ரைசினா பேச்சுவார்த்தை-2021

Published By : Admin | April 13, 2021 | 20:05 IST
The Covid-19 pandemic has presented us an opportunity to reshape the world order, to reorient our thinking: PM Modi
Humanity as a whole must be at the center of our thinking and action: PM Modi
We must remember that we hold this planet merely as trustees for our future generations: PM Modi

ருவாண்டா அதிபர் மேன்மைமிகு பால் ககாமே மற்றும் டென்மார்க் பிரதமர் மேன்மைமிகு மெட்டே பிரடெரிக்சென் ஆகியோர் முதன்மை விருந்தினர்களாக பங்கேற்ற காணொலி மூலம் நடைபெற்ற ரைசினா பேச்சுவர்த்தையின் தொடக்க நிகழ்ச்சியில்  பிரதமர் திரு நரேந்திர மோடி உரையாற்றினார்.

வெளியுறவு அமைச்சகம் மற்றும் தி அப்சர்வர் ரிசர்ச் பவுண்டேஷன் ஆகியவற்றால் இணைந்து நடத்தப்படும் பெருமைமிகு நிகழ்ச்சியான ரைசினா பேச்சுவார்த்தையின் ஆறாவது பதிப்பு, 2021 ஏப்ரல் 13 முதல் 16 வரை காணொலி மூலம் நடைபெறும்.

"வைரல் உலகம்: தொற்று பரவல், தனித்து நிற்றல் மற்றும் கட்டுப்பாட்டை விட்டு விலகுதல்" என்பது இந்த வருடத்திற்கான மையக்கருவாகும்.

ஒட்டுமொத்த உலகத்தையும் கடந்த ஒரு வருடத்திற்கும் மேலாக பாதித்து வரும் கொவிட்-19 பெருந்தொற்றின் பின்னணியில் மனித குல வரலாற்றின் மிக முக்கிய தருணத்தில் தற்போதைய ரைசினா பேச்சுவார்த்தை நடைபெற்று வருவதாக பிரதமர் திரு மோடி குறிப்பிட்டார். தற்போதைய சூழ்நிலையில் சில முக்கிய கேள்விகளுக்கான விடைகள் குறித்து ஆய்வு செய்யுமாறு சர்வதேச சமுதாயத்தை பிரதமர் கேட்டுக்கொண்டார்.

அறிகுறிகளை மட்டுமல்லாது அடிப்படை காரணங்களையும் கண்டறிந்து சரி செய்யும் வகையில் சர்வதேச அமைப்புகள் தங்களை தாங்களே நிலைமைகளுக்கு ஏற்ப மேம்படுத்திக் கொண்டு செயலாற்ற வேண்டும் என்றும் பிரதமர் வலியுறுத்தினார்.

சிந்தனைகள் மற்றும் செயல்களின் மையமாக மனிதகுலத்தின் நன்மை இருக்க வேண்டும் என்றும் இன்றைய சிக்கல்கள் மற்றும் நாளைய சவால்களை எதிர்கொள்ளக்கூடிய அமைப்புகளை உருவாக்க வேண்டும் என்றும் பிரதமர் கேட்டுக்கொண்டார்.

இந்தியாவின் கொரோனோ எதிர்ப்பு நடவடிக்கைகள் குறித்து பிரதமர் எடுத்துரைத்தார். உள்நாட்டில் எடுக்கப்பட்டு வரும் நடவடிக்கைகள் குறித்தும் வெளிநாடுகளுக்கு செய்யப்பட்டு வரும் உதவிகள் குறித்தும் அவர் விளக்கினார்.

பெருந்தொற்றால் விடுக்கப்பட்டுள்ள பல்வேறு சவால்களை எதிர்கொள்வதற்கு கூட்டு முயற்சிகள் தேவை என்றும் உலக நன்மைக்காக தனது வலிமைகளை இந்தியா பகிர்ந்துக் கொள்ளும் என்றும் அவர் கூறினார்.

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April 16, 2026

Your Excellency, चांसलर स्टॉकर

दोनों देशों के delegates,

मीडिया के साथियों,

नमस्कार!

