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Development is the only solution for all problems related to poverty and unemployment: PM
India will progress only through the development of the States and for this the Centre and States have to work together: PM

देवियों और सज्‍जनों,

आज यहां अनेक शिलान्‍यास के और उद्घाटन के कार्यक्रम हुए। हम सब इस बात को अब भलीभांति समझने लगे हैं कि विकास का कोई पर्याय नहीं है। अगर हमें गरीबी से लड़ना है तो विकास करना होगा, हमें बेरोजगारी से लड़ना है, तो विकास करना होगा, हमें अशिक्षा से लड़ना है तो विकास करना होगा, यदि हमें आरोग्‍य की सुविधाएं मुहैया करानी होंगी तो विकास करना होगा। सब दुखों की अगर कोई एक दवाई है तो वो दवाई है – विकास। यह अच्‍छी बात है कि इन दिनों राज्‍यों के बीच भी विकास को लेकर एक स्‍पर्धा का माहौल बनता चला जा रहा है। राज्‍यों को लगने लगा है कि वो राज्‍य उस बात में मुझसे आगे निकल गया, अब हम कुछ कोशिश करेंगे, हम आगे निकलेंगे। आखिरकार देश को आगे बढ़ाना है तो राज्‍यों के विकास से ही आगे बढ़ने वाला है। इसलिए देश के विकास के लिए राज्‍यों का विकास.. इस मूलमंत्र को ले करके, केंद्र हो या राज्‍य हो, सबने मिलकर के काम करना, काम को आगे बढ़ाना, यह आवश्‍यक होता है।

विकास के कामों में राजनीति कितना नुकसान करती है उसका ब्‍यौरा आदरणीय मुख्‍यमंत्री जी ने विस्‍तार से दिया। अटल जी के समय में जो काम.. छ: महीने मिलते तो पूरा हो जाता, उसको पूरा होते-होते आज 2015 आ गया। मैं नीतीश जी की बात से सहमत हूं कि अटल जी की सरकार का चुनाव यदि थोड़ी देर से होता, छ: महीने मिल जाते तो उस समय अटल जी के मार्गदर्शन में.. और यही के रेल मंत्री थे नीतीश जी, यह काम पूरा हो गया होता। वो सही बोल रहे हैं। लेकिन बाद में सरकार बदल गई और रेल मंत्री यहां से ऐसे आए कि काम को रोक दिया गया और हमारे आने के बाद उसको चालू किया गया। अब, राजनीति जो करते हैं करें लेकिन नुकसान बिहार का हुआ, बिहार की जनता का हुआ। नीतीश कुमार की इस व्‍यथा के साथ मैं भी अपना स्‍वर मिलाता हूं।



लेकिन मैं इस मत का हूं कि हमें विकास की यात्रा को निरंतर गति देना चाहिए। आज नीतीश जी ने बहुत अच्‍छी बातें बताई कि भई IIT है, हमें यहां की आवश्‍यकताओं के अनुसार और यहां की क्षमता के अनुसार नई-नई faculties को लाना चाहिए। मुझे विश्‍वास है कि नए परिसर की क्षमता इतनी है, 500 बीघा ज़मीन है.. यह होगा। हम तो कोशिश यह कर रहे हैं कि दुनिया में जो top cost faculties हों उनको भी भारत में लाया जाए ताकि भारत के हमारे युवकों को देश के लिए जो आवश्‍यक है, जिस राज्‍य में IIT हैं, वहां जो आवश्‍यक है, उन विषयों को बल दिया जाए। सिर्फ दिल्‍ली में बैठ करके योजनाएं बनाने का वक्‍त पूरा हो गया। अब तो राज्य के मन में जो भाव उठते हैं, उसकी जो आवश्यकताएं होती हैं, उसके अनुसार ही दिल्ली को ढलना चाहिए, ये मेरी सोच है औऱ मैं उसी को आगे बढ़ा रहा हूं।

आज यहां एक Incubation centre का प्रारंभ हो रहा है। ये Incubation centre मैं मानता हूं, ये एक बहुत बड़ा नजराना है। IIT complex, इमारत से भी ज्यादा, ये Incubation centre बहुत बड़ा महत्वपूर्ण हमारा initiative है। इसलिए मैं इस बात से convince हूं। मैं जिस प्रदेश से आया हूं, लोगों ने परिश्रम किया होगा, परमात्मा ने कृपा की होगी, लक्ष्मी ने वहां जाना पसंद किया होगा लेकिन ये भूमि है, जहां सरस्वती वास करती है। यहां के नौजवान तेजस्‍वी हैं। और मैं मानता हूं, यहां की जो तेजस्विता है वो पूरे हिंदुस्तान को तेजस्वी बना सके, ऐसी तेजस्विता इस धरती पर है। ..और मुझे विश्वास है कि ये जो Incubation centre हम सोच रहे हैं, बनाने जा रहे हैं, वो भी एक विशेष मकसद से है।

