सपनों को पूरा करना.. और उन सपनों को पूरा करने के लिए जैसा भारत उन्‍होंने चाहा था वैसा भारत बनाने के लिए हम जितना करे उतना कम है।

हमारा गांव आबाद हो, हमारा किसान खुशहाल हो, हमारे नौजवान को रोजगार हो, दलित, पीडि़त, शोषित, वंचित, गांव, गरीब, शहर के मजदूर, उनके जीवन में बदलाव आए। जब तक हम देश में यह बदलाव नहीं लाते हैं, तब तक देश के लिए बलिदान देने वाले महापुरूषों को सच्‍ची श्रद्धांजलि अधूरी रहेगी।

भाईयों-बहनों हमारा सपना भी है, हमारा कर्तव्‍य भी है कि हम इस भारत मां को सुजलाम, सुफलाम बनाए। यह भारत मां, यहां के नौजवान अपनी आशा-आकांक्षा के अनुरूप जीवन में नई ऊंचाईयों को पार कर सके, हरेक को अवसर मिले विकास का, ऐसे देश को नई ऊंचाईयों पर ले जाने का प्रयास, हम सबका दायित्‍व बनता है। तब जाकर के इन महापुरूषों को सच्‍ची श्रद्धांजलि होगी।

हमने सपना देखा है – 2022! जब भारत की आजादी के 75 साल पूरे होंगे। हमारे देश में 75 साल एक अमृत पर्व होता है। इस अमृत पर्व का विशेष महत्‍व होता है। क्‍या हम 2022 में जब अमृत पर्व मनाएं तब इस देश में कोई भी परिवार ऐसा न हो, जिसके पास रहने के लिए अपना घर न हो।

भाईयों-बहनों आज भगत सिंह जी की समाधि पर मैं आया हूं। उस महापुरूष के बलिदान को याद करता हूं और मन करता है जी-जान से जुट जाएं देश के गरीब से गरीब व्‍यक्ति को भी.. जब आजादी का अमृत पर्व मनाएं तब उसका अपना घर मिल जाए। 2019! महात्‍मा गांधी के 150 साल पूरे होंगे। महात्‍मा गांधी के 150 साल कैसे मनाएं? क्‍या हमारे देश के महापुरूषों को हम स्‍वच्‍छ भारत नजराने के रूप में नहीं दे सकते? क्‍या यह भारत के सवा सौ करोड़ नागरिकों की जिम्‍मेवारी नहीं है कि हमारी भारत माता जिसके लिए इतने लोगों ने बलिदान दिये उसे हम स्‍वच्‍छ तो रखे, साफ-सुथरी रखें इस दायित्‍व को हम निभाएं और स्‍वच्‍छ भारत का सपना महात्‍मा गांधी के 150 साल पूरा होने के अवसर पर हम पूरा करें। हर गांव, हर गली, हर गली, हर परिवार, हर कोई अपने दायित्‍व को निभाएं।

और आज 23 मार्च ! राम मनोहर लोहिया जी का भी जन्‍म जयंती का अवसर है। राम मनोहर लोहिया जी एक ऐसे राजपुरूष थे, जब वो राजनीतिक आंदोलन चलाते थे, तो अपनी विचारधारा के साथ-साथ एक बात का ख्‍याल रखते थे। वे स्‍वच्‍छता का आंदोलन अपनी जवानी में चलाए करते थे। राम मनोहर लोहिया स्‍वच्‍छता का आंदोलन लगातार चलाया करते थे। आज उनकी भी जयंती है, भगत सिंह की शहादत का पर्व है और भारत माता के लिए जीने वाले इन लोगों को जब याद करते हैं तब हमारी भारत माता स्‍वच्‍छ हो, विकास की नई ऊंचाईयों को पार करने वाला हर नागरिक को अवसर हो। इस दिशा में हम आगे बढ़ना चाहते हैं।

मेरे किसान भाईयों-बहनों पंजाब ने देश को भूख से बचाया है। देश को अन्‍न देने का पुण्‍य का काम पंजाब के किसान ने किया है लेकिन आज पंजाब में पानी जमीन में गहरा होता जा रहा है। Danger रेखा से भी नीचे चला गया है। पानी परमात्‍मा का दिया हुआ प्रसाद है। पानी को बचाए बिना, हम न खेती बचा सकते हैं, न जीवन बचा सकते हैं और इसलिए मैं पंजाब के किसान भाईयो-बहनों से आग्रह करूंगा कि हम फसल पैदा करे, आधुनिक विज्ञान का प्रयोग करें। Per drop more crop, micro irrigation, टपक सिंचाई हो, स्प्रिंक्‍लर हो। बहुत सारी चींजें आज विज्ञान ने स्‍वीकार की है। कभी-कभी जब तक हमारा किसान, खेत पानी से लबालब भरा न हो तब तक उसकी आंखों को चैन नहीं पड़ता। उसको लगता है कि पूरा खेत पानी से पूरी तरह भरा होगा, तभी फसल होगी।

मेरे किसान भाईयों-बहनों मैं भी गरीब परिवार का.. मैंने इन सारी चीजों को निकट से देखा है और इसलिए मैं आपको कहता हूं कि विज्ञान बदल चुका है और इसलिए मैं आपको एक छोटी सी बात बताऊं। अगर कोई बालक घर में बीमार रहता है, वजन नहीं बढ़ता है, चेहरे पर मुस्‍कान नजर नहीं आती है, दुबला-पतला रहता है और मां-बाप की इच्‍छा रहती है कि बेटा तंदरूस्‍त हो, वजन बढ़े, दौड़े-कूदे। मां-बाप ऐसे में बादाम, केसर, पिस्‍ता यह डालकर के बाल्‍टी भर दूध रोज, बाल्‍टी भर दूध से उस बच्‍चे को अगर नहला दें तो वजन बढ़ेगा क्‍या? चेहरे पर मुस्‍कान आएगी क्‍या? तबियत ठीक होगी क्‍या? आप भी जानते हैं नहीं होगी। केसर, पिस्‍ता, बादाम वाला दूध हो, बाल्‍टी भर दूध हो, रोज दूध से नहलाते हो, लेकिन उसके शरीर में कुछ नहीं होगा। लेकिन अगर समझदार मां-बाप चम्‍मच से, एक चम्‍मच दूध पिलाएंगे, रोज 10 चम्‍मच, 15 चम्‍मच, 20 चम्‍मच पिलाना शुरू कर देंगे, तो बच्‍चे का वजन बढ़ने लगेगा। शरीर तंदरूस्‍त होगा। जो स्‍वभाव बच्‍चे का होता है, वही स्‍वभाव फसल का होता है और इसलिए फसल को ढेर सारा पानी देने से फसल अच्‍छी होती है, ऐसे पुराने विचारों को छोड़ना पड़ेगा। बूंद-बूंद पानी पिलाना से फसल ज्‍यादा होगी, अच्‍छी होगी, कम जमीन में भी ज्‍यादा पैदावार होगी और तब जाकर के पंजाब में जो पानी नीचे चला जा रहा है, वो पानी ऊपर आएगा। मेरे भाईयों बहनों बरसात का पानी, बूंद-बूंद पानी बचाएंगे, जमीन में उसको वापस डालेंगे, तभी जाकर के पंजाब की पानी की समस्‍या का समाधान कर पाएंगे।