ग्रूस गॉट

चांसलर स्टॉकर, आपकी पहली भारत यात्रा पर मैं आपका हार्दिक स्वागत करता हूँ। हमे बहुत खुशी है कि आपने यूरोप के बाहर अपनी पहली यात्रा के लिए भारत को चुना। यह आपके विज़न और भारत-ऑस्ट्रीया संबंधों के प्रति आपकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

चार दशकों के बाद ऑस्ट्रिया के चांसलर की भारत यात्रा अत्यंत महत्वपूर्ण है। वर्ष 2026 के ऐतिहासिक भारत -यूरोपियन यूनियन फ्री ट्रेड अग्रीमन्ट के बाद, भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच संबंधों में एक नए सुनहरे अध्याय की शुरुआत हुई है। चांसलर स्टॉकर की विज़िट से, हम भारत-ऑस्ट्रिया संबंधों को भी एक नए कालखंड में ले जा रहे हैं।

Friends,

इंफ्रास्ट्रक्चर, इनोवेशन और सस्टेनिबिलिटी में भारत और ऑस्ट्रिया भरोसेमंद साझेदार रहे हैं। दिल्ली मेट्रो हो या हिमालय पर दस हजार फीट की ऊँचाई पर बना अटल टनल, ऑस्ट्रिया की टनलिंग एक्स्पर्टीज़ ने अपनी मजबूत छाप छोड़ी है।

इतना ही नहीं, रेल्वे प्रोजेक्ट्स से लेकर गुजरात के गिरनार रोपवे तक, क्लीन एनर्जी से लेकर urban डेवलपमेंट तक, भारत के कई इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स में ऑस्ट्रियन कंपनियाँ सक्रिय भागीदार रही हैं।

Friends,

चांसलर स्टॉकर की यह यात्रा ट्रेड और इनवेस्टमेंट में नई ऊर्जा लाएगी। हमे बहुत खुशी है, कि वे एक बड़े vision और बड़े बिजनस delegation के साथ भारत आए हैं।

हम ऑस्ट्रिया की एक्स्पर्टीज़, और भारत की स्पीड और स्केल को जोड़कर, पूरे विश्व के लिए reliable टेक्नॉलजी और supply chain सुनिश्चित करेंगे। हम डिफेन्स, सेमीकन्डक्टर, quantum, और bio-टेक्नॉलजी में भी अपनी पार्ट्नर्शिप को सुदृढ़ करेंगे।

साथ ही, हम इंजीनियरिंग और टेक्निकल एजुकेशन सहयोग को भी और मजबूत करेंगे। IIT दिल्ली और ऑस्ट्रिया की मोंटान यूनिवर्सिटी के बीच आज साइन किया जा रहा MOU, इस knowledge एक्सचेंज का एक उज्ज्वल उदाहरण है।

Friends,

भारत का टैलेंट, ऑस्ट्रिया की innovation और productivity को बढ़ाने की क्षमता रखता है।

2023 में हमने ऑस्ट्रिया के साथ एक व्यापक माइग्रेशन एण्ड मोबिलिटी अग्रीमन्ट किया। अब इस अग्रीमन्ट के अंतर्गत, हम nursing सेक्टर में भी मोबिलिटी को आगे बढ़ाएंगे।

हम जॉइन्ट रिसर्च और start-up सहयोग को भी और मजबूत करेंगे। यूथ एक्सचेंज को प्रमोट करने के लिए, हम आज भारत-ऑस्ट्रिया वर्किंग हॉलिडे प्रोग्राम भी लॉन्च कर रहें हैं।

Friends,

आज पूरा विश्व एक बहुत ही गंभीर और तनावपूर्ण स्थिति से गुजर रहा है। और इसका प्रभाव हम सभी पर पड़ रहा है। ऐसे तनावपूर्ण वैश्विक माहौल में, भारत और ऑस्ट्रिया, हम एकमत हैं कि, मिलिटरी कॉन्फ्लिक्ट से समस्याओं का समाधान नहीं निकल सकता। यूक्रेन हो या वेस्ट एशिया, हम एक stable, सस्टेनबल और lasting peace का समर्थन करते हैं।

हम इस बात पर भी एकमत हैं, कि बढ़ते ग्लोबल challenges के समाधान के लिए Global institutions का रिफॉर्म अनिवार्य है। और आतंकवाद को जड़ से मिटाना, हमारी साझी प्रतिबद्धता है।

Your Excellency,

2024 में मेरी ऑस्ट्रिया की यात्रा भी, चार दशकों बाद हुई थी। उस विज़िट के बाद आज भारत में आपका स्वागत करना, हमारे लिए बहुत गर्व और खुशी की बात है। आइए, हम भारत-ऑस्ट्रिया साझेदारी को इनोवेशन centric और फ्यूचर रेडी बनाएं।

बहुत-बहुत धन्यवाद।