आज हम देख रहे हैं कि Medical services, health sector ये सिर्फ डॉक्टर नाड़ी पकड़ लें, चार सवाल पूछ लें और निर्णय नहीं होता कि बीमारी क्या है, दवाई क्या दें? ढेर सारे मशीनों के अंदर से शरीर को गुजारा जाता है, भांति-भांति मशीनों को शऱीर पर लगाया जाता है उसके बाद बीमारी तय होती है, उसके बाद उपचार तय होता है। पूरे Health Sector में Technology का प्रभाव इतना बढ़ा है, इतने नये-नये संसाधनों का आविष्‍कार हो रहा है। आज भारत को गरीब व्‍यक्ति को अगर इन संसाधनों को मुहैया कराना पड़े.. विदेशों से लाना बहुत महंगा पड़ रहा है। इस पटना की धरती पर बिहार के मेरे नौजवानों की प्रतिभा को एक अवसर दिया जा रहा है कि इस incubation centre में प्रमुख रूप से Electronic and Digital mechanics के साथ किस प्रकार से हम Health Sector के नये विषयों में आविष्‍कार करें, उसका उत्‍पादन करें ताकि हमारे गरीब से गरीब के लिए हमारे अस्‍पतालों में भारत में बने हुए उत्‍तम से उत्‍तम साधन तैयार हों, जिसका लाभ गरीब को मिले, उस दिशा में हम काम करें। इसलिए यह incubation Centre भले ही पटना की धरती पर बनने वाला हो, लेकिन वह हिंदुस्‍तान के गरीबों के आरोग्‍य की आवश्‍यकताओं की पूर्ति करने का एक अहम कार्यक्रम बनेगा, यह मैं देख रहा हूं।

आखिरकार विकास करना है तो infrastructure का बहुत महत्‍व होता है। अगर infrastructure को बहुत महत्‍व नहीं दिया गया तो हम बहुत पिछड़कर रह जाएंगे। बिहार में चाहे rail हो, road हो air हो, उसको infrastructure मिलें, उसकी connectivity बढ़े, capacity बढ़ें, इस पर हम बल दे रहे हैं। हिंदुस्‍तान में शायद अधिकतम रेलमंत्री यदि किसी राज्‍य ने दिये है तो बिहार ने दिये हैं। जमाने से जैसे यह रेल डिपार्टमेंट बिहार के लिए reservation है। रेल मंत्री तो मिले हैं, रेल देने का काम मेरे दिमाग में भरा पड़ा है। मैं रेल के माध्‍यम से बिहार के दूर-सुदूर इलाकों को कैसे जोड़ पाऊं, मुख्‍य धारा में विकास की.. यहां infrastructure आता है, उसको कैसे आगे बढ़ाऊं, इस दिशा में योजनाएं लेकर के आगे चल रहा हूं।

आज एक महत्‍वपूर्ण कार्यक्रम हमने launch किया है। वैसे नीतीश जी ने धर्मेंद्र प्रधान जी की इतनी तारीफ कर दी है, उसी से मुझे समझ आता है कि इस प्रोजेक्‍ट का कितना महत्‍व है। नीतीश जी की बात सही है, आने वाले दिनों में जिस प्रकार से रोड का महत्‍व है, रेल का महत्‍व है वैसे ही गैस ग्रिड का भी महत्‍व है। पूरी economy में गैसे आधारित economy shape ले रही है और गैस पहुंचाने के लिए महंगा खर्चीला नेटवर्क खड़ा करना पड़ता है, infrastructure बनाना पड़ता है। मैं देख रहा हूं कि energy के sector में गैस की उपलब्धि उस देश की पूरी economy को बदल देती है। बिहार की economy को बदलने का एक बहुत बड़ा ताकतवर प्रयास.. गंगा तो हमारे पास है ही है, हम ऊर्जा गंगा को लेकर के आ रहे हैं आपके पास।



गैस पाइप लाइन बिछाएंगे सैंकड़ों किलोमीटर। पटना में पाइप लाइन से घर-घर गैस कैसे पहुंचे.. जैसे हमारे घर में गृहणी के kitchen में tap चालू करते ही पानी आता है, वैसे ही tap चालू करते ही गैस आ जाए, इसके लिए यह योजना है। हर परिवार को यह पहुंचे हैं .. सैंकड़ों किलोमीटर से दूर से पाइप लाइन आएगी, हां बड़ा महंगा कारोबार है लेकिन एक बार अगर वह लग गया तो सालों साल तक यहां के जीवन को भी लाभ होगा और यहां के quality of life में भी बहुत बड़ा फायदा होगा, economy में भी फायदा होगा।

जैसा नीतीश जी ने कहा कि बिजली का पैसा तक माफ कर दिया है, fertilizer कारखाने का। उस समय हमारे सुशील जी आया करते थे कि साहब हमसे 300 करोड़ क्‍यों ले रहे हो। लेकिन फिर भी बिहार ने तकलीफ झेल करके भी इस काम को किया है। वित्‍त मंत्री थे हमारे सुशील जी, कठिनाई होने के बावजूद भी किया। यह करने के बावजूद भी 10 साल बीत गए साहब, fertilizer कारखाने की किसी को याद नहीं आई। क्‍या गुनाह है बिहार का? बिहार की जेब से पैसा निकाल करके यहां की सरकार ने तकलीफ होने के बावजूद भी दिया लेकिन उसको रोक दिया गया। हमने तय किया है कि यह बिहार का यह हक है। यह fertilizer का काम चालू होगा। यहां के किसानों को सस्‍ता fertilizer मिले, यह काम हम करेंगे। बिहार की जनता का या बिहार की सरकार का कोई दोष नहीं था। बिहार की सरकार आगे आई थी। लेकिन काम रोक दिया गया। लेकिन भाईयों बहनों मैं आपको विश्‍वास दिलाता हूं कि यह काम भी पूरा होगा और नौजवानों को रोजगार भी मिलेगा और किसान को fertilizer भी पहुंचेगा, इसका पूरा प्रबंध करके हम आगे बढ़ेंगे।