हमारे पास नहरों का इतना बड़ा नेटवर्क है, लेकिन जितनी मात्रा में पानी जाना चाहिए उतना जा नहीं रहा है। शुरू के इलाके में तो पानी पहुंचता है लेकिन नहर का जहां आखिरी इलाका है, वहां पानी नहीं पहुंचता। हमने एक योजना बनाई है-‘प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना’। इस योजना के तहत हमारा सपना है कि हिंदुस्‍तान के हर किसान के खेत तक पानी पहुंचाया जाए, नदियों को जोड़ा जाए, नहरों को ठीक किया जाए, नई नहरों को बनाया जाए। अगर किसान को पानी पहुंच गया तो मैं विश्‍वास दिलाता हूं मिट्टी में से सोना पैदा करने की ताकत मेरे किसान भाईयों-बहनों में हैं और वो हिंदुस्‍तान के आर्थिक स्थिति को बदल सकते हैं। उस काम की और हमें जाना है।

मुझे आज मेरे किसान भाईयों-बहनों को मेरी एक चिंता भी मुझे बतानी है और वो चिंता.. मैं देख रहा हूं कि ज्‍यादा फसल के मोह में आज हम ऐसी-ऐसी गलतियां कर रहे हैं कि जिसके कारण हमारी जमीन बर्बाद हो गई है। जमीन अपनी ताकत खो रही है। अगर धरती माता अपनी ताकत खो देगी तो इस धरती पर पलने वाले बच्‍चों का पालन-पोषण कैसे होगा। हम जिस प्रकार से Chemical Fertilizer का उपयोग करते हैं.. पंजाब का क्‍या हाल करके रखा है किसान भाईयों-बहनों हमने! कितनी मात्रा में, कौन सा खाद डालना चाहिए.. हम कैसी बड़ी गलती कर रहे हैं। वैज्ञानिकों का कहना है, विज्ञान में सिद्ध हुआ है कि जितना पोटाश का उपयोग करते हैं उससे चार गुना से ज्‍यादा नाइट्रोजन का उपयोग फसल भी बर्बाद करता है, जमीन भी बर्बाद करता है। चार गुना से कम नाइट्रोजन उपयोग करना चाहिए लेकिन हमारे पंजाब में कितना उपयोग होता है, आपको मालूम है? 57 गुना! आप कल्‍पना कर सकते हैं जैसे परिवार में दवाई देनी है, लेकिन ज्‍यादा dose दे दें तो मौत भी हो जाती है वैसे नाइट्रोजन इतना गुना डालने के कारण हमारी फसल और हमारी जमीन सबको हम बर्बाद कर देते हैं। मैं पंजाब के किसानों से आग्रह करता हूं कि आप देश को दिशा दीजिए, आप देश का नेतृत्‍व कीजिए और तय कीजिए कि जितने अनुपात में Fertilizer चाहिए उससे ज्‍यादा डालने का पाप हम नहीं करेंगे, हम ऐसी गलती नहीं करेंगे। इतना ही नहीं पोटाश से फास्‍फोरस डब्‍बल से ज्‍यादा उपयोग नहीं करना चाहिए, वरना खेती बर्बाद हो जाती है। लेकिन हम क्‍या करते हैं, पंजाब के अंदर पोटास से फास्‍फोरस का उपयोग 13 गुना करते हैं। जबकि दो गुना से ज्‍यादा नहीं करना चाहिए। मुझे बताइये मेरे किसान बहनों-भाईयों कि पंजाब, पंजाब का गांव, पंजाब का किसान, पंजाब की फसल जिस पर पूरा हिंदुस्‍तान जी रहा है अगर वही बर्बाद हो जाएगा तो पूरा देश भूख मर जाएगा और इसलिए मेरे किसान भाईयों-बहनों मैं आपसे आग्रह करने आया हूं कि आप विज्ञान, आधुनिक यंत्र.. और जिसमें सरकार पूरी मदद करती है.. आप इसका सही उपयोग करें। इसका दुरूपयोग तत्‍काल तो हमें अच्‍छा लगता है, लेकिन लम्‍बे समय के लिए हमारा बहुत नुकसान करता है और इसलिए मेरे किसान भाईयों-बहनों इससे बचकर रहना चाहिए यह मैं विशेष रूप से आग्रह करना चाहता हूं।

सरकार ने किसानों के लिए एक महत्‍वपूर्ण योजना बनाई है। इस योजना को हमने लागू किया है और आप तक हम पहुंचाना चाहते हैं और वो है – Soil Health Card. जैसे नागरिक का Health Card होता है, उसका शरीर कैसा, Blood कैसा, तबियत कैसी है, कमियां क्‍या है, वो सब Health Card से पता चलता है। वैसा ही जैसे इंसान के शरीर का स्‍वभाव है, वैसा ही जमीन का भी स्‍वभाव है। जमीन को भी बीमारियां होती है, जमीन में भी कमियां होती हैं लेकिन हमें पता नहीं होता और उसके कारण हम.. जमीन का किसके लिए उपयोग करना चाहिए, नहीं कर पाते। इस बात को समझाने के लिए गांव-गांव किसानों को Soil Health Card देने की सरकार ने योजना बनाई है। आपकी जमीन कैसी है, आपकी जमीन की तबियत कैसी है, आपकी जमीन में कौन सी कमियां है, आपकी जमीन में कौन सी फसल अच्‍छी हो सकती है, आपको अगर दवाई डालनी है तो कौन सी दवाई की जरूरत है, आपको अगर Fertilizer डालना है तो कौन सा Fertilizer डालना है, कितना डालना है यह सारी बातें Soil Health Card से पता चलती हैं और यदि किसान Soil Health Card से योजना करके चलता है तो मैं विश्‍वास दिलाता हूं मेरे किसान बहनों-भाईयों छोटे किसान को भी साल का 40-50 रुपया, जो ज्ञान के अभाव के रूप में फालतू में खर्चा होता है, वो बच जाएगा। मेरे किसान को बहुत बड़ा फायदा होगा। इसलिए यह बहुत बडा काम पूरे देश में हमने चलाया है Soil Health Card का। और मुझे विश्‍वास है कि हमारे पंजाब के किसान भी इस बात की चिंता करेंगे।