भाईयों बहनों, विकास की इस अवधारणा में हमने यह भी हमेशा निरंतर प्रयास किया है, cooperative federalism का। हमारा मत है कि राज्‍यों को अगर सहायता मिले, राज्‍यों को अगर अवसर मिले तो देश के आगे बढ़ने की ताकत बहुत बढ़ जाएगी। इसलिए 14th finance commission जो कि लागू हुआ है, उसके कारण बहुत बड़ा लाभ राज्‍यों को हो रहा है। एक राज्‍य को हो रहा है, एक को नहीं हो रहा है, ऐसा नहीं है। सभी राज्‍यों को हो रहा है। इसलिए कोई बिहार को कम मिला, अधिक मिला, किसी और राज्‍य को कम मिला, अधिक मिला, ऐसा नहीं है। क्‍योंकि हमारी योजना है। आज स्थिति ऐसी है.. एक जमाना था भारत का खजाना जो था, केंद्र का और राज्‍य का उसमें से 65-70% खजाना दिल्‍ली की सरकार की तिजौरी में रहता था। 38-35% सभी राज्‍यों की मिला करके तिजौरी में रहता था। हमने ऐसा एक महत्‍वपूर्ण फैसला किया है, कठिन काम लिया है सर पर। लेकिन जैसा नीतीश जी ने कहा कि मोदी जी आप पर हमारी आशा है, उसको पूरा करने के लिए हमने एक महत्‍वपूर्ण फैसला किया है। वो फैसला है vote in finance commission जिसके कारण आने वाले दिनों में बिहार को .. अगर पांच साल के finance commission का मैं देखूं तो बिहार को 2015 से 2020 के दरम्यिान finance commission के द्वारा करीब-करीब पौने चार लाख करोड़ के करीब रुपया मिलने वाले हैं। पौने चार लाख करोड़ के करीब रुपया मिलने वाले हैं, जो पहले सिर्फ बीते हुए समय में सिर्फ डेढ़ लाख करोड़ रुपया मिला था। डेढ़ लाख का पौने चार लाख करोड़ रुपया आने वाले दिनों में.. क्‍योंकि हम मानते हैं कि यह प्रदेश आगे बढ़ना चाहिए।

मेरा यह विश्‍वास है कि पूरब में जब तक प्रगति नहीं होती है, देश कभी आगे नहीं बढ़ सकता। चाहे बिहार हो, चाहे पूर्वी उत्‍तर प्रदेश हो, चाहे ओडि़शा हो, चाहे पश्चिम बंगाल हो, चाहे झारखंड हो असम हो, नागालैंड हो, मिजोरम हो, यह सारा हिंदुस्‍तान का पूर्वी भाग यह जब विकसित नहीं होता है, यह भारत माता हमारी समृध नहीं हो सकती है। इसलिए बिहार का विकास, यह हमारा प्राइम एजेंडा है। पूर्वी भारत का विकास, हमारा मकसद है, हमारा लक्ष्‍य है। उसको आगे बढ़ाने के लिए अनेक विध हम नई योजनाएं लाने वाले हैं, उसको पूरा करेंगे।

आने वाले कुछ दिनों में हमारे कुछ साथियों से मैंने कहा है कि आप जाइये, शिलान्‍यास कीजिए, उद्घाटन कीजिए, काम को आगे बढ़ाइये। जैसे मुजफ्फरपुर स्‍वर्ण-वर्ष नेशनल हाइवे, 77 किलोमीटर को double lane करने का काम पूर्ण हो चुका है। करीब छ: सौ करोड़ रुपया की लागत लगी है। पटना-गया-डोबी रोड के four laning का काम मंजूर हो गया है। करीब 1231 करोड़ रुपये की लागत है। पटना-कोयलावर-भोजपुर और भोजपुर-बक्‍सर रोड के भी four laning का काम मंजूर हो चुका है। लागत है करीब 2012 करोड़ रुपया। भागलपुर बाइपास का काम मंजूर हो गया है। लागत है करीब 230 करोड़ रुपया। शिवहरी-सीतामढ़ी-जयनगर-निरहिया रोड का भी सुधार मंजूर कर दिया गया है। लागत है करीब 701 करोड़ रुपया। फतवा-हरनोद-बारा रोड का काम भी मंजूर कर दिया है। लागत है करीब 590 करोड़ रुपया। यह सारे नेशनल हाइवे के प्रोजेक्‍ट जो इस सरकार ने already मंजूर कर दिये हैं, इन सबकी लागत होती है करीब-करीब पांच हजार करोड़ रुपया। क्‍योंकि मैं जानता हूं कि बिहार को विकास की नई ऊंचाईयों पर ले जाने के लिए इन चीजों का भरपूर उपयोग होना चाहिए। और हम इसको करना चाहते हैं।