मेरे किसान भाईयों बहनों एक तो पिछले साल बारिश कम हुई। हिंदुस्‍तान के कई राज्‍यों में कम बारिश के कारण किसानों को नुकसान हुआ, कहीं पर सूखा पड़ा गया और ऊपर से अभी-अभी ओले गिरे। मैं जानता हूं कि किसानों पर कितनी बड़ी आपत्ति आई होगी। मैंने भारत सरकार के अधिकारियों को, मंत्रियों को आदेश दिए हैं, सर्वे का काम शुरू हुआ है, राज्य सरकार और भारत सरकार मिलकर के आपके इस संकट की घड़ी में आपके साथ हैं। आपको जो नुकसान हुआ है.. हमारा किसान टिक सके.. जितनी भी मदद सरकार कर सकती है उसमें सरकार किसी भी हालत में पीछे नहीं रहेगी। यह मैं आपको विश्‍वास दिलाना चाहता हूं।

मेरे भाईयों-बहनों आज जब मैं सरदार भगत सिंह जी की शाहदत के इस पावन पर्व पर, इस पवित्र धरती पर आया हूं, तब मैं.. सरकार ने बजट में घोषणा की है.. क्‍योंकि पंजाब और किसान का अटूट नाता है और इसलिए अमृतसर में किसानों के लिए उपयोगी हो ऐसी Institute for Horticulture Education इसका आरंभ किया जाएगा और आज मैं जब यहां आया हूं तब इस नये Institute को हम सरदार भगत सिंह Post Graduate Institute for Horticulture Research and Education इस रूप में निर्माण करेंगे ताकि पंजाब किसान की जो नई पीढ़ी है उसके कारण उसको लाभ मिलेगा।

भाईयों बहनों भारत सरकार की यह सोच है कि अगर देश को आगे बढ़ाना है तो राज्‍यों को आगे बढ़ाना पड़ेगा। अगर हमारे राज्‍य मजबूत नहीं होंगे तो देश मजबूत नहीं होगा। अगर राज्‍य आगे नहीं बढ़ेंगें तो देश आगे नहीं बढ़ेगा और इसलिए हमारी सरकार की हर योजना राज्‍यों को मजबूत बनाने के लिए है। अभी इस बार 14th Finance Commission की रिपोर्ट के आधार पर अकेले पंजाब को कितना बड़ा लाभ होने वाला है। पंजाब इन रुपयों का सही इस्‍तेमाल करके कितना आगे बढ़ सकता है इसका मैं भली-भांति अंदाज कर सकता हूं और मुझे विश्‍वास है कि बादल साहब के नेतृत्‍व में प्रगतिशील निर्णयों के द्वारा पंजाब के जीवन को बदलने में यह रकम बहुत काम आने वाली है। पहले पिछली पंचवर्षीय योजना में भारत सरकार की तरफ से पंचवर्षीय योजना के तहत पंजाब को 20 हजार करोड़ रुपये मिले थे। भाईयों-बहनों आने वाले पांच साल के लिए यह रकम बढा़कर के 54 हजार करोड़ रुपये कर दी जाएगी, डबल से भी ज्‍यादा। इतना ही नहीं पंचायत और नगरपालिकाओं के लिए भारत सरकार ने पहले चार हजार करोड़ रुपया दिया था, इस बार हमने वो रकम बढा़कर के छह हजार करोड़ रुपये कर दी। जिसके कारण गांव के व्‍यक्ति को भी इसका फायदा पहुंचाने में काम आ जाएगी। इस बार भी पहले की तुलना में करीब-करीब चार हजार करोड़ रुपया ज्‍यादा, अतिरिक्‍त चार हजार रुपया पंजाब के विकास के लिए भारत सरकार की तिजोरी से आने वाला है।

स्थिति ऐसी हो गई है.. एक जमाना था कि दिल्‍ली के खजाने में देश की सभी तिजौरियों का करीब 60-65 प्रतिशत पैसा रहता था। राज्‍यों के पास 35-40 प्रतिशत रहता था। हमारे आने के बाद चित्र हमने बदल दिया है। अब राज्‍यों के पास करीब-करीब 60-62 प्रतिशत राशि रहेगी और केंद्र के पास सिर्फ 38% राशि रहेगी और राज्‍य मजबूत होंगे। राज्‍य विकास की नई ऊंचाईयों को पार करेंगे। उस दिशा में हम काम कर रहे हैं।

यहां पर रास्‍ते बनाने के लिए भारत सरकार की जो योजनाएं हैं.. रेल को बढ़ाने के लिए.. आज मेरे लिए खुशी की बात है कि अमृतसर से आनंदपुर साहब रेलवे की योजना का साकार रूप हमारे सामने खड़ा हुआ है। यह गर्व की बात है। आनंदपुर साहब यात्रियों के लिए एक मुख्‍य धाम है और किसी को भी हिमाचल में भी किसी जगह जाना है तो आनंदपुर साहब से ही जाते हैं। चिंतपुरणी जाना है, ज्‍वालाजी जाना है तो यहीं से जाते हैं। इस पूरे इलाके को इसका लाभ मिलने वाला है। एक प्रकार से विकास की नई ऊंचाईयों को पार करने की दिशा में हम लगातार प्रयासरत है।

..और मैं आपको विश्‍वास दिलाता हूं, मेरे पंजाब के किसान भाईयों-बहनों, आपने कभी सोचा था.. किसान 60 साल के बाद.. उसको कभी पेंशन मिल सकता है। सरकारी मुलाजिम को तो पेंशन मिल जाता है। किसान को पेंशन मिल सकता है क्‍या? 60 साल के बाद हर महीना उसको चैक मिल सकता है क्‍या? मेरे किसान भाईयों-बहनों इस बार भारत सरकार ने एक योजना बनाई है जिसमें Public Private Partnership के modal पर.. किसान को.. 60 साल के बाद अगर वो इस योजना से जुड़ जाता है, तो उसको हर महीना पांच हजार रुपया पेंशन की राशि मिल सकती है। हमारे देश के किसान का बुढ़ापा भी सुख, शांति और गौरव से बीते उस दिशा में काम करने का एक अहम कदम इस बार हमने बजट में उठाया है।

भाईयों-बहनों इन दिनों किसान को गुमराह करने के लिए भांति-भांति के प्रयास हुए हैं। कल मैंने रेडियो पर मेरी “मन की बात” में, किसानों ने जितने सवाल पूछे थे, सारे सवालों के मैंने जवाब दिये और मैं किसानों को विश्‍वास दिलाता हूं कि अगर इस देश को आगे बढ़ना है तो किसान की रक्षा करनी होगी, गांव का भला करना होगा, लेकिन साथ-साथ किसान के बेटों के लिए भी चिंता करनी होगी। किसान के बेटे को रोजगार चाहिए। आज सेना में जितने जवान हैं वो कौन है? 80% से ज्‍यादा जवान किसान मां-बाप के बेटे हैं। किसान अपने बेटे को सेना में भर्ती करता है, युद्ध के लिए भेजता है। उसे मालूम है कि अगर परिवार में तीन बच्‍चे हैं तो तीनों का जीवन आज खेती से गुजरता नहीं है। हर किसान को पूछो कि भई आपके तीन बेटे हैं क्‍या चाहते हो? हर किसान कहता है – एक बेटा तो खेती करेगा लेकिन दो को तो कहीं भेजना चाहता हूं, कहीं नौकरी कर ले, रोजी-रोटी कमा ले, पढ़-लिख करके अपना करोबार चला ले। हर किसान की यह चिंता है। अगर विकास नहीं होगा तो किसान के बच्‍चों का क्‍या होगा? क्‍या मेरे किसान के बच्‍चे दिल्‍ली और मुंबई की झुग्‍गी-झोपड़ी में जिंदगी गुजारने के लिए मजबूर होने चाहिए?

किसान के बच्‍चों को भी रोजगार चाहिए, किसान के बेटों का भी भला होना चाहिए और इसलिए मेरे भाईयों-बहनों हमारी सरकार किसान का तो भला चाहती है, गांव का भी भला चाहती है, किसान के बच्‍चों का भी भला चाहती है। इस तरह एक लम्‍बी सोच के साथ, देश के विकास की ओर आगे बढ़ने की दिशा में हमने प्रयास किया है। आज वीर सरदार भगत सिंह जी के आशीर्वाद मिले, सुखदेव-राजगुरू के आशीर्वाद मिले, भगत‍ सिंह जी की माता जी के आशीर्वाद मिले, हमारा देश विकास की नई ऊंचाईयों को पार करे और नई ऊंचाईयों को पार करते-करते हम आगे बढ़े।

भाईयों बहनों हमारे देश को भ्रष्‍टाचार ने तबाह कर दिया, बर्बाद कर दिया। कैसा-कैसा भ्रष्‍टाचार हुआ है! मैं आपको बताना चाहता हूं.. कोयला.. जब मैं यहां चुनाव में आया था और कोयले की चोरी की बात कर रहा था तो हमारे पुराने लोग जो सरकार में बैठे थे, वे गुस्‍सा हो जाते थे। सीएजी ने कहा था एक लाख 76 हजार करोड़ रुपया, अकेले कोयले में घोटाला हुआ है। यह आंकड़ा इतना बड़ा था कि लोगों के गले नहीं उतरता था। लोगों को यह तो लगता था कि भ्रष्‍टाचार तो किया होगा इनकी आदत है, लेकिन इतना नहीं हो सकता। ऐसा लोग सोचते थे। कुछ लोग तो ऐसे थे जो कहते थे - जीरो थ्‍योरी, जीरो थ्‍योरी। एक नये पैसे का घोटाला नहीं हुआ यह कहते थे। भाईयों बहनों 204 कोयले की खदान भ्रष्‍टाचार के कारण गुस्‍से में आकर के सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दी। अब हमारे आते ही यह हुआ।

पाप उन्‍होंने किया था.. बिजली कारखाने बंद हो जाने की नौबत आ गई। कारखानों में कोयला नहीं जाएगा तो कारखाने बंद हो जाएंगे ऐसी स्थिति पैदा हो गई। लेकिन हमने ईमानदारी की, पारदर्शिता की, नीतियों की योजना की और हमने तय किया कि हम सार्वजनिक रूप से Auction करेंगे, नीलामी करेंगे। और जो भी लेना चाहता है वो नीलामी में बोले पैसा, जो ज्‍यादा पैसा देगा, उसको मिलेगा। भाईयों बहनों क्‍या हुआ! 204 में से अब तक सिर्फ 20 खदानों की नीलामी हुई है, अभी तो 180 खदानों की नीलामी बाकी है। 204 खदानों में एक लाख 76 हजार करोड़ के घोटाले की बात थी। लेकिन यह घोटाला तो उससे भी बड़ा निकला। 204 में से सिर्फ 20 की नीलामी हुई है और आपको जानकर के आनंद होगा कि दिल्‍ली में आपने ईमानदार सरकार बिठाई है। उसका परिणाम यह हुआ है कि अब तक करीब-करीब दो लाख करोड़ रुपया सरकारी खजाने में आना तय हो चुका है। 180 खदान बाकी हैं। सब खदाने जाएंगी तो कितना बड़ा भंडार मिलेगा, यह रुपया किसके काम आएगा? गांव के काम आएगा, गरीब के काम आएगा, किसान के काम आएगा। देश विकास की नई ऊंचाईयों पर जाएगा।

कोयला छोडि़ए, इन्‍होंने कोई जगह पाप करने के लिए छोड़ी नहीं भाईयों। सरदार भगत‍ सिंह जी आत्‍मा दुखी होती होगी इन लोगों के कारण। LED Bulb! बिजली बचाने के लिए LED Bulb लगाने की बात है। आपको मालूम है 2014 में सरकार ने LED Bulb कितने रुपये में खरीदे। करीब-करीब 300 रुपयों में एक बल्‍ब खरीदा। हमने उसमें गहराई से काम किया, Department को लगाया, व्‍यापक रूप से काम किया। कंपनियों को भी दबाया। कोई रुपया-पैसा देने की बात बंद करो, गरीब का भला करो और आपको जानकर के खुशी होगी कि जो LED का Bulb एक साल पहले कुछ सरकारों ने 300 रुपये में खरीदा था आज उसकी कीमत 80 रुपये में हमने लाकर के रख दी। एक बल्‍ब पर दो सौ-सवा दौ सौ रुपये, चोरी होते थे। करोड़ा बल्‍ब जाएंगे तो कितने रुपये जाते होंगे। भाईयों बहनों आपने हमें ईमानदारी के लिए बिठाया है, ईमानदारी से काम करने के लिए बिठाया है और उसका परिणाम है कि आज 300 रुपये में बिकने वाला बल्‍ब.. जो भ्रष्‍टाचार के कारण रुपये खाए जाते थे, हमने उसकी कीमत 80-85 रुपया लाकर के रख दी है। सरकार 80-85 रुपये में खरीदेगी और LED का Bulb पहुंचेगा और उसके कारण गरीब से गरीब के घर में बिजली की बचत होगी। किसी का 200 रुपये बचेगा, किसी का 400 रुपये बचेगा। गरीब का हमें आशीर्वाद मिलेगा।

भाईयों बहनों ईमानदारी, देशभक्ति, अगर काम करने का जज्‍बा लेकर के.. सिर्फ देश के लिए जीना, सिर्फ देश के लिए मरना इस संकल्‍प को लेकर के चलते हैं तो कितने उत्‍तम परिणाम आते हैं यह आपके सामने मौजूद है। मैं फिर एक बार.. बादल साहब ने जितने विषय रखे हैं उन सभी बातों पर भारत सरकार गंभीरता से सोचेगी, उनके साथ भी मैं विस्‍तार से बातें करूंगा और भारत सरकार पंजाब के लिए जितना ज्‍यादा कर सकती है करने में कभी पीछे नहीं रहेगी।