आपको याद होगा पिछले लोकसभा के चुनाव में मैं यहां आया था। गांधी मैदान में बम धमाकों के बीच, मैं भाषण कर रहा था। उस समय मैंने कहा था कि केंद्र में हम सत्‍ता में आएंगे तो बिहार को विशेष पैकेज देंगे। उस समय मैंने घोषणा की थी.. चुनाव के पहले मैंने घोषणा की थी, मैंने कहा था कि 50 हजार करोड़ रुपयों का पैकेज बिहार को दिया जाएगा। भाईयों बहनों मैं जब दिल्‍ली में बैठा, बारीकी से चीजों को देखा तो मैं इस नतीजे पर पहुंचा कि मेरे दिल दिमाग में बिहार की जो कल्‍पना है, बिहार को अगर मुझे उस ऊंचाई पर ले जाने में बिहार को साथ लेकर के चलना है तो 50 हजार करोड़ से बात बनने वाली नहीं है। उसे और अधिक करने की आवश्‍यकता है। मैं आज उसकी घोषणा नहीं करूंगा, मैं सही समय पर आ करके उसकी घोषणा करूंगा, लेकिन मैं इतना कहता हूं कि मैंने जो वादा किया उसको तो निभाऊंगा, उससे भी आगे मामला ले जाऊंगा, यह आपको मैं वादा करने आया हूं। ताकि बिहार को विकास की यात्रा में कोई रूकावट नहीं आनी चाहिए और विकास की यात्रा तेज गति से आगे बढ़नी चाहिए।

इसी एक अपेक्षा के साथ, मुझे विश्‍वास है कि आज जिन योजनाओं का आरंभ हुआ है, जिन कार्यक्रमों की शुरूआत हो गई है, और भी हमारे मंत्रिगण के लोग आने वाले हैं, वो इस बात को आगे बढ़ाएंगे। आज यहां पर देशभर के कृषि वैज्ञानिकों को मैंने बुलाया है, पटना की धरती पर। अब इस कार्यक्रम के बाद उनके साथ बैठने वाला हूं, क्‍योंकि मैं मानता हूं कि हिंदुस्‍तान की second green revolution की संभावना अगर कहीं है, तो हिंदुस्‍तान के पूर्वी इलाके में हैं। बिहार में है, बंगाल में है, असम में है, पूर्वी उत्‍तर प्रदेश में है। second green revolution की संभावना इस इलाके में है। इसलिए मैंने देशभर के कृषि वैज्ञानिकों को आज पटना की धरती पर बुलाया है। वो यहां बैठ करके विचार-विमर्श करने वाले हैं। आने वाले दिनों में यहां के कृषि क्षेत्र को एक नई ताकत देने की दिशा में प्रयास करने वाले हैं।

मैं फिर एक बार बिहार सरकार का, बिहार की जनता-जर्नादन का, यहां के मुख्‍यमंत्री जी का स्‍वागत सम्‍मान के लिए हृदय से बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं।

बहुत-बहुत धन्‍यवाद।

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On May 2 Didi will get certificate of Bengal ex-chief minister by the people of the state: PM Modi
April 17, 2021
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People from all corners of India are seen in Asansol. But the misgovernance of Bengal governments affected Asansol: PM Modi
PM Modi says on May 2, which is the day of assembly election results, Didi will be given the certificate of Bengal ex-chief minister by the people of the state
In Asansol, PM Modi says Mamata Banerjee has skipped several meetings called by the Centre to discuss many key issues
PM Modi promises to implement all the welfare schemes of the central government in West Bengal if BJP is elected to power in the state

 

नमोष्कार !

मां कल्याणेश्वरी और घाघर बूढ़ी चंडी...आज मेरे लिए अवसर है इस पवित्र धरती को श्रद्धापूर्वक प्रणाम करने का। बांग्ला नव वर्ष शुरू होने के बाद आज बंगाल में मेरी ये पहली सभा है। नव वर्ष में बंगाल में बीजेपी की डबल इंजन की सरकार बनने जा रही है।

चार दोफार मोतोदान, टीएमसी होलो खान-खान !

(चार दौर का मतदान, टीएमसी खंड-खंड हो गई)। 

बाकी चार दोफार मोतोदान, दीदी-भाइपो टिकिट कटान ! 

(बाकी चार बार का मतदान, दीदी भाइपो का पत्ता साफ)।

पांचवें चरण के मतदान में भी कमल के फूल पर बटन दबा करके भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाने के लिए आज सुबह से बहुत बड़ी तादाद में लोग निकले हैं। बहुत भारी मतदान हो रहा है। मैं अब तक मतदान करने वाले सभी मतदाताओं का हृदय से बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं और उनका धन्यवाद करता हूं।  

साथियो

आसनसोल हो, दुर्गापुर हो, इस पूरे क्षेत्र में बंगाल ही नहीं, बल्कि देश के औद्योगिक विकास का प्रमुख केंद्र बनने की क्षमता बहुत पहले से है हमेशा से है। द्वारकानाथ टैगोर जी, राजेन मुखर्जी, बीरेंद्रनाथ मुखर्जी जैसे अनेक व्यक्तित्वों ने इस क्षेत्र की संपदा को देश की आत्मनिर्भरता के संकल्प के रूप में आगे बढ़ाया।