मेरा तो पंजाब से अनेक रूप से नाता है। एक तो मैं यहां कई वर्षों तक रहा हूं। एक प्रकार से मेरी शिक्षा-दीक्षा, राजनीतिक शिक्षा-दीक्षा का अवसर मुझे बादल साहब की उंगली पकड़कर के सीखने का मुझे अवसर मिला है। यह मेरा सौभाग्‍य रहा है। दूसरी बात, मेरा जन्‍म गुजरात में हुआ है और जो पहले पंच प्‍यारे थे, उन पहले पंच प्‍यारों में एक गुजरात के द्वारका का था और इसलिए मेरा तो आपके साथ खून का नाता है। इसलिए पंजाब के लिए मैं जो कुछ भी कर सकता हूं, मुझे करने में खुशी होगी। यह कर्ज चुकाने का अवसर मुझे मिला है। मैं उसे चुकाकर रहूंगा।

इसी एक बात के साथ फिर एक बार मेरे साथ पूरी ताकत से बोलिये – शहीदो..अमर रहो! शहीदों..अमर रहो! शहीदो..अमर रहो! धन्यवाद।

Explore More
No ifs and buts in anybody's mind about India’s capabilities: PM Modi on 77th Independence Day at Red Fort

Popular Speeches

No ifs and buts in anybody's mind about India’s capabilities: PM Modi on 77th Independence Day at Red Fort
India is a top-tier security partner, says Australia’s new national defence strategy

Media Coverage

India is a top-tier security partner, says Australia’s new national defence strategy
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
It is my mission to make sure water reaches every house & farmer in the country: PM Modi in Jalore
April 21, 2024
It is my mission to make sure water reaches every house and farmer in the country: PM Modi in Rajasthan's Jalore
Congress hollowed the country by spreading the termite of 'Parivarwad' and corruption: PM Modi
We have to elevate the development of Rajasthan and the progress of the nation to new heights: PM Modi in Jalore

नमस्कार।
भारत माता की जय
भारत माता की जय
भारत माता की जय

जालौर आना मतलब हम गुजरात वालों को लगता है अपने घर गए हैं। पार्टी का काम करता था तब भी और गुजरात का मुख्यमंत्री था, तब भी आप सबके बीच आने का अवसर मिला है। कई परिवारों से भी मेरा परिचय रहा है, आज सब नजर आ रहे हैं आज, यहां सब नजर आ रहे हैं आज। मुझे याद है कि यहां के परिवारों से गप्प मारते थे तो बोलते थे, वे एक कहावत सुनाते थे। और बड़े गर्व के साथ कहते थे...
आभ फटै घर ऊलटै,
कटै बख्तरां कोर।
शीश कटै, धड़ लड़फड़ै,
जद छुटै जालौर।

यानि चाहे आसमान फट जाये, धरती पलट जाए, सुरक्षा का कवच फट जाए, शीश कटे, धड़ तड़पे, लेकिन जालौर नहीं छूटता। भाजपा और जालौर-सिरोही का रिश्ता भी इतना ही निकट है। आपने हर बार भाजपा को भरपूर आशीर्वाद दिया है। और इस बार भी जालौर-सिरोही यही कह रहा है-फिर एक बार...मोदी सरकार ! फिर एक बार...मोदी सरकार ! फिर एक बार...मोदी सरकार !

भाइयों और बहनों,

पहले चरण के मतदान में आधे राजस्थान ने कांग्रेस को बराबर की सजा दी है, उनको बराबर का सबक सिखाया है। राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत राजस्थान ये जानता है कि कांग्रेस कभी मजबूत भारत नहीं बना सकती। देश को ऐसी कांग्रेस सरकार नहीं चाहिए, देश को 2014 से पहले जैसे हालात थे , वो हालात वापस नहीं चाहिए। कांग्रेस की कमज़ोर सरकार को आने-जाने वाले लोग भी धमकाते थे। और हर कोई देश को लूटने में जुटा था। प्रधानमंत्री को कोई पूछता ही नहीं था, सरकार रिमोट कंट्रोल से चला करती थी। कैबिनेट से पास हुए अध्यादेश, आप कल्पना करिए कैबिनेट ने जो निर्णय पास किया हो, देश की संवैधानिक संस्था ने जो निर्णय पास किया हो। उसको उनकी पार्टी के एक नेता मीडिया की मीटिंग बुला करके फाड़ के फेंक देते थे। क्या ऐसी दुर्बल अवस्था देश को मजबूत बना सकती है क्या। आप मुझे बताइए, अस्थिरता की प्रतीक कांग्रेस और उनका कुनबा देश चला सकता है क्या।

साथियों,

आज कांग्रेस पार्टी की जो हालत हुई है, उसकी गुनहगार वो खुद है। अब देखिए, आपके यहां से राज्यसभा में कांग्रेस के एक नेता दक्षिण के हैं उनको भेजा। क्या उन्होंने राजस्थान के लिए एक बार भी राजस्थान की बात कही है, नहीं कही है। आपने बड़ी उदारतापूर्वक भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी के सम्मान में उनको भी राज्यसभा में भेजा। हलांकि काफी समय तक बीमार रहे। लेकिन क्या कभी राजस्थान में फिर से उनको देखा। और अब एक दूसरे नेता को पहुंचाने की कोशिश की आपने राज्यसभा में, जो लोग चुनाव नहीं लड़ सकते। चुनाव जीत नहीं सकते। मैदान से भाग गए। इस बार राजस्थान से राज्यसभा में आए हैं। कांग्रेस की हालत बहुत खराब है भाई। कांग्रेस ने देश पर 60 वर्षों तक राज किया। इसी कांग्रेस ने हमारी माताओं बहनों को शौचालय, गैस, बिजली, पानी बैंक अकाउंट जैसी छोटी-छोटी चीजों के लिए तरसाया।इसी कांग्रेस ने परिवारवाद और भ्रष्टाचार का दीमक फैलाकर देश को खोखला कर दिया। इन्हीं पापों की सजा देश कांग्रेस को दे रहा है। और देश का युवा इतना गुस्से में है कि वो कांग्रेस का मुंह नहीं देखना चाहता। जिस पार्टी ने कभी 400 सीट जीती थी, देखिए उनकी हालत, उसके लिए आज 300 सीटों पर लड़ना भी मुश्किल हो रहा है। कांग्रेस को उम्मीदवार तक नहीं मिल रहे हैं। इन्होंने जो अवसरवादी इंडी अलायंस बना लिया है, उसकी पतंग उड़ने से पहले ही कट गई है। कहने को तो गठबंधन है, और की राज्य हैं ये गठबंधन वाले आपस में ही भिड़े हुए हैं। इस लोकसभा चुनाव में 25 प्रतिशत सीटें ऐसी हैं, जहां ये लोग एक दूसरे को मारने-काटने में जुटे हैं, एक दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। चुनाव के पहले इतनी लड़ाई चल रही है , तो चुनाव के बाद लूट के लिए कितना लड़ाई लड़ेंगे, इसकी कल्पना कर सकते हैं। और इसलिए मैं फिर पूछूंगा, क्या ऐसे लोगों को इतना बड़ा देश सूपूर्द कर सकते हैं क्या। ऐसे लोगों को देश सूपूर्द कर सकते हैं क्या। अरे आप के घर में गाड़ी हो ना, तो भी किसी ऐरे-गैरे के हाथ में नहीं दे सकते हो भाई। देते हो क्या 50 बार सोचते हो ये कहां पहुंचाएगा।

भाइयों-बहनों,

आप सब जानते हैं, मुझे भली भांति जानते हैं, मेरा बचपन जानते हैं। मैं भी आप ही की तरह एक सामान्य परिवार से आता हूं। मैंने भी परिवार में देखा है ना बिजली होती थी, ना पानी होता था। घर के रसोई का चूल्हा धुएं से भर जाता था। बचपन ऐसे ही बीता लेकिन आज यहां पहुंचा हूं तो मेरे दिल में यही रहता है की बचपन में जो मैंने अपनी मां को भुगतते देखा है। मैं ऐसी कठिनाई देश की एक भी माता-बहन को नहीं देखना चाहता। इसलिए मैं आपके बेटे की तरह, मेरी माताएं- बहने आपके एक भाई की तरह आपके दुख दर्द को मिटाने के लिए दिन-रात दौड़ रहा हूं। अभी तक राजस्थान के करीब 19 लाख गरीब, दलित, पिछड़े, आदिवासी परिवारों के पक्के घर बन चुके हैं। वो लोग पक्के घर में रहने चले गए हैं और इसमें से करीब 1 लाख पक्के घर यहीं जालौर-सिरोही में बने हैं। एक घर बनाना होता है तो कितनी तकलीफ होती है आप जानते हैं। अकेले इस इलाके में मोदी ने गरीबों के लिए 1 लाख पक्के घर बना कर दे दिए। इसलिए नहीं की पैसे है तो काम हो, दिल में एक दर्द पड़ा हुआ है, संवेदना पड़ी हुई है। इसलिए मोदी ये काम करने के लिए लालायित रहता है।

अब आपको मेरा एक काम करना है। ऐसे नहीं हाथ ऊपर कर बताइए, देखिए चुनाव में आप घर-घर मिलने जाते होंगे चुनाव की चर्चाएं होती होंगी। हमने इतने घर बनाए, नल से जल दिया, गैस का कनेक्शन दिया। लेकिन हो सकता है. कुछ लोगों को घर मिलना बाकी हो। कुछ लोग परिवार में पहले एक साथ रहते थे। अब अलग-अलग रहने लगे, उसके पास घर नहीं है। तो मेरा एक काम करना, आपको ऐसे जो लोग ध्यान में आए, जो इस योजना के हकदार हैं, लेकिन उनको अभी तक मिला नहीं है। मोदी की तरफ से उनको गारंटी दे देना मोदी तीसरी बार आएगा। घर पक्का मिलेगा। कह देंगे। कह देंगे। मेरे लिए तो आप ही मोदी हैं। आप बोल करके आ जाना, मोदी उसको पूरा करेगा। और आप यह भी कह देना माताओं-बहनों को यह जो 3 करोड़ में नए घर बनने वाले हैं, उनमें उनका नंबर लगेगा ही लगेगा। उस परीवार की माता-बहनों को कहना, मोदी जो घर देगा ना उस परिवार की माताओं या बहन के नाम पर देगा, यह भी बता देना।

साथियों,

आयुष्मान भारत के तहत मिल रहे मुफ्त इलाज का फायदा भी पूरे देश में मिलता है। अब मोदी ने गारंटी दी है कि हर परिवार में जो बुज़ुर्ग हैं, हर परिवार में कोई भी बाकी नहीं रहेगा। जो यहां बैठे हुए हैं उनका भी हर परिवार है, जिसके घर में 70 साल से ऊपर की आयु के लोग हैं। बुजुर्ग माता है, पिता है, दादा है, दादी है, नाना है, नानी है, चाचा है, चाची है। जो भी हो उनको कह देना की दिल्ली में आपका एक बेटा बैठा है। 70 साल से ऊपर के ऐसे सभी बुजुर्गों की बीमारी में इलाज के लिए 5 लाख रुपए तक का खर्च आपका बेटा करेगा। बता देना और यह मोदी की गारंटी। ये गारंटी भी मैंने इसलिए दी है, क्योंकि एक बेटे के रूप में मां-बाप की सेहत का ध्यान रखना, जैसे आपका दायित्व है ना मैं भी तो बुजुर्गों का बेटा हूं, मेरा भी दायित्व है। शुरुआती इलाज के लिए आपको ज्यादा दूर न जाना पड़े इसके लिए राजस्थान में 10 हज़ार आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाए गए हैं। सिरोही में मेडिकल कॉलेज बनने से बहुत फायदा हुआ है। जालौर में भी मेडिकल कॉलेज बनकर जल्द तैयार होगा। मोदी का मिशन है कि देश के हर जिले में कम से कम एक मेडिकल कॉलेज जरूर हो। हर जगह मेडिकल कॉलेज हो ताकि उस जगह के लोगों को पढ़ाई के लिए मौका मिले।

भाइयों और बहनों,

जब यहां मैं आपसे बात करने के लिए आता हूं और यह सच है कि चुनाव है और मैं आपका आशीर्वाद लेने आया हूं। इतनी धूप में आप आए हैं तो आशीर्वाद देने में कोई कमी नहीं रखेंगे। यह तो मुझे पता है। इसलिए मोदी के गारंटी है कि आपका सपना ही मेरा संकल्प है। मेरा पल-पल आपके नाम, मेरा पल-पल देश के नाम। अब देखिए, कोरोना का महासंकट आया। एक तरफ हमने जीवन बचाने के लिए हर परिवार को मुफ्त टीका लगाया तो दूसरी तरफ, मुफ्त राशन की योजना लागू की। और आने वाले पांच बरस ये चलती रहेगी ताकि गरीब का चूल्हा जलता रहे, गरीब का बच्चा भूखा सो ना जाए। इसका बहुत बड़ा फायदा गरीब परिवार को हुआ है। हमने वन नेशन वन राशन कार्ड योजना बनाई। इसका सबसे बड़ा लाभ हमारे प्रवासी परिवार को हुआ है। हमारे राजस्थान में तो हर गांव से कोई नौकरी के लिए कोई बाहर रहता है। राशन कार्ड की समस्या रहती थी। बच्चा वहां चला जाए। मां-बाप यहां रहे कौन सा राशन कार्ड कहां चलेगा, तो हमने बना दिया, वन नेशन वन राशन कार्ड, वो जहां भी जाएगा, वहां से भी उसको राशन मिलेगा। उसका परिवार यहां होगा। उसको भी राशन मिलेगा। फिर परिवार का जो सदस्य गांव में है, उसको भी फायदा मिल रहा है और इस कार्ड पर प्रवासी कामगार के लिए भी कोई गया है। उसको भी लाभ मिल रहा है।

भाइयों बहनों.