साइकिल से लेकर रेल तक, पेपर से लेकर स्टील तक, एल्यूमिनियम से लेकर ग्लास तक, ऐसे अनेक कारखानों में, यहां की फैक्ट्रियों में काम करने के लिए पूरे देश से लोग यहां आते हैं। आसनसोल एक प्रकार से लघु भारत है, हिन्दुस्तान का हर व्यक्ति यहां मिल जाएगा। लेकिन बंगाल में जो सरकारें रहीं, उनके कुशासन ने आसनसोल को कहां से कहां पहुंचा दिया। जहां लोग चाकरी के लिए आते थे, आज यहां से पलायन कर रहे हैं। मां-माटी-मानुष की बात करने वाली दीदी ने, यहां हर तरफ माफिया राज फैला दिया है। आसनसोल की प्राकृतिक संपदा को लूटने के लिए कोयला माफिया, नदियों की बालू को लूटने के लिए अवैध खनन माफिया, सरकारी जमीन पर कब्जे के लिए भू-माफिया।

साथियो

यहां सालनपुर, बाराबनी, जमुरिया रानीगंज, उखड़ा, बल्लालपुर से लेकर बांकुड़ा बॉर्डर तक अवैध कोयला खनन का साम्राज्य फैला हुआ है। यहां के कोयला, रेत और दूसरे खनिजों का काला माल कहां तक पहुंचता है, किस-किस तक पहुंचता है, ये हर कोई जानता है। बंगाल के ट्रक वालों को, ट्रांसपोर्ट से जुड़े साथियों को, यहां के उद्यमियों को जो भाइपो टैक्स देना पड़ता है, वो भी बंगाल के लोग भली-भांति जानते हैं। 

साथियो

इस चुनाव में आपका एक वोट सिर्फ टीएमसी को साफ करेगा, इतना ही नहीं है बल्कि आपका एक वोट यहां से माफिया राज को भी साफ करेगा। आपको पता है आपके वोट की ताकत क्या है? आपका एक वोट पूरे माफिया राज को यहां साफ कर देगा। ये ताकत है आपके वोट की।  

भाइयो-बहनो 

आज आपसे शिकायत करना चाहता हूं...करूं ?...आपके खिलाफ है शिकायत...करूं ?...बुरा तो नहीं मानोंगे न...लेकिन मेरी शिकायत जरा देखिए…मैं यहां दोबार आया हूं.... लोकसभा के चुनाव में....जब मुझे प्रधानमंत्री बनना था और आप से वोट मांगने आया था। बाबुल जी के लिए वोट मांगने आया था। लेकिन पहले जब आया, तब तो मेरे लिए वोट मांगा था, फिर भी एक चौथाई भी लोग नहीं थे सभा में। लेकिन आज चारों तरफ...मैंने ऐसी सभा पहली बार देखी है। अब बताइए, मेरी शिकायत मिठी है कि कड़वी है। आज आपने ऐसा दम दिखा दिया है। ऐसी ताकत दिखा दिए...मैं जहां देख सकता हूं...मुझे लोग ही लोग दिखते हैं...बाकी कुछ दिखता ही नहीं है। क्या कमाल कर दिया है आप लोगों ने। लेकिन आगे का काम बहुत महत्वपूर्ण है। और वो है वोट देने के लिए जाना, वोट देने के लिए औरों को ले जाना। करोंगे...पक्का करोंगे...सब लोग करोंगे...देखिए तभी यहां से ये माफिया राज समाप्त होगा। ये माफियाशाही तभी समाप्त होगी।

और भाइयो-बहनो

मैं बंगाल जहां भी गया हूं यही माहौल है। और उधर क्या है?

दीदी, ओ दीदी, 

देखिए दीदी...ओ दीदी...2 मई में अब सिर्फ आधा महीना बचा है। आधा चुनाव हो चुका है। सिर्फ कुछ दिन और। कोयला धुले, मोयला जाय ना !

भाइयो और बहनो, 

सोनार बांग्ला के संकल्प के साथ बीजेपी सरकार यहां आपकी हर मुश्किल कम करने के लिए काम करेगी। बंगाल में कानून व्यवस्था का राज स्थापित किया जाएगा। कानून के राज में यहां नए उद्योग लगेंगे, बंगाल में निवेश बढ़ेगा। बीजेपी सरकार में हर कोई अपना काम करेगा। आपके जीवन में टीएमसी के तोलाबाजों की जो घुसपैठ हुई है, उसे जीरो किया जाएगा, उसे दूर किया जाएगा। पुलिस अपनी जिम्मेवारी निभाएगी, अपना काम करेगी, राज्य सरकार के अलग-अलग विभाग अपने जनसेवा का दायित्व निभाएंगे, अपना काम पूरा करेंगेप्रशासन अपनी जिम्मेवारियों को निभाते हुए जनता जनार्दन की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए दिन-रात काम करेगा। और सरकार अपनी जिम्मेवारियों को पूरा करने के लिए काम करेगी। और बीजेपी कार्यकर्ता...मैं आपको विश्वास दिलाता हूं आपकी सेवा में हरदम खड़ा रहेगा। और इसमें जो भी खेला करने की कोशिश करेगा, उस पर कानून के तहत उतनी ही सख्त कार्रवाई भी होगी।