राजस्थान मैंने जब से यहां आना शुरू किया, कोई भी ऐसा समय नहीं जब मैंने पानी के विषय में सुना ना हो। अभी मैं बैठा था, तो हमारे उम्मीदवार महोदय, तुरंत बोले, मोदी जी पानी मेरी पहली बड़ी काम है। और ये राजस्थान है, यहां तो पानी के लिए जीवन समर्पित करने वाले लाखा बंजारा की बात घर घर की जाती है। आपके इस सेवक ने भी किसान के हर खेत और हर बहन के घर तक पानी पहुंचाना अपना मिशन बनाया है। इतिहास में पहली बार जल जीवन मिशन जैसा कार्यक्रम चल रहा है। सिर्फ 5 वर्षों में ही देश में 11 करोड़ से अधिक नए परिवारों को नल से जल दिया जा चुका है। लेकिन अफसोस है कि इसी दौरान राजस्थान में 5 साल तक कांग्रेस की सरकार रही। उसने सिर्फ पानी की योजना में घोटाला किया, काम नहीं किया। अब हमारी भजनलाल जी की सरकार आई है तो वो इस घोटाले की जांच करा रही है। अगर यहां कांग्रेस सरकार न होती, तो अब तक हम हर घर जल के लक्ष्य के बहुत निकट पहुंच चुके होते। अब भजनलाल शर्मा जी के नेतृत्व में हम हर घर पाइप से पानी पहुंचाने के लिए तेजी से काम कर रहे हैं।

भाइयों और बहनों,

कांग्रेस की कभी नीयत ही नहीं रही कि किसानों को, यहां के लोगों को पानी मिले, उनके जीवन का सबसे बड़ा संकट समाप्त हो। इसका एक उदाहरण ये सालगांव बांध परियोजना भी है। ये परियोजना साढ़े 4 दशक पहले तब बनी थी, जब हर जगह कांग्रेस ही कांग्रेस थी। लेकिन ये कभी ज़मीन पर नहीं उतर पाई। अगर ये बांध समय पर बनता तो 30 लाख रुपए से भी कम में बन जाता। आज इसकी लागत 250 करोड़ तक पहुंच चुकी है। अब भाजपा सरकार इसे तेजी से पूरा करने के संकल्प के साथ काम कर रही है।

साथियों,

गुजरात में सरदार सरोवर बांध नर्मदा नदी पर पंडित नेहरू ने उसका शिलान्यास किया था। फिर कांग्रेस ने ऐसे लटकाए रखा, ऐसे लटकाए रखा, कि मोदी ने आकर पूरा किया। कितने साल हो गए। मुझे उपवास पर बैठना पड़ा था। मैं मुख्यमंत्री था। मुझे मनमोहन जी की सरकार के सामने नर्मदा बांध को लेकर उपवास पर बैठना पड़ा था, क्योंकि मुझे मेरे गुजरात को भी पानी देना था। मेरे राजस्थान को भी पानी देने थे। इसलिए मैंने उपवास किए थे और तब मैं वहां सुजलाम-सुफलाम योजना चलाई थी। कोशिश यही थी कि कडाना बांध से पानी किसान के खेतों तक पहुंचे। मुझे खुशी है कि हमारे प्रयासों से आज नर्मदा का पानी बाड़मेर और जालौर जिले के भी डेढ़ हजार से अधिक गांवों तक पहुंचा है। फर्क देखिए यह भारतीय जनता पार्टी के चरित्र का फर्क है। हिंदुस्तान में बहुत सारे राज्य हैं, जो पानी के लिए एक दूसरे से लड़ाई लड़ रहा है और पानी समुद्र में जाता है। राजस्थान में पानी पहुंचा क्योंकि गुजरात में भाजपा की सरकार थी। राजस्थान को कोई आंदोलन नहीं करना। राजस्थान को आवेदन पत्र देने के लिए गांधीनगर नहीं आना पड़ा कि मैं अपना कर्तव्य मानता था। पानी की जरूरत गुजरात को है तो राजस्थान भी तो मेरा है। उसे भी तो पानी मिलना चाहिए। मैं मुख्यमंत्री था, तब प्रधानमंत्री नहीं था। तभी राजस्थान मुझे मेरा लगता था। इसलिए जालौर-बाड़मेर के किसानों में किसानों के खेत में पानी पहुंचाया गया। लगभग 2 लाख हेक्टर भूमि को सिंचाई की सुविधा मिली है। हम सिंचाई के लिए ड्रीप और स्प्रिंकलर जैसी नई टेक्नॉलॉजी पर काम कर रहे हैं। मेरी किसानों से प्रार्थना है आप ड्रीप और स्प्रिंकलर पर आएंगे तो जो पानी है , जितने परिवारों को मिलता है ना उससे डेढ़ गुना तक पहुंच जाएगा। ये बहुत बड़ा पुण्य का काम हो जाएगा। ये बनासकांठा ने करके दिखाया है, ये आपके देवी भाई को पूरा पता है। वहां पर पानी बचा करके पानी पहुंचाया है। यहां भी पहुंचाया जा सकता है। इससे यहां एक बहुत बड़े क्षेत्र में जीरा, सौंफ, इसबगोल जैसी अनेक कैश क्रॉप्स की पैदावार हो सकती है।

साथियों,

कांग्रेस ने तो पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना और यमुना के पानी को पहुंचाने में भी अड़चनें पैदा की थीं। ये भाजपा ही है जिसने इसके समाधान के लिए भी प्रयास किया, हरियाणा में भाजपा सरकार, राजस्थान में भाजपा सरकार हमारे भजनलाल जी बराबर मैदान में उतर गए मामला निपटा दिया काम आगे बढ़ रहा है। हमारे प्रत्याशी आदरणीय लुंबाराम जी तपस्वी कार्यकर्ता हैं, जीवन खपा देने वाले कार्यकर्ता हैं। पानी की समस्या की बारिकियों को जानते हैं और उसके समाधान के लिए समर्पित हैं। मुझे खुशी है कि ऐसे ही कर्मठ मुख्यमंत्री हमें राजस्थान को मिले हैं। इस सारे अधूरे प्रोजेक्ट को तेज़ी से पूरा करने के लिए कमर कसके काम शुरू कर दिया।

साथियों,

इस क्षेत्र में खेती-किसानी को मुनाफेदार बनाना मोदी का लक्ष्य है। मोदी ने छोटे किसानों के मोटे अनाज यानि श्री अन्न को भी दुनिया के बाज़ारों तक पहुंचाने का मिशन शुरु किया है। हमारा बाजार अमेरिका के व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति बाइडेन के साथ भोजन में थाली में राजस्थान का बाजार भरोसा गया था। सारी दुनिया में मैं समझता हूं। यह हमारे छोटे-छोटे किसानों ने कम पानी की लागत से यह पैदा किया हुआ फसल है। मैं दुनिया में पहुंचा कर रहने वाला हूं और इसका फायदा यहां के मेरे सभी छोटे-छोटे किसानों को होगा।
पीएम किसान सम्मान निधि के तहत भी जालौर और सिरोही जिले के किसानों के खाते में 800 करोड़ से ज्यादा भेजे गए हैं। ये क्षेत्र गौमाता की जय करने वाला क्षेत्र है। मोदी ने गोमाता को, हमारे पशुधन का भी मुफ्त में टीकाकरण करने की गारंटी दी है। भाजपा सरकार ने खुरपका-मुंहपका बीमारी को खत्म करने के लिए अकेले राजस्थान में करीब एक करोड़ पशुओं का मुफ्त टीकाकरण कराया है। यहां जालौर में भी डेढ़ लाख और सिरोही में करीब 80 हजार पशुओं का टीकाकरण हुआ है। इसके अलावा हम गोबरधन, बायोगैस और जैविक खाद के जरिए एक ऐसा इकोसिस्टम बना रहे हैं जो गोपालकों को औऱ समृद्ध करेगा।