भाइयो और बहनो,

दीदी ने बीते दस सालों में विकास के नाम पर आपके साथ विश्वासघात किया है। विकास के हर काम में, हर काम के आगे दीदी दीवार बनकर खड़ी हो गई हैं। केंद्र सरकार ने 5 लाख रुपए के मुफ्त इलाज की सुविधा दी, तो दीदी दीवार बन गईं। केंद्र सरकार ने शरणार्थियों की मदद के लिए कानून बनाया, तो दीदी इसका भी विरोध करने लगीं। केंद्र सरकार ने मुस्लिम बहनों को तीन तलाक से मुक्ति के लिए कानून बनाया, तो दीदी फिर आगबबूला हो गईं। केंद्र सरकार ने किसानों को बिचौलियों से मुक्त करने वाले कानून बनाए, तो दीदी विरोध में उतर आईं। केंद्र सरकार ने किसानों के बैंक खातों में सीधे पैसे ट्रांसफर करने शुरू किए, तो दीदी ने इससे भी किसानों को वंचित रख दिया। 

साथियो

बंगाल को विकास रोकने वाली नहीं, डबल इंजन की सरकार चाहिए। बंगाल की बीजेपी सरकार, आपका लाभ कराने वाली हर उस योजना को लागू करेगी, जिन्हें दीदी की सरकार ने रोका हुआ है। पहली ही कैबिनेट में पीएम किसान सम्मान निधि पर बड़ा फैसला लिया जाएगा। बंगाल के हर किसान के खाते में 18 हजार रुपए सीधे ट्रांसफर हो, जिसको दीदी ने रोकने की कोशिश की। 2 मई के बाद नई सरकार बनने के बाद दीदी नहीं रोक पाएंगी। क्योंकि सरकार आपने बनाई है...आपके लिए बनाई है...और वो आपके लिए काम करेगी।

भाइयो और बहनो

आप मुझे बताइए... दीदी को अगर आप लोगों के दु:ख-दर्द की परवाह होती, तो क्या वो आपकी भलाई के...आपके हित वाले कामों को रोकने का काम कभी करती क्या ? ये रुकावटे डालती क्या ? दीवार बनती क्या ? दीदी को अगर आपकी तकलीफ की चिंता होती, तो क्या वो तोलाबाजी होने देतीं क्या ? जरा इधर से जवाब दीजिए तोलाबाजी होने देतीं क्या ?  सिंडिकेट को आगे बढ़ाती क्या ? कटमनी वसूलने देतीं क्या ?

साथियो

दीदी, अपने अहंकार में दीदी इतनी बड़ी हो गई हैं कि हर कोई उन्हें अपने आगे छोटा दिखता है। केंद्र सरकार ने अनेक बार अनेक विषयों पर बात करने के लिए बैठकें बुलाई हैं, लेकिन दीदी कोई न कोई कारण बताकर इन बैठकों में नहीं आतीं। जैसे कोरोना पर पिछली दो बैठकों में बाकी मुख्यमंत्री आए, लेकिन दीदी नहीं आईं। नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में बाकी मुख्यमंत्री आए, लेकिन दीदी नहीं आईं। मां गंगा की सफाई के लिए देश में इतना बड़ा अभियान शुरू हुआ, लेकिन दीदी उससे जुड़ी जो बैठक होती है, उसमें भी नहीं आईं। एक-दो बार न आने का तो समझ में आता है साथियों, लेकिन दीदी ने यही तरीका बना लिया है। दीदी बंगाल के लोगों के लिए कुछ देर का समय नहीं निकाल पातीं। ये उन्हें समय की बर्बादी लगता है। और जब दीदी के तोलाबाज, कोरोना के दौरान भेजे गए राशन को लूटते हैं, तो वो उन्हें खुली छूट देती हैं। 

केंद्रीय टीमें चाहे सहयोग के लिए आएं या फिर करप्शन की जांच के लिए, दीदी उनको रोकने के लिए पूरे संसाधन लगा देती हैं। दीदी केंद्रीय वाहिनी ही नहीं, सेना तक को बदनाम करती हैं, राजनीति के लिए झूठे आरोप लगाती हैं। दीदी, खुद को देश के संविधान से ऊपर समझती हैं। दीदी चोखे ओहोन्कारेर पोरदा। (दीदी की आंखों पर अहंकार का पर्दा चढ़ा हुआ है।)

भाइयो और बहनो,

दीदी की राजनीति सिर्फ विरोध और गतिरोध तक सीमित नहीं है। बल्कि दीदी की राजनीति, प्रतिशोध की खतरनाक सीमा को भी पार कर गई है। बीते 10 साल में बीजेपी के अनेकों कार्यकर्ताओं की हत्या की गई है। अभी मेरी... यहां ऊपर आने से पहले... कई पीड़ित परिवारों से बात हुई है। दीदी की वजह से न जाने कितनी माताओं ने अपने बेटों को खोया है, न जाने कितनी बहनें आज भी अपने भाई का इंतजार कर रही हैं। दीदी की निर्ममता, उनकी असंवेदनशीलता हमें कुछ दिन पहले ही फिर एकबार दिखाई दी है, सुनाई दी है।