भाइयों और बहनों,

जालौर-सिरोही का ये पूरा क्षेत्र अद्भुत संभावनाओं का क्षेत्र है। हमारे पास माउंट आबू है। यहां बड़े-बड़े मंदिर हैं, ऋषियों और मनीषियों की ये तपोस्थली है।यहां नौजवानों को लिए पर्यटन सेक्टर में रोजगार-स्वरोजगार की अनेक संभावनाएं हैं। अंबाजी में जो सुविधाएं तैयार हो रही हैं, उसका लाभ राजस्थान को भी मिलने जा रहा है। पर्यटन को अच्छी कनेक्ट्निविटी से बहुत लाभ होता है। इसलिए हम इस क्षेत्र में कनेक्टिविटी बढ़ा रहे हैं। ये क्षेत्र को तो डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से भी जुड़ा है। इससे यहां के ग्रेनाइट उद्योग को बहुत बल मिलेगा।

साथियों,

10 सालों में आपके आशीर्वाद से ऐसे अनेक काम पूरे हुए हैं। लेकिन अभी तो मोदी के लिए ये ट्रेलर है। अभी हमें राजस्थान के विकास को, देश के विकास को नई बुलंदी देनी है। और ये संकल्प लेकर मैं चल पड़ा हूं। भारत को दुनिया की तीसरी आर्थिक ताकत बनाना है, विकसित भारत-विकसित राजस्थान बनाना है। इस काम में हमें आपका साथ चाहिए। आपको 26 अप्रैल को लुंबाराम जी को कमल के निशान वाले बटन को दबाकर संसद भेजना है। आप देखिए मेरा नाता ऐसा है। आप लुंबाराम जी को एक वोट देंगे, जैसे ही कमल के बटन पर आपकी उंगली दबेगी। सीधा-सीधा वो मोदी के खाते में जमा हो जाएगा। यानि लुंबाराम जी को वोट यानि मोदी को मजबूत बनाने की गारंटी। और यह गारंटी देश के मतदाताओं की है। आपकी गारंटी है। आपके एक-एक वोट से मोदी की ताकत बढ़ेगी। आपके एक-एक वोट से मोदी को काम तेज करने की ताकत मिलेगी। आपके एक-एक वोट से मोदी को देश को विकसित बनाना और राजस्थान को विकसित बनाने का काम करने में और आसानी होगी और इसलिए आज मैं आपसे लुंबाराम जी के लिए ही नहीं, आज मेरे लिए भी आपसे वोट मांगने आया हूं।

देखिए इसके लिए आपको एक मेरा एक काम करना होगा। एक भी मतदाता ऐसा ना हो जिसके पास आप मेरी बात लेकर पहुंचे ना हो घर-घर जाएंगे, हर मतदाता को मिलेंगे। उनको बताएंगे। मोदी को वोट देना है बताएंगे। दूसरा काम हम जालौर लोकसभा तो जीतेंगे। हम देश भी जीत जाएंगे। लेकिन मुझे बताइए मेरा कोई कार्यकर्ता पोलिंग बूथ हार जाए। जो मुझे दुख होगा कि नहीं होगा। हर कार्यकर्ता हर नागरिक के मन में रहना चाहिए। हमारे पोलिंग बूथ में भाजपा का झंडा झुकने नहीं देंगे। हर पोलिंग बूथ को जितना है हर पोलिंग बूथ को जीतने के लिए मुझे विशेष रूप से माताओं और बहनों के आशीर्वाद चाहिए। फर्स्ट टाइम वोटर्स के आशीर्वाद चाहिए और मेरा एक तीसरा काम है। जिस दिन मतदान होना, एक तो जलपान से पहले मतदान, क्योंकि तेज धूप है। सुबह-सुबह जितना ज्यादा मतदान हो जाए, अच्छा। तुम जलपान से पहले मतदान करोगे। सुबह-सुबह ज्यादा से ज्यादा मतदान करोगे। दूसरा एक काम कभी-कभी हम किसी काम के लिए जाते हैं। रास्ते में खड़े हैं, वोट देकर निकल गए। ऐसा नहीं। यह लोकतंत्र का उत्साह है। जैसे परिवार में कोई अवसर होता है तो कैसे धूम-धाम से निकलते हैं। मैं तो पूरे राजस्थान से प्रार्थना करूंगा। पूरे देश से प्रार्थना करूंगा। 15-15, 20-20 लोग जुलूस निकाल करके, भारत माता की जय बोलते-बोलते लोकतंत्र का उत्साह, लोकतंत्र का जय जयकार करते हमें मतदान के लिए जाना चाहिए, जाओगे अरे गाजेबाजे के साथ जाना चाहिए, हम देश की सरकार बनाने के लिए जा रहे हैं। मामूली काम के लिए नहीं जा रहे हैं। जब इसको गर्व में पलट देंगे तो गर्मी कितनी भी क्यों ना हो मतदान के सारे रिकॉर्ड टूट जाएंगे।

अच्छा मेरा एक काम करोगे। यह मेरा पर्सनल काम है इसलिए भाजपा का काम नहीं है। मेरे पर्सनल काम करोगे। ऐसे ढीले पड़ गए आप, करोगे एक काम करना और घर-घर जाना और कहना मोदी जी जालौर आए थे और मोदी जी ने राम-राम कहां है, मेरा राम-राम पहुंचा दोगे। देखिए इसमें मेरा स्वार्थ है, बता दूं। मेरे स्वार्थ यह है कि जब आप किसी परिवार में राम राम कहेंगे तो सब बड़े बुजुर्ग माताएं मन से मुझे आशीर्वाद देंगे और जब बिना स्वार्थ के इतने पवित्र भाव से हर परिवार से आशीर्वाद मिलता है तो ये आशीर्वाद मेरे लिए पूजा का काम करता है। मेरे लिए नई ताकत बन जाता है और फिर मुझे आपके लिए दौड़ने का मेरा हौसला बुलंद हो जाता है। इसलिए मुझे आशीर्वाद चाहिए तो मेरा राम-राम पहुंचाएंगे। पक्का पहुंचाएंगे। मेरे साथ बोलिए

भारत माता की जय
भारत माता की जय
भारत माता की जय