साथियो

कूचबिहार में जो हुआ, उस पर कल एक ऑडियो टेप आपने सुना होगा। ऑडियो टेप सुना क्या आपने ? 5 लोगों की दुखद मृत्यु के बाद दीदी किस तरह राजनीति कर रही हैं, ये इस ऑडियो टेप के अंदर साफ-साफ खुल गया है, सामने आता है। इस ऑडियो टेप में कूचबिहार के टीएमसी नेता को कहा जा रहा है कि मारे गए लोगों के शवों के साथ रैली निकालो। दीदी, वोटबैंक के लिए कहां तक जाएंगी आप ? सच्चाई ये है कि दीदी ने कूचबिहार में मारे गए लोगों की मृत्यु से भी अपना सियासी फायदा करने की सोची। शवों पर राजनीति करने की दीदी को बहुत पुरानी आदत है।

साथियो

दीदी ने बंगाल में ये हाल बना दिया है। जनता ने भी जब उनके विरोध की कोशिश की, तो उसको कुचल दिया गया है। बंगाल की जनता के अधिकार, दीदी के लिए कोई मायने नहीं रखते। 2018 के पंचायत चुनाव पश्चिम बंगाल कभी नहीं भूल सकता। बर्धमान से लेकर बांकुरा, बीरभूमि, मुर्शीदाबाद के लोगों को आज भी याद है कैसे उनके अधिकारों को छीना गया।

आप सोचिए

बंगाल में 20 हजार से ज्यादा पंचायतों में सीधे दीदी के तोलाबाजों को निर्वाचित कर दिया गया। दीदी ने इतना आतंक फैलाया कि एक तिहाई से भी ज्यादा पंचायतों में कैंडिडेट पर्चा तक नहीं भर पाए। हमले के डर से WhatsApp तक पर नॉमिनेशन फाइल करने पड़े। जीत के बाद भी जनप्रतिनिधियों को पड़ोसी राज्यों में शरण लेनी पड़ी। लोकतंत्र के इस अपमान से, लोकतंत्र को इस तरह कमजोर किए जाने से सुप्रीम कोर्ट तक ने नाराजगी जताई। लेकिन दीदी ने लोकतंत्र का सम्मान नहीं किया, लोकतंत्र की परवाह नहीं की।

साथियो

बंगाल और भारत के लिए रोबी ठाकुर का आदर्श है - चित्तो जेथा, भॉय- शुन्नो। हृदय जहां भय मुक्त रहे। लेकिन दीदी का प्रयास रहता है- चित्तो जेथा भॉया-क्रांतो। हृदय जहां भयाक्रांत रहे। दीदी को इस बार के चुनाव में छप्पा वोट नहीं करने दिया जा रहा, तो वो और बौखला गई हैं। दीदी को गुंडागिरी-मस्तानगिरी का खैला नहीं करने दिया जा रहा है, तो दीदी बौखला गई हैं। दीदी द्वारा हर पैंतरा आजमाया जा रहा है ताकि बंगाल के लोगों को वोट देने से रोका जाए। टीएमसी द्वारा अभियान चलाए जा रहे हैं, चुनाव आयोग पर दबाव बनाया जा रहा है। दिल्ली से लेकर बंगाल तक दीदी ने मोदी के खिलाफ मोर्चा खुलवा दिया है।

दीदी, ओ दीदी, ओ आदरणीय दीदी

आप जितनी चाहे साजिशें कर लीजिए, जितनी चाहे कोशिशें कर लीजिए। इस बार आपकी साजिश बंगाल के लोग खुद ही नाकाम कर रहे हैं। इस बार बंगाल के लोगों ने ही आपके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बंगाल के लोगों ने आप पर अभूतपूर्व विश्वास किया था। अब वो आपको हमेशा-हमेशा के लिए एक ऐसा सॉर्टिफिकेट देने वाली है बंगाल की जनता इस चुनाव में, जो आप जीवन भर घर में लटका कर रख सकती हो। कौन सा सॉर्टिफेकट जनता देने वाली है, जो 2 मई को आने वाला है ? वो सॉर्टिफिकेट आने वाला है भूतपूर्व मुख्यमंत्री। यानि दीदी, ये बंगाल की जनता आपको आजीवन एक सॉर्टिफिकेट देने वाली है भूतपूर्व मुख्यमंत्री...लेकर घुमते रहना। 

भाइयो-बहनो

बंगाल के लोग, बंगाल के लोगों से आपकी नफरत भी महसूस कर रहे हैं। दीदी के करीबी, शिड्यूल्ड कास्ट के मेरे भाइयों और बहनों को भिखारी कहते हैं, दीदी चुप रहती हैं। दीदी के करीबी बीजेपी को वोट देने वालों को बंगाल से बाहर फेंकने की धमकी देते हैं, दीदी चुप रहती हैं। किसी की दुखद मृत्यु पर दीदी की संवेदना भी वोटबैंक का फिल्टर लगाकर ही प्रकट होती है।

दीदी

पश्चिम बंगाल आपकी दुर्नीति से परेशान है, इतना ही नहीं है, बल्कि बंगाल को आपकी नीयत पर भी शक है। इसलिए पश्चिम बंगाल के कोने-कोने से एक ही आवाज़ सुनाई दे रही है-   

कीच्छू नेइ तृनोमूल, एबार भोट पॉद्दोफूले। (कुछ नहीं अब तृणमूल में, इस बार वोट कमल-फूल में।)

भाइयो और बहनो,

10 साल तक दीदी ने बंगाल को भेदभाव और पक्षपात वाली सरकार दी है। हालात तो ये है कि स्पोर्ट्स क्लबों, खिलाड़ियों तक की मदद में भी दीदी ने भेदभाव किया। जो स्पोर्ट्स क्लब दीदी का गुणगान करे, उनके गीत गाए, उन्हें पैसा। जो खेल पर अपना ध्यान दे, बंगाल का नाम रोशन करे, वो स्पोर्ट्स क्लब यहां पैसे के लिए तरसते हैं। दीदी की इसी दुर्नीति की वजह से बुज़ुर्गों को मिलने वाला ‘भाता’ तक सभी लाभार्थियों तक नहीं पहुंच पा रहा है। गांव की सड़क को भी दीदी की सरकार ने राजनीति का शिकार बना दिया। मनरेगा की मज़दूरी हो या फिर आपदा की राहत हो, दीदी की सरकार ने सबमें भेदभाव किया, पक्षपात किया। आपको तीन साल पहले की रामनवमी याद है? आसनसोल-रानीगंज के दंगे कौन भूल सकता है! इन दंगों में सैकड़ों लोगों की जीवन भर की मेहनत राख हो गई। सबसे ज्यादा नुकसान गरीबों का हुआ, पटरी पर दुकान लगाने वाले और छोटे व्यापारियों का हुआ। 

दंगाइयों का साथ किसने दिया? - दीदी ने।

तुष्टिकरण की नीति किसने पनपाई? – दीदी ने।

किसके कारण पुलिस दंगाइयों के पक्ष में खड़ी रही? –  दीदी के।

एक ही जवाब है न...एक ही जवाब है न...हर कोई कह रहा है दीदी के कारण...दीदी के कारण...।

भाइयो और बहनो,

जो विकास पर विरोध को, विश्वास पर प्रतिशोध को, सुशासन पर राजनीति को, प्राथमिकता देती है, ऐसी सरकार पश्चिम बंगाल का भला नहीं कर सकती। इसलिए बंगाल को आशोल पोरिबोरतोन चाहिए। आशोल पोरिबोरतोन बंगाल में सबका साथसबका विकाससबका विश्वास के लिए, आशोल पोरिबोरतोन बंगाल के युवाओं को रोजगार के लिए, आशोल पोरिबोरतोन बंगाल में कानून के राज के लिए, आशोल पोरिबोरतोन बंगाल की भलाई के लिए।

साथियो

दीदी के राज में महिलाओं के साथ जो अत्याचार हुआ है, उसकी चर्चा तक दीदी ने नहीं होने दी है। राज्य सरकार के आंकड़े छिपाकर, महिलाओं पर अत्याचार की खबरों को दबाकर दीदी ने सबसे बड़ा खेला, बंगाल की महिलाओं के साथ ही किया है। मैं आज विशेष रूप से बंगाल की बहन-बेटियों को एक बात के लिए आश्वस्त करता हूं। बीजेपी की सरकार हर वर्ग, हर मत-मज़हब को उसकी बेटी की सुरक्षा और सम्मान को सुनिश्चित करेगी। दीदी की सरकार ने यहां रेप जैसे संगीन अपराध के दोषियों को जल्द से जल्द सजा सुनाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट पर अड़ंगा डाला, उसको रोक दिया। देश भर में ऐसी एक हजार अदालतें खोली जा रही हैं लेकिन दीदी ने बेटियों को न्याय दिलाने वाली ऐसी एक भी अदालत खोलने नहीं दी। बीजेपी सरकार में फास्ट ट्रैक कोर्ट का भी तेजी से निर्माण किया जाएगा। गरीब, दलित, आदिवासी बेटियों को यहां से दूसरे राज्यों में भेजने का जो अवैध काम किया जाता है, उस पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।

साथियो,

सोनार बांग्ला का यही संकल्प बंगाल बीजेपी ने अपने संकल्प पत्र में रखा है। बंगाल में Ease of Living, Ease of Doing Business का माहौल बनाया जाएगा। यहां के इंफ्रास्ट्रक्चर पर, रोड, रेल, एयर, इंटरनेट, हर प्रकार की कनेक्टिविटी को डबल इंजन सरकार, डबल स्पीड के साथ आधुनिक बनाएगी। इस क्षेत्र को आर्सेनिक युक्त ज़हरीले पानी से मुक्ति मिले, इसके लिए पाइप से हर घर जल के प्रकल्प को तेज़ी से यहां लागू किया जाएगा। दीदी ने जो कुछ भी लाभ आप तक पहुंचने से रोका है, वो तेज़ी से मिलेगा। डबल इंजन की सरकार में डबल बेनिफिट और डायरेक्ट बेनिफिट मिलेगा। 

एबार शोंघात नॉय, शॉहोजोगिता होबे!

एबार बिरोध नॉय, बिकाश होबे!

एबार मोने भय नॉय, पेटे भात होबे!

एबार शिक्खा होबे, शिल्पो होबे, कोर्मो-शोंस्थान होबे! 

आप इतनी बड़ी तादाद में आशीर्वाद देने के लिए आए...मैं आपका बहुत-बहुत आभार व्यक्त करता हूं। दोनों हाथ ऊपर करके मेरे साथ बोलिए 

भारत माता की जय !

भारत माता की जय !

भारत माता की जय !

बहुत-बहुत धन्यवाद !